Category: स्वास्थ्य

  • आपके घर में मौजूद ये सामग्री कोरोना वायरस का दुश्मन ? आप भी करें ये उपाय और दूसरों को भी बताए

    आपके घर में मौजूद ये सामग्री कोरोना वायरस का दुश्मन ? आप भी करें ये उपाय और दूसरों को भी बताए

    रायपुर। पूरे विश्व में कोरोना वायरस से हाहाकार मचा हुआ है. इस हाहाकार से भारत भी नहीं बचा हुआ है. लेकिन अच्छी बात ये है कि भारत को ऋषि-मुनियों का देश माना जाता है और कई सौ साल पहले आयुर्वेद पद्धति से बताए इलाज उनके आज भी कारगर साबित होते है।

    अब जब कोरोना वायरस का संक्रमण फैला हुआ है तो देश के कई आयुर्वेदाचार्यों ने इससे बचने उपाए बताने शुरू किए है।

    मध्यप्रदेश के नर्मदा भक्त और सतधारा आश्रम में निवासरत संत हरिहर महाराज ने कहा है कि कोरोना वायरस के प्रकोप से घबरायें नहीं. कोरोना जैसी कई घातक बीमारियों से हमारे देश में मात्र चुटकी भर हल्दी बचा सकती है।

    संत हरिहर महाराज ने बताया कि हल्दी बहुत ही गुणकारी होती हैं इसे घर में कूटपीस कर पावडर बना कर धीमी आग में हल्का सेंककर उसमें सेंधा नमक मिलाकर गुनगुने पानी के साथ सेवन किया जाता है. जिससे असाध्य बीमारियां भी नष्ट हो सकती है और कोरोना जैसी भयानक बीमारियों से भी छुटकारा मिल जाता है. इस मिश्रण को हर गरीब अमीर सभी उपयोग कर सकते हैं. कोरोना के बारे में उन्होंने कहा कि बड़े देशों द्वारा गरीब देशों को गुलाम बनाने के लिए इस बीमारी के बैक्टीरिया प्रयोगशालाओं में तैयार किये गये हैं।



    इसके बचाव के लिए लोग मंहगी सामग्री खरीदेंगे जिससे गरीब देशों की आर्थिक स्थिति को गड़बड़ाकर उन्हें गुलाम बनाया जा सके. अन्य देश इससे बचने एवं सुरक्षा के उपाय ढूढ़ रहें हैं. मास्क एवं अन्य रसायनों का उपयोग कर रहे हैं. लेकिन हमारे भारत में आयुर्वेद में इतनी शक्ति है कि ये उपाय हमारे शरीर में ऐसे रोगों से लडऩे व उनके रोकथाम के लिए अनुकूल है।

  • रायपुर की पहली कोरोना पीड़ित मरीज को लेकर बड़ी और सुखद खबर…

    रायपुर की पहली कोरोना पीड़ित मरीज को लेकर बड़ी और सुखद खबर…

    रायपुर। एम्स अस्पताल के सूत्रों के हवाले से एक बड़ी और सुखद खबर सामने आ रही है. एम्स के सूत्रों के मुताबिक अस्पताल में भर्ती छत्तीसगढ़ की पहली कोरोना पॉजीटिव मरीज की स्थिति पूरी तरह सामान्य है.अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा किया गया उक्त युवती का इलाज पूरी तरह सफल साबित हो रहा है और अस्पताल प्रबंधन को उम्मीद है कि आज पुनः आने वाली कोरोना की रिपोर्ट नेगेटिव आएगी।



    ये जानकारी जैसे ही परिजनों की मिली उनके परिवार में खुशी का माहौल है. उनके कई पारिवारिक लोगों ने बताया कि बेटी के जल्द स्वस्थ्य होने की कामना को लेकर नवरात्र के इस पावन मौके पर मन्नतें रखी गई है.अस्पताल के डॉक्टरों ने परिजनों को ये बताया हैं कि अभी जो मरीज की स्थिति है वो पूरी तरह खतरे से बाहर है, लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि वे लापरवाही करें. एम्स के डॉक्टरों ने परिजनों को लेकर भी कुछ महीनों तक की सेफ्टी के लिए हिदायत दी है. जिसका सख्ती से पालन करने के निर्देश भी दिए है।



    एम्स के सूत्र बताते है कि पूरी टीम को उम्मीद है कि जो कोरोना रिपोर्ट आज आने वाली है वह नेगेटिव हो. आप सब भी यही कामना करें कि उक्त रिपोर्ट नेगेटिव हो और राजधानी की ये बेटी जल्द कोरोना को हराकर पूरी तरह स्वस्थ्य होकर अपने घर जाएं।

  • Be Alert ऑनलाइन फ़ैल रही हैं CORONAVIRUS से जुड़ी ये 10 ग़लत बातें

    Be Alert ऑनलाइन फ़ैल रही हैं CORONAVIRUS से जुड़ी ये 10 ग़लत बातें

    Coronavirus (COVID-19) विश्वभर में स्वास्थ्य के मामले में एक बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है और भारत में भी कुछ शहरों में कोरोनावायरस के आने की शंका से लोग परेशान हैं। उत्तर प्रदेश के नोएडा में कोरोना वायरस ने दस्तक दे दी है। यहां एक शख्स कोरोना वायरस से प्रभावित पाया गया है। विश्वस्तर पर यह बीमारी कई लोगों की जान ले चुकी है। लोग वायरस से बचने के लिए कई तरह की सावधानियां बरत रहे हैं लेकिन इसी के साथ ऑनलाइन बहुत सी ग़लत जानकारी भी फ़ैल रही है। हम यहां आपको ऐसी 10 बातें बता रहे हैं जो ऑनलाइन फ़ैल रही हैं और इन बातों को सही नहीं मानना चाहिए।

    Coronavirus के लिए बने स्पेशल मास्क का दावा

    Coronavirus से बचाव के लिए कोई ख़ास मास्क नहीं उपलब्ध है। इसलिए, अगर आपको ऑनलाइन विज्ञापन मिलता है जो ऐसे किसी मास्क का दावा करता हो, तो उस पर विश्वास न करें।

    N95 बेहतर है या सर्जिकल मास्क

    स्वास्थ्य विशेषग्य लगातार यह बता रहे है कि केवल मास्क पूरी तरह सुरक्षा की ज़िम्मेदारी नहीं लेता है और यह जानना ज़रूरी है कि SARS-CoV-2 वायरस आकर में बहुत छोटा है और आसानी से N95 मास्क के बावजूद आप तक पहुंच सकता है। इसलिए N95 या सर्जिकल मास्क के बीच बेहतर मास्क कोई बहस का मुद्दा नहीं है।

    Coronavirus से बचाव के लिए ऑनलाइन किसी दवाई, तेल आदि की जांच या खरीदारी न करें

    अभी तक कोरोना वायरस के लिए कोई इलाज नहीं निकला है। ऐसे दावों में न फंसे जिनसे किसी प्रोडक्ट द्वारा इस वायरस को दूर करने की बात कही गई हो। यह पैसा बचाने के लिए एक चाल हो सकती है।

    किसी भी अनियमित वेबसाइट पर कोरोना वायरस के बारे में जानकार न प्राप्त करें।

    ऑनलाइन सिम्पटम्स की जांच न करें

    अगर वायरस की शंका होती है तो सीधा डॉक्टर से सलाह लें और ऑनलाइन जाकर कोरोना वायरस से जुड़े सिम्पटम्स न जांचें।

    असत्यापित आर्टिकल्स, विडियो आदि शेयर करने से बचें

    आपके फोन पर प्राप्त हुईं इस तरह की विडियो और आर्टिकल शेयर न करें जिन्हें वेरीफाई नहीं किया गया है। इस तरह लोगों में डर बैठ सकता है।

    कोरोना वायरस के सन्दर्भ में आई ईमेल्स में न फंसें

    Coronavirus वायरस पूरे विश्व में एक बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है और साइबर क्रिमिनल मैलवेयर फैलने और लोगों को फंसाने के लिए WHO या अन्य ग्लोबल आर्गेनाईजेशन के नाम से झूठे ईमेल भेज रहे हैं।

  • बॉलीवुड सिंगर कनिका कपूर के सम्पर्क में आने वालों को तलाश रही इंटेलीजेंस,कुछ लोग तो खुद ही सामने आ रहे, लेकिन कई ऐसे लोग हैं जो अभी भी कनिका की पार्टी में जाने की बात छिपा रहे हैं….

    बॉलीवुड सिंगर कनिका कपूर के सम्पर्क में आने वालों को तलाश रही इंटेलीजेंस,कुछ लोग तो खुद ही सामने आ रहे, लेकिन कई ऐसे लोग हैं जो अभी भी कनिका की पार्टी में जाने की बात छिपा रहे हैं….



    लखनऊ। कोरोना संक्रमित सिंगर कनिका कपूर और उसके परिवारीजनों के सम्पर्क मे रहने वालों को तलाश करना स्वास्थ्य विभाग के लिये चुनौती बन गया है। कुछ लोग तो खुद ही सामने आ रहे हैं। लेकिन कई ऐसे लोग हैं जो अभी भी कनिका की पार्टी में जाने की बात छिपा रहे हैं। इन्हें ढूंढ़ने के लिये ही स्वास्थ्य विभाग के कहने पर जिला प्रशासन ने लखनऊ पुलिस से मदद मांगी है। इस पर पुलिस कमिश्नर ने डीसीपी इंटेलीजेंस को ब्योरा जुटाने को कहा।
    पुलिस कमिश्नर के इस आदेश के बाद ही एसीपी गोमतीनगर और खुफाई विभाग की एक टीम ने होटल ताज, शालीमार अपार्टमेंट में पड़ताल शुरू की। एडीसीपी क्राइम दिनेश पुरी ने अपनी टीम को जुटा दिया। इ्रस दौरान ही पता चला कि कनिका दो दिन होटल ताज में रुकी थी। फिर हीवेट पालीटेक्निक के पास शालीमार ग्रान्ट स्थित अपने नए फ्लैट पर गई। यहां भी होली पर एक पार्टी में वह शामिल हुई।
    एडीसीपी दिनेश पुरी ने कहा कि यह पता किया जा रहा है कि कनिका के सम्पर्क में कौन कौन आया। इस बारे में पता किया जा रहा है। कई नम्बरों को सर्विलांस पर लिया गया है। कनिका, उसके पिता व अन्य परिवारीजनों के मोबाइल नम्बर की काल डिटेल निकलवायी गई है। इन नम्बरों के आधार पर पुलिस यह पता कर रही है कि कितने लोग उसकी पार्टी में रहे। क्या किसी दोस्त की पार्टी में भी वो गई।

  • कनिका कपूर की कोरोना संक्रमित खबर से लखनऊ वासी खौफ में, सड़को पर संन्नाटा

    कनिका कपूर की कोरोना संक्रमित खबर से लखनऊ वासी खौफ में, सड़को पर संन्नाटा

    उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ(Lucknow) में शनिवार को कोरोना का खौफ सड़कों पर भी दिखा। जनता कर्फ्यू से पहले ही सड़क सन्नाटा पर है। इक्का-दुक्का लोग ही नजर आए। दुकानें भी बंद हैं।

    दरअसल ये हालात शुक्रवार को सिंगर कनिका (Kanika Kapoor) को कोरोना होनी की खबर फैलने के बाद से बने हैं। कोरोना संक्रमित कनिका लखनऊ(Lucknow) के सैकड़ों लोगों के संपर्क में आने सूचना है। कनिका ने लखनऊ(Lucknow) में तीन पार्टियां भी की है। ऐसे में लोगों को अब भय सता रहा है कि स्थिती कहीं भयावह न हो जाएं। इसलिए लोगों ने जागरूकता दिखाते हुए खुद को घरों में कैद करना शुरू कर दिया। इसी का असर है कि सड़कों पर भीड़ कम दिख रही है।

    हालांकि जिलाधिकारी ने कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर गोमती के एक बड़े क्षेत्र को शुक्रवार लॉकडॉउन करा दिया। खुर्रम नगर, विकास नगर, अलीगंज, महानगर, गुडम्बा से लेकर इंदिरा नगर से लगे करीब तीन किलोमीटर की परिधि के इलाके की सभी दुकानों, कार्यालयों और संस्थानों को 23 मार्च तक बंद कर दिया गया है। लोगों को अपने-अपने घरों (क्वारेंटाइन) में रहने की सलाह दी गई है।

    खुर्रम नगर, विकासनगर, अलीगंज, महानगर, गुडम्बा, इंदिरानगर, महानगर चौराहे से कुकरैल वन्य क्षेत्र प्रवेश द्वार तक, कंचना बिहारी मार्ग , कल्याणपुर , शिवानी विहार, अबरार नगर , कमला नेहरू नगर, टेढ़ी पुलिया से गुलाचीन मंदिर से कपूरथला चौराहे तक, कपूरथला चौराहे से महानगर पीएसी गेट तक, महानगर पीएसी गेट से वायरलेस चौराहे से रहीम नगर चौराहा होते हुए खुर्रम नगर दोनों तरफ का क्षेत्र कुकरैल नाले और टेढ़ी पुलिया व कुर्सी रोड के बीच का बंदी का आदेश प्रभावी होगा।

  • Covid 19 इफेक्ट – मास्क और हैंड-सैनिटाइजर आवश्यक वस्तु अधिनियम में शामिल, भारत सरकार ने राजपत्र में किया प्रकाशन

    कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए भारत सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर मास्क और हैंड-सैनिटाइजर को आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के तहत आवश्यक वस्तुओं की सूची में शामिल किया है। अधिनियम के दायरे में आने के बाद मास्क और हैंड-सैनिटाइजर के उत्पादन, गुणवत्ता, वितरण और लॉजिस्टिक्स (कोविड—19 के प्रबंधन के लिए) को सरकार द्वारा नियंत्रित किया जा सकेगा।

    आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत हैंड-सैनिटाइजर के साथ 2-प्लाई एवं 3-प्लाई सर्जिकल मास्क तथा एन-95 मास्क को शामिल किया गया है। भारत के राजपत्र में 13 मार्च को इसके प्रकाशन के साथ ही यह पूरे देश में लागू हो गया है। यह अधिसूचना 30 जून 2020 तक प्रभावी रहेगी।

  • कोरोना वायरस से कैसे बचें? सरकार ने बताया क्या करें और क्या ना करें

    कोरोना वायरस से कैसे बचें? सरकार ने बताया क्या करें और क्या ना करें

    कोरोना वायरस की भारत में दस्तक

    भारत में अबतक सामने आए 18 मामले

    सरकार ने जारी की हैं कई एडवाइजरी

    दुनिया के करीब 60 देशों में अपना असर दिखाने के बाद कोरोना वायरस की अब भारत में दस्तक हो गई है. भारत में अभी तक 18 केस पाए गए हैं, जिनमें कोरोना वायरस के लक्षण हैं. लगातार कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए भारत सरकार की ओर से कई कदम उठाए जा रहे हैं. एयरपोर्ट पर यात्रियों की स्क्रीनिंग हो या फिर लैब में लोगों की जांच, सरकार ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए कई तरह की तैयारी की है. इसके अलावा किसी भी तरह की अफवाह से बचने, खुद की सुरक्षा के लिए कुछ निर्देश जारी किए हैं, जिससे कोरोना वायरस से निपटा जा सकता है.
    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जो निर्देश जारी किए गए हैं, उनमें क्या करें और क्या ना करें के बारे में बताया गया है…
    क्या करें?
    • अपनी, व्यक्तिगत स्वच्छता पर ध्यान दें.
    • साबुन से लगातार हाथ धोते रहें.
    • छींकने और खांसने के दौरान अपना मुंह जरूर ढंकें.
    • जब आपके हाथ गंदे दिखें, तब अपने हाथों को साबुन और पानी से जरूर धोएं.
    • जब आपके हाथ स्पष्ट रूप से गंदे न हो, तब भी अपने हाथों को हैंड वॉश से जरूर धोएं.
    • प्रयोग के बाद टिशू को तुरंत किसी बंद डिब्बे में फेंक दें.
    • अस्वस्थ होने पर डॉक्टर से मिलें.
    • एक दूसरे से दूरी बनाए रखें.
    • अपनी आंखों, नाक और मुंह को छूने से बचें।

    कोरोना वायरस को लेकर भारत में अलर्ट जारी कर दिया गया है. पिछले दो दिनों में कोरोना के 18 मामले देश में सामने आए हैं, जिसके बाद सरकार की ओर से कुछ एडवाइजरी जारी की गई हैं

    बुखार-खासी-सांस लेने में तकलीफ हो तो डॉक्टर से संपर्क करें.

    क्या ना करें?
    • अगर खांसी या बुखार है तो किसी के संपर्क में ना आएं.
    • सार्वजनिक स्थानों पर ना थूकें.
    • जीवित पशुओं से संपर्क, कच्चे-अधपके मांस के सेवन से बचें.
    • खेतों की यात्रा, जीवित पशुओं के बाजार या फिर जानवर का वध किए जाने वाले स्थान पर ना जाएं।

    कैसे होती है कोरोना वायरस की जांच?
    स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जानकारी के मुताबिक कोरोना वायरस को लेकर सरकार ने कई सुविधाएं की हैं. दिल्ली में कुछ अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है. अगर किसी व्यक्ति में कोरोना वायरस के लक्षण पाए जाते हैं, तो उसकी जांच की ये प्रक्रिया है…
    – व्यक्ति की पहचान.
    – पहचान के बाद सैंपल को टेस्ट के लिए भेजना.
    – अगर सैंपल नेगेटिव हुआ तो – डॉक्टर की सलाह के बाद मरीज को तुरंत छोड़ा जा सकता है अन्यथा 14 दिन की मॉनिटिरिंग में भी रखा जा सकता है।

    अगर सैंपल पॉजिटिव हुआ तो – कोरोना को लेकर जो प्रोटोकॉल जारी किया गया, उसका पालन होगा. चेस्ट रेडियोग्राफ के क्लियर होने, स्पेसिमेंस के नेगेटिव होने के 24 घंटे बाद ही मरीज को छोड़ा जा सकता है।

  • दिल का दौरा पड़ने पर प्रभावी सीपीआर से बचायी जा सकती है मरीज की जान, विशेषज्ञों ने बताया बेसिक और एडवांस कॉर्डियक लाइफ सपोर्ट के बारे में

    दिल का दौरा पड़ने पर प्रभावी सीपीआर से बचायी जा सकती है मरीज की जान, विशेषज्ञों ने बताया बेसिक और एडवांस कॉर्डियक लाइफ सपोर्ट के बारे में

    रायपुर। अचानक पड़ने वाला दिल का दौरा वर्तमान समय की सबसे बड़ी समस्या बनती जा रही है. प्रतिवर्ष लगभग 1,50,000 लोग अचानक दिल के दौरे से मरते हैं. इसमें लगभग 75-80 प्रतिशत लोगों को दिल का दौरा घर पर आता है और लगभग 95 प्रतिशत लोगों की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत्यु हो जाती है. निष्क्रिय जीवन प्रणाली, खान-पान, बढ़ता तनाव, दुर्घटनाएं एवं मोटापा इसके मुख्य कारण हैं. यह देखा गया है कि अधिकांशतः दिल के दौरे के मरीजों को समय पर प्रभावकारी कॉर्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन (हृदय फुफ्फसीय/फेफड़ा पुनर्जीवन प्रक्रिया) से बचाया जा सकता है. यह बातें डॉ. भीमराव अम्बेडकर अस्पताल के डिपार्टमेंट ऑफ एनेस्थेसियोलॉजी एंड क्रिटिकल केयर द्वारा अस्पताल के टेलीमेडिसीन हॉल में आयोजित “ग्यारहवीं बेसिक एंड एडवांस्ड कॉर्डियक लाइफ सपोर्ट प्रशिक्षण कार्यक्रम” के तीसरे दिन एनेस्थेसिया विशेषज्ञ तथा एडवांस कॉर्डियक लाईफ सपोर्ट कोर्स की मुख्य ट्रेनर डॉ. प्रतिभा जैन शाह ने कही. चूंकि दिल का दौरा किसी भी व्यक्ति को किसी भी समय, किसी भी स्थान पर हो सकता है तथा दौरा पड़ने के 3 से 5 मिनट तक ही मस्तिष्क काम करता है. अतः डॉक्टरों के साथ-साथ जन सामान्य को भी रिससिटेशन यानी पुनः होश में लाने की प्रक्रिया के तरीकों की जानकारी होना अति आवश्यक है. कॉर्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन यानी सीपीआर हृदय तथा फेफड़ों को पुर्नजीवित करने की प्रक्रिया है. इसमें छाती के मध्य में दोनों हाथों की हथेली से 30 बार नीचे की तरफ दबाव डाला जाता है तथा 2 बार कृत्रिम श्वांस दी जाती है. यदि आप कृत्रिम श्वांस नहीं दे पा रहे हैं तो केवल छाती पर लगातार दबाव देकर भी उस मरीज की जान बचा सकते हैं।

    बुधवार को बीएलएस (बेसिक लाइफ सपोर्ट) एवं एसीएलएस (एडवांस कॉर्डियक लाइफ सपोर्ट) कोर्स प्रशिक्षण के आखिरी दिन सभी प्रतिभागियों को मैनीकिन (चिकित्सकीय उद्देश्यों के अध्ययन के लिये बनाये गये त्रिआयामी मॉडल) पर प्रैक्टिस कराया गया. इसके बाद सभी प्रतिभागियों की परीक्षा ली गयी जिसमें तीन दिनों तक प्राप्त प्रशिक्षण को मौखिक तथा प्रायोगिक तौर पर बताना था. परीक्षा में उत्तीर्ण प्रतिभागियों को अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन से सर्टिफिकेट जारी किये गये जो 2 वर्ष के लिए मान्य है. एनेस्थेसिया विभागाध्यक्ष डॉ. के. के. सहारे के मार्गदर्शन में आयोजित हुये तीन दिवसीय कार्यक्रम में कोर्स का प्रशिक्षण देने के लिये विशेषज्ञों की टीम अहमदाबाद, गुजरात से आयी थी जिसमें डॉ. विरल शाह, डॉ. पल्टियल पैलेट, डॉ. मेहुल गज्जर के साथ डॉ. सुजोय दास ठाकुर ने कोर्स का प्रशिक्षण दिया।

  • अब 24 सप्ताह में भी हो सकेगा गर्भपात, केंद्रीय कैबिनेट ने दी मंजूरी

    अब 24 सप्ताह में भी हो सकेगा गर्भपात, केंद्रीय कैबिनेट ने दी मंजूरी

    कैबिनेट ने बुधवार काे मेडिकल गर्भपात संशोधन अधिनियम-2020 को मंजूरी दे दी

    अनचाहे गर्भधारण की स्थिति में 20 हफ्ते तक के भ्रूण का गर्भपात कराया जा सकेगा

    भ्रूण में बीमारी होने पर मेडिकल बोर्ड की सलाह पर गर्भपात कराने का अधिकार मिलेगा

    दिल्लीसरकार ने अनचाहे गर्भ और गर्भ में पल रहे भ्रूण में बीमारी या समस्या हाेने पर गर्भपात काे आसान बनाने वाले बिल काे संसद के बजट सत्र में पास करने की तैयारी कर ली है। केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार काे मेडिकल गर्भपात संशोधन अधिनियम-2020 को मंजूरी दे दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में इस बिल काे संसद के बजट सत्र में पेश किए जाने का फैसला किया गया।
    20 हफ्ते तक कराया जा सकेगा गर्भपात
    इस बिल में गर्भपात अधिनियम-1971 में संशोधन का प्रावधान है। संशाेधित बिल में अनचाहे गर्भधारण की स्थिति में 20 हफ्ते (करीब 5 महीने) तक के भ्रूण का कभी भी गर्भपात कराया जा सकेगा। वहीं, विशेष हालात में (दुष्कर्म पीड़ित, दिव्यांग, नाबालिग काे) 20 हफ्ते की जगह 24 हफ्ते तक कभी भी गर्भपात कराने का प्रावधान संशाेधित बिल में है।
    बीमार का पता चलने पर गर्भपात का अधिकार
    बिल के मुताबिक, गर्भ में पल रहे भ्रूण में किसी भी समय गंभीर बीमारी का पता चलता है, तो मेडिकल बोर्ड की सलाह पर गर्भपात कराने का अधिकार होगा। इसके लिए महिला या उसके परिवार को काेर्ट के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बिल में यह भी प्रावधान है कि गर्भपात कराने वाली महिला का नाम और पता कोई डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी सार्वजनिक करता है तो उसे एक साल की सजा या जुर्माना अथवा दोनों से दंडित किया जा सकता है।

    केंद्र ने इसे भी दी मंजूरी

    पूर्वोत्तर परिषद को आवंटित राशि में से 30% राशि नई परियोजनाओं में लगाएंगे। इससे वंचित क्षेत्रों, समाज के उपेक्षित वर्गों और उभरते प्राथमिक क्षेत्रों के विकास में मदद मिलेगी।

    2017-18 के बाद की अवधि के लिए मेजर पोर्ट ट्रस्ट और डॉक लेबर बोर्ड के कर्मचारियों और श्रमिकों के लिए उत्पादकता से जुड़ी पुरस्कार योजना के विस्तार को मंजूरी

  • रायपुर के एक हॉस्पिटल के नियमों से हुए मरीजों के परिजन परेशान, जानिए वजह…

    रायपुर के एक हॉस्पिटल के नियमों से हुए मरीजों के परिजन परेशान, जानिए वजह…

    रायपुर। राजधानी रायपुर में एकता हॉस्पिटल बच्चों इलाज के लिए काफी नामी माना जाता है. लेकिन पिछले कुछ दिनों से अस्पताल प्रबंधन की एक मनमानी से मरीज के माता-पिता काफी परेशान है।

    परेशान इसलिए क्योंकि अस्पताल प्रबंधन परिजनों को नियमों के विपरित दवा अस्पताल की ही मेडिकल स्टोर से खरीदने के लिए बाध्य कर दिया है. यही कारण है कि अस्पताल के डॉक्टर बच्चों की दवा लाने के लिए उन्हें पर्ची नहीं देते, वे सीधे परिजनों को मेडिकल स्टोर जाकर दवा लाने कह देते है. इससे परिजन तो परेशान है लेकिन अस्पताल में हो रहे नियमों के विपरित इस काम पर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का भी ध्यान नहीं है।

    दरअसल नियमों के मुताबिक कोई भी निजी अस्पताल अपनी अस्पताल की मेडिकल स्टोर से मरीजों को दवा खरीने के लिए बाध्य नहीं कर सकता है, लेकिन एकता हॉस्पिटल में पिछले कुछ दिनों से ये खेल चल रहा है.
    सूत्र बताते है कि अस्पताल में वर्षों से एक मेडिकल स्टोर संचालित था, उसे हटाकर प्रबंधन ने दूसरे व्यक्ति को इसके संचालन की जिम्मेदारी दे दी. इसी बीच अस्पताल के बाहर स्थित कुछ मेडिकल स्टोर्स वाले मरीजों को फायदा पहुंचने डिस्काउंट देना शुरू कर दिया और अस्पताल में डिस्काउंट के पर्चे भी बांटे.
    इससे हुआ ये कि अस्पताल में भर्ती तमाम मरीज के परिजन अस्पताल की मेडिकल स्टोर से दवा न लाकर बाहर की मेडिकल स्टोर से डिस्काउंट में दवा लाने लगे, जिससे अस्पताल में खुले नए मेडिकल स्टोर के संचालक को नुकसान होने लगा. यही कारण है कि अस्पताल नए अपने अस्पताल की मेडिकल स्टोर के संचालक को नुकसान न हो इसलिए नया फार्मूला निकाला और दवा की पर्ची मरीज के हाथ में न देकर सीधे मेडिकल स्टोर भेजनी शुरू कर दी, इसका फायदा मेडिकल स्टोर और अस्पताल को होना शुरू हो गया और मरीजों को डिस्काउंट का नुकसान.
    लेकिन ये नियमों के विपरित है और नियम तो ये कहता है कि कोई भी अस्पताल मरीजों को अपनी मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकता है. हालांकि ये खेल राजधानी रायपुर के एकता हॉस्पिटल में ही नहीं लालपुर स्थित दो बड़े अस्पतालों में भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की सेटिंग के साथ खेला जा रहा है, जिस ओर किसी का भी ध्यान नहीं है।