खरसिया। नगर में इन दिनों आईडिया के उपभोक्ता काफी परेशान हो रहे है, ग्राहकों द्वारा डीएनडी की सुविधा लेने के बाद भी आईडिया कंपनी से हर दिन मैसेज भेजे जा रहे है। जिससे ग्राहकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा। कस्टमर केयर में बात करने के बाद भी ग्राहकों की कोई सुनवाई नही होने से ग्राहक लगातार परेशान हो रहे। इस विषय मे हमने नगर के कुछ लोगों से बात की और जानना चाहा तो बहुत से लोगों ने कहाँ हाँ हम परेशान है, आइडिया मोबाइल नेटवर्क की सीम उपयोग कर रहे है, और साथ ही हमारे द्वारा डीएनडी की सुविधा लेने के बाद भी आईडिया कंपनी वाले हमको तंग कर रहे बार बार मैसेज भेजकर। और साथ ही खरसिया में 4जी का नेटवर्क भी बहुत खराब है ठीक से काम नही करता। छत्तीसगढ़ में आइडिया की सिम चलाने वाले उपभोक्ताओं की संख्या अधिक होने से छत्तीसगढ़ के अधिकारियों का अपने ग्राहकों के प्रति संवेदनशील ना होना समझ से परे है। इस तरह आइडिया का ग्राहक अपने आप को ठगा सा महसूस करने लगा हैं। एक तरफ देश में 5 जी नेटवर्क की तैयारी चल रही है तो वही आइडिया कंपनी वाले खरसिया में 4जी की सुविधा पूरा भुगतान लेने के बाद भी ठीक से नहीं दे पा रहे हैं।
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आईडिया नेटवर्क कर रहा ग्राहकों को परेशान
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फेसबुक ने जियो प्लेटफार्म्स में 9.99 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी, 43574 करोड़ रुपये में हुआ सौदा,दुनिया के इतिहास में सबसे बड़ा विदेशी निवेश….
इस डील पर टिप्पणी करते हुए रिलायंस इण्डस्ट्रीज लिमिटेड ने बताया कि यह किसी टेक्नालॉजी कंपनी में छोटी हिस्सेदारी (minority stake) के लिए न केवल दुनिया बल्कि भारत में सबसे बड़ा निवेश है. गौर करने वाली बात है कि इस डील की बदौलत व्यावसायिक सेवा शुरू करने के महज साढ़े तीन सालों में ही जिओ मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से भारत की सबसे बड़ी पांच लिस्टेट के समकक्ष पहुंच गई है.
वहीं दूसरी ओर फेसबुक की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि यह निवेश भारत के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है. साथ ही जिओ की वजह से देश में आए आमूलचूल बदलाव के प्रति हमारे उत्साह को जताता है. महज चार साल के भीतर जिओ ने 388 मिलियन लोगों को ऑनलाइन किया है, जिससे लोग नए तरीके से आपस में जुड़े हैं, वहीं नए इंटरप्राइजस के निर्माण में रचनात्मकता आई है. हम जिओ के जरिए भारत में और लोगों को जोड़ने के लिए समर्पित हैं.
कंपनी ने कहा कि हमारा लक्ष्य सभी प्रकार के व्यापार, खासतौर से 6 करोड़ से ज्यादा छोटे कारोबारियों के लिए नए अवसर तैयार करना है.
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TV देखने वालों के लिए बड़ी खबर! बिना सेटअप बॉक्स चेंज किए आसानी से बदल सकेंगे केबल ऑपरेटर…
अभी तक आपने अपने सिम की पोर्टेबिलिटी के बारे में तो सुना है, लेकिन अब जल्द ही सेटअप बॉक्स (Set Top Box) के लिए यही नियम आने वाला है. जल्द ही आप बिना सेट टॉप बॉक्स बदले अपना केबल या डीटीएच सर्विस प्रोवाइडर (DTH service provider) आसानी से बदल सकते हैं. टेलीकॉम रेगुलेटरी ऑथेरिटी ऑफ इंडिया ट्राई (TRAI) ने सेट टॉप बॉक्स की पोर्टबिलिटी (set top box portability) पर अपनी सिफारिशें जारी की है ट्राई ने नए सेट टॉप बॉक्स पूरी तरह से पोर्टेबल बनाने की सिफारिश की है.
TRAI ने सेट टॉप बॉक्स पोर्टेबिलिटी पर सिफारिशें सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को सौंपी है. ट्राई के मुताबिक नए सेट टॉप बॉक्स पूरी तरह से पोर्टेबल होंगे. यानी कि एक केबल टीवी सर्विस प्रोवाइडर से दूसरे केबल टीवी सर्विस प्रोवाइडर में पोर्टेबिलिटी संभव होगी.सेट टॉप बॉक्स को पूरी तरह से पोर्टेबल बनाने के लिए ऑपरेटर्स को नए स्टैंडर्ड्स अपनाने के लिए 6 महीने का वक्त मिलेग. ट्राई के सिफारिशों के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय लाइसेंस की शर्तों में पोर्टेबिलिटी की शर्त जोड़ेगा.
जानकारी के मुताबिक सूचना प्रसारण मंत्रालय आईटी मंत्रालय ट्राई और बीआईएस की कमेटी स्टैंडर्ड बनाने का काम देखेगी.
टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने कुछ समय पहले टीवी देखने वालों के लिए KYC का नियम भी लागू किया था. TRAI ने DTH सब्सक्राबर्स के लिए KYC अनिवार्य कर दिया है. उस समय ट्राई ने देश के सभी डीटीएच ऑपरेटर्स को कहा था कि उनके लिए अब अपने सब्सक्राइबर्स का KYC कराना ज़रूरी है. -

गृह मंत्रालय ने वीडियो कॉल ऐप जूम के लिए जारी की एडवाइजरी, कहा- ये सुरक्षित नहीं,सावधानी बरतें…
सुरक्षित नहीं है ऐप, सावधानी बरतें: MHA
कोरोना वायरस के महासंकट की वजह से देश में लॉकडाउन जारी है. ऐसे में एक दूसरे से जुड़ने के लिए लोग वीडियो कॉल का इस्तेमाल कर रहे हैं. वीडियो कॉलिंग/कॉन्फ्रेंसिंग ऐप ज़ूम के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से एडवाइज़री जारी की गई है, जिसमें कहा गया है कि ये ऐप सुरक्षित नहीं है, ऐसे में लोग इसका सावधानी से इस्तेमाल करें.
गृह मंत्रालय की ओर से कहा गया कि सरकार ने पहले भी 6 फरवरी, 30 मार्च को इसको लेकर जानकारी दी थी, ऐसे में लोग इसपर सतर्कता बरतें।सरकार ने कहा है कि लोग अगर इसका इस्तेमाल कर भी रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें. लगातार पासवर्ड बदलते रहें, कॉन्फ्रेंस कॉल में किसी को अनुमति देते हुए सतर्कता बरतें।


ज़ूम पर बात करने के लिए गृह मंत्रालय ने ये सुझाव दिए हैं, जिनका पालन कर सतर्कता बरती जा सकती है:
- हर मीटिंग के लिए नई यूजर आईडी, पासवर्ड का इस्तेमाल करें।
- वेटिंग रूम को एनेबल करें, ताकि कोई भी यूजर तभी कॉल में शामिल हो सके जब कॉन्फ्रेंस करने वाला अनुमति दे।
- ज्वाइन ऑप्शन को डिसऐबल कर दें।
- स्क्रीन शेयरिंग का ऑप्शन सिर्फ होस्ट के पास रखें।
- किसी व्यक्ति के लिए रिज्वाइन का ऑप्शन बंद रखें।
- फाइल ट्रांसफर के ऑप्शन का कम से कम इस्तेमाल करें।
गौरतलब है कि जब से देश में लॉकडाउन लागू हुआ है, तभी से अधिकतर लोग अपने घरों में बंद हैं. अधिकतर दफ्तरों ने वर्क फ्रॉम होम का सिस्टम भी शुरू किया है, इस बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, वीडियो कॉल का चलन बढ़ा है. कई दफ्तर और लोग जूम ऐप का इस्तेमाल कर रहे थे, लेकिन समय-समय पर इसकी सुरक्षा पर सवाल भी खड़े हुए हैं।
गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी जब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रेस कॉन्फ्रेंस की, तब उन्होंने भी जूम ऐप का ही इस्तेमाल किया था।
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लॉक डाउन में जाना है घर से बाहर या अपने जिले से राज्य के किसी और जिले में तो यह एप्प करेगा आपकी मदद, आओ जाने किसे और कैसे मिलेगी अनुमति
लॉक डाउन में आपको घर से बाहर जाना है मतलब अपने जिले से राज्य के दूसरे जिले में जाना है तो यह एप्प आपकी पूरी मदद करेगा। ई-पास एंड्राएड एप्प से ही आपको राज्य स्तर पर आवागमन की अनुमति मिलेगी। ज्ञात हो कि कोरोना संक्रमण के बाद लॉक डाउन ने सभी को एक जगह ठहरा दिया है। कोई कहीं आ जा नहीं सकता। मगर राज्य और जिला प्रशासन को लोगों की इस दिक्कत का भी ख्याल है जिसके लिये उपाय भी निकाले जा रहे हैं। जिला प्रशासन की ओर से आये निर्देश में बताया गया है कि लाॅकडाउन के दौरान आवश्यक सेवाओं को निर्बाध जारी रखने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एप्प लॉन्च किया है। बताया गया कि कोरोना संक्रमण को लेकर 25 मार्च से लाॅकडाउन है, लोग अपने घर में रह कर सुरक्षा के उपाय अपना रहे है। जिन्हें बाहर जाने नहीं दिया जा रहा है और यदि जाना है तो अनुमति के लिये बहुत सी पेचीदगियों से गुजरना पड़ रहा। जिसे ध्यान में रखते हुये छत्तीसगढ़ शासन ने सी.जी. कोविड-19 ई-पास एंड्राॅयड एप्प लाॅन्च किया है, जिसके जरिये 22 प्रकार की आवश्यक सेवा के परिवहन में लगे सेवा प्रदाताओं को ऑनलाइन आवागमन की स्वीकृति आसानी से मिल सकेगी। इस ऑनलाइन सिस्टम से प्रदेश के भीतर अन्य शहरों और जिलों में आने-जाने के लिए आवश्यक प्रशासनिक स्वीकृति घर बैठे मिल सकेेगी। कलेक्टर श्री रजत बंसल ने इस संबंध में बताया कि मुख्यमंत्री श्री बघेल ने शुक्रवार 03 अप्रैल को राजधानी रायपुर में सी.जी. कोविड-19 “ई-पास“ एंड्राॅयड एप्प का शुभारंभ किया।
इसके जरिए 22 प्रकार की आवश्यक सेवा के परिवहन में लगे सेवा प्रदाताओं को ऑनलाइन आवागमन की स्वीकृति आसानी से मिल सकेगी। कोविड-19 ई-पास की अनुमति की प्रक्रिया भी बहुत सरल हैै। इसके लिए https://rebrand&ly/z9k75qp लिंक पर जाकर कोविड-19 ई-पास एप डाउनलोड करके इसे इंस्टल करना होगा। इंस्टाल करने के बाद अपना मोबाइल नंबर व ओटीपी दर्ज कर अपना आवेदन पत्र पूर्ण करना होगा। आवेदन के साथ आधार कार्ड व वाहन का नंबर भी दर्ज करना जरूरी होगा। इस ई-फार्म में आवेदक को फोटो व पहचान पत्र व सेवा प्रदाता प्रमाण भी अपलोड करना अनिवार्य होगा। भरे हुए फार्म को पुलिस विभाग गुण-दोष के आधार पर स्वीकृत या अस्वीकृत करेगा। सड़क पर मौजूद पुलिस कर्मचारी इस एप्प के माध्यम से स्वीकृत आवेदनों का सत्यापन भी अपने मोबाइल के जरिए तुरंत जांच सकेंगे। उन्होंने बताया कि यह ई-पास सब्जी, दूध, फल, दवा, अनाज की दुकानों, पेट्रोल पंप व बैंक कर्मियों के लिए काफी उपयोगी है, जिन्हें आवश्यक सेवा प्रदाता के रूप में आवागमन की स्वीकृति आवश्यकता होती है। एक शहर के भीतर अथवा एक से दूसरे जिले अथवा शहर में जाने के लिए यह पास वैधानिक अनुमति के रूप में होगी एवं यात्रा करने वाले को स्वीकृति प्राप्त होने के बाद कोई असुविधा नहीं होगी। इस संबंध में बताया गया कि इसमें स्वास्थ्य कर्मचारी (डाॅक्टर, नर्स और पैरामेडिकल कर्मचारी) और ड्यूटी पर सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों को ई-पास के लिए आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है।
यह भी बताया गया कि उक्त एप्प में 22 प्रकार की सेवाओं के लिए अनुमति प्राप्त की जा सकती है, जिसमें थोक व्यापार (खाद्य पदार्थ, किराने का सामान, सब्जियां, दूध, बेकरी, मांस, मछली आदि), रिटेलर- खाद्य पदार्थ, किराने का सामान, फल, सब्जियां, बेकरी आयटम आदि, इसन सामानों का वितरण, भोजनालय से होम डिलीवरी, खाद्य, दवाओं सहित आवश्यक वस्तुओं का ई-काॅमर्स, चिकित्सा उपकरण, उचित मूल्य की दुकानें, दुग्ध संबंधित संयंत्र, बैंक कर्मचारी, नकद कोष यान, दवा एवं औषधि विक्रेता, प्रिंट और इलेक्ट्राॅनिक मीडिया/पत्रकार, वेतन और लेखा कार्यालय (केवल वेतन, मजदूरी, आकस्मिक, स्वास्थ्य एवं आवश्यक सेवाओं से संबंधित व्यय के लिए), दूरसंचार और इंटरनेट नेटवर्क सर्विस प्रदाता, पेट्रोल पम्प, एलपीजी, सीएनजी, तेल एजेंसिंयां (उनके गोदाम और परिवहन संबंधी गतिविधियों सहित), पशुओं के चारे का परिवहन। उपरोक्त सेवाओं/स्थापना से संबंधित निर्माण, रखरखाव, विनिर्माण, प्रसंस्करण, परिवहन, वितरण, भण्डारण, व्यापार, वाणिज्य और रसद, अखबार विक्रेता, दिव्यांग एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए काम करने वाले एनजीओ, व्यक्तिगत आपातकालीन स्थिति, अस्पताल में भर्ती जैसी अनिवार्य सेवाओं के लिए उक्त एप के माध्यम से अनुमति प्राप्त की जा सकती है।
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जियो, एयरटेल, वोडा और BSNL की खास पहल…. रिचार्ज खत्म होने के बाद भी कर सकेंगे कॉल
लॉकडाउन के बीच टेलिकॉम यूजर्स के लिए राहत वाली खबर आई है। जियो समेत एयरटेल, वोडाफोन और बीएसएनएल ने अपने यूजर्स को एक्सटेंडेड वैलिडिटी और फ्री टॉक टाइम देने के ऐलान किया है। इस स्कीम से उन यूजर्स को काफी फायदा पहुंचेगा जो लॉकडाउन के कारण अपना मोबाइल रिचार्ज नहीं कर पा रहे हैं।
नई दिल्ली। कोरोना वायरस के कारण देश आजकल टोटल लॉकडाउन से गुजर रहा है। इस दौरान टेलिकॉम कंपनियों की तरफ से एक राहत भरी खबर आई है। यूजर्स को 21 दिन के लॉकडडाउन के बीच रिचार्ज को लेकर परेशानी न हो, इसके लिए कंपनियों ने खास व्यवस्था की है। देश की टॉप टेलिकॉम कंपनियां जैसे Reliance Jio, वोडाफोन, बीएसएनएल और एयरटेल ने अपने प्रीपेड प्लान्स की वैलिडिटी को बढ़ाने के साथ ही फ्री टॉक टाइम देने का ऐलान किया है। तो आइए डीटेल में जानते हैं कि कौन सी कंपनी लॉकडाउन पीरियड में क्या एक्स्ट्रा बेनिफिट्स ऑफर रही हैं।
जियो फोन यूजर्स को फ्री मिनट और एसएमएस
रिलायंस जियो ने लॉकडाउन के बीच अपने जियो फोन यूजर्स के लिए खास बेनिफिट का ऐलान किया है। कंपनी 17 अप्रैल तक देश में कहीं भी कॉल करने के लिए फ्री में 100 मिनट दे रही है। इसके साथ ही जियो फोन यूजर्स को 100 फ्री एसएमएस भी दिए जा रहे हैं। इस दौरान वैलिडिटी खत्म होने के बाद भी इनकमिंग कॉल्स को बंद नहीं किया जाएगा। इस स्कीम का फायदा 4G जियो फोन यूजर ही उठा सकते हैं।एयरटेल दे रहा 10 रुपये का टॉक टाइम और एक्सटेंडेड वैलिडिटी
एयरटेल ने कहा है कि वह 8 करोड़ खास यूजर्स को प्रीपेड प्लान पर 17 अप्रैल तक वैलिडिटी दे रहा है। इन यूजर्स के नंबर पर रिचार्ज खत्म होने के बाद भी इमकमिंग कॉल जारी रहेंगी। इसके साथ ही कंपनी इन यूजर्स के प्रीपेड खाते में 10 रुपये का टॉक टाइम भी क्रेडिट कर रही है। ये बेनिफिट्स एक से दो दिनों में यूजर्स को मिलने शुरु हो जाएंगे।
वोडाफोन मे 17 अप्रैल तक बढ़ाई वैलिडिटी
वोडाफोन ने अपने फीचर फोन इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के प्रीपेड नंबर की वैलिडिटी बढ़ाने का ऐलान किया है। कंपनी ने अपने प्लान्स की वैलिडिटी को 17 अप्रैल तक के लिए बढ़ा दिया है। इसका फायदा उन यूजर्स को होगा जो लॉकडाउन के कारण अपने नंबर को रिचार्ज नहीं करा पा रहे हैं। लॉकडाउन के बीच रिचार्ज खत्म होने के बावजूद इनकमिंग कॉल बंद नहीं होंगी। इतना ही नहीं, कंपनी 10 करोड़ फीचर फोन यूजर्स को 10 रुपये का टॉक टाइम भी दे रही है।20 अप्रैल तक बढ़ी बीएसएनएल प्लान्स की वैलिडिटी
21 दिन के लॉकडाउन के बीच बीएसएनएल ने अपने यूजर्स को बड़ी राहत दी है। कंपनी उन सब्सक्राइबर्स को 20 अप्रैल तक की एक्स्ट्रा वैलिडिटी ऑफर कर रही है, जिनके लिए अभी मोबाइल रिचार्ज कराना मुमकिन नहीं है। इस स्कीम में उन यूजर्स को को भी शामिल किया गया है, जिनके मोबाइल का रिचार्ज 22 मार्च 2020 को खत्म हो गया था। इतना ही नहीं, बीएसएनएल उन यूजर्स को 10 रुपये का टॉक टाइम फ्री में दे रही है जिनका बैलेंस लॉकजाउन के कारण जीरो हो गया है। कंपनी चाहती है कि इस मुश्किल समय में यूजर्स के नंबर चालू रहे ताकी वे अपने परिजनों से बात कर सकें। -

बढ़ सकती है आपके प्रीपेड प्लान की वैलिडिटी
भारतीय टेलीकॉम रेग्यूलेटर (TRAI) ने टेलीकॉम कंपनियों से प्रीपेड यूजर्स के प्लान की वैलिडिटी बढ़ाने को कहा है. TRAI ने ऐसा कोरोना वायरस लॉक डाउन को मद्देनजर रखते हुए किया है।
TRAI ने रिलायंस जियो, भारती एयरटेल, वोडाफोन आईडिया और बीएसएनल से कहा है कि वो अपने प्रीपेड कस्टमर्स की वैलिडिटी बढ़ा दे ताकि इस नैशनल लॉकडाउन में उन्हें कोई परेशानी न हो।
ट्राई की टेलीकॉम कंपनियों को चिट्ठी
ET की एक रिपोर्ट के मुताबिक 29 मार्च को TRAI ने इन सभी कंपनियों को लेटर लिखा है. इस लेटर में कंपनियों से कहा गया है कि सभी प्रीपेड यूजर्स के लिए वैलिडिटी बढ़ाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।इसके साथ ही TRAI ने इन कंपनियों से ये भी जानकारी मांगी है कि नैशनल लॉक डाउन के दौरान कस्टमर्स को बिना किसी रूकावट के सर्विस जारी रखने के लिए कंपनियों ने कौन कौन से कदम उठाए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक TRAI ने कहा है, ‘टेलीकम्यूनिकेशन को एसेंशियल सर्विस मानते हुए इस लॉकडाउन से अलग रखा गया है और इन्हें बंद नहीं किया गया है’गौरतलब है कि इन कंपनियों के टोटल कस्टर्स का ज्यादा हिस्सा प्रीपेड यूजर्स हैं. ऐसी स्थिति में प्रीपेड यूजर्स की वैलिडिटी बढ़ाने के लिए कहा गया है. TRAI ने कहा है कि अगर लॉकडाउन से टेलीकॉम को अलग रखने का मकसद ये भी है कि इन कंपनियों के कस्टमर सर्विस और प्वाइंट ऑफ सेल लोकेशन प्रभावित न हों।
TRAI के इस लेटर पर फिलहाल किसी कंपनी का बयान नहीं आया है और न ही किसी कंपनी ने अपने प्रीपेड यूजर्स के लिए अब तक वैलिडिटी बढ़ाने का ऐलान किया है. उम्मीद की जा सकती है कि जल्द ही ये कंपनियां प्रीपेड यूजर्स के लिए वैलिडिटी एक्स्टेंड करने का ऐलान करेंगी। -

आधार को वोटर ID कार्ड से लिंक कर सकती है सरकार !
आधार कार्ड और वोटर ID कार्ड से जोड़ने को लेकर केंद्र सरकार बड़ा फैसला ले सकती है. कानूनी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इस संबंध में गुरुवार को संसद में यह जानकारी दी. उन्होंने यह जानकारी लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में दी. बता दें कि वर्तमान में आधार कार्ड को बैंक अकाउंट, पैन कार्ड, राशन कार्ड, गैस सब्सिडी समेत अन्य सरकार स्कीम्स से लिंक करना अनिवार्य कर दिया गया है. सरकार ने पहले ही साफ कर दिया है कि अगर कोई व्यक्ति किसी भी सरकारी स्कीम्स का लाभ लेता है तो उन्हें आधार कार्ड से लिंक कराना अनिवार्य होगा.
पूछे गए ये सवाल
गुरुवार को संसंद में आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड को लेकर कई सवाल पूछे गए, जिनके बारे में सरकार ने जवाब दिया. सबसे पहले सवाल किया गया कि क्या चुनाव आयोग ने सरकार को आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड से लिंक करने का प्रस्ताव दिया है? अगर ऐसा है तो सरकार इस पर विचार कर रही है या नहीं. क्या सरकार इस बात पर विचार कर रही है कि ऐसे कदम उठाते समय नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा को कैसे सुरक्षित किया जाएगा. लोकसभा में एक सवाल यह भी पूछा गया कि वोटर्स की विश्वसनीयता के लिए और रिपीटीशन से बचने के लिए क्या किया जा रहा है? -

एटीएम सिक्योरिटी को लेकर RBI का बड़ा ऐलान..खुद ही बंद और चालू कर सकेंगे ATM कार्ड….
आरबीआई के कदम का फायदा यह होगा कि यदि आपका कार्ड चोरी हो गया या फिर कहीं गिर गया तो आप खुद ही उसे बंद कर सकेंगे.
आए दिन हो रही धोखाधड़ी की घटनाओं से सबक लेते हुए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने एटीएम कार्डी की सिक्योरिटी को लेकर बड़ा एलान किया है. आमतौर पर क्रेडिट या डेबिट कार्ड के साथ फ्रॉड होने पर लोग बैंक को फोन करते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. आरबीआई के नए आदेश के मुताबिक अब आप खुद ही अपने क्रेडिट, डेबिट या एटीएम कार्ड को बंद और चालू कर सकेंगे.
फिलहाल आप अपने एटीएम को खुद ही ब्लॉक नहीं कर सकते. इसके लिए आपको बैंक के कस्टमर केयर में कॉल करना पड़ता है. वहीं अब नई सुविधा के तहत आप अपनी जरूरत के हिसाब से अपने क्रेडिट या डेबिट कार्ड को स्विच ऑन और स्विच ऑफ कर सकेंगे. ऐसे मे आपकों बैंक के कस्टमर केयर में कॉल करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने तमाम बैंकों और कार्ड जारी करने वाली कंपनियों के कहा है कि वे अपने ग्राहकों को उनके डेबिट या क्रेडिट कार्ड में बंद और चालू करने का फीचर दें. क्रेडिट या डेबिट कार्ड को बंद या चालू करने का विकल्प इंटरनेट बैंकिंग, एटीएम मशीन या फिर मोबाइल एप के जरिए मिल सकता है.
आरबीआई के मुताबिक यह सुविधा 24 घंटों के लिए होनी चाहिए. नई सुविधा प्रीपेड गिफ्ट कार्ड और मेट्रो कार्ड जैसे कार्ड पर लागू नहीं होगी. ग्राहकों के पास ट्रांजेक्शन लिमिट सेट करने की भी सुविधा होगी. नया नियम 16 मार्च 2020 से प्रभावी होगा.
आरबीआई के कदम का फायदा यह होगा कि यदि आपका कार्ड चोरी हो गया या फिर कहीं गिर गया तो आप खुद ही उसे बंद कर सकेंगे. साथ ही किसी तरह के फ्रॉड की स्थिति में भी आप बिना कस्टमर केयर को कॉल किए अपने कार्ड को ब्लॉक कर सकेंगे. -

रिश्ता तलाश करने में नाकाम रहा मैरिज ब्यूरो, कोर्ट ने ग्राहक को रिफंड के साथ मुआवज़ा देने का आदेश दिया
दिल्ली। दुल्हन की तलाश में मैरिज ब्यूरो आए एक व्यक्ति ने अनुचित व्यापार अभ्यास और सेवा में कमी के लिए मैरिज ब्यूरो पर मुकदमा किया, क्योंकि ब्यूरो उसके लिए एक आदर्श जीवनसाथी खोजने या किसी भी संभावित उम्मीदवार के साथ बैठक करवाने में विफल रहा। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम के आदेश के अनुसार मैरिज ब्यूरो की सेवा में काफी कमी पाई और ब्यूरो को प्रीमियम वैवाहिक सेवाओं की फीस के रूप में शिकायतकर्ता द्वारा भुगतान किए गए 31,000 रुपये वापस करने और उसे 5,000 रुपये मानसिक पीड़ा के मुआवज़े के रूप में देने का निर्देश दिया गया।शिकायतकर्ता ने फोरम से कहा कि उसने वर्ष 2016 में दक्षिण दिल्ली स्थित मैरिज ब्यूरो से संपर्क किया था। उन्होंने कहा कि प्रीमियम वैवाहिक सेवाओं के लिए 31,000 रुपये का भुगतान करने के बावजूद ब्यूरो न केवल एक परिपूर्ण रिश्ता खोजने में असमर्थ रहा, बल्कि किसी भी संभावित रिश्ते के लिए उसने एक भी बैठक नहीं करवाई। आरोप था कि ब्यूरो भी अनुकूलित सेवा प्रदान करने के अपने दावे के पीछे हट गया और शिकायतकर्ता के फोन कॉल का जवाब देना बंद कर दिया।ब्यूरो के खिलाफ एक तरफा फैसला दे दिया गया, जिसमें रेखा रानी और किरण कौशल की पीठ ने कहा, “रिकॉर्ड पर मिले सहमति पत्र के अनुसार मैरिज ब्योरो प्रोफाइल साझा करने, अनुकूलित सेवा देने और लाउंज में रिश्ते के लिए भावी उम्मीदवार के साथ बैठक की व्यवस्था करने के लिए प्रतिबद्ध था। साथ ही वह शिकायतकर्ता को शॉर्टलिस्ट किए गए प्रोफाइल के लिए ज्योतिष मंगनी प्रदान करने वाला था।ब्यूरो शिकायतकर्ता से 31000 रुपए लेने के बावजूद सेवाएं को प्रदान करने में विफल रहा है। इसलिए, हमारी राय है कि ब्यूरो की सेवा में काफी कमी है। हम शिकायतकर्ता को उसके द्वारा भुगतान किए गए रु 3,1,000 रिफंड करने की अनुमति देते हैं। साथ ही पंजीकरण की तारीख से 6% प्रति वर्ष की दर से रुपए की वसूली की जाए। इसके अतिरिक्त, ब्यूरो को मानसिक पीड़ा, उत्पीड़न और मुकदमेबाजी की लागत के लिए रुपए 5000 का भुगतान करने के लिए निर्देशित किया जाता है।”