Author: Sunil Agrawal

  • राज्यपाल अनुसूईया उइके औचक निरीक्षण पर पहुंची जिला अस्पताल, इस वजह से डाक्टरों को लगाई जमकर फटकार

    राज्यपाल अनुसूईया उइके औचक निरीक्षण पर पहुंची जिला अस्पताल, इस वजह से डाक्टरों को लगाई जमकर फटकार

    रायपुर। राज्यपाल अनुसूईया उइके देश के तमाम राज्यपालों से कई मायनों में अलग हैं. वे आम जनता की समस्याओं को लेकर बेहद संवेदनशील भी हैं. यही वजह है कि वे मंगलवार को शासकीय अस्पताल की व्यवस्था और मरीजों का हालचाल जानने के लिए वे औचक निरीक्षण पर कालीबाड़ी स्थित अस्पताल पहुंच गई।

    राज्यपाल के औचक निरीक्षण से अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप मच गया. इस दौरान वे अस्पताल के हर वार्ड में पहुंची और सुविधाओं से लेकर इलाज तक का जायजा लिया. वार्ड में पहुंचने पर उन्होंने मरीजों से इलाज के बारे में जानकारी ली साथ ही अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर भी पूछताछ किया।

    औचक निरीक्षण के दौरान पेयजल व्यवस्था को लेकर उन्होंने जमकर अपनी नाराजगी जाहिर की. निरीक्षण के दौरान जब से पेयजल स्थल पर पहुंची और उसकी व्यवस्था देखी तो उन्होंने डॉक्टरों को जमकर फटकार लगाते हुए सवाल किया कि मरीजों को क्या यही पानी पिलाते हैं?
    राज्यपाल की फटकार के बाद अस्पताल के डाक्टर सन्न रह गए और उन्होंने अस्पताल की तमाम व्यवस्थाओं को तुरंत दुरुस्त करने के साथ ही मरीजों का अच्छा इलाज करने के साथ ही और सुविधाओं को बेहतर करने का आश्वासन दिया।

  • देश के पूर्व राष्ट्रपति महान वैज्ञानिक और भारत रत्न से सम्मानित डॉ ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी को श्रद्धांजलि

    देश के पूर्व राष्ट्रपति महान वैज्ञानिक और भारत रत्न से सम्मानित डॉ ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी को श्रद्धांजलि

    प्रज्ञा छत्तीसगढ़ परिवार की ओर से देश के पूर्व राष्ट्रपति महान वैज्ञानिक और भारत रत्न से सम्मानित डॉ ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी को उनकी जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि उनके बहुमूल्य विचार एवं आदर्श हमेशा हम सबके हृदय में जीवित रहेंगे, और हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे। उन्होंने अपनी प्रतिभा से भारत को वैश्विक पटल पर विशिष्ट पहचान दिलाई है, युवाओं के प्रेरणा स्रोत कलाम का जीवन कर्तव्य परायणता और देशभक्ति की जीवंत मिसाल है।

    दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, थल सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत, भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आर.के.एस. भदौरिया भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल कर्मवीर सिंह ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती के अवसर पर DRDO भवन मे उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

  • मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूर्व सीएम रमन सिंह को दी जन्मदिन की शुभकामनाएं, कहा- ईश्वर आपको स्वस्थ एवं दीर्घायु प्रदान करें

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूर्व सीएम रमन सिंह को दी जन्मदिन की शुभकामनाएं, कहा- ईश्वर आपको स्वस्थ एवं दीर्घायु प्रदान करें

    रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह आज 68वां जन्मदिन मना रहे हैं. उनके चाहने वालों का सुबह से ही बधाई देने का सिलसिला जारी है. प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी पूर्व सीएम डॉ.रमन सिंह को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं।

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वटिर पर पूर्व सीएम को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा में मेरे साथी राजनांदगांव विधायक रमन सिंह जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं, ईश्वर आपको स्वस्थ रखे एवं दीर्घायु प्रदान करें।

    बता दें कि 15 अक्टूबर, 1952 को जन्मे रमन की स्कूली शिक्षा छुईखदान, कवर्धा और राजनांदगांव में हुई. उन्होंने रायपुर के शासकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय से 1975 में आयुर्वेदिक मेडिसिन में बीएएमएस की डिग्री हासिल की. इसके बाद 23 साल की उम्र में उन्होंने प्रैक्टिस शुरू कर दी थी. डॉक्टरी करते-करते पार्षद चुनाव लड़ उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरूआत की, केंद्र सरकार के मंत्री बने फिर 2003 में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, इसके बाद 2008 और 2013 के चुनावों में भी जीत दर्ज करते हुए वे तीन बार राज्य के सीएम बने।

    डॉ रमन के पिता स्व विघ्नहरण सिंह ठाकुर पेशे से वकील थे. डॉ रमन की पत्नी वीणा सिंह गृहिणी हैं, उनके बेटे अभिषेक सिंह राजनांदगांव लोकसभा से पूर्व सांसद रहे हैं. उनकी बेटी डॉ. अस्मिता डेंटल सर्जन हैं. पूर्व सीएम रमन सिंह वर्तमान में बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं.

  • बड़ी खबर : अब छत्तीसगढ़ में पार्षद ही चुनेंगे अध्यक्ष और महापौर, बैलेट पेपर से होगा चुनाव, मंत्रिमंडल समिति ने लिया फैसला

    बड़ी खबर : अब छत्तीसगढ़ में पार्षद ही चुनेंगे अध्यक्ष और महापौर, बैलेट पेपर से होगा चुनाव, मंत्रिमंडल समिति ने लिया फैसला

    रायपुर। नगरीय निकाय चुनाव समिति की बैठक खत्म हो चुकी है. राज्य सरकार ने नगरीय निकाय एक्ट में बदलाव करने का ऐलान किया है. नगरीय निकाय मंत्री शिव कुमार डहरिया ने कहा समिति ने निर्णय लिया है कि अप्रत्यक्ष प्रणाली से ही नगरीय निकायों के चुनाव होंगे. मध्यप्रदेश की तर्ज पर अब छत्तीसगढ़ भी नगरीय निकाय चुनाव होंगे. नगरीय निकाय चुनाव में महापौर, पालिकाध्यक्ष और नगर पंचायत अध्यक्षों के चुनाव सीधे नहीं होंगे। इनका चुनाव सामान्य सभा के लिए चुने गए पार्षदों द्वारा करवाए जाएंगे। प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव में अब पार्षद ही महापौर और अध्यक्ष चुनेंगे।

    बैठक के बाद समिति में शामिल केबिनेट मंत्री शिव डहरिया, मोहम्मद अकबर और रविन्द्र चौबे ने मंत्रालय में प्रेस कांफ्रेंस कर ये जानकारी दी.नगरी प्रशासन मंत्री शिव कुमार डहरिया ने उप समिति की बैठक में कहा कि अब अप्रत्यक्ष प्रणाली से महापौर और अध्यक्ष का चुनाव होंगे इसका मसौदा तैयार है. इसके लिए कैबिनेट में प्रस्ताव रखा जाएगा. मतपत्रों से ही नगरीय निकायों का चुनाव होगा. आरक्षण रोस्टर के आधार पर जो पात्र है वही मेयर बन सकता है.वहीं खरीद फरोख्त की आशंका को लेकर वन मंत्री मुहोम्मद अकबर ने कहा ऐसा कुछ नहीं होगा. निर्वाचन व्यय में कमी को लेकर यह निर्णय लेना आवश्यक था. सीमित साधन में भी पार्षद बन सकते हैं. जनता को उनके वास्तविक अधिकार मिलने चाहिए इसलिए यह फैसला किया गया।

    गौरतलब है कि साल 1994 में अविभाज्य एमपी में महापौर और अध्यक्ष पार्षद करते थे. इसके बाद साल 1999 से इनका चुनाव, विधायक -सासंद की तरह सीधे जनता के द्वारा होता आ रहा है।

  • आयुष्मान खुराना की ‘ड्रीम गर्ल’ की बिकिनी फोटोज,बना रही लोगो को दीवाना….

    आयुष्मान खुराना की ‘ड्रीम गर्ल’ की बिकिनी फोटोज,बना रही लोगो को दीवाना….

    आयुष्मान खुराना की ‘ड्रीम गर्ल’ यानी नुसरत भरूचा इन दिनों थाईलैंड में वेकेशन इन्जॉय कर रही है. ‘ड्रीम गर्ल’ की सक्सेस के बाद से ही नुसरत छुट्टियों पर हैं.नई दिल्ली. आयुष्मान खुराना की ‘ड्रीम गर्ल’ यानी नुसरत भरूचा इन दिनों थाईलैंड में वेकेशन इन्जॉय कर रही है. ‘ड्रीम गर्ल’ की सक्सेस के बाद से ही नुसरत छुट्टियों पर हैं. इस वक्त में थाईलैंड में अपने दोस्तों के साथ मस्ती कर रही हैं. इस दौरान नुसरत की कुछ फोटोज वायरल हो रही है जो काफी चर्चा में हैं. नुसरत सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं. हाल ही में उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर बिकिनी में  कुछ फोटोज शेयर की हैं जो काफी बोल्ड हैं. इन फोटोज में वो स्वीमिंग पूल के पास बैठी हैं और पानी से खेल रही हैं.

    नुसरत ने बिकिनी में कई फोटोज और एक वीडियो शेयर किया है. फोटोज में नुसरत कभी सूरज की तरफ देखते हुए पोज़ दे रही है, तो कभी स्वीमिंग पूल के पास रिलैक्स कर रही हैं. वहीं वीडियो में वो पानी से खेलती नजर आ रही हैं. तस्वीरों से साफ नज़र आ रहा है कि नुसरत अपनी छुट्टियां कितनी इन्जॉय कर रही हैं. वर्क फ्रंट की बात करें तो नुसरत हाल ही में आयुष्मान खुराना के साथ ‘ड्रीम गर्ल’ में नजर आई थीं.

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  • एंकर के कमेंट पर भड़के राज ठाकरे, बोले- माइक फेंक कर मारूं?

    एंकर के कमेंट पर भड़के राज ठाकरे, बोले- माइक फेंक कर मारूं?

    मुंबई. महाराष्ट्र नव निर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे को उनके आक्रामक तेवरों के लिए जाना जाता है. हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने इंटरव्यू कर रहे पत्रकार से ये तक कह दिया कि माइक फेंक कर मारूं तभी राज ठाकरे लगूंगा क्या. दरअसल महाराष्ट्र में 22 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव होने हैं. इस चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दल ज्यादा से ज्यादा लोगों तक अपनी बातें पहुंचाने में लगे हैं. इसी सिलसिले में मनसे सुप्रीमो राज ठाकरे एबीपी न्यूज को इंटरव्यू देने पहुंचे. राज का इंटरव्यू ले रहे थे वरिष्ठ पत्रकार दिबांग.दिबांग द्वारा राज ठाकरे का इंटरव्यू तमाम लोगों के बीच हो रहा था. मंच से दिबांग ने राज ठाकरे से पूछ लिया कि, ‘आपको ईडी वाले 8 घंटे तक बैठाए रखे थे. ऐसा क्या हो रहा था अंदर इतनी देर तक.’ इस पर राज ठाकरे ने कहा कि बातचीत सिर्फ डेढ़ घंटे की हुई थी लेकिन किसी को दिखाने के लिए वो लोग मुझे 8 घंटे तक बिठाए रखे थे.

    राज ठाकरे के जवाब पर दिबांग ने कहा कि अब राज ठाकरे वो राज ठाकरे नहीं रह गए जिसके लिए उन्हें जाना जाता था, अब राज ठाकरे बदल गए हैं. दिबांग के इस कमेंट पर राज ठाकरे ने अपने अंदाज में कहा कि किसी के कान के नीचे बजाऊं तभी राज ठाकरे लगूंगा क्या? राज यहीं नहीं रुके. वह आगे कहने लगे कि आप चाहते क्या हैं..ये माइक फेंक कर मारूं तभी राज ठाकरे लगूंगा.


    राज ठाकरे के इस तरह के जवाब से दिबांग शांत हो गए. राज ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए सफाई दी कि आपको क्या लगता है कि, ‘मैं घर में भी ऐसा ही रहता हूं. गुस्सा जानबूझकर नहीं लाता. जब आंदोलन करता हूं तो वैसा मूड अपने आप हो जाता है.’

  • सोशल मीडिया पर चाइल्‍ड पोर्नोग्राफी फैलाने वाले 7 लोगो के खिलाफ CBI ने की कार्यवाही

    सोशल मीडिया पर चाइल्‍ड पोर्नोग्राफी फैलाने वाले 7 लोगो के खिलाफ CBI ने की कार्यवाही

    दिल्‍ली. चाइल्‍ड पोर्नोग्राफी के मामले में केंद्रीय अन्‍वेषण ब्‍यूरो (CBI) ने 7 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. इन सभी पर विभिन्‍न वॉट्सएप ग्रुपों में चाइल्‍ड पोर्नोग्राफी से जुड़े कंटेंट को फैलाने का आरोप है. अब सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है.सीबीआई के अंतरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग प्रकोष्ठ (आईपीसीसी) को 31 जनवरी 2019 को जर्मन दूतावास से एक कूटनीतिक पत्र प्राप्त होने के बाद शुरुआती जांच की गई. जांच के बाद मामला दर्ज किया गया. सीबीआई के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी इलेक्ट्रॉनिक रूप में चाइल्ड पोर्नोग्रफी की सामग्री प्रसारित करने में लिप्त पाए गए हैं. आईटी ऐक्ट के सेक्शन 67 के तहत यह संगीन अपराध है.

    दरअसल जर्मनी ने सास्चे ट्रैप्पके के बारे में सूचना दी थी, जिसे उस देश में बाल यौन दुर्व्यवहार और बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री के वितरण के संबंध में पांच साल कैद की सजा सुनाई गई थी. जांच के दौरान यह सामने आया कि वह 29 वॉट्सऐप ग्रुप्स का हिस्सा था, जहां बाल अश्लील सामग्री साझा की जा रही थी. उन्होंने कहा कि इन समूहों में सात भारतीय मोबाइल नंबर भी थे.

    केरल में भी पकड़े गए थे 12 लोग
    बता दें कि ऐसे ही एक मामले में हाल ही में केरल (Kerala) में सोशल मीडिया (Social Media) के माध्यम से कथित रूप से चाइल्ड पोर्नोग्राफी फैलाने को लेकर 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया था और 20 के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था.
    केरल पुलिस (Kerala Police) की बाल यौन उत्पीड़न निरोधक इकाई (सीसीएसई CCSE) द्वारा राज्य में 21 स्थानों पर छापा मारे जाने के बाद यह कार्रवाई हुई थी. सीसीएसई इंटरपोल (Interpole) की बच्चों के खिलाफ अपराध संबंधी इकाई और इंटरनेशनल सेंटर फोर मिसिंग एंड एक्सप्लॉयटेड चिल्ड्रेन के साथ मिलकर काम करती है.
    एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया था कि 12 अक्टूबर को सुबह छह बजे छापा शुरू हुआ था, जो रविवार को करीब एक बजे समाप्त हुआ. पुलिस ने एक विज्ञप्ति में बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों के पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन मॉडम, हार्ड डिस्क, मेमोरी कार्ड, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रोनिक उपकरण जब्त किए गए.

    पुलिस ने बताया कि जिन वाट्सएप ग्रुपों (Whatsapp) पर बाल अश्लीलता फैलाई जा रही थी, उनकी भी पहचान कर ली गई है. पुलिस वाट्सएप, टेलीग्राम और फेसबुक पर विभिन्न ग्रुपों पर कड़ी नजर रख रही है. इंटरपोल की मदद से पुलिस द्वारा चलाया गया यह तीसरा विशेष अभियान था. इससे पहले अप्रैल और जून में ऐसा ही अभियान चलाया गया था.

  • लोग कहते थे ‘देख नहीं पाती फिर इतना क्यों पढ़ती हो’ मेहनत के दम पर किया वो मुकाम हासिल जो लोगो ने सोचा भी नही था…

    लोग कहते थे ‘देख नहीं पाती फिर इतना क्यों पढ़ती हो’ मेहनत के दम पर किया वो मुकाम हासिल जो लोगो ने सोचा भी नही था…

    देश की पहली दृष्टिबाधित महिला आईएएस अधिकारी प्रांजल पाटिल ने सोमवार को कहा कि उन्होंने ‘कभी भी हार नहीं मानी.’ पाटिल को तिरुवनंतपुरम की उप-जिलाधिकारी का पद मिला है. केरल कैडर की अधिकारी पाटिल ने कहा, ‘हमें कभी हार नहीं माननी चाहिए क्योंकि हमारे प्रयासों से हम सभी को वह सफलता मिलेगी जो हम चाहते हैं.’ प्रांजल पाटिल की सक्सेस स्टोरी किसी मिसाल से कम नहीं है.

    महाराष्ट्र के उल्हासनगर की रहने वाली पाटिल (30) ने उस समय अपनी आंख की रोशनी खो दी थी, जब वह मात्र छह साल की थीं. इसके बाद प्रांजल को दृष्टिहीन बच्चों के स्कूल में जाना पड़ा, जो कि मराठी मीडियम में था. प्रांजल शुरू में घबरा गई थीं, लेकिन बाद में उन्होंने पिछली बातों को भुलाना और नया सीखना शुरू कर दिया.

    12वीं में किया था टॉप
    अपनी मेहनत और लगन के दम पर प्रांजल ने 12वीं में टॉप किया. उन्होंने आर्ट स्ट्रीम के साथ अपनी 12वीं की पढ़ाई पूरी की. आर्टस में टॉप करने के बाद ही प्राजल के जीवन की असली चुनौती शुरू हुई. उन्होंने घर से दूर एक बड़े कॉलेज में एडमिशन लिया और रोजाना घर से ही अप-डाउन करने का फैसला किया.
    भीड़-भाड़ में अक्सर उनको परेशानी का सामना करना पड़ता था. इस दौरान कई लोगों ने उनकी मदद भी की पर साथ ही यह सवाल भी करते थे कि घर से दूर एडमिशन लेने की क्या जरूरत थी, जिसका मतलब यही होता था कि जब दृष्टिहीन हो तो इतना क्यों पढ़ रही हो।

    भीड़-भाड़ में अक्सर उनको परेशानी का सामना करना पड़ता था. इस दौरान कई लोगों ने उनकी मदद भी की पर साथ ही यह सवाल भी करते थे कि घर से दूर एडमिशन लेने की क्या जरूरत थी, जिसका मतलब यही होता था कि जब दृष्टिहीन हो तो इतना क्यों पढ़ रही हो.

    एमफिल के साथ की UPSC की तैयारी
    प्रांजल ने साल 2015 में दिल्ली से एमफिल करने का निर्णय लिया. इसके साथ ही उन्होंने UPSC की तैयारी भी शुरू कर दी. आमतौर पर लोग इस परीक्षा की तैयारी के लिए ड्राप लेते हैं, पर प्रांजल के पास इतना समय नहीं था. इसलिए उन्होंने साथ में ही दोनो काम करने का निर्णय लिया.

    आसान नहीं था किताबों को सुनना
    प्रांजल आम किताबों को पढ़ नहीं सकती थी, इसलिए पहले वो किताबें कम्प्यूटर में स्कैन करती थीं, फिर कम्प्यूटर उनको सुनाता था. कम्प्यूटर को सुनना कतई आसान काम नहीं था, कई बार वे झुंझला जाती थीं, गुस्सा भी आता था, पर कोई दूसरा जरिया नहीं था. इसलिए वे फिर से जुट जाती थीं.

    राइटर चुनना भी था मुश्किल
    UPSC की परीक्षा में दृष्टिबाधितों को 3 की बजाय 4 घंटे मिलते हैं, पर अपने जवाब को बिना देखे दूसरे के जरिए लिखवाना बिल्कुल भी आसान नहीं था. इसके लिए प्रांजल को तेजी लिखने वाली साथी की जरूरत थी. हालांकि उनकी यह खोज जल्दी ही पूरी हो गई और उनको मनमुताबिक साथी मिल गया.

    773वीं रैंक मिलने पर भी हुई रिजेक्ट
    UPSC में 773वीं रैंक लाने पर आम इंसान बहुत खुश होता है और उसका पूरा परिवार जश्न मनाता है, मगर 2016 में UPSC की परीक्षा में 773वीं रैंक हासिल करने के बावजूद प्रांजल को रिजेक्ट कर दिया गया. दरअसल, उनको इंडियन रेलवे अकाउंट सर्विस का काम दिया गया था और वो कुछ भी देखने में असमर्थ थीं.

    अगले प्रयास में हासिल की सफलता
    773वीं रैंक मिलने के बाद भी रिजेक्ट होने पर उनको दुख तो हुआ पर उन्होंने हार नहीं मानी और अगले साल इसमें सुधार करते हुए 124 वीं रैंक हासिल की. पाटिल को उनकी प्रशिक्षण अवधि के दौरान एर्नाकुलम सहायक कलेक्टर नियुक्त किया गया था.

  • शराबबंदी का नया सरकारी फार्मूला, पियक्कड़ों का पता लगाने सरकार करेगी यह काम

    शराबबंदी का नया सरकारी फार्मूला, पियक्कड़ों का पता लगाने सरकार करेगी यह काम

    रायपुर। शराब बंदी का अहम वादा कर सत्ता में आई भूपेश बघेल सरकार अब इस बात का पता लगाएगी कि छत्तीसगढ़ में कितने लोग शराब पीने के आदी हैं. हालांकि सरकार शराबियों की निजता का भी पूरा ध्यान रखेगी, इसके लिए पीने वालों की गिनती न करके शराब की बोतलों के आधार आंकलन करेगी.दरअसल शराब बंदी के लिए बनाई गई समिति की बैठक में यह सुझाव आया है. शराबबंदी और उसके प्रभावों के अध्ययन के लिए बनी राजनीतिक समिति के अध्यक्ष सत्यनारायण शर्मा के अनुसार आंकड़े जुटाते समय किसी की निजता का हनन नहीं होगा, किसी की पहचान उजागर नहीं की जाएगी. शराबबंदी के बाद शराबियों की स्थित जल बिन मछली की तरह हो सकती है, उनके इलाज और पुनर्वास केन्द्रों की जरुरत होगी. इस वजह से शराबियों के वास्तविक आंकड़ों की जरुरत होगी. यह सुझाव समिति में आया है। आपको बता दें सरकार ने प्रदेश में शराबबंदी करने के पहले एक सर्वदलीय समिति बनाई है जो शराबबंदी के बाद उसके होने वाले प्रभावों का अध्ययन कर इसकी रिपोर्ट सौंपेगी. जिसके आधार पर सरकार शराबबंदी किस तरह लागू करेगी उस पर फैसला किया जाएगा.
  • गर्म राख की पाइप फटने से मोनेट के इंजीनियर की मौत

    गर्म राख की पाइप फटने से मोनेट के इंजीनियर की मौत

    पाइप की सफाई करने के दौरान हुआ हादसा

    खरसिया। मोनेट के एक कर्मचारी की काम के दौरान हादसे की वजह से मौत हो गई है। हादसे का वक़्त दोपहर लगभग 12:30 बजे की बताया जा रहा है। हादसा उस समय हुआ जब पावर प्लांट के एक पाइप जाम होने की वजह से मरम्मत किया जा रहा था, बताया जा रहा है कि पावर प्लांट से निकलने वाला गर्म राख की पाइप जाम हो गई थी, जिसे ठीक करने सीनियर इंजीनियर राम चंद्र साहू पाइप को खोलकर कुछ कर रहे थे कि इसी दौरान गर्म राख तेजी से बाहर निकल गया। बताया जा रहा है कि इससे सीनियर इंजीनियर चपेट में आ गया और बुरी तरह से घायल हो गया, पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार जिंदल फोर्टिस में इलाज के दौरान करीब 4:30 बजे रामचंद्र साहू की मौत हो गई। प्रबंध ने बताया कि मृतक के परिजनों को इस घटना की इत्तला दे दी गई है। मोनेट इस्पात अपना पावर प्लांट शुरू करने की तैयारी में है और इसी संबंध में मशीनों की साफ सफाई हो रही थी फ्लाई ऐश की पाइप में फ्लाई ऐश जमा हुआ था, वैक्यूम मिलने पर फ़ोर्स के साथ वह बाहर आ गया और उसके पेट के अंदरूनी भाग को क्षतिग्रस्त कर दिया जिससे उसकी मौत हो गई।

    पहले साधारण घटना बताया

    इस घटना को मोनेट जेएसडब्ल्यू प्रबंधन की ओर से पहले तो साधारण कहा जाता रहा और फिर अब मृतक के परिजनों को मुआवजा देने की बात भी कही जा रही है।

    क्या है 50 लाख मुआवजे का सच

    पूरे घटनाक्रम के संबंध में चर्चा करने पर प्रबंधन की ओर से यह जानकारी दी गई कि इस ग्रेड के अधिकारी का कंपनी की ओर से जो बीमा कराया जाता है, उसकी राशि लगभग 50 लाख होती है ऐसे में मृतक सीनियर इंजीनियर के परिजनों को भी बीमा की राशि मुआवजे के तौर पर दी जाएगी।