Author: Sunil Agrawal

  • मंत्री टी एस सिंहदेव को नहीं है चुनाव लड़ने का मन, ताम्रध्वज बोले- जगह भरने के लिए कई तैयार….

    मंत्री टी एस सिंहदेव को नहीं है चुनाव लड़ने का मन, ताम्रध्वज बोले- जगह भरने के लिए कई तैयार….

    छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री टी एस सिंहदेव ने अपने सियासी भविष्य पर बड़ा बयान दिया है। 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत में अहम योगदान निभाने वाले सिंहदेव ने कहा है कि उनका चुनाव लड़ने का मन नहीं है। कांग्रेस के दिग्गज नेता का यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

    असंजस में हैं सिंहदेव? गुरुवार को अंबिकापुर में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि अब तक हुए सारे चुनाव में यानि 2008 ,2013 या 2018 के चुनाव में पूरे मन,उत्साह के साथ चुनावी मैदान में खड़े होते थे। सिंहदेव ने कहा कि पहले मेरा मन हमेशा चुनाव लड़ने का रहता था,किन्तु उस तरह से इस बार चुनाव लड़ने का मन नहीं है, जैसा कि पूर्व में रहता था। इस बार भी कार्यकर्ताओ से पूछकर फैसला लूंगा कि चुनाव लडू या नहीं। टीएस सिंहदेव का यह बयान,यू ही नहीं आया है,एक सप्ताह पहले ही उन्होंने सूरजपुर में कहा था कि वह चुनाव से पहले कोई बड़ा निर्णय ले सकते हैं। सिंहदेव ने कहा था कि चुनाव से पहले अपने भविष्य के बारे में निर्णय लूंगा।
    कांग्रेस की जीत के सूत्रधार थे सरगुजा महाराजा गौरतलब है कि टीएस सिंहदेव सरगुजा रियासत के महाराजा होने के साथ अंबिकापुर विधानसभा सीट से लगातार तीन बार के विधायक हैं। 2013 के चुनाव के बाद उन्हें कांग्रेस ने विपक्ष का नेता चुना चुना था। नेता प्रतिपक्ष रहते हुए 2018 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस का जन घोषणा पत्र तैयार किया था। इसी घोषणापत्र के आधार पर कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में बंपर जीत हासिल की थी। कांग्रेस को नहीं होगा कोई नुकसान,चुनाव लड़ने के लिए कई बैठे हैं:ताम्रध्वज साहू सिंहदेव के बयान पर छत्तीसगढ़ सरकार के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा है कि कांग्रेस को कोई नुकसान का प्रश्न नहीं हैं। कांग्रेस इतनी बड़ी संस्था है कि कोई व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ना चाहता है,तो उनका स्थान भरने के लिए लोग तैयार रहते हैं। कोई एक व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ना चाहता है,तो उसकी जगह १० लोग चुनाव लड़ने के लिए इच्छुक रहते हैं। साहू ने आगे कहा कि टीएस बाबा ने किस भावना और किन परिस्थितियों में कहा है,यह वही बता सकते हैं। अगर वह चुनाव नहीं लड़ते हैं,तो इससे कांग्रेस को कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

  • छत्तीसगढ़ में 4 IPS अधिकारियों का हुआ प्रमोशन, IG पद पर पदोन्नत किए गए..देखें नाम

    छत्तीसगढ़ में 4 IPS अधिकारियों का हुआ प्रमोशन, IG पद पर पदोन्नत किए गए..देखें नाम

    रायपुर। छत्तीसगढ़ के 4 IPS अधिकारियों का प्रमोशन कर दिया गया है, प्रदेश के 4 IPS अधिकारी IG पद पर पदोन्नत किए गए हैं।

    मिली जानकारी के अनुसार 2005 बैच के 4 IPS IG पद पर प्रमोट हुए हैं।

    IPS अमरेश मिश्रा, राहुल भगत IG बनाए गए हैं।

    वहीं आरिफ शेख और ध्रुव गुप्ता भी IG बने हैं।

    बता दें कि आरिफ शेख को छोड़ 3 IPS डेपुटेशन पर हैं, राज्य सरकार ने इस आशय के आदेश जारी कर दिया है।

  • विधानसभा में सिख विधायक कुलदीप जुनेजा पर की गई टिप्पणी! भड़का सिख समुदाय! मंत्री शिव डहरिया और भाजपा विधायक अजय चंद्राकर के निवास बाहर सिख समुदाय का प्रदर्शन! मांगनी पड़ी दोनों को लिखित माफी..

    रायपुर। सोमवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा शीतकालीन सत्र के दौरान कुछ ऐसा हुआ जिसके लिए राज्य के नगरी प्रशासन और श्रम मंत्री शिव डहरिया और भाजपा विधायक अजय चंद्राकार को सिख समुदाय से माफी मांगनी पड़ी। सोमवार रात को सिख समुदाय पहले भाजपा विधायक अजय चंद्राकर के निवास पर गया और वहां धरने पर बैठ गया उसके बाद अजय चंद्राकर ने माफी मांगी। उसके बाद यही वाक्या मंत्री शिव डहरिया के घर के सामने हुआ। उन्होंने भी इस बारे में लिखित माफी मांगी।

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    विधानसभा में प्रश्न पूछते हुए कुलदीप जुनेजा

    दरअसल सोमवार को रायपुर उत्तर के विधायक कुलदीप जुनेजा वृक्षारोपण को लेकर सवाल पूछ रहे थे। पर्यावरण मंत्री मोहम्मद इसका जवाब दे रहे थे। सदन में हंगामा हो रहा था। इसी बीच भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कुलदीप जुनेजा को सरदार कहकर संबोधित किया जो उन्हें बुरा लगा कुलदीप जुनेजा ने इस पर आपत्ति जताई और कहा कि

    “आप शब्दों का ध्यान रखिए.. सरदार नहीं सरदार के आगे ‘जी’ लगाइए।”

    इसके बाद छत्तीसगढ़ के नगरी प्रशासन एवं श्रम मंत्री शिव डहरिया ने कहा कि

    “12 बजने वाला है थोड़ा ध्यान रखो..”

    उनकी इस टिप्पणी के बाद तेलीबांधा गुरुद्वारा प्रबंध समिति ने इसे पूरे सिख समाज का अपमान बताया। शाम होते तक भाजपा विधायक अजय चंद्राकर के घर पर सिख समुदाय के लोगों ने नारेबाजी की और धरना दिया।

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    निवास के बाहर सिख समुदाय से बात करते अजय चंद्राकर

    सिख समुदाय ने उनके कथन पर आपत्ति जताई जिस पर विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि मैंने नहीं मंत्री शिव डहरिया ने आपत्तिजनक बात की है। फिर भी अगर मेरी बातों से ठेस पहुंची हो तो उसके लिए मैं माफी मांगता हूं। इस बारे में उन्होंने तेलीबांधा गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी को लिखित में अपना खेद पत्र भी लिखा है।

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    विधायक अजय चंद्राकर का पत्र

    अजय चंद्राकर के बाद मंत्री शिव डहरिया के निवास के बाहर सिख समुदाय के लोग पहुंचे। जहां मंत्री उनसे बात करने के लिए बाहर आए और अपना खेद व्यक्त किया।

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    मंत्री शिव डेहरिया के निवास के बाहर धरना देते सिख समुदाय

    उन्होंने कहा कि अगर उनके शब्दों से किसी को ठेस पहुंची है तो वह इसके लिए माफी मांगते हैं उन्होंने भी गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष के नाम क्षमा पत्र लिखा है।

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  • GST कलेक्शन में इजाफा: बढ़ी मोदी सरकार की कमाई, जानें पूरी डिटेल्स….

    GST कलेक्शन में इजाफा: बढ़ी मोदी सरकार की कमाई, जानें पूरी डिटेल्स….

    दिल्ली (आईएएनएस)| वित्त मंत्रालय द्वारा रविवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर 2022 में जीएसटी संग्रह 1,49,507 करोड़ रुपये रहा, जो नवंबर 2022 में एकत्र किए गए 1,45,867 करोड़ रुपये से 2.5 प्रतिशत अधिक है। हालांकि, साल-दर-साल आधार पर, दिसंबर 2022 के लिए एकत्रित जीएसटी राजस्व दिसंबर 2021 के संग्रह से 15 प्रतिशत अधिक है, दिसंबर 2021 में 1,29,780 करोड़ रुपये एकत्र हुए थे। मासिक जीएसटी राजस्व लगातार 10 महीनों के लिए 1.4 लाख करोड़ रुपये से अधिक है, जैसा कि आंकड़ों में उल्लेख किया गया है। दिसंबर 2022 के दौरान सकल जीएसटी राजस्व 1,49,507 करोड़ रुपये है, जिसमें सीजीएसटी 26,711 करोड़ रुपये, एसजीएसटी 33,357 करोड़ रुपये, आईजीएसटी 78,434 करोड़ रुपये (माल के आयात पर एकत्रित 40,263 करोड़ रुपये सहित) और उपकर 11,005 करोड़ रुपये (माल के आयात पर एकत्रित 850 करोड़ रुपये सहित) है। सरकार ने नियमित निपटान के तौर पर आईजीएसटी से सीजीएसटी में 36,669 करोड़ रुपये और एसजीएसटी में 31,094 करोड़ रुपये का निपटान किया है। दिसंबर 2022 में नियमित निपटान के बाद केंद्र और राज्यों का कुल राजस्व सीजीएसटी के लिए 63,380 करोड़ रुपये और एसजीएसटी के लिए 64,451 करोड़ रुपये है।

  • कोरोना ने नए वेरिएंट XBB 1.5 के कारण अमेरिका में बिगड़े हालात! भारत में इसकी एंट्री.. गुजरात में इस नए वैरिएंट का पहला मामला.. जानिये विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय

    कोरोना ने नए वेरिएंट XBB 1.5 के कारण अमेरिका में बिगड़े हालात! भारत में इसकी एंट्री.. गुजरात में इस नए वैरिएंट का पहला मामला.. जानिये विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय

    कोरोना के नए वेरिएंट के कारण चीन और जापान में बिगड़े हालात के बीच अमेरिका में ओमिक्रॉन के एक नए सब-वैरिएंट का कहर देखा जा रहा है। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) द्वारा शुक्रवार को प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार अमेरिका में ओमिक्रॉन के XBB.1.5 वैरिएंट ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अमेरिका में इस समय के 40 फीसदी से अधिक कोरोना के मामलों के लिए इसी सब-वैरिएंट को प्रमुख कारण माना जा रहा है। पिछले हफ्ते की तुलना में इस वैरिएंट के कारण संक्रमण की मामले दो दुना तक बढ़े हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह ओमिक्रॉन के अब तक के सभी सब-वैरिएंट्स की तुलना में अधिक समस्याकारक हो सकता है।

    गुजरात में इस नए वैरिएंट का पहला मामला

    इस बीच भारत में भी XBB.1.5 वैरिएंट से संक्रमण के पहले मामले की पुष्टि की गई है। इंडियन सार्स-सीओवी-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (इन्साकोग) की रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात में इस नए वैरिएंट का पहला मामला सामने आया है। जिस तरह से इसके कारण न्यूयॉर्क में हालात बिगड़ते देखे गए हैं, ऐसे खतरे को ध्यान में रखते हुए भारत को भी विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।

    XBB.1.5 वैरिएंट के बारे में जानिए

    अमेरिका का कई हिस्सों, विशेषकर न्यूयॉर्क में XBB.1.5 वैरिएंट से संक्रमण के कारण स्थिति बिगड़ने की खबरें हैं। वैज्ञानिकों ने शुरुआती अध्ययनों में पाया है कि यह XBB सब-वैरिएंट में हुए नए म्यूटेशन से उत्पन्न हुआ है। जिसकी प्रकृति कई मामलों में चिंता बढ़ाने वाली है।

    जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी में वायरोलॉजिस्ट एंड्रयू पेकोज बताते हैं XBB.1.5 अपने फैमिली के अन्य के सदस्यों से अलग है क्योंकि इसमें एक अतिरिक्त म्यूटेशन देखा जा रहा है, जो इसे कोशिकाओं से बेहतर ढंग से बाइंड करने में मददगार हो सकता है। ऐसे में यह अधिक संक्रामक होने के साथ शरीर में तेजी से बढ़कर गंभीर रोग विकसित कर सकता है।

    पेकिंग विश्वविद्यालय में वैज्ञानिक यूनलॉन्ग रिचर्ड काओ यह वैक्सीन से बनी प्रतिरक्षा को चकमा देने में सफल हो सकता है, ऐसे में नए वैरिएंट को गंभीरता से लेने की जरूरत है।

    संक्रमण की स्थिति में गंभीर रोगों का भी खतरा

    वायरोलॉजिस्ट एंड्रयू पेकोज कहते हैं, वायरस के बाइंडिंग की क्षमता इसे लोगों को अधिक आसानी से संक्रमित करने में मदद करती है। न्यूयॉर्क की रिपोर्ट्स से पता चलता है कि यहां संक्रमितों के अस्पताल में भर्ती होने की दर भी बढ़ी है, जिससे साफ होता है कि यह सब-वैरिएंट अब तक के अन्य वैरिएंट्स की तुलना में न सिर्फ तेजी से लोगों को अपना शिकार बना सकता है साथ ही इससे गंभीर रोग विकसित होने का खतरा भी अधिक है।

    शोधकर्ताओं की टीम ने पाया कि XBB.1.5, अन्य वैरिएंट्स की तुलना में अधिक आसानी से शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को चकमा देने में भी सफल हो रहा है।

    XBB सब-वैरिएंट में म्यूटेशन को लेकर आगाह करते रहें हैं वैज्ञानिक

    XBB सब-वैरिएंट सबसे पहले भारत में देखा गया था, जो दो अन्य वैरिएंट (BA.2.75 और BA.2.10.1 के पुनः संयोजन) से उत्पन्न हुआ था। इसपर हुए अध्ययनों में वैज्ञानिकों ने न सिर्फ इसकी गंभीरता और संक्रामिकता को लेकर अलर्ट किया था साथ ही इसमें म्यूटेशन की भी आशंका जताई थी।

    कोलंबिया विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने इस महीने की शुरुआत में जर्नल सेल में प्रकाशित एक अध्ययन में चेतावनी दी थी कि XBB-सब-वैरिएंट में होने वाला उत्परिवर्तन कोविड-19 टीकों की प्रभावकारिता को और कम कर सकता है। यह संक्रमण के साथ-साथ गंभीर रोगों के खतरे को भी बढ़ाने वाला हो सकता है।

    भारत को इससे कितना खतरा?

    कोविड रिपोर्टस के मुताबिक गुजरात में एक मामले के अलावा देश के अन्य किसी भी हिस्से से फिलहाल इस नए सब-वैरिएंट की पुष्टि नहीं है। महाराष्ट्र में कोरोना के मामलों पर नजर रखने वाले अधिकारियों का कहना है कि यहां XBB सब-वैरिएंट के 275 से अधिक मामले रहे हैं, हालांकि अब तक इस नए सबवैरिएंट की पुष्टि नहीं है। जिस तरह से अमेरिका में इससे संक्रमण के कारण हालात बिगड़े हैं इस खतरे को लेकर भारत को भी सावधान रहने की जरूरत है।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, भारत में इसका असर ज्यादा नहीं होना चाहिए क्योंकि इसी परिवार के XBB वैरिएंट से यहां लोग पहले भी संक्रमित होकर ठीक हो चुके हैं, साथ ही यहां ज्यादातर लोग प्राथमिक और बूस्टर डोज भी ले चुके हैं। हालांकि इसकी प्रकृति को देखते हुए कोविड से बचाव को लेकर सख्ती बरतना बहुत जरूरी है।

    नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।

  • CG: IPS अधिकारीयों का प्रमोशन; राज्य सरकार ने जारी किया आदेश, देखें लिस्ट…

    CG: IPS अधिकारीयों का प्रमोशन; राज्य सरकार ने जारी किया आदेश, देखें लिस्ट…

    रायपुर। राज्य सरकार ने 2005 बैच के IPS ऑफिसरों का प्रमोशन किया है। इनमे रायपुर के आईजी समेत अन्य ऑफिसर शामिल है। इसके अलावा अन्य कई अधिकारियों को सिलेक्शन ग्रेड मिला है।

  • ऊर्जा के क्षेत्र मोदी सरकार की बड़ी छलांग.. ‘ग्रीन हाइड्रोजन मिशन’ को मिली केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी.. जाने क्या हैं यह मिशन और कैसे बनेगा ‘हरा हाइड्रोजन’…

    ऊर्जा के क्षेत्र मोदी सरकार की बड़ी छलांग.. ‘ग्रीन हाइड्रोजन मिशन’ को मिली केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी.. जाने क्या हैं यह मिशन और कैसे बनेगा ‘हरा हाइड्रोजन’…

    देश को 2047 तक ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के साथ बुधवार को 19744 करोड़ रुपये की सहायता के साथ राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन को मंजूरी दी गयी हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल के निर्णय की जानकारी देते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने संवाददाताओं को कहा कि हमने सालाना 50 लाख टन ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन का लक्ष्य रखा है. हम भारत को ग्रीन हाइड्रोजन के निर्यात का वैश्विक हब बनाना चाहते हैं.
    उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन और उपकरणों के निर्माण के लिए प्रोत्साहन देने की योजना को मंजूर किया है. इसके तहत देश में इलेक्ट्रोलाइजर्स के विनिर्माण और ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन 2029-30 तक 17490 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का फैसला किया गया है. इसके अलावा सरकार इस क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास तथा इसके उपयोग के पारिस्थितिकी तंत्र के विकास के लिए भी प्रोत्साहन देगी.
    मिशन डायरेक्टर इस क्षेत्र की विशेषज्ञता रखने वाले व्यक्ति को बनाया जायेगा जो नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के तहत कार्य करेगा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 2021 में 15 अगस्त को लाल किले पर राष्ट्र ध्वज के नीचे ग्रीन हाइड्रोजन के लिए मिशन शुरू करने का संकल्प लिया था. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने भारत की बिजली उत्पादन में 2030 तक 40 प्रतिशत हिस्सा हरित स्रोतों से करने का लक्ष्य रखा गया था. इसका लक्ष्य 2021 में ही पूरा कर लिया गया.

    कैसे बनती है ग्रीन हाइड्रोजन?

    जब पानी से बिजली गुजारी जाती है तो हाइड्रोजन पैदा होती है. इस हाइड्रोजन का इस्तेमाल बहुत सारी चीजों को पावर देने में होता है. अगर हाइड्रोजन बनाने में इस्तेमाल होने वाली बिजली किसी रिन्यूएबल सोर्स से आती है, मतलब ऐसे सोर्स से आती है जिसमें बिजली बनाने में प्रदूषण नहीं होता है तो इस तरह बनी हाइड्रोजन को ग्रीन हाइड्रोजन कहा जाता है.

  • जशपुर में स्कूलों में छुट्टियों को लेकर सामने आया एक और दिलचस्प मामला , लिखना क्या था लिख दिया क्या, लोग बोले -गिनती भूल गए क्या ?

    जशपुर में स्कूलों में छुट्टियों को लेकर सामने आया एक और दिलचस्प मामला , लिखना क्या था लिख दिया क्या, लोग बोले -गिनती भूल गए क्या ?

    शिक्षा विभाग जशपुर के द्वारा शीतकालीन अवकाश की घोषणा की गई है । लेकिन इस आदेश में दर्ज एक मसले को लेकर खूब चर्चा हो रही है और लोग विभाग के मजे ले रहे हैं।

    दरअसल शिक्षा विभाग ने अवकाश आदेश में 2 दिनो का अवकाश लिखा है जबकि लिखा यह गया है कि 5 जनवरी से 7 जनवरी तक स्कूलों में शीतकालीन अवकाश रहेंगे । अगर 5 जनवरी से 7 जनवरी तक की गिनती गिनने से 3 दिनो का अवकाश होता है ।पहला दिन 5 जनवरी,दूसरा दिन 6 जनवरी और 3 सरा दिन 7 जनवरी होगा लेकिन आदेश में केवल 2 दिनो का ही अवकाश लिखा है । 

    यह चूक अगर किसी अन्य विभाग से होती तो लोग थोड़ा हल्के में भी लेते लेकिन यह गलती शिक्षा विभाग से हुई है इसलिए लोगो को चटकारे लेने का मौका मिल गया । आदेश की कॉपी और कॉपी में दर्ज 2 दिन को लाल घेरे में करने एक दूसरे को फॉरवर्ड कर रहे हैं ।शिक्षको के बीच इस मामले की ज्यादा चर्चा हो रही है।

    इधर इस मामले में शिक्षा विभाग से जुड़े लोगो का कहना है कि शीतकालीन अवकाश 2 ही दिनों का है। 6 जनवरी को छेरछेरा अवकाश है इसलिए 6 जनवरी की छुट्टी को शीतकालीन अवकाश के रूप में नहीं लिया गया है इसलिए 2 दिनो का अवकाश लिखा जाना गलत नहीं है।

  • साधना न्यूज का मेगा कॉन्क्लेव : ’दो दूनी चार, खुशियां अपार’ में जन सरोकार की पत्रकारिता के लिए मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित हुए चंद्रशेखर जायसवाल…

    साधना न्यूज का मेगा कॉन्क्लेव : ’दो दूनी चार, खुशियां अपार’ में जन सरोकार की पत्रकारिता के लिए मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित हुए चंद्रशेखर जायसवाल…

    रायपुर। साधना न्यूज चैनल के मेगा कॉन्क्लेव ’दो दूनी चार, खुशियां अपार’ में लैलूंगा संवाददाता चंद्रशेखर जायसवाल को जन सरोकार की उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने हाथों से सम्मानित किया। यह कॉन्क्लेव सरकार के चार वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था।
    कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ स्वास्थ्य मंत्री टीएस बाबा और शिक्षा मंत्री प्रेमसाय टेकाम ने भी हिस्सा लिया।

    इस अवसर पर साधना न्यूज से जुड़े संवाददाताओं सहित पूरे प्रदेश के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कॉन्क्लेव का आयोजन साधना न्यूज़ के प्रधान संपादक R.K.गांधी और बस्तर–बिलासपुर डिवीजन के हेड अर्जुन पांडेय द्वारा किया गया था।

    पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने और शासन की योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने के लिए चंद्रशेखर की सराहना करते हुए उन्हें प्रतीक चिन्ह भेंट किया। उन्होंने कहा कि जहां शासन पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा के लिए कटिबद्ध हैं, वहीं प्रदेश के पत्रकार पूरी प्रतिबद्धता से जन सरोकार की पत्रकारिता को आगे बढ़ाएंगे। प्रदेश की सुख–समृद्धि और विकास में पत्रकारों के योगदान की सराहना करते हुए उन्होंने सम्मानित पत्रकारों को प्रदेश का गौरव बताया।

    होटल वी डब्ल्यू कैन्यन में आयोजित इस मेगा कॉन्क्लेव का शुभारंभ स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव द्वारा दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। राज्य गीत के साथ विभिन्न विषयों पर पैनल डिस्कशन के साथ कॉन्क्लेव संपन्न हुआ।

  •  पूर्व राज्यपाल का निधन, घर पर ली अंतिम सांस! शोक की लहर

     पूर्व राज्यपाल का निधन, घर पर ली अंतिम सांस! शोक की लहर

    प्रयागराज: पूर्व राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी का निधन हो गया है। रविवार की सुबह उन्होंने घर पर ही अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि शनिवार को ही उनकी तबीयत बिगड़ गई थी।

    बता दें कि दो दिन पहले ही पूर्व राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी को प्रयागराज स्थित एक्यूरा क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल से घर लाया गया था। वहां चिकित्सक उनपर नजर रखे हुए थे। उन्हें ऑक्सीजन के साथ ही पेय पदार्थ भी नली की मदद से दिया जा रहा था।

    शनिवार को दिक्कत बढ़ने के बाद चिकित्सकों ने लखनऊ ले जाने की सलाह दी थी। परिवार केे सदस्यों ने बताया कि आज उन्हें पीजीआई लखनऊ ले जाने की तैयारी थी। लेकिन उससे पहले ही उनका निधन हो गया।