Author: Sunil Agrawal

  • रिटायर्ड डीजीपी डीएम अवस्थी को मिली PHQ में OSD के रूप में संविदा नियुक्ति

    रिटायर्ड डीजीपी डीएम अवस्थी को मिली PHQ में OSD के रूप में संविदा नियुक्ति

    रायपुर राज्य सरकार ने रिटायर डीजीपी डीएम अवस्थी को संविदा नियुक्ति दे दी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अवस्थी के रिटायरमेंट की शाम 31 मार्च को उनकी संविदा नियुक्ति पर मुहर लगा दी थी। देर रात उनका आदेश भी जारी हो गया।

    अवस्थी की अभी सिर्फ संविदा नियुक्ति का आदेश जारी हुआ है। उन्हें ओएसडी बनाया गया है। उन्हें ओएसडी के रूप में दायित्व क्या मिलेगा, इसका आदेश अलग से निकलेगा। वैसे अवस्थी को ईओडब्ल्यू, एसीबी में ही पोस्टिंग की जाएगी, ऐसी खबर है। सामान्य प्रशासन विभाग इसका आदेश निकालेगा। 86 बैच के आईपीएस अवस्थी तीन साल छग के डीजीपी रहे।

    23 साल की उम्र में बन गए थे IPS :: उत्तरप्रदेश के कानपुर के रहने वाले डीएम अवस्थी तीन साल गुजरात में इंजीनिरियंग सर्विस में रहे। 23 साल की उम्र में 1986 में उनका आईपीएस में चयन हुआ। पुलिस एकेडमी हैदराबाद से ट्रेनिंग कंप्लीट होने के बाद सतना से उनका प्रोबेशन प्रारंभ हुआ। एसपी के रूप में उनका पहला जिला छिंदवाड़ा रहा। फिर रायगढ़। रायगढ से वे एआईजी इंटेलिजेंस बनकर भोपाल गए। इस पद पर वे तीन साल रहे। इंटेलिजेंस के बाद उन्हें एसपी उज्जैन बनाया गया। छत्तीसगढ़ बनने से पहले सिर्फ एक पोस्टिंग उन्होंने रायगढ़ एसपी के तौर पर की थी। मगर राज्य के बंटवारे के बाद उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर मिला तो फिर छत्तीसगढ़ के होकर रह गए।

    छत्तीसगढ़ में वे रायपुर के एसएसपी, रायपुर आईजी के पद पर रहे। वे चार साल तक इंटेलिजेंस चीफ रहे। रमन सरकार की तीसरी पारी में इंटेलिजेंस से हटने के बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन का दायित्व संभाला। दिसंबर 2018 में कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार ने एएन उपध्याय को हटाकर डीएम अवस्थी को डीजीपी बनाया। इस पद पर वे करीब तीन साल रहे। फिर उन्हें पुलिस प्रशिक्षण का डायरेक्टर बनाया गया। तीन महीने पहले उन्हें ईओडब्लू और एसीबी का डायरेक्टर बनाया गया था।

  • महापौर ऐजाज ढेबर के घर ED की दबिश, बंगले के बाहर बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद, ढोल बजाकर किया प्रदर्शन

    महापौर ऐजाज ढेबर के घर ED की दबिश, बंगले के बाहर बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद, ढोल बजाकर किया प्रदर्शन

    प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को कांग्रेस नेता, अधिकारी और शराब कारोबारी के ठिकानों पर छापा मारा है. इस कड़ी में ईडी की टीम रायपुर महापौर एजाज ढेबार के बंगले पहुंची है. इसकी सूचना मिलते ही बंगले के बाहर महापौर के समर्थकों की भीड़ जुट गई है. समर्थकों ने ढोल बजाकर प्रदर्शन किया. इसके अलावा बंगले के समने विधायक विकास उपाध्याय, सभापति प्रमोद दुबे, पार्षद आकाश तिवारी, सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और समर्थक मौजूद रहे।

  • भाभी की जगह परीक्षा देने आई ननद को पकड़ा….

    भाभी की जगह परीक्षा देने आई ननद को पकड़ा….

    रतनगढ़। गांव खुडेरा बड़ा राउमावि में गुरुवार को 10वीं की बोर्ड परीक्षा के दौरान भाभी की जगह पेपर देने आई ननद को पकड़ा गया। केंद्राधीक्षक की रिपोर्ट पर थाने में मामलार्ज दर्ज हुआ। जानकारी के अनुसार खुडेरा बड़ा के राउमावि के केंद्र पर रतनसरा के निजी स्कूल की नियमित विद्यार्थी के रूप में एक महिला परीक्षार्थी पंजीकृत थी। उक्त परीक्षार्थी के स्थान पर उसकी नाबालिग ननद परीक्षा देने केंद्र पर आ गई।

    वीक्षक ने प्रवेश पत्र की जांच की, फोटो अस्पष्ट होने से डमी कंडीडेट का पता नहीं चला। इसके बाद उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर करवाकर फोटो का मिलान किया। संदेह होने पर वीक्षक कुसुम राणी ने छात्रा से पूछताछ की। छात्रा संतोषजनक जबाब नहीं दे पाई। इसके बाद दस्तावेजों की जांच की तो सच सामने आया।

    केंद्राधीक्षक शक्ति सिंह राठौड़ ने उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया और थाने में लिखित में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में बताया कि मालपुर गांव की एक छात्रा के स्थान पर उसकी ननद परीक्षा देने केंद्र पर पहुंची थी, जो जांच के दौरान पकड़ी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर उक्त फर्जी छात्रा को निरुद्ध किया।

  • छुट्टी के दिन भी खुले रहेंगे रजिस्ट्री कार्यालय, जारी हुआ निर्देश…

    छुट्टी के दिन भी खुले रहेंगे रजिस्ट्री कार्यालय, जारी हुआ निर्देश…

    पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग, अधीनस्थ पंजीयन कार्यालयों के माध्यम से दस्तावेजों का पंजीयन भारतीय स्टाम्प अधिनियम एवं पंजीयन अधिनियम के प्रावधानों के तहत् करते हुए स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क के रूप में राज्य के लिए शासकीय राजस्व अर्जन करने वाला एक महत्वपूर्ण विभाग है। वित्तीय वर्ष 2022-23 के अंतिम माह पूर्ण होने में कुछ ही दिन शेष है, तथा मार्च माह में शासकीय अवकाश के क्रमशः 18 मार्च, 19 मार्च, 25 मार्च, 26 मार्च और 30 मार्च 2023 (रामनवमी) कुल पांच दिवस शामिल है। 

    उक्त अवकाश के दिवस में पंजीयन कार्यालय बंद रहने से दस्तावेजों का पंजीयन कार्य प्रभावित होगा, जिससे शासकीय राजस्व अर्जन का भी प्रभावित होना स्वाभाविक है। अतः जनसुविधा एवं शासकीय राजस्व संग्रहण को ध्यान में रखते हुए उक्त अवकाश के दिवस में भी पंजीयन कार्यालय चालू रखा जाकर नियमित रूप से पंजीयन कार्य कराया जाएगा। तद्संबंध में दस्तावेजो के पंजीयन हेतु पंजीयन कार्यालय खोले जाने के संबंध में, स्टाम्प की आपूर्ति बनाये रखने तथा बैंको में 31 मार्च 2023 तक शासकीय लेन देन को जारी रखने कहा गया है।

  • राहुल गांधी फंसे बलात्कार पीड़िता मामले में….

    राहुल गांधी फंसे बलात्कार पीड़िता मामले में….

    कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी को दिल्ली पुलिस ने नोटिस भेजा है। उनसे उन महिलाओं के बारे में जानकारी माँगी गई है, जिन्होंने कथित तौर पर उनसे यौन उत्पीड़न की बात कहते हुए सुरक्षा माँगी थी। दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पोस्ट और बयानों के आधार पर कॉन्ग्रेस नेता को सवालों की एक सूची भी भेजी है।

    दरअसल, भारत जोड़ो यात्रा के अंतिम चरण में कॉन्ग्रेस सांसद ने जम्मू कश्मीर में महिलाओं के यौन उत्पीड़न को लेकर बयान दिया था। राहुल गाँधी ने श्रीनगर में कहा था कि उन्होंने महिलाओं के यौन उत्पीड़न के बारे में सुना है। उन्होंने कहा था, “एक बलात्कार पीड़िता ने मुझसे मुलाकात की। वह लड़की अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित थी। मैंने उससे कहा क्या हम पुलिस से शिकायत करें? लड़की ने यह कहते हुए शिकायत करने से मना कर दिया कि उसे शर्मिंदगी का सामना करना होगा।”

    दिल्ली पुलिस ने इस बयान के आधार पर यौन उत्पीड़न का शिकार महिलाओं की जानकारी माँगी है ताकि उन तक मदद पहुँचाई जा सके। नोटिस देने के लिए दिल्ली पुलिस की टीम राहुल गाँधी के घर गई थी।

    राहुल गाँधी को यह नोटिस ऐसे वक्त में मिला है जब विदेश में दिए गए बयानों को लेकर वे विवादों में घिरे हैं। इसको लेकर गुरुवार (16 मार्च 2023) को उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित किया। इस दौरान कहा कि एक सांसद के तौर पर उनकी जिम्मेदारी है कि वे अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों का जवाब संसद में दें।

    बता दें इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गाँधी ने कहा था कि वे दुर्भाग्य से सांसद हैं। इसके बाद कॉन्ग्रेस नेता जयराम रमेश ने उन्हें टोका था। फिर सुधार करते हुए राहुल गाँधी ने कहा, “मैं पार्लियामेंट गया और स्पीकर से कहा कि मुझ पर चार मंत्रियों ने आरोप लगाया है। इस पर मैं जवाब देना चाहता हूँ। …क्लियरिटी नहीं है, मगर मुझे नहीं लगता कि मुझे बोलने देंगे। मैं होपफुल (आशान्वित) हूँ कि कल मुझे बोलने देंगे।”

    दरअसल, राहुल गाँधी ने कैम्ब्रिज में अपने संबोधन के दौरान अपने ही देश पर कीचड़ उछाला था। उन्होंने आरोप लगाया था कि संसद में विपक्षी नेताओं को बोलने नहीं दिया जाता। उनकी माइक बंद कर दी जाती है। राहुल ने आरोप लगाया था कि भारत में सिखों और मुस्लिमों को दोयम दर्जे का नागरिक बना दिया गया है।

    राहुल गाँधी के इन बयानों के बाद से ही भाजपा उनपर हमलावर है। एक पहले ही केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गाँधी पर हमला बोला। स्मृति ईरानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए उनका द्वेष अब भारत द्वेष में बदल चुका है। उन्होंने कहा था कि कॉन्ग्रेस नेता ने ऐसे देश में जाकर विदेशी ताकतों का आह्वान किया, जिनका इतिहास भारत को गुलाम बनाने का रहा है।

  • 19 मार्च को होगा भव्य भगवान परशुराम जी की मूर्ति का अनावरण….

    19 मार्च को होगा भव्य भगवान परशुराम जी की मूर्ति का अनावरण….

    खरसिया नगर के हृदय स्थल भगवान परशुराम चौक में नगर पालिका परिषद खरसिया के अध्यक्ष राधा सुनील शर्मा के मद से निर्मित स्थल एवं गार्डनतथा सर्व ब्राह्मण समाज के सहयोग से स्थापित भगवान परशुराम जी की मूर्ति का अनावरण छत्तीसगढ़ के कोने-कोने से आए भी विप्र जनों की उपस्थिति में 19 मार्च रविवार को शाम 4:00 बजे होगा कार्यक्रम अध्यक्ष गोपाल शर्मा ने बताया कि नगर पालिका अध्यक्ष राधा सुनील शर्मा ने बैठक कर उक्त स्थल को भगवान परशुराम जी की मूर्ति स्थापना के लिए स्मारक एवं गार्डन के रूप में नगर पालिका परिषद में पास करा कर अपनी अध्यक्ष निधि से उक्ति स्मारक स्थल एवं गार्डन का निर्माण करवाया तथा सर्व ब्राह्मण समाज द्वारा उक्त स्थल पर अपने सहयोग से मूर्ति स्थापना की गई है नगर पालिका परिषद द्वारा ओके स्थल का नामकरण भगवान परशुराम चौक के रूप में किया गया है।

    समाज के लिए गौरवशाली उक्त स्थल में स्थापित भगवान परशुराम जी की मूर्ति का अनावरण खरसिया क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक एवं उच्च शिक्षा मंत्री माननीय उमेश पटेल के मुख्य आतिथ्य में एवं वरिष्ठ विधायक रायपुर ग्रामीण के माननीय सतनारायण शर्मा जी संसदीय सचिव विकास उपाध्याय जी विधायक शिवरतन शर्मा जी विधायक प्रमोद शर्मा जी विधायक शैलेश पांडे जी एवं परम पूज्य महाराज श्री अग्निशिखा जी के विशिष्ट अतिथि में एवं नगर पालिका अध्यक्ष राधा सुनील शर्मा की अध्यक्षता में 19 मार्च रविवार को शाम 4:00 बजे संपन्न होगा कार्यक्रम में विशेष रूप से विप्र फाउंडेशन के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र शर्मा रायपुर ब्राह्मण समाज के पंडित चरण शर्मा बिलासपुर ब्राह्मण समाज के पंडित हरिदत्त शर्मा किरोड़ीमल नगर के मनीष शर्मा ब्राह्मण समाज की राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष सोनाली शर्मा प्रदेश अध्यक्ष ममता पुजारीअपनी पूरी टीम के साथ विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे गोपाल शर्मा ने बताया कि परशुराम चौक पर ब्राह्मण समाज के इंजीनियर अनूप शर्मा द्वारा भव्य और सुंदर ढंग से स्मारक स्थल एवं गार्डन तैयार किया गया है समाज के युवाओं द्वारा बड़े बुजुर्गों के आशीर्वाद से कार्यक्रम को यादगार बनाने अपने अपने स्तर पर तैयारी में जुटे हुए हैं प्रस्तावित परशुराम भगवान स्थल से 19 मार्च दोपहर 3:00 बजे शोभा यात्रा प्रारंभ होगी जिसमें छत्तीसगढ़ के कोने-कोने से आए विप्र समाज के लोगों के साथ खरसिया सदा आसपास के क्षेत्रों के विप्र जन महिलाएं पुरुष भारी संख्या में शामिल होगी शोभायात्रा में आकर्षक करमा नृत्य धमाल ढोल ताशे के साथ परशुराम स्मारक स्थल पहुंचेगी जहां मुख्य अतिथि अभिषेक सजनों तथा ब्राह्मण समाज के लोगों की उपस्थिति में भगवान परशुराम जी की मूर्ति का अनावरण होगा रात्रि में ब्राह्मण समाज खरसिया द्वारा भंडारा का आयोजन स्थानीय कन्या विवाह भवन में किया गया है कार्यक्रम को यादगार एवं आकर्षक बनाने समाज के युवा जूते हुए हैं प्रस्तावित परशुराम भवन से स्मारक स्थल तक बैनर पोस्टर एवं बैलून से मार्ग को सजाया जाएगा ब्राह्मण समाज के वरिष्ठ जनों के मार्गदर्शक एवं आशीर्वाद से युवा टीम के संदेश शर्मा रजत शर्मा राधेश्याम शर्मा हरीश शर्मा संजय शर्मा निखिल शर्मा गुड्डू किट्टू शर्मा लोकेश शर्मा अभय शर्मा बीजू शर्मा शिवम शर्मा काशी बंटी शर्मा शिवम शर्मा kc तथा समाज के अन्य साथी अपने अपने स्तर पर कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटे हुए हैं नगर पालिका अध्यक्ष राधा सुनील शर्मा एवं कार्यक्रम अध्यक्ष गोपाल शर्मा ने सभी भी परिजनों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।

  • DMF की राशि के खर्च की विधानसभा में दी गलत जानकारी.. करोड़ों की खरीदी में भी गड़बड़ी हुई उजागर, जांच के निर्देश

    DMF की राशि के खर्च की विधानसभा में दी गलत जानकारी.. करोड़ों की खरीदी में भी गड़बड़ी हुई उजागर, जांच के निर्देश

    रायपुर। पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कोरबा में DMF की रकम से महिला एवं बाल विकास विभाग में खर्च किये गए करोड़ों रुपयों का हिसाब एक नहीं दो-दो बार मांगा। मजे की बात यह है कि इस जिले से एक ही जानकारी दो बार में अलग-अलग दी गई और इसमें लगभग 5 करोड़ रूपये का अंतर आया। अब यह बात सामने आ रही है कि 3 साल के भीतर यहां लगभग 50 करोड़ रूपये की खरीदी की गई और इसमें भंडार क्रय नियम का पूरी तरह उल्लंघन किया गया है। इस मामले की जांच में हो रही देरी के चलते विभाग की संचालक दिव्या उमेश मिश्रा को कलेक्टर, कोरबा को रिमाइंडर भेजना पड़ रहा है।

    हुआ यूं कि विधानसभा के होने वाले सत्र के लिए भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कोरबा सहित कुछ अन्य जिलों में जिला खनिज न्यास ट्रस्ट (DMFT) से महिला एवं बाल विकास विभाग में हुए खर्च और उससे संबंधित समस्त जानकारी वर्षवार मांगी थी। विभाग की संचालक दिव्या उमेश मिश्रा द्वारा इस संबंध में कोरबा कलेक्टर संजीव झा को 24 जनवरी 2023 को प्रेषित पत्र में बताया गया है कि वित्तीय वर्ष 2020 -21 से लेकर 2022 -23 के DMF की रकम के खर्च की जानकारी दो बार में भेजी गई है, उसमें 2020 -21और 2021 -22 की रकम में काफी अंतर है। अगर अंतर की राशि को जोड़ा जाये तो यह 5 करोड़ 29 लाख 62 हजार रूपये होती है। बता दें कि विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने विधानसभा में तारांकित प्रश्न क्रमांक 599 और 650 के माध्यम से संबंधित सवाल पूछा था। और इसके जवाब में दो वित्तीय वर्ष की राशि की जानकारी अलग-अलग भेजी गई है। संचालक ने इस बिंदु की जांच के लिए कलेक्टर को लिखा है।

    भंडार क्रय नियम का पालन नहीं

    कलेक्टर को प्रेषित पत्र में यह भी जानकारी दी गई है कि DMF मद से पूरक पोषण आहार अंडा/केला/लड्डू अदि की खरीदी में भंडार क्रय नियम का पालन नहीं किया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक दिव्या मिश्रा ने अपने स्तर पर कोरबा में हुई खरीदी के दस्तावेजों का परीक्षण किया और पत्र में इस बात का उल्लेख किया है कि खरीदी की प्रक्रिया में अनियमितता बरती गई है। पोषक आहार के साथ ही विभिन्न सामग्रियों की खरीदी जेम पोर्टल से की गई है, मगर दस्तावेजों का अवलोकन करने पर पाया गया है कि खरीदी प्रक्रिया में भंडार क्रय नियमों का पालन ही नहीं किया गया है।

    छिपाई गई हैं जानकारियां

    संचालक ने पत्र में इस बात का भी उल्लेख किया है कि कोरबा में कई सामग्रियों की खरीदी कोटेशन के माध्यम से की गई है, जबकि सामग्री क्रय की प्रक्रिया में CSIDC और जेम टेंडर से क्रय किये जाने का उल्लेख किया गया है। वहीं अधिकांश कार्य में सामग्री की मात्रा/हितग्राही की संख्या तथा दर का उल्लेख भी नहीं है। जबकि विधानसभा के प्रश्न में सामग्री की मात्रा और दर की जानकारी भी चाही गई है। महिला एवं विकास विभाग कोरबा में DMF की रकम से हुई खरीदी में तमाम खामियां गिनाते हुए सभी का समुचित परीक्षण कर कलेक्टर को स्वयं के हस्ताक्षर से जानकारी प्रेषित करने को कहा गया था।

    ये अधिकारी रहे पदस्थ…

    महिला एवं बाल विकास विभाग, कोरबा में जिन वर्षों में DMF की राशि में गड़बड़ी की जानकारी सामने आ रही है उस दौरान यहां जिला कार्यक्रम अधिकारी के बतौर आनंद प्रकाश किस्पोट्टा, एमडी नायक (अब रिटायर हो चुके) और गजेंद्र देव सिंह पदस्थ रहे। वर्तमान में यहां प्रीति चाखियार पदस्थ हैं। TRP न्यूज़ से अनौपचारिक चर्चा में एक अधिकारी ने कहा कि संचालक ने गड़बड़ी की केवल आशंका जताई है, जांच में सब कुछ उजागर हो जायेगा। वैसे भी खरीदी के लिए पूरी समिति होती है, ऐसे में गड़बड़ी की सभावना नहीं है।

    रिमाइंडर में कार्यवाही का प्रस्ताव भेजने के निर्देश

    महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक द्वारा 24 फ़रवरी के पत्र में कलेक्टर को वस्तुस्थिति की जानकारी भेजने को कहा गया था, मगर महीना भर निकलने के बावजूद कोरबा कलेक्टर से कोई भी पत्र नहीं मिला, जिसके चलते संचालक दिव्या मिश्रा ने 24 फ़रवरी को रिमाइंडर भेजा और इस बार संबंधित गड़बड़ियों में उत्तरदायी अधिकारियों के खिलाफ सिविल सेवा आचरण नियमों के अधीन कार्यवाही का प्रस्ताव एक सप्ताह के अंदर भेजने का निर्देश दिया गया है। साथ ही यह भी कहा गया कि एक सप्ताह के भीतर प्रस्ताव एवं सुसंगत दस्तावेज विशेष वाहक के हस्ते प्रेषित करें।

    इस मामले को लेकर कोरबा कलेक्टर संजीव झा का पक्ष लेने का प्रयास किया गया मगर उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। बता दें कि एक दिन पहले ही संचालक का पत्र मीडिया के हाथ लगा और यह मामला उजागर हुआ, मगर इस संबंध में कोरबा के महिला एवं बल विकास विभागीय और प्रशासनिक अधिकारी कोई भी जानकारी देने को तैयार नहीं हैं। हालाँकि विभाग के ऊपर समय-समय पर यह आरोप लगते रहे हैं मगर पूरा तंत्र मिला हुआ है, इसलिए जिले में पदस्थ रहे किसी भी मुखिया ने जाँच में कोई रूचि नहीं दिखाई। इस बार मामला विधानसभा और भाजपा के कद्दावर विधायक बृजमोहन अग्रवाल द्वारा किये गए सवाल से जुड़ हुआ है, इसलिए उम्मीद की जा रही है कि जांच के साथ कठोर कार्रवाई भी होगी।

    संचालक द्वारा कलेक्टर को प्रेषित पत्र :

  • हाइकोर्ट ने महिलाओ के 100% आरक्षण को असंवैधानिक माना एवं चिकित्सा शिक्षा (राजपत्रित) सेवा भर्ती नियम 2013 की अनुसूची-3 में निर्धारित आक्षेपित नोट-2 एवं पीएससी द्वारा जारी विज्ञापन 2021 की कंडिका-5 को निरस्त किया

    हाइकोर्ट ने महिलाओ के 100% आरक्षण को असंवैधानिक माना एवं चिकित्सा शिक्षा (राजपत्रित) सेवा भर्ती नियम 2013 की अनुसूची-3 में निर्धारित आक्षेपित नोट-2 एवं पीएससी द्वारा जारी विज्ञापन 2021 की कंडिका-5 को निरस्त किया

    छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग रायपुर द्वारा दिनांक 08.12.2021 को शासकीय नर्सिंग महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक एवं प्रदर्शक के 91 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था, विज्ञापन के कंडिका 5 में केवल महिला अभ्यर्थियों को पात्र माना था एवं केवल महिला अभ्यर्थी ही आवेदन कर सकते है|
    जून 2013 में छत्तीसगढ़ चिकिस्ता शिक्षा (राजपत्रित) सेवा भर्ती नियम 2013 प्रकाशित किया गया था, जिसकी अनुसूची तीन में शासकीय नर्सिंग महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक एवं प्रदर्शक के पद के लिए केवल महिलाओ को पात्र माना गया था|
    याचिकाकर्ता के अधिवक्ता घनश्याम कश्यप और नेल्सन पन्ना ने अभय कुमार एक्का एवं अन्य ने छत्तीसगढ़ चिकित्सा शिक्षा (राजपत्रित) सेवा भर्ती नियम 2013 की अनुसूची-3 में निर्धारित आक्षेपित नोट-2 एवं छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग रायपुर द्वारा विभिन्न विषयों में सहायक प्राध्यापक (नर्सिंग) एवं डेमोंस्ट्रेटर के विभिन्न पदों हेतु आक्षेपित विज्ञापन दिनांक 08.12.2021 की वैधता और संवैधानिक वैधता को अधिवक्ता घनश्याम कश्यप एवं नेल्सन पन्ना के माध्यम माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में चुनौती दी, कि नोट-2 नर्सिंग कॉलेजों में डेमोंस्ट्रेटर और असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों के लिए केवल महिला उम्मीदवार सेवा में सीधी भर्ती के लिए पात्र होंगी, जो भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन है। याचिका की सुनवाई 13 जनवरी 2022 को माननीय उच्च न्यायालय की डिवीज़न बेंच ने इस याचिका की सुनवाई करते हुवे विज्ञापन में की जाने वाली समस्त भर्ती प्रक्रियाओं को आगामी सुनवाई तक स्थगित कर दिया और शासन को जवाब प्रस्तुत करने निर्देश दिया|

    याचिकाकर्ताओं के पास डेमोंस्ट्रेटर नर्सिंग एवं असिस्टेंट प्रोफेसर नर्सिंग के पद के लिए विज्ञापन में निर्धारित अपेक्षित शैक्षिक योग्यता है, लेकिन छत्तीसगढ़ चिकित्सा शिक्षा (राजपत्रित) सेवा भर्ती नियम 2013 की अनुसूची-3 में निर्धारित आक्षेपित नोट-2 एवं विज्ञापन के कंडिया-5 के कारण फॉर्म नहीं भर सके, याचिकाकर्ताओं ने बीएससी के रूप में अपनी स्नातक एवं स्नातकोत्तर नर्सिंग परीक्षा पूरी की। याचिकाकर्ताओं के पास तीन साल का क्लिनिकल अनुभव है और छत्तीसगढ़ राज्य नर्सिंग काउंसिल से पंजीकृत भी हैं।

    नियम, 2013 के अनुसार डेमोंस्ट्रेटर का 50% पद सीधी भर्ती द्वारा और 50% स्टाफ नर्स/नर्सिंग सिस्टर/सहायक नर्सिंग अधीक्षक के पद से पदोन्नति द्वारा भरा जाना है। और सहायक प्रोफेसर का पद 75% सीधी भर्ती द्वारा है और 25% पद प्रोन्नति द्वारा डेमोंस्ट्रेटर के पद से भरा जाना है। और एसोसिएट प्रोफेसर का पद सहायक प्रोफेसर के पद से 100% प्रोन्नति पद है। और प्रोफेसर का पद एसोसिएट प्रोफेसर के पद से 100% प्रमोशनल पद है। तथा प्राचार्य का पद प्रोफेसर के पद से 100% प्रोन्नति पद है, जो नर्सिंग कॉलेजों में महिलाओं के लिए सरकारी रोजगार में 100% आरक्षण है, जो भारत के संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 16 का उल्लंघन है।

    बीएससी में पुरुष अभ्यर्थियों के प्रवेश पर कोई प्रतिबंध नहीं है। नर्सिंग कोर्स और एम.एससी। नर्सिंग पाठ्यक्रम, विशेषता में स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम पुरुष और महिला दोनों उम्मीदवारों के लिए बिना किसी आरक्षण के खुला है, इस प्रकार डेमोंस्ट्रेटर, सहायक प्रोफेसर और नर्सिंग में प्रिंसिपल के पद के लिए महिला उम्मीदवारों के पक्ष में 100% आरक्षण असंवैधानिक, अवैध, तर्कहीन है और भारत के संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 16 का उल्लंघन करता है।
    याचिका की सुनवाई माननीय मुख्य न्यायाधीश श्री अरूप कुमार गोस्वामी एवं माननीय न्यायाधीश श्री नरेंद्र कुमार व्यास जी की युगलपीठ में हुई, माननीय उच्च न्यायालय ने 09 मार्च 2023 को याचिका का अंतिम फैसाल सुनाया, जिसमे माननीय युगलपीठ ने महिलाओ के प्रति 100% आरक्षण को असंवैधानिक बताया और छत्तीसगढ़ चिकित्सा शिक्षा (राजपत्रित) सेवा भर्ती नियम 2013 की अनुसूची-3 में निर्धारित आक्षेपित नोट-2 एवं छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग रायपुर द्वारा जारी विज्ञापन दिनांक 08.12.2021 की कंडिका-5 जिसमे सहायक प्राध्यापक (नर्सिंग) एवं डेमोंस्ट्रेटर (नर्सिंग) के पद के लिए सिर्फ महिला अभ्यर्थी को पात्र माना था उसे माननीय युगलपीठ ने असंवैधानिक मानते हुवे भर्ती नियम एवं विज्ञापन की कंडिया-5 को निरस्त कर दिया है।

  • हिरासत और गिरफ्तारी में क्या अंतर है और क्या होती है न्यायिक कस्टडी…

    हिरासत और गिरफ्तारी में क्या अंतर है और क्या होती है न्यायिक कस्टडी…

    ऐसे मामले सामने आते रहते हैं जब किसी मामले में किसी आरोपी को न्यायिक हिरासत दी जाती है और किसी को पुलिस हिरासत. कहीं गिरफ्तारी होती है और कहीं हिरासत. अगर आपको भी लगता है कि दोनों एक ही बात हैं तो ऐसा नहीं है.

    क्या होती है कस्टडी

    कस्टडी का मतलब है हिरासत यानि सुरक्षात्मक देखभाल के लिए किसी को पकड़ना. हिरासत और गिरफ्तारी तकनीक तौर पर अलग हैं. हर गिरफ्तारी में हिरासत होती है, लेकिन हर हिरासत में गिरफ्तारी नहीं होती है. किसी व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाता है यदि वह अपराध करने का दोषी हो या उस पर संदेह हो. लेकिन हिरासत का मतलब उसे अस्थायी रूप से जेल में रखना होता है.

    कस्टडी दो तरह की होती है

    •  पुलिस कस्टडी
    •  ज्यूडिशियल कस्टडी

    कस्टडी में क्या होता है

    कस्टडी में अब पुलिस या सरकारी एजेंसियां किसी व्यक्ति को अपने साथ ले जाती हैं. किसी जगह पर रखती हैं. उससे पूछताछ करती हैं. हालांकि कानून के अनुसार किसी भी व्यक्ति हिरासत में 05 दिनों से ज्यादा नहीं रखा जा सकता. ऐसे में सरकारी एजेंसियों को कोर्ट में उस व्यक्ति को पेश करना होता है और हिरासत की अवधि बढ़वानी होती है, जैसी अभी सीबीआई ने स्पेशल कोर्ट में जाकर मनीष सिसोदिया मामले में किया है. उसने अदालत में तर्क दिया कि सिसोदिया पूछताछ में सहयोगी नहीं कर रहे हैं लिहाजा हिरासत की अवधि को बढ़ा दिया जाए.
    सीबीआई की अपील से स्पेशल कोर्ट सहमत लगी और उसने न्यायिक हिरासत को दो हफ्ते के लिए बढ़ा दिया. अब सिसोदिया से न्यायिक हिरासत की अवधि में पूछताछ की जाएगी. वैसे हिरासत भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत व्यक्तिगत आजादी के अधिकार पर सीधा हमला है.

    पुलिस कस्टडी या पुलिस हिरासत में क्या होता है

    पुलिस कस्टडी के दौरान आरोपी से अपराध के बारे में पूछताछ या जांच-पड़ताल की जाती है. पुलिस हिरासत के दौरान पुलिसआरोपी को घटनास्थल पर ले जाती है. जांच में मिलने वाले सबूतों को कब्जे में ले लेती है. गिरफ्तारी के 24 घंटे के भीतर आरोपी को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने का नियम है जो कि CRPC की धारा 167 के तहत है. मजिस्ट्रेट यह फैसला करते हैं कि आगे की जांच या पूछताछ की आवश्यकता है या नहीं. मजिस्ट्रेट आरोपी को 15 दिनों के लिए पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दे सकते हैं. गंभीरता और प्रत्येक मामले की परिस्थितियों के आधार पर इसे 30 दिनों तक बढ़ाया जा सकता है.वह पुलिस हिरासत से ज्यूडिशियल हिरासत में बदलने का आदेश भी दे सकते हैं.

    ज्यूडिशियल कस्टडी (न्यायिक हिरासत)

    जब किसी व्यक्ति को मजिस्ट्रेट द्वारा हिरासत में रखा जाता है तो इसे ज्यूडिशियल कस्टडी कहा जाता है. मजिस्ट्रेट के आदेश पर ही आरोपी को निश्चित अवधि के लिए जेल में रखा जाता है. आरोपी या संदिग्ध आरोपी मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी बन जाता है. उसे जनता की नजरों से दूर रखा जाता है ताकि उसे जनता या समाज के किसी वर्ग द्वारा किसी भी तरह के दुर्व्यवहार या उत्पीड़न से बचाया जा सके. यदि कोई व्यक्ति न्यायिक हिरासत में है और जांच अभी भी चल रही है तो पुलिस को 60 दिनों के भीतर आरोप पत्र दायर करना होता है.

    क्या होता है पुलिस हिरासत और न्यायिक हिरासत में अंतर

    – पुलिस कस्टडी में आरोपी को पुलिस थाने में रखा जाता है. न्यायिक हिरासत में आरोपी को जेल में रखा जाता है.
    – पुलिस कस्टडी की अवधि 24घंटे की होती है जबकि न्यायिक हिरासत में ऐसी कोई अवधि नहीं होती है, वो कोर्ट तय करता है.
    – पुलिस कस्टडी में रखे आरोपी को 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना होता है. न्यायिक हिरासत में आरोपी को तब तक जेल में रखा जाता है जब तक कि उसके खिलाफ मामला अदालत में चल रहा हो या अदालत उसे जमानत ना दे.
    – पुलिस कस्टडी में पुलिस आरोपी को मार-पीट सकती है ताकि वह अपना अपराध कबूल कर ले, लेकिन अगर आरोपी सीधे कोर्ट में हाजिर हो जाता है तो उसे सीधे जेल भेज दिया जाता है और वह पुलिस की पिटाई से बच जाता है. यदि पुलिस को किसी तरह की पूछताछ करनी हो तो सबसे पहले न्यायाधीश से आज्ञा लेनी पड़ती है.
    – पुलिस कस्टडी पुलिस द्वारा प्रदान की जाने वाली सुरक्षा के अंतर्गत आती है, जबकि न्यायिक कस्टडी में आरोपी न्यायाधीश की सुरक्षा के अंतर्गत आता है.
    – पुलिस कस्टडी हत्या, लूट, चोरी इत्यादि के लिए की जाती है और न्यायिक हिरासत में पुलिस कस्टडी आमतौर पर भ्रष्टाचार, फ्राड, कर चोरी जैसे मामलों में पूछताछ के लिए की जाती है.

    Disclaimer :- यह न्यूज़ वेबसाइट पर मिली जानकारी के अनुसार बनाई गई है। प्रज्ञा छत्तीसगढ़ अपनी तरफ से इसकी पुष्टि नही करता है।

  • धूमधाम से मनाया गया होली का पर्व,लोगों ने एक दूसरे को रंग गुलाल लगाकर दी बधाई….

    धूमधाम से मनाया गया होली का पर्व,लोगों ने एक दूसरे को रंग गुलाल लगाकर दी बधाई….


    खरसिया। होली का पर्व शहर में बड़ी धूमधाम के साथ मनाया गया लोगों ने एक दूसरे को रंग गुलाल लगाकर होली पर्व की बधाई दी l होली के दिन सुबह से ही हर वर्ग के लोग अपने अपने घरों से निकल होली के रंगों में जमकर आनंद उठाते हुए नजर आए हर मोहल्ले में होली के गीत बज रहे थे और लोग अपने अपने तरीके से इस पर्व को मना रहे थे।
    पुरातन परम्पराओं के अनुसार नगर में इस बार भी अलग अलग जगह होलिका दहन किया गया, जिसमें प्रमुख रूप से टाउन हॉल मैंदान में सभी नगरवासियों ने भक्त प्रहलाद का जयकारा करते हुए भगवान से खरसिया नगर की सुख समृद्धि की मंगल कामना की तो वही दिन भर नगर की महिलाओं और बच्चों का उत्साह भी खरसिया के टाउनहॉल मैदान में देखने को मिल रहा था नगर की महिलाओं द्वारा गोबर से बने कंडे और माला नुमा आकार के कंडे को चढ़ाया गया। विदित हो कि होली पर्व को लेकर सप्ताह भर पहले से ही शहर में रंग पिचकारी की दुकानें सज चुकी थी शहर के मुख्य मोहल्लों में होलिका दहन की भी तैयारी हो चुकी थी और होलिका दहन के दिन सुबह से ही महिलाएं पूरी विधि विधान के साथ पूजा अर्चना कर रही थी इसके बाद रात करीब 1 बजे होलिका दहन किया गया फिर अगली सुबह से लोगों के द्वारा बड़ी धूमधाम से होली का त्यौहार मनाना शुरू हो गया सुबह से हर मोहल्लों में होली के रंग में नजर आ रहे थे तो कई मोहल्लों में होली पर्व मनाने के लिए विशेष तैयारियां की गई थी ऐसे में पूरा शहर होली के रंगों में डूब गया था वहीं इस दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना घटित ना हो इसके लिए खरसिया पुलिस के नगर निरीक्षक नंद किशोर गौतम के द्वारा विशेष व्यवस्था की गई थी लेकिन इस बार की होली में चौकी पुलिस की लापरवाही साफ दिखी। शांति समिति की बैठक में आश्वासन देने के बाद भी इस बार चौंक चौराहों पर चौंकी के जवान मुस्तैद नहीं दिखे। पुलिस के जवानों का ध्यान इस बार चौंक में खड़े होकर अपनी फोटो लेकर ग्रुप में डालने में ज्यादा रहा शायद इसी का परिणाम रहा कि इस बार होली में पुलिस चौकी के पास के पेट्रोल पंप में तथा नगर के व्यस्त सुभाष चौक में दोपहर तथा रात को असामाजिक तत्वों के द्वारा मारपीट की घटनाओं को अंजाम दिया गया वहीं शराब पीकर बेख़ौफ़ बाइकर्स नगर की सड़कों पर फर्राटे से ओव्हर स्पीड में बाइक दौड़ाते देखे गए। लेकिन ऐसे में भी किसी प्रकार की कोई बड़ी घटना घटित नहीं हुई और नगरवासियों ने शांतिपूर्ण ढ़ंग से रंगों और उल्लास के इस पर्व को मनाया।

    होली मिलन समारोह का हुआ आयोजन

    रंगों के इस महापर्व के दिन नगर में अनेक स्थानों पर होली मिलन समारोह का भी आयोजन किया गया था जिसमे प्रमुख रूप से प्रेस क्लब सचिव सुनील अग्रवाल के द्वारा अपने निवास में, शिव परिवार के द्वारा शिव मंदिर में, नगर पालिका अध्यक्षा श्रीमती राधा सुनील शर्मा के द्वारा अपने निवास में तथा चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स अध्यक्ष रामनारायण उर्फ शंटी सोनी के द्वारा कन्या विवाह भवन में होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया था जिसमे मित्रों, परिजनों, इष्टमित्रों तथा मोहल्लेवासियों ने जलपान का आनंद लिया तथा एक दूसरे को होली की बधाइयां दी। वहीं नगर की धार्मिक संस्था शिव परिवार, श्याम कुटुंब तथा गायत्री परिवार के द्वारा शिव मंदिर, श्याम मंदिर तथा गायत्री मंदिर में भक्तों के द्वारा सूखे रंगों तथा फूलों से होली खेली गई ।