Author: Sunil Agrawal

  • चैतन्य टेक्नो स्कूल में छ़ात्र प्रतिनिधि चुनाव सम्पन्न…

    चैतन्य टेक्नो स्कूल में छ़ात्र प्रतिनिधि चुनाव सम्पन्न…


    खरसिया। चैतन्य टेक्नों स्कूल खरसिया में विद्यालय के प्राचार्य बिश्वजीत सिंह बाबू के मार्गदर्शन में विद्यालय के जोनल पी ई टी नीरज साहू एवं समस्त शिक्षक, शिक्षिकाओं के सहयोग से छात्र प्रतिनिधियों के चुनाव संपन्न हुआ।

    जिसमें हेड गर्ल के रूप में सिमरन अग्रवाल (12 वीं)ए अनुराधा अग्रवाल (12 वीं)ए आरवी अग्रवाल (12 वीं) ने भाग लिया था जिसमें  जिसमें बच्चों के द्वारा सिमरन अग्रवाल (12 वीं) को विजेता चयन किया गया ए हेड बॉय उम्मीदवार के रूप में चाहत अग्रवाल (12 वीं) एवं विश्व मित्तल (12 वीं) खडे़ हुए थ, जिसमें चाहत अग्रवाल (12 वीं) को बच्चों के द्वारा विजेता घोषित किया गयाए एवं डेप्युटी हेड बॉय के लिए दिव्यरंजन नायक (10 वीं) एवं अंश अग्रवाल (9 वीं) उम्मीदवार के रूप में खडे़ हुए थे जिसमें अंश अग्रवाल (9 वीं) को विजेता घोषित किया गया। डेप्युटी हेड गर्ल के लिये  कृतिका  भारद्वाज (9 वीं), स्पोर्ट्स कैप्टन  विवेक साहू (10 वीं), सीसीए कैप्टन  भाग्य अग्रवाल (12 वीं) के रूप में चयन हुआ।


    कक्षा पहली से बारहवीं के छात्र छात्राओं  को चार विभागों में विभाजित किया गया हैं, knights, vikings, spartans तथा samurais जिनके हाउस कैप्टन के रूप में  समृद्धि अग्रवाल (12 वीं)knights, शिवम साहू (12 वीं) vikings, हरि अग्रवाल (12 वीं) spartans, शुभ अग्रवाल (12 वीं) samurais,  का चयन हुआ एवं डेप्युटी हाउस कैप्टन के रूप में पियूष पटेल (9 वीं) vikings, नैतिक प्रहराज (9 वीं) samurais, मानवी राज (9 वीं)knights, तथा रेयांश अली (10 वीं) spartans का चयन हुआ है।  ये चुनाव छात्रों के लिए अपने हितों की रक्षा और उनके अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम हैं।

    छात्र प्रतिनिधि के रूप में  छात्रों की हितों की रक्षा और उनके अधिकारों की सुरक्षा के लिए काम करेंगे छात्र प्रतिनिधियों के चुनाव के अवसर पर स्कूल के प्राचार्य  विश्वजीत सिंह बाबू  ने कहा छात्रों को प्रतिनिधित्व सौंपने से उनमें नेतृत्व और सामर्थ्य का विकास होता हैं और स्कूल के समस्त छात्र अपने हितों की रक्षा के लिए एक आवाज़ प्राप्त करते हैं। छात्र प्रतिनिधियों के चुनाव के परिणाम से छात्रों में उत्साह और एक नई उम्मीद का माहौल हैं। समस्त विजयी छात्र छात्राओं को  चैतन्य टेक्नो स्कूल खरसिया के  समस्त स्टॉफ की तरफ से शुभकामनाएं और इस नए नेतृत्व की शुरुआत के लिए बहुत बहुत बधाई दी गयी।

  • धूम धाम से मनाया गया खरसिया में तीज उत्सव…

    धूम धाम से मनाया गया खरसिया में तीज उत्सव…


    खरसिया। श्रावण तीज के अवसर पर खरसिया राम जानकी मंदिर में ब्राह्मण समाज महिला प्रकोष्ठ के द्वारा तीज उत्सव का कार्यक्रम रखा गया था जिसमे खरसिया नगर की ब्राह्मण समाज की महिलाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।

    विदित हो कि श्रावण शुक्ल पक्ष तृतीया को हरियाली तीज महोत्सव मनाया जाता है इस दिन महिलाएं अपने हाथों में मेहंदी लगाती हैं, हरी चूड़ियां पहनती हैं, और हरे रंग के कपड़ों के साथ सोलह श्रृंगार करती हैं, इस दिन झूले झूलने का भी विशेष महत्व है, विशेष रूप से तो यहां मायके वाले अपनी बेटी के घर में सावन का सिंधारा भी भेजते हैं, वहीं सास अपनी बहुओं को इस दिन विशेष तरह का उपहार देती हैं। तीज महोत्सव के कार्यक्रम में महिलाओं ने झूला झूलते हुए पारंपरिक परिधानों में विभिन्न प्रकार के खेलों का आनंद लिया तथा पारंपरिक पकवानों का भी आनंद लिया। ब्राह्मण समाज महिला प्रकोष्ठ के सदस्यों विमला शर्मा ,संजू  शर्मा ,सरोज शर्मा ,सीमा शर्मा,संगीता शर्मा,स्वेता शर्मा,प्रियंका शर्मा, बबली शर्मा, कोमल शर्मा, मीनू  शर्मा,पल्लवी शर्मा , दीक्षा शर्मा ,सोनम शर्मा, और आकांक्षा शर्मा के विशेष योगदान से यह कार्यक्रम भव्यता पूर्वक संपन्न हुआ।

  • पूजा खेडकर की अफसरी छिनी, भविष्य में भी नहीं बन पाएंगी IAS-IPS, UPSC का बड़ा एक्शन…

    पूजा खेडकर की अफसरी छिनी, भविष्य में भी नहीं बन पाएंगी IAS-IPS, UPSC का बड़ा एक्शन…

    संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर पर एक्शन लेते हुए उनकी अस्थायी उम्मीदवारी को रद्द कर दिया है. इसके अलावा खेडकर पर भविष्य में होने वाली किसी भी परीक्षा में शामिल होने पर रोक लगाई गई है. खेडकर के तमाम दस्तावेजों की जांच के आधार पर यूपीएससी ने खेडकर को सीएसई-2022 नियमों के उल्लंघन करने का दोषी पाया.

    यूपीएससी ने पहले ही इस एक्शन के संकेत दिए थे. हाल ही में यूपीएससी ने पूजा खेडकर के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया था. इस नोटिस पूछा गया था कि क्यों न पूजा खेडकर की सिविल सेवा परीक्षा-2022 की उम्मीदवारी को रद्द किया जाए। यूपीएससी ने इस बाबत एफआईआर भी दर्ज कराई थी.

    15 साल के रिकॉर्ड खंगाले गए

    पूजा खेडकर मामले की जांच के लिए यूपीएससी ने पिछले 15 साल के डेटा की समीक्षा की. इसके बाद सामने आया कि खेडकर का इकलौता केस था जिसमें यह पता नहीं लगाया जा सका कि खेडकर ने कितनी बार यूपीएससी का एग्जाम दिया. क्योंकि उन्होंने हर बार न केवल अपना नाम बल्कि अपने माता-पित नाम भी बदल लिया था. अब भविष्य में ऐसा न हो सके. इसके लिए यूपीएससी एसओपी को और मजबूत करने की तैयारी कर रही है.

    झूठे प्रमाण पत्र पर क्या बोला UPSC

    झूठे प्रमाणपत्र (विशेष रूप से ओबीसी और PWBD श्रेणियां) जमा करने के सवाल पर यूपीएससी ने स्पष्ट किया कि वह केवल प्रमाणपत्रों की प्रारंभिक जांच करता है. यह जांचा जाता है कि क्या प्रमाण पत्र प्राधिकारी द्वारा जारी किया गया है या नहीं., प्रमाण पत्र की तारीख जैसी बुनियादी चीजें ही जांची जाती हैं. यूपीएससी ने स्पष्ट किया कि उम्मीदवारों द्वारा जमा किए गए हजारों प्रमाणपत्रों की सत्यता की जांच करने का उसके पास न तो अधिकार है और न ही साधन.

    कैसे लाइमलाइट में आईं पूजा खेडकर

    दरअसल, पूजा खेडकर अपने शौक और सुविधाओं के लिए चर्चा में आई थीं. पूजा खेडकर पर आरोप लगाया गया कि प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी के रूप में उन्होंने उन सुविधाओं की मांग की, जिनकी वे हकदार नहीं

    थीं. इसके अलावा उन पर एक वरिष्ठ अधिकारी वे चैंबर पर कब्जा करने का भी आरोप है. बताया गया है कि पूजा खेडकर ने अपनी निजी ऑडी कार में लाल बत्ती और ‘महाराष्ट्र सरकार’ के प्लेट लगवाई.

    इसके बाद मामले की जांच की गई तो पता चला कि उन्होंने यूपीएससी में सेलेक्शन पाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का भी इस्तेमाल किया था. इसके बाद उनपर जांच बैठ गई. उनका ट्रांसफर कर दिया गया. माता-पिता पर भी कई आरोप लगे. पूजा की मां का पिस्टल लहराते हुए वीडियो भी वायरल हुआ था.

  • टीआई का दूसरी बार अनुसूचित क्षेत्र में तबादला आदेश निरस्त…

    टीआई का दूसरी बार अनुसूचित क्षेत्र में तबादला आदेश निरस्त…


    बिलासपुर । हाईकोर्ट ने थाना प्रभारी को दोबारा अनूसूचित क्षेत्र में स्थानांतरित करने के मामले में सुनवाई करते हुए याचिका मंजूर कर ली है । प्रशासनिक आदेश रद्द कर विभाग को नियमनुसार कार्रवाई की स्वतंत्रता भी दी है ।
    याचिकाकर्ता विजय कुमार चेलक पुलिस स्टेशन छाल, जिला रायगढ़ के स्टेशन हाउस ऑफिसर के रूप में कार्यरत थे। इनका तबादला जिला सुकमा कर दिया गया। पहले ही वह अनुसूचित जनजातीय क्षेत्र नारायणपुर में पर्याप्त अवधि तक काम कर चुके हैं । एडवोकेट धीरज वानखेड़े ने याचिकाकर्ता का पक्ष रखते कहा कि किसी अन्य जनजातीय क्षेत्र में दूसरी बार स्थानांतरण करना उल्लंघन है और छत्तीसगढ़ पुलिस अधिनियम 2007 की नीति के विपरीत भी है। यह भी कहा कि स्थानांतरण आदेश पारित करते समय इस बात की कोई प्रशासनिक आवश्यकता नहीं दिखाई गई कि, याचिकाकर्ता को फिर से अनुसूचित जनजातीय क्षेत्र में तैनात करने की आवश्यकता क्यों है। रिटर्न में भी यह बात सिरे से गायब है.। कुछ व्यक्तियों के संबंध में स्थानांतरण के आदेश में भी बाद में संशोधन किया गया है।
    जस्टिस सचिन सिंह राजपूत की सिंगल बेंच में सुनवाई हुई । कोर्ट ने कहा कि , प्रासंगिक पुलिस अधिनियम के अवलोकन से यह स्पष्ट होता है कि, प्रशासनिक आवश्यकता के आधार पर कर्मचारी को स्थानांतरित किया जा सकता है, लेकिन जहां तक वर्तमान मामले का संबंध है, विवादित आदेश अनुलग्नक पी-1 में केवल ‘प्रशासनिक आवश्यकता’ शब्द का उल्लेख है, लेकिन याचिकाकर्ता को दूसरी बार अनुसूचित जनजाति क्षेत्र सुकमा में स्थानांतरित करने में क्या प्रशासनिक आवश्यकता थी, इसका उल्लेख नहीं किया गया है। प्रतिवादियों ने भी अपनी ओर से दाखिल रिटर्न में किसी विशिष्ट प्रशासनिक आवश्यकता का खुलासा नहीं किया है। ,इस प्रकार, उपरोक्त के मद्देनजर, ऊपर उल्लिखित प्रासंगिक पुलिस अधिनियम सहित तथ्यात्मक और कानूनी स्थिति पर विचार करते हुए, आरोपित स्थानांतरण आदेश को इस प्रकार से रद्द किया जाता है, जहां तक यह याचिकाकर्ता से संबंधित है। हालांकि, प्रतिवादी सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश और 2007 के प्रासंगिक पुलिस अधिनियम के अनुसार उचित आदेश पारित करने के लिए स्वतंत्र हैं। इन टिप्पणियों के साथ याचिका स्वीकार कर ली गई ।

  • महिला इंस्पेक्टर निलंबित: सरकारी आवास में प्रेमी के साथ मना रही थी रंगरलियां, आशिक की पत्नी ने रंगे हाथों पकड़ा था…

    महिला इंस्पेक्टर निलंबित: सरकारी आवास में प्रेमी के साथ मना रही थी रंगरलियां, आशिक की पत्नी ने रंगे हाथों पकड़ा था…

    आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा में एक महिला इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस कमिश्नर जे रविन्द्र गौड़ ने यह कार्रवाई की है। दरअसल, महिला इंस्पेक्टर सरकारी आवास में एक इंस्पेक्टर के साथ कमरे में पकड़ी गई थी। पुरुष इंस्पेक्टर की पत्नी ने मौके पर रंगे हाथों पकड़ा था। पकड़ने के बाद दोनों प्रेमी इंस्पेक्टरों की जमकर पिटाई कर दी थी। यह पूरा मामला आगरा के रकाबगंज थाने का है।

    जानकारी के मुताबिक, रकाबगंज थाने में पदस्थ इंस्पेक्टर शैली राणा का थाना परिसर में ही सरकारी आवास है। जहां वे अकेले रहती हैं। शनिवार शाम करीब 4 बजे महिला इंस्पेक्टर अपने आशिक के साथ बिस्तर पर न्यूड थी। इसी दौरान दो महिलाएं और कुछ युवक यहां पहुंच गए और सीधा गाली-गलौज करते हुए शैली राणा के आवास के अंदर चले गए। घर के अंदर से एक युवक और महिला इंस्पेक्टर को खींचते हुए बाहर निकाला।

    बताया गया कि युवक भी इंस्पेक्टर है। उसकी तैनाती वर्तमान में मुजफ्फरनगर में है। उसका शैली राणा के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा है। वह मिलने के लिए आया था। इसकी भनक उसके घरवालों को लग गई। इस पर पत्नी, बच्चा और घर के लोग आ धमके और दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके बाद पिटाई कर दी। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। घटना की सूचना मिलते ही DCP सिटी, ACP सदर मौके पर पहुंचे। फिलहाल महिला इंस्पेक्टर शैली राणा को सस्पेंड कर दिया गया है।नोएडा से शुरू हुई थी प्यार की कहानी
    दोनों इंस्पेक्टरों के प्यार की कहानी नोएडा से शुरू हुई थी निरीक्षक शैली राणा आगरा तो पवन कुमार मुजफ्फनगर में तैनात है। दोनों निरीक्षक सरकारी आवास में मिलन कर रहे थे। इस दौरान पुरुष इंस्पेक्टर के परिजनों ने दबिश दी और दोनों को रंगे हाथों पकड़ा। इसके बाद जमकर कुटाई कर दी। इस घटना के बाद उत्तर प्रदेश के पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। नोएडा में भी आपस में पुलिसकर्मी कानाफूसी कर रहे है।

  • आरक्षक निकला शराब का तस्कर..एसपी ने किया निलंबित..

    आरक्षक निकला शराब का तस्कर..एसपी ने किया निलंबित..

    गंभीर शिकायत मिलने व आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहने पर दो पुलिसकर्मियों को बर्खास्त किया गया है। पहला मामला बलौदा बाजार जिले का है। वही दूसरा मामला बिलासपुर जिले का है।

    बलौदाबाजार जिले में आरक्षक वीरेंद्र बघेल के विरुद्ध गंभीर शिकायतें एवं विभागीय नियमावली के विपरीत जाकर कार्य करने के मामले में विभागीय जांच करवा के आरक्षक के खिलाफ अनुशासनहीनता और अपराधिक कृत्य में शामिल होना पाए जाने पर आरक्षक को बर्खास्त किया गया है।

    इसके अलावा बिलासपुर जिले में भी शराब तस्करी में शामिल आरक्षक को बर्खास्त किया गया है। बिलासपुर जिले के सरकंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत पुलिस चौकी में एक कार भारी मात्रा में शराब का परिवहन करते हुए पकड़ाई थी। उक्त कार में आरोपी नवीन बोले उर्फ भज्जी एवं बलराम यादव के के कब्जे से पांच बोरियों में 480 पाव देसी मदिरा कुल 86.400 लीटर अवैध शराब एवं परिवहन में प्रयुक्त कार को जप्त किया गया था। आरोपियों से पूछताछ की जानकारी मिली कि कार सकरी थाने में पदस्थ आरक्षक नीलकमल राजपूत की है। नीलकमल राजपूत के द्वारा ही 45 हजार रुपए देकर शराब मंगवाया गया था। गाड़ी से आरक्षक नीलकमल राजपूत का एसबीआई खाता व चेक बुक, खाकी वर्दी, परिचय पत्र व बलवा ड्रिल का सामान मिला था। पूछताछ में जानकारी लगने पर आरक्षक के खिलाफ भी सरकंडा थाने में अपराध दर्ज किया गया था। जिसे पुलिस अधीक्षक ने तत्काल निलंबित भी कर दिया था। अपराध दर्ज होने की जानकारी के बाद आरक्षक फरार हो गया था।

    आरक्षक के खिलाफ सरकंडा सीएसपी को एसपी ने विभागीय जांच करने के निर्देश दिए थे। सीएसपी की जांच में उजागर हुआ कि आरोपी नीलकमल राजपूत के द्वारा पुलिस की नौकरी की आड़ में भारी मात्रा में अवैध मदिरा की तस्करी करने जैसी आपराधिक गतिविधियों में आरक्षक संलिप्त है। मामले में यह भी देखा गया कि अपने पद का दुरुपयोग करने वाला आरक्षक नीलकमल राजपूत अपराध दर्ज होने पर अपनी पदस्थापना थाना सकरी से बिना किसी प्रकार की सूचना दिए फरार हो गया है। जिससे आरक्षक की आपराधिक संलिप्तता को बल मिलता है।

    आरक्षक अपने द्वारा धारित पद का दुरुपयोग करते हुए फिर से ऐसी घटना की पुनरावृत्ति कर सकता है। इसलिए पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने भारतीय संविधान की विशेष शक्तियों का प्रयोग करते हुए अपराध में संलिप्त आरक्षक नीलकमल सिंह राजपूत को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। इसके साथ ही पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह ने स्पष्ट कर दिया कि पुलिस विभाग का मुख्य कार्य अपराध एवं अपराधियों पर नियंत्रण रखकर आमजन को भय मुक्त वातावरण प्रदान करते हुए शांति एवं कानून व्यवस्था सुनिश्चित करना है पुलिस अधीक्षक ने यह चेताया है कि पुलिस कर्मियों की इस तरह की अपराधिक गतिविधियां क्षम्य नहीं होंगी और उन पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।

  • हरियाली का प्रतीक हरेली, बच्चों को भाया गेड़ी, धूमधाम से मना, किसानों के द्वारा कृषि से संबंधित उपकरणों की पूजा की गई….

    हरियाली का प्रतीक हरेली, बच्चों को भाया गेड़ी, धूमधाम से मना, किसानों के द्वारा कृषि से संबंधित उपकरणों की पूजा की गई….



    खरसिया।  छत्तीसगढ़ में ग्रामीण व कृषकों का प्रमुख व प्रथम त्यौहार हरेली सावन के अमावस्या में मनाई जाती है। इस दिन को किसान परंपरागत तरीके से उल्लास पूर्वक अपने सभी कृषि यंत्रों की सफाई करते हुए उसकी पूजा अर्चना कर फसलों के अच्छी पैदावार की कामना करते हैं। हरियाली त्यौहार में बच्चे गेड़ी चढ़ते नजर आए व इस दिन अनेक प्रकार के गुड़ से बना व्यंजन गुचकलिया व गुड़ चीला है। इसके साथ ही किसान खेती में उपयोगी सभी औजार हल, ट्रेक्टर, कुदाल, फावड़ा, हंसिया, सब्बल, कटेली जैसे उपयोगी उपकरणों की पूजा की गई। हरेली पर्व के चलते खेती बाड़ी का काम पूरी तरह बंद रहा किसानों ने अपने कृषि उपकरणों की साफ सफाई की साथ ही उपकरणों को एक दिन का आराम दिया और उनके पारंपरिक तरीके से पूजा अर्चना की। लोक पर्व हरेली में किसानों ने अपने हलों की भी पूजा की। हरेली त्यौहार को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही ग्रामीणों ने हल अन्य कृषि औजारों को तालाब में ले जाकर धोए और आंगन में चौक बनाकर हल फावड़ा टांगी उन्नत कृषि यंत्र ट्रैक्टर, कैज व्हील आदि की पूजा अर्चना की। इस दौरान गुड़ चीला नारियल का भोग लगाया गया। पर्व को लेकर आज खेती किसानी का काम पूरी तरह बंद रहा। खरसिया नगर पालिका क्षेत्र में भी हरेली त्यौहार मनाया गया। शहरों में जिनके घर हल कृषि औजार नहीं है उन्होंने देवी देवताओं की पूजा अर्चना कर पर्व की परंपरा निभाई ठाकुरदिया निवासी कृषक गिरधारी गबेल ने कहा कि हरेली का त्यौहार छत्तीसगढ़ का पहला और महत्वपूर्ण त्यौहार है। यह त्यौहार खेती-बाड़ी के कार्यों से निपटने के बाद किसानों के द्वारा कृषि औजार की पूजा की जाती है और अच्छे फसल हो उसकी कामना करते हुए हर्ष उल्लास के साथ छत्तीसगढ़ की प्रथम त्यौहार हरेली को मनाया जाता है।

  • 50 साल और शेख हसीना पर लौट आया काल! तब बेदखल हुईं तो दिल्ली बना था घर और अब…

    50 साल और शेख हसीना पर लौट आया काल! तब बेदखल हुईं तो दिल्ली बना था घर और अब…

    बांग्लादेश में वक्त का पहिया घूमकर वहीं पहुंच गया जहां 50 वर्ष पहले था। 1975 में शेख हसीना के पिता शेख मुजीब उर रहमान का सैन्य तख्तापलट हो गया था। मुजीब के साथ-साथ उनके परिवार के 18 सदस्यों का कत्लेआम हो गया था। आज शेख हसीना की सत्ता चली गई और उन्हें बांग्लादेश से बेदखल होना पड़ा है।

    दिल्ली। आधी सदी और समय का चक्र पूरा हो गया। शेख हसीना आज फिर बेघर हो गईं। बांग्लादेश में आरक्षण आंदोलन ने शेख हसीना सरकार की बलि ले ली। निवर्तमान प्रधानमंत्री को जान बचाने के लिए देश छोड़ना पड़ा है। प्रधानमंत्री आवास में अराजकता का माहौल है। लोग वहां से फर्नीचर एवं अन्य सामान कंधों पर उठाकर ले जा रहे हैं। सबसे दुखद तस्वीर शेख मुजीब उर रहमान की मूर्ति तोड़ते हुई आई। करीब 50 वर्ष पहले सैन्य तख्ता पलट में इसी मुजीब उर रहमान समेत उनके परिवार के 18 सदस्यों की हत्या कर दी गई थी। मुजीब की दो बेटियां शेख हसीना और शेख रिहाना ही बच पाईं, वो भी भारत की मदद से। आज समय का चक्र पूरा हुआ तो शेख हसीना फिर भारत की शरण में हैं। 1975 में उनके पिता और बांग्लादेश के तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख मुजीबुर्रहमान की हत्या के बाद भारत ने शेख हसीना को शरण दी थी।

    तब हसीना ने खो दिया था पूरा परिवार

    1975 के सैन्य तख्ता पलट में हसीना और रिहाना इसलिए बच पाईं क्योंकि दोनों 15 दिन पहले ही बांग्लादेश से निकलकर जर्मनी चली गई थीं। हसीना के पति न्यूक्लियर साइंटिस्ट थे और जर्मनी में ही थे। 30 जुलाई, 1975 की वो तारीख थी जब हसीना अपने पिता से आखिरी बार मिल पाई थीं। दो हफ्ते बाद 15 अगस्त, 1975 को हसीना को पता चला कि सैन्य तख्ता पलट में उनके पिता की हत्या हो गई। लेकिन उन्हें तब तक पता नहीं था कि पिता ही नहीं, पूरा परिवार खत्म हो चुका है। भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को मुजीब परिवार की दोनों बेटियों की चिंता हुई। उन्होंने जर्मनी में अपने राजदूत हुमायूं राशिद चौधरी को हसीना के पास भेजा।

    (तस्वीर में पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के साथ शेख हसीना)

    इंदिरा गांधी ने शेख हसीना की ली थी जिम्मेदारी

    हसीना की इंदिरा गांधी से बात हुई। उन्होंने भारत में शरण लेने का फैसला किया। फिर प्लानिंग हुई कि बिना किसी को भनक लगे हसीना और रिहाना को भारत कैसे लाया जाए? आखिरकार 24 अगस्त की दोपहर शेख हसीना ने अपने पति के साथ जर्मनी के फ्रैंकफर्ट से उड़ान भरीं। भारत ने उन्हें लाने एयर इंडिया का एक विमान भेजा था। 25 अगस्त, 1975 के तड़के विमान दिल्ली पहुंच गया। उन्हें 56 रिंग रोड स्थित एक सेफ हाउस में रखा गया। उनकी असली पहचान छिपाने के लिए मिस्टर और मिसेज मजूमदार की नई पहचान दी गई। खुद प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उनका खास ख्याल रखा।

    (तस्वीर में शेख मुजीब उर रहमान और इंदिरा गांधी)

    कड़ी सुरक्षा के बीच दिल्ली में रही थीं हसीना

    कुछ दिनों के बाद शेख हसीना को पंडारा पार्क के सी ब्लॉक स्थित तीन कमरों के एक मकान में शिफ्ट कर दिया गया। चौतरफा सुरक्षा कर्मियों का पहरा था। डिटेक्टिव भी तैनात किए गए। हसीना के साइंटिस्ट पति को नई दिल्ली स्थित परमाणु ऊर्जा आयोग में नौकरी मिल गई। वहां उन्होंने सात वर्ष काम किया। इसके साथ ही सुरक्षा के तीन नियम बना दिए गए…

    1. शेख हसीना को घर से बाहर नहीं निकलना है।

    2. उन्हें किसी को अपनी असली पहचान नहीं बतानी है।

    3. दिल्ली में किसी से भी संपर्क नहीं रखना है।

  • शिव मंदिर भगत तालाब में भव्यता से मनाई गई शिवरात्रि…

    शिव मंदिर भगत तालाब में भव्यता से मनाई गई शिवरात्रि…


    खरसिया। सावन महिने के पावन अवसर पर खरसिया में स्थित नगर के प्रसिद्ध शिव मंदिर भगत तालाब में शिवरात्रि का पर्व शिव परिवार द्वारा बडे ही धूमधाम एवं भव्यवतापूर्वक मनाया गया। इस दौरान शिव परिवार द्वारा शिवरात्रि के पावन पर्व पर देवो के देव भगवान महादेव का विशेष रूप से श्रृंगार किया गया। शाम को भजन संध्या के पश्चात् भगवान भोलेनाथ की महाआरती की गयी तथा भक्तों का प्रसाद का वितरण किया गया।



    विदित हो कि श्रावण मास भगवान शिव को अत्यधिक प्रिय है, प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी खरसिया के विभिन्न शिव मंदिरों में सावन शिवरात्रि के अवसर पर बडी संख्या में भगवान भोले शंकर के भक्तों द्वारा विशेष पूजा अर्चना की गई। इसी कडी में खरसिया के प्रसिद्ध भगत तालाब जो कि अपनी रंगीन मछ़लियों की वजह से पूरे छत्तीसगढ में मछली तालाब के नाम से प्रसिद्ध है वहां स्थित शिव मंदिर में शिव परिवार द्वारा सावन मास के शिवरात्रि के अवसर पर पूरे मंदिर को विशेष तौर पर फुलों एवं रंगीन झालरों से सजाया गया था। शिवरात्रि के पावन आवसर पर शिव मंदिर भगत तालाब में भगवान शिव के भक्तों का दिन भर तांता लगा रहा। वहीं शिव परिवार द्वारा शिव मंदिर में शिवरात्री का पर्व बडे ही धूमधाम से मनाते हुए भोले भंडारी का विषेश रूप से श्रृगांर किया गया।


    शिव मंदिर भगत तालाब में रात्रि 7 बजे से बाबा के भक्तों द्वारा भोले शंकर एवं मॉं पार्वती के भजनों से बाबा को भाव विभोर किया गया। इस दौरान बाबा भोलेनाथ के भक्त बाबा के भजनों पर मस्ती के साथ थिरकते दिखे वहीं रात्रि में शिव परिवार द्वारा देवों के देव महादेव की आरती के पश्चात  प्रसाद का वितरण किया गया। इस दौरान मंदिर के पुजारी सुरेंद्र के साथ शिवमण्ड़ल के विजय अग्रवाल, श्याम सुंदर अग्रवाल, सुनील अग्रवाल, सतीष अग्रवाल, दिनदयाल अग्रवाल, दिलीप शर्मा, मुन्ना अग्रवाल, नारायण चक्रधारी, विकास कबुलपुरिया, विनोद अग्रवाल, कन्हैया राठौर, शेरू शर्मा, राधे अग्रवाल, प्रवीण अग्रवाल सहित महिला मण्ड़ल की शकुन्तला देवी अग्रवाल, शशिकला अग्रवाल,  मनीषा अग्रवाल, रेखा अग्रवाल, नंदिनी गोयल सहित नगर के अन्य शिवभक्त उपस्थित थे।

  • राज्य सरकार ने जारी किया आदेश, कलेक्टर सहित बड़े पैमाने में कई IAS अधिकारियों के तबादले…जानिए किन्हें कहां मिली जिम्मेदारी…देखिए लिस्ट….

    राज्य सरकार ने जारी किया आदेश, कलेक्टर सहित बड़े पैमाने में कई IAS अधिकारियों के तबादले…जानिए किन्हें कहां मिली जिम्मेदारी…देखिए लिस्ट….

    रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने आईएएस ट्रांसफर आदेश जारी किया है। देखें आदेश…..