Author: Sunil Agrawal

  • अस्पतालों में बेहतर होंगे सुरक्षा इंतजाम, 12 बिंदुओं में जानिए स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश…

    अस्पतालों में बेहतर होंगे सुरक्षा इंतजाम, 12 बिंदुओं में जानिए स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश…


    नई दिल्ली। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या के बाद हुए विरोध के बाद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने बड़ी पहल की है। एम्स समेत केंद्र सरकार के सभी अस्पतालों में सुरक्षा इंतजाम बेहतर करने के लिए मंत्रालय ने निर्देश जारी किए हैं।

    स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि अस्पतालों में अनाधिकृत लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई जाए। क्योंकि कई बार अस्पतालों में मेडिकल सहायता को लेकर असहमति के चलते विवाद और हिंसा तक होती है। स्टाफ के साथ अभद्रता की जाती है। इसलिए स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा अति आवश्यक है। मंत्रालय ने कहा कि अस्पतालों में स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए कई कदम उठाने होंगे। अस्पतालों को जरूरी निर्देशों का पालन करना होगा।

    ये निर्देश किए गए जारी

    अस्पतालों में राज्य सरकार द्वारा हिंसा को रोकने के लिए बनाए गए कानूनों की जानकारी को प्रदर्शित किया जाए।

    अस्पतालों के प्रवेश, निकास, कॉरिडोर, ब्लैक स्पॉट और संवेदनशील इलाकों में में उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी लगाए जाएं। इसके अलावा आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए कंट्रोल रूम बनाया जाए। इसमें एक प्रशासनिक कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी की 24 घंटे तैनाती की जाए। अस्पताल में गश्त और निगरानी के लिए पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाए।

    प्रवेश और निकास द्वारों पर अधिकृत कर्मचारियों के प्रवेश पर सख्त नजर रखी जाए। स्टाफ, मरीज और उनको देखने आने के वालों के लिए पहचान पत्र जारी किया जाए। अस्पताल के स्टाफ के लिए काम के दौरान आई कार्ड पहनना अनिवार्य हो। मरीज को देखने और विजिट करने वालों की निगरानी के लिए आवश्यक इंतजाम किए जाएंगे। मरीज के साथ केवल एक या दो तीमारदार ही रहें। साथ ही उनके पास भी आईकार्ड होगा।
    अलग-अलग तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए विस्तृत योजना बनाई जाए। इसे समय-समय पर अपडेट करने के साथ ही दोहराया जाए। स्टाफ, सुरक्षा कर्मियों को आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया जाए और मॉकड्रिल की जाए।

    सुरक्षा संबंधी खतरों से निपटने के लिए अस्पताल के स्टाफ, डॉक्टर, नर्स और प्रशासनिक कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाए। उनको आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी कौशल से परिपूर्ण किया जाए।

    आपात स्थिति के दौरान हालात पर नियंत्रण बनाने के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम को मजबूत किया जाए। अस्पताल परिसरों के ब्लैक स्पॉट की पहचान करने के साथ वहां पर रोशनी के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं। इसमें खासकर महिला स्वास्थ्य कर्मी के कार्यस्थल, पार्किंग स्थल और प्रवेश-निकास को शामिल किया जाए।

    अस्पताल प्रबंधन को ऐसे मामलों के लिए आपात सेवाओं और पुलिस से समन्वय बनाना जरूरी है। सुरक्षाकर्मियों को सुझावों और घटनाओं के आधार पर अपडेट किया जाए। महिला स्वास्थ्यकर्मियों को सभी सुविधाओं के साथ सुरक्षित ड्यूटी रूम मुहैया कराया जाए। रात के वक्त कम से कम एक से अधिक महिला स्वास्थ्यकर्मी को बुलाया जाए। साथ ही उनको पूरी सुरक्षा दी जाए। रात में उनके परिवहन के लिए भी आवश्यक उपाय किए जाएं।

    अस्पताल में मरीज को पर्याप्त सुविधा, सूचना देने और गाइड करने के लिए मरीज सेवक और मरीज समन्वयक पर्याप्त संख्या में तैनात किए जाएं।

  • स्कॉर्पियो की टक्कर से युवक की मौत, 11 वर्षीय बच्ची गंभीर.आक्रोशित ग्रामीणों ने बोतल्दा के पास नेशनल हाईवे में शव रखकर किया चक्काजाम…

    स्कॉर्पियो की टक्कर से युवक की मौत, 11 वर्षीय बच्ची गंभीर.आक्रोशित ग्रामीणों ने बोतल्दा के पास नेशनल हाईवे में शव रखकर किया चक्काजाम…


    खरसिया। खरसिया थाना क्षेत्र में सोमवार को रक्षाबंधन के दिन एक भीषण सड़क हादसा हुआ। मदनपुर चौक के पास दोपहर 2 बजे स्कॉर्पियो क्रमांक सीजी एई 8412 और बाइक की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में बाइक सवार युवक निखिल दास महंत (21) की मौके पर ही मौत हो गई। बाइक पर सवार 11 वर्षीय मेघावी महंत को गंभीर हालत में रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां से उसे रायपुर रेफर किया गया है वहीं 14 वर्षीय मयंक दास को मामूली चोटें आई हैं। बताया जा रहा है कि घटना के समय बाइक सवार रक्षाबंधन के अवसर पर कोरबा के बालको से खरसिया के बांगो कालोनी जा रहे थे। हादसे के बाद मृतक युवक के परिजनों और ग्रामीणों ने मंगलवार को 25 लाख रुपये मुआवजे की मांग करते हुए बोतल्दा तिराहा पर शव रखकर चक्का जाम कर दिया ,उन्होंने स्कॉर्पियो चालक पर कड़ी कार्रवाई की भी मांग की।
    ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने आरोपी चालक को रात को ही छोड़ दिया और कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे उनकी नाराजगी और बढ़ गई। चक्का जाम होने के कारण नेशनल हाईवे 49 पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। खरसिया पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया।

    हो रही है कार्यवाही

    मामले के संबंध में खरसिया पुलिस ने बताया कि स्कॉर्पियो चालक को देर रात गिरफ्तार किया गया है और स्कॉर्पियो को जप्त कर आरोपी चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विधि अनुरूप कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

  • सावन के अंतिम सोमवार को शिवालयों में रही धूम..देर रात तक चलता रहा भजनों का दौर..

    सावन के अंतिम सोमवार को शिवालयों में रही धूम..देर रात तक चलता रहा भजनों का दौर..


    खरसिया। सावन माह के अंतिम सोमवार को नगर भगवान भोलेनाथ की भक्ति से सरोबार रहा, नगर के विभिन्न शिवालयों में भक्तों ने भोलेनाथ का पूजन कर अभिषेक किया। इसी तारतम्य में नगर के प्रसिद्व तथा पुरातन भगत तालाब स्थित शिव मन्दिर में शिव परिवार के सदस्यों के साथ सैंकड़ों भक्तों ने शिव पूजन किया।


    समूचे नगर में सावन के आखिरी सोमवार को हर कोई भगवान भोलेनाथ की भक्ति से सराबोर रहा, कहीं पर भोलेनाथ की प्रिय वस्तुओं से अभिषेक किया गया तो कहीं पर दुग्ध और जलाभिषेक की धूम रही। भक्तों की श्रद्धा भक्ति देखते ही बन रही थी, सुबह होते ही श्रद्धालुओं के जत्थे जब शिवालयों की ओर उमड़े तो समूचे नगर का माहौल शिवमय हो गया था। देर शाम तक शिवालयों में आस्था का ज्वार उमड़ता रहा। सावन के आखिरी सोमवार को सुबह से ही भक्त भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए जुट गए थे। विदित हो कि इस बार शिव के प्रिय मास सावन में 5 सोमवार थे। सावन मास के अंतिम सोमवार को भोलेनाथ की कृपा पाने को भक्तों ने सुबह से ही व्रत रखकर शिवालयों में जाकर दर्शन किए। शिव चालीसा आदि का पाठ करते हुए सुख समृद्धि की कामना की। शहर के प्रसिद्व भगत तालाब स्थित शिव मन्दिर की छटा देखते ही बन रही थी, भोलेनाथ का भव्य अभिषेक भक्तों को आकर्षित कर रहा था।  शिव भक्तों ने नारियल पर द्वादश ज्योतिर्लिंग का नाम लिख कर बाबा का श्रृंगार किया था।

    यहां पर छह बजे से ही भक्त भोलेनाथ की एक झलक पाने के लिए उतावले दिखाई पड रहे थे। शाम को भगवान शिव की आरती के साथ भजन संध्या का आयोजन भी किया गया था, नगरके प्रसिद्ध भजन गायक शेरू शर्मा और सुनील अग्रवाल के भजनों से भक्तजन शिव भक्ति में झूमते रहे। आरती पश्चात प्रसाद वितरण किया गया, इस दौरान देर रात तक शिव मन्दिर में भगवान भोलेनाथ के जयकारे गुंजते रहे। इस दौरान मन्दिर के पुजारी सुरेन्द्र तिवारी, दिनदयाल अग्रवाल, विजय अग्रवाल, श्याम सुन्दर अग्रवाल, सुनील अग्रवाल, नारायण चक्रधारी, मुकेश अग्रवाल, भरत दादू, विनोद अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, प्रवीण अग्रवाल, शेरू शर्मा, दिलीप शर्मा, आशीष शर्मा, सतीष अग्रवाल सहित शिव परिवार के सभी सदस्य उपस्थित रहे तथा श्रद्वालुओं को देर रात तक प्रसाद का वितरण किया गया।

  • धूमधाम से मनाया गया राखी का त्यौहार..बहनों ने भाईयों की कलाई पर राखी बांधकर लिया रक्षा का वचन..

    धूमधाम से मनाया गया राखी का त्यौहार..बहनों ने भाईयों की कलाई पर राखी बांधकर लिया रक्षा का वचन..



    खरसिया। सावन माह के अंतिम दिन 20 अगस्त को जिला मुख्यालय सहित जिले भर में भाई और बहन के स्नेह का पर्व रक्षाबंधन हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया, रिमझिम फुहारों के बीच बहनों ने अपने भाईयों की कलाई पर विश्वास व जिम्मेदारी का धागा बांधा। खास बात यह रही कि इस बार बहनों को भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिये दोपहर तक का इंतजार करना पड़ा, भद्रा पड़ने से दोपहर 1:34 के बाद रखी बांधने का शुभ मुहूर्त था, जिससे बहनों ने दोपहर डेढ़ बजे के बाद अपने भाइयों की कलाइयों पर राखी बांधी। रक्षाबंधन पर्व को लेकर अंचल में धूम रही भाइयों की कलाई पर बहनों ने प्यार का धागा बांधा इसके साथ बाजार में भी जमकर रौनक रही।



    रक्षाबंधन भाई बहन के स्नेह व प्रेम की ड़ोर में बंधा एैसा पर्व है जिसे परस्पर विश्वास की ड़ोर ने सदियों से बांध रखा है। भाई बहन का स्नेह और लगाव हमेशा बरकरार रहता है, क्योंकि बहन कभी बाल सखा, कभी मां, तो कभी पथ प्रदर्शक बन भाई को रास्ता दिखाती है, तो वहीं भाई कभी पिता तो कभी मित्र बनकर बहन को आगे बढ़ने का हौंसला देता है। रक्षाबंधन का त्यौहार इस वर्ष 20 अगस्त को मनाया गया बाहर रहने वाले भाइयों को बहने कुरियर और डाक के माध्यम से राखी भेज चुकी थीं वही शहर के बाजारों में भी राखियों की दुकानें सजी रही बाजार के साथ घरों में भी इसकी तैयारियां शुरू हो चुकी थी इसके अलावा बस और ट्रेनों के जरिए आवाजाही भी पिछले हफ्ते से बढी़ रही ज्योतिषियों के अनुसार रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है, इस वर्ष भद्रा के कारण दोपहर डेढ़ बजे के बाद शुभ मुहूर्त रहा। राखी के त्यौहार के लिये भाईयों में जहां विशेष उत्साह देखा गया वहीं बहनें भी इस पर्व के लिये पहले से तैयारी में जुटी हुयीं थी। राखी के त्यौहार में बाजार में रौनक रही, मिठाईयों के साथ साथ उपहारों के दुकानों में भी भारी भीड़ देखी गयी।

  • खरसिया में आन बान शान से लहराया तिरंगा, जगह जगह हुआ ध्वजारोहण…

    खरसिया में आन बान शान से लहराया तिरंगा, जगह जगह हुआ ध्वजारोहण…



    खरसिया। राष्ट्रीय पर्व 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के 78 वीं जयंती के शुभ अवसर पर खरसिया सहित संपूर्ण विकासखंड के शैक्षणिक परिसरों एवं शासकीय कार्यालयों में आन बान शान के साथ तिरंगा फहराकर आजादी का पर्व मनाया गया। इस दौरान विभिन्न स्थानों में जहां जनप्रतिनिधियों ने ध्वजारोहण किया वहीं अधिकाष शासकीय कार्यालयों में विभाग प्रमुखो द्वारा ध्वजारोहण कर स्वतंत्रता दिवस का पर्व मनाया गया।



    विदित हो कि 14 एवं 15 अगस्त 1947 की मध्य रात्रि  को हमारा देश सैंकड़ों वर्षों की दासता से मुक्त हुआ था, तब से लेकर आज तक इस दिन को राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया जाता है। इस दिन पूरे भारत में उत्सव सा माहौल रहता है, खरसिया नगर में भी आजादी का यह पर्व बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, जगह जगह ध्वजारोहण कर राष्ट्रगान किया गया। इसी क्रम में खरसिया विकासखंड मुख्यालय के तहसील कार्यालय परिसर, एसड़ीओपी कार्यालय, पुलिस थाना, विद्युत विभाग, सिविल अस्पताल, नगर पालिका, पुलिस चौकी सहित पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय, लोक निर्माण विश्राम गृह, वन परिक्षेत्र कार्यालय सहित अन्य विभागों में विभाग प्रमुखों के द्वारा ध्वजारोहण किया गया, तथा राष्ट्रगान का गान किया गया।



    नगर सरकार ने किया नगर के पत्रकारों का सम्मान



    स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नगर पालिका में अध्यक्षा श्रीमती राधा सुनील शर्मा के द्वारा ध्वजारोहण करने के पश्चात नगर के पत्रकारों का सम्मान समारोह के कार्यक्रम का आयोजन नगर सरकार के द्वारा किया गया था, जिसमें नगर के पत्रकारों को शाल, श्रीफल तथा मोमेंटो देकर उनका सम्मान किया गया। इस दौरान योग प्रशिक्षकों, एनसीसी कैड़ेटों सहित सफाई कर्मचारी, गौ सेवक का भी सम्मान किया गया। कार्यक्रम में अध्यक्षा श्रीमती राधा सुनील शर्मा तथा कांग्रेस नेता सुनील शर्मा ने नगर के पत्रकारों को उनके सहयोग के लिये धन्यवाद ज्ञापित करते हुये कहा कि कलमकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं, और सरकार के द्वारा किये जा रहे कार्यों को जनता तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम हैं, खरसिया के कलमकारों ने हमेशा अपनी जिम्मेदारियों को निभाया है। खरसिया नगर के विकास के लिये अपने कार्यकाल में किये गये कार्यों को बताते हुये उन्होंने नगरवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। मंच संचालन धीरज राठौर ने किया।



    शिवमंदिर में तीन रंगों से किया गया भोले का श्रृंगार

    नगर के ख्याति प्राप्त भगत तालाब स्थित शिव मंदिर में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भगवान शिव को तिरंगे के रंगों से सजाया गया तथा उनका श्रृंगार किया गया था, गौरतलब है कि शिव भक्तों के द्वारा सावन मास में प्रतिदिन अलग अलग प्रकार से भगवान का श्रृंगार किया जा रहा है।

  • राष्ट्रवीर दुर्गादास राठौर की 386वीं जयंती पर कराया गया नेवता भोज….

    राष्ट्रवीर दुर्गादास राठौर की 386वीं जयंती पर कराया गया नेवता भोज….


    खरसिया। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के अंतर्गत सामुदायिक भागीदारी से पौष्टिक एवं स्वादिष्ट भोजन प्रदान करने की पहल के तहत राठौर समाज/ राठौर युवा मंच द्वारा स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल खरसिया में राष्ट्रवीर दुर्गादास राठौर की 386वीं जयंती पर न्योता भोजन का आयोजन किया गया। प्राइमरी एवँ मीडिल स्कूल के 344 बच्चों को स्वादिष्ट भोजन कराया गया। न्योता भोजन पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे थे। बच्चों ने इसका जमकर लुत्फ उठाया। अखिल भारतीय क्षत्रिय राठौर महासभा के सहमंत्री धीरज राठौर ने बताया कि राष्ट्रवीर दुर्गादास राठौर कोई व्यक्ति या संस्था नहीं बल्कि एक राष्ट्रीय विचारधारा है। भारतीय इतिहास ही नहीं अपितु विश्व इतिहास में वीर दुर्गादास का अद्वितीय स्थान है। अपने राज्य या सत्ता सुख भोगने की लालसा में युद्ध लड़ने वाले तो अनेक हुए हैं, परंतु भारतीय स्वतंत्रता एवं संस्कृति की रक्षार्थ निष्पक्ष भाव से संघर्ष करने में राष्ट्रवीर दुर्गादास राठौर अद्वितीय है। जहां अनेक राजा- महाराजा, सरदार, सामंत, शाह- बादशाह हुए हैं, हर किसी का कहीं न कहीं स्वार्थ रहा है। किसी को राज्य, किसी को पद, किसी को धन संपत्ति का, परंतु राष्ट्रवीर दुर्गादास राठौर अपने लिए नहीं देश के लिए तत्पर रहे, इसलिए दुर्गादास को राष्ट्रवीर दुर्गादास राठौर कहते है। वीर दुर्गादास राठौर के त्याग की तुलना स्वतंत्रता के लिए लड़ने वाले राजा महाराजाओं से नहीं की जा सकती।
    क्योंकि राजा-महाराजाओं ने अपना राज्य अर्जित करने के लिए विरोधी शक्तियों से लड़ाई लड़ी थी, जबकि दुर्गादास राठौर ने अपने लिए नहीं बल्कि राष्ट्र, क्षत्रित्व, हिंदुत्व धर्म की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ी। 


    इस अवसर पर स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल के प्रिंसिपल रामनिवास नागवंशी,अखिल भारतीय क्षत्रिय राठौर महासभा सहमंत्री धीरज राठौर, लोचन सिंह राठौर, भानु प्रताप सिंह राठौर, मिडिल स्कूल हेडमास्टर पूनम दुबे , प्राइमरी स्कूल हेडमास्टर ललिता चंद्रा, सुरेश कुमार गुप्ता, डमरूधर पटेल, संध्या जायसवाल, स्वाति टोप्पो, कल्याणी टंडन, एलीन खलखो, दीपन्तिका भट्टाचार्य, गरिमा अहिरवार कार्यक्रम में उपस्थित रहें।

  • रायगढ़ और खरसिया में नए तहसीलदारों की तैनाती…

    रायगढ़ और खरसिया में नए तहसीलदारों की तैनाती…

    रायगढ़। कलेक्टर कार्तिकेया गोयल ने जिले के दो महत्वपूर्ण तहसीलों में बदलाव किए हैं। रायगढ़ तहसीलदार के रूप सेवाएं दे रहे लोमस मिरी को खरसिया भेजा गया है। वहीं खरसिया तहसीलदार शिवकुमार डनसेना को रायगढ़ की कमान दी गई है। राजनीतिक परिदृश्य से देखें तो दोनों तहसीलें जिले की सबसे हॉट सीट हैं।

  • IAS सहित अधिकारियों पर हमला करने के मामले में कोर्ट का फैसला, JCB और कार से कुचलने की कोशिश करने वाले 4 आरोपियों को 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास…

    IAS सहित अधिकारियों पर हमला करने के मामले में कोर्ट का फैसला, JCB और कार से कुचलने की कोशिश करने वाले 4 आरोपियों को 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास…

    रायगढ़। आईएएस अधिकारी मयंक चतुर्वेदी सहित खनिज विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों पर जेसीबी से हमला करने के 4 आरोपियों को विशेष न्यायाधीश जितेंद्र जैन ने आरोपियों को 10-10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अवैध उत्खनन पर कार्यवाही करने के लिए अधिकारी पहुंचे थे। घटना 12 अप्रैल 2019 के रात 12.30 बजे की है।

    रायगढ़ के तत्कालीन सहायक कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, खनिज विभाग के अधिकारियों तत्कालीन उप संचालक खनिज शिवशंकर  नाग, खनिज निरीक्षक राकेश वर्मा, घनश्याम दीवान व निलांबर यादव के साथ सारंगढ़ के टिमरलगा के आसपास अवैध उत्खनन और परिवहन की शिकायत मिलने पर जांच के लिए पहुंचे थे। आरोपियों द्वारा जांच के दौरान सहायक कलेक्टर सहित अन्य अफसरों के ऊपर जेसीबी चढ़ाने का प्रयास किया गया था, वहीं कार से भी कुचलने की भी कोशिश की गई थी। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ  धारा 147,186 एवं धारा 149, 353, 341, 307 एवं अनुसूचित जाति एवं अनसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3 (वी) के तहत एफआईआर किया गया था।

    इस मामले में विशेष न्यायधीश जितेन्द्र कुमार जैन ने आरोपियों को 10-10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दस हजार रूपए जुर्माना भी लगाया है। जिसमें टिमरलगा निवासी आरोपी कन्हैया पटेल, हरिचरण पटेल, लोकनाथ पटेल, लालसाय निषाद को 10 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। वहीं घटना में प्रयुक्त जेसीबी, मोटर साइकिल और कार को राजसात करने के आदेश दिए गए हैं।

  • राज्य सरकार ने सभी अभियंताओं को जारी किया परिपत्र, दिए ये निर्देश….

    राज्य सरकार ने सभी अभियंताओं को जारी किया परिपत्र, दिए ये निर्देश….

    रायपुर। राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग ने नदियों पर बने पुलों के दोनों ओर अस्थाई बैरियर, रिफ्लेक्टर और साइन-बोर्ड लगाने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने मैदानी अधिकारियों को क्षतिग्रस्त पुलों की रेलिंग एवं क्रैश बैरियर का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कार्य कराने को कहा है। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के निर्देश पर प्रमुख अभियंता ने वर्षा ऋतु में अतिवृष्टि से जान-माल की सुरक्षा और सुरक्षित यातायात के लिए सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंताओं, सभी मंडलों के अधीक्षण अभियंताओं एवं संभागीय कार्यपालन अभियंताओं को परिपत्र जारी किया है। उन्होंने सभी अधीक्षण अभियंताओं को हर 15 दिनों में अनुविभागीय अधिकारियों और कार्यपालन अभियंताओं के साथ इस संबंध में की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।

    लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता के.के. पीपरी ने परिपत्र में निर्देशित किया है कि ऐसे सभी स्थानों और मार्गों जिनमें वर्षा ऋतु में आम जनता के लिए समस्या की स्थिति उत्पन्न होती है, उन पर विशेष ध्यान दिया जाए। बारिश के दिनों में अतिवृष्टि से मार्गों पर विद्यमान नदी-नालों पर बाढ़ एवं कई स्थानों में सड़क डूबने जैसी स्थिति निर्मित होती है। इन स्थितियों में जान एवं माल की सुरक्षा तथा कार्यस्थलों पर सुरक्षित कार्य के लिए समुचित व्यवस्था किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने ऐसे सभी स्थानों को चिन्हांकित करने के निर्देश दिए हैं जहां वर्षा ऋतु के दौरान मार्ग एवं पुल के डूबने की स्थिति निर्मित होती है।

    प्रमुख अभियंता ने सभी जलमग्नी पुलों के दोनों ओर अस्थाई बैरियर, रिफ्लेक्टर और साइन-बोर्ड की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं जिससे बाढ़ या पुल के जलमग्न होने की स्थिति में यातायात को बंद किया जा सके। जलमग्न होने वाले स्थानों के दोनों ओर आवश्यक सूचना पटल लगाकर राहगीरों को सूचित किया जाए कि मार्ग जलमग्न हो सकता है। जलमग्न होने की स्थिति में रूके। उन्होंने सभी क्षतिग्रस्त पुलों की रेलिंग एवं क्रैश बैरियर का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कार्य के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया है।

    विभाग द्वारा जारी परिपत्र में अतिवृष्टि वाले क्षेत्रों की लगातार समीक्षा करने तथा बाढ़ नियंत्रण के लिए टीम गठित करने को कहा गया है। जलमग्न होने की स्थिति में टीम चौबीसों घंटे काम करेगी। विभाग के कार्यपालन अभियंताओं को अतिवृष्टि की स्थिति में जिले में गठित बाढ़ नियंत्रण प्रकोष्ठ के लगातार संपर्क में रहने को कहा गया है। बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर कार्यपालन अभियंता अपने अधीनस्थों के साथ तत्काल तत्परता से कार्यवाही करेंगे। प्रमुख अभियंता ने डूबान क्षेत्र में आने वाले सड़कों के आसपास संधारण के लिए पर्याप्त मटेरियल की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए हैं, ताकि मार्ग क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में तत्काल सुधार किया जा सके।

    लोक निर्माण विभाग ने निर्माणाधीन और चौड़ीकरण के प्रगतिरत कार्यों वाले मार्गों में भी सभी आवश्यक सावधानी सूचक चिन्ह, रिफ्लेक्टिव साइन-बोर्ड, सेफ्टी रिबन्स, गार्ड स्टोन्स, चूना पोताई हुई बोरियाँ आदि की हर समय उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। निर्माणाधीन पुल-पुलियों में किसी प्रकार की दुर्घटना की स्थिति उत्पन्न न हो, इसका भी ध्यान रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। वर्षा ऋतु में किसी भी अप्रिय स्थित से बचने सभी शासकीय भवनों का सावधानीपूर्वक निरीक्षण करने कहा गया है। विभाग ने सभी संवेदनशील स्थानों तथा मार्गों के किलोमीटरों पर सतत व चैतन्य दृष्टि रखने के लिए उप अभियंताओं और अनुविभागीय अधिकारियों की नामजद ड्यूटी लगाकर प्रमुख अभियंता कार्यालय तथा राज्य शासन को अवगत कराने को कहा है।

  • कोलकाता मेडिकल कॉलेज मामले में हाईकोर्ट ने केस सीबीआई को सौंपा, ममता सरकार से सवाल- “समय बर्बाद हुआ तो गड़बड़ होगी, आप कैसे आश्वस्त कर सकते हैं कि गड़बड़ नहीं होगी”

    कोलकाता मेडिकल कॉलेज मामले में हाईकोर्ट ने केस सीबीआई को सौंपा, ममता सरकार से सवाल- “समय बर्बाद हुआ तो गड़बड़ होगी, आप कैसे आश्वस्त कर सकते हैं कि गड़बड़ नहीं होगी”


    पश्चिम बंगाल हाईकोर्ट ने मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल का बयान नहीं दर्ज करने पर ना केवल फटकार लगाई है बल्कि टिप्पणी की “वे इतने शक्तिशाली हैं कि सरकारी वकील उनका प्रतिनिधित्व कर रहा है।”


    मेडिकल छात्रा से रेप और हत्या मामला

    कोलकाता हाईकोर्ट – हम मामले को CBI को सौंपते है

    कोलकाता हाईकोर्ट ने कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में मेडिकल छात्रा के बलात्कार और हत्या मामले की जाँच सीबीआई को सौंप दी है। मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार पर नाराजगी भी जताई है। हाईकोर्ट ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को लेकर भी अप्रसन्नता ज़ाहिर की। हाईकोर्ट ने इस मसले पर जारी चिकित्सकों के आंदोलन की भावना को सही बताते हुए कहा “घटना बेहद भयानक है, हम प्रेस को चुप नहीं करा सकते। डॉक्टरों को अपनी भावनाएँ व्यक्त करने

    का पूरा हक़ है।”

    राज्य से तीखे सवाल किए हाईकोर्ट ने

    कोलकाता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस टी एस शिवगनम और जस्टिस एच भट्टाचार्य की पीठ ने 9 अगस्त को 31 वर्षीय मेडिकल छात्रा के बलात्कार और हत्या मामले में दायर विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई की। हाईकोर्ट ने मेडिकल छात्रा के माता पिता से भी याचिका स्वीकार की। याचिकाओं में यह माँग थी कि, मामले को सीबीआई को ट्रांसफ़र किया जाए। राज्य की ओर से कोर्ट को आश्वस्त करने के लिए दिए तकों से हाईकोर्ट संतुष्ट नहीं हुई। राज्य की ओर कहा गया -“मामले को तेज़ी से निपटाया जा रहा है।” इस पर हाईकोर्ट ने कहा -“ऐसी आशंका है कि अगर समय बर्बाद हुआ तो कुछ गड़बड़ हो सकती है, आप कैसे आश्वस्त करते हैं कि, ऐसा नहीं होगा।”

    मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल पर हाईकोर्ट की टिप्पणी

    इस मामले को लेकर जितनी भी याचिका हाईकोर्ट में दायर हैं उन सभी में अस्पताल प्रशासक प्रिंसिपल संदीप कुमार घोष को लेकर टिप्पणियाँ हैं, और उन्हें बेहद प्रभावशाली बताया गया है। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार से इस मसले पर तीखे सवाल किए। हाईकोर्ट ने तत्कालीन प्रिंसिपल संदीप घोष को लेकर कहा -“यह समझना मुश्किल है कि, प्रिंसिपल ने इस्तीफ़ा दिया लेकिन इस्तीफ़े पर क्या आदेश हुआ। इस्तीफ़े के बाद 22 अगस्त को उन्हे एनएमसी कोलकाता का प्रिंसिपल बना दिया गया, तो फिर उन्होंने इस्तीफ़ा क्यों दिया।” याचिकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता ने कोर्ट से कहा -“जिस प्रिंसिपल ने इस्तीफ़ा दिया वह इतना शक्तिशाली है कि कोई भी उसे छू नहीं सकता।” इस पर राज्य सरकार ने कहा – “विस्तृत जाँच की गई है। सीसीटीवी में जो भी व्यक्ति दिखाई दिया है, उसके बयान दर्ज किए गए हैं। जाँच उचित तरीके से जारी है। हमने एक को गिरफ़्तार किया है।” इस पर हाईकोर्ट ने कहा – “प्रिंसिपल सभी काम करने वाले डॉक्टरों के अभिभावक हैं। अगर उन्होंने कोई सहानुभूति नहीं दिखाई तो और कौन दिखाएगा?” इसके बाद हाईकोर्ट ने कहा -“वह पहला व्यक्ति है, जिसका बयान दर्ज किया जाना चाहिए था। वह संस्था का मुखिया है और क़ानून से उपर नहीं हैं। वे सरकारी अधिकारी हो सकते हैं, लेकिन आप क्यों सुरक्षा कर रहे हैं.. वे इतने शक्तिशाली हैं कि, सरकारी वकील उनका प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। बयान ही आधार है सर! कुछ कमी है।”

    सुबह दस बजे सीबीआई को केस डायरी सौपें

    हाईकोर्ट ने पूरे मामले की जाँच सीबीआई को सौंपे जाने का फैसला देते हुए कहा है कि, सभी याचिकाओं जिनमें पीड़िता के माता पिता की याचिका भी शामिल हैं उन्होंने स्वतंत्र निकाय से जाँच कराने का निर्देश देने की माँग की है, ताकि सबूतों के साथ छेड़छाड ना हो। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा- “केस डायरी और अन्य रिकॉर्ड सुबह दस बजे तक सीबीआई को सौंप दीजिए।”

    डॉक्टरों से कोर्ट ने कहा

    याचिका की सुनवाई के अंतिम दौर में जबकि कोर्ट ने सीबीआई जाँच का आदेश कर दिया, हाईकोर्ट ने चिकित्सा पेशे के सदस्यों से आंदोलन वापस लेने का आग्रह किया। हाईकोर्ट ने कहा – “हम डॉक्टरों और छात्रों तथा आर जी कर मेडिकल कॉलेज के छात्रों द्वारा व्यक्त की गई भावनाओं की सच्ची सराहना करते हैं। हालाँकि डॉक्टरों की ओर से अपने रोगियों का इलाज करना एक पवित्र दायित्व है, खासकर उन रोगियों का जो समाज के संपन्न वर्ग से नहीं बल्कि सरकारी अस्पताल में आते हैं। इसीलिए हम चिकित्सा पेशे के सदस्यों से अपील करेंगे कि, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करें और अपना आंदोलन वापस लें ताकि अस्पताल आने वाले लोगों को परेशानी न हो।”