रूस से जंग के बीच यूक्रेन सरकार ने टेलीग्राम पर बैन लगा दिया है। यूक्रेन की नेशनल सेक्यूरिटी एंड डिफेंस काउंसिल ने इसका एलान करते हुए कहा ‘सरकारी और सेना के अधिकारियों का टेलीग्राम इस्तेमाल करना खतरनाक साबित हो सकता है, क्योंकि रूस इसका इस्तेमाल जासूसी के लिए कर सकता है। ऐसे में राष्ट्रीय सुरक्षा को देखते हुए टेलीग्राम को बैन किया जा रहा है।’
Author: Sunil Agrawal
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बैन कर दिया टेलीग्राम….
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गुरुवार को बालको एयर स्ट्रिप पर बड़ा हादसा टला, रनवे पर उछला विमान”मंत्री ओपी चौधरी ने किया निरीक्षण…
रायगढ़। बीते गुरुवार दोपहर को बालको एयर स्ट्रिप पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह और प्रदेश अध्यक्ष किरण देव सहित अन्य भाजपा पदाधिकारी जिस विमान में सवार थे, वह लैंडिंग के दौरान रनवे पर दो बार उछल गया। पायलट की सूझबूझ से विमान को तुरंत टेक ऑफ किया गया और सावधानीपूर्वक दूसरी बार लैंड किया गया।
घटना गुरुवार दोपहर 2:30 बजे की है जब भाजपा के नेता दिवंगत डॉ. बंशीलाल महतो की पत्नी के दसवीं के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कोरबा जा रहे थे। बालको एयर स्ट्रिप पर लैंडिंग के समय यह घटना घटी। विमान में सवार भाजपा पदाधिकारियों ने बताया कि रनवे की खराब हालत के कारण यह हादसा हुआ।
मंत्री ओपी चौधरी ने घटना के बाद खुद एयर स्ट्रिप का निरीक्षण किया। रनवे की स्थिति देखकर उन्होंने नाराजगी जताई और कलेक्टर व एसपी को बालको प्रशासन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। मंत्री चौधरी ने पायलट से पूरी घटना की रिपोर्ट भी ली और पूरी स्थिति को समझा।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब बालको एयर स्ट्रिप पर इस तरह की घटना हुई हो। 2022 में तत्कालीन डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव के साथ भी ऐसा ही हादसा हुआ था, जब लैंडिंग के दौरान झटके महसूस किए गए थे, लेकिन तब इस पर ध्यान नहीं दिया गया।
सम्बंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश
मंत्री चौधरी ने अधिकारियों को जल्द से जल्द रनवे की मरम्मत और निरीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। -

दिल्ली में 200 से ज्यादा सरकारी संपत्तियों पर वक्फ बोर्ड का दावा, अब क्या करेगी सरकार?
केंद्र सरकार के शीर्ष अधिकारियों ने वक्फ (संशोधन) विधेयक की जांच कर रही संसदीय समिति को बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में दो अलग-अलग केंद्रीय सरकारी एजेंसियों के नियंत्रण में 200 से अधिक संपत्तियों को वक्फ संपत्ति घोषित किया गया है। इसकी जानकारी तीन मंत्रालयों के अधिकारियों ने जांच समिति को दी है.
दिल्ली। वक्फ (संशोधन) विधेयक की जांच कर रही संसद की समिति को केंद्र सरकार के अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में 200 से ज्यादा प्रॉपर्टी, जो दो अलग-अलग सरकारी एजेंसियों के कंट्रोल में थीं, उन्हें वक्फ की संपत्ति घोषित कर दिया गया है। शहरी विकास और सड़क परिवहन सचिव और रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने दूसरे मंत्रालय के अधिकारियों के साथ मिलकर वक्फ (संशोधन) विधेयक पर संयुक्त समिति को अपनी बातें बताईं।विपक्षी सदस्यों ने सचिवों से सवाल किया कि जब रेल मंत्रालय जैसे मंत्रालयों के पास खुद के नियम और ट्रिब्यूनल हैं, तो फिर ऐसे बिल की क्या जरूरत है?
सूत्रों ने बताया कि विपक्षी सदस्यों ने अधिकारियों से पूछा कि कई सरकारी एजेंसियों ने वक्फ बोर्ड के साथ जमीन के विवाद से जुड़े केस जीते हैं और जमीन भी उनके कब्जे में है। तो फिर इस बिल की क्या जरूरत है? सूत्रों ने बताया कि विपक्षी सदस्यों ने तीनों मंत्रालयों के अधिकारियों से बिल के नियमों के बारे में सवाल पूछे क्योंकि ये नियम उनके मंत्रालयों के कुछ कानूनों को खत्म कर सकते हैं।
दिए गए ये सुझाव
सूत्रों ने बताया कि विपक्ष के जवाब में, बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने सुझाव दिया कि उन्हें यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि वक्फ की संपत्ति का इस्तेमाल धार्मिक और कल्याणकारी कामों के लिए हो, न कि निजी फायदे के लिए। सूत्रों ने बताया कि दुबे ने कहा कि कुछ संपत्ति वक्फ संपत्ति के बजाय शत्रु संपत्ति अधिनियम के तहत भी आ सकती है। वहीं शहरी विकास मंत्रालय ने सुझाव दिया कि दिल्ली की नई राजधानी बनाने के लिए भूमि अधिग्रहण ब्रिटिश काल (1911-1912 में) के दौरान किया गया था, लेकिन बाद में, दिल्ली वक्फ बोर्ड ने अधिग्रहित संपत्तियों में से कई को वक्फ संपत्ति घोषित कर दिया, जिसके कारण कई अदालती मामले सामने आए। वक्फ संपत्ति घोषित की गई संपत्तियों में भूमि और विकास कार्यालय (एलएंडडीओ) के नियंत्रण में 108 संपत्तियां और दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के नियंत्रण में 138 संपत्तियां शामिल हैं।राष्ट्रीय राजधानी के निर्माण के लिए कुल 341 वर्ग किलोमीटर भूमि का अधिग्रहण किया गया था और प्रभावित व्यक्तियों को उचित मुआवजा दिया गया था, इस दावे का सदस्यों ने विरोध किया था। सदस्य यह भी चाहते थे कि सरकार यह पता लगाए कि क्या दिल्ली में संपत्तियों पर वक्फ बोर्ड द्वारा किए गए दावे 1954 के वक्फ अधिनियम में निर्धारित उचित प्रक्रिया का पालन करने के बाद किए गए थे।
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योगी सरकार का बड़ा एक्शन…
2.44 लाख कर्मचारियों का वेतन सरकार ने रोक दिया है
कर्मचारियों को 31 अगस्त तक अपनी संपत्ति का ब्यौरा देने को कहा गया था।
अभीतक केवल 71% कर्मचारियों ने ही दिया था अपनी संपत्ति का ब्यौरा।
जिन कर्मचारियों ने अपनी संपत्ति का ब्यौरा नहीं दिया उन सभी के वेतन रोक दिए गए हैं।
मुख्य सचिव ने 31 अगस्त तक का दिया था समय, चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा देने के दिए गए थे निर्देश। -

डीजल कारें बनाना बंद करें कंपनियां नहीं तो बेचना हो जाएगा मुश्किल’, नितिन गडकरी का बड़ा बयान…
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सीआईआई के एक कार्यक्रम के दौरान डीजल को लेकर बड़ी
बात कही है. गडकरी ने लोगों को सलाह देते हुए कहा कि जल्द ही डीजल को अलविदा कह दीजिए।
इतना ही नहीं मंत्री ने कार निर्माता कंपनियों से डीजल वाहनों का निर्माण बंद करने की भी अपील की है। -

लोहारीडीह की घटना पर मुख्यमंत्री ने कबीरधाम कलेक्टर और एसपी को हटाया, घटना की मजिस्ट्रियल जांच के दिए गए निर्देश, रेंगाखार थाना प्रभारी और पूरा स्टॉफ बदला…
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कवर्धा जिले में घटित दुर्भाग्यजनक घटना के मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिए है। मुख्यमंत्री ने इस घटना के परिप्रेक्ष्य में पुलिसकर्मियों द्वारा ग्रामीणों से मारपीट किए जाने की घटना के चलते रेंगाखार थाने के निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक सहित वहां पदस्थ कुल 23 पुलिसकर्मियों को भी हटा दिया है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर कबीरधाम जिले के कलेक्टर और एसपी को हटा दिया गया है। कबीरधाम के कलेक्टर जन्मेजय महोबे के स्थान पर गोपाल वर्मा को कबीरधाम जिले का कलेक्टर नियुक्त किया गया है। कबीरधाम जिले के पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव को हटाकर उनके स्थान पर राजेश कुमार अग्रवाल को पुलिस अधीक्षक पदस्थ किया गया है।

यहां यह उल्लेखनीय है कि कबीरधाम जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के रूप में पदस्थ आईपीएस विकास कुमार को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा दिए गए मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश के परिपालन में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कबीरधाम द्वारा अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी निर्भय कुमार साहू को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है तथा उन्हें 30 दिवस के भीतर निर्धारित बिन्दुओं पर जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव ने कहा कि भविष्य में इस तरह की किसी भी प्रकार की घटना में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा संबंधितों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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छाल में अंडरग्राउंड माइंस से कबाड़ की चोरी…
रायगढ़। छाल की बंद पड़ी भूमिगत खदान से कबाड़ चोरी का सिलसिला नहीं रुक रहा है। कुछ महीने पहले दो स्थानीय युवकों को पकड़ा गया था जिसके बाद बवाल हो गया था। अब एसईसीएल के सुरक्षाकर्मियों ने वाहन और ड्राइवर को कबाड़ समेत पकड़ा है। छाल की धरम खदान पहले अंडरग्राउंड थी। भूमिगत खदान से कोयला निकालना पूरा होने के बाद अब इसे खुली खदान में बदल दिया गया है। अंडरग्राउंड खदान में लोहे के बड़े स्ट्रक्चर अब भी मौजूद हैं जिस पर कबाडिय़ों की नजर है। देर रात को कबाड़ी इस खदान में घुसते हैं और लोहा काटकर ले जाते हैं। भूमिगत खदान में खुदाई के दौरान लोहे के पिलर भी निकल रहे हैं। इसे काटकर ले जाने का काम कबाड़ी कर रहे हैं।
गुरुवार को एक ड्राइवर छोटा हाथी वाहन लेकर प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसा था। तभी एसईसीएल के सुरक्षा गाडूस ने दबिश देकर उसको पकड़ लिया। ड्राइवर का नाम शैलेंद्र राठिया निवासी चंद्रशेखरपुर बताया जा रहा है। पता चला है कि आरोपी ड्राइवर यहां से कबाड़ चुराकर रायगढ़ के बड़े कबाडिय़ों को बेचता है। यूजी माइंस में मौजूद लोहा उच्च क्वालिटी का है। इतने साल तक माइंस के अंदर होने के बावजूद उसकी अच्छी कीमत मिल रही है। इसीलिए कई लोग कबाड़ चोरी के काम में लगे हुए हैं। एसईसीएल के सुरक्षाकर्मियों ने ड्राइवर को पुलिस के सुपुर्द किया है।
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संबलपुर-झारसुगुड़ा का पूरा कबाड़ खप रहा पूंजीपथरा के प्लांटों में…
जीएसटी ने पकड़े चार ट्रक जिसमें कबाड़ लोड, वैध दस्तावेज ही नहीं, फ्लाइएश की चार गाडिय़ां भी पकड़ाई
रायगढ़। कबाड़ का कारोबार बहुत तेजी से फैल चुका है। दूसरे जिलों और पड़ोसी राज्यों से बेरोकटोक ट्रक आ रहे हैं और प्लांटों में डिलीवरी दे रहे हैं। जीएसटी की टीम ने स्टेट जीएसटी की टीम ने ऐसे चार ट्रक कबाड़ के साथ जब्त किए हैं। कबाड़ का कमाऊ कारोबार अब रायगढ़ जिले का हिस्सा बन चुका है। उद्योगों से चोरी हो रहे स्क्रैप की डिमांड रोलिंग मिलों और स्पंज आयरन प्लांटों में भी है। इसी वजह से कबाड़ के कारोबारी पनपे और अब यह बेहद शक्तिशाली गिरोह बन चुका है। केवल रायगढ़ ही नहीं बल्कि दूसरे राज्यों से भी कबाड़ की आवक जोरों पर है। इस पर कोई रोकटोक नहीं है क्योंकि यह अथाह कमाई का स्रोत बन चुका है।
कबाड़ कारोबारियों की ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि खरसिया का एक पावर प्लांट काटा गया लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई ही नहीं की। पुसौर के तड़ोला में एक राइस मिल कट गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब तो ओडिशा के झारसुगुड़ा और संबलपुर से भी कबाड़ की खेप रायगढ़ पहुंच रही है। स्टेट जीएसटी की टीम ने चार ट्रक कबाड़ जब्त किया है जो झारसुगुड़ा और संबलपुर से आया है। जानकारी मिली कि इसे पूंजीपथरा के स्पंज आयरन प्लांटों में डिलीवर करना था। इसमें कोई भी बिल नहीं मिला है। ट्रकों को जीएसटी टीम ने जब्त कर गाड़ी मालिकों को नोटिस दिया है। ड्राइवरों ने यह तो बताया कि कबाड़ कहां से आ रहा था, लेकिन डिलीवरी प्वाइंट का खुलासा नहीं किया।
ओवरलोड फ्लाइएश वाली गाड़ी भी जब्त अब जीएसटी टीम मोटर व्हीकल एक्ट के तहत भी कार्रवाई करने लगी है। एक पावर प्लांट से निकली फ्लाई एश की दो ट्रकों को भी जब्त किया गया है। बताया जा रहा है कि ट्रक में एश ओवरलोड मिला। इसके अलावा सरिया से भरे ट्रक को भी जब्त किया गया है। इसमें ई-वे बिल नहीं मिला। स्टेट जीएसटी विभाग आगे की कार्रवाई कर रहा है।
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कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने अपनी दुकान खोल बंद का किया आह्वान….
एक तरफ कांग्रेस ने आज छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान कर घूम घूम कर खुली दुकानों को बंद कराया तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस जिलाध्यक्ष खुद ही अपनी दुकान खोलकर अपनी ही पार्टी के आह्वान को धत्ता बताते दिखे।
छत्तीसगढ़ में बंद का असर मिला जुला देखने को मिला,कहीं पूर्ण रूप से इसका समर्थन किया गया तो कहीं आंशिक लेकिन छत्तीसगढ़ के सक्ति में पहले तो इस बंद का समर्थन करते हुए व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखी लेकिन जब कांग्रेस के ही जिलाध्यक्ष ने अपनी दुकान खोल ली तब धीरे धीरे अन्य व्यापारियों ने ही अपने प्रतिष्ठान खोल लिए।
दरअसल सक्ती में कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने अपने खुद के प्रतिष्ठान वंदना इंजीनियरिंग और वंदना इलेक्ट्रिक खुले रखे,जिनकी देखा-देखी अन्य व्यापारियों ने भी अपनी-अपनी दुकानें खुली रखी।
भाजपा नेता ने लगाए आरोप – सक्ती नगर पालिका के नेता प्रतिपक्ष भाजपा नेता धनंजय नामदेव ने कांग्रेस के जिला अध्यक्ष पर खुद ही पार्टी का निर्देशों का पालन नहीं करने का आरोप लगाया है,उनका कहना है कि कांग्रेस के जिला अध्यक्ष खुद ही अपनी प्रतिष्ठान दुकानें खुली रखकर व्यापारियों की दुकान बंद कराने निकले, इसलिए व्यापारी उनका समर्थन नहीं कर रहे हैं।जब खुद जिला अध्यक्ष ही अपने पार्टी के निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं तो आम जनता से कांग्रेस कैसे समर्थन की उम्मीद कर सकती है,वहीं इस मामले में कांग्रेस जिला अध्यक्ष कुछ भी कहने से बच रहे हैं। -

अब एक साथ होंगे लोकसभा-विधानसभा चुनाव! वन नेशन वन इलेक्शन को मंजूरी, कैबिनेट में प्रस्ताव पास…32 राजनीतिक दलों का समर्थन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली कैबिनेट ने भारत में एक देश एक चुनाव यानी वन नेशन वन इलेक्शन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। बुधवार को मोदी कैबिनेट ने बैठक में देश में एक साथ चुनाव कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
जानकारी के मुताबिक, मोदी कैबिनेट की मीटिंग में लिए गए फैसले पर ब्रीफिंग दी जाएगी।