Author: Sunil Agrawal

  • मोदी ने जाना काशी का हाल, कहा- मास्‍क नहीं तो गमछा बांधें, अपने यहां तो यही चलता है

    मोदी ने जाना काशी का हाल, कहा- मास्‍क नहीं तो गमछा बांधें, अपने यहां तो यही चलता है

    हाइलाइट्स-

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना संकट के बीच अपने संसदीय क्षेत्र काशी का हालचाल लिया

    बनारस के विधायकों और नेताओं से अलग-अलग फोन पर लॉकडाउन के बारे में जानकारी ली

    मोदी ने कहा कि आप लोग मास्‍क पर पैसा ना खर्च करें, मुंह पर गमछा बांधकर घर से निकलें

    पीएम का कहना है कि मास्‍क डॉक्‍टरों और सफाईकर्मियों के लिए ही ज्‍यादा जरूरी होता है

    पूरा देश कोरोना वायरस के संक्रमण से बुरी तरह जूझ रहा है। दिनोंदिन मरीजों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है। इस संकट की घड़ी में लोगों को सुरक्षित रखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार बड़े-बड़े फैसले ले रहे हैं। इतनी व्‍यस्‍तता के बावजूद वह अपने संसदीय क्षेत्र काशी को नहीं भूले हैं। गुरुवार को उन्‍होंने फोन कर अपनी काशी का हालचाल लिया।

    पीएम ने वाराणसी के विधायकों, जिलाध्‍यक्ष और महानगर अध्‍यक्ष से फोन पर लॉकडाउन स्थिति के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्‍होंने कहा- ‘आप लोग मास्‍क पर पैसा मत खर्च कीजिए। अपने यहां यूपी में गमछा लगाते हैं ना तो गमछा से मुंह बांधकर घर से बाहर निकलिए।’बीजेपी जिलाध्‍यक्ष हंसराज विश्‍वकर्मा से सबसे पहले फोन पर बात करते हुए पीएम मोदी ने उनके परिवार का हाल जाना और पूछा कि काशी में कैसी स्थिति है। इस पर जिलाध्‍यक्ष ने कहा कि वे लोगों के लिए मास्‍क बनवा रहे हैं। इस पर प्रधानमंत्री ने उन्हें टोकते हुए कहा कि मास्‍क बनवाने के चक्‍कर में क्‍यों पड़े हैं। बिना कारण खर्च करने की जरूरत नहीं है। मास्‍क डॉक्‍टर और स्‍वास्‍थ्‍य कर्मचारियों के लिए जरूरी है। अपने यहां (बनारस में) जो तौलिया (गमछा) होता है उसी से मुंह बांधकर चल सकते हैं जो कि काशी की रग-रग में बसा है।’घर पर रहें कार्यकर्ता, यथासंभव करें लोगों की मदद’
    वहीं, सेवापुरी विधायक नीलरतन पटेल ‘नीलू’ से बात करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सभी कार्यकर्ता इस संकट की घड़ी में घर पर ही रहें और यथासंभव लोगों की मदद करते रहें। सेवा में कोई कमी न रहने पाए और सभी लोग अपने मोबाइल पर आरोग्यम ऐप डाउनलोड करें। पीएम मोदी ने उम्मीद जताई कि कोरोना पर जल्द देश को जल्द ही विजय मिलेगी। पीएम मोदी ने काशी के अन्य विधायकों और मंत्रियों से भी बारी-बारी से फोन कर हालचाल लिया।

    ‘काशी की पहचान है गमछा’
    कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने का का एकमात्र तरीका है कि व्यक्ति अपने नाक और मुंह को ढककर रखें। ऐसे में जरूरी नहीं कि हर कोई मास्क का ही प्रयोग करें, वो गमछा या गमछा से अपना बचाव कर सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने काशी के नेताओं से बातचीत करते हुए यूपी की पहचान के तौर पर गमछे के इस्तेमाल पर जोर दिया। पीएम मोदी का कहना है कि ग्रामीणों के लिए गमछा या अंगोछा कोई नई चीज नहीं है। वे इसका इस्तेमाल हमेशा से करते आए हैं। ऐसे में उन्हें मास्क के बजाए गमछा या अंगोछा का इस्तेमाल करने को कहें, क्योंकि गमछा या अंगोछा यहां की रग-रग में बसा है।

    वाराणसी में 4 कोरोना हॉट स्पॉट
    गौरतलब है कि कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच यूपी की योगी सरकार ने राज्य के सबसे ज्यादा प्रभावित वाले 15 जिलों के 104 हॉट स्पॉट को पूरी तरह से सील कर दिया है। इस दौरान आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी और कर्फ्यू जैसा माहौल रहेगा। ऐसे में वाराणसी में चार जगहों को कोरोना हॉटस्पॉट के चलते प्रशासन ने सील कर दिया है। जिन जगहों को सील किया गया है उसमें मदनपुरा, बजरडीहा, लोहता और गंगापुर के नाम शामिल हैं।

  • अब रायगढ़ की सीमा पार करना भी होगा मुश्किल, केवल आवश्यक सेवा वाले वाहनों की ही होगी एंट्री

    अब रायगढ़ की सीमा पार करना भी होगा मुश्किल, केवल आवश्यक सेवा वाले वाहनों की ही होगी एंट्री

    रायगढ़। सीमावर्ती कोरबा जिले के कटघोरा तहसील में सात नए संक्रमित मरीज़ मिलने के बाद जिला पुलिस द्वारा और अधिक सतकर्ता बरती जा रही है । जिले में प्रवेश करने वाले सभी चेकपॉइंट्स में पुलिस ने चेकिंग बढ़ा दी गई है ।

    पुलिस अधीक्षक  संतोष कुमार सिंह द्वारा स्वयं इसकी मॉनिटरिंग की जा रही है । उनके द्वारा राजपत्रित अधिकारियों को अपने अपने क्षेत्र में प्रत्येक दिवस दिन व रात में दो-तीन बार इन चेकप्वाइंट को चेक करने के निर्देश दिए गए हैं, किसी भी चेक पॉइंट्स में कर्मचारियों द्वारा लापरवाही न बरती जाए इसे विशेष रूप से देखा जा रहा है । इन पॉइंट्स में पुलिस के जवान, पटवारी, कोटवार आदि तीन पालियों में ड्यूटीरत है ।

    वहीं जिले के भीतर भी ऐसे रहवासियों जो चोरी चुपे बाहर से आकर रह रहे हैं ऐसे लोगों की भी पहचान की जा रही है । पुलिस अधीक्षक द्वारा सभी थाना प्रभारियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में यह सुनिश्चित करने कहा गया है कि ऐसा कोई भी व्यक्ति बाहर से आकर नहीं रह रहा है और जो हाल ही में आए हुए हैं उन्हें होम आइसोलेट में रखे गए हो । निर्देशों पर ऐसे व्यक्तियों को घरों में होम आइसोलेट रहने की हिदायत देख कर उन पर निगाह रखी जा रही है तथा रहवासियों को बाहर से आए व्यक्तियों की जानकारी देने निर्देशित किया गया है । इसके बावजूद यदि कोई बगैर जानकारी थाने में दिए आकर किसी भी स्थान में रहता है उसके विरुद्ध सीधी कार्यवाही किए जाने के निर्देश पुलिस अधीक्षक रायगढ़ द्वारा सभी थाना, चौकी प्रभारियों को दिए गए हैं ।

  • सरगुजा जिले की सीमाएं सील, कोई आएगा न जाएगा….

    सरगुजा जिले की सीमाएं सील, कोई आएगा न जाएगा….

    अंबिकापुर। कोरबा ज़िले के कटघोरा में कोरोना वायरस के सात नए संक्रमित मरीज़ मिलने के बाद सरगुजा ज़िला प्रशासन ने कोरबा, रायगढ और सूरजपुर से जुड़ी सीमाओं को सील करने के आदेश जारी कर दिए हैं। कटघोरा में अब तक प्रदेश के सर्वाधिक संख्या में मरीज़ मिले हैं। कटघोरा, रायपुर बिलासपुर को अंबिकापुर से जोड़ने वाले मुख्य मार्ग में पड़ने वाला बड़ा क़स्बा है। कई कारणों से यह कस्बा सरगुजा से जुड़ा हुआ है। इसीलिए ऐहतियात के तौर पर सरगुजा की सीमाएँ जो कि रायगढ़, कोरबा और सूरजपुर से जुड़ती हैं, उन्हें सील कर दिया गया है। कलेक्टर सारांश मित्तर ने कहा है कि इस प्रतिबंध के दौरान सिर्फ खाद्यान्न परिवहन करने वाले वाहनों की ही आवाजाही रहेगी।

  • कटघोरा में अब इमरजेंसी सेवाएं भी बंद …प्रशासन ने लगाया कर्फ्यू, इमरजेंसी सेवा भी की गई बंद

    कटघोरा में अब इमरजेंसी सेवाएं भी बंद …प्रशासन ने लगाया कर्फ्यू, इमरजेंसी सेवा भी की गई बंद

    कोरोना वायरस को लेकर देशभर में 21 दिन का लॉक डाउन किया गया है जिले के कटघोरा मैं कोरोना का दूसरा केस पॉजिटिव पाए जाने के बाद प्रशासन और पुलिस में हड़कंप मच गया है एहतियात के तौर पर प्रशासन ने पूरे कटघोरा क्षेत्र में पूर्ण रूप से कर्फ्यू लगा दिया है साथ ही पूरी इमरजेंसी सेवा भी पूर्ण रूप से बंद कर दी गई है मेडिकल राशन दुकान पेट्रोल पंप सहित अन्य संसाधनों को भी बंद कर दिया गया है। आगामी आदेश तक यहां पूर्ण रूप से कर्फ्यू लगाया गया है चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स के जवानों को तैनात किया गया है और प्रशासन ने क्षेत्र के आम लोगों को साफ चेतावनी दी है कि किसी भी कीमत पर घर से बाहर ना निकले आम लोगों के इमरजेंसी सेवा आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई के लिए प्रशासन द्वारा व्यवस्था की जा रही है कटघोरा में दूसरा केस सामने आने के बाद पूरे महक में हड़कंप मच गया है और एहतियात के तौर पर प्रशासन और पुलिस द्वारा सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और लोगों से बार-बार अपील की जा रही है कि किसी भी कीमत पर लोग घरों से बाहर ना निकले यदि प्रशासन की चेतावनी के बाद भी यदि कोई घर से बाहर निकलता है तो उसके खिलाफ तत्काल दंडात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।

    कटघोरा के प्रभावित क्षेत्र के हर व्यक्ति का टेस्ट होगा, प्रभावित क्षेत्र में 20 दिन में कोरबा आने वाले सभी को भेजा जाएगा क्वारेंटाइन

    राज्य के कोरबा जिले के कटघोरा में एक साथ  7 पॉजिटिव कोरोना वायरस पीड़ित मिलने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव और कलेक्टर को कटघोरा के प्रभावित क्षेत्र को सीलबंद करने और वहां के हर व्यक्ति का टेस्ट कराने का निर्देश दिया है. कटघोरा के लिए उन्होंने एक विशेष टीम बनाने के भी निर्देश दिए जो पूर्णतः कटघोरा के लिए ही समर्पित रहेगी।
    उन्होंने कहा कि कटघोरा के प्रभावित क्षेत्र में पिछले 20 दिनों में आनेजाने वाले और उनसे संपर्क रखने वाले सभी व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें क्वारंटाइन किया जाये।

  • छत्तीसगढ़ में 31 सौ 59 सैंपल में कुल 18 केस पॉजिटिव मिले, इलाज के बाद 9 लोग हुए स्वस्थ…

    छत्तीसगढ़ में 31 सौ 59 सैंपल में कुल 18 केस पॉजिटिव मिले, इलाज के बाद 9 लोग हुए स्वस्थ…

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब तक कोरोना वायरस के कुल 3159 संभावित व्यक्तियों की पहचान कर सैंपल जांच किया गया है, अभी तक के 3054 परिणाम निगेटिव प्राप्त हुए हैं तथा 88 की जांच जारी है. बुधवार रात को कटघोरा से 1 पॉजिटिव मरीज भर्ती किया गया. वहीं गुरुवार को कटघोरा से ही नये 7 पॉजिटिव मरीज पाये गए. इस प्रकार वर्तमान में एम्स रायपुर में कटघोरा के कुल 9 मरीज इलाज चल रहा है. वहीं इलाज के बाद स्वस्थ हुए 9 मरीज को मिलाकर राज्य में कुल 18 केस पाये गए।

    गौरतलब है कि स्वास्थ्य सचिव ने आज अधिकारियों की बैठक ली. इसमें निजामुद्दीन क्षेत्र से कटघोरा में आये हुए व्यक्तियों के संपर्क में आये संकमित व्यक्तियों के पाये जाने पर समुचे क्षेत्र में सघन निगरानी एवं जांच के निर्देश दिये गए. प्राथमिकता के आधार पर कटघोरा के वार्ड 11 में 60 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों, कोरोना लक्षण के पाए जाने वाले व्यक्तियों और बार-बार घर से बाहर जाने वाले व्यक्तियों को चिन्हित कर उनके सैंपल लिये जाने के निर्देश दिए।

    पूरे प्रदेश में जहां भी हजरत निजामुद्दीन क्षेत्र से आये हुए व्यक्तियों की जानकारी मिली है एवं चिन्हित किये है, उन क्षेत्रों में वर्तमान निवास के क्षेत्र में सघन जांच के निर्देश दिये है. राज्य से अधिकारियों के दल को तत्काल कटघोरा, जिला कोरबा भेजा गया है।

    मंत्री सिंहदेव ने की समीक्षा

    स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने बिन्दुवार समीक्षा किया. वहीं आवश्यक सामग्री के लिए सीजीएमएससी को तत्काल आपूर्ति के निर्देश दिये गए. मेडिकल कॉलेज रायपुर में शीघ्र कोरोना की जांच कराए जाने संचालक, चिकित्सा शिक्षा को निर्देश दिए है. राज्य के सभी लोगों से अपील की है कि कटघोरा में पिछले 3 सप्ताह में आने-जाने वाले व्यक्तियों की जानकारी टोल फ्री नंबर 104 पर दें. और कोरोना संक्रमण के खिलाफ लड़ाई में सरकार का सहयोग करें और अफवाहों से दूर रहें।

    भारत में 169 व्यक्ति की मौत

    विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार अब तक विश्व में कुल 1353361 व्यक्ति संक्रमित हैं और अभी तक कुल 79235 व्यक्तियों की मृत्यु हो चुकी है.  भारत में वर्तमान में कोरोना वायरस के संक्रमण से 32 राज्य प्रभावित हैं, जिनमें कुल 5865 प्रकरणों की पुष्टि हो चुकी है और कुल 169 व्यक्तियों की मृत्यु हो चुकी है।

  • सरकार की अकर्मण्यता के कारण एम्स चिकित्सकों की मेहनत पर फिरा पानी, प्रदेश में जमातियों को रोक नहीं पाना शासन की विफलता,  : डा. रमन सिंह

    सरकार की अकर्मण्यता के कारण एम्स चिकित्सकों की मेहनत पर फिरा पानी, प्रदेश में जमातियों को रोक नहीं पाना शासन की विफलता, : डा. रमन सिंह

    रायपुर। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष औ पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने राज्य सरकार पर जमातियों को प्रदेश में नहीं रोक पाने का आरोप लगाते हुए उसे सरकार की विफलता बताया है। रमन सिंह ने कहा कि सरकार की अकर्मण्यता, प्रशासनिक विफलता और स्तरहीन राजनीति के कारण एम्स के डॉक्टरों की सारी मेहनतों पर पानी फिर गया है।

    उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ दिए सीएम भूपेश बघेल के बयान को उथला, हल्का, बेतुका और महज़ डींगें हाँकने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि बघेल न तो रत्ती भर राजनीतिक मर्यादा का पालन कर रहे और न ही परिस्थियों के अनुरूप परिपक्वता का परिचय दे रहे हैं। डा. सिंह ने कहा कि सच तो यह है कि पीएम मोदी को इस असाधारण परिस्थिति से निपटने में उनके विजन के लिए सारी दुनिया से तारीफ़ मिल रही है, वहां प्रदेश में इससे निपटने के मामले में सीएम बघेल पूरी तरह विफल साबित हुए हैं। उन्होंने प्रदेश में सात नए मरीजों का पता चलने का जिक्र करते हुए कहा कि काफी पीड़ा की बात है कि एम्स के कुशल और निष्ठावान चिकित्सकों और चिकित्साकर्मियों की दिन-रात की मेहनत से हम छत्तीसगढ़ में इस महामारी के खिलाफ जीत के करीब पहुँच गए थे. लेकिन प्रदेश शासन जमातियों को रोक पाने में नाकाम रहे हैं जिसके चलते एक बार फिर स्थिति वही हो गई है।

    इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी बयान देती हैं कि लॉकडाउन जल्दबाज़ी में किया गया, राहुल गांधी कहते हैं कि काफ़ी पहले यह किया जाना चाहिये था। ऐसे में अपना मूल कार्य छोड़कर सीएम अपने राष्ट्रीय नेतृत्व के विरोधाभासी बयानों में संतुलन क़ायम करने में ही जुटे रहते हैं। एक तरफ़ राष्ट्रीय अध्यक्षा सोनिया गांधी अजीब सलाह देते हुए इस महामारी के लिए मीडिया को ज़िम्मेदार ठहराते हुए विज्ञापन रोकने की सलाह देती हैं, तो दूसरी तरफ़ प्रदेश का ख़ज़ाना एक संदिग्ध राष्ट्रीय समाचार चैनल के लिए लुटा कर बघेल अपने मूंह मियां मिट्ठु बन रहे हैं।

    वहीं उन्होंने कहा कि इस संकट के समय सबसे ज्यादा अभाव पीपीई किट का दुनिया भर में है, जबकि छत्तीसगढ़ को कल ही दो हज़ार किट्स उपलब्ध कराये गए हैं। और ज़रूरत का हर साजो-सामान उपलब्ध कराया जा रहा है। सीएम के मांगने पर मनरेगा का सात सौ करोड़ तुरत जारी करने की बात हो या फिर जीएसटी में राज्य के हिस्से का पैसा। इससे पहले अन्य तमाम फंड एवं सहायता देने में कभी भी केंद्र ने कोताही या भेदभाव नहीं किया। बावजूद इसके सीएम द्वारा अपने राष्ट्रीय नेतृत्व को खुश करने के लिए उटपटांग बयान देना निंदनीय है।

    डा. सिंह ने कहा कि कोरोना के खिलाफ शुरू से ही कांग्रेस सरकार लापरवाह दिख रही है. अगर ऐसा नहीं होता तो उन्हें तब्लीगियों के प्रदेश में पहुँचने पर नज़र रखनी थी। उन्होंने याद दिलाया कि सरकार की गंभीरता का अभाव तो उस दिन दिखा था जब स्वयं स्वास्थ्य मंत्री यह शिकायत करते हुए दिखे थे कि विभागीय बैठक में ही उन्हें नहीं बुलाया जा रहा है। उसके बाद स्वास्थ्य मंत्री मुंबई चले गए और विभागीय मंत्री के बिना ही ऐसी विषम परिस्थियों में काम चल रहा था।

    डा. सिंह ने कहा कि इस विषम परिस्थिति में सबको एकजुट होकर काम करना चाहिए। प्रदेश के अनगिनित सामाजिक संगठन और भाजपा के सभी नेतागण आपदा राहत कार्यों में जुटे हुए हैं। यह समय ऐसे सभी योद्धाओं, चिकित्साकर्मियों, पत्रकारों, आरक्षी बलों, बैंक-डाकघरकर्मियों समेत सभी कोरोना वारियर्स का मनोबल बढाने का है, इसके उलट कांग्रेस का राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व अपने ऊल-जुलूल बयानों से योद्धाओं के मनोबल को गिरा रही है। डा. सिंह ने इससे बचते हुए कांग्रेस को सलाह दी है कि वह इस असाधारण संकट के समय परिपक्वता और मानवता का परिचय दे।

  • खांसी, बुखार और नाक बहने पर भी होगा कोरोना वायरस टेस्ट….

    खांसी, बुखार और नाक बहने पर भी होगा कोरोना वायरस टेस्ट….

    भारत में दुनिया का सबसे बड़ा लॉकडाउन जारी है। बावजूद इसके लगातार नए केस सामने आ रहे हैं। आशंका है कि कहीं देश का कुछ हिस्सा कोरोना वायरस फैलने के तीसरे चरण तो प्रवेश नहीं कर गया है। इस बीच, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च यानी आईसीएमआर ने कोरोना वायरस के खिलाफ अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। आईसीएमआर के अनुसार, देश में जहां-जहां कोरोना वायरस के हॉटस्पॉट नजर आ रहे हैं, वहां हर उस शख्स की जांच होगी जिसे बुखार, खासी, गले में दर्द है या नाक बह रही है। किसी भी शख्स में ये संकेत नजर आने के 7 दिन के अंदर कोरोना वायरस की जांच अनिवार्य होगी।

    अभी तक श्वसन की गंभीर बीमारी से ग्रसित, सांस लेने में तकलीफ और बुखारी-खांसी वाले अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों की कोरोना जांच की जा रही थी। संक्रमित व्यक्ति के प्रत्यक्ष संपर्क में आने वाले बिना लक्षण वाले और हाई रिस्क वाले व्यक्तियों का भी संपर्क में आने के पांचवें और 14वें दिन टेस्ट किया जा रहा है।

    इसके अलावा गाइडलाइंस के मुताबिक, ऐसे व्यक्तियों की भी जांच की जा रही थी जिन्होंने पिछले 14 दिनों में अंतरराष्ट्रीय यात्रा की और जिनमें पहले लक्षण नहीं थे और बाद में दिखने लगे, संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने वाले ऐसे सभी व्यक्ति जिनमें लक्षण दिखाई दिए और ऐसे सभी स्वास्थ्यकर्मी जिनमें लक्षण दिखाई दिए हैं। दरअसल, आइसीएमआर की इस नई रणनीति का मकसद प्रभावी रूप से कोरोना संक्रमण की रोकथाम करना और ऐसे सभी व्यक्तियों की विश्वसनीय जांच करना है जो कोराना जांच के मानदंडों के दायरे में आ रहे हैं।

    पीपीई की उपलब्धता को लेकर भयभीत होने की जरूरत नहीं

    इससे पहले स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना संकट से निपटने के लिए चिकित्सा कर्मियों के निजी सुरक्षा उपकरणों (पीपीई) सहित अन्य संसाधन पर्याप्त संख्या में उपलब्ध होने का भरोसा जताया है। मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि पीपीई की उपलब्धता को लेकर भयभीत होने की जरूरत नहीं है। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट (पीपीई) की कमी की आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि भारत में 20 घरेलू कंपनियां इसका निर्माण कर रही हैं। उन्होंने कहा कि 1.7 करोड़ रुपये के पीपीई की खरीद के आर्डर दिए जा चुके हैं। साथ ही 49 हजार वेंटिलेटर भी खरीदे जा रहे हैं।

    इस दौरान भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के वरिष्ठ वैज्ञानिक मनोज मुरहेकर ने संक्रमण के मामले सामने आने की गति स्थिर होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देश में अब तक कोरोना संक्रमण की जांच के लिए 1.30 लाख परीक्षण किए जा चुके हैं। मुरहेकर ने कहा कि इनमें पिछले 24 घंटों में किए गए 13,143 परीक्षण भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षण में संक्रमित मामले सामने आने की दर तीन से पांच फीसद के स्तर पर बरकरार है। इसमें कोई इजाफा नहीं हुआ है।

  • कोरोना के खिलाफ चल रही जंग में सीएम भूपेश बघेल की अपील पर हाईकोर्ट के न्यायाधीशों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री राहत कोष में दिये 52,44,689 रुपये दान

    कोरोना के खिलाफ चल रही जंग में सीएम भूपेश बघेल की अपील पर हाईकोर्ट के न्यायाधीशों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री राहत कोष में दिये 52,44,689 रुपये दान

    रायपुर। कोरोना के खिलाफ चल रही जंग में सीएम भूपेश बघेल की अपील पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के सभी न्यायाधीश, अधिकारी और कर्मचारियों ने भी अपने एक दिन का वेतन 52,44,689 मुख्मंत्री राहत कोष में दान दिया है।

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हाईकोर्ट के न्यायाधीशों, अधिकारियों और कर्मचारियों के अपने एक दिन का वेतन दान करने पर आभार जताया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि कोविड 19 के खिलाफ चल रही लड़ाई इससे मजबूत होगी।

    सीएम ने ट्वीट कर कहा, “सीसीएम राहत कोष में एक दिन का वेतन दान करने के लिए सभी माननीय न्यायाधीशों, सीजी उच्च न्यायालय के न्यायिक अधिकारियों और अधीनस्थ न्यायपालिका के कर्मचारियों / कर्मचारियों के प्रति आभार। 52,44,689 रुपये की यह राशि COVID-19 के खिलाफ हमारी लड़ाई को मजबूत करेगी।”

  • कोरोना पर SC का निर्देश- निजी लैब में भी हो मुफ्त जांच

    कोरोना पर SC का निर्देश- निजी लैब में भी हो मुफ्त जांच

    कोरोना टेस्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को कहा कि जांच फ्री में होनी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार को एक तंत्र बनाना चाहिए, जिससे जो लोग प्राइवेट लैब में अपना टेस्ट कराएं, उनका पैसा रिइम्बर्स किया जा सके।

    कोरोना टेस्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को कहा कि जांच फ्री में होनी चाहिए. बुधवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार को एक प्रक्रिया बनानी चाहिए, जिससे जो लोग प्राइवेट लैब में अपना टेस्ट कराएं, उनका पैसा रिइम्बर्स किया जा सके. कोर्ट ने कहा कि डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ कोरोना से लड़ाई में योद्धा हैं।
    कोरोना टेस्ट और उसके रोकथाम में लगे डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा के लिए दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये लोग योद्धा हैं और उनकी और उनके परिवार के लोगों की सुरक्षा बेहद जरूरी है. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी कंसर्न जाहिर किया कि प्राइवेट लैब को कोरोना की जांच के लिए पैसे लेने की अनुमति नहीं होनी चाहिए।
    118 लैब हर दिन कर रहे हैं 15 हजार टेस्ट
    सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि अभी 118 लैब प्रति दिन 15000 टेस्ट क्षमता के साथ काम कर रहे हैं. अब हम 47 प्राइवेट लैब को भी टेस्ट की इजाजत देने वाले हैं. यह एक विकासशील स्थिति है. हमें नहीं पता कि कितने लैब की जरूरत होगी और कब तक लॉकडाउन जारी रहेगा।
    SC के सुझाव पर विचार करेंगे: तुषार मेहता
    सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्राइवेट लैब को कोरोना की जांच के लिए पैसे लेने की अनुमति नहीं होनी चाहिए. टेस्ट के रिइम्बर्स के लिए सरकार की ओर से तंत्र बनाया जाना चाहिए. इस पर एसजी तुषार मेहता ने कहा कि इन सभी सुझावों पर विचार करेंगे. वहीं, मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा पर सरकार की ओर से एसजी तुषार मेहता ने कहा कि पुलिस और सरकारों की ओर से हर बंदोबस्त किए गए हैं।

    मेडिकल इक्विपमेंट का किया जा रहा है इंतजाम
    मामले की सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से एसजी तुषार मेहता ने बताया कि पीपीई किट समेत सभी मेडिकल उपकरण का तेजी से इंतजाम किया जा रहा है। साथ ही पॉजिटिव लोग किसी को प्रभावित न करें, इसका भी पूरा ख्याल रखा जा रहा है. इसके अलावा सरकार ने कोर्ट को यह भी बताया कि डॉक्टरों के वेतन से पैसे काटने की बात में कोई सच्चाई नहीं है।
    दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में निजी लैब में कोरोना की जांच के लिए 4500 रुपए तक लेने कि इजाजत देने वाली अधिसूचना को चुनौती दी गई है. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से कहा कि कोरोना का टेस्ट मुफ्त में होना चाहिए।

  • रायगढ़ पुलिस अब इंस्टाग्राम पर भी……

    रायगढ़ पुलिस अब इंस्टाग्राम पर भी……

    रायगढ़। लॉक डाउन में सोशल मीडिया मनोरंजन के साथ-साथ प्रचार-प्रसार एवं सूचनाओं के आदान प्रदान करने का महत्वपूर्ण साधन रहा है । ऐसे में रायगढ़ पुलिस जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप, फेसबुक ट्विटर पर पहले ही उपलब्ध है । समय के साथ इंस्टाग्राम में बढ़ते यूजर की संख्या को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कुमार सिंह द्वारा रायगढ़ पुलिस का इंस्टाग्राम अकाउंट बनवाया गया है ।

    अब इंस्टाग्राम यूजर, इंस्टाग्राम पर भी रायगढ़ पुलिस को फॉलो कर रायगढ़ पुलिस को अपने महत्वपूर्ण सुझाव या अन्य कोई जानकारी दे सकते हैं ।समय-समय पर रायगढ़ पुलिस द्वारा सोशल मीडिया अकाउंट्स पर महत्वपूर्ण जानकारियां एवं रायगढ़ पुलिस की उपलब्धियां शेयर की जाती है जिसे भी इस पेज पर देखा जा सकता है । रायगढ़ पुलिस के इंस्टाग्राम अकाउंट को नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर फॉलो किया जा सकता है ।

    https://www.instagram.com/raigarhpolice/