Author: Sunil Agrawal

  • पुलिसकर्मियों ने लॉकडाउन के नाम पर मचाया हंगामा, एसआई और सिपाही के खिलाफ FIR दर्ज….

    पुलिसकर्मियों ने लॉकडाउन के नाम पर मचाया हंगामा, एसआई और सिपाही के खिलाफ FIR दर्ज….

    रतनपुर के पास मौजूद खैरा में सोमवार शाम को दो व्यक्ति कार में सवार होकर पहुंचे इसमें से एक ने खुद को एसआई और दूसरे ने सिपाही बताया. इनमें से एक सादी वर्दी में था तो वहीं दूसरे ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी. दोनों ने ग्रामीणों को बिलासपुर एसपी ऑफिस से पहुंचने की बात कहते हुए जमकर तमाशा किया. सबसे पहले इन लोगों ने श्रीकांत नाम के एक युवक का शर्ट फाड़कर उससे अपनी गाड़ी पोंछने लगे. इसके बाद गांव के ही एक अन्य युवक प्रीतम का मोबाइल दोनों ने लूट लिया. जब प्रीतम की मां हंगामा मचाने लगी तो दोनों ने मोबाइल वापस किया. इसके बाद रतनपुर क्षेत्र में संचालित कृष्णा ट्रेडर्स के ट्रक को रोककर पूछताछ के नाम पर चालक से सारे दस्तावेज छिन लिए और उसे वापस तक नहीं किया. दोनों गांव में घूम-घूम कर सबसे विवाद करते रहे.

    इसके बाद वे राम दुलारी नाम के व्यक्ति को अपने साथ गाड़ी में बिठा कर पचरा के पीछे ले गए, जहां दोनों ने उससे खरीदवाकर जमकर महुआ शराब पिया. शराब के नशे में आकर दोनों फिर से ग्रामीणों के साथ मारपीट करने लगे. दोनों की हरकतों से परेशान ग्रामीणों पुलिस को इत्तला दी गई, जिसके बाद रतनपुर थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और दोनों की कुंडली खंगालने लगे.
    ग्रामीणों का कहना है कि रतनपुर पुलिस ने उन्हें दोनों के बिलासपुर आईजी कार्यालय में कार्यरत होने की जानकारी दी, लेकिन जब मीडिया ने इस बात की तस्दीक करनी चाही तो रतनपुर पुलिस ने खामोशी ओढ़ ली. इधर ग्रामीणों ने पूरे घटनाक्रम की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दी, जिसके बाद रतनपुर से लेकर बिलासपुर तक हंगामा मच गया.

    एक एसआई तो दूसरा है सिपाही

    इस मामले में बिलासपुर एसपी प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि रतनपुर में दो सिपाहियों  के उत्पात मचाने की सूचना मिली थी, जिसके बाद रतनपुर थाने की टीम को मौके पर भेजा गया था, जहां से इन दोनों को गिरफ्तार किया गया है. सब इंस्पेक्टर दिलीप तिवारी आईजी ऑफिस में पदस्थ है, वहीं सिपाही प्रेम उपाध्याय सरकंडा थाने में पदस्थ है. दोनों के खिलाफ थाने एफआईआर दर्ज करा दिया गया है. इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी जाएगी. कानून सबके लिए एक बराबर है.

    देखिये वीडियो …

     https://youtu.be/GIGqNX7g_H0

  • वर्दी की आड़ में शराब तस्करी करते एक सब इंस्पेक्टर समेत 4 लोग चढ़े पुलिस के हत्थे

    वर्दी की आड़ में शराब तस्करी करते एक सब इंस्पेक्टर समेत 4 लोग चढ़े पुलिस के हत्थे

    कांकेर। कोरोना वैश्विक महामारी के कारण छत्तीसगढ़ में भी शराबबंदी लागू की गई है, जिनके लिए पुलिस जवान अपनी जान जोखिम में डाल लोगों नियमों का पालन करना सीखा रहे है। तो वहीं कुछ वर्दीधारी पुलिस की वर्दी को दागदार करने में लगे है। ऐसा ही ताजा मामला कांकेर जिले के चारामा थाना क्षेत्र में सामने आया है। बीती रात एक सब इंस्पेक्टर अपने तीन साथियों के साथ अवैध रूप से शराब परिवहन करते गिरफ्तार किया गया है। पूरा मामला चारामा थाना क्षेत्र का है दरअसल चारामा पुलिस को सूचना मिली थी कि माचांदुर गांव के पास दुर्ग के पाटन थाना में पदस्थ एक सब इंस्पेक्टर देवानंद पटेल 55 लीटर देशी महुआ शराब अपने तीन सहयोगियों के साथ स्विफ्ट डिजायर कार में अवैध शराब लेकर जा रहे हैं। पुलिस ने सूचना मिलते ही माचांदुर गांव के नाका के पास घेराबंदी की और स्विफ्ट डिजायर वाहन क्रमांक सी जी 07 बी एच 0697 में जांच के बाद 55 लीटर शराब पाया गया पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों देवानंद पटेल सब इंस्पेक्टर, पप्पू लहरे, सुरेश बंछोर, बल्लभ को चारामा थाना ले आई जहां विवेचना के बाद चारों आरोपियों के ऊपर आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कर आगे की कार्रवाई कर रही है।

  • सप्ताह में दो दिन खुलेगी बर्तन, कपड़ा, ज्वेलरी और मोबाईल रिचार्ज की दुकानें…जगलदपुर कलेक्टर ने जारी किया आदेश

    सप्ताह में दो दिन खुलेगी बर्तन, कपड़ा, ज्वेलरी और मोबाईल रिचार्ज की दुकानें…जगलदपुर कलेक्टर ने जारी किया आदेश

    नोवल कोरोना वायरस (COVID-19) के संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम के लिए दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 के अंतर्गत धारा 144 के पालन के दौरान कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी के.एल. चौहान द्वारा केवल स्थापना अधिनियम के तहत रजिस्टर्ड दुकान, प्रतिष्ठानों को जिले में 27 अपै्रल से चिन्हित अनुमति प्राप्त गतिविधियों के संचालन के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं, जिसके अनुसार आयात, निर्यात हेतु पैकहाऊस जैसी संरचनाएं, बीज एवं उद्यानिकी उत्पाद के निरीक्षण एवं ट्रीटमेंट सुविधाएं, वृक्षारोपण, वन संवर्धन एवं सहायक गतिविधियों को छूट प्रदान की गई है। इसके अलावा जिले में अन्य व्यवसायिक दुकान, प्रतिष्ठानो को खोलने की अनुमति प्रदान की गई है।

    सप्ताह में केवल 02 दिवस खुलने वाले दुकान, प्रतिष्ठान
    (समय दोपहर 12.00 बजे से  4.00 बजे तक)
    बर्तन, कपड़ा ज्वेलरी, मोबाईल रिचार्ज (मोबाईल विक्रय की अनुमति नहीं है)
    (सोमवार एवं गुरूवार)
    स्टेशनरी मार्ट एवं फैंसी स्टोर्स, प्रोव्हीजन स्टोर्स- (मंगलवार एवं शुक्रवार)
    बिजली के पंखे, कुलर एवं इलेक्ट्रानिक सामग्री के विक्रय तथा मरम्मत एवं जूते-चप्पल (बुधवार एवं शनिवार)
    प्रत्येक दिवस खुलने वाली दुकानें (समय प्रातः 8.00 बजे से सायं 4.00 बजे तक)
    सब्जी, फल, अनाज, डेली नीड्स, खाद्यान्न, किराना दुकान (सभी प्रकार), कृषि संबंधित मशीनरी, स्पेयर पार्ट विक्रय एवं मरम्मत, छात्रों के लिए शैक्षणिक किताबों की दुकानें, पशुआहार एवं खाद उर्वरक, कीटनाशक एवं बीज विक्रय, चिकन, मटन, मछली, अंडा विक्रय, निर्माण संबंधी हार्डवेयर, ऑप्टीकल्स (चश्मा), दुपहिया एवं चारपहिया वाहनों के पंचर, रिपेयर, स्प्रेयर पार्टस, आटा मिल, दाल मिल इत्यादि। मिस्त्री, बढ़ाई प्लम्बर, इलेक्ट्रीशियन, मोटर मैकेनिक, कम्प्यूटर रिपेयर की केवल सेवाएं की अनुमति दी गई है। पेट्रोल पम्प गैस एजेंसी एवं मेडिकल दुकान, प्रतिष्ठान के अतिरिक्त, लॉकडाउन के दौरान छूट प्राप्त अन्य समस्त दुकान, प्रतिष्ठान को प्रातः 8.00 बजे से दोपहर 4.00 बजे तक ही खोलने की अनुमति होगी।

    जिले के ग्रामीण क्षेत्र में सभी पंजीकृत प्रतिष्ठान (निजी एवं व्यवसायिक) को 50 प्रतिशत कर्मचारियों की उपस्थिति के साथ उक्त दुकानों के परिचालन की अनुमति दी गई है। इन क्षेत्रों में भी सेलून, ब्यूटी पार्लर, पान, गुटखा एवं तम्बाकु, सभी मॉल, सामुदायिक भवन, सामाजिक भवन, वैवाहिक भवन का उपयोग एवं परिचालन प्रतिबंधित होगा।

    कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी चौहान ने कहा है कि जिले में किसी भी स्थान पर दुकान संचालन एवं अन्य गतिविधियों के दौरान इस बात का ध्यान रखा जाए कि जिले में धारा 144 प्रभावशील है। महामारी अधिनियम के तहत् हर कार्यवाही को अंजाम देने के लिए मास्क पहनना अनिवार्य है तथा न्यूनतम 01 मीटर की सामाजिक दूरी के साथ कार्य करना होगा। कलेक्टर ने कहा कि दुकानों में आने वाले ग्राहकों के लिए सोशल डिस्टेंसिंग हेतु 01-01 मीटर के अंतर पर मार्किंग किया जाए तथा मार्किंग के बगैर दुकानों का संचालन न किया जाए। संबंधित दुकानदार द्वारा मार्किंग किया जाकर सोशल डिस्टेंसिंग से क्रय-विक्रय की कार्यवाही की जाए।

    मास्क का उपयोग नहीं करना, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करना, हाथ धुलाई की व्यवस्था न होना, निर्धारित मानक से अधिक कर्मचारियों का उपस्थित होना इस आदेश का उल्लघंन माना जाएगा तथा संबंधित के विरूध्द अर्थदण्ड आरोपित किया जायेगा। प्रथम उल्लंघन पर 500 रूपये अर्थदण्ड तथा द्वितीय उल्लंघन पर 2000 रूपये के अर्थदण्ड से अधिरोपित किया जाएगा, इसके पश्चात् भी उल्लंघन पाया जाता है तो दुकान बंद करने हेतु कार्यवाही की जायेगी।

    समस्त दुकानों, प्रतिष्ठानों में केवल आवश्यक 50 प्रतिशत कर्मियों के साथ ही कार्य किया जाएगा तथा दुकानों, प्रतिष्ठानों में दुकानदार, कर्मचारी एवं ग्राहक सभी को मास्क अथवा कपड़े से मुंह एवं नाक को ढंकना अनिवार्य होगा। बिना मास्क लगाये ग्राहक को दुकानदार सामग्री विक्रय नहीं करेंगे। दुकान में सेनेटाइजर एवं हाथ धुलाई की व्यवस्था की जाएगी। दुकानों, प्रतिष्ठान के सामने सार्वजनिक आवागमन के मार्ग पर कोई भी ग्राहक अपने वाहन नहीं रखेंगे, यह जिम्मेदारी दुकानदारों की होगी। सभी दुकानदार यह सुनिश्चित करेंगें कि सामग्री लोडिंग-अनलोडिंग अपने दुकान की परिधि के भीतर करेंगे, यह कार्य सार्वजनिक आवागमन के मार्ग पर नहीं किया जाएगा। कलेक्टर ने कहा कि लॉकडाउन के संबंध में शासन-प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। किसी भी स्थिति में ब्यूटी पार्लर, पान, गुटखा एवं तम्बाकु विक्रय की दुकान, व्यायाम शाला, तरणताल, सिनेमाघर, मॉल, सामाजिक समारोह के भवन, वैवाहिक भवन, गार्डन, खेल मैदान एवं खेल से संबंधित क्षेत्र, बैठक व्यवस्था के साथ संचालित रेस्टोरेंट का परिचालन प्रतिबंधित होगा।

    कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी चौहान ने कहा है कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम हेतु आवश्यक निर्देश यथा फिजिकल डिस्टेंस, मास्क लगाना इत्यादि के पालन की जिम्मेदारी दुकानदार की होगी। निर्देशों के किसी भी प्रकार का अवहेलना किया जाना पाये जाने की स्थिति में दुकानदार के विरूध्द प्रथमतः चालानी की कार्यवाही की जाएगी एवं उसके बाद दुकान, प्रतिष्ठान को सील करने की कार्यवाही की जाएगी। उपरोक्त समस्त गतिविधियॉ दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा  144 (1) के अधीन होंगे तथा एपिडेमिक एक्ट 1897 के तहत जारी आदेश की परिधि में होंगे।

  • फिर से फैल सकता है छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में कोरोना का संक्रमण,माल ढोने वाली गाड़ियां करा रही हैं लोगों को बॉर्डर पार…

    फिर से फैल सकता है छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में कोरोना का संक्रमण,माल ढोने वाली गाड़ियां करा रही हैं लोगों को बॉर्डर पार…

    अंबिकापुर। माल ढोने वाली गाड़ियों को आवाजाही के लिए जांच से छूट देना भारी पड़ सकता है. इन गाड़ियों में लोग क्लीनर बनकर एक राज्य से दूसरे राज्य में जा रहे है. कोरोना की वजह से आवाजाही एक राज्य से दूसरे राज्य में बंद है. जिससे कोरोना को आइसोलेट किया जा सके. लेकिन अब लोगों ने मालवाहक गाड़ियों के माध्यम से एक राज्य से अपने राज्य पहुंच रहे हैं, जिससे उन राज्यों में खतरा बढ़ गया है जो कोरोना से ज़्यादा प्रभावित नहीं है

    चूंकि माल ढोने वाली गाड़ियों को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने चेकिंग से फ्री कर दिया है. इसलिए इन गाड़ियों में लोग बैठकर जा रहे हैं उसकी कोई जांच नहीं हो रही है. ये अपने आप मे बड़ा सवाल है कि लोग अपने घर लौट प्रशासन को जानकारी दे रहे हैं या नहीं

    कुछ ऐसे ही लोग सरगुजा के अलग-अलग हिस्सों में है. जो बिहार की ओर जा रहे हैं. देर शाम अम्बिकापुर के बंगाली चौक से बड़ी संख्या में लोग राजपुर के लिए एक हाइवा में रवाना हुए. इनमे से कुछ बिहार भी जाएंगे. बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में लोग झारखंड बॉर्डर की ओर जा रहे हैं

    हमने एक पटना जाने वाले व्यक्ति से बात की. वो कुछ पैदल और एक ट्रक में लिफ्ट लेकर रायपुर से अम्बिकापुर आया है और बिहार में छपरा जाने के लिए मालवाहक गाड़ी खोज रहा है. उसका कहना है कि मालिक ने कहा कि घर वाले चिन्ता कर रहे हैं. इसलिए जाना पड़ रहा है. हालांकि बाद में वो ठेकेदार पर भी इसका ठीकरा फोड़ता नज़र आया. उसने बताया कि उसके बाकी साथी भी इसी तरह अपने-अपने घर जा रहे हैं

    राज्य ने कोरोना को रोकने के लिए अपनी सीमाओं पर रोक लगा दी थी, लेकिन अब उसमें सेंधमारी हो रही है. कहीं ऐसा न हो कि कोरोना इसी तरह बॉर्डर के इस पार आ जाये और जो बीमारी यहां नियंत्रित है, उसे अनियंत्रित कर दे

  • नेटफ्लिक्स, अमेज़न प्राइम फ्री करने की मांग SC ने ठुकराई, कहा- वकील हैं तो क्या कुछ भी दाखिल कर देंगे

    नेटफ्लिक्स, अमेज़न प्राइम फ्री करने की मांग SC ने ठुकराई, कहा- वकील हैं तो क्या कुछ भी दाखिल कर देंगे

     

    सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई जिसमें फोन कॉल, इंटरनेट, डीटीएच के साथ नेटफ्लिक्स के वीडियो भी मुफ्त में उपलब्ध कराने की मांग की गई थी

    दिल्ली। लॉकडाउन के दौरान सिर्फ ज़रूरी मामलों की सुनवाई के लिए बैठ रहे सुप्रीम कोर्ट के सामने कई ऐसी मांगें आ जाती हैं कि जज भी हैरान रह जाते हैं. आज ऐसा ही एक मामले में हुआ जिसमें याचिकाकर्ता फोन कॉल, इंटरनेट, डीटीएच के साथ नेटफ्लिक्स के वीडियो भी मुफ्त में उपलब्ध कराने की मांग कर रहा था. वकील की बातें सुन कर जज भी चौंक गए.

    मुफ्त मनोरंजन की मांग
    वकील मनोहर प्रताप की याचिका में कहा गया था कि लोग कोरोना जैसी गंभीर बीमारी से घबराए हुए हैं. उन पर मनोवैज्ञानिक दबाव है. इसलिए उन्हें अनलिमिटेड कॉलिंग और इंटरनेट की सुविधा दी जाए. मोबाइल कंपनियों से यह कहा जाए कि लोगों से इनके पैसे न लें.

    इस याचिका में यह मांग भी की गई है कि डीटीएच कंपनियों से कहा जाए कि लोग जो चैनल देखना चाहते हैं, उन्हें फ्री में देखने दिया जाए. नेटफ्लिक्स, अमेज़न प्राइम वगैरह पर जिस वीडियो कंटेंट के पैसे लिए जाते हैं, उन्हें भी अभी फ्री कर दिया जाए.

    जस्टिस रमन्ना संजय किशन कौल और बी आर गवई की बेंच ने याचिका पर विचार से मना कर दिया. बेंच ने नाराजगी जताते हुए कहा, “यह किस तरह की याचिका है? क्या आप कुछ भी दाखिल कर देंगे?”

    पीएम फंड के खिलाफ याचिका
    पीएम केयर्स फंड को अवैध बताने वाले याचिकाकर्ता को भी कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई. इलाहबाद के शाश्वत आनंद समेत 4 वकीलों की याचिका में कहा गया था कि बिना किसी कानूनी प्रावधान के इस फंड को शुरू किया गया है. इसमें जमा सारा पैसा राष्ट्रीय आपदा राहत कोष में ट्रांसफर किया जाए.

    जज इस याचिका पर आश्वस्त नहीं थे. लेकिन वकील ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाने लगे. इस पर जस्टिस कौल ने टिप्पणी की, “आपकी याचिका राजनीति से प्रेरित लग रही है. या तो आप इसे वापस लीजिए या हम आप पर जुर्माना लगाते हैं.”

    इस याचिका में घर घर जाकर कोरोना टेस्ट की भी मांग की गई थी. जजों ने इसे अव्यवहारिक बताते हुए आदेश देने से इंकार कर दिया.

    2 और याचिकाएं खारिज
    आज एक याचिका में बिना लक्षण वाले यानी asymptomatic कोरोना मरीज़ों की जांच के लिए अलग से दिशानिर्देश बनाए जाने की मांग की गई. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “ऐसे मामलों को सरकार पर छोड़ देना बेहतर है.“

    एक और याचिका में आरोप लगाया गया था कि देश में कोविड 19 की महामारी के बीच दलित, मुस्लिम, उत्तर पूर्व भारत के लोगों से इलाज में भेदभाव किया जा रहा है. जजों ने याचिका पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इस तरह का कोई तथ्य सामने नहीं आया है. वकीलों ने घर बैठे याचिका तैयार कर दी है.

  • शो ऑफ करना पड़ा महंगा, लॉकडॉउन में FB LIVE कर BMW से आउटिंग.. रायपुर पुलिस ने गिरफ़्तारी ही लाईव कर दी…

    शो ऑफ करना पड़ा महंगा, लॉकडॉउन में FB LIVE कर BMW से आउटिंग.. रायपुर पुलिस ने गिरफ़्तारी ही लाईव कर दी…

    रायपुर। लॉकडॉउन में फ़ेसबुक पर लाईव्ह कर बीएमडब्लू से घूमने वाले युवक को पुलिस ने एफ़बी लाईव्ह कर ही गिरफ़्तार किया है।पुलिस के पास सूचना थी कि एक BMW पर रोज़ युवक तफ़रीह के लिए निकल रहा है।

    युवक की पहचान एक इंटरप्रैन्योर के रुप में राजधानी में रही है।NIT 2006 बैच के इस छात्र के द्वारा लिफ़्ट को लेकर बेहतर तकनीकि काम किया गया है। लेकिन लॉकडॉउन में फ़ेसबुक पर बक़ायदा लाईव्ह कर के रात को बेवजह घूमने ने इसे रायपुर पुलिस के टार्गेट में ला दिया।

    रायपुर पुलिस ने लॉकडॉउन में एफबी लाईव्ह कर नियम को खुली चुनौती देने वाले इस युवक को पकड़ा और और उसी युवक को अपना पोस्ट पर पुलिस कार्यवाही की जानकारी मय तस्वीर देनी पड़ी।

    कप्तान आरिफ़ शेख़ ने कहा
    “लॉकडॉउन में घर पर रहना है.. बिना वजह तफ़रीह का यह समय नहीं है..आप तफ़रीह भी कर रहे हैं.. और फ़ेसबुक पर लाईव्ह कर रहे हैं.. व्यवस्था को चुनौती दे ही रहे हैं और आप का यह लाईव्ह अपने साथियों को उकसाने वाला भी है..”

    SSP आरिफ़ ने कहा
    “ नियम का पालन सभी को करना है.. फिर लॉकडाउन हो.. सोशल मीडिया हो या ट्रैफ़िक नियम.. सभी पालन करें.. वर्ना हम तो हैं ही”

  • RBI ने म्यूच्यूअल फण्ड उद्योग को दी राहत, 50000 करोड़ रुपये की स्पेशल लिक्विडिटी सुविधा की घोषणा की….

    RBI ने म्यूच्यूअल फण्ड उद्योग को दी राहत, 50000 करोड़ रुपये की स्पेशल लिक्विडिटी सुविधा की घोषणा की….

    कोरोना वायरस प्रकोप और लॉकडाउन के कारण पैदा हुई अभूतपूर्व चुनौतियों से जूझ रहे म्युचुअल फंड उद्योग को सरकार ने बड़ी राहत प्रदान की है। भारतीय रिज़र्व बैंक ने म्युचुअल फंड्स के लिए 50,000 करोड़ के स्पेशल लिक्विडिटी सुविधा की घोषणा की है। आरबीआई ने म्युचुअल फंड्स में लिक्विडिटी के दबाव को कम करने के लिए सोमवार को इस सुविधा की घोषणा की है। इस घोषणा के साथ ही आरबीआई ने दोहराया कि वह वित्तीय स्थिरता को संरक्षित करने और अर्थव्यवस्था पर कोरोना वायरस के प्रभाव को कम करने के लिए हरसंभव आवश्यक कदम उठाएगा।

    भारतीय रिज़र्व बैंक ने कहा,’कोविड-19 के प्रकोप के कारण पूंजी बाजारों में भारी अस्थिरता आई है, जिससे म्युचुअल फंड्स (MFs) में लिक्विडिटी का संकट पैदा हो गया है। भारी संख्या में रिडंप्शन होने से म्युचुअल फंड्स में लिक्विडिटी को लेकर दबाव और बढ़ गया है। हालांकि, लिक्विडिटी को लेकर दबाव उच्च जोखिम वाले डेट म्युचुअल फंड सेगमेंट में ही है, इंडस्ट्री के बड़े हिस्से में लिक्विडिटी को लेकर समस्या नहीं है।’
    गौरतलब है कि पिछले सप्ताह यूएस बेस्ड म्युचुअल फंड हाउस फ्रैंकलिन टेम्पलटन इंडिया ने अपने छह डेट फंड्स को बंद कर दिया था। जिससे इन फंड्स में से निवेशक पैसे नहीं निकाल पाएंगे। इस तरह निवेशकों के करीब 30 हजार करोड़ रुपये इन छह डेट फंड्स में फंस गए हैं। फ्रैंकलिन टेम्पलटन इंडिया ने फंड्स को बंद करने के पीछे कोरोना वायरस संकट और लॉकडाउन के चलते नकदी की कमी का हवाला दिया था।

    यहां बता दें कि कंपनी ने फ्रैंकलिन इंडिया टेम्पलटन लो ड्यूरेशन फंड, फ्रैंकलिन इंडिया टेम्पलटन इनकम ऑपरच्यूनिटी फंड, फ्रैंकलिन इंडिया टेम्पलटन क्रेटिड रिस्क फंड, फ्रैंकलिन इंडिया टेम्पलटन शॉर्ट टर्म इनकम प्लान, फ्रैंकलिन इंडिया टेम्पलटन शॉर्ट बॉन्ड फंड और फ्रैंकलिन इंडिया टेम्पलटन डायनामिक एक्यूरियल फंड को बंद किया है। इस फैसले के बाद अब इन छह डेट फंड्स में कोई ताजा खरीद नहीं कर पाएगा। वहीं, मौजूदा निवेशकों का पैसा इन फंड्स में लॉक रहेगा।

  • आईसीएमआर ने वापस मांगी आबंटित की गई रैपिड टेस्ट किट, नये किट से कटघोरा के निगेटिव आए लोगों की फिर होगी जांच…

    आईसीएमआर ने वापस मांगी आबंटित की गई रैपिड टेस्ट किट, नये किट से कटघोरा के निगेटिव आए लोगों की फिर होगी जांच…

    रायपुर। आईसीएमआर (इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च) ने अपने आबंटित की गई रैपिड टेस्ट किट वापस मांगी है. इस आशय का पत्र छत्तीसगढ़ को जारी किया गया है. पत्र के बाद सरकार ने किट वापसी की तैयारी शुरू कर दी है. बता दें कि आसीएमआर ने छत्तीसगढ़ को 48 सौ रैपिड टेस्ट भेजा था. इस किट का इस्तेमाल सिर्फ कोरबा जिला में हुआ था. जिले में लगभग एक हजार किट का इस्तेमाल किया गया था

     

    गौरतलब है कि कोरोना हॉटस्पॉट कटघोरा में ही रैपिड किट से टेस्ट किया गया था. अब नये किट आने के बाद फिर से कटघोरा के निगेटिव आए लोगों की जांच की जाएगी, क्योंकि किट से सही रिजल्ट नहीं मिलने की जानकारी मिली है. इस पर कई राज्यों ने आपत्ति जताई है

    राज्य कोरोना कंट्रोल एवं डिमांड टीम के पीआरओ अखिलेश त्रिपाठी ने इस बात की पुष्टि की है. यथाशीघ्र किट को वापस किया जाएगा. किट की गुणवत्ता विश्वसनीयता शोध में बहुत कम पाए जाने पर यह फ़ैसला लिया गया है

  • राज्य कर, माल एवं सेवा कर विभाग की बड़ी कार्रवाई, राज्य जीएसटी ने पकड़ी 118 करोड़ रुपए की कर चोरी….

    राज्य कर, माल एवं सेवा कर विभाग की बड़ी कार्रवाई, राज्य जीएसटी ने पकड़ी 118 करोड़ रुपए की कर चोरी….

    रायपुर। लॉकडाउन के दौरान वर्क फ्राम होम से 745.58 करोड़ रुपए का सर्कुलर ट्रेडिंग और बोगस विक्रय दर्शाकर 118.47 करोड़ रुपए की कर चोरी पकड़ी गई है. राज्य कर, माल एवं सेवा कर विभाग की इस बड़ी कार्रवाई पर विभागीय मंत्री टीएस सिंहदेव ने अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी है

     

    जानकारी के अनुसार, आयुक्त, राज्य कर, माल एवं सेवा कर विभाग के निर्देश पर संयुक्त आयुक्त गोपाल वर्मा के नेतृत्व में प्रवर्तन शाखा की ओर से यह कार्रवाई की गई. विभागीय टीम ने जांच में पाया गया कि राज्य के कुल जो आयरन एण्ड स्टील एवं प्लाईवुड के व्यवसाय से जुड़े 14 अस्तित्वहीन एवं अकार्यशील व्यवसायी संलिप्त हैं. इन व्यवसायियों ने बोगस बिल जारी कर राज्य और दिल्ली, केरल, उड़ीसा सहित 13 अन्य राज्यों के अन्य व्यवसायियों को 118.47 करोड़ रुपए का गलत आगत कर पासऑन किया जा रहा था

    प्रवर्तन शाखा द्वारा व्यवसायियों द्वारा पंजीयन के दौरान प्रस्तुत दस्तावेजों से मोबाइल नम्बर, पैन नम्बर और ई-मेल आईडी के आधार पर जीएसटी एवं ई-वे बिल माड्यूल्स में उपलब्ध टूल्स द्वारा ट्रैकिंग की गई, जिसमें पता चला कि 14 राज्यों में 19 पैन नम्बर का उपयोग करके अलग-अलग राज्यों में 58 पंजीयन प्राप्त किए गए, जिनमें 21 मोबाइल नम्बरों का उपयोग किया गया है

    जांच से स्पष्ट हुआ कि कुछ ही व्यक्तियों के द्वारा समस्त बोगस फर्म संचालित किए जा रहे हैं. व्यवसायियों द्वारा प्रस्तुत विवरणियों में क्रय-विक्रय संव्यवहारों का अवलोकन करने पर पाया गया कि इन व्यवसायियों द्वारा आपस में एक-दूसरे को क्रय-विक्रय दर्शाकर सर्कुलर ट्रेडिंग की जा रही है. बोगस आगत कर लेने वाले व्यवसायियों के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है

    विभाग की इस बड़ी कार्रवाई पर मंत्री टीएस सिंहदेव ने खुशी जताते हुए कहा कि 118 करोड़ रुपए के कर चोरी की सूचना मिली है. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्ण डिटेल उनके पास नहीं आया है. पूरा डिटेल आने के बाद ही मैं कुछ बोल पाऊंगा. साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि इसमें जो भी शामिल है, उन सभी संस्थाओं के लाइसेंस रद्द कर ब्लैक लिस्ट किया जाएगा. इसके अलावा अन्य जरूरी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. सबके लिए क़ानून बनाया और क़ानून के अंतर्गत ही कार्रवाई की जाएगी

    ट्रांजेक्शन ऑनलाइन ट्रेस किया, कार्रवाई जारी

    स्टेट जीएसटी विभाग के संयुक्त आयुक्त गोपाल वर्मा ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से सभी कर्मचारी वर्क फ्रोम होम पर हैं. हमने इनका ट्रांजेक्शन ऑनलाइन ट्रेस किया है. स्पॉट वेरिफिकेशन करके इन पर कार्रवाई के लिए सभी राज्यों को पत्र लिख दिया गया है. करीब 118 करोड़ रुपये के टैक्स चोरी का मामला है. कार्रवाई की जा रही है

  • आबकारी विभाग ने 10 होटलों में दी दबिश,लॉक डाउन में शराब बेचने की मिल रही थी शिकायत….

    आबकारी विभाग ने 10 होटलों में दी दबिश,लॉक डाउन में शराब बेचने की मिल रही थी शिकायत….

    रायपुर। कोरोना संक्रमण को रोकने देश में लॉक डाउन है. सभी दुकानों के साथ ही होटल, बार और शराब दुकानों को भी सरकार ने बंद किया है. लेकिन होटलों और बारों द्वारा अवैध रुप से शराब बेचने की लगातार मिल रही शिकायत के बाद आबकारी विभाग की टीम ने राजधानी के 10 होटल और बारों में दबिश दी

    26 अप्रैल को राज्य स्तरीय उड़नदस्ता तथा संभागीय उड़नदस्ता रायपुर की टीमों द्वारा संयुक्त रूप से रायपुर शहर में स्थित होटल ग्रैंड इम्पेरिया, द लिविंग रूम कैफे, क्यू लखनवी रेस्टॉरेंट, 3 किंग्स रेस्टॉरेंट, शीतल इंटरनेशनल, ऑर्चिड बार, मोनू बार, होटल सिमरन, होटल पुनीत, होटल सी रॉक, कुल 10 स्थानों पर आकस्मिक दबिश दे कर जांच की गई।

    आबकारी विभाग के अनुसार जांच में उपरोक्त 10 स्थानों में से 06 स्थान पूर्णतः बंद पाए गए तथा शेष 04 स्थानों की जांच में कोई संदिग्ध गतिविधि दर्शित नहीं हुई. समस्त स्थानों पर स्टॉक रूम विधिवत सील पाए गए जो कि बंदी आदेश के परिपेक्ष में लगाए गए थे. उपरोक्त जांच के पूर्व छद्म क्रेता के माध्यम से मदिरा विक्रय का परीक्षण भी कराया गया जिसमें किसी भी स्थान से मदिरा का विक्रय किया जाना नहीं पाया गया।