Author: Sunil Agrawal

  • कोरोना को लेकर गृह मंत्रालय ने जारी की नई गाइडलाइंस….

    कोरोना को लेकर गृह मंत्रालय ने जारी की नई गाइडलाइंस….

    गृह मंत्रालय ने कोरोना वायरस को लेकर जारी की नई गाइडलाइन्स, राज्य कंटेनमेंट जोन को लेकर होंगे और ज्यादा सख्त. गृह मंत्रालय ने कोरोना से संबंधित निगरानी, नियंत्रण और सावधानी के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा संक्रमण की रोकथाम के कड़े उपाय करना, विभिन्न गतिविधियों पर SOPs जारी करने और भीड़ को नियंत्रण रखना अनिवार्य होगा. कंटेनमेंट जोन में केवल आवश्यक गतिविधियों की अनुमति होगी. स्थानीय जिला, पुलिस और नगरपालिका अधिकारी यह सुनिश्चित करने के लिए ज़िम्मेदार होंगे कि निर्धारित उपायों का कड़ाई से पालन किया जाए. राज्य / केन्द्र शासित प्रदेश सरकार संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करेंगे।

    गृह मंत्रालय के नए दिशानिर्देश 1 दिसंबर से 31 दिसंबर तक प्रभावी रहेंगे. मुख्य फोकस कोरोना के संक्रमण पर पाए गए काबू को मजबूत करना है. कुछ राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों में हाल में मामलों में बढ़ोतरी के चलते इस बात पर जोर दिया जाता है कि सावधानी बरतने की जरूरत है।

  • व्यापारी की हत्या मामले में पुलिस को मिली बड़ी सफलता….

    व्यापारी की हत्या मामले में पुलिस को मिली बड़ी सफलता….

    उत्तर प्रदेश के महोबा के पत्थर मंडी कबरई के बहुचर्चित खनन व्यापारी इन्द्रकांत त्रिपाठी मौत मामले में महोबा पुलिस को करीब 80 दिन बाद पहली बड़ी सफलता मिली है. महोबा स्वाट ,सर्विलांस टीम ने व्यापारी इन्द्रकांत त्रिपाठी गोलीकांड मामले में आरोपी तत्कालीन थाना प्रभारी देवेंद्र शुक्ला को जिले के महोबकंठ थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है. एसपी अरुण कुमार श्रीवास्तव के निर्देश पर पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है. तो वहीं महोबा के तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार ओर अरुण यादव की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।

    बता दें कि महोबा के कबरई थाना क्षेत्र में रहने खनन व विस्फोटक व्यापारी इन्द्रकांत की बीते 13 सितंम्बर को गोली लगने से कानपुर रीजेंसी में इलाज के दौरान मौत हो गई थी. इन्द्रकांत के परिजनों ने आरोपी आईपीएस मणिलाल पाटीदार के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था. प्रयागराज जोन के एडीजी प्रेम प्रकाश के निर्देश पर तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार, कबरई एसओ देवेश शुक्ला और काॉस्टेबल अरुण यादव के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कराया था. मामला दर्ज होने के बाद से यह तीनों आरोपी पुलिस से आंख मिचोली कर रहे थे. बुधवार को पुलिस ने तत्कालीन कबरई थाना के प्रभारी देवेंद्र शुक्ला को महोबकंठ से गिरफ्तार कर लिया है. बाकि आरोपियों की तलाश की जा रही है।

  • 15 जनवरी, 2021 से लैंडलाइन से मोबाइल पर कॉल करते समय नंबर से पहले ‘0’ लगाना अनिवार्य….

    15 जनवरी, 2021 से लैंडलाइन से मोबाइल पर कॉल करते समय नंबर से पहले ‘0’ लगाना अनिवार्य….

    दिल्ली। फिक्स्ड लाइन और मोबाइल के लिए भविष्य में और अधिक नंबर वितरित किए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए ट्राई की सिफ़रिशों को दूरसंचार विभाग ने मंजूर करते हुए उसे क्रियान्वित करने का फैसला किया है, जो कि निम्नलिखित है:

    1. सभी फिक्स्ड लाइन से मोबाइल पर फोन करने के लिए 15 जनवरी, 2021 से नंबर से पहले ‘0’ लगाना अनिवार्य होगा।
    2. लैंडलाइन से लैंडलाइन, मोबाइल से लैंडलाइन और मोबाइल से मोबाइल पर फोन करने में कोई बदलाव नहीं होगा।
    3. इसके लिए उपयुक्त घोषणा की जाएगी। यह घोषणा जब कोई उपयोगकर्ता लैंडलाइन से मोबाइल पर बिना ‘0’ लगाए नंबर मिलाएगा तब उसे सुनाई देगी।
    4. सभी लैंडलाइन उपयोगकर्ताओं को ‘0’ डायल करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
    5. इन उपायों के चलते लगभग 2539 मिलियन संख्या शृंखला बनाई जा सकेगी। इससे भविष्य में अधिक संख्या में नए नंबरों की मांग पूरी की जा सकेगी। 
    6. नए नंबरों के लिए पर्याप्त स्थान सृजित होने पर आने वाले समय में नए नंबर जुड़ने से मोबाइल उपभोक्ताओं को व्यापक रूप में लाभ होगा।
    7. इस नए बदलाव के लिए यह ध्यान रखा गया है कि उपयोगकर्ताओं को किसी तरह की समस्या ना हो और नए नंबरों के लिए पर्याप्त स्थान सृजित किया जा सके।
  • देशी विदेशी मदिरा की ऑनलाईन होगी बुकिंग,होम डिलीवरी की सुविधा भी….

    देशी विदेशी मदिरा की ऑनलाईन होगी बुकिंग,होम डिलीवरी की सुविधा भी….

    जशपुर। जिले में देशी-विदेशी मदिरा की ऑनलाइन होम डिलीवरी की सुविधा हेतु मदिरा की बुकिंग के लिए वेबसाईट एवं एन्ड्रॉयड मोबाईल एप जारी किया गया है। सहायक आयुक्त आबकारी ने बताया कि बुकिंग के लिए वेबसाईट सीएसएमसीएलडॉटइन एवं गुगल प्ले स्टोर से सीएसएमसीएल एप डाउनलोड कर भी मदिरा की बुकिंग की जा सकती है। इस हेतु ग्राहक को अपना मोबाईल नंबर, आधार कार्ड, पूर्ण पता दर्ज कर पंजीयन करना होगा।

  • वार्ड़वासियों की आपत्ति के बाद निरस्त हुयी निलामी, एसड़ीएम कर रहे थे वार्ड़ की सड़क को निलाम….

    वार्ड़वासियों की आपत्ति के बाद निरस्त हुयी निलामी, एसड़ीएम कर रहे थे वार्ड़ की सड़क को निलाम….

    खरसिया। खरसिया के अनुविभागीय अधिकारी (रा.) द्वारा 25 नवम्बर को वार्ड़ क्रमांक 15 की सड़कों को निलाम किये जाने की तैयारी की जा रही थी, जो वार्ड़वासियों के विरोध के बाद निरस्त कर दी गयी है। वार्ड़वासियों ने सड़क को बेचने का विरोध किया था तथा लिखित आपत्ति जिला कलेक्टर और खरसिया नजूल अधिकारी के समक्ष दर्ज करायी थी।
    गौरतलब है कि नगर के वार्ड़ क्रमांक 15 के खसरा नंबर 445/1 में स्थित दो सड़कों को रिक्त भूमि बताते हुये एसड़ीएम के द्वारा नीलाम की जा रही थी, जिसके विरोध में वार्ड़पार्षद सहित समस्त वार्ड़वासियों ने आपत्ति दर्ज करायी थी, तथा नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती राधा सुनील शर्मा तथा पूर्व पार्षद विकास अग्रवाल (विक्कल) के द्वारा वार्ड़ वासियों की परेशानी को देखते हुये क्षेत्रीय विधायक और उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल को वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया, जिस पर उनके द्वारा खरसिया एसड़ीएम को वार्ड़वासियों की समस्या का निराकरण करने का निर्देश दिया जिसके बाद खरसिया एसड़ीएम गिरीश रामटेके ने नायब तहसीलदार विवेक पटेल, नगर पालिका सीएमओ टामसन रात्रे और राजस्व निरीक्षक ब्रिजेश शर्मा की टीम को मौका मुआयना कर प्रतिवेदन देने का आदेश दिया। जांच टीम ने मौका मुआयना किया जिसमें नीलामी के लिये प्रस्तावित भूमि पर सड़क निर्मित होना पाया। जांच टीम की रिपोर्ट के बाद नजूल अधिकारी ने सड़क की नीलामी को निरस्त कर दिया, वार्ड़वासियों ने खरसिया एसड़ीएम के द्वारा नियम विरूद्व किये जा रहे सड़क की नीलामी को निरस्त किये जाने पर क्षेत्रीय विधायक और उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती राधा सुनील शर्मा तथा पूर्व पार्षद विकास अग्रवाल (विक्कल) का आभार व्यक्त करते हुये उन्हे धन्यवाद प्रेषित किया है।

  • अमिताभ जैन हो सकते है नए चीफ सेक्रेटरी, सीएस मंडल को 6 महीने का एक्सटेंशन देने का प्रस्ताव…

    अमिताभ जैन हो सकते है नए चीफ सेक्रेटरी, सीएस मंडल को 6 महीने का एक्सटेंशन देने का प्रस्ताव…

    रायपुर। 30 नवंबर को चीफ सेक्रेटरी आर पी मंडल के रिटायरमेंट के साथ ही अमिताभ जैन नए चीफ सेक्रेटरी का जिम्मा संभाल लेंगे. छत्तीसगढ़ मूल के वह चौथे आईएएस अधिकारी होंगे. इससे पहले मौजूदा सीएस मंडल के अलावा विवेक ढांड और अजय सिंह यह जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. चीफ सेक्रेटरी के रूप में अमिताभ जैन का कॅरियर सबसे लंबा होगा. वह 2025 में रिटायर होंगे. ऐसे में उनका कार्यकाल लगभग पांच साल का होगा. इससे पहले ढांड ही इकलौते चीफ सेक्रेटरी रहे हैं, जिन्होंने लगभग साढ़े चार साल तक यह जिम्मेदारी संभाली है. अमिताभ जैन की स्कूलिंग दल्लीराजहरा से हुई है. अविभाजित मध्यप्रदेश में 11 वीं बोर्ड की परीक्षा में उन्होंने टाॅप किया था. एडिशनल चीफ सेक्रेटरी के रूप में वित्त और जल संसाधन विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे अमिताभ जैन की भूपेश सरकार के साथ बेहतर तालमेल है.इधर रिटायरमेंट के बाद आर पी मंडल का प्रभाव बना रहेगा. विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि सरकार उनके अनुभवों का लाभ आगे भी लेती रहेगी. पोस्ट रिटायरमेंट पोस्टिंग देते हुए सरकार उन्हें एनआरडीए का चेयरमेन बना सकती है. मंडल की तेजी उनकी खूबी है, लिहाजा निर्माण क्षेत्र में तेजी से विकास कराए जाने की अहम जिम्मेदारी उनके कंधों पर डाली जा सकती है. हालांकि सरकार ने उन्हें लेकर अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं. सीएम सचिवालय के सूत्र जरूर इस बात की पुष्टि करते हैं कि पोस्ट रिटायरमेंट पोस्टिंग तय है. सरकार चाहती थी कि बतौर चीफ सेक्रेटरी उनकी भूमिका आगामी कुछ वक्त के लिए जारी रहे, लिहाजा केंद्र को एक्सटेंशन की चिट्ठी भी भेजी गई, लेकिन राज्य की चिट्ठी पर केंद्र ने किसी तरह का जवाब नहीं दिया. जबकि ठीक इस बीच ही कई राज्यों में चीफ सेक्रेटरी को एक्सटेंशन दिए जाने के उदाहरण सामने आते रहे. माना जाता है कि सत्ता में कांग्रेस सरकार के काबिज होने की वजह से एक्सटेंशन की फाइल पर केंद्र ने दिलचस्पी ही नहीं दिखाई. मंडल के पहले सुनील कुजूर के एक्सटेंशन के लिए भी भूपेश सरकार ने केंद्र को चिट्ठी लिखी थी, तब भी केंद्र का रूख ऐसा ही था.
    जल्द जारी होगी फेरबदल की सूची

    चीफ सेक्रेटरी के साथ- साथ कुछ और ब्यूरोक्रेट 30 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं. अमिताभ जैन अगले चीफ सेक्रेटरी होंगे. ऐसे में सरकार एक नई फेरबदल की सूची जारी करेगी. चर्चा है कि करीब आधा दर्जन आईएएस अधिकारियों के प्रभार में फेरबदल किया जाएगा.

  • सार्वजनिक स्थानों पर मास्क/फेस कवर पहनना होगा जरूरी,बढ़ाई गई है जुर्माने की राशि….

    सार्वजनिक स्थानों पर मास्क/फेस कवर पहनना होगा जरूरी,बढ़ाई गई है जुर्माने की राशि….

    रायगढ़। कलेक्टर श्री भीम सिंह ने कोविड-19 के प्रचार के रोकथाम हेतु जिले में मास्क पहनना, सोशल फिजिकल डिस्टेसिंग का पालन करना तथा प्रतिष्ठानों को उनके लिये निर्धारित किये समय के पहले अथवा बाद में संचालित नहीं करने जैसे रक्षात्मक उपायों को अनिवार्य रूप से अपनाने एवं उनका कड़ाई से पालन करने हेतु आदेश जारी किया है। उक्त निर्देशों का उल्लंघन करते पाये जाने पर अधिरोपित किये जाने वाले जुर्माने की राशि में वृद्धि की गई है।
    * जिसके तहत सार्वजनिक स्थलों, कार्यालयों, अस्पतालों, बाजारों एवं भीड़भाड़ वाले स्थानों, गलियों में आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति द्वारा मास्क/फेस कवर धारण किया जाना अनिवार्य होगा।

    * कार्यालय/कार्य स्थलों एवं फैक्ट्री आदि में कार्य करने वाले प्रत्येक व्यक्ति द्वारा मास्क फेस कवर धारण किया जाना अनिवार्य होगा।
    * दो पहिया/चार पहिया वाहन के द्वारा यात्रा करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को मास्क पहनना अनिवार्य होगा।
    * उपरोक्त हेतु डिस्पोजेबल मास्क तथा कपड़े के मास्क का प्रयोग किया जा सकता है। फेस कवर/मास्क उपलब्ध न होने की स्थिति में गमछा, रूमाल, दुपट्टा इत्यादि का भी फेस कंवर के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। बशर्ते मुंह एवं नाक पूरी तरह से ढंका हो। कपड़े का मास्क, फेस कवर, गमछा, रूमाल, दुपट्टा इत्यादि का पुन: प्रयोग साबुन से अच्छी तरह से साफ किये जाने बिना न किया जाये।
    * सार्वजनिक स्थलों पर थूकना प्रतिबंधित है।
    * होम क्वारेंटीन में रहने वाले व्यक्तियों को शासन द्वारा समय-समय पर जारी होम क्वारेंटीन संबंधी समस्त दिशा-निर्देशों का पालन किया जाना अनिवार्य होगा।

    * दुकानों व व्यवसायिक संस्थानों द्वारा सोशल डिस्टेसिंग, फिजिकल डिस्टेसिंग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किये जाने पर तथा बिना मास्क पहने व्यक्ति को वस्तु या सेवा दिये जाने पर रुपये एक हजार रुपये अर्थदण्ड अधिरोपित किया जायेगा।
    * जिला प्रशासन द्वारा दुकान, प्रतिष्ठान संचालन हेतु जारी दिशा-निर्देश के विपरीत निर्धारित समय से पूर्व या बाद में दुकान या प्रतिष्ठान खुला पाये जाने पर 5 हजार रुपये अर्थदण्ड अधिरोपित किया जायेगा एवं इसकी पुनरावृत्ति किये जाने पर दुकान/ प्रतिष्ठान सील कर दिया जायेगा।

    निर्देशों का उल्लंघन करते पाये जाने पर संबंधित के विरूद्ध जुर्माना अधिरोपित किया जायेगा। पूर्व में जारी आदेशों में संशोधन करते हुये जुर्माने की राशि में भी वृद्धि कर दी गई है। जिसके अनुसार
    सार्वजनिक स्थलों में मास्क/फेस कवर नहीं पहनने की स्थिति में 500 रुपये
    होम क्वारेंटीन के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किये जाने की स्थिति में 01 हजार रुपये
    जिला प्रशासन द्वारा दुकान/प्रतिष्ठान संचालन हेतु जारी दिशा-निर्देशों के विपरीत निर्धारित समय से पूर्व या बाद में दुकान/प्रतिष्ठान खुला पाये जाने पर 5 हजार रुपये जुर्माना अधिरोपित किया जायेगा।
    दुकानों व व्यवसायिक संस्थानों के मालिकों द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग, फिजिकल डिस्टेसिंग का उल्लंघन किये जाने की स्थिति में बिना मास्क पहने व्यक्ति को वस्तु या सेवा देने पर 01 हजार रुपये
    सार्वजनिक स्थलों पर थूकते हुये पाये जाने की स्थिति में 100 रुपये
    उक्त जुर्माना अदा न करने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति के विरूद्ध महामारी रोग अधिनियम, 1897 (1897 का 3)के अधीन निर्मित विनियम, 2020 के विनियम 14 एवं भारतीय दण्ड संहिता, 1860 (1860 का 45)की धारा 188 के अंतर्गत दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी।

  • प्रज्ञा छत्तीसगढ़ परिवार की ओर से सभी पाठकों और प्रदेशवासियों को दीप पर्व दीपावली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं..

    प्रज्ञा छत्तीसगढ़ परिवार की ओर से सभी पाठकों और प्रदेशवासियों को दीप पर्व दीपावली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं..

    सुनील अग्रवाल खरसिया। प्रज्ञा छत्तीसगढ़ वेब पोर्टल की ओर से सभी पाठकों व प्रदेशवासियों को दीपों के महापर्व दीपावली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। दीपों का यह महापर्व प्रति वर्ष शरद ऋतु में मनाया जाने वाला एक प्राचीन हिन्दू त्यौहार है। दीपावली कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है जो ग्रेगोरी कैलेंडर के अनुसार अक्टूबर या नवंबर महीने में पड़ता है। दीपावली भारत के सबसे बड़े और सर्वाधिक महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। दीपावली दीपों का त्योहार है।

    दीपावली मनाने के पीछे कई पौराणिक कथाएं व मान्यताएं हैं, इसीलिए देश के अलग-अलग हिस्सों में इसे मनाने के तरीकों में भी विभिन्नता पाई जाती हैं।

    आइए जानते हैं आखिर दीपावली क्यों मनाई जाती है-

    1- भगवान राम अयोध्या लौटे थे
    माना जाता है कि जब भगवान राम रावण को हराकर और चौदह वर्ष का वनवास पूरा कर अयोध्या लौटे तो नगरवासियों ने पूरे अयोध्या को रोशनी से सजा दिया और यहां से ही भारतवर्ष में दीपावली के त्योहार का चलन शुरू होना माना जाता है।

    2- हिरण्यकश्यप का वध
    एक पौराणिक कथा के अनुसार भगवान विष्णु ने नरसिंह रूप धारणकर हिरण्यकश्यप का वध किया था। दैत्यराज की मृत्यु पर प्रजा ने घी के दीये जलाकर दीपावली मनाई थी।

    3- कृष्ण ने नरकासुर का वध किया
    भगवान श्री कृष्ण ने अत्याचारी नरकासुर का वध दीपावली के एक दिन पहले चतुर्दशी को किया था। इसी खुशी में अगले दिन अमावस्या को गोकुलवासियों ने दीप जलाकर खुशियां मनाई थीं।

    4- शक्ति ने धारण किया महाकाली का रूप  
    राक्षसों का वध करने के बाद भी जब महाकाली का क्रोध कम नहीं हुआ तब भगवान शिव स्वयं उनके चरणों में लेट गए। भगवान शिव के शरीर स्पर्श मात्र से ही देवी महाकाली का क्रोध समाप्त हो गया। इसी की याद में उनके शांत रूप लक्ष्मी की पूजा की शुरुआत हुई। इसी रात इनके रौद्ररूप देवी काली की पूजा का भी विधान है।

    5- प्रकट हुए लक्ष्मी, धन्वंतरि व कुबेर 
    पौराणिक ग्रंथों के अनुसार दीपावली के दिन ही माता लक्ष्मी दूध के सागर, जिसे केसर सागर के नाम से जाना जाता है, से उत्पन्न हुई थीं। साथ ही समुद्र मन्थन से आरोग्यदेव धन्वंतरि और भगवान कुबेर भी प्रकट हुए थे।

    दीपावली में श्री राम जी आपके घर सुखों की बरसात करें, दुखों का नाश करें, प्रेम की फुलझड़ी व अनार आपके घर को रोशन करें, रोशनी के दीये आपकी जिंदगी में खुशियां लाएं!!

    इन्ही शुभकामनाओं के साथ प्रज्ञा छत्तीसगढ़ परिवार की तरफ से सुधि पाठकों को दीप पर्व की हार्दिक बधाई..

  • सांसदों और विधायकों के ख़िलाफ़ मामलों में गवाहों को बिना मांगे सुरक्षा दी जाएः सुप्रीम कोर्ट

    सांसदों और विधायकों के ख़िलाफ़ मामलों में गवाहों को बिना मांगे सुरक्षा दी जाएः सुप्रीम कोर्ट

    दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालतों को निर्देश दिया है कि मौजूदा और पूर्व सांसदों एवं विधायकों के खिलाफ मामलों में गवाहों को गवाह सुरक्षा योजना 2018 के तहत सुरक्षा मुहैया कराने पर विचार करें.
    इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने कहा कि फिर भले ही गवाहों की तरफ से सुरक्षा की मांग की गई हो या नहीं.

    जस्टिस एनवी रमन्ना, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की पीठ ने आदेश दिया, सुप्रीम कोर्ट द्वारा मंजूर किए गए गवाह सुरक्षा योजना 2018 को केंद्र सरकार, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को सख्ती से लागू करने की जरूरत है.
    पीठ ने कहा कि इस तरह के मामलों में गवाहों के जोखिम को ध्यान में रखते हुए निचली अदालत गवाह सुरक्षा योजना के तहत गवाहों को सुरक्षा देने पर विचार कर सकती है, फिर चाहे गवाहों ने इसके लिए आवेदन दिया हो या नहीं.
    पीठ सांसदों और विधायकों के मामलों की त्वरित सुनवाई और दोषियों के चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध की मांग के लिए भाजपा नेता और अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय की याचिका सुन रही थी.
    अदालत ने कहा कि अधिकतर गवाह बयान देने के लिए संबंधित अदालतो के समक्ष पेश होना नहीं चाहते.
    पीठ ने निर्देश दिया कि सांसदों और विधायकों से जुड़े मामलों में जनहित को ध्यान में रखते हुए गैर जरूरी स्थगन (स्टे) नहीं दिए जाने चाहिए.
    अदालत ने केंद्र सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को अपना जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय और दिया.
    मेहता से विधायकों और सांसदों के खिलाफ विशेष एजेंसियों की तरफ से की जा रही जांच से जुड़ी स्टेटस रिपोर्ट जमा करने को लेकर भी जवाब मांगा गया है.
    वरिष्ठ अधिवक्ता विनय हंसारिया ने इससे पहले पीठ को बताया था कि इन मामलों में देरी के कारणों में से ऊपरी अदालतों द्वारा स्टे लगाना है. बता दें कि विनय हंसारिया इस मामले में न्यायमित्र (एमिक्स क्यूरी) भी हैं.

  • पेपर कप में चाय पीना है खतरनाक… वैज्ञानिकों का बड़ा खुलासा…

    पेपर कप में चाय पीना है खतरनाक… वैज्ञानिकों का बड़ा खुलासा…

    आईआईटी खड़गपुर के वैज्ञानिकों ने एक बड़ा खुलासा किया है जिसे सुनकर आप भी सकते में आ जाएंगे. दरअसल इन वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि एक व्यक्ति प्रतिदिन पेपर कप में औसतन तीन बार चाय या कॉफी पीता है, तो वह 75,000 छोटे सूक्ष्म प्लास्टिक के कणों को निगलने का काम करता है.
    रिसर्च में इस बात की पुष्टि हुई है कि कप के भीतर के अस्तर में इस्तेमाल सामग्री में सूक्ष्म-प्लास्टिक और अन्य खतरनाक घटकों की उपस्थिति होती है और उसमें गर्म तरल पदार्थ परोसने से पदार्थ में दूषित कण आ जाते हैं.

    पेय पदार्थों के सेवन के लिए डिस्पोजेबल पेपर कप लोकप्रिय विकल्प साबित हुआ है. लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि पेपर कप के भीतर आमतौर पर हाइड्रोफोबिक फिल्म की एक पतली परत होती है जो ज्यादातर प्लास्टिक (पॉलीथीन) और कभी-कभी सह-पॉलिमर से बनी होती है।

    इस स्थिति से बचने के लिए क्या पारंपरिक मिट्टी के उत्पादों का डिस्पोजेबल उत्‍पादों के स्‍थान पर इस्‍तेमाल किया जाना चाहिए, इस सवाल पर आईआईटी खड़गपुर के निदेशक प्रो. वीरेंद्र के तिवारी ने कहा,

    “इस शोध से यह साबित होता है कि किसी भी अन्‍य उत्‍पाद के इस्‍तेमाल को बढ़ावा देने से पहले यह देखना जरूरी है कि वह उत्‍पाद पर्यावरण के लिए प्रदूषक और जैविक दृष्टि से खतरनाक न हों.”

    “हमने प्लास्टिक और शीशे से बने उत्‍पादों को डिस्पोजेबल पेपर उत्‍पादों से बदलने में जल्‍दबाजी की थी, जबकि जरूरत इस बात की थी कि हम पर्यावरण अनुकूल उत्पादों की तलाश करते।

    भारत पारंपरिक रूप से एक स्थायी जीवन शैली को बढ़ावा देने वाला देश रहा है और शायद अब समय आ गया है, जब हमें स्थिति में सुधार लाने के लिए अपने पिछले अनुभवों से सीखना होगा.”

    प्रोफेसर सुधा गोयल ने कहा,

    ‘हमारे रिसर्च के अनुसार एक पेपर कप में रखा 100 मिलीलीटर गर्म तरल (85-90 ओसी), 25,000 माइक्रोन-आकार (10 माइक्रोन से 1000 माइक्रोन) के सूक्ष्म प्लास्टिक के कण छोड़ता है और यह प्रक्रिया कुल 15 मिनट में पूरी हो जाती है।

    ये सूक्ष्म प्लास्टिक आयन जहरीली भारी धातुओं जैसे पैलेडियम, क्रोमियम और कैडमियम जैसे कार्बनिक यौगिकों और ऐसे कार्बनिक यौगिकों, जो प्राकृतिक रूप से जल में घुलनशील नहीं हैं में, समान रूप से, वाहक के रूप में कार्य कर सकते हैं. जब यह मानव शरीर में पहुंच जाते हैं, तो स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकते हैं।

    शोधकर्ताओं ने शोध के लिए दो अलग-अलग प्रक्रियाओं का पालन किया. पहली प्रक्रिया में, गर्म और पूरी तरह स्‍वच्‍छ पानी (85–90 ◦C; pH~6.9) को डिस्पोजेबल पेपर कप में डाला गया और इसे 15 मिनट तक उसी में रहने दिया गया. इसके बाद जब इस पानी का विश्‍लेषण किया गया, तो पाया गया कि उसमें सूक्ष्म-प्लास्टिक की उपस्थिति के साथ-साथ अतिरिक्त आयन भी मिश्रित हैं।

    जबकि, दूसरी प्रक्रिया में, कागज के कपों को शुरू में गुनगुने (30-40 डिग्री सेल्सियस) स्‍वच्‍छ पानी (पीएच/ 6.9) में डुबोया गया और इसके बाद, हाइड्रोफोबिक फिल्म को सावधानीपूर्वक कागज की परत से अलग किया गया और 15 मिनट के लिए गर्म एवं स्‍वच्‍छ पानी (85–90 °C; pH~6.9) में रखा गया।

    इसके बाद इस प्लास्टिक फिल्‍म के गर्म पानी के संपर्क में आने से पहले और बाद में उसमें आए भौतिक, रासायनिक और यांत्रिक गुणों में परिवर्तन की जांच की गई।

    प्रो. गोयल ने कहा कि एक सर्वेक्षण में उत्तरदाताओं ने बताया कि चाय या कॉफी को कप में डाले जाने के 15 मिनट के भीतर उन्‍होंने इसे पी लिया था. इसी बात को आधार बनाकर यह शोध समय तय किया गया।

    सर्वेक्षण के परिणाम के अलावा, यह भी देखा गया कि इस अवधि में पेय अपने परिवेश के तापमान के अनुरूप हो गया।

    दरअसल देश में पहली बार किए गए अपनी तरह के इस शोध में सिविल इंजीनियरिंग विभाग की शोधकर्ता और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुधा गोयल तथा पर्यावरण इंजीनियरिंग एवं प्रबंधन में अध्‍ययन कर रहे शोधकर्ता वेद प्रकाश रंजन और अनुजा जोसेफ ने बताया कि 15 मिनट के भीतर यह सूक्ष्म प्लास्टिक की परत गर्म पानी की प्रतिक्रिया में पिघल जाती है।