Author: Sunil Agrawal

  • अमिताभ जैन बनाए गए छत्तीसगढ़ के नए मुख्य सचिव,राज्य सरकार ने जारी किया आदेश,लेंगे आरपी मण्डल की जगह….

    अमिताभ जैन बनाए गए छत्तीसगढ़ के नए मुख्य सचिव,राज्य सरकार ने जारी किया आदेश,लेंगे आरपी मण्डल की जगह….

    रायपुर।छत्तीसगढ़ मूल के वरिष्ठ आईएएस अफसर अमिताभ जैन राज्य के नए मुख्य सचिव बनाए गए है।श्री जैन ने नवंबर में रिटायर हुए आरपी मंडल की जगह ली।अमिताभ जैन फिलहाल अपर मुख्य सचिव वित्त और जल संसाधन के पद पर पदस्थ हैं। वे छत्तीसगढ़ मूल के चौथे IAS हैं, जो मुख्य सचिव बने।इससे पहले विवेक ढांढ, अजय सिंह और मंडल मुख्य सचिव बने हैं।अमिताभ जून 2025 में रिटायर होंगे।बताते चले कि राज्य सरकार ने वर्तमान मुख्य सचिव आरपी मंडल को 6 माह की सेवावृद्धि देने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा था।लेकिन केंद्र सरकार की ओर से जवाब नहीं मिला।

    बीते कुछ महीनो से अमिताभ अपर मुख्य सचिव फ़ाइनेंस के तौर पर काम करते हुए उनका मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ तालमेल अच्छा है।इसी वजह से शासन की महत्वपूर्ण बैठकों में अमिताभ जैन की मौजूदगी को नए मुखिया के तौर पर देखा जा रहा था।अमिताभ जैन ने छत्तीसगढ़ के दल्लीराजहरा से स्कूली शिक्षा पूरी की है। मेकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले जैन एमटेक हैं। जैन 11वीं बोर्ड में अविभाजित मध्यप्रदेश के टॉपर थे।

    गौरतलब है कि राज्य सरकार ने आरपी मंडल को 6 माह की सेवावृद्धि देने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा था।पर केंद्र सरकार की ओर से जवाब नहीं आया।मीडिया रेपोर्ट्स के अनुसार केंद्र और राज्य में अलग-अलग दलों की सरकार होने और पूर्व के अनुभव के आधार पर यह माना जाने लगा कि आरपी मंडल की सेवावृद्धि के प्रस्ताव को मोदी सरकार से मंजूरी मिलने की संभावना कम ही है। इस कारण राज्य सरकार ने मंडल के बाद के नए विकल्प पर विचार शुरू कर दिया है।लिहाजा कुछ माह पहले ही अमिताभ जैन को सरकार की महत्वपूर्ण बैठकों में अभी से शामिल किया जाने लगा।जैन भूपेश सरकार की पहली पसंद के तौर पर इसलिए भी सामने आए क्योंकि उनमें काम के प्रति लगन काफी अच्छी है। इसके अलावा सौम्य स्वभाव होने के कारण वे सभी को स्वीकार्य हैं। अपर मुख्य सचिव वित्त के तौर पर काम करते हुए उनका मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ तालमेल अच्छा बना। इसी वजह से शासन की महत्वपूर्ण बैठकों में अमिताभ जैन की मौजूदगी को नए मुखिया के तौर पर देखा जाने लगा

  • जिला योजना समिति के चुनाव में हेमा मनोज अग्रवाल ने बाजी मारी….

    जिला योजना समिति के चुनाव में हेमा मनोज अग्रवाल ने बाजी मारी….

    खरसिया । जिला योजना समिति के प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में कांग्रेस ने बाजी मारी है। नगर पालिका खरसिया की ओर से कांग्रेस पार्षद और वरिष्ठ कांग्रेसी राजेश अग्रवाल (दवाई) की पुत्रवधु श्रीमती हेमा मनोज अग्रवाल ने अपने प्रतिद्वंदी जय गोपाल को 8 के मुकाबले 24 मत प्राप्त कर एकतरफा जीत हासिल की है।
    जिला योजना समिति के सदस्यों का आज चुनाव हुआ। इसके तहत जिला पंचायत से 13 सदस्य चुने गए है। साथ ही खरसिया नगर पालिका से एक सदस्य का चुनाव होना था जिसमे कांग्रेस की ओर से पार्षद हेमा मनोज अग्रवाल को प्रत्याशी नियुक्त किया गया था और भाजपा से जय गोपाल के बीच मुकाबला हुआ जिसमें 24 मत प्राप्त कर श्रीमती हेमा मनोज अग्रवाल ने शानदार विजय हासिल की। श्रीमती हेमा मनोज अग्रवाल ने इसे पुरी पार्टी की जीत बताते हुए कहा कि समिति के जरिये विकास कार्य का प्रस्ताव शासन को भेजकर क्षेत्र का विकास किया जावेगा। उन्होने कहा कि खरसिया विधायक और उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल के कुशल प्रबंधन और उनका जादू इस चुनाव में चला और जिला योजना समिति के चुनावों में उमेश समर्थकों ने विजय हासिल की। बहरहाल श्रीमती हेमा मनोज अग्रवाल की जीत से नगर में खुशी का माहौल है और उन्हे जीत की बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

  • शासन प्रशासन नही ले रहा आमजन की सुध, अवैध कब्जा से हजारों राहगीर रोज हो रहे परेशान

    शासन प्रशासन नही ले रहा आमजन की सुध, अवैध कब्जा से हजारों राहगीर रोज हो रहे परेशान


    खरसिया। स्थानीय प्रशासन के ढुलमुल रवैये से नगरवासी आये दिन परेशान हो रहे है। नगर के मंगल बाजार चौक और अस्थाई सब्जी मंडी के पास बने रेलवे फाटक के अगल बगल बेजा कब्जा बढ़ने से राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, इसके साथ रेलवे का फाटक हर दिन घंटो बंद रहने से राहगीरों के लिए दिन प्रतिदिन मुश्किले खड़ा कर रहा।
    विदित है कि खरसिया से ग्राम महका, मकरी, घघरा, हालाहुली, डुमरभाटा, चारपारा, पुरैना, बड़े देवगाव, छोटे देवगांव के लोगों का आना खरसिया सहित आस पास के गांवों में होता है। इन गांवों के लोगों के लिए सुगम रास्ता होने से प्रतिदिन हजारों की संख्या में ग्रामीण बंधुओं का खरसिया आवागमन होता है, रेलवे फाटक बंद होने से लंबी लंबी कतारों की वजह से रास्ता बंद हो जाता है। जिससे नगरवासी ग्रामीण और मरीजों को लाने ले जाने वाले वाहन एम्बुलेंस को घंटो खड़ा रहना पड़ता है, जिससे आवागमन में परेशानियों के साथ लोगों को रेलवे फाटक बंद होने से लगने वाली कतारों के कारण बिना मतलब हर दिन घंटो खड़े रहना पड़ता है , वहीं रेलवे फाटक के पास सब्जी मार्केट स्थित होने और वहां पर अवैध रूप से कब्जा करने वाले लोगों की वजह से भी आमजन को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बेजा कब्जा होने से सड़कें पतली होती जा रही है, और वाहनों को निकलने के लिये पर्याप्त जगह भी नहीं मिल पाती, जिससे आये दिन विवाद की स्थिति निर्मित होते रहती है, इसी मार्ग से प्रतिदिन खरसिया एसड़ीएम एसड़ीओपी जैसे वरिष्ठ अधिकारियों का आना जाना होता है परंतु नगर की इस विकराल समस्या पर उन्होंने अपना मुंह क्यों मोड़ा हुआ है यह समझ से परे है।


    “आपके द्वारा इस संबंध में जानकारी मिली है अगर नगरपालिका की जमीन पर अवैध कब्जा किया जा रहा होगा तो कार्यवाही की जायेगी।”
    टाॅमसन रात्रे
    (सीएमओ नगर पालिका परिषद खरसिया)

  • दो पहिया एवं चार पहिया वाहनों का कर एवं फीस है निर्धारित,अधिक राशि मांगने पर जिला परिवहन कार्यालय में कर सकते है शिकायत….

    दो पहिया एवं चार पहिया वाहनों का कर एवं फीस है निर्धारित,अधिक राशि मांगने पर जिला परिवहन कार्यालय में कर सकते है शिकायत….


    रायगढ़। दो पहिया एवं चार पहिया (एलएमवी)वाहनों का छत्तीसगढ़ शासन परिवहन विभाग द्वारा कर एवं फीस निर्धारित किया गया है। किसी भी डीलर द्वारा निर्धारित राशि से अधिक राशि की मांग किये जाने पर संंबंधित इसकी लिखित शिकायत जिला परिवहन कार्यालय रायगढ़ में कर सकते है। परिवहन कार्यालय से मिली जानकारी अनुसार वाहनों के लिये निर्धारित कर एवं फीस इस प्रकार है-
    पंजीयन शुल्क-
    दोपहिया वाहन के लिये 300 रुपये, मोटर कार के लिये 600 रुपये, ओमनी बस (निजी उपयोग हेतु) जिसकी बैठक क्षमता 6 यात्रियों से अधिक तथा (चालक को छोड़कर)12 यात्रियों तक हो इसके लिये 600 रुपये निर्धारित किया गया है।
    वाहन का कर (जीवन काल कर)-
    दोपहिया वाहन के लिये वाहन के कीमत का 7 प्रतिशत, मोटर कार जिसकी कीमत 5 लाख रुपये से अधिक न हो वाहन के कीमत का 8 प्रतिशत, मोटर कार जिसकी कीमत 5 लाख रुपये से अधिक हो वाहन के कीमत का 9 प्रतिशत तथा ओमनी बस (निजी उपयोग हेतु) जिसकी बैठक क्षमता 6 यात्रियों से अधिक तथा (चालक को छोड़कर)12 यात्रियों तक हो इसके लिये वाहन के कीमत का 9 प्रतिशत निर्धारित किया गया है।
    व्यापार प्रमाण-पत्र कर-
    दोपहिया वाहन के लिये 30 रुपये, मोटर कार के लिये 600 रुपये तथा ओमनी बस (निजी उपयोग हेतु) जिसकी बैठक क्षमता 6 यात्रियों से अधिक तथा (चालक को छोड़कर)12 यात्रियों तक हो इसके लिये 600 रुपये निर्धारित किया गया है।
    व्यापार प्रमाण-पत्र निर्गमन/नवीनीकरण फीस-
    दोपहिया वाहन के लिये 500 रुपये, मोटर कार के लिये 1000 रुपये तथा ओमनी बस (निजी उपयोग हेतु) जिसकी बैठक क्षमता 6 यात्रियों से अधिक तथा (चालक को छोड़कर)12 यात्रियों तक हो इसके लिये 1000 रुपये निर्धारित किया गया है।
    स्मार्ट कार्ड फीस-
    दोपहिया वाहन के लिये 200 रुपये, मोटर कार के लिये 200 रुपये तथा ओमनी बस (निजी उपयोग हेतु) जिसकी बैठक क्षमता 6 यात्रियों से अधिक तथा (चालक को छोड़कर)12 यात्रियों तक हो इसके लिये 200 रुपये निर्धारित किया गया है।
    हाईपोथिकेशन फीस (यदि हो तो)-
    दोपहिया वाहन के लिये 500 रुपये, मोटर कार के लिये 1500 रुपये तथा ओमनी बस (निजी उपयोग हेतु) जिसकी बैठक क्षमता 6 यात्रियों से अधिक तथा (चालक को छोड़कर)12 यात्रियों तक हो इसके लिये 1500 रुपये निर्धारित किया गया है।
    अस्थायी पंजीयन शुल्क (यदि हो तो) –
    दोपहिया वाहन के लिये 150 रुपये, मोटर कार के लिये 250 रुपये तथा ओमनी बस (निजी उपयोग हेतु) जिसकी बैठक क्षमता 6 यात्रियों से अधिक तथा (चालक को छोड़कर)12 यात्रियों तक हो इसके लिये 250 रुपये निर्धारित किया गया है।

  • पत्रकारों से बदसलूकी करना पड़ेगा महँगा…50 हजार जुर्माने के साथ होगी 3 साल की सजा…

    पत्रकारों से बदसलूकी करना पड़ेगा महँगा…50 हजार जुर्माने के साथ होगी 3 साल की सजा…

    इलाहाबाद हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद पीएम और सीएम का भी ऐलान आया है। सामने पत्रकारों से अभद्रता करने वालों पर लगेगा 50000 का जुर्माना एवं पत्रकारों से बदसलूकी करने पर हो सकती है 3 साल की जेल। पत्रकार को धमकाने वाले को 24 घंटे के अंदर जेल भेज दिया जाएगा। पत्रकारों को धमकी के आरोप में गिरफ्तार लोगों को आसानी से नहीं मिलेगी जमानत।

    सीएम योगी का कहना है कि पत्रकारों को परेशानी होने पर तुरंत संपर्क कर सहायता प्रदान करें और पत्रकारों से मान सम्मान से बात करें, वरना आप को पड़ेगा महंगा।

    इतना ही नहीं बदसुलूकी करने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ दर्ज होगी FIR , नहीं तो एसएसपी पर होगी कार्यवाही

    पत्रकार नही है भीड़ का हिस्सा। पत्रकारों के साथ बढ़ती ज्यादती और पुलिस के अनुचित व्यवहार के चलते कई बार पत्रकार आजादी के साथ अपना काम नही कर पाते है. उसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय प्रेस काउंसिल के अध्यक्ष मार्कण्डेय काटजू ने राज्य सरकारों को चेतावनी देते हुए निर्देश भी दिया है कि पुलिस आदि पत्रकारों के साथ बदसलूकी ना करे…।

    किसी स्थान पर हिंसा या बवाल होने की स्थिति में पत्रकारों को उनके काम करने में पुलिस व्यवधान नही पहुँचा सकती। पुलिस जैसे भीड़ को हटाती है, वैसा व्यवहार पत्रकारों के साथ नहीं कर सकती। ऐसा होने की स्थिति में बदसलूकी करने वाले पुलिसवालों या अधिकारियों के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज किया जायेगा।

    काटजू ने यहां तक कहा कि जिस तरह कोर्ट में एक अधिवक्ता अपने मुवक्किल का हत्या का केस लड़ता है, पर वह हत्यारा नहीं हो जाता है। उसी प्रकार किसी सावर्जनिक स्थान पर पत्रकार अपना काम करते हैं, पर वे भीड़ का हिस्सा नही होते। इसलिए पत्रकारों को उनके काम से रोकना मिडिया की स्वतंत्रता का हनन करना है

    प्रेस काउन्सिल ने देश के केबिनेट सचिव, गृह सचिव, सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिवों व गृह सचिवों को इस सम्बन्ध में निर्देश भेजा है और उसमे स्पष्ट कहा है कि पत्रकारों के साथ पुलिस या अर्द्ध सैनिक बलों की हिंसा बर्दाश्त नही की जायेगी। सरकारें ये सुनिश्चित करे की पत्रकारों के साथ ऐसी कोई कार्यवाही कहीं न हो। पुलिस की पत्रकारों के साथ की गयी हिंसा मिडिया की स्वतन्त्रता के अधिकार का हनन माना जायेगा जो उसे संविधान की धारा 19 एक ए में दी गयी है और इस संविधान की धारा के तहत बदसलूकी करने वाले पुलिसकर्मी या अधिकारी पर आपराधिक मामला दर्ज होगा।

    बहरहाल, पत्रकारों की सुरक्षा राम भरोसे ही रहती है। पत्रकारों पर मिथ्या आरोप लगाकर हवालात में भी बंद करा दिया जाता है। समय- समय पर सरकारों से भी पत्रकारों के लिए बड़ी-बड़ी घोषणाएं की जाती है, पर परिणाम सबको पता है। इस लाईन के बड़े-बड़े धुरंधर पत्रकार सत्ता के तलवे चाटकर पत्रकारिता के साख को धूमिल तो करते ही हैं, पत्रकारों के अधिकार को भी सार्थक नहीं होने देते।

  • डॉक्टरों से जुड़ा एक बड़ा फैसला,अब आयुर्वेद के डॉक्टर भी कर पाएंगे हड्डी, नाक-कान-गला और दांतों की सर्जरी….

    डॉक्टरों से जुड़ा एक बड़ा फैसला,अब आयुर्वेद के डॉक्टर भी कर पाएंगे हड्डी, नाक-कान-गला और दांतों की सर्जरी….

    दिल्ली। सरकार के देश के डॉक्टरों से जुड़ा एक बड़ा फैसला लिया है, जिससे मेडिकल समुदाय से जुड़े लोग भी हैरान है. इस फैसले के मुताबिक अब आयुर्वेद के डॉक्टर भी सर्जरी कर सकेंगे. सरकार ने एक नोटिफिकेशन के जरिए आयुर्वेद के पीजी छात्रों को सर्जरी करने की इजाजत दी है।

    इस नोटिफिकेशन के मुताबिक आयुर्वेद के डॉक्टर हड्डीरोग, नेत्र विज्ञान, नाक-कान-गला (ईएनटी) और दांतों से जुड़ी सर्जरी कर सकेंगे. वहीं दूसरी ओर सेंट्रल काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन के अध्यक्ष ने कहा है कि आयुर्वेद संस्थानों में ऐसी सर्जरी पिछले 25 सालों से हो रही हैं. नोटिफिकेशन सिर्फ यह स्पष्ट करता है कि यह सर्जरी वैध हैं।

    सरकार की ओर से 19 नवंबर को जारी इस नोटिफिकेशन के मुताबिक आयुर्वेद के पीजी कोर्स में अब सर्जरी को भी जोड़ा जाएगा. इसके साथ ही अधिनियम का नाम बदलकर भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद (स्नातकोत्तर आयुर्वेद शिक्षा) संशोधन विनियम, 2020 कर दिया गया है।

    आयुर्वेद की प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टरों की ओर से लंबे समय से एलोपैथी की तरह अधिकार देने की मांग की जा रही थी. नए नोटिफिकेशन के मुताबित अब आयुर्वेद के छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही सर्जिरी की भी ट्रेनिंग दी जाएगी. छात्रों को शल्य तंत्र शालक्य तंत्र (नेत्र, कान, नाक, गला, सिर और सिर-दंत चिकित्सा का रोग) जैसी डिग्री भी दी जाएंगी।

    एक ओऱ जहां आयुर्वेद के डॉक्टरों में इसे लेकर खुशी हैं वहीं इंडियन मेडिकल एसोसिएशन का रुख इससे थोड़ा अलग है. आईएमए के अध्यक्ष डॉ. राजन शर्मा कहना है कि इससे चिकित्सा वर्ग में खिचड़ी जैसी स्थिति हो जाएगी. इस फैसले से देश में मिश्रित पैथी की वजह से देश में हाइब्रिड डॉक्टरों को बढ़ावा मिलेगा।

  • आरपी मंडल को कल कैबिनेट में दी जा सकती है विदाई, नही मिलेगी सेवावृद्धि… अमिताभ जैन चीफ सेक्रेटरी की रेस में सबसे आगे….

    आरपी मंडल को कल कैबिनेट में दी जा सकती है विदाई, नही मिलेगी सेवावृद्धि… अमिताभ जैन चीफ सेक्रेटरी की रेस में सबसे आगे….

    रायपुर। मुख्य सचिव आरपी मंडल रिटायर हो रहे हैं। वे शनिवार को आखिरी बार मुख्य सचिव के रूप में कैबिनेट की बैठक में मौजूद रहेंगे। बैठक में उन्हें विदाई दी जा सकती है। 
    सरकार ने सीएस मंडल का कार्यकाल तीन माह बढ़ाने का प्रस्ताव केन्द्र को भेजा था, लेकिन केन्द्र से अब तक प्रस्ताव पर सहमति नहीं मिल पाई है। केन्द्र सरकार में शनिवार को अवकाश रहता है। ऐसे में उनकी सेवा वृद्धि की संभावना खत्म हो गई है। शनिवार को कैबिनेट की बैठक है। मंडल मुख्यसचिव के रूप में कैबिनेट की बैठक में उपस्थित रहेंगे। 

    बताया गया कि नए मुख्य सचिव के रूप में अमिताभ जैन की नियुक्ति तकरीबन तय मानी जा रही है। वैसे वरिष्ठता क्रम में राजस्व मंडल के चेयरमैन सीके खेतान उपर हैं। मगर उनके रिटायरमेंट को कुछ ही महीने बाकी हैं। ऐसे में उन्हें मुख्य सचिव का दायित्व सौंपे जाने की संभावना बेहद कम है। अमिताभ जैन छत्तीसगढ़ के ही रहने वाले हैं, और वे वर्तमान में अपर मुख्य सचिव (वित्त) का दायित्व संभाल रहे हैं।
     
    जैन के मुख्य सचिव बनने के बाद सचिव अलरमेल मंगई डी वित्त विभाग की मुखिया होंगी। जैन के पास जल संसाधन विभाग का भी प्रभार है। चूंकि सचिव के पद पर अविनाश चंपावत हैं, इसलिए  स्वतंत्र रूप से चंपावत यह दायित्व संभालेंगे। सूत्रों के मुताबिक एक-दो कलेक्टरों को भी बदले जाने की संभावना जताई जा रही है।

    प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक 16 साल की सेवा पूरी करने वाले 2005 बैच के आईएएस अधिकारियों में मुकेश कुमार, आर संगीता, रजत कुमार, राजेश सुकुमार टोप्पो और एस प्रकाश सचिव प्रमोट हो सकते हैं. वहीं 12 साल की सेवा पूरी करने वाले आईएएस अधिकारियों में 2008 बैच से भीम सिंह, राजेश राणा, नीरज कुमार बंसोड़, शिखा राजपूत तथा 2009 बैच से किऱण कौशल, अवनीश शरण, प्रियंका शुक्ला, समीर विश्नोई और सौरभ कुमार विशेष सचिव प्रमोट किए जा सकते हैं.

  • सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को भेजा नोटिस, RT-PCR कोरोना टेस्ट की सभी राज्यों में 400 रुपये हो कीमत…

    सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को भेजा नोटिस, RT-PCR कोरोना टेस्ट की सभी राज्यों में 400 रुपये हो कीमत…

    दिल्ली। देश में कोरोना वायरस का कहर बढ़ता ही जा रही है. इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना वायरस की जांच के लिए RT-PCR टेस्ट की दर तय करने के लिए केंद्र, राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों को नोटिस जारी किया है. दरअसल, एक याचिका में कहा गया था कि देश में RT-PCR टेस्ट की कीमत 400 रुपये तय की जाए. इससे लोगों को फायदा मिलेगा और ज्यादा कोरोना जांच भी की जाएंगी. इस मामले में अब सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए नोटिस जारी कर दो हफ्तों में जवाब मांगा है.देश में कोरोना वायरस की जांच के लिए RT-PCR टेस्ट किया जाता है. कोरोना संक्रमण का पता लगाने के लिए किए जाने वाले इस टेस्ट के नतीजे को काफी सटीक माना गया है. हालांकि पूरे देश में किए जा रहे इस टेस्ट की कीमत हर जगह पर अलग-अलग है. इसके मद्देनजर एक याचिका दाखिल की गई थी. जिस पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई है।

    400 रुपये रखी जाए कीमत

    कोरोना के RT-PCR टेस्ट की कीमत पूरे देश में एक समान करने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की गई. याचिका में कहा गया है कि अलग-अलग राज्यों में इस टेस्ट की कीमत 800 रुपये से लेकर 2800 रुपये तक है. टेस्ट लैब लोगों को लूट रहे हैं. यह कीमत 400 रुपये तक ही रखी जानी चाहिए।

    कीमत कम करने की दरकार

    वकील अजय अग्रवाल की ओर से RT-PCR की कीमत पूरे देश में एक समान करने वाली याचिका दायर की गई है. याचिका में कहा गया है कि कोरोना वायरस के लिए होने वाले टेस्ट RT-PCR की कीमत देश में अलग-अलग है. देश में कोरोना टेस्टिंग की समान कीमत तय किए जाने की जरूरत है. कम कीमत होने पर लोग ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग करा सकेंगे।

    RT-PCR मोबाइल टेस्टिंग वैन

    राजधानी दिल्ली में कोरोना के चलते बिगड़े हालत के बाद केंद्र सरकार एक्शन में आई है. केंद्र सरकार ने कोरोना टेस्टिंग बढ़ाने की दिशा में एक और बड़ी पहल की. इसके तहत दिल्लीवासी मुफ्त में RT-PCR टेस्ट करा सकेंगे. इसके लिए हाल ही में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली स्थित इंडियन मेडिकल काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) मुख्यालय में मोबाइल लैब्स का उद्घाटन किया है. इसके जरिए दिल्ली में मोबाइल वैन के जरिए कोविड-19 टेस्ट करवाया जा सकेगा।

  • कंगना का बंगला तोड़ना गैरकानूनी था….

    कंगना का बंगला तोड़ना गैरकानूनी था….

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक्ट्रेस कंगना रनोट के बंगले पर की गई बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) की कार्रवाई को गलत ठहराया है। कोर्ट ने शुक्रवार को अपने फैसले में यह कार्रवाई याचिकाकर्ता को कानूनी मदद लेने से रोकने की कोशिश थी। हम किसी भी नागरिक के खिलाफ ‘मसल पावर’ का इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दे सकते।
    अदालत ने अवैध निर्माण के खिलाफ जारी किए गए BMC के नोटिस को भी खारिज कर दिया, साथ ही कंगना को सार्वजनिक बयानों में संयम बरतने की हिदायत दी है। कंगना ने BMC की कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस पर जस्टिस एसजे कैथावाला और आरआई छागला की बेंच ने फैसला सुनाया। BMC ने 9 सितंबर को कंगना के पाली हिल स्थित बंगले में बने ऑफिस के कई हिस्सों को अवैध बताते हुए तोड़ दिया था।


    नुकसान का पता लगाने के लिए ऑफिसर नियुक्त
    कंगना ने BMC से दो करोड़ रुपए हर्जाना मांगा है। इस पर हाईकोर्ट ने नुकसान का पता लगाने के लिए सर्वेयर नियुक्त किया है। उन्हें मार्च 2021 तक रिपोर्ट सौंपनी है।


    हाईकोर्ट ने दिया था स्टे
    कंगना की ओर से याचिका दायर किए जाने के बाद हाईकोर्ट ने BMC की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगा दी थी और यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था। कंगना के वकील का दावा है कोर्ट के स्टे लगाने तक ऑफिस का 40% हिस्सा ध्वस्त कर दिया गया था। जिन चीजों को नुकसान पहुंचा उनमें झूमर, सोफा, दुर्लभ कलाकृतियां और कई कीमती सामान शामिल हैं।


    सोशल मीडिया पर कमेंट की वजह से हुई एक्ट्रेस पर कार्रवाई
    हाईकोर्ट ने कहा कि लगता है कि तोड़फोड़ की कार्रवाई एक्ट्रेस के सोशल मीडिया पर किए गए कमेंट्स को लेकर उन्हें निशाना बनाने के इरादे से की गई है।
    कंगना ने कहा- यह पूरे लोकतंत्र की जीत
    हाईकोर्ट के फैसले के बाद कंगना ने सोशल मीडिया पर लिखा कि कोई व्यक्ति सरकार के खिलाफ खड़ा होता है और जीतता है तो यह जीत केवल उस व्यक्ति की नहीं होती, बल्कि पूरे लोकतंत्र की होती है। मेरा हौसला बढ़ाने के लिए हर व्यक्ति को धन्यवाद। हर उस व्यक्ति का भी शुक्रिया, जो मेरे सपनों के टूटने पर हंसे थे। यह सब इसलिए हुआ, क्योंकि आप विलेन की तरह काम कर रहे थे और मैं हीरो बन गई।

    मेयर की सफाई
    BMC की मेयर किशोरी पेडनेकर ने लीगल टीम के साथ मीटिंग की। कहा कि मैंने अभी तक कोर्ट का ऑर्डर देखा नहीं है। हमने म्यूनिसिपल के कानून के मुताबिक ही काम किया।

  • रायपुर पुलिस ने पत्र भेज कर कहा – “रायपुर ज़िले में बड़े छोटे बटन वाले चाकू के डिलेवरी/ऑर्डर को प्रतिबंधित करें”

    रायपुर पुलिस ने पत्र भेज कर कहा – “रायपुर ज़िले में बड़े छोटे बटन वाले चाकू के डिलेवरी/ऑर्डर को प्रतिबंधित करें”

    राजधानी में छूरेबाजी की लगातार बढ़ती घटनाएं पुलिस के लिए परेशानी और तनाव का सबब बन रही हैं। पुलिस और नागरिक दोनों के ही लिए चिंता और तनाव का सबब बने छूरेबाजी के मामले में छूरे दरअसल डिलीवरी ऐजेंसियों के ज़रिए सीधे घर पहुँच सेवा से आसानी से पहुँच रहे हैं।
    हालिया दिनों में हत्याओं और दिगर घटनाओं में छूरे के बढ़ते उपयोग ने पुलिस का ध्यान इस ओर खींचा कि आखिर छूरे पहुँच कैसे रहे हैं। बीते 48 घंटों में ताबड़तोड़ कार्यवाही के दौरान छूरे के साथ आरोपी धर दबोचे गए। पूछताछ में यह स्पष्ट हुआ कि सहज रुप से ना मिल सकने वाले छूरे फ्लिपकार्ट और अमेजन पर बस एक क्लिक पर मौजुद हैं और अपराधी इसे बहुत आसानी से मँगा रहे हैं।
    रायपुर पुलिस ने इसके बाद अमेजन और फ़्लिपकार्ट के अधिकारियों को तलब कर राजधानी समेत समूचे ज़िले में किसी भी प्रकार के बड़े छोटे बटन वाले चाकू के ऑर्डर लेने और डिलेवरी करने को प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए हैं।
    रायपुर कप्तान अजय यादव ने NPG से कहा
    “अपराध में ज्यादा इस्तेमाल चाकुओं का देखा गया, ये चाकू सहज रुप से और सामान्य दर पर उपलब्ध नही होते हैं, हमने पाया कि फ्लिपकार्ट और अमेजन जैसी ऐजेंसियों से ख़ासकर नाबालिग इसे मंगाते हैं, आरोपियों ने इसे स्वीकार किया। इसके बाद इन दोनों ही एजेंसियों को मौखिक और लिखित में निर्देश दिए गए हैं कि वे राजधानी समेत पूरे ज़िले में ऐसे ऑर्डर ना लें और ना ही वितरण करें”