Author: Sunil Agrawal

  • न्याय दिलाने वाले देश के मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे हुए ठगी का शिकार, जानिए पूरी कहानी….

    न्याय दिलाने वाले देश के मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे हुए ठगी का शिकार, जानिए पूरी कहानी….

    देश के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की मां की पारिवारिक संपत्ति की देखभाल करने वाले एक व्यक्ति को ढाई करोड़ रुपये की ठगी के मामले में गिरफ्तार किया गया है। मामले की जांच के लिए नागपुर पुलिस ने एसआईटी (SIT) गठित की है।



    जानकारी के अनुसार सीजेआई एसए बोबडे की मां मुक्ता बोबडे नागपुर में आकाशवाणी स्क्वॉयर के पास स्थित सीडन लॉन की मालकिन हैं। यह लॉन शादी-समारोह समेत अन्य कार्यक्रमों के लिए किराए पर दिया जाता है। बताया जा रहा है कि बोबडे परिवार ने तापस घोष को 2007 में सीडन लॉन का केयरटेकर बनाया था। उसे अच्छी-खासी सैलरी दी जाती थी और बुकिंग पर कमीशन भी मिलता था।



    मुक्ता बोबडे की उम्र और गिरते स्वास्थ्य का फायदा उठाकर केयरटेकर घोष ने कथित तौर पर लॉन की फर्जी रसीदें बनाईं और ढाई करोड़ रुपए का घोटाला किया। लॉकडाउन के दौरान बुकिंग रद्द होने के बाद भी लोगों के पैसे न लौटाने के बाद पूरा मामला सामने आया। अगस्त में मुक्ता ने धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई, पुलिस ने इस मामले को प्राथमिकता पर लिया और एक एसआईटी (SIT) बना दी। जांच में पता लगा कि तापस ने लॉन बुक किया, लेकिन उसका पैसा बोबडे परिवार को नहीं दिया।

  • सरकारी जमीन की बंदरबांट, राजस्व मंत्री ने बिल्हा तहसीलदार को किया निलंबित….

    सरकारी जमीन की बंदरबांट, राजस्व मंत्री ने बिल्हा तहसीलदार को किया निलंबित….

    बिलासपुर। राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने आज बिल्हा तहसीलदार सत्यपाल राय को जमीन की अफरा-तफरी मामले में निलंबित कर दिया. इसकी जानकारी उन्होंने बिलासपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी. उन्होंने बताया कि 8 दिसम्बर को शाम खबरों के के माध्यम से उन्हें खबर मिली थी कि 26 एकड़ सरकारी जमीन को बिल्हा तहसीलदार ने कुछ व्यापारी और अन्य लोगों के नाम कर दिया है. इस जमीन का नामांतरण करके मुआवजा भी ले लिया गया है. जिस जमीन की अफरा-तफरी की गई है, उस पर से नेशनल हाईवे गुजरता है।
    पत्रकारो को सम्बोधित करते हुए राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने बताया कि 26 एकड़ सरकारी जमीन की अफरा-तफरी के मामले में उन्होंने कल शाम ही एसडीएम, तहसीलदार से चर्चा की।
    पहली नजर में पाया गया कि बिल्हा तहसीलदार ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर जमीन का न केवल नामांतरण- हस्तांतरण किया है, बल्कि उसने करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार भी किया है. इस मामले में राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने बिलासपुर कलेक्टर को जांच का निर्देश दिया है।


    जांच पूरी होते ही जल्द ही इस मामले का सच सामने आ जाएगा. जयसिंह अग्रवाल ने यह भी बताया कि बिलासपुर जिले में इस तरह का मामला एक नजीर के रूप में देखा जाएगा. इस नजीर को देखते हुए प्रदेश स्तर पर कार्यवाही की जाएगी. हो सकता है अन्य स्थानों पर भी इस तरह की गड़बड़ी की गई हो।
    विभाग द्वारा सरकारी जमीन पर नजर रखी जा रही है. ऐसे मामले में जो भी जिम्मेदार होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने आगे कहा हमारी सरकार जमीन के मामले में गंभीर है. किसी भी प्रकार की अनियमित्ता पाए जाने पर उसकी जांच और जांच के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई भी की जा रही है।

  • डीएम अवस्थी ने पुलिस विभाग में किया बड़े स्तर में फेरबदल देखें सूची….

    डीएम अवस्थी ने पुलिस विभाग में किया बड़े स्तर में फेरबदल देखें सूची….

    रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में डीजीपी डीएम अवस्थी ने बड़े स्तर में फेरबदल किया किया हैं। वही 3 सुबेदार ,19 टीआई , 27 एसआई , 22 एएसआई , 35 प्रधान आरक्षक , 92 आरक्षक का तबादला किया गया हैं। निरीक्षक मोहसिन खान को जशपुर से रायपुर और सोनल ग्वाला को गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही से रायपुर फिर राजधानी वापसी हुई हैं।

  • सभी मेडिकल स्टाफ अस्पतालों में उपस्थिति की आकस्मिक जांच करेंगे एसडीएम, अनुपस्थित पाये जाने पर होगी बर्खास्तगी की कार्यवाही….

    सभी मेडिकल स्टाफ अस्पतालों में उपस्थिति की आकस्मिक जांच करेंगे एसडीएम, अनुपस्थित पाये जाने पर होगी बर्खास्तगी की कार्यवाही….

    रायगढ़। कलेक्टर श्री भीम सिंह की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में सर्वप्रथम कोरोना संक्रमित पाये गये व्यक्तियों के कांटे्रक्ट टे्रसिंग में तत्परता बरतने के निर्देश कलेक्टर श्री सिंह ने दिये। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में एक व्यक्ति के पॉजिटिव पाये जाने पर उसके संपर्क में आने वाल कम से कम 7-8 व्यक्तियों की सेंपल जांच की जाये। उन्होंने कहा कि कोरोना के मरीजों की संख्या में कमी अवश्य आयी है परंतु कोरोना समाप्त नहीं हुआ है अधिक से अधिक व्यक्तियों के सेंपलों की जांच कर और पॉजिटिव मरीजों की पहचान कर हम कोरोना का फैलाव रोक सकते है।

          कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार और आम नागरिकों को चिकित्सा का लाभ समय पर मिले यह आवश्यक है उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं पर राज्य शासन द्वारा बहुत बड़ी राशि व्यय की जा रही है और जिले के सीएचसी/पीएचसी में भवनों के उन्नयन तथा मेडिकल उपकरणों की खरीदी के लिये डीएमएफ से भी राशि उपलब्ध करायी गई है। अत: इन सुविधाओं का लाभ आम नागरिकों को मिलना चाहिये। अस्पताल परिसर स्वच्छ रहे, वहां स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो, बेडशीट, तकिया कव्हर साफ-सुथरे हो, शौचालयों की नियमित साफ-सफाई होनी चाहिये जिससे मरीजों को इलाज के साथ खुशहाली का अनुभव हो। इन सबके बावजूद मरीजों तथा उनके परिजनों के प्रति डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ का मर्यादित व्यवहार सर्वाधिक  महत्वपूर्ण है। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि शासन द्वारा बीपीएल और एपीएल कार्डधारी व्यक्तियों को पात्रता अनुसार स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ सुनिश्चित करावे। उन्होंने कहा कि सभी शासकीय अस्पतालों और निजी चिकित्सालयों में गरीब मरीजों को शासन द्वारा राशन कार्ड के माध्यम से इलाज की सुविधा मिलनी चाहिये और जो निजी अस्पताल शासन के आदेशों के बावजूद गरीबों को बीमा लाभ उपलब्ध नहीं करा रहे है उन्हें पत्र जारी करने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिये। कलेक्टर श्री सिंह ने सभी डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ को अपने मुख्यालय में निवासरत रहने को कहा और उनके उपस्थिति के लिये सभी शासकीय अस्पतालों में बायोमेट्रिक प्रणाली से अटेंडेन्स संधारित करने के निर्देश दिये। अस्पतालों में कर्मचारियों एवं डॉक्टरों की उपस्थिति की आकस्मिक जांच संबंधित क्षेत्र के एसडीएम द्वारा की जायेगी और जो कर्मचारी अनुपस्थित पाये जायेंगे उनकी सेवा समाप्ति की कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया कि हमें यह प्रयास करना होगा कि जिले की स्वास्थ्य सेवा कैसे बेहतर हो सके। जिले में सभी सीएचसी में ब्लड बैंक तथा ब्लड सुरक्षित रखने की व्यवस्था करने के निर्देश दिये। कलेक्टर श्री सिंह ने कैलेण्डर वर्ष में घोषित स्वास्थ्य सुविधाओं के दिन डॉक्टर्स डे, डायबिटिक डे, ब्लड डोनेशन डे, हृदय रोग डे जैसे दिवस पर स्वास्थ्य संबंधी कैम्प आयोजित करने के निर्देश दिये। उन्होंने शासकीय अस्पतालों में कम प्रसव कराये जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुये कहा कि ग्रामीण लोग बहुत उम्मीद से शासकीय अस्पतालों में आते है। अत: अस्पतालों में उपस्थित स्टाफ को सुरक्षित प्रसव कराने के प्रयास करने चाहिये और बच्चों के टीकाकरण की नियमित व्यवस्था करने के निर्देश दिये कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित नहीं रहना चाहिये।

               कलेक्टर श्री सिंह ने मुख्यमंत्री हाट-बाजार योजना की समीक्षा करते हुये कहा कि जिन स्थानों पर हाट-बाजार प्रारंभ हो गये है उन स्थानों पर मेडिकल टीम उपलब्ध रहे और निर्धारित सभी जांच की सुविधा ग्रामीणों को मिले यह सुनिश्चित करें। उन्होंने मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना की भी समीक्षा की और जिले के सभी क्षेत्रों में उपलब्ध 102 और 108 एम्बुलेंस के उपलब्धता के बारे में भी जानकारी ली और कहा कि जिन क्षेत्रों में एम्बुलेंस की कमी है वहां शीघ्र ही नई एम्बुलेंस प्रदान की जायेगी। एम्बुलेंस क्रय करने की कार्यवाही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिये।

               समीक्षा के दौरान सीईओ जिला पंचायत सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.एन.केशरी सहित जिले के सभी बीएमओ तथा स्वास्थ्य अधिकारी उपस्थित थे।

  • लगातार उपयोग से सूख रही त्वचा, खुजली, घमौरियां और जलन की शिकायत….

    लगातार उपयोग से सूख रही त्वचा, खुजली, घमौरियां और जलन की शिकायत….

    कोरोना से बचाव के लिए सेनिटाइजर के लगातार उपयोग से हाथों में स्किन से संबंधित रोग हो रहे हैं। किसी को खुजली तो किसी को घमौरियां जैसे छोटे छोटे डाट्स हो रहे हैं। हाथों में जलन की भी शिकायत हो रही है। अंबेडकर अस्पताल में ही रोज औसतन ढाई सौ से ज्यादा मरीज स्किन की समस्या को लेकर पहुंच रहे हैं। इनमें 50 से अधिक हाथों में खुजली और घमौरियों जैसे डाट्स की समस्या को लेकर आ रहे हैं। चर्म रोग विशेषज्ञों के अनुसार अल्कोहल वाले सेनिटाइजर के ज्यादा उपयोग से स्किन सूखी हो रही है। उसी से स्किन से संबंधित शिकायतें हो रही हैं। सर्दी के मौसम में स्किन की शिकायत आम है, लेकिन इस साल स्थिति अलग है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लोग ज्यादा से ज्यादा सेनिटाइजर का उपयोग कर रहे हैं। सेनिटाइजर से त्वचा सूख जाती है। आमतौर पर लोग सेनिटाइजर का उपयोग करने के बाद स्किन की सुरक्षा के लिए दूसरे उपाए नहीं कर रहे हैं। इस वजह से फंगल इंफेक्शन हो रहा है। खासतौर पर हाथों में काेई न कोई समस्या हो रही है। इसी वजह से अंबेडकर अस्पताल के साथ-साथ प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले चर्म रोग विशेषज्ञों के क्लीनिक में भी मरीजों की संख्या बढ़ गई है। स्किन की समस्या से पीड़ित मरीजों में सबसे ज्यादा सेनिटाइजर से इंफेक्शन वाले हैं। डाक्टरों के अनुसार कोरोना के भय से कई मरीज अस्पताल नहीं आ रहे हैं। सामान्य हालात होने पर मरीजों की संख्या दोगुनी हो सकती है।

    प्राइवेट में इतनी भीड़ की अप्वाइन्टमेंट लेकर ही जांच : स्किन के मरीज बढ़ जाने से प्राइवेट क्लीनिक में डाक्टर से चेकअप करवाने के लिए एक दिन पहले अप्वाइन्टमेंट लेना पड़ रहा है। इमरजेंसी में कम डाक्टर ही देख रहे हैं। अप्वाइन्टमेंट लेने के लिए भी डाक्टरों ने अपनी-अपनी सहूलियत के अनुसार टाइम तय किया है।

    उसी टाइम में अपाइनमेंट लिया जाता है। टाइम गुजर जाने के बाद डाक्टर के क्लीनिक के काउंटर में बैठने वाला स्टाफ किसी को अपाइनमेंट नहीं देता।

    जेल वाला सेनिटाइजर करें उपयोग
    स्किन रोग विशेषज्ञ डा. पीके निगम कहते हैं कोरोना से सुरक्षा के लिए सेनिटाइजर का उपयोग जरूरी है। इसके उपयोग से किसी को रोका नहीं जा रहा है। हां मरीजों को सलाह दी जा रही है कि वे जेल वाला सेनिटाइजर उपयोग करें। साथ ही रात में सोने के पहले कोई भी विंटर क्रीम या लोशन हाथ-पांव में अच्छी तरह से लगा लें। इससे स्किन को लेकर आ रही समस्या दूर हो जाएगी। डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. मृत्युंजय सिंह के मुताबिक सर्दी के मौसम में त्वचा सूखती है। इसलिए ऐसे लोग जो सेनिटाइजर का इस्तेमाल कर रहे हैं, उसके बाद त्वचा में नमी को बनाए रखने के लिए सामान्य विंटर लोशन लगाना जरूरी है। इससे त्वचा की बीमारियों से बचाव हो सकता है।

  • कई लड़कियाँ सहमति से संबंध बनाती हैं, बाद में रेप का आरोप लगाती हैं: छत्तीसगढ़ महिला आयोग अध्यक्ष

    कई लड़कियाँ सहमति से संबंध बनाती हैं, बाद में रेप का आरोप लगाती हैं: छत्तीसगढ़ महिला आयोग अध्यक्ष

    रायपुर। देश भर में लगातार दुष्कर्म के मामलों के बीच छत्तीसगढ़ में भी केस सामने आ रहे हैं। इसी बीच छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने दुष्कर्म के मामलों से जुड़े सवालों पर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अधिकतर लड़कियाँ सहमति से संबंध बनाती हैं, लिव इन में रहती हैं, बाद में रेप का आरोप लगाकर केस दर्ज कराती हैं।

    …तो कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने होंगे

    एक अख़बार के मुताबिक उन्होंने यह बातें बिलासपुर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान कही है। डॉ. नायक ने कहा कि शादीशुदा आदमी यदि आपको प्यारे के झांसे में फंसा रहा है, तो यह समझना चाहिए कि वह व्यक्ति झूठ बोल रहा है। आपको थाने-कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने होंगे। बेहतर हैं कि लड़कियाँ अपनी जिम्मेदारियों को समझे। किसी भी तरह के बहकावे में न आए। रिश्तों को महत्व दें।

    जिंदगी को समझे, जिंदगी फिल्मी नहीं है

    उन्होंने कहा कि किशोरी बच्चियाँ हो या महिलाएं सभी को अपने अधिकार पता होने चाहिए। नाबालिग हैं तो फिल्मी तरीके के चक्कर में न आएं। इस तरह के मामलों ज्यादातर लोगों के घर तबाह हो जाते हैं। कई तो 18 साल पूरा होते ही शादी कर लेती हैं और बच्चा होने पर आयोग में शिकायत लेकर आती हैं। बेहतर है कि वे अपनी जिंदगी को समझे, जिंदगी फिल्मी नहीं है।

  • सुप्रीम कोर्ट का आदेश, कोविड-19 मरीजों के घर के बाहर पोस्‍टर नहीं लगाए जाएं….

    सुप्रीम कोर्ट का आदेश, कोविड-19 मरीजों के घर के बाहर पोस्‍टर नहीं लगाए जाएं….

    कोरोना मरीजों के घर के बाहर पोस्टर लगाने का मामले में सुनवाई करते हुए SC ने नामंज़ूरी दी है. अदालत ने कहा कि राज्य सरकार के अधिकारियों के पास मरीजों के घरों के बाहर COVID पोस्टर चिपकाने का कोई कारण नहीं है।

    दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने साफ कहा है कि कोविड-19 पेशेंट (COVID-19 Patients) के घर के बाहर पोस्‍टर (Posters) नहीं लगाए जाने चाहिए. कोरोना मरीजों के घर के बाहर पोस्टर लगाने का मामले में सुनवाई करते हुए SC ने नामंज़ूरी दी है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार पहले ही राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को एडवायजरी जारी कर चुकी हैअदालत ने कहा कि राज्य सरकार के अधिकारियों के पास मरीजों के घरों के बाहर COVID पोस्टर चिपकाने का कोई कारण नहीं है. सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि इस तरह के पोस्टर राज्यों द्वारा तभी चिपकाए जा सकते हैं जब आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत सक्षम अधिकारी विशिष्ट निर्देश जारी करें. जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने यह फैसला दिया।

    गौरतलब है कि पिछले गुरुवार को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था. सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने कहा कि केंद्र सरकार ने कहा कि हमारी सरकार का ऐसी कोई गाइडलाइन नहीं है. कुछ राज्यों ने ऐसा इसलिए किया कि कोई अनजान व्यक्ति घर म़े एंट्री न कर पाए. याचिकाकर्ता ने कहा कि दिल्ली ,पंजाब और ओडिशा ने ऐसा करने से रोक लगा दी है. कोर्ट ने सालिसिटर जनरल से पूछा कि क्या केंद्र सरकार राज्यों को ऐसा न करने के लिए एडवाइजरी जारी कर सकती हैं, इस पर केंद्र ने बताया कि उसने राज्यों को पत्र लिखा है. इससे पहले पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जमीनी स्तर पर हकीकत यह है कि एक बार कोविड रोगी के घर के बाहर नोटिस लगाने के बाद, उसे दूसरों द्वारा अछूत माना जाता है।

  • नही रहे पुरुषोत्तम अग्रवाल….

    नही रहे पुरुषोत्तम अग्रवाल….

    गणपतलाल पुरषोत्तम कुमार तिरुपति ट्रेडर्स कोरबा के पुरषोत्तम अग्रवाल का 65 की आयु में निधन हो गया ये पिछले कुछ दिनों अस्वस्थ चल रहे थे। जिनका इलाज रायपुर के निजी हॉस्पिटल में चल रहा था और वही इलाज के दौरान इन्होंने अंतिम सांस ले ली ये सपरिवार काफी समय से कोरबा में रह रहे थे। भाजपा के पितृपुरुष रहे स्व. लक्खीराम अग्रवाल के भतीजे और अग्रवाल ऑटो के संचालक स्व. रमेश अग्रवाल के छोटे भाई थे पुरषोत्तम अग्रवाल बहुत ही मिलनसार व्यक्तित्व के धनी थे इनके निधन से खरसिया एवं कोरबा में शोक की लहर है इनके पुत्र ऋषभ अग्रवाल ने अपील की है कोविड महामारी को देखते हुए घर में बैठक स्थगित कर दी गई है और इनके सारे कार्य इलाहबाद में सम्पन्न हो रहे है अत: आप सभी से निवेदन है अपने अपने घरों से ही श्रद्धांजलि देवे।

  • रजनीकांत 31 दिसंबर को करेंगे राजनीति में एंट्री….

    रजनीकांत 31 दिसंबर को करेंगे राजनीति में एंट्री….

    दिल्ली। साउथ इंडियन फिल्मों के सुपरस्टार रजनीकांत ने आखिरकार नई पार्टी बनाने का एलान कर दिया है। पार्टी को जनवरी में लॉन्च किया जाएगा। इसके संबंध मे 31 दिसंबर को घोषणा की जाएगी। यह जानकारी रजनीकांत ने ट्वीट के जरिए दी है। आने वाले अप्रैल-मई महीने में तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव होना हैं। इससे पहले रजनीकांत का सक्रिय राजनीति में उतरना काफी अहम माना जा रहा है।

  • मुख्य मंत्री भूपेश बघेल को ज्ञापन देकर को याद दिलाया नगर सैनिको ने….

    मुख्य मंत्री भूपेश बघेल को ज्ञापन देकर को याद दिलाया नगर सैनिको ने….

    जशपुर। जशपुर जिला नगर सैनिको के द्वारा मुख्य मंत्री भूपेश बघेल को ज्ञापन देकर को याद दिलाया कि मार्च 2017 में जब भाजपा सरकार में थी, तब आपने भी बतौर विधायक भूपेश बघेल ने पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह को होमगार्ड का मानदेय 29645 रुपए करने चिट्‌ठी लिखी थी। अब यह बातें क्यो भूला दी जा रही है इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरे द्वारा आपलोगो के समर्थन में चिट्ठी दिया गया था मुझे याद है आपकी मांगो को जरूर ध्यान दिया जायेगा इस मौके पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री उमेश पटेल को भी एक प्रति ज्ञापन सौपा गया।। उमेश पटेल ने भी नगर सैनिको को आस्वाशन दिया आपका काम मैं खुद कराऊंगा,,ज्ञापन के जरिए नगर सैनिकों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को याद दिलाया। बताया कि मार्च 2017 में जब भाजपा सरकार में थी, तब तत्कालीन विधायक भूपेश बघेल ने पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह को होमगार्ड का मानदेय 29645 रुपए करने चिट्‌ठी लिखी थी। अब यह बातें भी भूला दी। मध्यप्रदेश राज्य के जैसे छग में भी नगर सैनिकों को 21840 रुपए मानदेय देने मांग की गई है। नगर सैनिकों ने बताया कि उनका 1 अप्रैल 2016 से अब तक यानी 14 माह का एरियर्स राशि बकाया है, जो उन्हें नहीं मिला है।

    अन्य राज्यों में उच्चतम न्यायालय के आदेश पर समान काम समान वेतन के तहत पुलिस आरक्षक के समान होमगार्ड को मानदेय दिया जा रहा है। गृह मंत्रालय भारत सरकार से भी छग सरकार को वर्ष 2015 से वर्तमान तक 10 से अधिक पत्र आ चुके हैं। इसमें होमगार्ड सैनिकों का मानदेय पुलिस आरक्षकों के समान करने निर्देशित किया गया है।