Author: Sunil Agrawal

  • इस वक्त वैक्सीनेशन बहुत जरूरी है, वैक्सीन के दाम पर क्या कर रहा केंद्र, ये नेशनल इमरजेंसी नहीं तो कब?

    इस वक्त वैक्सीनेशन बहुत जरूरी है, वैक्सीन के दाम पर क्या कर रहा केंद्र, ये नेशनल इमरजेंसी नहीं तो कब?

    सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में क्या हुआ?

    कोरोना संकट को लेकर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. केंद्र सरकार की ओर से सर्वोच्च अदालत में अपना जवाब दे दिया गया है. केंद्र सरकार की ओर से राज्यों को ऑक्सीजन सप्लाई पर लेटर भेजा गया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस सुनवाई का मतलब हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई को रोकना नहीं है, हाईकोर्ट स्थानीय हालात को बेहतर समझ सकते हैं. राष्ट्रीय मुद्दे पर हमारा दखल देना जरूरी था. हम राज्यों के बीच समन्वय बैठाने का काम करेंगे.

    अदालत में सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि कोरोना की पहली लहर 2019-20 में आई, लेकिन दूसरी लहर का किसी ने अंदाजा नहीं लगाया था. हमने इसको लेकर भी कई अहम कदम उठाए हैं. केंद्र सरकार राष्ट्रीय लेवल पर हालात को मॉनिटर कर रही है, खुद पीएम भी मीटिंग कर रहे हैं.

    वैक्सीन के दाम पर अदालत का सवाल

    सुनवाई के दौरान जस्टिस एसआर भट्ट ने कहा कि सेना, रेलवे के डॉक्टर्स केंद्र के अंतर्गत आते हैं. ऐसे में क्या इन्हें क्वारनटीन, वैक्सीनेशन और अन्य इस्तेमाल में लाया जा सकता है. इसपर क्या नेशनल प्लान है? इस वक्त वैक्सीनेशन बहुत जरूरी है, वैक्सीन के दाम पर केंद्र क्या कर रहा है. अगर ये नेशनल इमरजेंसी नहीं है, तो फिर क्या है? दरअसल, अदालत में सुनवाई के दौरान राजस्थान, बंगाल की ओर से वैक्सीन के अलग-अलग दाम पर आपत्ति जताई गई थी.

  • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग के सहायक संचालक अधिकारी का कोरोना से निधन…

    छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग के सहायक संचालक अधिकारी का कोरोना से निधन…

    रायपुर। छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग के सहायक संचालक डॉ. छेदीलाल तिवारी का कोरोना से निधन हो गया।
    छत्तीसगढ़ में संक्रमण के कारण रोज़ मौतों में इजाफा हो रहा है| आए दिन लोगों की मौत हो रही हैं। मंगलवार को फिर एक दुखद समाचार आया। जनसंपर्क विभाग के सहायक संचालक डॉ. छेदीलाल तिवारी का कोरोना से निधन हो गया है। कोरोना वायरस से संक्रमित होने पर छेदीलाल तिवारी को सुयश अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उन्होंने आज अंतिम सांस ली।

    डॉ. छेदीलाल तिवारी ने विभाग में ऑटो चलाते हुए पीएचडी की थी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जनसंपर्क विभाग के सहायक संचालक के निधन पर गहरा दुख प्रकट किया है। मुख्यमंत्री ने तिवारी के शोक संतृप्त परिवारजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है।

  • आरक्षक ने किया इस्तीफे का ऐलान,जानिए क्यों…

    आरक्षक ने किया इस्तीफे का ऐलान,जानिए क्यों…

    धमतरी पुलिस लाइन में पदस्थ एक आरक्षक ने अपनी नौकरी से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। ये कोई सामान्य इस्तीफा नंही है, बल्कि कई गंभीर आरोप पुलिस के आला अफसरों पर आरक्षक की तरफ से लगाए गए हैं। 
    आरक्षक क्रमांक 777 उज्ज्वल दीवान ने बताया कि सभी पुलिस कर्मियों को अपना एक दिन का वेतन स्वेच्छा से मुख्यमंत्री सहायता कोष में देने कहा गया था, लेकिन उसने ऐसा करने से इनकार कर दिया, तो इस वजह से उसका तबादला नक्सल प्रभावित थाना मेचका में कर दिया गया। आम तौर पर आरक्षकों का तबादला समूह में होता है, लेकिन उज्ज्वल के मामले में सिर्फ एक आरक्षक का तबादला हुआ, जब आरक्षक ने अपना इस्तीफा सौंपने की कोशिश की तो अब इस्तीफा नहीं लिया जा रहा है। इन तमाम आरोपों के साथ आरक्षक ने मीडिया से अपनी बातें रखी।

  • सुप्रीम कोर्ट के जज का फेफड़ो में इंफेक्शन की वजह से निधन, कोरोना संक्रमण की पुष्टि नहीं, गुरुग्राम के अस्पताल में ली आखिरी सांस…

    सुप्रीम कोर्ट के जज का फेफड़ो में इंफेक्शन की वजह से निधन, कोरोना संक्रमण की पुष्टि नहीं, गुरुग्राम के अस्पताल में ली आखिरी सांस…

    दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस मोहन एम शांतनागोदर का शनिवार देर रात गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया. वह 62 साल के थे. जानकारी के अनुसार, न्यायमूर्ति शांतनागोदर को फेफड़े में संक्रमण के चलते मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था और वह आईसीयू में थे।

    न्यायालय के एक अधिकारी ने कहा, ‘शनिवार देर रात तक उनकी हालत स्थिर बताई गई थी. हालांकि, देर रात करीब 12:30 बजे उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों ने परिवार को यह दुखद समाचार दिया.’ हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं की गई है कि न्यायाधीश कोरोना वायरस से संक्रमित थे या नहीं।

    न्यायमूर्ति शांतनागोदर को 17 फरवरी 2017 को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के तौर पर पदोन्नत किया गया था. उनका जन्म पांच मई 1958 को कर्नाटक में हुआ था. उन्होंने पांच सितंबर 1980 को एक वकील के तौर पर पंजीकरण कराया था. सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत किए जाने से पहले न्यायमूर्ति शांतनागोदर केरल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रहे।

  • अस्पताल से रेमडेसिविर इंजेक्शन चुराती थी नर्स…बाहर ब्लैक में बेचता था बॉयफ्रेंड…

    अस्पताल से रेमडेसिविर इंजेक्शन चुराती थी नर्स…बाहर ब्लैक में बेचता था बॉयफ्रेंड…

    मध्य प्रदेश में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच रेमडेसिविर इंजेक्शन की जबरदस्त मांग है. लेकिन विपदा के समय भी कुछ लोग रेमडेसिविर की कालाबाजारी कर मुनाफा कमाने में लगे हैं. भोपाल पुलिस ने ऐसे ही एक शख्स को गिरफ्तार किया है जो एक निजी अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ है और वहां से रेमडेसिविर इंजेक्शन बाहर लाकर ब्लैक में बेचता था. हैरानी की बात यह है कि आरोपी युवक को रेमडेसिविर इंजेक्शन अस्पताल में ही बतौर नर्स काम करने वाली उसकी गर्लफ्रेंड चुरा कर देती थी।

    दरअसल पुलिस को सूचना मिली थी कि भोपाल के जेके अस्पताल के बाहर एक शख्स रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचने के लिए खड़ा है. पुलिस ने जाल बिछाकर जब इस शख्स को पकड़ा तो उसकी जेब से रेमडेसिविर इंजेक्शन का एक वायल मिला. जब उससे इससे जुड़े कागज मांगे गए तो उसने इस का बिल या कोई और कागज होने से मना कर दिया. इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की.पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसका नाम झलकन सिंह मीणा है और वो जेके अस्पताल में बतौर नर्सिंग स्टाफ काम करता है. आरोपी ने बताया कि अस्पताल में ही उसके साथ काम करने वाली उसकी गर्लफ्रेंड शालिनी वर्मा कोरोना मरीज को लगने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन को चुरा कर उसे देती थी और कोरोना मरीज को रेमडेसिविर की बजाय सामान्य इंजेक्शन लगा देती थी।

    पूछताछ में आरोपी ने बताया उसने और उसकी गर्लफ्रेंड ने मिलकर पहले भी रेमडेसिविर इंजेक्शन को 20 हज़ार से लेकर 30 हज़ार रुपए तक में बेचा है. आरोपी ने बताया कि 16 अप्रैल को ही एक रेमडेसिविर इंजेक्शन चुराकर अस्पताल के ही एक डॉक्टर को करीब 13 हज़ार रुपए में बेचा था. फिलहाल पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी झलकन सिंह मीणा को गिरफ्तार कर लिया है जबकि उसकी गर्लफ्रेंड शालिनी वर्मा की तलाश की जा रही है।

  • अब डबल मास्क लगाएंगे पुलिस जवान, एसएसपी का फरमान….

    अब डबल मास्क लगाएंगे पुलिस जवान, एसएसपी का फरमान….

    अब कोरोना से बचाव करने ड्यूटी पर तैनात जवानों को डबल मास्क लगाना अनिवार्य होगा। इसके लिए एसएसपी-डीआईजी अजय कुमार यादव ने फरमान जारी किया है। यही नहीं पुलिस जवानों को कोरोना के कहर से बचाने थानों में रस्सी का घेरा बनाकर सुरक्षा की जा रही है।

    मुंशी टेबल से पहले इंट्री गेट पर रस्सी लगा दी गई है। बाहर टेबल पर सेनेटाइजर और टेंप्रेचर मशीन रखकर थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। थानों पर आने वाले फरियादी से पहले रस्सी घेरा के पास उनके आने का कारण पूछा जा रहा है। इसके बाद फरियादी का टेंप्रेचर मापने और हाथाें को सेनेटाइज करने के बाद थाने में प्रवेश दिया जा रहा है। यह घेराबंदी सिर्फ एक थाने में नहीं बल्कि जिलेभर के थानों में की गई है। इससे अब थाना परिसर में संक्रमण फैलने का खतरा कम होने की संभावना है।

    40 से अधिक जवान पॉजिटिव

    जानकारी के मुताबिक रायपुर जिलेभर में करीब 3 हजार जवान शहर, ग्रामीण और महिला थाने पर तैनात हैं। महीनेभर में ड्यूटी के दौरान जिलेभर के थानों के करीब 40 से अधिक जवान संक्रमित हो चुके हैं और चार पुलिस जवानों की मौत हो चुकी है। संक्रमित होने वालों में थाना प्रभारी भी शामिल हैं। करीब 25 से अधिक पुलिस जवान अभी कोविड सेंटर या फिर होम आइसोलेशन में हैं। यही वजह है कि थानों में रस्सी का घेरा बनाकर जवानों की सुरक्षा की जा रही है।

    आरोपी से पूछताछ से पहले कोरोना जांच

    जानकारी के मुताबिक कोरोना महामारी का कहर बढ़ने के साथ ही गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ करने में पुलिसकर्मी कतराने लगे हैं। अब थाने में आरोपी से पूछताछ से पहले उसका कोविड-19 का टेस्ट किया जाता है। इसके लिए उन्हें कोविड सेंटर भेजा जाता है। जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही उससे पूछताछ की जा रही है और कोर्ट में पेश किया जा रहा है।

    सुरक्षित रहने निर्देश

    सभी पुलिस जवानों को मास्क लगाने और सेनेटाइजर रखने समेत तरीके से सुरक्षित रहने के निर्देश दिए गए हैं। थानों को सेनेटाइज करने के साथ ही रस्सी का घेरा बनाकर आने वालों की प्रारंभिक जांच की जा रही है।

  • 5 मई तक का लॉकडाउन मगर ऑनलाइन ख़रीदी के लिए अमेजन, फ्लिपकार्ट को भी मिली अनुमति..

    5 मई तक का लॉकडाउन मगर ऑनलाइन ख़रीदी के लिए अमेजन, फ्लिपकार्ट को भी मिली अनुमति..

    इस बार जबकि लॉकडाउन तीसरे हफ़्ते की ओर बढ़ेगा तो किराना की समस्या परेशान नहीं करेगी क्योंकि राज्य सरकार ने जो लॉकडॉउन बढ़ाते हुए सुविधा दी है उसमें अमेजन फ्लिपकार्ट को चालू करते हुए ऑनलाईन दुकानों को भी होम डिलीवरी की अनुमति दे दी है। ज़ाहिर है इससे बड़े मार्ट या कि ऑनलाइन सुविधा वाले दुकानों से सामान मिल सकेगा। हालाँकि यह स्टोर या दुकानों को खोलने की अनुमति नहीं होगी, याने ऐसा नहीं है कि वे ऑनलाइन के अलावा सीधे सामान या किराना सामान बेच सकेंगे।


    गैस सिलेंडर रिफिल होते रहे रहेंगे, फ़ूड डिलीवरी के लिए जोमेटो और स्वीगी पर प्रतिबंध जारी रहेगा।वहीं किराना सामान, आवश्यक सेवा के सामान,उपभोक्ता सामान इनकी अनलोडिंग किराना दुकानों इत्यादि में रात दस बजे से छ बजे तक की जा सकेगी। वहीं अंडा मछली मटन और चिकन भी होम डिलीवरी कराई जा सकेगी, पर इन दुकानों को खोला नहीं जा सकेगा, याने इन दुकानों पर सीधे बिक्री नही होगी, होम डिलीवरी की सेवा जरुर दे सकेंगे।
    वहीं फ़ैक्ट्री और निर्माण कार्य चालू किए जा सकेंगे बशर्ते श्रमिक उसी उसी कंस्ट्रक्शन साईट में रहें और कोरोना संक्रमण से बचाव के एहतियात का पालन सुनिश्चित हो इसके साथ साथ लॉकडॉउन के नियमों का उल्लंघन ना करें।

  • जस्टिस एनवी रमना ने ली देश के 48वें मुख्य न्यायाधीश की शपथ, जानिए कब तक रहेगा कार्यकाल…

    जस्टिस एनवी रमना ने ली देश के 48वें मुख्य न्यायाधीश की शपथ, जानिए कब तक रहेगा कार्यकाल…

    दिल्ली। जस्टिस एनवी रमना ने भारत के 48वें मुख्य न्यायाधीश के तौर पर शनिवार को शपथ ली. राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्होंने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।


    जस्टिस रमना वर्तमान चीफ जस्टिस एस ए बोबड़े के बाद सुप्रीम कोर्ट के दूसरे वरिष्ठतम जज हैं. वर्तमान चीफ जस्टिस एसए बोबड़े ने 24 मार्च को उनके नाम की सिफारिश सरकार को भेजी थी. जिसके बाद केंद्र सरकार की सहमति को देखते हुए राष्ट्रपति ने नियुक्ति को मंजूरी दी थी. बतौर मुख्य न्यायधीश उनका कार्यकाल 26 अगस्त 2022 तक रहेगा।

    कौन हैं एनवी रमना

    सर्वोच्च न्यायालय में सीनियर जस्टिस एनवी रमना का पूरा नाम नथालपति वेंकट रमण हैं. 27 अगस्त 1957 को आंध्र प्रदेश के कृष्ण जिले के पोन्नवरम गाँव में एक कृषक परिवार में हुआ था. वह 10 फरवरी 1983 को वकील बने थे. सुप्रीम कोर्ट से पहले वे दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश भी थे।

  • छत्तीसगढ़ में एक टी आई की कोरोना से मौत, 9 अप्रैल को हुए थे संक्रमित….

    छत्तीसगढ़ में एक टी आई की कोरोना से मौत, 9 अप्रैल को हुए थे संक्रमित….

    जांजगीर – चांपा। अपनी ड्यूटी के दौरान कोरोना  के प्रति लोगों को सचेत करते करते एक टी आई स्वयं कोरोना संक्रमित हो गए और उपचार के दौरान भी वह स्वस्थ नहीं हो सके अंततः उपचार के दौरान उन्होंने अपना दम तोड़ दिया। वह पिछले 9 अप्रैल को कोरोना से संक्रमित हुए थे जिसके बाद से उनका इलाज चल रहा था। मृतक केपी टंडन जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ थाना प्रभारी थे। इनका इलाज ईलाज श्रीराम केयर हास्पिटल बिलासपुर में चल रहा था। थाना प्रभारी की  मौत की खबर  मिलते ही  पूरे पुलिस महकमे में शोक की लहर  है ।

  • कोरोना संक्रमण से लड़ने हेतु, छत्तीसगढ़ में पार्षद एवं एल्डरमैन निधि का उपयोग करने मिली अनुमति….

    कोरोना संक्रमण से लड़ने हेतु, छत्तीसगढ़ में पार्षद एवं एल्डरमैन निधि का उपयोग करने मिली अनुमति….

    रायपुर। नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने प्रदेश के भिलाई, रिसाली और बीरगांव को छोड़कर सभी नगर पालिक निगमों में कोविड 19 के तीव्र प्रसार के रोकथाम और जन सामान्य को राहत पहुचाने के उद्देश्य से सुसंगत उपकरण, आवश्यक उपाय एवं सामग्री क्रय करने हेतु पार्षद/एल्डरमैन निधि का व्यय करने की अनुमति प्रदान की है। मंत्री डॉ.डहरिया की इस पहल से नगर निगम के वार्डों में कोरोना संक्रमण को रोकने में मदद मिलेगी।

    नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. डहरिया ने बताया कि कोविड 19 संक्रमण को रोकने और मरीजों के समुचित उपचार की दिशा में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में प्रभावी कदम उठाया जा रहा है। उनके द्वारा लगातार जमीनी स्तर पर अधिकारियों के साथ संपर्क बनाकर समीक्षा की जा रही है। अस्पतालों में ऑक्सीजन के साथ वेंटीलेटर की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। चूंकि इस समय महामारी का प्रकोप बहुत ज्यादा है, ऐसे में शहरी क्षेत्रों में वार्ड स्तर पर पार्षद/ एल्डरमैन भी निरन्तर सक्रिय होकर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

    पार्षदों/ एल्डरमैन को वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए निधि का उपयोग कोरोना संक्रमण के रोकथाम के लिए सुसंगत उपकरण एवं अन्य सामग्री क्रय करने की अनुमति प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा निकाय क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण के रोकथाम के लिए स्वच्छ पेयजल व्यवस्था, साफ-सफाई सहित सेनेटाइजेशन का कार्य भी लगातार चल रहा है। नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत के अंतर्गत स्वच्छता कर्मचारी भी लॉकडाउन में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मंत्री डॉ.डहरिया ने बताया कि नगर निगम क्षेत्रों में कोरोना रोकथाम के व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। पूर्व में नगर पालिक निगम को महापौर निधि से 50 लाख रुपए तक व्यय करने की अनुमति प्रदान की गई है। इस संबंध में निगम आयुक्तों को स्वीकृति पत्र प्रेषित कर दिया गया है और कोरोना के रोकथाम, जरूरी उपकरण तथा अतिआवश्यक सामग्री क्रय करने की अनुमति पहले दी गई है।