Author: Sunil Agrawal

  • कोरोना से दिवंगत मीडिया कर्मी के आश्रितों को मिलेगी पांच लाख रूपए की सहायता….

    कोरोना से दिवंगत मीडिया कर्मी के आश्रितों को मिलेगी पांच लाख रूपए की सहायता….

    रायपुर। छत्तीसगढ़ की सरकार कोविड-19 के चलते जान गंवाने वाले मीडियाकर्मियों के परिजन को पांच लाख रुपये का वित्तीय सहयोग देगी. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज सुबह ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी. इसके साथ ही कोरोना होने के बाद अस्पताल में इलाज करवाने का खर्च भी राज्य सरकार देगी।

    मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया, ”कोरोना से दिवंगत हुए मीडिया कर्मी के आश्रित परिजनों को छत्तीसगढ सरकार पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी।”

    उन्होंने आगे लिखा, ”साथ ही जिन मीडिया कर्मी ने कोविड से पीड़ित होने पर अस्पताल में भर्ती होकर इलाज कराया है, उनके इलाज में आये खर्च की प्रतिपूर्ति भी राज्य शासन करेगा।”

    इससे पहले रविवार को राज्य सरकार की तरफ से जारी एक विज्ञप्ति जारी की गयी थी. इसमें कहा गया कि मीडिया प्रतिनिधि कल्याण सहायता नियमों के तहत यह सहयोग राशि दी जाएगी।

    प्रेस रिलीज़ में कहा गया कहा, ”कोविड-19 के कारण अस्पतालों में भर्ती मीडियाकर्मियों के उपचार का खर्च भी राज्य सरकार उठाएगी. जनसंपर्क निदेशालय कोविड-19 से प्रभावित मीडियाकर्मियों के परिवार के बारे में सूचना जुटा रहा है.” सहयोग के पात्र लोगों को मानक प्रारूप में आवेदन अपने जिले के जनसंपर्क कार्यालयों में जमा कराना चाहिए।

  • बाबा रामदेव के बयान से डॉक्टरों में गुस्सा, आईएमए ने थाने में दर्ज कराई शिकायत…

    बाबा रामदेव के बयान से डॉक्टरों में गुस्सा, आईएमए ने थाने में दर्ज कराई शिकायत…

    रायपुर। बाबा रामदेव के बयान से आक्रोशित एलोपैथिक डॉक्टरों ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के बैनर तले सिविल लाइन थाना में शिकायत दर्ज कराई है. डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा कि बाबा रामदेव अपना खंडन जारी करें, और खंडन के आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए।

    आईएमए की ओर से डॉ. राकेश गुप्ता, डॉ. विकास अग्रवाल, डॉ आशा जैन, डॉ. अनिल जैन और अन्य पदाधिकारियों ने थाने में दर्ज कराई शिकायत में बताया कि बाबा रामदेव ने देश के पूरे चिकित्सक समुदाय के साथ भारतीय शासन और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च सहित विभिन्न अग्रणी संस्थाओं द्वारा निर्देशित और पिछले सवा साल से प्रयोग की जा रही कोरोना संक्रमण में प्रयुक्त दवाओं के बारे में दुष्प्रचार कर रहे हैं, जिसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है।

    ऐसे समय में जब देश के चिकित्सक और पैरामेडिकल सहित शासन-प्रशासन के सभी अंग कोरोना संक्रमण के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं, बाबा रामदेव भ्रामक वक्तव्य दे रहे हैं. यही नहीं चिकित्सकों के बारे में विद्वेष से भरे अपमानजनक बात कह रहे हैं. इससे चिकित्सक वर्ग अनायास ही उपद्रवी तत्वों के निशाने पर आ जाएगा और देशभर में अशांति फैल जाएगी. परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए आईएमए ने केंद्रीय महामारी एक्ट, राष्ट्रीय राजद्रोह, आईटी एक्ट के तहत बाबा रामदेव के खिलाफ जुर्म दर्ज कर गिरफ्तारी करे, जिससे चिकित्सक, पैरामेडिकल और शासन-प्रशासन कोरोना संक्रमए के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रख सकें।

  • टूलकिट मामले में पूर्व CM को नोटिस:डॉ रमन को भेजे गए लैटर में पुलिस ने लिखा – सबूत मिटाने की कोशिश न करें,वरना गिरफ्तार कर लिए जाएंगे…

    टूलकिट मामले में पूर्व CM को नोटिस:डॉ रमन को भेजे गए लैटर में पुलिस ने लिखा – सबूत मिटाने की कोशिश न करें,वरना गिरफ्तार कर लिए जाएंगे…

    रायपुर की सिविल लाइंस थाने की पुलिस ने छत्तीसगढ़ पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह को टूलकिट मामले में नोटिस भेजा है। ये नोटिस एक तरह से पुलिस के सवाल-जवाब की प्रक्रिया की पूर्व सूचना है। इस नोटिस में डॉ रमन सिंह से 24 मई की दोपहर साढ़े 12 बजे घर पर ही रहने को कहा गया है। इस वक्त थाने की टीम उनसे पूछताछ करने उनके घर जाएगी। पुलिस ने सवाल भी पहले से लिखकर डॉ रमन को भेजे हैं। 9 तरह के निर्देश भी जारी किए गए हैं, पुलिस की तरफ से ये भी लिखा गया है कि इन बातों को नहीं माना तो गिरफ्तारी भी हो सकती है।

    ये पूछेगी पुलिस

    • जिस अकाउंट की शिकायत मिली है क्या वो ट्विटर अकाउंट आपका है ?
    • आपके टि्वटर अकाउंट का एक्सेस बताएं?
    • आप को एआईसीसी रिसर्च प्रोजेक्ट व कांग्रेस का दस्तावेज कहां से मिला ?
    • कांग्रेस टूलकिट एक्सपोज्ड हेशटैग का प्रयोग करते हुए आपके द्वारा अन्य आरोपियों (संबित पात्रा) से किए गए संचार-संवाद के संबंध में जानकारी ?

    ये बातें नहीं मानीं तो हो जाएंगे गिरफ्तार

    • आप भविष्य में कोई अपराध नहीं करेंगे
    • आप सबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेंगे
    • आप मामले के तथ्य से परिचित किसी भी व्यक्ति को या पुलिस अधिकारी को ऐसे तथ्य का खुलासा करने से रोकने के लिए कोई धमकी प्रलोभन या वादा नहीं करेंगे।
    • जब आवश्यक निर्देशित हो आप कोर्ट में पेश होंगे।
    • आप आवश्यकता पड़ने पर मामले की जांच में शामिल होने और जांच में सहयोग करेंगे।
    • आप प्रकरण के सही निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए जांच में किसी भी हिस्से को छुपाए बिना सभी तथ्यों की सच्चाई से खुलासा करेंगे।
    • आप जांच के प्रयोजन के लिए आवश्यक सभी प्रासंगिक दस्तावेज पेश करेंगे।
    • अन्य आरोपी को पकड़ने में आप अपना संपूर्ण सहयोग देंगे।
    • आप किसी भी तरह से मामले की जांच परीक्षण के उद्देश्य से प्रासंगिक किसी भी सबूत को नष्ट करने की अनुमति नहीं देंगे।
    • इन बातों का पालन न करने पर आप को गिरफ्तार किया जा सकता है।

    क्या है टूलकिट विवाद
    टूलकिट एक तरह की प्लानिंग की जानकारी होती है जिसमें किसी मुद्दे के प्रचार का जिक्र होता है। ये आमतौर पर डिजिटल प्लानिंग की तरह होता है कि जैसे किसी मुद्दे पर किस तरह के बयान देने हैं, कैसे प्रोपेगैंडा करना है। डॉक्टर रमन सिंह ने 18 मई को अपने ट्वीटर अकाउंट से कांग्रेस का कथित लैटर पोस्ट करते हुए दावा किया कि इसमें देश का माहौल खराब करने की तैयारी की प्लानिंग लिखी है। डॉक्टर रमन की तरफ से सोशल मीडिया पर लिखा गया कि कांग्रेस विदेशी मीडिया में देश को बदनाम करने कांग्रेस कुंभ का दुष्प्रचार व जलती लाशों की फोटो दिखाने का षड्यंत्र कर रही है।

    इसके बाद युवा कांग्रेस के नेता इस मामले की शिकायत लेकर पुलिस के पास गए और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा के खिलाफ FIR दर्ज हो गई। पुलिस ने यह केस NSUI के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा की शिकायत पर दर्ज किया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की ख्याति को नुकसान पहुंचाने के लिए डॉक्टर रमन सिंह, संबित पात्रा और दूसरे भाजपा नेताओं ने सोशल मीडिया के जरिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अनुसंधान विभाग के जाली लेटर हेड पर एक मनगढ़न्त फेक न्यूज साझा कर देश मे सम्प्रदायिकता और हिंसा फैलाने का प्रयास किया है।

  • JSW मोनेट प्रबंधन ने अपनी गिरेबान बचाने पीआरओ को बना दिया प्रबंधक, भूपदेवपुर पुलिस ने सीधी कार्रवाई करते हुए….

    JSW मोनेट प्रबंधन ने अपनी गिरेबान बचाने पीआरओ को बना दिया प्रबंधक, भूपदेवपुर पुलिस ने सीधी कार्रवाई करते हुए….

    रायगढ़। कोविड  प्रोटोकाल के उल्लंघन के मामले को लेकर भूपदेवपुर पुलिस ने सीधी कार्रवाई करते हुए कम्पनी प्रबंधकों और दो ठेकेदारों के खिलाफ महामारी एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर लिया हैं। इस पूरे प्रकरण में खास बात यह हैं की पुलिस ने जिन्हें प्लांट प्रबंधक मान कर अपराध पंजीबद्ध किया हैं, दरअसल वे दोनों सिर्फ पीआरओ स्तर के कर्मचारी हैं।जिनका मुख्य कार्य लाइजनिंग और सीएसआर के कार्यों को ही देखना हैं। लेकिन आज हुई कार्रवाई में प्लांट प्रबंधन द्वारा पुलिस के सामने दोनों पीआरओ को ही प्रबंधक बता दिया।।
    बता दे कोविड के लगातार बढ़ते संक्रमण की रोकथाम को लेकर उद्योगों के खिलाफ सख्ती बरतने संबंधी प्रशासन के आदेश के बाद पुलिस द्वारा औद्योगिक संयंत्रों की ओर जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ धर पकड़ कार्रवाई शुरू कर दी हैं।।इसी मद्देनजर शुक्रवार को भूपदेवपुर पुलिस ने जेएसडब्ल्यू कंपनी जा रहे 6 दर्जन से अधिक कर्मचारियों को हिरासत में लेकर थाने ले आई थी। हिरासत में लिए अधिकांश कर्मचारी ठेकेदारों के थे,जबकि शेष कंपनी के।।हालांकि कंपनी के हस्तक्षेप के बाद हिरासत में लिए गए कर्मचारियों को डांट फटकार के अलावा कड़ी समझाईस के बाद रिहा कर दिया गया।बाद में पुलिस ने संक्रमण को एक तरह से न्यौता देकर फैलाने के मामले में दोनों ठेकेदार टेकलाल और राजेश के खिलाफ जुर्म दर्ज कर लिया जबकि प्रबंधक द्वय शरतेन्दु शेखर और अनुपम मिश्रा के विरुद्ध भी महामारी एक्ट की धारा 269,270 ,34 की धारा के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया।।
    क्या कहता है प्रशासन का आदेश
    प्रशासन द्वारा जारी आदेश में साफतौर से कोविड प्रोटोकॉल के उल्लंघन पर कम्पनी के प्रबंधक ,मुख्य अधिकारी के खिलाफ एफआईआर करना हैं।ताकि एफआईआर के भय से प्रबंधन छोटे कर्मचारियों पर जारी लॉक डाउन में ड्यूटी को लेकर दबाव न बना सके।इसके साथ ही नियमों के पालन को भी सख्ती से कराए।

  • जारी हुआ निर्देश, अब नहीं बढ़ेगा लॉकडाउन …

    जारी हुआ निर्देश, अब नहीं बढ़ेगा लॉकडाउन …

    रायपुर। सरकार अब प्रदेश में लॉकडाउन बढ़ाने के मूड में नहीं है, जिसके लिए बाकायदा कलेक्टरों को निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं, निर्देश में कहा गया है कि जिन जिलों में भी 8% से कम पोजेटिविटी रेट पाई गई हो उन जिलों को अब अनलॉक कर दिया जाए।

    गौरतलब है की जिन जिलों में 8 प्रतिशत से ज्यादा पोजेटिविटी रेट है, वहां अभी लॉक डाउन लगा रहेगा। हालांकि अभी प्रदेश में 25 जिलों में पोजेटिविटी रेट 8 से कम है, जबकि 3 जिले सूरजपुर, धमतरी और रायगढ़ में पोजेटिविटी रेट 8 से ज्यादा है, संडे लॉक डाउन सिर्फ उन्ही जिलों में रहेगा, जहां पोजेटिविटी रेट 8 से ज्यादा है, बाकी जगहों पर सातों दिन दुकानें खुलेगी।

    राजधानी में खुलेंगे चिन्हांकित 11 बाजार

    राजधानी रायपुर में मंगलवार से पूरी छूट के साथ चिन्हांकित 11 बाज़ारों को खोलने की अनुमति दे दी गई है, छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन को 31 मई सुबह 6 बजे तक बढ़ा दिया गया था, हालांकि 17 मई से राजधानी रायपुर में बाज़ारों को अनलॉक करने की भी प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी, जिला प्रशासन ने 11 बाज़ारों को चिन्हांकित कर सम-विषम(ऑड-ईवन) या लेफ्ट-राइट नियम लागू किए थे, जिसे अब हटाते हुए दोनों ओर की दुकानों को खुलने की अनुमति रायपुर कलेक्टर ने ज़ारी कर दी है।

    खुलने वाले बाज़ार हैं…..

    1. गोल बाजार
    2. मालवीय रोड
    3. रवि भवन
    4. बंजारी मार्केट
    5. लाल गंगा कॉम्प्लेक्स
    6. जयराम कॉम्प्लेक्स
    7. सदर बाजार
    8. पंडरी कपड़ा बाजार ( सभी 5)
    9. बूढ़ा तालाब से लेकर लाखे नगर
      10.एमजी रोड
      11.गुढियारी बाजार
  • ई-कोर्ट मोबाइल ऐप ने 57 लाख डाउनलोड को पार किया, सुप्रीम कोर्ट ई-कमेटी ने 14 भाषाओं में ऐप मैनुअल जारी किया…

    ई-कोर्ट मोबाइल ऐप ने 57 लाख डाउनलोड को पार किया, सुप्रीम कोर्ट ई-कमेटी ने 14 भाषाओं में ऐप मैनुअल जारी किया…

    सुप्रीम कोर्ट ई-कमेटी ने अपनी मुफ्त ई-कोर्ट सर्विसेज मोबाइल ऐप के लिए एक मैनुअल जारी किया है। एप्लिकेशन ने 57 लाख डाउनलोड को पार कर लिया है और बेहतर पहुंच के लिए मैनुअल को 14 भाषाओं- यानी अंग्रेजी, हिंदी, असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, खासी, मलयालम, मराठी, नेपाली, ओडिया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु में जारी किया गया है। मोबाइल ऐप और इसके मैनुअल को अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं में ई-कमेटी, सुप्रीम कोर्ट आॅफ इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है।

    लिंक डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें https://ecommitteesci.gov.in/service/ecourts-services-mobile-application/

    एससी ई-कमेटी के अध्यक्ष डॉ न्यायमूर्ति धनंजय वाई चंद्रचूड़ ने मैनुअल को फाॅर-वर्डिड किया। उन्होंने इस मुफ्त मोबाइल ऐप के महत्व पर बल दिया और इस नागरिक-केंद्रित मोबाइल ऐप की पहुंच पर निम्नलिखित शब्दों में प्रकाश डालाः ”पिछले एक साल में महामारी ने अधिवक्ताओं, न्यायाधीशों और वादियों को लॉकडाउन और सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंताओं के आलोक में कार्यालयों और अदालतों के बंद होने के कारण उच्च तकनीकी समाधान अपनाने के लिए प्रेरित किया है। कानूनी पेशे की प्रैक्टिस और संचालन के लिए दूरस्थ रूप से काम करना, वर्चुअल कोर्ट, डिजिटल कार्यस्थल और इलेक्ट्रॉनिक केस प्रबंधन अभिन्न अंग बन गए है। इसने हमें प्रौद्योगिकी को अपनाने का एक दुलर्भ अवसर दिया है जो केवल एक अंतरिम उपाय के रूप में नहीं बल्कि हमारी कानूनी प्रणाली को अधिक कुशल, समावेशी, सुलभ और पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ बनाने के लिए भी है। ई-कोर्ट सर्विसेज मोबाइल एप्लिकेशन इस दिशा में एक कदम है।”

    अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं में जारी ई-कमेटी मैनुअल आम आदमी की आसान समझ के लिए स्क्रीनशॉट के साथ सभी विशेषताओं की व्याख्या करता है। उक्त क्षेत्रीय भाषा मैनुअल को संबंधित हाईकोर्ट की वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराया जाएगा। ई-कोर्ट सर्विसेज मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करके कोई भी व्यक्ति विभिन्न नागरिक-केंद्रित सेवाएं प्राप्त कर सकता है जैसे विभिन्न केस को केस नंबर, सीएनआर नंबर, फाइलिंग नंबर, पार्टी के नाम, एफआईआर नंबर, अधिवक्ता विवरण, अधिनियम आदि के जरिए सर्च कर सकता है। सीएनआर सर्च, केस स्टेटस सर्च, कॉज लिस्ट सर्च जैसे सर्च के विभिन्न प्रकार भी उपलब्ध हैं। तिथिवार केस डायरी सहित फाइलिंग से लेकर निपटान तक मामले की पूरी केस हिस्ट्री प्राप्त की जा सकती है। कोई भी मोबाइल ऐप के जरिए आदेश/निर्णय, मामले के स्थानांतरण का विवरण, अंतरिम आवेदन की स्थिति के बारे में जान सकता है। ई-कोर्ट सर्विसेज मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से कोई भी हाईकोर्ट और जिला न्यायालयों, दोनों के मामलों का स्टे्टस/मामले का विवरण प्राप्त कर सकता है। Also Read – सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें COVID के कारण मृत्यु की आशंका को अग्रिम जमानत का आधार माना गया था अधिवक्ता/वादी/संगठन ”माई केस” के तहत सभी मामलों की एक डिजिटल डायरी रख सकते हंै, जो अधिवक्ताओं और वादियों के लिए सबसे अधिक उपयोग की जाने वाली और आकर्षक विशेषता है। वह सभी इसमें उपलब्ध माई केस विकल्प का उपयोग कर सकते हैं जो एक वकील/ वादी के लिए एक डिजिटल डायरी के समान है। ‘माई केस’ का उपयोग करके कोई भी व्यक्तिगत केस नंबर जोड़ सकता है और स्वचालित अपडेट प्राप्त कर सकता है। यह उन वादियों, फर्म, कंपनियों या संगठनों के लिए भी उपयोगी है जिनके विभिन्न स्थानों पर विभिन्न न्यायालयों में कई मामले लंबित हैं। ‘माई केस’ में, कोई व्यक्ति अपने मामलों की व्यक्तिगत सूची जोड़ सकता है और ई-कोर्ट मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से सभी अपडेट प्राप्त कर सकता है। Also Read – नारदा घोटाला केस: सीबीआई ने टीएमसी नेताओं को हाउस अरेस्ट करने की अनुमति देने वाले कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका वापस … सभी ई-कोर्ट सेवाएं भी ई-कोर्ट मोबाइल ऐप से जुड़ी हुई हैं। ई-कोर्ट मोबाइल ऐप भारतीय क्षेत्रीय भाषाओं में भी उपलब्ध है। ई-कोर्ट सर्विसेज मोबाइल ऐप वादियों/आम नागरिक/अधिवक्ताओं/संगठन/सरकारी विभाग के लिए व्यक्तिगत डिजिटल केस डायरी है जिसमें सभी केस विवरण उनके हाथ(सेट)में 24 घंटे व सातों दिन मुफ्त में उपलब्ध हैं। न्याय विभाग के सचिव श्री बरुण मित्रा, जिन्होंने भी इस नियमावली को फाॅर-वर्डिड किया हैै, ने अधिवक्ताओं के लिए इस इलेक्ट्रॉनिक केस प्रबंधन उपकरण के महत्व पर प्रकाश डाला। ”इस ईसीएमटी के बारे में बड़े पैमाने पर जागरूकता पैदा करने और वकीलों के समुदाय के दरवाजे तक इसके लाभ पहुंचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की ई-कमेटी द्वारा ई-कोर्ट सर्विसेज मोबाइल ऐप पर इस मैनुअल का प्रकाशन एक और प्रशंसनीय कदम है।

  • ब्लैक और वाइट से भी ज्यादा खतरनाक अब येलो फंगस की दस्तक, गाजियाबाद में मिला पहला मामला…

    ब्लैक और वाइट से भी ज्यादा खतरनाक अब येलो फंगस की दस्तक, गाजियाबाद में मिला पहला मामला…

    कोरोना महामारी से लोग अभी उबर भी नहीं पाए थे कि ब्लैक और व्हाइट फंगस ने भी दस्तक दे दी। इस बीमारी से अब तक यूपी में कई लोगों की मौत हो चुकी है। ब्लैक और व्हाइट फंगस के बाद अब येलो फंगस की इंट्री ने डॉक्टरों की चिंता बढ़ा दी है। गाजियाबाद में येलो फंगस के एक मरीज में पुष्टि की गई है। डॉक्टरों ने बताया कि 45 वर्षीय जिस मरीज में येलो फंगस मिला है वह पहले कोरोना संक्रमित हो चुका है और इस समय डायबिटीज से भी पीड़ित है। डॉक्टरों के मुताबिक ब्लैक फंगस मरीज का इलाज करने के लिए ओटी में सफाई चल रही थी, इसी दौरान जांच में पता चला कि मरीज येलो फंगस से भी संक्रमित हो चुका है। हालांकि मरीज की हालत में पहले से सुधार है। गाजियाबाद के इएनटी स्पेशलिस्ट डॉ.बीपी त्यागी ने बताया कि रविवार को संजय नगर से मेरे पास एक मरीज आया था। एंडोस्कोपी टेस्ट में पता चला कि उसे ब्लैक, व्हाइट और येलो फंगस है। येलो फंगस रेप्टाइल्स में पाया जाता है। उन्होंने बताया कि पहली बार मैंने इसे इंसानों में देखा है।

    कितना खतरनाक है येलो फंगस

    ब्लैक और व्हाइट फंगस के बाद येलो फंगस की पुष्टि ने डॉक्टरों की चिंता बढ़ा दी है। डॉक्टरों के मुताबिक इस बीमारी को म्यूकर स्पेक्टिक्स कहा जाता है। डॉक्टरों ने बताया कि येलो फंगस ब्लैक और व्हाइट फंगस से भी ज्यादा खतरनाक हो सकता है। यह इस हद तक खतरनाक हो सकता है कि मरीज की जान भी जा सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि अभी यह येलो फंगस छिपकली और गिरगिट जैसे जीवों में पाया जाता था। इतना ही नहीं यह जिस रेपटाइल को फंगस होता है वह जिंदा नहीं बचता, इसलिए इसे बेहद खतरनाक और जानलेवा माना जाता है।

    यह हैं येलो फंगस के लक्षण

    • नाक का बंद होना
    • शरीर के अंगों का सुन्न होना
    • शरीर में टूटन होना और दर्द रहना
    • शरीर में अत्यधिक कमजोरी होना
    • हार्ट रेट का बढ़ जाना
    • शरीर में घावों से मवाद बहना
    • शरीर कुपोषित सा दिखने लगना
  • ट्विटर के भारत से लेकर अमेरिका तक कार्यालय में हंगामा,अमेरिकी FBI के पूर्व अधिकारी के हाथ कमान,कांग्रेस ने चुप्पी साधी

    ट्विटर के भारत से लेकर अमेरिका तक कार्यालय में हंगामा,अमेरिकी FBI के पूर्व अधिकारी के हाथ कमान,कांग्रेस ने चुप्पी साधी

    दिल्ली पुलिस की एक टीम सोमवार शाम “टूलकिट मैनिपुलेशन मीडिया” मामले की जाँच के सिलसिले में ट्विटर इंडिया के दफ़्तर पहुँची थी.
    सोमवार दोपहर को ही दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस मामलें में ट्विटर इंडिया को एक नोटिस भेजा था.

    न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के हवाले से कहा गया है कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की एक टीम ट्विटर इंडिया के दिल्ली और गुरुग्राम दफ़्तरों पर पहुँची.

    एजेंसी के मुताबिक़ दिल्ली पुलिस की टीम नियमित प्रक्रिया के तहत ट्विटर इंडिया को नोटिस देने के लिए कार्यालय गई थी.
    टूलकिट मामले में अब कॉन्ग्रेस के 2 नेताओं को नोटिस, ट्विटर HQ में हड़कंप: FBI के पूर्व अधिकारी को काम पर लगाया
    ट्विटर ने VP जिम बेकर को स्थिति संभालने के लिए काम पर लगाया
    दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने ‘टूलकिट’ मामले की जाँच को आगे बढ़ाते हुए कॉन्ग्रेस के दो नेताओं को भी नोटिस भेजा है। मंगलवार (मई 25, 2021) को कॉन्ग्रेस पार्टी की आईटी सेल के मुखिया रोहन गुप्ता और पार्टी के प्रवक्ता MV राजीव गौड़ा को नोटिस भेजी गई। कहा जा रहा है कि इस मामले में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा को भी समन भेजा जा सकता है। भाजपा ने कॉन्ग्रेस पर ‘टूलकिट’ के जरिए देश, हिन्दू धर्म और कुंभ को बदनाम करने के आरोप लगाए थे।

    दिल्ली पुलिस ने दिल्ली और गुरुग्राम स्थित ‘ट्विटर इंडिया’ के दफ्तरों में जाकर नोटिस दिया। ट्विटर ने सोशल मीडिया पर कुछ हैंडल्स द्वारा शेयर किए गए पोस्ट्स को ‘छेड़छाड़ किया हुआ मीडिया’ बता दिया था। दिल्ली पुलिस ने शारीरिक रूप से जाकर ट्विटर के दोनों दफ्तरों को नोटिस दिया। इससे पहले केंद्र सरकार ने ट्विटर द्वारा टूलकिट वाली ट्वीट्स पर भ्रामक का ठप्पा लगाए जाने पर आपत्ति जताई थी।
    इनमें से एक ट्वीट संबित पात्रा का भी है। दिल्ली पुलिस ने अब तक इस मामले की FIR दर्ज नहीं की है लेकिन सभी पक्षों को समन कर के उनका बयान दर्ज किए जाने के बाद FIR दर्ज की जा सकती है। अभी इससे जुड़े संगठनों और व्यक्तियों को समन कर शुरुआती जाँच की जा रही है। दिल्ली पुलिस ने Twitter से पूछा है कि उसने पास इस टूलकिट को लेकर क्या सूचनाएँ हैं और किन तथ्यों के आधार पर उसने इन्हें ‘छेड़छाड़ किया हुआ’ करार दिया।

    दिल्ली पुलिस ने कहा कि’टूलकिट मामले में कॉन्ग्रेस नेताओं को समन कर इस पूरे घटनाक्रम का विवरण माँगा जाएगा। संबित पात्रा से भी पूछताछ हो सकती है। दिल्ली पुलिस के PRO चिन्मय बिस्वाल ने कहा कि ये एक रूटीन प्रक्रिया का ही हिस्सा है। उन्होंने बताया कि ‘ट्विटर इंडिया’ के MD की तरफ से जो नोटिस आया है वो अस्पष्ट है। इस मामले की शिकायतकर्ता कॉन्ग्रेस पार्टी ही है, जिसके नेताओं ने पात्रा व अन्य भाजपा नेताओं के खिलाफ पुलिस व ट्विटर को नोटिस भेजा।

    TOI की खबर के अनुसार, इससे अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को स्थित ट्विटर के मुख्यालय में भी हड़कंप मच गया है और कंपनी के डिप्टी जनरल काउंसल व VP जिम बेकर को पूरे मामले को संभालने के लिए लगाया गया है, जो पूर्व में अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसी FBI के अधिकारी भी रहे हैं। TOI के सूत्रों का कहना है कंपनी बायडेन प्रशासन से भी मदद माँग सकती है। ट्विटर में पैनिक का माहौल है और अब नजरें बेकर के अगले कदमों पर है।
    गौरतलब है कि कॉन्ग्रेस पार्टी ने बुधवार (19 मई, 2021) को ट्विटर को एक ईमेल भेज कर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, प्रवक्ता संबित पात्रा, केंद्रीय कपड़ा और महिला व बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी, राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष समेत कई पार्टी पदाधिकारियों के हैंडल्स को सस्पेंड करने को कहा था। कॉन्ग्रेस ने आरोप लगाया था कि जिस दस्तावेज को उसका टूलकिट बता कर शेयर किया जा रहा है, वो फर्जी है।

  • यास चक्रवाती तूफान को लेकर अलर्ट जारी, 27 मई को जिले में पहुंचने की संभावना.. कलेक्टर सिंह ने राहत एवं बचाव की तैयारियों के दिये निर्देश

    यास चक्रवाती तूफान को लेकर अलर्ट जारी, 27 मई को जिले में पहुंचने की संभावना.. कलेक्टर सिंह ने राहत एवं बचाव की तैयारियों के दिये निर्देश

    यास चक्रवाती तूफान पूर्वाेत्तर राज्यों में 26 मई 2021 को खाड़ी में टकराने की संभावना है जिसके फलस्वरूप 27 मई 2021 को तूफान के जिले में पहुंचने तथा तेज हवायें, वर्षा, बिजली चमकने की संभावना है। ऐसी स्थिति में जनहानि, पशुहानि, फसल क्षति, मकान क्षति आदि क्षति होना संभावित है।

    कलेक्टर श्री भीम सिंह ने तूफान के प्रभाव को देखते हुये विकास खण्ड स्तर पर राहत एवं बचाव टीम का गठन कर आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिये है। जिससे चक्रवाती तूफान से होने वाली क्षति को रोका जा सके।

  • 1 जुलाई से लगेगा कई सर्विसेज पर चार्ज, SBI के करोड़ों ग्राहकों के लिए बुरी खबर…

    1 जुलाई से लगेगा कई सर्विसेज पर चार्ज, SBI के करोड़ों ग्राहकों के लिए बुरी खबर…

    दिल्ली। State Bank of India के करोड़ों ग्राहकों के लिए एक बुरी खबर निकलकर आ रही है. देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI ने बेसिक सेविंग बैंक अकाउंट (BSBD) से जुड़े कई नियमों में अब बदलाव कर दिया है. इन नियमों के तहत अब चेकबुक जारी करने और कैश निकासी को लेकर अब अतिरिक्त शुल्क देना होगा।

    बता दें कि SBI के नए सर्विस चार्ज 1 जुलाई, 2021 से लागू होंगे. आपको बता दें कि जीरो बैलेंस वाले बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) गरीबों के लिए खोला जाता है, अब उन्हें कई सेवाओं के लिए नए चार्ज देने होंगे, तो चलिए एक-एक करके समझते हैं क्या हैं वो चार्जेस।

    4 बार मुफ्त, इसके बाद कैश निकालने पर चार्ज 

    1 जुलाई से बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट खाताधारक ब्रांच या ATM से महीने में चार बार बिना शुल्क के पैसे निकाल सकेंगे, इसके बाद बैंक के सभी कैश निकासियों पर चार्ज देन होगा, चाहे वो कैश SBI के ATM से निकाला गया हो या फिर गैर SBI से. ये चार्ज प्रति निकासी 15 रुपए प्लस GST होगा. याद रहे की ये सीमा ATM और ब्रांच को मिलाकर है।

    बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट खाताधारकों को साल में एक ही चेकबुक फ्री मिलेगी जिसमें 10 चेक होंगे, इसके बाद अगर वो 10 चेक वाली नई चेकबुक चाहते हैं, तो उन्हें 40 रुपए प्लस GST का शुल्क अदा करना होगा. अगर 25 चेक वाली नई चेकबुक चाहते हैं तो उन्हें 75 रुपए प्लस GST का भुगतान करना होगा. अगर कोई इमरजेंसी है और आपको तुरंत ही चेकबुक चाहिए तो 10 चेक वाली चेकबुक के लिए आपको 40 रुपए की बजाय 50 रुपए प्लस GST का पेमेंट करना होगा. लेकिन सीनियर सिटिजंस को चेकबुक पर कोई शुल्क नहीं देना होगा।

    वित्तीय लेन-देन होगा फ्री

    SBI और गैर-SBI बैंक शाखाओं में BSBD खाताधारक अगर गैर-वित्तीय लेनदेन करते हैं तो उनसे किसी तरह का चार्ज नहीं वसूला  जाएगा. अगर खाताधारक NEFT, RTGS जैसे माध्यमों से ट्रांजैक्शन करते हैं तो इस पर भी कोई शुल्क नहीं लगेगा।

    State Bank Of India- SBI बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) जीरो बैलेंस खाता होता है, जो समाज के गरीब वर्ग के लिए खोला जाता है. ताकि उन्हें बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ा जा सके. इस अकाउंट पर ज्यादातर सेवाएं फ्री होती हैं, जैसे खाता निष्क्रिय है और दोबारा चालू कराना है तो इसके लिए कोई चार्ज नहीं देना होता, खाता अगर बंद करना है तो भी चार्ज नहीं लगता है. इन खाताधारकों को एक बेसिक Rupay ATM Debit Card भी मिलता है, जो बिलकुल फ्री होता है, इस पर कोई मेनटेनेंस चार्ज नहीं देना होता. जबकि सामान्य खातों पर मेनटेनेंस चार्ज लगता है।