Author: Sunil Agrawal

  • संजय दत्त ने केंद्रीय मंत्री गडकरी से लिया आशीर्वाद, राजनीतिक अटकलें तेज…

    संजय दत्त ने केंद्रीय मंत्री गडकरी से लिया आशीर्वाद, राजनीतिक अटकलें तेज…

    मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त ने शनिवार को नागपुर में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से उनके निवास पर मुलाकात की. इस मौके पर संजय दत्त ने नितिन गडकरी की पैर छूकर आशीर्वाद लिया. दोनों की इस मुलाकात के बाद राजनीतिक अटकलें भी तेज हो गई हैं. अभी तक इस गुप्त बैठक में दोनों के बीच क्या बात हुई यह जानकारी सामने नहीं आ सकी है।

    दरअसल, संजय दत्त शनिवार को नागपुर पहुंचे थे और इसके बाद वे वर्धा रोड स्थित नितिन गडकरी के आवास पर उनसे मिलने पहुंचे. पहुंचते ही संजय दत्त ने गडकरी के पैर छूकर उनसे आशीर्वाद लिया. दोनों के बीच कुछ देर बातें भी हुई. इसके बाद संजय दत्त गडकरी के घर में बने भगवान गणपति के मंदिर में भी दर्शन करने के लिए पहुंचे. जहां उन्होंने बप्पा के सामने बैठकर प्रार्थना की. इस दौरान गडकरी उनके पीछे खड़े हुए थे।

    संजय दत्त महाराष्ट्र के ऊर्जा मंत्री नितिन राउत के घर भी पहुंचे. यहां उन्होंने उनके बेटे और बहू से भी मुलाकात की. नितिन राउत के बेटे की शादी फरवरी में ही हुई थी. लेकिन उन्होंने बढ़ते संक्रमण के चलते रिसेप्शन कैंसिल कर दिया था।
    बता दें कि 2019 में भी संजय अचानक इसी तरह गडकरी से नागपुर में उनके घर पर मुलाकात करने के लिए पहुंचे हुए थे. यह मुलाकात महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से पहले की थी. उस समय भी राजनीतिक अटकलें तेज हो गई थीं।

  • 18+ नागरिकों को PM मोदी का तोहफा, मुफ्त मिलेगी कोरोना वैक्सीन… केन्द्र सरकार पूरे देश को लगाएगी टीका…

    18+ नागरिकों को PM मोदी का तोहफा, मुफ्त मिलेगी कोरोना वैक्सीन… केन्द्र सरकार पूरे देश को लगाएगी टीका…

    नईदिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी ने कोरोना संकट को लेकर देश को संबोधित करते हुए कहा कि आज भी देश इससे लड़ रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि हमने पिछले दिनों कोरोना की दूसरी लहर का पीक देखा, जिसमें हमने बड़ी संख्या में लोगों को खोया है। तेजी से मेडिकल ऑक्सीजन की मांग बढ़ी थी, जिसकी आपूर्ति के लिए सेना तक को लगाया गया। विदेशों से भी ऑक्सीजन की सप्लाई की गई। इसके अलावा जरूरी दवाओं के उत्पादन से लेकर विदेश से लाने तक में कोई कसर नहीं छोड़ी गई। पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना जैसे अदृश्य दुश्मन से लड़ाई में सबसे कारगर हथियार कोविड प्रोटोकॉल है। मास्क और दो गज की दूरी ही सबसे अच्छा उपाय है।

    कोरोना संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार की शाम को बड़ा ऐलान किया है. योग दिवस यानी 21 जून से देश में 18 साल से अधिक उम्र वाले सभी लोगों को भारत सरकार द्वारा मुफ्त वैक्सीन लगाई जाए. पीएम मोदी ने ऐलान किया कि राज्यों से वैक्सीनेशन का काम वापस लिया जाएगा और अब केंद्र सरकार ही ये काम करेगी।

    अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर से देश की लड़ाई जारी है, दुनिया के कई देशों की तरह भारत भी बहुत बड़ी पीड़ा से गुजरा है. पीएम मोदी ने कहा कि कई लोगों ने अपने परिजनों को खोया है, ऐसे सभी परिवारों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं.null

    पीएम मोदी ने कहा कि ऐसी महामारी 100 साल में नहीं आई, देश ने कई मोर्चों पर एक साथ लड़ाई लड़ी है. पीएम मोदी ने कहा कि पिछले डेढ़ साल में हेल्थकेयर स्ट्रक्चर को बढ़ाया गया. मेडिकल ऑक्सीजन की इतनी कमी कभी नहीं हुई, सेना की तीनों टुकड़ियों को लगाया गया और दुनिया के हर कोने से जो कुछ लाया जा सकता था, वो किया गया।

    पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना के खिलाफ सबसे कारगर हथियार कोविड के प्रोटोकॉल हैं और वैक्सीन सुरक्षा कवच हैं. पीएम मोदी ने दुनिया के कई देशों में वैक्सीन की मांग ज्यादा है और वैक्सीन बनाने की कंपनी कम हैं. भारत के पास अगर अपनी वैक्सीन ना होती तो हाल कुछ और होता, पिछले 50-60 साल का इतिहास यही कहता है कि हमारे यहां दुनिया में वैक्सीन आने के कई दिनों बाद टीका आता था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारे वैज्ञानिकों ने बच्चों के लिए कुछ चिंता जतायी थी, अत: उनके लिए भी वैक्सीन बनाने का काम जारी है और वैक्सीन का ट्रॉयल चल रहा है।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में वैक्सीन सुरक्षा कवच है. हमारे देश की आबादी बहुत ज्यादा है ऐसे में अगर हम विदेशी वैक्सीन पर निर्भर रहते तो सभी नागरिकों का वैक्सीनेशन बहुत कठिन होता. लेकिन हमारे वैज्ञानिकों ने खुद ही वैक्सीन बनाया और हमारे विश्वास पर खरे उतरे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोना से लड़ाई के लिए सबसे जरूरी है कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना।

  • आरोप सिद्ध हुआ..3 लाख वापिस भी किये…2 अधिकारी को सस्पेंड भी किये लेकिन..अवैध उगाही की धारा कब

    सारंगढ। हमारे देश के संवैधानिक व्यवस्था कहती है कि नियम और कानून की पन्ना में सबके लिए कानून की सजा बराबर है चाहे गुनाह करने वाला बड़े से बड़े नेता हो कलेक्टर हो या आम नागरिक आखिर कानून की नियम सब पर समान लागू होता है। क्यो न कानून बनाने वाला ही क्यो न गुनाहगार हो। छत्तीसगढ़ राज्य के रायगढ़ जिले के सारंगढ क्षेत्र में जहाँ 3 बड़े-बड़े अधिकारी जिसमे तहसीलदार, बीएमओ,सब-इस्पेक्टर ने क्लिनिक संचालक को डरा धमकाकर आपदा को अवसर बनाते हुए 3 लाख रुपये ऐंठ लिए और इसकी उच्च स्तरीय जांच भी हुई जांच में सत्य भी पाया गया 3 लाख रुपये को संवेदनशील कलेक्टर साहब ने वापस भी करवा दिया जिसमें अंततः 2 अधिकारियों को सस्पेंड भी किया गया लेकिन इनके ऊपर अवैध उगाही की धारा 384ipc अब तक जुड़ नही सकी आखिर ऐसा क्यो?

    क्या कानून की किताब में सिर्फ और सिर्फ ऐसे अधिकारियों को छोड़कर बाकी सभी के लिए देश के संवैधानिक व्यवस्था की पन्नो में लिखा कानून लागू होता है क्या ? क्या अधिकारी होने के कारण इनके ऊपर संवैधानिक विधि का उपयोग नही हो पा रहा? या सिर्फ विज्ञापन की राशि को लेने वाले पत्रकार के ऊपर झूठे शिकायत करने पर बिना जांच किये ये धारा जुड़ जाती है।

    अभी हाल ही में धर्मजयगढ़ में दो व्यक्तियो के ऊपर पीडीएस विक्रेता को शिकायत की धमकी दे कर 5 हजार पैसों की मांग किया गया था जिसकी लिखित शिकायत धरमजयगढ़ थाना में हुई जिसमें तत्काल एक्शन लेते हुए शिकायत पर हां का चिन्ह लग कर अवैध उगाही की धारा 384ipc लग कर जेल भेजा गया। लेकिन यहां क्लिनिक संचालक के ऊपर कारवाही की डर दिखाकर 3 लाख रुपये लूटने वाले 2 अधिकारियों को तो सस्पेंड किया गया और एक बीएमओ के ऊपर अभी प्रशासन की गाज गिरनी बाकी है, लेकिन जब जांच में सत्य पाया गया वसूली किये हुए राशि को भी कलेक्टर साहब ने वापस करवा दिया तो इनके ऊपर अवैध उगाही की धारा 384ipc जुड़ क्यो नही पा रही है? क्या इनको सरकार की तरफ से इन धाराओं से सरकारी पद पर होने की कारण छूट दिया गया है? क्या कानून की नियम इनके लिए लागू नही होती? इतने बड़े बहुचर्चित कांड सारंगढ के हिर्री ग्राम में उपस्थित वारे क्लिनिक पर तहसीलदार सुनील अग्रवाल, बीएमओ आर. एल. सिदार और सब- इस्पेक्टर कमल किशोर पटेल के द्वारा और इनके सरकारी अमला टीम ने लॉक डाउन के बीच मे 7 मई को दबिश देकर डरा धमकाकर 3 लाख रुपये लूट लिए थे जिसकी शिकायत वारे क्लिनिक संचालक डॉक्टर खगेश्वर प्रसाद वारे ने लिखित शिकायत कर जांच की मांग की थी जिसपर सब-इस्पेक्टर को पुलिस अधीक्षक महोदय ने पहले तो लाइन अटैच किया फिर जांच हो जाने के बाद सस्पेंड कर दिया वही कलेक्टर महोदय ने बिलासपुर संभागीय कमिश्नर को तहसीलदार के ऊपर कारवाही के लिए खत लिखा था जिसमे तहसीलदार को भी ससपेंड कर दिया गया वही अब बीएमओ के ऊपर प्रशासन की गाज गिरना बाकी रह गया जिसको कलेक्टर महोदय ने कहा कि जल्द कारवाही होगी जांच के लिए भेजा जा चुका है। यहां तक तो ठीक है कारवाही तो हो जा रहा है लेकिन अवैध वसूली ,डरा धमकाकर 3 लाख रुपये लूटने की धारा कब जुड़ेगी ये हम नही कह रहे है भाई जब रुपये लूट लिए उगाही करके जांच भी हुई जांच में भी सत्य पाया गया यहाँ तक की 3 लाख वारे क्लिनिक को वापस भी किया गया लेकिन जब सब सत्य की पुष्टि हो गया तो। आखिर धारा 384ipc जुड़ क्यो नही रही है? क्या इनको अपराध करने की छूट मिल गया? या इनको अभयदान दिया जा रहा है। जब बाकियों के ऊपर ऐसे स्थिति में कानून कारवाही करने से नही चूकते लेकिन यहां कैसे चूकते नजर आ रहे है। या कानून के रखवाले के लिए यह नियम लागू नही होता क्या ? आम नागरिक और विज्ञापन की राशि लेने पहुचे पत्रकारों पर बिना जांच के फर्जी शिकायत पे तत्काल कारवाही कर देते है तो इनको अभयदान क्यो मिल रहा है? ज़रा संज्ञान में लीजिए साहब ऐसे में कानून के सत्यता से भरोषा उठ जाएगा। और ऐसे भ्रष्टाचार और सरकारी पद में रहकर अवैध उगाही जैसे अपराध करने वालो के ऊपर विधिवत कारवाही नही होगा तो ऐसे लोगो का मनोबल बढ़ता ही जायेगा।

  • रायगढ़, महासमुंद, कोरबा समेत कई जिले के अधिकारी बदले, पढ़िये पूरी सूची…

    रायगढ़, महासमुंद, कोरबा समेत कई जिले के अधिकारी बदले, पढ़िये पूरी सूची…

    रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने सोमवार को उद्योग विभाग में पदस्थ 15 अधिकारियों इधर से उधर किया है।

    सरकार द्वारा इस बाबत सूची जारी की गई है। रायगढ़ के उद्योग महाप्रबंधक सुखदेवे की जगह सुरेश कोशी लेंगे। सुखदेवे को महासमुंद उद्योग महाप्रबंधक बनाया गया है।

  • WhatsApp बदल रहा है अपने कई फीचर, नए अंदाज में होगी चैटिंग…

    WhatsApp बदल रहा है अपने कई फीचर, नए अंदाज में होगी चैटिंग…

    अब जल्द ही व्हाट्सएप अपना रंग बदलने जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाट्सएप नोटिफिकेशन के यूजर इंटरफेस में नया रंग आने वाला है. इसे हरे रंग की जगह डार्क ब्लू कलर दे दिया जाएगा. तो आइए जानते हैं नए फीचर की ज्यादा डीटेल्स

    इन चीजों का बदल जाएगा रंग

    WABetaInfo की रिपोर्ट के मुताबिक, इस फीचर के तहत व्हाट्सअप मैसेज नोटिफिकेशन में कुछ UI एलीमेंट्स डार्क मोड में ओरिजनल ग्रीन से नीले रंग में बदल जाएंगे. कलर स्कीम में यह बदलाव लाइट मोड में भी दिखाई पड़ सकता है. लेकिन सभी बीटा यूजर्स के लिए यह दिखाई नहीं दे सकता है।

    इसके अलावा, नोटिफिकेशन में दिखने वाला व्हाट्सएप लोगो और बैज भी नए रंग में ही नजर आएगा. ध्यान देने वाली बात यह है कि फिलहाल कंपनी इस फीचर की टेस्टिंग कर रही है. यह आम यूजर्स के लिए कब तक जारी होगा, इस बारे में नहीं कहा जा सकता. बता दें कि इससे पहले एंड्रॉइड वर्जन 2.21.11.5 के लिए व्हाट्सएप बीटा अपडेट में प्रोफाइल पिक्चर के रंग को भी बदला गया था।

    Flash Call फीचर पर चल रहा काम

    इसके अलावा कंपनी नए फ्लैश कॉल फीचर पर भी काम कर रही है. इसके तहत, व्हाट्सएप लॉगिन करते समय वेरिफिकेशन के लिए यूजर के फोन पर एक फ्लैश कॉल की जाएगी, जो तुरंत ही कट जाएगी. वर्तमान समय में 6-डिजिट का एक वेरिफिकेशन कोड भेजा जाता है. नए फीचर के जरिए यूजर्स एसएमएस वेरिफिकेशन प्रोसेस की तुलना में ज्यादा तेजी से लॉगिन कर पाएंगे।

  • कैसे रहती है दुनिया के सबसे महंगे शहर Hong Kong की बड़ी आबादी?

    कैसे रहती है दुनिया के सबसे महंगे शहर Hong Kong की बड़ी आबादी?

    हांगकांग में प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमत ने एक बार फिर से दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है. वहां हाल ही में एक सोसायटी में पार्किंग स्पेस बिका, जिसे दुनिया का सबसे महंगा पार्किंग स्पेस कहा जा रहा है. इसके प्रति वर्ग फुट के हिसाब से लगभग 134.5 वर्ग फुट की जगह साढ़े 9 करोड़ से भी ज्यादा में बिकी. ये जगह सोसायटी में रहने वाले अपनी गाड़ियों के लिए इस्तेमाल करेंगे. वैसे हांगकांग जमीन के लिहाज से दुनिया के सबसे महंगे शहरों में आता है।

    लगभग 75 लाख की आबादी वाले हांगकांग (Hong Kong) को लिविंग कॉस्ट के लिहाज से दुनिया का सबसे महंगा शहर (most expensive city in the world) मानते हैं. वहां लोगों के लिए जमीन का छोटा टुकड़ा भी बाकी नहीं. ऐसे में लोग कारों से लेकर ताबूतों तक में सो रहे हैं.

    इतनी होती है इन घरों की कीमत

    जगह की कमी को दूर करने के लिए यहां अजीबोगरीब तरीके निकल चुके. जैसे लोग कड़ी के ताबूतनुमा घरों में रहते हैं. 15 स्क्वैयर फीट के लकड़ी के ये बॉक्स ताबूत की शक्ल के होने के कारण कॉफिन क्यूबिकल भी कहलाने लगे हैं. ये वाकई में कब्र की शक्ल के ही होते हैं जिसमें एक या दो लोगों के साथ कुछेक सामान आ सकता है।

    कॉफिन क्यूबिकल बनवाने लोग रियल एस्टेट से ताल्लुक रखते हैं. केज या कॉफिन बनवाने के लिए ये लोग लगभग 400 स्क्वैयर फीट का घर किराए पर लेते या खरीदते हैं. फिर उसे 20 डबल डेकर बिस्तरों के साथ कॉफिन क्यूबिकल में बदल देते हैं. हर बिस्तर का किराया $250 USD यानी लगभग 17,781 रुपए महीने के आसपास होता है।

    2 लाख लोग ऐसे हाल में रहने को मजबूर 6 फुट वाले लोगों के लिए सीधा खड़ा होना नामुमकिन

    लगभग 7.5 मिलियन आबादी वाले हांगकांग का सेंसस बताता है कि एक बड़ी आबादी इन्हीं कॉफिन क्यूबिकल्स में गुजारा कर रही है क्योंकि देश के पास विस्तार के लिए जमीन का नया कोई टुकड़ा नहीं. एक NGO- द सोसाइटी फॉर कम्युनिटी ऑर्गनाइजेशन (एसओसीओ) के अनुसार लगभग 2 लाख लोग, जिनमें 40 हजार बच्चे भी शामिल हैं, इन घरों में रह रहे हैं।

    कॉफिन क्यूबिकल में रहने वाले अधिकतर लोग रेस्टोरेंट में वेटर, क्लीनर, मॉल्स में सिक्योरिटी गार्ड्स और डिलीवरी का काम करते हैं जो खुले घरों का किराया नहीं दे पाते हैं और ऐसे घरों में रहने लगते हैं. घर इतने छोटे होते हैं कि छह फुट की ऊंचाई वाले लोग तनकर खड़े नहीं हो सकते. सोने के लिए पैर सिकोड़कर सोना पड़ता है।

    शवों को दफनाने के लिए लगती है लॉटरी 

    बीच में आई एक और खबर ने तहलका मचा दिया था, जिसके मुताबिक जगह न होने के कारण वहां शवों को दफनाने के लिए पुराने शवों को खोदकर निकाला जा रहा है. वहां की सरकार के आदेशानुसार देश में नए कब्रिस्तान नहीं बनाए जाएंगे. साथ ही आदेश दिया गया कि बनी-बनाई कब्रों को खोदकर हर 6 साल में शव निकालकर उन्हें जला दिया जाए ताकि नए आने वाले शवों के लिए जगह बन सके. मृतक का नंबर 6 साल में आएगा, उसके बाद भी जगह मिलेगी या नहीं, ये लॉटरी से तय होता है।

    ये शहर हैं महंगाई में आगे 

    हांगकांग अपनी कॉस्ट ऑफ लिविंग यानी रहने-खाने के खर्च के लिहाज से दुनिया का सबसे महंगा शहर है. मर्सर ने साल 2020 में ये सर्वे किया था, जिसमें हांगकांग के बाद अश्गाबात (तुर्कमेनिस्तान) दूसरे स्थान पर रहा. इसके बाद टोक्यो, ज्यूरिख और सिंगापुर का नाम है. छठवें स्थान पर न्यूयॉर्क, सातवें स्थान पर शंघाई, आठवें स्थान पर बर्न और जिनेवा शहर रहे, जबकि बीजिंग दसवें स्थान पर रहा।

  • कोवैक्सीन, कोविशील्ड और स्पूतनिक वी वैक्सीन की प्राइवेट अस्पताल के लिए कीमत तय, जानें नई दर

    कोवैक्सीन, कोविशील्ड और स्पूतनिक वी वैक्सीन की प्राइवेट अस्पताल के लिए कीमत तय, जानें नई दर

    प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना वैक्सीन की कीमतों को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से मंगलवार को नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. इसके मुताबिक ऑक्सफओर्ड-एस्ट्राजेनिका की कोविशील्ड, भारत बायोटेक की तरफ से तैयार की गई कोवैक्सीन और रूस में बनी स्पूतनिक-V वैक्सीन के लिए प्राइवेट अस्पताल जीएसटी और सर्विस टैक्स मिलाकर भी उस निश्चित रकम से ज्यादा चार्ज नहीं कर सकता है. स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से बताया गया है कि कोविशील्ड के लिए अधिकतम 780 रुपये, कोवैक्सीन के लिए 1410 रुपये और स्पूतनिक वैक्सीन के लिए 1145 रुपये चार्ज किया जा सकता है.

    150 रुपये से ज्यादा नहीं हो सकता सर्विस चार्ज
    स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि कोविड वैक्सीनेशन प्रोग्राम के लिए संशोधित गाइडलाइस 8 जून को जारी गई है. इसमें कहा गया कि सभी वैक्सीन निर्माताओं की तरफ से प्राइवेट अस्पतालों के लिए वैक्सीन की कीमत की घोषणा करनी होगी. अगर इसमें किसी तरह का बदलाव किया जाएगा तो उसे एडवांस में बताना होगा. प्राइवेट अस्पताल अधिकतम 150 रुपये सर्विस चार्ज के तौर पर सिंगल डोज का ले सकते हैं. राज्य सरकारें इन कीमतों पर निगरानी रख सकती हैं।

    आगे बताया गया कि कोविशील्ड पर निर्माता कंपनी की तरफ से 600 रुपये का ऐलान किया गया है. इसके साथ ही 30 रुपये जीएसटी और सर्विस चार्ज 150 रुपये जोड़कर कुल इसकी कीमत 780 रुपये बनती है. इसी तरह कोवैक्सीन निर्माता ने 1200 रुपये इसकी कीमत का एलान किया है. 5 प्रतिशत की दर से 60 रुपये जीएसी और 150 रुपये सर्विस चार्ज मिलाकर इसकी कीमत 1410 बनती है. तो वहीं स्पूतनिक-वी के लिए निर्माता ने 948 रुपये कीमत रखी है. 47.40 रुपये जीएसटी और 150 रुपये सर्विस चार्ज मिलाकर कुल कीमत 1145 रुपये बनती है।

    कोविशील्ड और कोवैक्सीन की 44 करोड़ खुराक के लिए आर्डर
    केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि उसने कोविड-19 रोधी टीकों – कोविशील्ड और कोवैक्सीन की 44 करोड़ खुराक के लिए आर्डर दिया है. एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि केंद्र राज्यों के खरीद कोटे को अपने हाथों में ले लेगा तथा 18 साल से अधिक आयु वर्ग के लोगों के लिए राज्यों को टीके मुफ्त उपलब्ध कराए जाएंगे. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि निर्माताओं द्वारा कोविड टीकों की इन 44 करोड़ खुराकों की आपूर्ति अगस्त और दिसंबर के बीच की जाएगी।

    एक अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय कोविड टीकाकरण कार्यक्रम के दिशा-निर्देशों में बदलाव की कल प्रधानमंत्री द्वारा घोषणा किए जाने के बाद केंद्र ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को कोविशील्ड की 25 करोड़ खुराक तथा भारत बायोटेक को कोवैक्सीन की 19 करोड़ खुराक के लिए आर्डर दिया है. उन्होंने कहा, “इसके अतिरिक्त, दोनों कोविड टीकों की खरीद के लिए 30 प्रतिशत अग्रिम सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक को जारी कर दिए गए हैं.’’
    अधिकारी ने कहा कि केंद्र इस साल 16 जनवरी से “सरकार के समग्र दृष्टिकोण” के तहत प्रभावी टीकाकरण अभियान के लिए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रयासों का समर्थन कर रहा है. केंद्र को मिले विभिन्न ज्ञापनों के के आधार पर, टीकाकरण रणनीति के तीसरे चरण 18 साल से अधिक आयु के सभी वयस्कों के लिए टीकाकरण एक मई से शुरू किया गया था. अधिकारी ने कहा, “अब देश भर में टीकाकरण अभियान को और अधिक व्यापक बनाने के मकसद के बीच, 18 साल से अधिक आयु के सभी नागरिक सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में कोविड टीके की खुराक मुफ्त में ले सकते हैं।”

  • भ्रष्ट्राचार के आरोप पर बड़ी कार्यवाही, 3 एसडीएम को डिमोट कर बनाया तहसीलदार….

    भ्रष्ट्राचार के आरोप पर बड़ी कार्यवाही, 3 एसडीएम को डिमोट कर बनाया तहसीलदार….

    उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत जमीन घोटाले में धांधली के आरोपी तीन उपजिलाधिकारियों को तहसीलदार के पद पर डिमोशन कर दिया गया है। तीनों अधिकारियों को राजस्व परिषद से संबद्ध कर दिया गया है। नियुक्ति विभाग की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है।

    एसडीएम प्रयागराज रामजीत मौर्या ने मिर्जापुर में तहसीलदार के पद पर तैनाती के दौरान जमीन संबंधी एक मामले में नियमों को ताक पर रखकर मनमाने तरीके से फैसला दे दिया। यह जमीन कई एकड़ में है और इसकी कीमत करोड़ों रुपये में बताई जा रही है। धांधली की शिकायत होने पर इस मामले की जांच कराई गई, तो इसमें रामजीत मौर्या को दोषी पाया गया। इसी तरह एसडीएम श्रावस्ती जेपी चौहान ने पीलीभीत में तहसीलदार के पद पर रहते हुए एक जमीन के मामले में मनमाने तरीके से फैसला से दे दिया। इस जमीन की कीमत लाखों की बताई जा रही है।

    एसडीएम मुरादाबाद अजय कुमार ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में तैनाती के दौरान एक जमीन के मामले में मनमाने तरीके से नियमों को ताक पर रखकर कार्यवाही की। आरोप है कि अधिग्रहण के बावजूद इस जमीन को छोड़ने का काम किया गया। इस जमीन को एक बड़े आदमी को देने के लिए यह सारा खेल खेला गया। शिकायतों के आधार पर इन तीनों मामले की जांच कराई गई और जांच के बाद इनको दोषी पाया गया। दोषी पाए गए अधिकारियों को लोक सेवा आयोग से अनुमति लेने के बाद तहसीलदार के पद पर पदावनत करते हुए राजस्व परिषद से संबद्ध कर दिया गया है।

  • सरकार ने हॉलमार्किंग ‎नियम बदले, देखिये धोखाधड़ी न हो इसके लिए सरकार ने क्या किये हैं प्रावधान…

    सरकार ने हॉलमार्किंग ‎नियम बदले, देखिये धोखाधड़ी न हो इसके लिए सरकार ने क्या किये हैं प्रावधान…

    मुंबई। सोने के नाम पर हो रही धोखाधड़ी को रोकने के लिए सरकार की तरफ से नियमों में बदलाव किया गया है। 16 जून से अब कोई भी बिना हॉलमार्किंग के सोना नहीं बेच पाएगा। हॉलमार्क सरकारी गारंटी है। हॉलमार्क का निर्धारण भारत की एकमात्र एजैंसी ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (बी.आई.एस.) करती है। हॉलमार्किंग में किसी उत्पाद को तय मापदंडों पर प्रमाणित किया जाता है। भारत में बी.आई.एस. वह संस्था है, जो उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराए जा रहे गुणवत्ता स्तर की जांच करती है। सोने के सिक्के या गहने कोई भी सोने का आभूषण जो बी.आई.एस. द्वारा हॉलमार्क किया गया है, उस पर बी.आई.एस. का लोगो लगाना जरूरी है। इससे पता चलता है कि बी.आई.एस. की लाइसैंस प्राप्त प्रयोगशालाओं में इसकी शुद्धता की जांच की गई है। 24 कैरेट शुद्ध सोने पर 999 लिखा होता है। 22 कैरेट की ज्वैलरी पर 916 लिखा होता है। 21 कैरेट सोने की पहचान 875 लिखा होता है। 18 कैरेट की ज्वैलरी पर 750 लिखा होता है व 14 कैरेट ज्वैलरी पर 585 लिखा होता है। असली हॉलमार्क पर बी.आई.एस. का तिकोना निशान होता है। उस पर हॉलमार्किंग केन्द्र का लोगो होता है। सोने की शुद्धता भी लिखी होती है। ज्वैलरी निर्माण का वर्ष व उत्पादक का लोगो भी होता है। हॉलमार्क की वजह से ज्यादा महंगा होने के नाम पर ज्वैलर आपको बगैर हॉलमार्क वाली सस्ती ज्वैलरी की पेशकश करता है तो सावधान हो जाइए। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रति ज्वैलरी हॉलमार्क का खर्च महज 35 रुपए आता है। सोना खरीदते वक्त आप ऑथैंटिसिटी या प्योरिटी सर्टिफिकेट लेना न भूलें। सर्टिफिकेट में सोने की कैरेट गुणवत्ता भी जरूर चैक कर लें। साथ ही सोने की ज्वैलरी में लगे जैम स्टोन के लिए भी एक अलग सर्टिफिकेट जरूर लें।

  • कांग्रेस नेत्री के खिलाफ रायपुर एसपी से शिकायत, मकान दिलाने के नाम पर की लाखों की ठगी…

    कांग्रेस नेत्री के खिलाफ रायपुर एसपी से शिकायत, मकान दिलाने के नाम पर की लाखों की ठगी…

    रायपुर। मकान दिलाने के नाम पर कांग्रेस नेत्री दर्शन कौर द्वारा 1 लाख 25 हजार की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है. जिसकी शिकायत पीड़ितों ने एसपी से की है. जानकारी के मुताबिक कांग्रेस नेत्री ने खुद को विधायक प्रतिनिधि बताकर कबीर नगर निवासियों से मकान दिलाने का झांसा देकर बेईमानी पूर्वक रुपये का लेन-देन किया। समय पर मकान नहीं मिलने पर पीड़ितों ने इसकी शिकायत कबीरनगर थाने में किया। लेकिन थाना प्रभारी द्वारा भी इस पर कार्रवाई नहीं की गई है. अब पीड़ितों ने इसकी रायपुर पुलिस अधीक्षक से की है।