Author: Sunil Agrawal

  • परत दर परत खुल रहे फरार GP सिंह के अनसुने राज, CBI के पूर्व मजिस्ट्रेट ने कर दिया चौंकाने वाला खुलासा !

    परत दर परत खुल रहे फरार GP सिंह के अनसुने राज, CBI के पूर्व मजिस्ट्रेट ने कर दिया चौंकाने वाला खुलासा !

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में इन दिनों निलंबित IPS जीपी सिंह की कहानी हर किसी के जुबान पर है. उनके क्राइम और भ्रष्टाचार की हर स्टोरी से सोशल मीडिया, टेलीवीजन से लेकर अखबारों के पन्ने अब पटने लगे हैं. सुबह से लेकर शाम तक GP सिंह के करप्शन की कहानी हेडलाइन बनकर गवाही दे रहे हैं. हर रोज पन्नों में दफन नए राज खुल रहे हैं. दस्तावेज हर किसी को चौका रहे हैं. इसी बीच CBI के पूर्व मजिस्ट्रेट प्रभाकर ग्वाल ने चौकाने वाला खुलासा किया है, जिसने हर किसी की नींद उड़ा दी है. GP सिंह के चरित्र पर एक और दाग दर्ज हो गया है, जो कभी किसी के मिटाए नहीं मिटेगा.

    IPS राहुल शर्मा सुसाइड केस में खुलासा

    IPS राहुल शर्मा सुसाइड केस एक बार फिर सच की तलाश में लोगों के जुबान से बाहर आने लगा है. निलंबित ADG जीपी सिंह पर उंगलियां उठने लगी हैं. CBI के पूर्व मजिस्ट्रेट प्रभाकर ग्वाल ने चौकाने वाला खुलासा किया है. प्रभाकर ग्वाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कर कहा कि इस केस में जीपी सिंह को बचाने की कोशिश हो रही है. जब IPS राहुल शर्मा ने सुसाइड किया था, तब जीपी सिंह बिलासपुर के IG थे. साथ ही राहुल शर्मा ने खुदकुशी से पहले सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें अपने बॉस पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था, लेकिन अब भी जीपी सिंह को बचाने की कोशिश जारी है.


    इस दौरान उन्होंने कहा कि कोई आत्महत्या करने के लिए IPS नहीं बनता है. हमने खुद राहुल शर्मा की फाइलों का अध्ययन किया है. राहुल शर्मा छोटी-मोटी हस्ती नहीं थी. राहुल शर्मा के मौत का कारण कुछ कोल माफिया का लगता है. खैर अभी तो सब कुछ पिक्चर से गायब है. उन्होंने कहा कि सुसाइड के वक्त पुलिस परिसर में जो थे, जिनकी लिप्त होने की संभावना है. उसमें किसी का भी बयान ठीक से नहीं लिया गया था. वहां मौजूद तीन व्यक्ति बताएंगे कि वह क्यों मरा है या फिर यह रहा होगा कि उन लोगों ने ही उसे मारा है.

    ग्वाल ने कहा कि राहुल शर्मा आत्महत्या जैसे बड़े-बड़े मामले जब तक उजागर नहीं होंगे, तो छत्तीसगढ़ में किसी को भी न्याय नहीं मिल पाएगा. विवेचना में और साक्ष्य तो दबाया गया है. छुपाया गया है. इस मौत के पीछे प्रथम दृष्टया सुसाइड नोट के अनुसार जीपी सिंह और सतीश अग्निहोत्री का हाथ लग रहा है. उस घटना स्थल पर जो जो लोग उपस्थित थे, वह लोगों की संलिप्तता है. ग्वाल ने कहा कि राहुल शर्मा के सुसाइड नोट के अनुसार जीपी सिंह और सुशील अग्निहोत्री का हाथ है.

    प्रभाकर ग्वाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस केस में IPS राहुल शर्मा का लैपटॉप अब तक गायब है. वो लैपटॉप में कई तरह के दस्तावेज और जरूरी जानकारियां रखते थे. आज तक उनकी कॉल डीटेल सामने नहीं आ सकी. साथ ही उन्होंने कहा कि GP के साथ कुछ और अफसर भी इस केस में शामिल थे, उन्हें भी बचाया जा रहा है. राहुल शर्मा की मौत अकेले जीपी सिंह के बस की बात नहीं थी. प्रभाकर ग्वाल इस केस में कार्रवाई की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में हैं.

    बता दें कि ACB के रिपोर्ट सौंपते ही सरकार ने छत्तीसगढ़ के सीनियर IPS अफसर जीपी सिंह को निलंबित कर दिया गया है. ACB के छापेमार कार्रवाई से कई सुलासे हुए हैं. जीपी सिंह के सरकारी बंगले से लेकर अन्य 15 ठिकानों से करप्शन से भरे कई दस्तावेज एकत्रित किए गए हैं. इनमें बेनामी संपत्ति समेत विदेशों में कई खातों का जिक्र है. ACB की टीम ने 70 घंटे से ज्यादा की कार्रवाई में कई दस्तावेज खंगाले हैं. जब जीपी सिंह ACB चीफ थे, तब लोगों को ब्लैकमेल करने, अवैध वसूली करने, बेशुमार प्रॉपर्टी के मालिक बनने के आरोप थे. इसके बाद से ही वे ACB और EOW के रडार में थे. 10 करोड़ से ज्यादा की प्रॉपर्टी का खुलासा हुआ है. फिलहाल जीपी सिंह फरार हैं.

  • देशभर की सड़कों को गड्ढा मुक्त रखने की तैयारी, बनेगी ऑनलाइन मॉनिटरिंग सेल…

    देशभर की सड़कों को गड्ढा मुक्त रखने की तैयारी, बनेगी ऑनलाइन मॉनिटरिंग सेल…

    राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव और मरम्मत कार्य को लेकर बरती जा रही लापरवाही पर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने नाराजगी जाहिर की है। इसके बाद केंद्र सरकार ने सख्त रवैया अपनाते हुए केंद्र और राज्य एजेंसियों को अगस्त तक अलग समर्पित ऑनलाइन मॉनिटरिंग सेल स्थापित करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इससे राष्ट्रीय राजमार्गों का रखरखाव सही से हो सकेगा।

    राष्ट्रीय राजमार्गों का समय पर मरम्मत कार्य होगा। वहीं, रख-रखाव के उच्च मानदंड से यात्रियों को तेज-सुगम-सुविधाजनक सफर मुहैया कराया जा सकेगा। इससे गड्ढों से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में लोगों की मौतें कम होंगी।

    सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने 8 जुलाई को एनएचआईडीसीएल, बीआरओ, राज्यों के प्रमुख सचिवों, सभी पीडल्यूडी के इंजीनियर इन चीफ को आदेश जारी कर दिया है। इसमें सभी केंद्रीय व राज्य एजेंसियों से राजमार्गों की मरम्मत व रखरखाव के लिए पृथक समर्पित ऑनलाइन मॉनिटरिंग सेल बनाने को कहा है। सभी एजेंसियां से दो आधुनिक वाहन फॉलिंग वेट डिफेक्टोमीटर और नेटवर्क सर्वे व्हीकल राजमार्गों से जुड़ी तमाम जाानकारी व डाटा वेबसाइट पर अपलोड करने को कहा गया है। इसके लिए मंत्रालय रोड ऐसेट मैनेजमेंट (आरएएम) सिस्टम नामक सॉफ्टवेयर पहले ही तैयार कर चुका है। क्षेत्रीय अधिकारी (आरओ) अपने इलाके की जानकारी समयबद्ध अपलोड करेंगे। जबकि दिल्ली में केंद्रीयकृत आरएएम में बैठे टेक्नोक्रेट्स-विशेषज्ञ इसका अध्ययन व विश्लेषण करेंगे।

    भारतीय राजमार्ग अभियंता अकादमी (आईएएचई) के निदेशक संजीव कुमार को ऑनलाइन मॉनिटरिंग सेल गठित करने के कार्य का नोडल अफसर बनाया गया है। समर्पित ऑनलाइन मॉनिटरिंग सेल स्थापना, कार्यालय, उपकरण, सॉफ्टवेयर, कार्यबल आदि के लिए प्रस्ताव तैयार करने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर डाली गई है। जिससे प्रतिदिन सेल में अपलोड होने वाले डाटा, जानकारी, समस्या आदि का पता लगाया जा सके। ऑनलाइन तंत्र को चलाने के लिए मंत्रालय की ओर से टेक्नोक्रेट्स (इंजीनियर) नियुक्त होंगे। इसके साथ ही विषय वस्तु के जानकारों की भर्ती आउटसोर्सिंग के जरिये की जाएगी। जिससे अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सके और नाकारा अफसरों पर कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

    सड़क परिवहन मंत्रालय ने माना है कि खराब-जर्जर व गड्ढायुक्त सड़कों को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। इससे सार्वजनिक तौर पर जनता आलोचनाएं करती हैं और सरकार की किरकिरी हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रोड सेक्टर की समीक्षा बैठक में उक्त विषय पर नाखुशी जता चुके हैं। माना है कि वर्तमान में एजेंसियों के बीच उचित समन्वय नहीं होने के कारण यह मुद्दा और भी गंभीर हो जाता है। ऑनलाइन मॉनिटरिंग समय की जरूरत है और इससे समस्या का काफी हद तक हल हो जाएगा।

  • 31 जुलाई तक सभी राज्य ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ लागू करें – सुप्रीम कोर्ट

    31 जुलाई तक सभी राज्य ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ लागू करें – सुप्रीम कोर्ट

    सुप्रीम कोर्ट ने 31 जुलाई तक सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वन नेशन वन राशन कार्ड योजना को लागू करने का निर्देश दिया है। 2019 में ये स्कीम तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू हुई थी। 1 जून 2020 तक इसे पूरे देश में लागू किया जाना था, पर कोरोना की वजह से इसे अब तक लागू नहीं किया जा सका है।

    हालांकि इसी कोरोना के कारण इसकी जरूरत को और शिद्दत से महसूस किया गया। अगर ये योजना लागू हो गई होती तो प्रवासी मजदूरों की परेशानी काफी कम हो सकती थी। इसी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हर राज्य 31 जुलाई तक निश्चित तौर पर वन नेशन वन राशन कार्ड की स्कीम लागू करे ताकि हर प्रवासी मजदूर को देश के किसी भी हिस्से से अपना राशन मिल सके।

    वन नेशन वन राशन कार्ड योजना क्या है? अब तक कितने राज्यों में लागू हो चुकी है? इससे क्या फायदा होने वाला है? स्कीम के लागू होने के बाद क्या बदलेगा? योजना लागू होने के बाद राशन दुकानों में क्या बदलेगा? क्या इसके लिए नया राशन कार्ड बनेगा? आइए समझते हैं…

    वन नेशन वन राशन कार्ड स्कीम क्या है?
    आपने वन नेशन वन टैक्स यानी GST के बारे में सुना ही होगा। GST आने के बाद देश में अलग-अलग टैक्सों को मिलाकर एक कर दिया गया और अब पूरे भारत में केवल एक ही टैक्स लगता है। ठीक इसी तरह अभी हर राज्य में अलग-अलग राशन कार्ड हैं।

    वन नेशन वन राशन कार्ड के तहत इन सभी राशन कार्ड को एक सेंट्रल सिस्टम के जरिए जोड़ दिया जाएगा। फिर आपको ये सुविधा मिलेगी कि देश में किसी भी राशन दुकान से आप एक ही राशन कार्ड के जरिए राशन ले सकेंगे। यानी, भले ही आपका राशन कार्ड भोपाल का हो आपको उससे दिल्ली में भी राशन मिल जाएगा।

    2019 में केंद्रीय खाद्यमंत्री रामविलास पासवान ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इस योजना को 4 राज्यों में शुरू किया था। ये राज्य थे – तेलंगाना, महाराष्ट्र, गुजरात और आंध्रप्रदेश। धीरे-धीरे इस योजना में बाकी राज्यों को भी शामिल किया गया। जनवरी 2020 में खाद्यमंत्री रामविलास पासवान ने ऐलान किया था कि 1 जून 2020 तक पूरे देश में इस स्कीम को लागू कर दिया जाएगा। हालांकि, अब तक ऐसा नहीं हो सका।

    अभी कैसे मिलता है राशन?
    सरकार गरीबों को सब्सिडाइज्ड रेट पर राशन देने के लिए राशन कार्ड जारी करती है। इस राशन कार्ड को आपके नजदीकी सरकारी राशन दुकान के साथ जोड़ा जाता है, जहां से आप अपना राशन ले सकते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में समस्या ये है कि आपके राशन कार्ड में जो दुकान निर्धारित की गई है आप केवल वहीं से राशन ले सकते हैं।

    उदाहरण के लिए अगर आपका राशन कार्ड भोपाल के सुभाष नगर का बना हुआ है तो आपको केवल सुभाष नगर की उचित मूल्य दुकान से ही अपना राशन मिलेगा। यानी आपका राशन कार्ड जिस इलाके का बना हुआ है वहीं आपको राशन मिलेगा।

    स्कीम के लागू होने के बाद क्या बदलेगा?
    स्कीम लागू होने के बाद ये होगा कि आप देश की किसी भी उचित मूल्य दुकान से अपना राशन ले सकेंगे। इसके लिए आपको आधार के जरिए बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करना होगा। यानी आपका राशन कार्ड भले ही भोपाल का बना हो, लेकिन आप दिल्ली की किसी दुकान से भी अपना राशन ले सकते हैं।

    तो क्या आपको नया राशन कार्ड बनवाना होगा?
    नहीं। आपके पास पहले से जो राशन कार्ड बना हुआ है उसे ही आपके आधार से लिंक कर दिया जाएगा। इसके बाद आपके राशन कार्ड को एक सेंट्रल सिस्टम के जरिए जोड़ दिया जाएगा। इस सिस्टम में देशभर के राशनकार्ड धारकों और उचित मूल्य की दुकानों का डेटा होगा।

    योजना लागू होने के बाद राशन दुकानों में क्या बदलेगा?
    ज्यादा कुछ नहीं। फिलहाल आपके राज्य में अगर ये योजना लागू नहीं है तो आपको राशन कार्ड के जरिए एक रजिस्टर पर मैनुअल एंट्री कर राशन दिया जाता था। योजना लागू होने के बाद आपको राशन नंबर या आधार कार्ड के जरिए राशन दिया जाएगा। हर राशन दुकान पर एक बायोमेट्रिक स्कैनर होगा, जिसमें आपके फिंगरप्रिंट लिए जाएंगे। वेरिफिकेशन होने के बाद आपको राशन दिया जाएगा।

    अगर घर का केवल एक सदस्य बाहर गया हो तो क्या उसे अलग से राशन मिल सकता है?
    अक्सर ये भी होता है कि घर के कुछ सदस्य काम के सिलसिले में बाहर चले जाते हैं। जबकि, बाकी पूरा परिवार घर पर ही रहता है। ऐसी स्थिति में जो सदस्य बाहर गए हुए हैं वो अपने हिस्से का राशन कहीं से भी ले सकते हैं। घर के बाकी सदस्यों को उनके हिस्से का राशन पहले वाली दुकान से ही मिलता रहेगा।

    क्या 31 जुलाई तक देश में पूरी तरह ये स्कीम लागू हो पाएगी?
    इसके लिए समझना होगा कि स्कीम को लागू करने में कहां-कहां अड़चनें आ रही हैं।

    • हर राशन दुकान को Aadhaar enabled Public Distribution System (AePDS) से जोड़ना होगा। यानी हर राशन दुकान पर बायोमेट्रिक स्कैनर मशीनें लगानी होंगी। असम ने अभी तक इस योजना को लागू नहीं किया है, केवल असम में ही 36 हजार राशन दुकानें ऐसी हैं जहां ये मशीनें लगाई जानी हैं।
    • मशीन लगाने के बाद अगला काम हर राशन कार्ड को आधार कार्ड से जोड़ना है। ये भी एक लंबी कागजी प्रक्रिया है।
    • इंटरनेट नेटवर्क भी एक बड़ी समस्या है। इन मशीनों को इंटरनेट के जरिए सेंट्रल पोर्टल से कनेक्ट रखना होता है। ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क की परेशानी की वजह से ये मशीनें उतनी बेहतरी से काम नहीं कर पाती हैं।

    कब तक पूरे देश में लागू हो पाएगी स्कीम?
    इस बारे में कुछ कहना मुश्किल है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद राज्यों ने इस योजना को लागू करने के लिए कदम उठाने शुरू किए हैं। छत्तीसगढ़, जो अभी तक इस योजना से दूर था, ने घोषणा की है कि राज्य में अगस्त से स्कीम लागू की जाएगी। 1 जुलाई से रायपुर और धमतरी जिले में योजना पर ट्रायल शुरू किया गया है।

    मई 2021 तक देश के 16 राज्यों में करीब 44 हजार राशन की दुकानें ऐसी हैं जहां बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के लिए मशीनें नहीं है। इसी तरह कई राज्यों में बायोमेट्रिक मशीनों से लेकर आधार लिंकिंग का काम बाकी है। ऐसे में जुलाई अंत तक देशभर में योजना शुरू करना बड़ी चुनौती होगी।

    फिलहाल किन राज्यों में चल रही है ये योजना?
    फिलहाल असम, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और दिल्ली को छोड़कर देश के बाकी सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ये योजना लागू की जा चुकी है।

  • जांजगीर में सिंहदेव तो रायपुर में मंत्री प्रेमसाय को सीएम बना तान दिया गया पोस्टर ? मंत्री प्रेमसाय हैरान !

    जांजगीर में सिंहदेव तो रायपुर में मंत्री प्रेमसाय को सीएम बना तान दिया गया पोस्टर ? मंत्री प्रेमसाय हैरान !

    रायपुर। अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस पर आयोजित समारोह के स्वागत द्वार पर एक पोस्टर को लेकर सरगर्मी है। दोपहर को पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें सहकारिता मंत्री डॉ प्रेमसाय सिंह को मुख्यमंत्री लिखा गया था, इस पोस्टर में हालाँकि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की तस्वीर भी थी और उसके नीचे भी मुख्यमंत्री लिखा हुआ था। सोशल मीडिया पर वायरल इस तस्वीर की जब तस्दीक़ की गई तो पाया गया कि पोस्टर तो लगा हुआ है लेकिन वहाँ डॉ प्रेमसाय सिंह के नीचे सहकारिता मंत्री लिखा गया है।
    पोस्टर सहकारी बैंक की ओर से याने अपेक्स बैंक की ओर से लगाया गया था। जिसमें कुल सात लोगों की तस्वीरें और पदनाम थे।
    मंत्री प्रेमसाय सिंह से इस मसले पर जब जानकारी चाही गई तो उन्होंने ऐसे किसी पोस्टर की जानकारी से इंकार किया और कुछ देर बाद उनके द्वारा भी वह पोस्टर भेजा गया जिसमें डॉ प्रेमसाय सिंह की तस्वीर के नीचे सहकारिता मंत्री लिखा गया था।


    यह स्पष्ट नहीं है कि यह चुक किसकी थी, या कि पोस्टर को शरारत के साथ वायरल किया गया या कि वास्तव में इस पोस्टर में भी दो मुख्यमंत्री लिखे गए थे।यदि वाक़ई में पोस्टर पर इतना बड़ा ब्लंडर था तो उसे लगाने के पहले चेक क्यों नहीं किया गया या कि जब टंग गया तब भी देर तक क्या किसी ने नहीं देखा।
    तमाम सवाल हैं जिसके जवाब फ़िलहाल विभाग या बैंक प्रबंधन के पास नहीं है या कि वे देने से बच रहे हैं। यह जरुर था कि लोग इस पोस्टर की मौज लेते रहे।

  • बेकार के इमेल भर देते हैं आपका इनबॉक्स, ऐसे मिनटों में पाएं इनसे छुटकारा

    बेकार के इमेल भर देते हैं आपका इनबॉक्स, ऐसे मिनटों में पाएं इनसे छुटकारा

    आपका Gmail भी प्रमोशनल या फिर स्पैम मेल्स की वजह से जल्दी-जल्दी भर जाता है. कई बार हम गलती से किसी सर्विस को सब्सक्राइब कर लेते हैं और फिर उसके मेल्स आने शुरू होते हैं. आज हम आपको ऐसे ही मेल्स से छुटकारा पाने का तरीका बताते हैं।

    • किसी सेंडर को ब्लॉक करने पर उसका मैसेज स्पैम में चला जाता है.
    • अपने कंप्यूटर या लैपटॉप पर Gmail ओपन करें.
    • आपको जिसे ब्लॉक करना है उसके मैसेज पर जाएं.
    • मेल के ऊपर राइट कॉर्नर में More पर क्लिक करना होगा.
    • इसके बाद Block (Sender Name) ऑप्शन पर क्लिक कर दें.
    • आपने गलती से किसी को ब्लॉक कर दिया है तो इसी प्रोसेस से उसे अनब्लॉक किया जा सकता है.

    किसी ऐसी साइट को अगर आपने साइन अप कर दिया है जो बहुत से ई-मेल्स आपको भेजती है तो आप इसे अनसब्सक्राइब भी कर सकते हैं.  

    • Gmail ओपन करने के बाद इस तरह के मेल भेजने वाले सेंडर के मेल को ओपन करें.
    • सेंडर के नाम के बराबर में Unsubscribe or Change preferences दिया गया होगा. इस पर क्लिक करें.
    • अगर आप को यह विक्लप नहीं दिखे तो आप ऊपर दिए गए तरीके से सेंडर को ब्लॉक कर सकते हैं.
    • इस बात का ध्यान रखें कि मेल्स को अनसब्सक्राइब करने पर इसे पूरी तरह से अनसब्सक्राइब होने में कुछ दिन का समय लग सकता है.

    वैसे तो Gmail  इनबॉक्स से स्पैम को दूर रखने की कोशिश करता है. लेकिन स्पैम मेल्स आ ही जाते हैं. इनसे निपटने के लिए ये करें.

    • स्पैम मेल को खोलकर मैसेज ओपन करें.
    • पेज के टॉप पर दिए गए Report Spam पर टैप कर दें.

    किसी मेल को स्पैम रिपोर्ट करने पर या मैनुअली किसी मेल को स्पैम फोल्डर में मूव करने पर Google को एक कॉपी मिलती है. इस कॉपी को कंपनी एनेलाइज करती है और यूजर्स को इस तरह से मेल्स से सुरक्षा प्रदान की जाती है.

    आपको अगर इनबॉक्स में कोई संदेहास्पद ईमेल दिखे जिसमें आपकी पर्सनल जानकारी मांगी जा रही है तो ऐसे मेल को फिशिंग के तौर पर रिपोर्ट कर सकते हैं. यह है तरीका

    • Gmail ओपन करने के बाद जिस मेल पर शक है उस पर जाएं.
    • मेल के टॉप राइट कॉर्नर में More पर क्लिक करें.
    • इसके बाद Report phishing पर टैप कर दें.
  • निलंबित IPS जीपी सिंह पर राजद्रोह का केस दर्ज, सरकार के खिलाफ साजिश रचने का आरोप

    निलंबित IPS जीपी सिंह पर राजद्रोह का केस दर्ज, सरकार के खिलाफ साजिश रचने का आरोप

    रायपुर। एसीबी के पूर्व चीफ एडीजी जीपी सिंह के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने राजद्रोह का केस दर्ज किया है। एसीबी की लिखित शिकायत पर एफआईआर दर्ज हुआ है। वहीं अब जल्द ही पूर्व आईपीएस जीपी सिंह की गिरफ्तारी हो सकती है।

    बता दें कि एंटी करप्शन ब्यूरो के छापे के दौरान एडीजी के सरकारी बंगले से कुछ चिट्ठियां और पेन ड्राइव मिले थे। वहीं उनकी जांच के बाद अब कोतवाली पुलिस ने जीपी सिंह के खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज किया है। सरकार के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगा है।

    सरकार के खिलाफ साजिश रचने का आरोप

    जीपी सिंह के सरकारी बंगले और सहयोगियों के ठिकानों में छापेमारी के दौरान जो दस्तावेज मिले हैं, उसमें ऐसी बातें सामने आई हैं, जो सरकार के खिलाफ साजिश रचने की ओर इशारा कर रही है। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है।

    राजद्रोह का यह पहला मामला
    छत्तीसगढ़ में भारतीय सेवा यानी आईएएस, आईपीएस और आईएफएस के किसी अधिकारी के खिलाफ राजद्रोह का यह पहला है। इससे पहले भारतीय सेवा के किसी अधिकारी पर यह केस दर्ज नहीं किया गया है।

    ADG सिंह ने बलि देने के लिए मंगाया था 20 पैर वाला कछुआ…

    तंत्र-मंत्र में भी था भरोसा

    जांच टीम के अधिकारियों को यहां से कुछ दस्तावेज और पुराने फटे पन्ने मिले हैं। इस डायरी में जादू-टोने से जुड़ी बातें लिखी हुई हैं। कुछ ऐसा अजीबो-गरीब सामान भी सिंह के यहां से मिला है जो अमूमन तंत्र-मंत्र के काम आया करता है। एक डायरी में कोड वर्ड में कुछ अधिकारियों के बारे में अजीबो-गरीब बात लिखी हैं। जादू-टोने की बातें ये Police महकमे के ही बड़े अधिकारियों के बारे में हैं। डायरी में लिखा है- वह थाईलैंड से 20 पैर वाला कछुआ मंगवा चुका है।उसकी बलि देने के बाद कुछ भी कर सकेगा। इनमें से एक अफसर का नाम “छोटा टकला” अंकित किया गया है। लिखा है कि छोटा टकला ने एक अफसर का बाल काट लिया है, इसलिए सब कुछ बिगाड़ सकता है। ऐसा अनुमान है कि छोटा टकला प्रदेश के ही एक सीनियर अफसर का कोड वर्ड है। ये बहरहाल, कई मामलों में फंसे हुए हैं और इनके खिलाफ जांच जारी है।

    दो अधिकारियों के लिए अनोपचंद- तिलोकचंद

    दो और अधिकारियों के लिए अनोपचंद- तिलोकचंद अंकित है। कुछ IAS अफसरों, सचिव स्तर के अफसरों, कांग्रेस-BJP के नेताओं का नाम भी कोड वर्ड में लिखा है। इन सभी दस्तावेज को बारीकी से जांच किया जा रहा है। एसीबी की जांच टीम को GP सिंह के विदेशी बैंकों में कई खातों की जानकारी मिली है। उन खातों की लिस्टिंग, रुपए कहां से आया किसने दिया, इन पहलुओं की जांच ACB की टीम कर रही है। कनाडा, ब्रिटेन और कुछ देशों में बसे परिजनों के माध्यम से निवेश की जानकारी की भी जांच हो रही है। शुक्रवार शाम तक की स्थिति में Odisha में संपत्ति, कंस्ट्रक्शन के काम में इस्तेमाल होने वाले आधा दर्जन वाहन, कई बैंक अकाउंट्स, 75 से अधिक बीमा पॉलिसी के सबूत टीम को मिले थे। ये सब GP सिंह उनकी धर्म पत्नी और उनके पुत्र के नाम पर हैं।

  • कोई फेसबुक अकाउंट हैक कर आपके नाम पर मांग रहा है पैसा तो जानें क्‍या करें…

    कोई फेसबुक अकाउंट हैक कर आपके नाम पर मांग रहा है पैसा तो जानें क्‍या करें…

    फेसबुक ने इस तरह के अकाउंट हैक के मामलों के लिए हेल्प पेज बना रखा है. यदि आपको लगता है कि आपका अकाउंट हैक हो गया है तो आप वहां जाकर स्टेप-बाय-स्टेप निर्देशों को मानकर उसे दोबारा एक्टिवेट और सिक्योर कर सकते है

    दिल्ली। इन दिनों कई लोग फेसबुक पर अजीब दिक्कत का सामना कर रहे है. दरअसल, काफी लोगों का फेसबुक अकाउंट हैक हो रहा है और उनके नाम पर पैसा मांगा जा रहा है. सबसे आश्चर्य की बात तो यह है कि उन्हें इस बात का पता तब चल रहा है, जब जानकार व्यक्ति पैसों की जरूरत की बात उनसे करता है. बात करने पर पता चलता है कि किसी दूसरे व्‍यक्ति ने यह मैसेज भेजा है. साथ ही जो नंबर पैसा ट्रांसफर करने के लिए भेजा वो उनका है ही नहीं।

    कई लोगों ने ट्रांसफर किए पैसे
    दिल्ली में रहने वाले जीतेश श्रीवास पेशे से इंजीनियर हैं. उन्हें अपने फेसबुक अकाउंट का हैक होने का पता तब चला जब उनके दोस्त ने उन्हें फोन करके कहा पैसे मिल गए क्या? उन्हें कुछ समझ में नहीं आया. उन्होंने कहा कि मैंने तो कोई पैसे मांगे ही नहीं, तुमने कितने पैसे डाले और किसने कहा. सामने वाले व्यक्ति ने कहा कि एक हजार क्योंकि फेबसुक मैसेंजर से उसे मैसेज आया था कि तुम कही फंस गए हो तो तुरंत एक हजार की जरूरत है. उन्होंने वो नंबर पूछा, जिसमें पैसा ट्रांसफर किया लेकिन जब कॉल लगाया तो वह नंबर अस्तित्व में नहीं था. जीतेश ऐसे अकेले शख्स नहीं हैं, जो इस झांसे में कई लोग आ रहे हैं. वहीं, अकाउंट हैक होने के बारे में समय से पता चल जाने पर लोग अपने फेसबुक वॉल पर इसकी सूचना दूसरों को भी दे रहे हैं.

    फेसबुक पेज पर रिपोर्ट करें
    फेसबुक ने इस तरह के अकाउंट हैक के मामलों के लिए हेल्प पेज बना रखा है. आपको लगता है कि आपका अकाउंट हैक हो गया है तो आप वहां जाकर स्टेप-बाय-स्टेप निर्देशों को मानकर उसे दोबारा एक्टिवेट और सिक्योर कर सकते हैं. आप इस लिंक को क्लिक करके सीधे फेसबुक के हेल्प पेज पर पहुंच सकते हैं – https://hi-in.facebook.com/help/

    हैकिंग का ऐसे लगाएं पता
    अगर आपको ये चीज़ें दिखाई देती हैं तो हो सकता है कि आपका अकाउंट हैक किया गया हो.


    आपका ईमेल और पासवर्ड बदल गया है.


    आपका नाम और जन्मदिन की तारीख बदल गई है.


    उन लोगों को फ़्रेंड रिक्वेस्ट भेजी गई है, जिन्हें आप नहीं जानते.


    ऐसे मैसेज भेजे गए हैं, जो आपने न भेजे हों.


    ऐसी पोस्ट होना, जो आपने न बनाई हों.

    कभी न करें ये काम
    अगर आप ऐसे हैकर्स का शिकार बनने से बचना चाहते हैं तो आपको कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है…

    • आप अपना अकाउंट लॉगइन करते समय पासवर्ड ध्यान से डालें और उसको सिक्योर रखें. ओपन वाईफाई का इस्तेमाल न करें क्योंकि इससे हैकिंग आसानी से हो सकती है.
    • फेसबुक पर हमें जन्मदिवस की तारीख डालने से बचें. ऐसा करना आपके लिए परेशानी खड़ी कर सकता है, क्योंकि हम में से कई यूज़र्स अपने डेट ऑफ बर्थ को पासवर्ड भी बनाकर रखते हैं. ऐसे में हैकर्स आसानी से यूज़र्स का अकाउंट हैक कर लेते हैं. इतना ही नहीं कई बार तो ये तारीख पाकर हैकर बैंक खाते तक भी पहुंच सकते हैं.
    • मोबाइल नंबर फेसबुक पर ना डालें. इससे यूज़र की सिक्योरिटी को खतरा हो सकता है. मान लें कि आप ऐसा करना भी चाहते हैं तो इसके लिए ‘Only Me’ सेटिंग्स का इस्तेमाल करें, जिससे किसी को पता नहीं चलेगा कि आपका मोबाइल नंबर क्या है
  • डीजीपी अवस्थी ने राज्य भर के सभी पुलिस अधीक्षकों की ली वर्चुअल बैठक, कहा “थोड़े कहे को ज्यादा समझिए”…

    डीजीपी अवस्थी ने राज्य भर के सभी पुलिस अधीक्षकों की ली वर्चुअल बैठक, कहा “थोड़े कहे को ज्यादा समझिए”…

    रायपुर। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश पर डीजीपी डीएम अवस्थी ने समीक्षा बैठक में सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को जुआ ,सट्टा ,अवैध शराब के कारोबार के विरुद्ध ऑपरेशन क्लीन चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी प्रकार के अवैध कारोबार पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसा पाये जाने पर संबंधित जिले के एसपी जिम्मेदार होंगे साथ ही समन्धित क्षेत्र के पुलिस अधिकारी के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। श्री अवस्थी ने सभी पुलिस अधिकारियों से कहा कि ‘थोड़े कहे को ज्यादा समझिए’।
    डीजीपी श्री डी एम अवस्थी ने आज वीडियो काॅन्फ्रेसिंग के जरिए अपराधों की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में सभी आईजी और एसपी मौजूद रहे।

    उन्होंने कहा कि महिला विरूद्ध अपराधों पर तत्काल कार्यवाही होनी चाहिए। महिला एवं बाल विरुद्ध अपराधों के लिए बनाई गई सेल शीघ्रता से कार्रवाई करें। जिससे महिला विरुद्ध अपराधों को रोका जा सके। शहर के ऐसे इलाके जो सुनसान हो एवं जहां छेड़खानी की घटनाएं अधिक होती हों वहां पर महिला पुलिस अधिकारियों की ड्यूटि लगायें।अपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस अधीक्षक स्वयं ऐसे पुलिसकर्मियों की ड्यूटि लगायें जिनका सूचना तंत्र मजबूत हो।

    डीजीपी ने चिट फण्ड प्रकरणों में शीघ्र कार्यवाही के निर्देश दिये। चिटफंड कम्पनी के संचालकों के विरुद्ध सख्त कारवाई के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि सायबर अपराधों पर तत्काल कार्रवाई करें। पुराने प्रकरणों को शीघ्रता से जांच कर निराकरण के निर्देश दिए। श्री अवस्थी ने विभागीय जांचों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए।
    बैठक में आईजी गुप्तवार्ता डॉ आनंद छावड़ा, डीआईजी सीआईडी श्रीमती हिमानी खन्ना, एआईजी श्री राजेश अग्रवाल, एआईजी श्री यू बी एस चौहान उपस्थित रहे।

  • सरकारी ज़मीन नीलामी नीति पर हाईकोर्ट ने दायर जनहित याचिका पर राज्य को दिया आदेश…

    सरकारी ज़मीन नीलामी नीति पर हाईकोर्ट ने दायर जनहित याचिका पर राज्य को दिया आदेश…

    रायगढ़। सरकारी ज़मीनों की नीलामी वाली राज्य सरकार की नीति के विरोध में हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से इस नीति के प्रभावी होने के बाद नीलामी और आबंटन से जूड़े सभी रिकॉर्ड तलब किए हैं।यह याचिका सुशांत शुक्ला की ओर से दायर की गई थी। याचिका में राज्य सरकार की इस नीति का इस आधार पर विरोध था कि, राज्य सरकार के विभिन्न कार्यों के लिए ज़मीनों की कमी है।

    भविष्य में जब विस्तार होगा तो ज़मीनों की और आवश्यकता पड़ेगी और इस नीति/योजना से नुक़सान है जबकि इस योजना का लाभ प्रभावशाली लोग ले रहे हैं। इस योजना से ग़रीबों को कोई लाभ नहीं है और बाद में राज्य सरकार को ज़मीनों की कमी होगी।
    इस मसले पर दायर जनहित याचिका पर पर प्रभारी चीफ़ जस्टिस प्रशांत मिश्रा और जस्टिस पी पी साहू की बेंच ने सुनवाई की और राज्य सरकार से प्रदेश के सभी ज़िलों में इस योजना के तहत नीलामी और आबंटन का पूरा ब्यौरा देने का निर्देश राज्य सरकार को दिया है। हाईकोर्ट में अगली सुनवाई चार हफ़्ते बाद होगी।

  • ACB ने किया बड़ा खुलासा,करोड़ों का आसामी निकला ADG..आज जीपी सिंह के यहां सुबह से लेकर शाम तक क्या-कुछ मिला

    ACB ने किया बड़ा खुलासा,करोड़ों का आसामी निकला ADG..आज जीपी सिंह के यहां सुबह से लेकर शाम तक क्या-कुछ मिला

    रायपुर, दुर्ग रेंज के IG रहे और ACB के पूर्व चीफ जीपी सिंह के सरकारी बंगले सहित 15 ठिकानों पर बेहिसाब अवैध संपत्ति, बड़े लेन-देन और शेल कंपनियों में निवेश करके मनी लॉन्ड्रिंग के सबूत मिले हैं। ACB (एंटी करप्शन ब्यूरो) की टीम उनके यहां 35 घंटों से कार्रवाई कर रही है। टीम ने गुरुवार सुबह 6 बजे रेड डाली थी। इसके बाद अफसर रातभर उनके घर डटे रहे। ACB को ओडिशा में बेहिसाब बेनामी संपत्ति के सबूत मिले हैं। गुरुवार देर रात तक जांच के बाद जीपी सिंह पर भ्रष्टाचार के मामले में FIR दर्ज कर ली गई है। कार्रवाई शुक्रवार को भी जारी है।
    राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एन्टी करप्शन ब्यूरो, मुख्यालय रायपुर के अपराध क्रमांक 22/2021 धारा 13(1)बी 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 यथासंशोधित 2018 के तहत अनुसंधान के अनुक्रम में श्री गुरजिंदर पाल सिंह, आईपीएस वर्तमान पदस्थापना निदेशक, राज्य पुलिस अकादमी चंदखुरी, रायपुर के प्रकरण में ईओडब्ल्यू की विभिन्न टीमों द्वारा छापामार एवं तलाशी कार्यवाही आज भी निरंतर जारी है।

    अब तक मिले दस्तावेजों, तथ्यों व अन्य साक्ष्यों के अवलोकन से निम्न तथ्य प्रकट हुए हैं:-

     

    1श्री गुरजिंदर पाल सिंह, उनकी धर्मपत्नी एवं पुत्र के नाम पर 75 से भी अधिक बीमा संबंधी दस्तावेज मिले हैं, जिनमें प्रीमियम के रूप में लाखों रूपये भुगतान किया जाना ज्ञात हुआ है।
    2. एक से अधिक एफयूएफ एकाउंट बनाये गये हैं जिनके आय एवं व्यय की गणना अभी की जा रही है। इसी तरह बैंकों एवं डाकघरों में कई खातों की जानकारी मिली है,जिसकी गणना की जा रही है।

    3 अब तक की जांच में 35 अवसरों पर शेयर एवं म्युचुअल फंड में बड़ी राशि का निवेशकिया गया है। अब तक की गणना में 1.5 करोड़ से अधिक रकम शेयर एवं चुअल फंड में निवेश किये जाने की जानकारी मिली है। गणना निरंतर जारी है।

    4 अब तक की जांच में पोस्ट ऑफिस में विभिन्न सावधि जमा के कई खाते पाये गयेहैं। गणना की प्रक्रिया निरन्तर जारी है। आकड़ों में और वृद्धि की सम्भावना है।
     
    5 ,अब तक की जांच में परिजनों के नाम पर हाइवा, जेसीबी, कांकीट मिक्सचर वाहनमशीन लगभग 75 लाख की जानकारी मिली है, जो परिजनों के नाम पर खरीदी गई

    6 अब तक की जांच में जमीन, मकान व फ्लैट में राज्य एवं राज्य के बाहर बड़ी मात्रामें निवेश की जानकारी मिली है। जिसका आकलन किया जा रहा है।https://googleads.g.doubleclick.net/pagead/ads?client=ca-pub-2599739909253663&output=html&h=343&adk=3778279294&adf=2298874321&pi=t.aa~a.1097654583~i.27~rp.4&w=412&lmt=1625318941&num_ads=1&rafmt=1&armr=3&sem=mc&pwprc=5138987475&psa=1&ad_type=text_image&format=412×343&url=https%3A%2F%2Fnayabharat.live%2Fcg-acb-raid-update-big-breaking-acb-raids-on-15-locations-of-adg-gp-singh-continues-till-now-2410&flash=0&fwr=1&pra=3&rh=319&rw=382&rpe=1&resp_fmts=3&sfro=1&wgl=1&fa=27&adsid=ChAI8JWAhwYQvI_58anDp45EEjkAO0PTJyqaTs_19QNdfgtR0FfXKGr9rV8qSewNRjyG54q4Zle4uGxPu2D3rZP-ZFu0KkiJO2won40&uach=WyJBbmRyb2lkIiwiMTAiLCIiLCJTTS1BNzUwRiIsIjkxLjAuNDQ3Mi4xMjAiLFtdLG51bGwsbnVsbCxudWxsXQ..&tt_state=W3siaXNzdWVyT3JpZ2luIjoiaHR0cHM6Ly9hZHNlcnZpY2UuZ29vZ2xlLmNvbSIsInN0YXRlIjo2fSx7Imlzc3Vlck9yaWdpbiI6Imh0dHBzOi8vYXR0ZXN0YXRpb24uYW5kcm9pZC5jb20iLCJzdGF0ZSI6N31d&dt=1625318941092&bpp=15&bdt=8077&idt=-M&shv=r20210630&ptt=9&saldr=aa&abxe=1&cookie=ID%3D26e752b21af7e596-22645bb91aca001f%3AT%3D1625230241%3ART%3D1625230241%3AS%3DALNI_Ma6HP1xjvRXV4Kk_XyHILecd8D9nw&prev_fmts=0x0%2C412x343%2C412x343%2C412x343&nras=5&correlator=5750941098411&frm=20&pv=1&ga_vid=993718417.1625230239&ga_sid=1625318940&ga_hid=1450355788&ga_fc=0&u_tz=330&u_his=1&u_java=0&u_h=846&u_w=412&u_ah=846&u_aw=412&u_cd=24&u_nplug=0&u_nmime=0&adx=0&ady=3280&biw=412&bih=718&scr_x=0&scr_y=0&eid=21067496%2C31061661&oid=3&pvsid=3792236355297691&pem=100&eae=0&fc=1408&brdim=0%2C0%2C0%2C0%2C412%2C0%2C412%2C718%2C427%2C744&vis=1&rsz=%7C%7Cs%7C&abl=NS&fu=1152&bc=31&jar=2021-07-01-07&ifi=5&uci=a!5&btvi=4&fsb=1&xpc=V8x6nC1Yjz&p=https%3A//nayabharat.live&dtd=341

    7. अब तक की जांच में कई बहुराज्यीय कंपनियों से परिजनों के बैंक खातों में 1 करोड़ से अधिक की जमा होने का पता चला है। अग्रिम जांच पर यह रकम और बढ़ने की संभावना है।

    8. इस प्रकार अब तक की जांच में कुल 5 करोड़ से अधिक की चल-अचल सम्पत्तियों का पता लगाया गया है।

    9. जांच के तारतम्य में आज भी प्राप्त दस्तावेजों एवं जानकारियों के आधार पर अनेक व्यक्तियों से पूछताछ की गई और उनके कथन लिये गये हैं, जिससे और नये तथ्य प्रकट होने के सम्भावना है।

    10. जांच दल को निवास स्थान पर लगे सीसीटीवी के डीवीआर का अब तक पता नहीं चला है, जिसकी निरन्तर खोज जारी है। तलाशी कार्यवाही निरन्तर जारी है।