Author: Sunil Agrawal

  • IAS अफसर से 35 लाख की ठगी, आरोपी ने बैंक कर्मी बनकर लगाया चूना….

    IAS अफसर से 35 लाख की ठगी, आरोपी ने बैंक कर्मी बनकर लगाया चूना….

    झारखंड। नागालैंड के एक आईएएस अधिकारी के बैंक एकाउंट से 35 लाख की ठगी मामले में आरोपी बलराम मंडल को जामताड़ा पुलिस ने देवघर जिला से गिरफ्तार किया है। जामताड़ा साइबर थाना पुलिस ने आरोपी बलराम को करौं से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार बलराम सिम का सप्लायर बताया जा रहा है। पुलिस टीम ने बलराम को करौं थाना क्षेत्र अवस्थित उसके घर पर छापेमारी कर पकड़ा है। पुलिस की ओर से की गई कड़ाई से पूछताछ में आरोपी बलराम ने अपनी संलिप्ता स्वीकार कर ली है। पूछताछ के क्रम में ही उसने पूरी कहानी बतायी कि कैसे आईएएस अधिकारी से लाखों की ठगी कर ली। गिरफ्तार साइबर आरोपी बलराम मंडल ने आईएएस अधिकारी के बैंक खाते से 35 लाख रुपए निकाले हैं।

    बलराम मंडल ने बताया कि उसने पहले आईएएस अधिकारी को खाता अपडेट करने के नाम पर झांसे में ले लिया और उसी क्रम में एक-एक जानकारी लेते-लेते अकाउंट से बड़ी राशि निकाल ली। आईएएस अधिकारी के साथ हुई इस वारदात की जानकारी मिलने के बाद पुलिस की नींद उड़ गयी। मामले को गंभीरता से लेते हुए छानबीन के क्रम में आरोपी का मोबाइल लोकेशन झारखंड मिलने पर जामताड़ा साइबर थाना की पुलिस को सक्रिय किया गया। बताया जा रहा है कि एक हफ्ते से दोनों जिलों की साइबर पुलिस आरोपी के पीछे पड़ी थी। उसी क्रम में गुरुवार रात जामताड़ा साइबर पुलिस को सफलता हाथ लग गयी। जामताड़ा साइबर थाना के इंस्पेक्टर इंचार्ज हरेंद्र राय ने पुलिस टीम के साथ गुरुवार शाम जामताड़ा जिले के करमाटांड़ व देवघर जिले के करौं सीमा से उसे धर दबोचा। पुलिस ने उसके पास से तीन मोबाइल व छह सिम कार्ड बरामद किए हैं।

    पूछताछ में आरोपी बलराम ने पुलिस को बताया कि बैंक अधिकारी बनकर उसने आईएएस अधिकारी को फोन कर बताया कि वह मुंबई ब्रांच का वरीय बैंक अधिकारी है। उनका बैंक खाता अपडेट करना है, इसके लिए कुछ जानकारी दें, अन्यथा खाता बंद कर दिए जाने की भी बात बतायी। उसके बाद उसने आईएएस अधिकारी को एक लिंक भेजकर संबंधित जानकारी मांगी। आईएएस अधिकारी ने इसे सही मानकर भेजे गए लिंक के जरिए सारी जानकारी दे दी। उसके बाद बलराम व उसके सहयोगियों ने कई बार ट्रांजेक्शन कर 35 लाख रुपए उनके खाते से उड़ा लिए।

  • 56 तहसीलदारों को डिप्टी कलेक्टर के पद पर प्रमोशन, देखिए पूरी लिस्ट…

    56 तहसीलदारों को डिप्टी कलेक्टर के पद पर प्रमोशन, देखिए पूरी लिस्ट…

    रायपुर। छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार ने तहसीलदारों को बड़ा तोहफा दिया है. भूपेश सरकार ने तहसीलदारों को डिप्टी कलेक्टर के पद पर प्रमोशन दिया है. भूपेश सरकार ने प्रशासनिक अधिकारियों का प्रमोशन लिस्ट जारी किया है।

    भूपेश सरकार ने 56 तहसीलदारों को डिप्टी कलेक्टर के पद पर प्रमोशन दिया है. डिप्टी कलेक्टरों को नई पोस्टिंग के साथ नए जिलों का कमान भी सौंपा गया है. आदेश के मुताबिक 6 तहसीलदारों को डिप्टी कलेक्टर पद पर पदोन्नत करते हए जनपद CEO बनाया गया है।

    देखिए सूची-
  • नाराज हुए मोहन मरकाम, कांग्रेस मीडिया विभाग के दो प्रमुख लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी होने की खबर…

    नाराज हुए मोहन मरकाम, कांग्रेस मीडिया विभाग के दो प्रमुख लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी होने की खबर…

    रायपुर। कांग्रेस पार्टी के भीतरखाने से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है. प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम बेहद नाराज बताए जा रहे हैं. उनकी नाराजगी की वजह संगठन का मीडिया विभाग है. दरअसल मसला प्रवक्ताओं के प्रशिक्षण से जुड़ा हुआ है. बीते दिनों संगठन ने टीवी डिबेट में जाने वाले प्रवक्ताओं के लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम रखा था।

    प्रशिक्षण के दौरान प्रवक्ताओं को मोहन मरकाम ने संबोधित किया था. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में मोहन मरकाम के नाम का जिक्र करते हुए यह खबर प्रकाशित की गई कि उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस के प्रवक्ता बीजेपी प्रवक्ताओं से पिटकर आते हैं।

    मीडिया रिपोर्ट्स में आए इन तथ्यों पर ही मोहन मरकाम की नाराजगी फूट पड़ी. कांग्रेस संगठन के सूत्र इस बात की तस्दीक करते हैं कि मीडिया विभाग के दोनों प्रमुखों से मरकाम ने गहरी नाराजगी जाहिर की है. बताते हैं कि उन्होंने कहा है कि संबोधन में जिन बातों का जिक्र नहीं किया गया, ऐसे तथ्य मीडिया रिपोर्ट्स में आखिर कैसे आ गए?

    सूत्र कहते हैं कि मोहन मरकाम ने यहां तक कह दिया कि मीडिया रिपोर्ट्स में ऐसी खबरें कैसे छप गई, ये मीडिया विभाग की जिम्मेदारी है कि सही और तथ्यात्मक जानकारी मीडिया तक जाए. मोहन मरकाम का गुस्सा यहीं नहीं थमा. सूत्रों का दावा है कि मरकाम ने तीन दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

    क्या बोले कांग्रेस के नेता

    वहीं इस मामले में पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि राजनीति में ऐसी चर्चा होते रहती है. मैं तो अभी अपने क्षेत्र में हूं. मैं इस पर क्या कहूं।

  • व्हाट्सएप के जरिए ऑनलाइन कॉल गर्ल की होती थी सप्लाई…

    व्हाट्सएप के जरिए ऑनलाइन कॉल गर्ल की होती थी सप्लाई…

    नोएडा। पुलिस ने व्हाट्सएप के जरिए ऑनलाइन कॉल गर्ल सप्लाई कर के सेक्स रैकेट चलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. ये लोग व्हाट्सएप के माध्यम से डील करके कॉल गर्ल सप्लाई करते थे. पुलिस ने इस गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है. वहीं दो लड़कियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

    नोएडा पुलिस की एएचटीयू टीम ने व्हाट्सए के जरिए डील ऑनलाइन डील कर कॉल गर्ल सप्लाई कर सेक्स रैकेट चलाने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने इन दो को सी-81 सेक्टर 56 के गेस्ट हाउस के पास से गिरफ्तार किया है. पुलिस के पूछताछ में आरोपियों ने बताया की हम लोग व्हाट्सएप नंबर के माध्यम से लोगों से बात करके डील होने के बाद गाड़ी के माध्यम से लड़कियों को ग्राहकों के पास होटल या मकान में पहुंचा कर आते थे।

    ग्राहकों से इसके बदले 5 हजार से लेकर 20 हजार रुपए तक वसूली की जाती थी, वहीं लड़कियों को इसमें से 1500 प्रति ग्राहक दिया जाता था, पुलिस को इनके कब्जे से घटनाओं प्रयुक्त की जाने वाली एक कार, मोबाइल फोन और 24930 नगद रुपए बरामद हुए हैं।

  • पूर्व IG के सी अग्रवाल के खिलाफ सबूत खंगालने फिर पहुंची CID, करप्शन समेत लगे हैं कई गंभीर आरोप…

    पूर्व IG के सी अग्रवाल के खिलाफ सबूत खंगालने फिर पहुंची CID, करप्शन समेत लगे हैं कई गंभीर आरोप…

    अंबिकापुर। पूर्व IG आईपीएस केसी अग्रवाल के खिलाफ CID की टीम एक बार फिर सबूत खंगालने पहुंची है. सूत्रों के मुताबिक KC अग्रवाल के खिलाफ कई गंभीर शिकायत दर्ज हैं, जिसकी जांच की जा रही है. इसी जांच के सिलसिले में CID की टीम अंबिकापुर पहुंची है।

    KC अग्रवाल की बढ़ी मुश्किलें

    सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सीआईडी की 2 सदस्यीय टीम अंबिकापुर कोतवाली पहुंची हुई है. जहां KC अग्रवाल के खिलाफ साक्ष्य और दस्तावेज खंगाली.  सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कुछ देर तक कोतवाली में रही. थाना प्रभारी से कई विषयों पर चर्चा भी की.

    सबूत खंगालने फिर पहुंची CID

    सरगुजा के पूर्व IG आईपीएस केसी अग्रवाल के खिलाफ सीआईडी की टीम पूर्व में लंबित विभागीय और ग़ैर विभागीय जांच करने सरगुजा पहुंची है. IPS केसी अग्रवाल के खिलाफ विभागीय और गैर विभागीय गंभीर शिकायतें लंबे अरसे से लंबित हैं, जिसकी जांच जारी है.
    सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इसके बाद सीआईडी की टीम सरगुजा संभाग के अन्य जिलों में भी जांच करने जाएगी. जहां से IG आईपीएस केसी अग्रवाल के खिलाफ जांच करेगी।


    बता दें कि KC अग्रवाल कई विवादों में फंस चुके हैं. उन्हें मार्च 2019 में सरगुजा का आईजी बनाया गया था. 9 महीने तक सेवा देने के बाद वे 31 मार्च 2020 को रिटायर हुए थे. आईजी जब जनवरी में रिटायर हुए तो शहर के महामाया पहाड़ स्थित ऑक्सीजोन पार्क में पार्टी दी गई थी. इसमें शराबखोरी की तस्वीरें भी वायरल हुई थीं. इस पार्टी में भी डीएफओ समेत कई पुलिसकर्मी शामिल हुए थे.
    गौरतलब है कि पूर्व की रमन सरकार ने पूर्व आईजी केसी अग्रवाल को कई भ्रष्टाचार के मामलों में लिप्त होने पर जबरन रिटायर कर दिया था. राज्य सरकार के इस फैसले को चुनौती देने पर हाई कोर्ट ने उन्हें राहत दी थी. उन्होंने फिर नौकरी ज्वाइन की थी।

  • छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र हो सकता है 26 जुलाई से शुरू, जल्द जारी होगी अधिसूचना…

    छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र हो सकता है 26 जुलाई से शुरू, जल्द जारी होगी अधिसूचना…

    रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 26 जुलाई से शुरू हो सकता है. विधानसभा का यह सत्र 5 दिनों तक चल सकता है. फिलहाल इस संबंध में सचिवालय की ओर कोई निर्देश जारी नहीं हुआ है।लेकिन इसको लेकर अधिसूचना जल्द जारी हो सकती है।

    बता दें कि कोरोना संक्रमण के चलते बजट सत्र को 12 दिन पहले ही स्थगित करना पड़ा था. अभी प्रदेश संक्रमण कमजोर स्थिति में है, जिसको देखते हुए विधानसभा का मानसून सत्र बुलानी की तैयारी चल रही है. मानसून सत्र में कोविड गाइडलान का पूर्णत: पालन कराया जाएगा।

  • पति की हत्या कर Google से लाश को ठिकाने लगाने का आईडिया पूछना पड़ा महँगा….

    पति की हत्या कर Google से लाश को ठिकाने लगाने का आईडिया पूछना पड़ा महँगा….

    गूगल के सब पता है ? शायद नहीं लेकिन आप जो भी करते हैं गूगल सबको बात जरूर देता है। यही हुआ जब एक महिला ने अपनी पति की हत्या कर गूगल से लाश ठिकाने लगाने का तरीका पूछ लिया। गूगल ने यह तरीका तो नहीं बताया उल्टा पत्नी पुलिस के गिरफ्त में आ गई।

    मामला मध्य प्रदेश के हरदा जिले का है जहां एक महिला ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी। पत्नी को पति की लाश ठीकाने लगाने का आइडिया नहीं आया तो उसने गूगल पर सर्च करके लाश ठिकाने लगाने की जानकारी ली। माना की गूगल हर सवाल का जवाब है लेकिन इस तरह क्राइम के लिए गूगल के पास भी जवाब नहीं होते हैं।

    इस घटना के बाद पुलिस ने आरोपी महिला तबस्सुम और उसके प्रेमी इरफान को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि प्रेमी भी मृतक का दोस्त ही था। एसपी हरदा ने बताया कि हरदा में कल खेड़ीपुरा नई आबादी क्षेत्र में 18 जून को आमिर की हत्या हो गई थी। पुलिस ने 36 घण्टे के अंदर हत्या का खुलासा कर दिया। पुलिस की जांच में पता चला कि हत्या आमिर की पत्नी तबस्सुम और उसके प्रेमी इरफान ने की है।

  • बिलासपुर हाईकोर्ट की छत्तीसगढ़ पर बड़ी टिप्पणी…

    बिलासपुर हाईकोर्ट की छत्तीसगढ़ पर बड़ी टिप्पणी…

    बिलासपुर हाईकोर्ट में उस समय राज्य सरकार की फजीहत हो गई जब कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश जस्टिस प्रशांत मिश्रा ने तल्ख टिप्पणी कर डाली कि छत्तीसगढ़ में कोई स्मार्ट सिटी नहीं है पूरा राज्य गोबर राज्य है। जस्टिस मिश्रा ने यह कड़ी टिप्पणी एम.एम.पी.वाटर स्पोर्ट्स बनाम छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की याचिका की सुनवाई करते हुए की है।
    दरअसल स्वामी विवेकानंद सरोवर बूढा तालाब रायपुर में वाटर स्पोर्ट्स के दोबारा टेंडर करने को लेकर एमएमपी वाटर स्पोर्ट्स द्वारा बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई है। याचिका में छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के अलावा रायपुर नगर निगम और रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड को भी पक्षकार बनाया गया था।

    बूढ़ा तालाब रायपुर में वाटर स्पोर्ट्स का टेंडर पूर्व में एम.एम.पी वाटर स्पोर्टस् को दिया गया था, लेकिन कतिपय आधारों पर बाद में इसका दोबारा टेंडर निकाले जाने पर एमएमपी वाटर स्पोर्ट्स ने हाईकोर्ट बिलासपुर में याचिका लगाई गई थी जिस पर मंगलवार को सुनवाई हुई। मामले में स्मार्ट सिटी रायपुर, नगर निगम रायपुर और वाटर स्पोर्ट्स से जुड़े तथ्यों पर बहस के दौरान जस्टिस प्रशांत मिश्रा ने यह टिप्पणी कर दी कि यहाॅं कोई स्मार्ट सिटी नहीं है, पूरा राज्य गोबर राज्य है।
    राज्य बनने के बाद यह पहला मौका होगा, जब हाईकोर्ट ने ऐसी गंभीर टिप्पणी की हो।

  • मंत्रालय सेवा भर्ती नियम में किया संशोधन,अब मैट्रिक पास नहीं बन पाएंगे अनुभाग अधिकारी,पदोन्नति तभी जब डिग्री रहेगी….

    मंत्रालय सेवा भर्ती नियम में किया संशोधन,अब मैट्रिक पास नहीं बन पाएंगे अनुभाग अधिकारी,पदोन्नति तभी जब डिग्री रहेगी….

    रायपुर। मंत्रालय में अब मैट्रिक पास नहीं बन पाएंगे अनुभाग अधिकारी, अवर सचिव और उप सचिव, पदोन्नति तभी जब डिग्री रहेगी।

    मंत्रालय भर्ती सेवा अधिनियम में संशोधन करते हुए सामान्य प्रशासन विभाग ने पदोन्नति के समय कर्मचारी के पास स्नातक की उपाधि होना अनिवार्य कर दिया है। इस संशोधन के अनुसार अब हायर सेकेंडरी पास अनुभाग अधिकारी, अवर सचिव और उप सचिव नहीं बन पाएंगे।

    सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव डीडी सिंह ने बताया कि पदोन्नति के लिए अनुभव और अन्य अर्हता होने के बाद अब स्नातक की उपाधि अभ्यर्थी के पास होने पर ही राजपत्रित पदों पर पदोन्नति मिल पाएगी। मंत्रालय सेवा में अब तक लिपिक और अन्य पदों में भर्ती के दौरान हायर सेकेंडरी और इंटरमीडिएट के साथ टायपिंग पास होने की योग्यता तय थी। इन पदों पर भर्ती के बाद समयनुसार पदोन्नति ओर अन्य लाभ मिलता था। इन पदों में भर्ती हुए कई लोग अवर सचिव और उप सचिव पद तक पहुंचे हैं। अब नए नियम के तहत उन लोगों को पदोन्नति पाने के लिए स्नातक की उपाधि होना अनिवार्य किया गया है। जीएडी ने इस संबंध में स्पष्ट किया है कि तीन और पांच वर्ष के अनुभव के अलावा स्नातक उपाधि नहीं होने पर राजपत्रित पदों पर पदोन्नति के लिए विचार नहीं किया जाएगा।

    लगातार उठ रही थी मांग
    छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद से इसे लेकर लगातार मांग उठ रही थी कि मंत्रालय सेवा और उसके बाहर काम कर रहे कर्मचारियों की पदोन्नति के अर्हता में असमानता को दूर किया जाए। कई कर्मचारी संगठनों ने इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग को अवगत कराया था कि मंत्रालय में सभी कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति का लाभ मिलता है। मंत्रालय के बाहर पदस्थ लोगों का अर्हता के नाम पर पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पाता। कर्मचारी संगठनों ने नियम में संशोधन के निर्णय का स्वागत किया है।
    अब आएगी एकरूपता
    राज्य में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों में केवल अनुभव के आधार पर पदोन्नति दे दी जाती थी। सेवाकाल के आधार पर उन्हें पदोन्नति का लाभ मिल जाता था। जीएडी द्वारा अर्हता तय किए जाने के बाद अब पदोन्नति में एकरूपता आएगी।

  • आईजी डांगी थानों का करेंगे आकस्मिक निरीक्षण….

    आईजी डांगी थानों का करेंगे आकस्मिक निरीक्षण….

    बिलासपुर। आईजी रतनलाल डांगी पुलिस के कार्यों में कसावट लाने रेंज के सभी जिलों का भ्रमण जुलाई के पहले सप्ताह से करेंगे. वे प्रत्येक महीने जिले के एक से दो थानों का आकस्मिक निरीक्षण करने जाएंगे. इस दौरान वो आम लोगों के द्वारा की गई शिकायतों पर क्या कार्रवाई की गई है, इस सबंधं में पूछताछ करेंगे. साथ ही स्थानीय लोगों से पुलिस कि कार्यप्रणाली का सामान्य फीडबैक लेंगे. स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं मीडिया कर्मियों से भी पुलिस के कार्यों को बेहतर करने के लिए चर्चा एवं सुझाव लेंगे।

    इसके अलावा आईजी रतनलाल डांगी थाना परिसर का रखरखाव, स्टाफ का टर्न आउट देखने के साथ ही उनकी व्यक्तिगत समस्याओं को भी सुनेंगे. थानों के जब्ती माल का रख रखाव, पुलिस रिकॉर्ड का रख रखाव-वीसीएनबी, गुंडा बदमाश चैकिंग रजिस्टर, फैना रजिस्टर, मुलाहिजा रजिस्टर, मर्ग रजिस्टर, माल खाने का भौतिक सत्यापन विशेषकर कीमती जेवरात, ग्राम भ्रमण रजिस्टर इत्यादि का अवलोकन करेंगे. लंबित अपराधों/चालानों का समीक्षा किया जाएगा. साथ ही लंबे से फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए,स्थायी वारंटियों को पकड़ने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी समीक्षा करेंगे।