Author: Sunil Agrawal

  • Google पर लगा गंभीर आरोप, लग सकता है भारी जुर्माना…

    Google पर लगा गंभीर आरोप, लग सकता है भारी जुर्माना…

    Google अपने Android सॉफ्टवेयर की बदौलत भारत के स्मार्टफोन बाजार में ‘दादागिरी’ करती है. ये हम नहीं बल्कि भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) की एक जांच रिपोर्ट कहती है. इस जांच रिपोर्ट के हिसाब से भारत के 98% स्मार्टफोन मार्केट पर Google के Android ऑपरेटिंग सिस्टम का कब्ज़ा है. CCI ने Google के खिलाफ स्मार्टफोन बनाने वाली कई कंपनियों से मिली शिकायत के बाद अप्रैल 2019 में ये जांच शुरू की थी. लगभग दो साल चली जांच के बाद तैयार 750 पेज की एक रिपोर्ट में Google को ना सिर्फ अपनी हैसियत का गलत फायदा उठाने (दादागिरी करने) का दोषी पाया गया. बल्कि ये भी देखा गया कि मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम और इससे जुड़े बाजार में वो गैर-प्रतिस्पर्धी, अनुचित और प्रतिबंधित व्यापार गतिविधियों को अपनाती है. इस जांच में CCI ने Apple, Microsoft, Amazon, Paytm, PhonePe, Mozila, Samsung, Xiaomi, Vivo, Oppo और Karbonn जैसी कंपनियों से भी सवाल किए.

    CCI के जांच पैनल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि Google, सर्च (Google Search), म्यूजिक (YouTube), ब्राउंजिंग (Chrome) और ऐप लाइब्रेरी (Play Store) के बाजार में अपना दबदबा बनाए रखने के लिए इनोवेशन और प्रतिस्पर्धा को दरकिनार करती है. टीओआई की खबर के मुताबिक वह मोबाइल फोन बनाने वाली कंपनियों से एकतरफा अनुबंध करती है और ऐप डेवलपरों पर अपनी शर्तें लगाती है ताकि उसकी खुद की ऐप का दबदबा कायम रहे.

    जांच रिपोर्ट में Google को प्रतिस्पर्धा कानून की धारा-4(2)(a)(i),धारा-4(2)(b),धारा-4(2)(c),धारा-4(2)(d) और धारा-4(2)(e) के तहत दोषी पाया गया. जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि Google अधिकतर मोबाइल बनाने वाली कंपनियों को Android लाइसेंस के साथ अपनी कुछ विशेष शर्तें भी लगाती है और उन्हें Google Mobile Services (GMS) सुइट देती है, जिसमें गूगल प्ले स्टोर, क्रोम और यूट्यूब जैसी ऐप को बंडल बनाकर दिया जाता है.

    देश में मोबाइल हैंडसेट बनाने वाली अधिकतर कंपनियों की मांग रही है कि Google उन्हें ‘bare Android version’ उपलब्ध कराए और इसकी जरूरत Mobile Application Distribution Agreement को साइन करने के लिए पड़े. अब इस रिपोर्ट के आधार पर अगर CCI गूगल को इन सबके लिए जिम्मेदार पाता है तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है. वहीं उसे इस तरह की गतिविधियों को रोकने का आदेश भी दिया जा सकता है. CCI बाजार में प्रतिस्पर्धा को बनाए रखने और एकाधिकार को रोकने के लिए काम करने वाली नियामक संस्था है।

  • विद्युत विभाग ने मनाई विश्वकर्मा जयंती….

    विद्युत विभाग ने मनाई विश्वकर्मा जयंती….

    खरसिया। देव शिल्पी बाबा विश्वकर्मा जयंती के पावन अवसर पर खरसिया विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने कार्यालय में धूमधाम से देवशिल्पी विश्वकर्मा की जयंती मनाई गयी, तथा इस अवसर पर प्रसाद रूपी भण्ड़ारे का आयोजन भी किया गया था।


    विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने कार्यालय परिसर में ही भगवान विश्वकर्मा का पूजन किया तत्पश्चात प्रसाद रूपी भण्ड़ारे का आयोजन किया इस अवसर पर सहायक अभिंता बलराम साहू, कनिष्ठ अभियंता मदनलाल नायक, कनिष्ठ अभियंता पूजा टोपनो, विवेक विश्वकर्मा, लाईनमेन मनसा राम, संतोष साहू रतिराम पटेल, गणेश सिदरा, नीरज राठौर, तारेन्द्र सिदार, अनिल, मिश्रीलाल, भूजेन्द्र पटेल, नरेश, लेखू, दीनू, अजय, देवी प्रसाद, खरसिया के पूर्व सहायक अभियंता नरेन्द्र कुमार नायक तथा सेवानिवृत्त लाईन्मेन गंगा, अजय, सुनील, रामनारायण ज्योतिष, जितेश, विकास, मेहमद, अजय सोनी, कु आरती, डोल बाई, कुशी बाई, सुलोचना, हेमप्रसाद सहित विभाग के अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • जज की चेतावनी के बावजूद दुर्व्यवहार, ऊंची आवाज़ में बहस करने के आरोप में वकील के खिलाफ दिल्ली की अदालत ने आपराधिक कार्यवाही शुरू की…

    जज की चेतावनी के बावजूद दुर्व्यवहार, ऊंची आवाज़ में बहस करने के आरोप में वकील के खिलाफ दिल्ली की अदालत ने आपराधिक कार्यवाही शुरू की…

    दिल्ली की एक अदालत ने एक वकील के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू की है, जिस वकील पर कथित तौर पर न्यायाधीश की चेतावनी के बावजूद फिज़िकल सुनवाई के दौरान कोर्ट चैंबर में दुर्व्यवहार करने और अभियोजक के साथ ऊंची आवाज़ में बात करने का आरोप है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शिवाजी आनंद एक व्यक्ति की ओर से अंतरिम जमानत की मांग करने वाले एक वकील की दलीलें सुन रहे थे, जिस दौरान उस वकील ने सरकारी वकील पर उनका मजाक बनाने का आरोप लगाया था। हालांकि, अदालत द्वारा बार-बार वकील को चेतावनी देने के बावजूद, वकील ने अपनी तेज़ आवाज जारी रखी।

    न्यायाधीश ने इस तरह के व्यवहार को गंभीरता से लेते हुए वकील से लिखित स्पष्टीकरण मांगा कि वह यह बताएं कि बार-बार चेतावनी के बाद भी उन्होंने अपने दुर्व्यवहार से कार्यवाही बाधित क्यों की? सुनवाई की अगली तारीख पर वकील ने कहा था कि वह इस मामले में कोई लिखित स्पष्टीकरण दाखिल नहीं करना चाहते। इसे देखते हुए न्यायाधीश ने इस प्रकार आदेश दिया: “वकील को सलाह दी गई थी कि उनका ऐसा रुख अपराध की श्रेणी में आ सकता है, फिर भी उन्होंने इस संबंध में कोई लिखित या मौखिक स्पष्टीकरण देने से इनकार कर दिया। यहां तक कि उन्हें अपने इस तरह के कृत्य के लिए पछतावा भी नहीं है, इसलिए इस संबंध में आईपीसी की धारा 228 और आईपीसी और धारा 179 के तहत आगे की कार्यवाही के लिए मिसलेनियस केस दर्ज किया जाए।

    पिछले आदेश दिनांक 08/09/2021 की प्रति के साथ इस आदेश की प्रति को उक्त मिसलेनियस फाइल में रखा जाए। मामला 21/09/2021 को सुना जाएगा। इस आदेश की प्रति अभियोजन पक्ष को भिजवाई जाए।” वकील मेडिकल आधार पर अपने मुवक्किल के लिए अंतरिम जमानत की मांग कर रहा था कि 60 वर्षीय व्यक्ति होने के नाते वह कई बीमारियों और स्वास्थ्य जटिलताओं से पीड़ित है, जिसके मद्देनजर उसे अंतरिम जमानत का लाभ दिया जाना चाहिए। हालांकि, अदालत ने इस तथ्य पर ध्यान देते हुए अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया कि उनकी पिछली अंतरिम जमानत याचिका, इसी तरह के आधार पर अदालत द्वारा खारिज कर दी गई थी।

  • कलेक्टर श्री भीम सिंह ने जारी किया आदेश, वैवाहिक कार्यक्रम में अब 100 एवं अन्य कार्यक्रमों में 50 व्यक्तियों को शामिल होने की मिली अनुमति….

    कलेक्टर श्री भीम सिंह ने जारी किया आदेश, वैवाहिक कार्यक्रम में अब 100 एवं अन्य कार्यक्रमों में 50 व्यक्तियों को शामिल होने की मिली अनुमति….


    रायगढ़। कलेक्टर श्री भीम सिंह द्वारा कोरोना वायरस के संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए वैवाहिक कार्यक्रम में अधिकतम 50 व्यक्तियों के सम्मिलित होने की अनुमति दी गई थी। वर्तमान में जिला रायगढ़ में कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण तथा पॉजिटीव मरीजों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। अतएव उक्त आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए वैवाहिक कार्यक्रम में अब अधिकतम 100 एवं अन्य कार्यक्रमों में 50 व्यक्तियों को विभिन्न शर्तों के तहत सम्मिलित होने की अनुमति दी गई है। जिसके अंतर्गत मैरिज हॉल संचालक कार्यक्रम में सम्मिलित होने वाले व्यक्तियों का नाम पता एवं मोबाईल नम्बर की जानकारी रजिस्टर में संधारित करेंगे। कार्यक्रम के आयोजन हेतु नियमानुसार संबंधित अनुविभाग के अनुविभागीय दण्डाधिकारी से लिखित में अनुमति लेना होगा। कार्यक्रम में सम्मिलित होने वाले व्यक्तियों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य होगा। कार्यक्रम में शामिल होने वाले व्यक्तियों को मास्क पहनना एवं समय-समय पर साबुन से हाथ धोना, सेनेटाईज करना अनिवार्य होगा। कार्यक्रम के दौरान कोविड-19 के समस्त गाईड लाईन का पालन करना अनिवार्य होगा। गाईडलाईन का उल्लंघन करते पाये जाने पर भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 188, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51-60 के तहत संचालक एवं संबंधित आयोजक के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

  • श्री श्याम अखण्ड ज्योति पाठ 17 सितम्बर को, दुसरे दिन बटेगा खीर,चुरमा,चांवल सब्जी, खिचडी का भोग…

    श्री श्याम अखण्ड ज्योति पाठ 17 सितम्बर को, दुसरे दिन बटेगा खीर,चुरमा,चांवल सब्जी, खिचडी का भोग…

    खरसिया। नगर की धार्मिक संस्था श्री श्याम कुटुम्ब द्वारा श्री श्याम अखण्ड ज्योति पाठ 17 सितम्बर 2021, शुक्रवार को आयोजित हैं। 18 सितम्बर को अखण्ड ज्योत जलाई जाएगी एवं खीर,चूरमा, चांवल सब्जी, खिचड़ी का प्रसाद श्याम बिहारी मंदिर में भोग के रूप में लगाया जाएगा। नगर की धार्मिक संस्था श्री श्याम कुटुम्ब द्वारा भादो शुक्ल एकादशी 17 सितम्बर को दोप. 1 बजे से श्रीश्याम अखंड ज्योति पाठ एवं दुसरे दिन 18 सितम्बर को प्रातः 7ः30 बजे बाबा की ज्योत एवं उसके पश्चात दोपहर 12ः30 बजे चांवल सब्जी एवं रात्रि 7ः30 बजे बाबा के आरती के पश्चात खिचड़ी का भोग लगाया जाएगा।
    श्याम कुटुम्ब के अध्यक्ष विजय अग्रवाल ने बताया कि श्याम कुटुम्ब द्वारा विगत 13 वर्षो से प्रत्येक शुक्ल पक्ष का एकादशी को श्रीश्याम अखंड ज्योति पाठ का वाचन श्री श्याम कुटुम्ब द्वारा किया जाता रहा हैं। जिसके तहत 17 सितम्बर भादो शुक्ल पक्ष की ग्यारस कोे श्री श्याम अखंड ज्योति पाठ श्री श्याम बिहारी मंदिर में दोप. 1 बजे से प्रारंभ किया जाएगा। जिसके मुख्य जजमान श्री राजु पटले, गोविन्द कॉलोनी होंगे। श्याम कुटुम्ब के संस्थापक मुकेश मित्तल ने जानकारी देते हुए बताया कि बाबा श्याम के भक्तों के लिए शुक्लपक्ष की ग्यारस का दिन तो बडा ही फलदायी होता है। शुक्ल पक्ष की ग्यारस के दिन जो भी भक्त बाबा श्याम से अरदास करता है उसकी मनोकामना निश्चित रुप से पूरी होती है। श्याम पाठ के दौरान श्री श्याम पाठ में बैठने के लिए सैकडो भक्तों की व्यवस्था की गई है। रात्रि 7.30 बजे पाठ विश्राम कर आरती करने के पश्चात प्रसाद वितरण किया जावेगा । श्याम बिहारी मंदिर में गुब्बारों एवं रंग बिरंगी झालरों से मंदिर को सजाया जावेगा। श्याम पाठ में बाबा के जन्म के पश्चात सभी भक्तों को बधाईया बांटी जायेगी । दुसरेे दिन 18 सितम्बर को सुबह प्रातः 7ः30 बजे बाबा की ज्योत प्रज्वलित की जाएगी एवं आरती कर खीर,चुरमा का प्रसाद लगाया जाएगा। रात्रि 07ः30 बजे बाबा की आरती कर खीचड़ी का भोग लगाया जायेगा । श्री श्याम कुटुंब के संस्थापक मुकेश मित्तल अध्यक्ष विजय अग्रवाल, सत्यनारायण अग्रवाल, बजरंग अग्रवाल, कैलाश सपना, पूनम अग्रवाल, शंकर अग्रवाल, हरीष शर्मा, विनोद ए.आर., राजेश बंसल, मनोज बाऊ,लक्ष्मीनारायण फगुरम , कैलाश प्रेस, मनोज ऐरन, रमेश वकील,सचिन अग्रवाल, निकुंज टेंट, कन्हैया शर्मा, संदीप बरेलिया, संजय एस.आर.एम., मनोज कबुलपुरीया, रामभरोस अग्रवाल, कन्हैया शर्मा, आदि श्याम भक्त ने तन मन से लगे हुए थे।

    प्रातः 7ः30 बजे खीर चुरमा का प्रसाद
    शुक्ल पक्ष बारस के पावन अवसर पर 18 सितम्बर को श्री श्याम बिहारी मंदिर में प्रातः 07ः25 पर बाबा की ज्योति प्रज्जवलीत कर आरती करने के प्श्चात खीर चुरमा का प्रसाद श्री अंगनूराम महावीरप्रसाद एवं नरेश अग्रवाल ऐडू, विनय अग्रवाल, हमालपारा, खरसिया, श्रीमति निशा आशीष बेरीवाल, रायगढ़ के द्वारा बाबा को अर्पण कर भक्तों के बीच वितरण किया जावेगा ।

    दोपहर 12ः30 बजे से सब्जी चांवल का महाप्रसाद
    संस्था द्वारा शुक्ल पक्ष की प्रत्येक बारस को दोपहर 12ः30 बजे आरती के पश्चात चांवल सब्जी का वितरण प्रत्येक माह में किया जाना है जिसके तहत संस्था द्वारा शुक्ल बारस 18 सितम्बर को दोपहर 12ः00 बजे बाबा श्याम की भोग आरती के पश्चात श्री मंगल ट्रेडर्स द्वारा भक्तों को सब्जी चांवल का महा प्रसाद वितरण किया जावेगा ।

    रात्रि 07ः30 बजे बाबा श्याम को लगेगा खिचड़ी का भोग
    श्री श्याम कुटुम्ब द्वारा संचालित श्री श्याम बिहारी मंदिर में शुक्ल पक्ष की प्रत्येक बारस को बाबा श्याम को खिचड़ी का प्रसाद लगाया जाता है उसी के तहत सुदी बारस को भी 18 सितम्बर को संध्या 07ः30 बजे बाबा श्याम की आरती के प्श्चात श्री महावीर प्रसाद सुनिलकुमार के.बी. द्वारा सभी भक्तों को खिचड़ी का प्रसाद बाटा जावेगा ।

  • 6 एएसपी हुए इधर से उधर, शासन ने किया आदेश जारी…

    6 एएसपी हुए इधर से उधर, शासन ने किया आदेश जारी…

    छत्तीसगढ़ शासन ने 6 एडिशनल एसपी का तबादला कर दिया है । जिसमें गरियाबंद मरवाही कोरिया बिलासपुर रायगढ़ रायपुर शामिल है ।

    जारी आदेश में अभिषेक वर्मा को रायगढ़ से कोरबा भेजा गया है , वहीं लखन पटले को रायपुर से रायगढ़ पदस्थ किया गया है ।

  • राज्य सरकार ने किया 96 राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों का तबादला….

    राज्य सरकार ने किया 96 राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों का तबादला….

    छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने राज्य प्रशासनिक सेवा के 96 अधिकारियों का तबादला किया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव डी०डी० सिंह ने आदेश जारी कर दिया है।

  • IPS अधिकारियों का तबादला: अजय यादव बने सरगुजा के प्रभारी IG….

    IPS अधिकारियों का तबादला: अजय यादव बने सरगुजा के प्रभारी IG….

    रायपुर। राज्य सरकार ने प्रशासनिक आधार पर भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के दो अधिकारियों को नई पदस्थापना दी है. आईपीएस अजय कुमार यादव को सरगुजा रेंज का प्रभारी पुलिस महानिरीक्षक (IG) बनाया गया है.

    वहीं आईपीएस (IPS) विवेक शुक्ला को रायपुर पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (कानून व्यवस्था) नियुक्त किया गया है.

    अजय यादव के चार्ज लेने के बाद आईपीएस रतनलाल डांगी सरगुजा रेंज आईजी की अतिरिक्त प्रभार से मुक्त हो जाएंगे

  • अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती प्रतिभा पाण्डेय एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी जशपुर श्री राजेन्द्र सिंह परिहार की उपस्थिति में ग्राम खरसोता चौकी मनोरा में ग्राम चौपाल/चलित थाना का आयोजन किया गया….

    अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती प्रतिभा पाण्डेय एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी जशपुर श्री राजेन्द्र सिंह परिहार की उपस्थिति में ग्राम खरसोता चौकी मनोरा में ग्राम चौपाल/चलित थाना का आयोजन किया गया….

    उक्त चलित थाना में गणमान्य नागरिक बी.डी.सी. श्री दिनेश्वर भगत, सरपंच श्री अभय कुमार भगत ग्राम पंचायत खरसोता, सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री राजेन्द्र प्रधान एवं अन्य ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

    पुलिस महानिदेशक छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार ”रूरल पुलिसिंग“ बढ़ाये जाने की आवश्यकता के मद्देनजर थाना/चौकी के ग्रामों में जाकर स्थानीय ग्राम प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के साथ सार्वजनिक स्थानों पर बैठकर गांव की समस्या, विवाद एवं शिकायतों के संबंध में जानकारी लेकर उनका निराकरण करने का प्रयास करना अत्यंत आवश्यक हैै। इसी तारतम्य में आम जनता एवं पुलिस के मध्य मधुर संबंध स्थापित करने एवं सूचना तंत्र को प्रभावी ढंग से स्थापित करने के उद्देष्य से दिनांक 11.09.2021 को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जशपुर एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी जशपुर पुलिस चौकी मनोरा क्षेत्र के ग्राम खरसोता में आयोजित ग्राम चौपाल/चलित थाना में उपस्थित हुए, उपस्थित जनसमूह को मानव-तस्करी, पशु तस्करी, एटीएम फ्रॉड, मोटर व्हीकल एक्ट, पॉक्सो एक्ट, ऑनलाईन ठगी, सायबर अपराध से संबंधित जानकारी, टोनही प्रताड़ना एवं अवैध शराब के बारे में बताया गया, नक्सली गतिविधि की सूचना तत्काल देने हेतु कहा गया, साथ ही लोगों की समस्याओं को मौके पर सुनकर उनका निराकरण करने का प्रयास किया गया। उक्त चलित थाना में उपस्थित विधार्थियों को शिक्षा के महत्व को बताते हुये कहा गया कि सभी अपने बच्चों को जरूर पढ़ाये, शिक्षा से हम बेहतर जीवन जीने के साथ-साथ उज्जवल भविष्य का निर्माण कर सकते हैं। लाटरी व ईनाम मिलने के मैसेज व फर्जी काल पर विष्वास न करें, इनके प्रलोभन में न फंसे। ग्राम में बाहर से आने वाले लोगों की पहचान कर तत्काल पुलिस को अवगत करावें। उपस्थित लोगों ने इस कार्यक्रम को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की। पुलिस एवं आम जन में एक-दूसरे के प्रति विश्वास एवं सहयोग की भावना में वृद्धि हुई।

  • गणेश चतुर्थी पर इस बार बन रहा है 6 ग्रहों का शुभ संयोग-कान्हा शास्त्री

    गणेश चतुर्थी पर इस बार बन रहा है 6 ग्रहों का शुभ संयोग-कान्हा शास्त्री

    व्यापारी वर्ग और शेयर बाजार के लिए होगा लाभकारी

    खरसिया। भाद्रपद चतुर्थी को गणपति स्थापना से आरंभ होकर चतुर्दशी को होने वाले विसर्जन तक गणपति विविध रूपों में पूरे देश में विराजमान रहते हैं। उन्हें मोदक तो प्रिय हैं ही, परंतु गणपति अकिंचन को भी मान देते हैं, अतः दूर्वा, नैवेद्य भी उन्हें उतने ही प्रिय हैं। गणेशोत्सव जन-जन को एक सूत्र में पिरोता है। अपनी संस्कृति और धर्म का यह अप्रतिम सौंदर्य भी है, जो सबको साथ लेकर चलता है। श्रावण की पूर्णता, जब धरती पर हरियाली का सौंदर्य बिखेर रही होती है, तब मूर्तिकार के घर-आँगन में गणेश प्रतिमाएँ आकार लेने लगती हैं। प्रकृति के मंगल उदघोष के बाद मंगलमूर्ति की स्थापना का समय आना स्वाभाविक है।
    पंडित कान्हा शास्त्री जी ने गणपति पूजन एवं पूजन का समय और पूजन विधि पर आगे प्रकाश डालते हुए बताया कि
    श्री गणेश जी हमारी बुद्धि को परिष्कृत एवं परिमार्जित करते हैं और हमारे विघ्नों का समूल नाश करते हैं। गणेश जी का व्रत करने से जीवन में विघ्न दूर होते हैं एवं सदा मंगल होता है। अतः अपने जीवन के सभी प्रकार के विघ्नों के नाश एवंशुचिता व शुभता की प्राप्ति के लिए हमें श्री गणेश जी की उपासना करनी चाहिए।

    गणेश चतुर्थी पर इस बार 6 ग्रहों का शुभ संयोग बन रहा है , जो व्यापारियों के लिए लाभकारी होगा . चतुर्थी पर इस बार छह ग्रह अपनी श्रेष्ठ स्थिति में होंगे , जिसमें बुध कन्या राशि में , शुक्र तुला राशि में , राहु वृषभ राशि में , शनि मकर राशि में , केतु वृश्चिक राशि तथा शनि मकर राशि में विद्यमान होंगे . ग्रहों की ये स्थिति कारोबार करने वाले जातकों के लिए शुभ है . व्यापारी वर्ग के मुनाफे में बढ़ोत्तरी होगा और शेयर बाजार में भी लाभ होगा . गणेश चतुर्थी पर इस बार रवियोग में पूजन होगा . लंबे समय बाद इस बार चतुर्थी पर चित्रा – स्वाति नक्षत्र साथ रवि योग का संयोग बन रहा है . चित्रा नक्षत्र शाम 4.59 बजे तक रहेगा और इसके बाद स्वाति नक्षत्र लगेगा . वहीं 9 सितंबर दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से अगले दिन 10 सितंबर 12 बजकर 57 मिनट तक रवियोग रहेगा , जो कि उन्नति को दर्शा रहा है . इस शुभ योग में कोई भी नया काम और गणपति पूजा मंगलकारी होगी .

    मध्याह्न गणेश पूजा – 11:04 से 13:32
    चंद्र दर्शन से बचने का समय – 09:12 से 20:54 (10 सितंबर 2021)
    चतुर्थी तिथि आरंभ- 00:17 (10 सितंबर 2021)
    चतुर्थी तिथि समाप्त- 21:57 (10 सितंबर 2021)

    श्री गणेश जी लोक मंगल के देवता हैं, लोक मंगल उनका उद्देश्य है परंतु जहाँ भी अमंगल होता है, उसे दूर करने के लिए श्री गणेश अग्रणी रहते हैं। गणेश जी रिद्वी और सिद्धी के स्वामी हैं। इसलिए उनकी कृपा से संपदा और समृद्धि का अभाव नहीं रहता है। श्री गणेश जी को दूर्वा और मोदक अत्यंत प्रिय है।

    श्री गणेश उत्सव का इतिहास अत्यंत प्राचीन है। गणेश जी को विघ्नहर्ता माना जाता है। इसका पौराणिक एवं आध्यात्मिक महत्व है। इस उत्सव का प्रारंभ छत्रपति शिवाजी महाराज जी के द्वारा पुणे में हुआ था। शिवाजी महाराज ने गणेशोत्सव का प्रचलन बड़ी उमंग एवं उत्साह के साथ किया था, उन्होंने इस महोत्सव के माध्यम से लोगों में जनजाग्रति का संचार किया। इसके पश्चात पेशवाओं ने भी गणेशोत्सव के क्रम को आगे बढ़ाया। गणेश जी उनके कुल देवता थे इसलिए वे भी अत्यंत उत्साह के साथ गणेश पूजन करते थे। पेशवाओं के बाद यह उत्सव कमजोर पड़ गया और केवल मंदिरों और राजपरिवारों में ही सिमट गया।

    स्वतंत्रता के पुरोधा लोकमान्य तिलक ने बनाया सार्वजनिक गणेशोत्सव को जन आंदोलन का माध्यम

    इसके पश्चात 1892 में भाऊसाहब लक्ष्मण जबाले ने सार्वजनिक गणेशोत्सव प्रारंभ किया। स्वतंत्रता के पुरोधा लोकमान्य तिलक, सार्वजनिक गणेशोत्सव की परंपरा से अत्यंत प्रभावित हुए और 1893 में स्वतंत्रता का दीप प्रज्ज्वलित करने वाली पत्रिका ‘केसरी’ में इसे स्थान दिया। उन्होंने अपनी पत्रिका ‘केसरी ‘ के कार्यालय में इसकी स्थापना की और लोगों से आग्रह किया कि सभी इनकी पूजा-आराधना करें, ताकि जीवन, समाज और राष्ट्र में विघ्नों का नाश हो। उन्होंने श्री गणेश जी को जन-जन का भगवान कहकर संबोधन किया। लोगों ने बड़े उत्साह के साथ उसे स्वीकार किया, इसके बाद गणेश उत्सव जन-आंदोलन का माध्यम बना। उन्होंने इस उत्सव को जन-जन से जोड़कर स्वतंत्रता प्राप्ति हेतु जनचेतना जाग्रति का माध्यम बनाया और उसमें सफल भी हुए। आज भी संपूर्ण महाराष्ट्र इस उत्सव का केंद्र बिन्दु है, परंतु देश के प्रत्येक भाग में भी अब यह उत्सव जन-जन को जोड़ता है।