Blog

  • रथ द्वितीया पर्व में मनाया जाएगा गायत्री शक्तिपीठ का 27 वां प्राण प्रतिष्ठा वार्षिक उत्सव..

    रथ द्वितीया पर्व में मनाया जाएगा गायत्री शक्तिपीठ का 27 वां प्राण प्रतिष्ठा वार्षिक उत्सव..

    रथ द्वितीया पर्व में मनाया जाएगा गायत्री शक्तिपीठ का 27 वां प्राण प्रतिष्ठा वार्षिक उत्सव.
    अशोक महाराज होंगे मुख्य अतिथि..

    खरसिया। गायत्री शक्तिपीठ खरसिया का 27 वा॑ वार्षिक उत्सव रथ द्वितीया दिनांक 16 जुलाई वार गुरुवार शाम 7 बजे वैदिक मंत्रों चार संगीतमय महाद्विप यज्ञ शान्ति कुंज हरिद्वार प्रतिनिधि श्री बृजमोहन जी के द्वारा संगीतमय महाद्विप यज्ञ सम्पन्न कराया जावेगा जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में मुंगलीपाली बरमकेला के भागवत प्रवक्ता विख्यात ज्योतिषाचार्य पंडित श्री अशोक कुमार जी उपस्थित रहेंगे तथा विशिष्ट अतिथि खरसिया नगरपालिका अध्यक्ष कमल गर्ग होंगे।
    गायत्री परिवार ट्रस्ट प्रबंधक ट्रस्टी सुरेश कबुलपुरिया ने बताया कि यह गायत्री शक्तिपीठ माताओ मां गायत्री मां लक्ष्मी मां दुर्गा की प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा शान्ति कुंज हरिद्वार वरिष्ठ आदरणीय डाक्टर श्री प्रणब पण्डाजी के कर कमलों में आषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वितीया रथ सवत 2056 को सम्पन्न हुआ है यह शक्तिपीठ खरसिया ह्रदय स्थल पर स्थित है भव्य सुंदर बड़ी प्रतिमा मां गायत्री मां लक्ष्मी मां दुर्गा के साथ परम पूज्य गुरुदेव श्री राम शर्मा जी माता भगवती देवी शर्मा की प्रतिमा विराजमान हैं। 16जुलाई शाम 7 बजे वैदिक मन्त्रों चार संगीतमय महाद्विप यज्ञ एवं आरती शान्ति पाठ के पश्चात बाद अमृत रूपी प्रसाद का विरतण किया जावेगा।
    गायत्री परिवार खरसिया ने सभी माताओं बहनों भाईयों से अपील की है कि उपरोक्त कार्यक्रम में परिवार सहित पहुंच कर माताओं का दर्शन कर अपने जीवन को धन्य बनावें। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विकास अग्रवाल, संदीप कबुलपुरिया, राकेश गर्ग, अंकित बंसल, राजेश अग्रवाल, अमित बंसल के साथ उप प्रबंधक ट्रस्टी जयप्रकाश, पवन अग्रवाल, श्रीमती कोशल्या देवी, श्रीमती विमला देवी, डाक्टर आर सी अग्रवाल, वासुदेव, सुरेश अग्रवाल कुडमकेला, प्रहलाद गर्ग, सुनील सुल्तानिया, घनश्याम अग्रवाल, सुनिल शर्मा सहित नगर के गणमान्य नागरिक तन मन से लगे हुए हैं।

  • अरूण चौधरी बने नगरीय निकाय प्रकोष्ट के जिला सह संयोजक.. प्रेस क्लब सहित नगर के पत्रकारों ने दी बधाई..

    अरूण चौधरी बने नगरीय निकाय प्रकोष्ट के जिला सह संयोजक.. प्रेस क्लब सहित नगर के पत्रकारों ने दी बधाई..

     

    खरसिया। वार्ड नं. 11 के सक्रिय एवं संघर्षशील पार्षद अरूण चौधरी को छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव की सहमति से एवं जिलाध्यक्ष अरूण धर दीवान एवं नगर पालिका अध्यक्ष कमल गर्ग की अनुशंसा पर भारतीय जनता पार्टी नगरीय निकाय प्रकोष्ठ द्वारा रायगढ़ जिला के सह संयोजक नियुक्त किया गया है। अरूण चौधरी के सह संयोजक नियुक्त होने पर वरिष्ठ भाजपा नेता गिरधर गुप्ता, बजरंग अग्रवाल, अशोक मंडी, गोपाल शर्मा, मंडल अध्यक्ष विजय शर्मा, विनोद कबूलपरिया, पूर्व मंडल अध्यक्ष राजेश घनसू, सतीष अग्रवाल, मंडल महामंत्रीद्वय मनीष रावलानी, आनंद अग्रवाल, मीडिया प्रभारी संतोष यादव, हनुमान अग्रवाल, हरिओम शर्मा, गिरधारी गबेल, संजय अग्रवाल, पार्षदगण दीपक अग्रवाल, ललित राठौर, राधे राठौर, विनोद सिदार, देवप्रसाद चौहान, कार्यालय मंत्री किशोर शर्मा सहित अनेक भाजपा नेताओं ने बधाई दी है।

    *प्रेस क्लब ने दी बधाई*

    विगत अनेक वर्षों से पत्रकार के रूप में अपने सामाजिक दायित्यों के निर्वाहन कर रहे नगर पालिका के पार्षद अरुण चौधरी को प्रेस क्लब खरसिया के अध्यक्ष अजय गब्बर, सुनील अग्रवाल, विकास ज्योति, मनीष अग्रवाल सहित नगर के सभी पत्रकारों ने बधाईयाँ देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।

  • बिलासपुर में सेक्सटॉर्शन गैंग का नया खेल, महिला शिक्षिका से 76 हजार की ठगी…

    बिलासपुर में सेक्सटॉर्शन गैंग का नया खेल, महिला शिक्षिका से 76 हजार की ठगी…

    बिलासपुर। जिले में साइबर अपराधियों ने ठगी का नया तरीका अपनाते हुए एक महिला शिक्षिका को सेक्सटॉर्शन का शिकार बना लिया। ठगों ने महिला को अश्लील वीडियो देखने का झूठा आरोप लगाकर डराया और एफआईआर दर्ज कराने व समाज में बदनाम करने की धमकी दी। डर और मानसिक दबाव में आकर शिक्षिका ने ठगों के बताए अनुसार अलग-अलग किश्तों में कुल 76,500 रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए।

    शिकायत मिलने के बाद साइबर सेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 28,993 रुपए की राशि होल्ड करा दी है। वहीं सिविल लाइन पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, सिविल लाइन थाना क्षेत्र में रहने वाली 42 वर्षीय शिक्षिका को 4 जुलाई को एक अज्ञात मोबाइल नंबर से फोन आया था। कॉल करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम सुनील बताया और महिला से कहा कि उसके मोबाइल से अश्लील वीडियो देखे जाने की जानकारी उसके पास है। आरोपी ने महिला को डराने के लिए दावा किया कि उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई जाएगी और उसकी कथित गतिविधियों को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा।

     

    आरोपी ने लगातार फोन पर महिला को धमकाया और कहा कि यदि उसने उसकी बात नहीं मानी तो उसे कानूनी कार्रवाई और बदनामी का सामना करना पड़ेगा। अचानक आए इस तरह के आरोप और धमकियों से महिला घबरा गई। आरोपी ने इसी डर का फायदा उठाते हुए महिला को एक क्यूआर कोड भेजा और फोन-पे के माध्यम से पैसे भेजने के लिए कहा। पुलिस के मुताबिक, आरोपी की धमकियों में आकर शिक्षिका ने पांच अलग-अलग किश्तों में कुल 76,500 रुपए ट्रांसफर कर दिए।

    इसके बाद जब उन्हें समझ आया कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुकी हैं तो उन्होंने तत्काल साइबर हेल्पलाइन और सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस की साइबर टीम सक्रिय हुई और बैंकिंग चैनलों के माध्यम से किए गए डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच शुरू की। कार्रवाई करते हुए साइबर सेल ने 28,993 रुपए की राशि होल्ड करा दी है। पुलिस अब आरोपी के मोबाइल नंबर, बैंक खातों और ऑनलाइन लेनदेन की जानकारी जुटाकर ठगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

    क्या होता है सेक्सटॉर्शन सेक्सटॉर्शन

    साइबर अपराध का एक तरीका है, जिसमें अपराधी किसी व्यक्ति को अश्लील फोटो, वीडियो या यौन गतिविधियों से जुड़े आरोपों के नाम पर डराकर पैसे वसूलते हैं। कई बार अपराधी फर्जी वीडियो, एडिटेड फोटो या झूठे स्क्रीनशॉट का इस्तेमाल कर लोगों पर मानसिक दबाव बनाते हैं। साइबर अपराधी अक्सर पीड़ित को बदनामी, पुलिस कार्रवाई या सामाजिक प्रतिष्ठा खराब होने का डर दिखाते हैं। इसी डर के कारण कई लोग बिना जांच किए ठगों के बताए खातों में पैसे भेज देते हैं। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, वीडियो कॉल या मैसेज के जरिए लगाए गए ऐसे आरोपों से घबराएं नहीं। यदि कोई व्यक्ति एफआईआर या बदनाम करने की धमकी देकर पैसे मांगता है तो तुरंत पुलिस और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।

  • अपोलो अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की दबिश, एयर एम्बुलेंस लापरवाही मामले की जांच शुरू…

    अपोलो अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की दबिश, एयर एम्बुलेंस लापरवाही मामले की जांच शुरू…

    बिलासपुर। अपोलो अस्पताल एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व महापौर स्वर्गीय राजेंद्र शुक्ला की मौत को लेकर उठे सवाल अभी शांत भी नहीं हुए थे कि अब एयर एम्बुलेंस से जुड़े कथित लापरवाही के मामले ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। मामले के तूल पकड़ने और कांग्रेस द्वारा आंदोलन की चेतावनी दिए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल की जांच शुरू कर दी है।

    रायपुर और बिलासपुर से पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने अस्पताल पहुंचकर रिकॉर्ड की जांच शुरू की। टीम मरीजों के उपचार, भर्ती प्रक्रिया, मेडिकल रिकॉर्ड, अस्पताल की व्यवस्थाओं और अन्य जरूरी दस्तावेजों का परीक्षण कर रही है। अधिकारियों ने विभिन्न विभागों से जानकारी जुटाते हुए संबंधित रिकॉर्ड का मिलान भी किया।

    एयर एम्बुलेंस मामले ने बढ़ाई मुश्किलें

    ताजा विवाद एक गंभीर मरीज को हैदराबाद रेफर करने के दौरान सामने आया। परिजनों का आरोप है कि एयर एम्बुलेंस समय पर उपलब्ध होने के बावजूद अस्पताल की अव्यवस्था के कारण मरीज को उसी दिन रवाना नहीं किया जा सका, जिससे उसकी हालत और बिगड़ गई।

    जानकारी के अनुसार, लोक निर्माण विभाग (PWD) में पदस्थ राजकुमार अग्रवाल को स्वास्थ्य खराब होने पर कुछ दिन पहले अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें हैदराबाद भेजने की सलाह दी, जिसके बाद परिवार ने करीब 13 लाख रुपये खर्च कर एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था की।

    अस्पताल पर गंभीर आरोप

    परिजनों का कहना है कि एयरपोर्ट तक मरीज को ले जाने के लिए अस्पताल ने अपनी एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराई। उन्हें निजी एम्बुलेंस की व्यवस्था करने को कहा गया। इतना ही नहीं, मरीज के साथ अस्पताल की ओर से न तो कोई डॉक्टर भेजा गया और न ही प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ मौजूद था। एयरपोर्ट पहुंचने के बाद मरीज की तबीयत बिगड़ गई और मेडिकल टीम ने उसे हैदराबाद ले जाने से मना कर दिया। इसके बाद मरीज को वापस अपोलो अस्पताल लाना पड़ा।

    अगले दिन हैदराबाद से विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम और विशेष चिकित्सा उपकरण बिलासपुर पहुंचे। मरीज की हालत स्थिर होने के बाद शाम को दोबारा एयर एम्बुलेंस से हैदराबाद भेजा गया। इस दौरान भी निजी एम्बुलेंस का उपयोग किया गया, हालांकि इस बार विशेषज्ञ टीम ने पहले पूरी चिकित्सा व्यवस्था का निरीक्षण किया और संतुष्ट होने के बाद ही मरीज को एयरपोर्ट ले जाने की अनुमति दी।

    परिजनों के मुताबिक, अस्पताल में इलाज, एयर एम्बुलेंस, अतिरिक्त हैंडलिंग शुल्क और विशेषज्ञ मेडिकल टीम सहित अब तक करीब 23 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। अकेले एयर एम्बुलेंस पर लगभग 13 लाख रुपये खर्च हुए, जबकि अस्पताल में इलाज और अन्य व्यवस्थाओं पर भी लाखों रुपये का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ा।

    जांच रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई

    स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं कांग्रेस ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पताल के विभिन्न रिकॉर्ड और प्रक्रियाओं की गहन जांच में जुटी हुई है।

  • US-Iran War: हत्या की धमकी पर डोनाल्ड ट्रंप का तेहरान को अल्टीमेटम, बोले- ईरान की ओर ‘1000 मिसाइलें लॉक्ड एंड लोडेड’

    US-Iran War: हत्या की धमकी पर डोनाल्ड ट्रंप का तेहरान को अल्टीमेटम, बोले- ईरान की ओर ‘1000 मिसाइलें लॉक्ड एंड लोडेड’

    पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार गहराता जा रहा है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उनके खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई या हत्या का प्रयास किया गया तो अमेरिका उसका करारा जवाब देगा। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

    डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में लिखा, ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की ओर 1,000 मिसाइलें ‘लॉक्ड एंड लोडेड’ हैं। अगर ईरानी सरकार दुनिया के किसी भी हिस्से में दी गई उस धमकी को अमल में लाती है, जिसमें अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति यानी मेरी हत्या या हत्या के प्रयास की बात कही गई है, तो तत्काल हजारों अतिरिक्त मिसाइलें दागी जाएंगी। इसके लिए आदेश पहले ही जारी किए जा चुके हैं। अमेरिकी सेना कम से कम एक वर्ष तक, जिसे आवश्यकता पड़ने पर बढ़ाया भी जा सकता है, ईरान के हर हिस्से को पूरी तरह तबाह करने की क्षमता, तैयारी और इच्छाशक्ति रखती है।’

    डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान ऐसे वक्त में आया है, जब इजरायल द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति के खिलाफ हत्या की साजिश से जुड़ी खुफिया जानकारी साझा की गई है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ता नजर आ रहा है।

  • अब बिना नोटिस नहीं हटा सकेंगे सरकारी जमीन से कब्जा, बिलासपुर हाईकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला…

    अब बिना नोटिस नहीं हटा सकेंगे सरकारी जमीन से कब्जा, बिलासपुर हाईकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला…

    छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सरकारी और रेलवे की जमीन से अवैध कब्जा हटाने की प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति को सरकारी या रेलवे की जमीन से बेदखल करने से पहले कानून के तहत स्पष्ट कारणों वाला नोटिस देना अनिवार्य है। बिना उचित नोटिस के की गई बेदखली की कार्रवाई प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं मानी जाएगी। इसी के साथ हाईकोर्ट ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) की ओर से दायर रिट याचिका को खारिज कर दिया।

    Bilaspur High Court: क्या है पूरा मामला?

    मामला बिलासपुर के बुधवारी बाजार क्षेत्र से जुड़ा है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने एक स्थानीय निवासी को रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जाधारी बताते हुए लोक परिसर (अनधिकृत कब्जाधारियों की बेदखली) अधिनियम, 1971 के तहत बेदखली का आदेश जारी किया था। इसके खिलाफ संबंधित व्यक्ति ने जिला न्यायालय में अपील दायर की।

    जिला कोर्ट ने रद्द किया था बेदखली आदेश

    15 मई 2026 को जिला कोर्ट ने अपील स्वीकार करते हुए रेलवे का बेदखली आदेश रद्द कर दिया था। अदालत ने मामले को सक्षम अधिकारी के पास वापस भेजते हुए निर्देश दिया था कि अधिनियम की धारा 4 के तहत स्पष्ट और वैध नोटिस जारी किया जाए तथा उसके बाद कानून के अनुसार दोबारा फैसला लिया जाए।

    रेलवे ने हाईकोर्ट में दी थी चुनौती

    जिला कोर्ट के फैसले को रेलवे ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। रेलवे की ओर से दलील दी गई कि संबंधित व्यक्ति को पहले ही नोटिस दिया जा चुका था और उसे अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर भी मिला था। इसलिए मामले को दोबारा सक्षम अधिकारी के पास भेजना अनावश्यक देरी पैदा करेगा।

    हाईकोर्ट ने क्यों खारिज की याचिका?

    हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड और जिला कोर्ट के आदेश का परीक्षण करने के बाद पाया कि रेलवे द्वारा जारी प्रारंभिक नोटिस में बेदखली के आधार और कारणों का स्पष्ट उल्लेख नहीं था। अदालत ने कहा कि केवल औपचारिक नोटिस देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसमें कार्रवाई के स्पष्ट कारण भी बताए जाने चाहिए, ताकि संबंधित व्यक्ति प्रभावी ढंग से अपना पक्ष रख सके।

    प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत पर दिया जोर

    अपने फैसले में हाईकोर्ट ने कहा कि प्राकृतिक न्याय (Natural Justice) का मूल सिद्धांत यह है कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ दंडात्मक या प्रतिकूल आदेश पारित करने से पहले उसे स्पष्ट कारणों के साथ नोटिस देकर जवाब देने का उचित अवसर दिया जाए। यदि नोटिस कानून के अनुरूप नहीं है, तो उस पर आधारित बेदखली की कार्रवाई भी वैध नहीं मानी जा सकती।

    क्या होगा इस फैसले का असर?

    इस फैसले के बाद सरकारी विभागों और रेलवे जैसी एजेंसियों को अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई से पहले नोटिस जारी करने की कानूनी प्रक्रिया का सख्ती से पालन करना होगा। साथ ही यह निर्णय स्पष्ट करता है कि बेदखली की कार्रवाई में भी कानून द्वारा निर्धारित प्रक्रिया और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है।

  • महादेव सट्टा एप पर ED की बड़ी कार्रवाई, 940.77 करोड़ की संपत्तियां जब्त, कुल अटैचमेंट 3,800 करोड़ रुपये पहुंचा….

    महादेव सट्टा एप पर ED की बड़ी कार्रवाई, 940.77 करोड़ की संपत्तियां जब्त, कुल अटैचमेंट 3,800 करोड़ रुपये पहुंचा….

    महादेव ऑनलाइन सट्टा एप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी विकास गर्ग और उनके परिवार के सदस्यों के स्वामित्व एवं नियंत्रण वाली संस्थाओं की करीब 940.77 करोड़ रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्तियां जब्त कर ली हैं। इस कार्रवाई के साथ ही मामले में अब तक जब्त की गई संपत्तियों का कुल मूल्य लगभग 3,800 करोड़ रुपये हो गया है।

    ईडी के रायपुर जोनल कार्यालय ने यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की है। जब्त की गई संपत्तियों में आवासीय भवन, भूमि, इक्विटी शेयर और अन्य प्रतिभूतियां (सिक्योरिटीज) शामिल हैं।

    ईडी ने अपनी जांच छत्तीसगढ़ के दुर्ग, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल समेत विभिन्न राज्यों में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। इन मामलों में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म के संचालकों, प्रमोटरों और सहयोगियों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप लगाए गए हैं।
    जांच में सामने आया कि यह सट्टेबाजी सिंडिकेट विदेश से संचालित फ्रेंचाइजी आधारित ‘पैनल’ नेटवर्क के जरिए काम कर रहा था। एजेंसी के अनुसार, इस नेटवर्क के माध्यम से हर महीने 450 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई की जा रही थी।

    ईडी की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज से अर्जित अवैध धन को शेल कंपनियों और फर्जी वित्तीय लेन-देन (अकोमोडेशन एंट्री) के जटिल नेटवर्क के जरिए वैध दिखाने का प्रयास किया गया। इस धन का उपयोग शेयर, सिक्योरिटीज और अन्य संपत्तियों में निवेश के लिए किया गया।

    जांच के अनुसार, करीब 940.77 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय को विकास गर्ग के स्वामित्व एवं नियंत्रण वाली विभिन्न संस्थाओं तक पहुंचाया गया। इन फंड्स को कई कंपनियों के माध्यम से घुमाकर अलग-अलग परिसंपत्तियों में निवेश किया गया।

    ईडी ने बताया कि इस मामले में अब तक सात प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किए जा चुके हैं। साथ ही विशेष PMLA न्यायालय, रायपुर में अभियोजन शिकायतें और पूरक अभियोजन शिकायतें भी दाखिल की गई हैं। अदालत ने मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध का संज्ञान ले लिया है।
    गौरतलब है कि इससे पहले ईडी इस मामले में लगभग 2,825 करोड़ रुपये मूल्य की चल-अचल और विदेशी संपत्तियां जब्त कर चुकी है। ताजा कार्रवाई के बाद कुल जब्त संपत्तियों का मूल्य करीब 3,800 करोड़ रुपये पहुंच गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
  • “फरियाद लेकर आए… इंसाफ लेकर लौटे”: एसएसपी रजनेश सिंह के शिकायत निवारण शिविर में 43 में 41 शिकायतों का मौके पर ही समाधान

    “फरियाद लेकर आए… इंसाफ लेकर लौटे”: एसएसपी रजनेश सिंह के शिकायत निवारण शिविर में 43 में 41 शिकायतों का मौके पर ही समाधान

    बिलासपुर। पुलिस और जनता के बीच भरोसे की दूरी कम करने की दिशा में बिलासपुर पुलिस ने शुक्रवार को एक ऐसी पहल की, जिसने फरियादियों को सिर्फ सुनवाई का भरोसा ही नहीं, बल्कि मौके पर समाधान का विश्वास भी दिया। बिलासगुड़ी स्थित चेतना भवन में आयोजित वृहद शिकायत निवारण शिविर में पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह स्वयं अधिकारियों के साथ फरियादियों के बीच बैठे, एक-एक शिकायत सुनी और कई मामलों में तत्काल निर्णय लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए। परिणाम यह रहा कि शिविर में प्राप्त 43 शिकायतों में से 41 का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया।

    शिविर में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी और थाना प्रभारी मौजूद रहे। शिकायतें मुख्य रूप से जमीन विवाद, पारिवारिक कलह, साइबर ठगी, लेन-देन से जुड़े विवाद और महिला संबंधी मामलों की थीं। प्रत्येक शिकायत पर संबंधित थाना प्रभारी और अधिकारियों से मौके पर ही जानकारी लेकर समाधान कराया गया, जिससे फरियादियों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े।

     

    सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि आठ मामलों में प्रथम दृष्टया संज्ञेय  अपराध पाए जाने पर एसएसपी रजनेश सिंह ने तत्काल एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। संबंधित थाना प्रभारियों को स्पष्ट कहा गया कि ऐसे मामलों में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और  कानून के अनुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

    शिविर के दौरान पुलिस कप्तान ने कई फरियादियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनकी समस्याओं की पूरी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि यथासंभव उसका प्रभावी और समयबद्ध समाधान करना भी है। उन्होंने दोहराया कि आम नागरिक को न्याय पाने के लिए बार-बार थाने या कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए ऐसे शिकायत निवारण शिविर आगे भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।

    एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा, पुलिस का असली दायित्व केवल अपराधियों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि कानून के दायरे में रहते हुए पीड़ित व्यक्ति को समय पर न्याय का भरोसा दिलाना भी है। जब नागरिक बिना भय और बिना भटकाव के अपनी बात पुलिस तक पहुंचा सके, तभी पुलिसिंग का उद्देश्य सार्थक होता है।”

    शिविर में महिला थाना से सबसे अधिक 8, कोतवाली से 7, सिरगिट्टी से 4, कोनी, रतनपुर और तोरवा से 3-3, जबकि सिविल लाइन, सरकंडा, तखतपुर, चकरभाठा, सीपत और मस्तूरी से 2-2 शिकायतें प्राप्त हुईं।

    शिविर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मधुलिका सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर पंकज पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आईयूसीएडब्ल्यू रश्मित कौर चावला, सीएसपी, एसडीओपी तथा जिले के सभी थाना प्रभारी उपस्थित रहे।

     

  • गृह विभाग से आदेश जारी,बड़े पैमाने में कई जिले के SP बदले गए,देखिए आदेश..

    गृह विभाग से आदेश जारी,बड़े पैमाने में कई जिले के SP बदले गए,देखिए आदेश..

    छत्तीसगढ़ में 24 आईपीएस अफसरों के हुए तबादले हुए हैं, कई जिलों के SP बदले गए… देखिए आदेश…

  • छत्तीसगढ़ मेँ IPS अधिकारीयों का थोक मेँ तबादला,जानें किसे कंहा भेजा गया…

    छत्तीसगढ़ मेँ IPS अधिकारीयों का थोक मेँ तबादला,जानें किसे कंहा भेजा गया…

    अजय कुमार यादव बने आईजी, राजनांदगांव रेंज।

    सुनील शर्मा को सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले का नया एसपी नियुक्त किया गया।

    अजय कुमार यादव बने आईजी, राजनांदगांव रेंज।

    बालाजी राव सोमावर को पुलिस मुख्यालय भेजा गया।

    प्रशांत कुमार अग्रवाल भी पुलिस मुख्यालय में पदस्थ।

    चंद्रमोहन सिंह बने दंतेवाड़ा के नए एसपी।

    हरीश राठौर कोरिया के नए एसपी होंगे।

    भावना पांडेय को धमतरी का एसपी बनाया गया।

    राय गौरव रामप्रवेश को बलौदाबाजार-भाटापारा की जिम्मेदारी मिली।

    उमेश प्रसाद गुप्ता बीजापुर के एसपी होंगे।

    मयंक को सुकमा का एसपी बनाया गया।

    संदीप कुमार पटेल नारायणपुर के एसपी नियुक्त किए गए।

    जितेंद्र कुमार यादव को कबीरधाम का एसपी बनाया गया

    योगेश कुमार पटेल को सूरजपुर और चव्हाण किरण गंगाराम को बलोद का एसपी बनाया गया।