दिल्ली। चुनाव आयोग ने एक बड़ा फैसला लेते हुए पूरे देश में लोगों के वोटर कार्ड बदलने का फैसला लिया है. अब कई सारे सिक्योरिटी फीचर से लैस मतदाता कार्ड लोगों को मिलेंगे।देश में नए वोटर कार्ड लाने का फैसला निर्वाचन आयोग ने किया है. इसकी शुरुआत कर्नाटक की राजधानी से की गई है. नए वोटर कार्ड में मतदाता की रंगीन फोटो होगी. अब पूरे देश में इसी तरह के वोटर कार्ड मतदाताओं को उपलब्ध करवाये जाएंगे।
नए वोटर कार्ड प्लास्टिक के होंगे. इन कार्डों पर आयोग का होलोग्राम होगा. इसके साथ ही हर कार्ड पर बार कोड होगा. हर मतदाता का अलग बारकोड होगा. इतना ही नहीं नए कार्ड की कीमत 30 रुपए तय की गई है. इसे जारी करने में कम से कम 15 दिन का समय लगेगा।
रायपुर। पूर्व कलेक्टर व भाजपा नेता ओपी चौधारी ने छत्तीसगढ़ कांग्रेस के जय-वीरू को याद किया है. उन्हें याद करने की भी एक वजह है. वजह जानने से पहले ये जय वीरू है कौन ये जान लीजिए ? ओपी चौधरी ने सीएम भूपेश और मंत्री टीएस सिंहदेव को ये नाम दिया है. यदि आपने शोले फिल्म देखी होगी तो इस भूमिका को बखूबी जानते होंगे।
चालिए अब मुद्दे की बात पे आते हैं. दरअसल भाजपा नेता ओपी चौधरी ने कांग्रेस की सरकार बनने से पहले छत्तीसगढ़िया विद्यमितानों के लिए किए गए वादों को याद दिलाने की कोशिश की है. उन्होंने कहा कि सरकार बनते ही पता नहीं जय-वीरू को क्या हो गया है ? और उनकी दोस्ती को ?उन्होंने कहा कि जय-वीरू यानी सीएम भूपेश और मंत्री टीएस सिंहदेव कांग्रेस की सरकार बनते ही अपने वादे भूल गए हैं. ओपी ने वादा याद दिलाते हुए आग्रह किया है कि यदि छत्तीसगढ़िया विद्यमितानों की तत्काल शिक्षक के रूप में नियमित भर्ती की जाती है, तो वो स्वयं जय वीरू को गुलदस्ता देने जाएंगे. उन्होंने यह भी साफ किया है कि इस आग्रह को राजनीति से अलग समझे. इसमें कोई राजनीति नहीं की जा रही है.
ओपी चौधरी ने फेसबुक पर एक पोस्ट किया है जिसमें कांग्रेस द्वारा वादा किए गए लेटर को भी अटैच करते हुए लिखा है कि…
जब कांग्रेस छत्तीसगढ़ में विपक्ष में थी, तो एक जोड़ी जय-वीरू कहलाती थी। तब जय ने छ्त्तीगढिया विद्यमितान भाई-बहनों को लिखित वादा किया था, कि कांग्रेस की सरकार बनते ही की जायेगी। सरकार बनते ही पता नहीं क्या हो गया है जय-वीरू को? और उनकी दोस्ती को?राजनीति से अलग जय-वीरू दोनों से गुजारिश है, कि छ्त्तीगढिया विद्यमितान भाई-बहनों का तत्काल नियमित भर्ती सुनिश्चित करें। मैं विद्यमितान साथियों के साथ धन्यवाद का गुलदस्ता,जय वीरू दोनों को देने आऊँगा।
सरकार बनने के पहले किए गए टीएस सिंहदेव के वादे का वो लेटर…
रायपुर। चिटफंड कम्पनियों के मालिकों के विरूद्ध कार्रवाई के साथ ही इन कम्पनियों से धोखाधडी के शिकार लोगों की धन वापसी की प्रक्रिया भी शुरू हो गयी है। राज्य में अनियमित वित्तीय (चिटफंड) कम्पनियों के विरूद्ध 403 प्रकरणों दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है बिलासपुर सिविल लाइन में दर्ज प्रकरण में 2 लाख 80 हजार रूपए की राशि वापस कर दी गई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा चिटफंड कम्पनियों के प्रबंधकों और संचालकों के विरूद्ध अभियान चलाकर कार्रवाई करने और इन कम्पनियों के एजेन्टों और अभिकर्ताओं के विरूद्ध दर्ज प्रकरणों की वापस लेने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित आज कैबिनेट की बैठक में अनियमित वित्तीय (चिटफंड) कम्पनियों के विरूद्ध दर्ज प्रकरणों की समीक्षा गई और अधिकारियों को दर्ज प्ररकणों पर तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2015 से अक्टूबर 2019 तक दर्ज किए प्रकरणों में छत्तीसगढ़ के निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम 2005 एवं नियम 2005 के तहत 248, ईनामी चिट और धन परिचालन स्कीम पाबंदी अधिनियम 1978 के तहत 65 और भारतीय दण्ड विधान की धारा के तहत 90 प्रकरण शामिल हैं। इन दर्ज किए गए प्रकरणों में डारेक्टर के विरूद्ध 379, पदाधिकारियों के विरूद्ध 148 प्रकरण शामिल हैं। धन वापसी की प्रक्रिया में कुल 154 प्रकरणों में सम्पत्ति का चिन्हांकन किया गया है तथा इन प्रकरणों में कुर्की की कार्रवाई की जा रही है।इनमें वर्ष 2015 से 2019 के माह अक्टूबर तक दर्ज कुल 403 प्रकरणों में 3 लाख 65 हजार 570 लोग ठगी के शिकार हुए हैं। जिनमें लोगों से 12 अरब 59 करोड़ 83 लाख 39 हजार 436 रूपए की राशि ठगी गई है। चिटफंड कंपनियों के विरूद्ध वर्ष 2015 में 74, वर्ष 2016 में 123, वर्ष 2017 में 98, वर्ष 2018 में 54 तथा वर्ष 2019 में माह अक्टूबर तक 54 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इनमें वर्तमान में सरकार द्वारा लोगों के हित को ध्यान में रखते हुए उनके ठगे हुए पैसे की वापसी के लिए तत्परता से कार्रवाई की जा रही है। इनमें संलिप्त एजेंट के विरूद्ध दर्ज प्रकरणों की वापसी की कार्रवाई भी जारी है। इसके अलावा चिटफंड कंपनियों के संचालकों के विरूद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई जारी है।
अनियमित वित्तीय कंपनियों (चिटफंड) के विरूद्ध दर्ज प्रकरणों में सबसे अधिक रायपुर जिले में 52 प्रकरण दर्ज की गई है। इसी तरह दुर्ग जिले में 39, राजनांदगांव जिले 30, सरगुजा जिले में 29, बिलासपुर जिले में 26 तथा रायगढ़ जिले में 25 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। बेमेतरा तथा बालोद जिले में 20-20 प्रकरण, जांजगीर-चांपा जिले में 19 प्रकरण, कांकेर जिले में 18 प्रकरण, कोरबा तथा बलौदाबाजार जिले में 17-17 प्रकरण, महासमुंद जिले में 15 प्रकरण, धमतरी जिले में 14 प्रकरण, सूरजपुर जिले में 13 प्रकरण, कोरिया जिले में 12 प्रकरण, कबीरधाम जिले में 11 प्रकरण, जशपुर जिले में 6 प्रकरण, दंतेवाड़ा जिले में 5 प्रकरण, बस्तर तथा बलरामपुर जिले में 4-4 प्रकरण, गरियाबंद तथा मुंगेली जिले में 2-2 प्रकरण और बीजापुर, सुकमा तथा कोण्डागांव जिले में एक-एक प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने जीरो ईयर की खबर के बीच विभिन्न पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है. आयोग ने अपनी वेबसाइट पर शनिवार को 199 पदों पर भर्ती विज्ञापन जारी किया है।
जिसमें डिप्टी कलेक्टर के लिए 15 और डीएसपी पद के लिए 25 पद और 5 पद बैकलाग के लिए निकाला है. वहीं अन्य पदों के लिए भी रिक्तियां जारी की गई है. आयोग ने परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की तिथि 6/12/2019 और अंतिम तिथि 04/01/2020 है. प्रारंभिक परीक्षा 9 फरवरी 2020 को दो पालियों में ली जाएगी. वहीं मुख्य परीक्षा 17, 18, 19, और 20 जून 2020 को ली जाएगी।
आपको बता दें पीएससी के जीरो ईयर को लेकर आई खबर ने राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया था. भाजपा ने सवाल उठाते हुए राज्य सरकार पर आरोप लगाए थे कि सरकार पीएससी की परीक्षा भी आयोजित नहीं कर पा रही है. विवाद के राजनीतिक रंग लेते देख सीएम भूपेश बघेल ने कहा था कि जीरो ईयर नहीं होने दिया जाएगा. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया और उसके बाद सभी विभागों में रिक्त पदों की जानकारियां मंगाई गई. जिसके बाद सीजी पीएससी ने जीरो ईयर होने का खंडन जारी किया था. अंततः पीएससी ने 199 पदों पर विज्ञापन जारी किया जिसके बाद जीरो ईयर को लेकर चल रहे विवाद पर विराम लग गया है।
पेंड्रा। भारत में 2021 में होने वाली जनगणना के लिए स्लोगन प्रतियोगिता आयोजित की गई थी. प्रतियोगिता में नया रायपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी में प्रशिक्षु प्रबंधक के तौर पर पदस्थ हैं. डिप्टी कलेक्टर प्रिया गोयल के लिखे स्लोगन को स्थान मिला है।
भारत सरकार की वेबसाइट www.mygov.in के जरिए केंद्रीय गृह मंत्रालय और रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया जनगणना विभाग ने स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था. इसमें पूरे भारत से 10000 प्रतिभागियों ने भाग लिया था, जिसमें प्रिया गोयल भी शामिल थीं. प्रिया गोयल के स्लोगन ‘जनगणना. तैयारी प्रगति की, भागीदारी आपकी’ को स्थान मिला है. इस स्लोगन का इस्तेमाल पूरे देश में 2021 में होने वाली जनगणना के दौरान किया जाएगा।
दिल्ली। राष्ट्रीय राजमार्गों पर एक दिसंबर के बाद यदि कोई वाहन फास्टैग (FasTag) के बिना टोल प्लाजा की फास्टैग लेन से गुजरता है तो उसे दुगुना टोल भरना पड़ेगा। यह बात खुद केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कही है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की प्रमुख पहल राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक पथकर संग्रह (NETC) के तहत टोल भुगतान गेट से सिर्फ फास्टैग के जरिए ही भुगतान होगा।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के मुताबिक देशभर के 537 टोल प्लाजा में से महज 17 को छोड़कर सभी टोल प्लाजा फास्टैग हो जाएंगे। आपको बता दें कि 17 प्लाजा अभी नए हैं उनमें धोड़ा समय लगेगा लेकिन वह भी फास्टैग हो जाएंगे।
आखिर क्या है फास्टैग ?
फास्टैग को इलेक्ट्रानिक टोल कनेक्शन सिस्टम भी कहा जाता है। भारत में इसकी शुरुआत सबसे पहले साल 2014 में हुई थी। यह एक तरह का रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन टैग है। जिसके जरिए सरकार वाहन चालकों को राहत देने जा रही है। दरअसल, सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर बने टोल प्लाजा लेन को इलेक्ट्रानिक टोल कनेक्शन से लैस किया है।
कैसे करें फास्टैग का इस्तेमाल
फास्टैग के जरिए टोल प्लाजा में टोल टैक्स का भुगतान करते समय जिन परेशानियां का चालक को सामना करना पड़ता है उससे निजात मिलेगी। फास्टैग के जरिए आप टोल प्लाजा में बिना रुके ही टोल टैक्स दे सकते हैं। इसके लिए बस आपको अपने वाहन में फास्टैग लगाना होगा और आपके फास्टैग अकाउंट से पैसे खुद-ब-खुद कट जाया करेंगे। वहीं जब आपके फास्टैग अकाउंट में जमाराशि समाप्त हो जाएगी तो आपको उसका रिचार्ज करना पड़ेगा। इसकी वैधता 5 साल की होगी। 5 साल पूरे होने के बाद आपको फिर से अपनी गाड़ी में फास्टैग लगवाना पड़ेगा या फिर उसे रिन्यू कराना पड़ेगा।
फास्टैग को कहां लगाना पड़ेगा?
अब यह सवाल हर किसी के ज़हन में उठ रहा है कि फास्टैग को आखिर लगाएंगे कहां। तो सुनिए फास्टैग को आप अपने वाहन की विंडस्क्रीन पर लगाएंगे। आपको बता दें कि काफी चालकों ने अपनी गाड़ियों में फास्टैग लगा लिया है।
फास्टैग लगाने से आपको लंबी-लंबी कतारों में अपना समय खपाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जैसे ही आप टोल प्लाजा को क्रास करेंगे खुद-ब-खुद भुगतान हो जाएगा। इससे आपका समय तो बचेगा ही साथ ही साथ पेट्रोल या फिर डीजल की भी बचत होगी। मिली जानकारी के मुताबिक फास्टैग का इस्तेमाल करने वाले लोगों को टोल भुगतान पर 2.5 प्रतिशत का कैशबैक भी मिलेगा।
यहां मिलेगा फास्टैग
वाहन चालकों को यह फास्टैग सभी टोल प्लाजा के साथ-साथ कुछ बैंकों में मिलेगा। जिनमें एसबीआई, एचडीएफसी और आईसीआईसीआई बैंक शामिल हैं। इसे आप पेमेंट साइट Paytm और Amazon.in से भी खरीद सकते हैं। साथ ही साथ यह इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन और भारत पेट्रोलियन के पेट्रोल पंप में भी उपलब्ध है।फास्टैग लेने के लिए बस आपको एक फॉर्म फिल करना पड़ेगा। फॉर्म फिल करने के लिए आपके पास वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, चालक की फोटो और केवाईसी कागजात होना चाहिए। जिसके बाद एक फास्टैग खाता आपके नाम पर एलॉट हो जाएगा। फिर आप इसका इस्तेमाल कर सकेंगे।
फास्टैग नहीं लगाया तो करना पड़ेगा दोगुना भुगतान
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने साफ शब्दों में कहा कि एक दिसंबर के बाद यदि कोई वाहन फास्टैग के बिना टोल प्लाजा की फास्टैग लेन से गुजरता है तो उसे दोगुना टोल भरना पड़ेगा। आपको बता दें कि फास्टैग वाली गाड़ियां ही फास्टैग से निकल सकेंगी। लेकिन जिन वाहनों में फास्टैग नहीं लगा होगा उन्हें फास्टैग लेन से निकलने पर दोगुना भुगतान करना पड़ेगा। हालांकि, टोल प्लाजा पर एक लेन ऐसी भी होगी जहां बिना-टैग वाले वाहनों से सामान्य टोल ही वसूला जाएगा।
गडकरी ने कहा कि फास्टैग को लोकप्रिय बनाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) एक दिसंबर तक इसे निशुल्क वितरित कर रही है। जबकि एक दिसंबर के बाद एनएचएआई फास्टैग के लिए राशि लेगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगले पांच साल में एनएचएआई की सालाना आय बढ़कर एक लाख करोड़ रुपए तक पहुंच जाने की उम्मीद है। अगले दो साल में एनएचएआई का टोल राजस्व 30 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच जाने का अनुमान है।
दिल्ली। रोबोट आजकल होटल से लेकर सिनेमा हाल तक में इस्तेमाल हो रहे हैं. अब पुलिस भी अपना काम आसान करने के लिए रोबोट की मदद ले रही है।
आंध्र प्रदेश ने भी ऐसी ही एक पहल शुरु की है. साइबर अपराधों से निपटने के लिए आंध्र प्रदेश पुलिस ने पहली बार रोबोट साइबिरा की नियुक्ति की है. ये रोबोट लोगों की शिकायतों को रजिस्टर करके उनका तेजी से निस्तारण करने में पुलिस की मदद करेगा।
आंध्र प्रदेश में पहली बार इस तरह का प्रयोग किया गया है . जिसके तहत पुलिस महकमे में रोबोट की नियुक्ति की गई है. इसका मकसद पुलिस के काम को आसान बनाना और प्रक्रिया में तेजी लाना है. इसमें 138 तरह के एप्लिकेशन को इंस्टॉल किया गया है. 13 कैमरों से लैस ये रोबोट 360 डिग्री पर 24 घंटे सातों दिन काम कर सकता है।
मुंबई। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के करीबन महीने भर बाद सरकार बनने की राह नजर आ रही है. शिवसेना के उद्धव ठाकरे के साथ एनसीपी के नेता शरद पवार और कांग्रेस के नेताओं की हुई बैठक में सरकार बनाने पर चर्चा की. बैठक में उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाने पर सहमति बनी. लेकिन अन्य पदों को लेकर अभी भी कश्मकश जारी है.
शिवसेना के उद्धव ठाकरे व आदित्य ठाकरे, एनसीपी के शरद पवार व अजीत पवार के साथ कांग्रेस के नेताओं की शुक्रवार को हुई बैठक में उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाए जाने पर सहमति बनी. इस पर अंतिम चर्चा शनिवार को और तीनों दलों के बीच होगी, जिसके बाद संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस के जरिए प्रदेश की जनता को संदेश दे दिया जाएगा. इसके साथ ही तीनों दल राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का अपना दावा पेश करेंगी
बैठक में हुई चर्चा से जो बात सामने बाहर निकलकर आ रही है, उसके अनुसार, शिवसेना को मुख्यमंत्री के पद के अलावा 16 मंत्री के पद मिलेंगे. वहीं एनसीपी के खाते में डिप्टी सीएम के अलावा 14 मंत्रियों के पद आएंगे. कांग्रेस को विधानसभा में स्पीकर के साथ 12 मंत्री पद मिल सकते हैं. हालांकि, विधानसभा स्पीकर और डिप्टी स्पीकर को लेकर अभी भी तीनों दलों के बीच कश्मकश की स्थिति बताई जा रही है.
बिलासपुर। प्रदेश की तमाम सहकारी समितियों को भंग करने के राज्य सरकार के आदेश को उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया है. सरकार ने एक झटके में राज्य की 1333 सहकारी समितियों को भंग कर दिया था।
सहकारी समितियों को भंग किए जाने के शासन के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में 170 से ज्यादा याचिकाएं दायर की गई थी, जिस पर चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने सुनवाई के बाद शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए सरकार के फैसले को निरस्त कर दिया. याचिकाओं में प्रजातांत्रित तरीके से चुनी हुई समितियों को भंग करने को गलत बताया गया था।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी ने राज्य के सभी रेंज पुलिस महानिरीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में प्रदेश की कानून व्यवस्था सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की. अवस्थी ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ पुलिस आमजनों की मददगार बने वहीं अपराधियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करें।
डीजीपी ने जालसाज चिटफंड कंपनियों के प्रबंधकों और संचालकों के विरूद्ध अभियान चलाकर कार्रवाई करने के साथ ही इनके एजेन्टों और अभिकर्ताओं के विरूद्ध दर्ज प्रकरणों की वापसी की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं. पुलिस महानिदेशक ने अधिकारियों को राज्य के सीमावर्ती इलाकों में अंतर्राज्यीय अवैध धान परिवहन, खरीदी के विरूद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई करने, सीमावर्ती प्रदेशों से लाए जा रहे शराब के विरूद्ध अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई करने एवं कोयले के अवैध उत्खनन तथा अवैध परिवहन पर पूर्णरूप से बंदिश लगाने के निर्देश दिए हैं. अवस्थी ने कहा कि वे इन सभी ज्वलंत विषयों पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की समीक्षा प्रत्येक सप्ताह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से करेंगे।
डीजीपी ने आम जनता की शिकायतों एवं उनके आवेदनों पर शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए. अवस्थी ने अपराधियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने एवं घोषित गुण्डों और बदमाशों के विरूद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने सभी पुलिस अधीक्षकों और रेंज पुलिस महानिरीक्षकों को अपने अधीनस्थ सभी थानों का आकस्मिक निरीक्षण करने को कहा है. साथ ही प्रदेश के सभी थानों में सुरक्षा की इंतजाम करने के निर्देश दिए है. अवस्थी ने यह भी कहा है कि यदि कोई पुलिस कर्मी किसी भी प्रकार की अवैध धंधों में लिप्त पाया जाता है तो उनके विरूद्ध भी कड़ी कार्रवाई की जाए।