रायपुर। राजधानी में सीसीटीएनएस कार्य को दुरुस्त करने के लिहाज से उप पुलिस महानिरीक्षक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने तत्काल प्रभाव से आरक्षकों का तबादला किया है. इसमें 7 आरक्षक और 6 महिला आरक्षक शामिल हैं।


रायपुर। राजधानी में सीसीटीएनएस कार्य को दुरुस्त करने के लिहाज से उप पुलिस महानिरीक्षक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने तत्काल प्रभाव से आरक्षकों का तबादला किया है. इसमें 7 आरक्षक और 6 महिला आरक्षक शामिल हैं।


रायपुर। राजधानी रायपुर के खमतराई थाना इलाके के एक युवक के साथ दिल्ली में धोखाधड़ी हुई है. अज्ञात आरोपी ने वैभव के नाम से फर्जी पैन कार्ड बनाकर दिल्ली स्थित बैंक से लाखों रुपए का लोन पास लिया. पीड़ित जब बैंक में लोन लेने पहुंचा, तब ठगे जाने का एहसास हुआ. शिकायत के बाद खमतराई पुलिस ने धोखाधड़ी और आईटी एक्ट का मामला दर्ज किया है।
खमतराई पुलिस के मुताबिक शिवानंद निवासी वैभव श्रीवास्तव ने शिकायत दर्ज कराई गई है कि अज्ञात आरोपी ने उसके नाम से फर्जी पैनकार्ड बनाकर दिल्ली स्थित बैंक से लाखों का लोन पास करा लिया. बैंक लोन लेने जाने पर पहले ही लोन ले लेने की जानकारी मिली. वैभव ने इसकी शिकायत पर थाना खमतराई में अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 420, 511, आईपीसी 66, 66D, और आईटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया है. फिलहाल आरोपी की तलाश की जा रही है।
तेजी से बढ़ रहे साइबर क्राइम को देखते हुए आपको भी अपना आधार कार्ड और पैन कार्ड का नंबर भी अपने एटीएम पिन की तरह सुरक्षित रखना जरूरी है. रिजर्व बैंक के अधिकारियों की मानें, तो देश में कई मामले सामने आये हैं, जिनमें आधार कार्ड और पैन कार्ड लेकर ऑनलाइन वेबसाइट (Online Website) की मदद से साइबर अपराधियों ने असली कार्डधारक का नाम और मोबाइल नंबर, पता भी बदल दिया और बैंक से लाखों रुपये का लोन ले लिया. इसीलिए आपको भी सतर्कता बरतने की जरूरत है।
कभी भी अपना आधार कार्ड और पैन कार्ड का नंबर भी अपने एटीएम पिन की तरह किसी भी हाल में साझा नहीं करें. आये दिन हजारों लोगों के पास लोन स्वीकृत होने से संबंधित फोन विभिन्न बैंकों के नाम पर आते रहते है. अधिकारियों की मानें, तो बैंक के नाम पर जालसाज फोन कर लोगाें से लोन स्वीकृत होने की सूचना देते हैं और खाता, आधार व पैन नंबर मांगते हैं।
फोन पर ऑनलाइन ऑफर देने वाले कॉल पर किसी तरह की सूचना साझा नहीं करें. बैंकों के अलावा जालसाज भी इसी प्रक्रिया का पालन कर सारी जानकारी एकत्र कर लेते हैं और उसका उपयोग कर लेते हैं. मोबाइल पर आये मैसेज को नहीं खोलना चाहिए और न ही जबाव देना चाहिए. अगर बार-बार कॉल आता है, तो इसकी शिकायत स्थानीय थाना और साइबर सेल से करनी चाहिए।
आपकी जानकारी के बिना किसी के आइडी पर लाखों-लाख रुपये का लोन स्वीकृत करा कर अपने खाते में ट्रांसफर करवा कर रुपये निकाल लिये जाते हैं. जालसाजी करने वाले के कारण सिबिल रिकॉर्ड बिगड़ जाता है और कोई भी बैंक फिर लोन नहीं देता है।
फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड तैयार करने के लिए मोबाइल एप और फोटोशॉप जैसे सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाता है. इसके लिए फाइनेंशियल कंपनियों और निजी बैंकों में ऋण देने के लिए जो आधार कार्ड व पैन कार्ड बता जमा कराया जाता है. उससे भी क्लोनिंग कर फर्जी आई कार्ड बनाये जा रहे हैं. इसीलिए बैंकों और अन्य वित्तीय कंपनियों द्वारा किसी भी तरह के लोन की स्वीकृति के पहले आधार कार्ड व पैन कार्ड की वैधता की तकनीकी जांच कर लेनी चाहिए।

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने वाट्सऐप (WhatsApp) और फेसबुक (Facebook) को उसकी नई गोपनीयता नीति (Privacy policy) को ख़ारिज करने के लिए सुप्रीम कोर्ट (Supreme cort)में एक याचिका दायर की है. कैट ने अपनी याचिका में कहा है कि वाट्सऐप की प्रस्तावित निजता नीति भारत के संविधान द्वारा प्रदत्त नागरिकों के विभिन्न मौलिक अधिकारों पर अतिक्रमण कर रहा है।
कैट ने कहा कि वाट्सऐप जैसी बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों को संचालित करने के लिए केंद्र सरकार को दिशा-निर्देश तैयार करने चाहिए और ऐसी नीतियां बनानी चाहिए जो नागरिकों और व्यवसायों की गोपनीयता की रक्षा करें।
इस याचिका में विशेष रूप से यूरोपीय संघ के देशों और भारत में WhatsApp की गोपनीयता नीति में पूरी तरह अंतर का हवाला दिया गया है. याचिका में कहा गया, भारतीय उपयोगकर्ताओं के डेटा का इस तरह की बड़ी तकनीकी कंपनियों द्वारा दुरुपयोग कैसे किया जा सकता है. यह याचिका एडवोकेट अबीर रॉय द्वारा तैयार की गई है, जिसे शनिवार को एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड विवेक नारायण शर्मा द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर किया है।
कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बी सी भरतिया और राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने आरोप लगाया कि WhatsApp ने माई वे या हाई वे ’ के दृष्टिकोण को अपनाया है, जो मनमाना, अनुचित, असंवैधानिक है और इसे भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में स्वीकार नहीं किया जा सकता है. व्हाट्सएप व्यक्तिगत उपयोगकर्ता के डेटा को धोखे से इकट्ठा कर रहा है. भारत में अपने लॉन्च के समय, वाट्सऐप ने उपयोगकर्ताओं को डेटा और मजबूत गोपनीयता सिद्धांतों को साझा न करने के वादे के आधार पर आकर्षित किया।
2014 में ही फेसबुक द्वारा वाट्सऐप के अधिग्रहण के बाद, जब उपयोगकर्ताओं ने अपने डेटा की गोपनीयता पर संदेह करना शुरू कर दिया था. क्योंकि उन्हें भय था कि उनके व्यक्तिगत डेटा को फेसबुक के साथ साझा किया जाएगा. उस समय वाट्सऐप ने वादा किया कि अधिग्रहण के बाद गोपनीयता नीति में कुछ भी नहीं बदलेगा. हालांकि, अगस्त 2016 में, वाट्सऐप अपने वादे से पीछे हट गया और एक नई गोपनीयता नीति पेश की जिसमें उसने अपने उपयोगकर्ताओं के अधिकारों से गंभीर रूप से समझौता किया और उपयोगकर्ताओं के गोपनीयता अधिकारों को पूरी तरह से कमजोर कर दिया।

दिल्ली। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) चिटफंड घोटाले के संबंध में रोजवैली ग्रुप के प्रमुख गौतम कुंडु की पत्नी शुभ्रा कुंडु को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। जांच एजेंसी के सूत्रों ने यह जानकारी दी।
सूत्रों ने बताया कि सीबीआई ने करोड़ों रुपये के चिटफंड घोटाले के सिलसिले में रोज वैली समूह के प्रमुख गौतम कुंडु की पत्नी शुभ्रा कुंडु को गिरफ्तार किया। सीबीआई की आर्थिक अपराध शाखा के अधिकारियों ने पोंजी घोटाले में कथित भूमिका को लेकर शुभ्रा को गिरफ्तार किया है।
वह इस मामले में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय द्वारा वांछित थी। आरोप है कि रोज वैली समूह ने हजारों लोगों को निवेश पर अच्छा लाभ देने का झांसा लेकर उनका धन कथित तौर पर हड़प लिया है।सीबीआई के सूत्रों के अनुसार, रोज वैली समूह ने इन योजनाओं के तहत निवेशकों से 12,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि एकत्र की है।
गौतम कुंडु मार्च 2015 से ही जेल में बंद हैं। उनकी पत्नी शुभ्रा द्वारा संचालित आभूषण चेन अद्रिजा को जांच शुरू होने के बाद एजेंसियों ने सील कर दिया। उन्होंने बताया कि रोज वैली ने देश भर में होटलों और रिसॉर्ट में निवेश किया हुआ है।

हैदराबाद। देश में कोरोना वैक्सीनेशन का काम आज 16 जनवरी) से शुरू हो गया है। इस बीच भारत बायोटेक Bharat Biotech) कंपनी ने अपनी कोरोना वैक्सीन ‘कोवैक्सीन/Covaxin’ को लेकर साफ कर दिया है कि वैक्सीन के दुष्परिणाम नजर आने पर लाभार्थी को मुआवजा दिया जाएगा। इतना ही नहीं कंपनी ने अपने फॉर्म में इसे खास तौर से लिखा है। कोविड-19 के टीके कोवैक्सीन की 55 लाख खुराकों की आपूर्ति के लिए सरकार से ऑर्डर प्राप्त करने वाली कंपनी भारत बायोटेक ने कहा है कि अगर टीका लगवाने के बाद किसी को गंभीर प्रतिकूल प्रभाव होते हैं तो उसे कंपनी मुआवजा देगी।
शुक्रवार को जारी कंसेंट फॉर्म में लिखा है कि वैक्सीन की वजह से कोई भी गंभीर साइड इफेक्ट्स होने की स्थिति में लाभार्थी को सरकार के तय किए हुए और अधिकृत अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाएंगी।
मुआवजा बीबीआईएल द्वारा अदा किया जाएगा
टीका लगवाने वाले लोगों द्वारा जिस फॉर्म पर हस्ताक्षर किये जाने हैं, उस पर भारत बायोटेक ने कहा है, ”किसी प्रतिकूल या गंभीर प्रतिकूल प्रभाव की स्थिति में आपको सरकारी चिहि्नत और अधिकृत केंद्रों और अस्पतालों में चिकित्सकीय रूप से मान्यताप्राप्त देखभाल प्रदान की जाएगी।” सहमति पत्र के अनुसार, ”अगर टीके से गंभीर प्रतिकूल प्रभाव होने की बात साबित होती है तो मुआवजा बीबीआईएल द्वारा अदा किया जाएगा।”
कंपनी ने अभी वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल पूरे नहीं किए
कोवैक्सीन के पहले और दूसरे चरण के क्लिनिकल परीक्षण में कोविड-19 के खिलाफ एंटीडोट विकसित होने की पुष्टि हुई है। गौरतलब है कि, कंपनी ने अभी वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल पूरे नहीं किए हैं। टीका निर्माता के मुताबिक टीके के क्लिनिकल रूप से प्रभावी होने का तथ्य अभी अंतिम रूप से स्थापित नहीं हो पाया है तथा इसके तीसरे चरण के क्लिनिकल ट्रायल में इसका अध्ययन अभी किया जा रहा है। इसमें कहा गया है, ”इसलिए यह जान लेना आवश्यक है कि टीका लगाने का मतलब यह नहीं है कि कोविड-19 संबंधी अन्य सावधानियों को नहीं बरता जाए।”
फॉर्म में लिखने होंगे लक्षण
रिपोर्ट्स के अनुसार, वैक्सीन प्राप्त करने वाले को एक फैक्ट शीट और बुरे परिणामों से जुड़ा फॉर्म दिया जाएगा। इस फॉर्म में लाभार्थी को शुरुआती 7 दिनों में नजर आने वाले लक्षणों को लिखना होगा। कंसेंट फॉर्म में लिखा है कि फेज-1 और 2 में कोरोना वायरस के खिलाफ वैक्सीन ने एंटीबॉडी तैयार करने की क्षमता दिखाई है। वहीं, रिपोर्ट ने कहा गया है ‘फेज-3 ट्रायल जारी होने के चलते कोवैक्सीन की एफिकेसी को तय नहीं किया जा सका है।’ सहमति पत्र में कहा गया, टीका लगवाने के बाद जिन सावधानियों का पालन करना है उसे मानना चाहिए। फॉर्म में टीका तलवाने वालों के डेटा की भी प्राइवेसी का पूर्ण पालन करते हुए इस्तेमाल करने की समहमित मांगी गई है।
मुआवजा देना कंपनी की जिम्मेदारी- विशेषज्ञ
इस क्षेत्र के एक विशेषज्ञ के मुताबिक चूंकि टीका अभी क्लिनिकल ट्रायल के चरण में ही है इसलिए यदि किसी को गंभीर दुष्प्रभाव होते हैं तो मुआवजा देना कंपनी की जिम्मेदारी बनती है। इस बीच, भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड बीबीआईएल) की संयुक्त प्रबंध निदेशक सुचित्रा एल्ला ने ट्वीट किया, ”कोवैक्सीन और भारत बायोटेक, राष्ट्र और कोरोना योद्धाओं की सेवा करके सम्मानित और कृतज्ञ महसूस कर रहे हैं।” बता दें कि, आज देश में वैक्सीन प्रोग्राम की शुरुआत हो चुकी है। जिसके तहत पहले चरण में स्वास्थ्यकर्मियों को वैक्सीन लगाई जाएगी। सरकार पहले दिन 3 लाख लोगों को टीका लगाएगी।

हफ्तों की आलोचना के बाद आखिरकार व्हाट्सएप ने कुछ समय पहले घोषित की गई अपनी नई गोपनीयता नीति की शुरुआत पर फिलहाल अभी रोक लगा दी है. वहीं, अब सोशल मीडिया पर लोग व्हाट्सएप के इस फैसले का काफी मज़ाक उड़ा रहे हैं. व्हाट्सएप के इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर फनी मीम्स की बाढ़ आ गई है।
व्हाट्सएप की प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर काफी विवाद के बाद कंपनी ने यह फैसला लिया है. पहले 8 फरवरी तक व्हाट्सएप यूजर्स को प्राइवेसी पॉलिसी को अनिवार्य रूप से स्वीकार करना था. कंपनी ने कहा, है कि पॉलिसी को लेकर फैली भ्रामक खबरों को स्पष्ट करने के बाद ही आगे फैसला लिया जाएगा।
व्हाट्सएप के इस फैसले के आते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने फनी मीम्स शेयर करने शुरु कर दिए. कुछ यूजर्य ने कहा- ‘बहुत देर हो चुकी है.’ दरअसल, जब व्हाट्सएप ने जब अपनी नई प्राइवेसी पॉलिसी का ऐलान किया था, तो काफी यूजर्स ने ऐप को अपने फोन से हटाना शुरू कर दिया था. इस विवाद का फायदा सोशल मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम और सिग्नल को मिला।









रायपुर। छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन ठगी के मामलों में कोई कमी नहीं आ रही है। रोजाना साइबर अपराधी कोई न कोई नई तरकीब निकालकर भोले-भाले लोगों को लाखों का चूना लगा रहे हैं। हालिया मामला राजधानी रायपुर में रिटायर्ड SBI के मुख्य प्रबंधक से पेंशन की राशि भुगतान करने के नाम पर लाखों रुपयों की धोखाधड़ी करने का सामने आया है। शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, गुढ़ियारी निवासी एसबीआइ (SBI) के रिटायर मुख्य प्रबंधक ज्ञान सिंह साहू को 28 दिसंबर से आठ जनवरी के बीच अज्ञात मोबाइल धारकों ने फोन कर उनकी पेंशन का भुगतान करने की बात कहते हुए जालसाजी कर दो लाख 58 हजार 398 रुपए ठग लिए। ज्ञान सिंह ने पुलिस को बताया कि आरोपितों ने स्वयं को भविष्य निधि कार्यालय नई दिल्ली के अधिकारी-कर्मचारी बताया था।
13 लाख रुपए बतौर पेंशन भेजने की बात कही थी। पेंशन भुगतान की बात पर विश्वास कर लिया। इसके बाद फाइल ट्रांसफर, नोटशीट तैयार करने सहित विभिन्न तरीकों से ज्ञान सिंह से पैसे मांगे गए। लालच में आकर ज्ञान सिंह ने एनइएफटी के माध्यम से ढाई लाख रुपयों से अधिक राशि आरोपितों के बैंक खातों में ट्रासंफर कर दिया।
इसके बाद से ठग ने मोबाइल बंद कर दिया। परेशान होकर ज्ञान सिंह ने गुढ़ियारी पुलिस थाना में ठगी की शिकायत की। मामले में पुलिस ने तीन अज्ञात मोबाइल नंबर धारकों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। इस तरह की धोखाखड़ी से बचने के लिए आप भी सतर्क रहें। बैंक किसी से भी ओटीपी आदि की गोपनीय जानकारी नहीं पूछता है। इसलिए आप अपरिचित व्यक्ति के काल पर विश्वास न करें। इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें।

भारतीय रेलवे ने देश के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में से एक नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का कायापलट करने का फैसला लिया है. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन को वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन बनाने के लिए इसे रेलवे के री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है. अगले चार सालों में दुनिया नई दिल्ली रेलवे स्टेशन की ऐसी तस्वीर देखेगी, जिसकी किसी ने कल्पना भी न की होगी. ये तस्वीरें नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का भविष्य दिखा रही हैं, क्योंकि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन चार सालों के बाद ठीक ऐसा ही दिखेगा।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने की जिम्मेदारी भारतीय रेलवे उपक्रम RLDA यानी रेल लैंड डिवेलपमेंट अथॉरिटी और IRSDC यानि इंडियन रेलवे स्टेशन डिवेलपमेंट कारपोरेशन पर है. इस बीच स्टेशन के री डिवेलपमेंट की ज़िम्मेदारी किसे सौपनी है, इस प्रक्रिया की शुरुआत हो चुकी है. अथॉरिटी ने बिडिंग प्रक्रिया के जरिये प्राइवेट प्लेयर को चुनने का फैसला किया है।

प्रोजेक्ट के लिए प्री-बिड मीटिंग सितंबर 2020 में आयोजित की गई थी जिसमें अडानी, जीएमआर, जेकेबी इन्फ्रा, अरबियन कंस्ट्रक्शन कंपनी और एंकोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर सरीखे फर्मों ने हिस्सा लिया था. स्टेशन रणनीतिक रूप से दिल्ली के केंद्र में स्थित है, और दिल्ली के प्रमुख कमर्शियल स्पॉट केंद्र कनॉट प्लेस के काफी निकट है. यह एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन मेट्रो के द्वारा आईजीआई हवाई अड्डे से और येलो लाइन मेट्रो के द्वारा दिल्ली-एनसीआर से जुड़ा हुआ है. स्टेशन के दोनों ओर से परिवहन के विभिन्न साधनों से जुड़ा हुआ है।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन को अत्याधुनिक बनाने वाले इस प्रोजेक्ट को 60 वर्षों के कन्सेशन पीरियड के लिए डिजाइन-बिल्ड फाइनेंस ऑपरेट ट्रांसफर (डीबीएफ़ओटी) मॉडल पर विकसित किया जाएगा. इसमें करीब 680 मिलियन अमरीकी डॉलर की लागत आएगी. इस प्रोजेक्ट को लगभग चार वर्षों में पूरा किया जाना है।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के नए मास्टर प्लान का एरिया लगभग 120 हेक्टेयर का है, जिसमें से 88 हेक्टेयर को पहले चरण में विकसित किया जाना है. इसे दो हिस्सों में बांटा गया है. पहला स्टेशन का अंदरुनी हिस्सा और दूसरा स्टेशन एस्टेट के तहत होटल, कार्यालय, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, पार्किंग जैसी सुविधाएं होंगी।

लव जिहाद के मामलों के बीच शादियों के रजिस्ट्रेशन को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट ने शादियों से पहले नोटिस प्रकाशित होने और उस पर आपत्तियां मंगाने को गलत माना है. अदालत ने इसे स्वतंत्रता और निजता के मौलिक अधिकारों का हनन बताया है. अदालत ने विशेष विवाह अधिनियम की धारा 6 और 7 को भी गलत बताया है।
अदालत ने कहा किसी के दखल के बिना पसंद का जीवन साथी चुनना व्यक्ति का मौलिक अधिकार है. यही नहीं, अदालत ने अहम फैसला देते हुये कहा कि अगर शादी कर रहे लोग नहीं चाहते तो उनका ब्यौरा सार्वजनिक न किया जाए।
ऐसे लोगों के लिए सूचना प्रकाशित कर उस पर लोगों की आपत्तियां न ली जाएं. हालांकि विवाह अधिकारी के सामने यह विकल्प रहेगा कि वह दोनों पक्षों की पहचान -उम्र व अन्य तथ्यों को सत्यापित कर ले।
अदालत की टिप्पणी
इसके अलावा अदालत ने टिप्पणी करते हुये कहा कि, इस तरह का कदम सदियों पुराना है, जो युवा पीढ़ी पर क्रूरता और अन्याय करने जैसा है. हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच से जस्टिस विवेक चौधरी ने ये टिप्पणी की. आपको बता दें कि, साफ़िया सुलतान की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर कोर्ट ने ये आदेश दिया है।

हॉलीवुड अभिनेता आर्मी हैमर के सेक्स और उनकी यौन कल्पनाओं के बारे में पूरी तरह से खुलासे हो चुके हैं. बीते दिनों उनकी एक सेक्स चैट जमकर वायरल हुई इसके बाद से ही सोशल मीडिया पर आर्मी हैमर के बारे में जमकर निंदा की जा रही है. लेकिन अब उनकी पूर्व पत्नी एलिजाबेथ चेम्बर्स का भी रिएक्शन इस बारे में आ चुका है. यह मुद्दा तब गरमा गया, जब आर्मी हैमर की कथित चैट सामने आईं, जिसमें यह स्पष्ट रूप से बताया गया था कि अभिनेता अपने बेडरूम में इस बात की पुष्टि करने से लेकर पसंद करता है कि वह ‘दरिंदा’ है और अपनी प्रेमिका को ‘स्लेव’ कह रहा है और अपनी सभी यौन कल्पनाओं को पूरा कर रहा है. अब तक इस मामले पर अभिनेता या उनकी टीम ने आरोपों का जवाब नहीं दिया है. एक समय जब वह पूर्व पत्नी एलिजाबेथ चेम्बर्स से शादी कर रहे थे तब वह काफी अलग थे. उनकी शादी 10 साल साथ रहने के बाद टूट गई. एलिजाबेथ के करीबी सूत्रों ने पुष्टि की थी कि वह लिली जेम्स के साथ रिलेशनशिप में थे और इसी बेवफाई के कारण उनका तलाक हुआ. अब उनकी पूर्व पत्नी एलिजाबेथ ने चैट में सेक्स मामलों में लगे हालिया आरोपों पर, कहा कि यह उनके लिए एक शॉकिंग घटना के रूप में आया है और ये सब जानने के बाद अब ‘आर्मी एक राक्षस जैसा लग रहा है’. बता दें कि आर्मी हैमर 2017 में ‘इन कॉल मी बाय योर नेम’ में उनकी भूमिका के लिए सबसे अधिक जाना जाता है. वह अगली फिल्म ‘डेथ ऑन द नाइल में दिखाई देंगे.