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  • ई-कोर्ट मोबाइल ऐप ने 57 लाख डाउनलोड को पार किया, सुप्रीम कोर्ट ई-कमेटी ने 14 भाषाओं में ऐप मैनुअल जारी किया…

    ई-कोर्ट मोबाइल ऐप ने 57 लाख डाउनलोड को पार किया, सुप्रीम कोर्ट ई-कमेटी ने 14 भाषाओं में ऐप मैनुअल जारी किया…

    सुप्रीम कोर्ट ई-कमेटी ने अपनी मुफ्त ई-कोर्ट सर्विसेज मोबाइल ऐप के लिए एक मैनुअल जारी किया है। एप्लिकेशन ने 57 लाख डाउनलोड को पार कर लिया है और बेहतर पहुंच के लिए मैनुअल को 14 भाषाओं- यानी अंग्रेजी, हिंदी, असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, खासी, मलयालम, मराठी, नेपाली, ओडिया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु में जारी किया गया है। मोबाइल ऐप और इसके मैनुअल को अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं में ई-कमेटी, सुप्रीम कोर्ट आॅफ इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है।

    लिंक डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें https://ecommitteesci.gov.in/service/ecourts-services-mobile-application/

    एससी ई-कमेटी के अध्यक्ष डॉ न्यायमूर्ति धनंजय वाई चंद्रचूड़ ने मैनुअल को फाॅर-वर्डिड किया। उन्होंने इस मुफ्त मोबाइल ऐप के महत्व पर बल दिया और इस नागरिक-केंद्रित मोबाइल ऐप की पहुंच पर निम्नलिखित शब्दों में प्रकाश डालाः ”पिछले एक साल में महामारी ने अधिवक्ताओं, न्यायाधीशों और वादियों को लॉकडाउन और सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंताओं के आलोक में कार्यालयों और अदालतों के बंद होने के कारण उच्च तकनीकी समाधान अपनाने के लिए प्रेरित किया है। कानूनी पेशे की प्रैक्टिस और संचालन के लिए दूरस्थ रूप से काम करना, वर्चुअल कोर्ट, डिजिटल कार्यस्थल और इलेक्ट्रॉनिक केस प्रबंधन अभिन्न अंग बन गए है। इसने हमें प्रौद्योगिकी को अपनाने का एक दुलर्भ अवसर दिया है जो केवल एक अंतरिम उपाय के रूप में नहीं बल्कि हमारी कानूनी प्रणाली को अधिक कुशल, समावेशी, सुलभ और पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ बनाने के लिए भी है। ई-कोर्ट सर्विसेज मोबाइल एप्लिकेशन इस दिशा में एक कदम है।”

    अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं में जारी ई-कमेटी मैनुअल आम आदमी की आसान समझ के लिए स्क्रीनशॉट के साथ सभी विशेषताओं की व्याख्या करता है। उक्त क्षेत्रीय भाषा मैनुअल को संबंधित हाईकोर्ट की वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराया जाएगा। ई-कोर्ट सर्विसेज मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करके कोई भी व्यक्ति विभिन्न नागरिक-केंद्रित सेवाएं प्राप्त कर सकता है जैसे विभिन्न केस को केस नंबर, सीएनआर नंबर, फाइलिंग नंबर, पार्टी के नाम, एफआईआर नंबर, अधिवक्ता विवरण, अधिनियम आदि के जरिए सर्च कर सकता है। सीएनआर सर्च, केस स्टेटस सर्च, कॉज लिस्ट सर्च जैसे सर्च के विभिन्न प्रकार भी उपलब्ध हैं। तिथिवार केस डायरी सहित फाइलिंग से लेकर निपटान तक मामले की पूरी केस हिस्ट्री प्राप्त की जा सकती है। कोई भी मोबाइल ऐप के जरिए आदेश/निर्णय, मामले के स्थानांतरण का विवरण, अंतरिम आवेदन की स्थिति के बारे में जान सकता है। ई-कोर्ट सर्विसेज मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से कोई भी हाईकोर्ट और जिला न्यायालयों, दोनों के मामलों का स्टे्टस/मामले का विवरण प्राप्त कर सकता है। Also Read – सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें COVID के कारण मृत्यु की आशंका को अग्रिम जमानत का आधार माना गया था अधिवक्ता/वादी/संगठन ”माई केस” के तहत सभी मामलों की एक डिजिटल डायरी रख सकते हंै, जो अधिवक्ताओं और वादियों के लिए सबसे अधिक उपयोग की जाने वाली और आकर्षक विशेषता है। वह सभी इसमें उपलब्ध माई केस विकल्प का उपयोग कर सकते हैं जो एक वकील/ वादी के लिए एक डिजिटल डायरी के समान है। ‘माई केस’ का उपयोग करके कोई भी व्यक्तिगत केस नंबर जोड़ सकता है और स्वचालित अपडेट प्राप्त कर सकता है। यह उन वादियों, फर्म, कंपनियों या संगठनों के लिए भी उपयोगी है जिनके विभिन्न स्थानों पर विभिन्न न्यायालयों में कई मामले लंबित हैं। ‘माई केस’ में, कोई व्यक्ति अपने मामलों की व्यक्तिगत सूची जोड़ सकता है और ई-कोर्ट मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से सभी अपडेट प्राप्त कर सकता है। Also Read – नारदा घोटाला केस: सीबीआई ने टीएमसी नेताओं को हाउस अरेस्ट करने की अनुमति देने वाले कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका वापस … सभी ई-कोर्ट सेवाएं भी ई-कोर्ट मोबाइल ऐप से जुड़ी हुई हैं। ई-कोर्ट मोबाइल ऐप भारतीय क्षेत्रीय भाषाओं में भी उपलब्ध है। ई-कोर्ट सर्विसेज मोबाइल ऐप वादियों/आम नागरिक/अधिवक्ताओं/संगठन/सरकारी विभाग के लिए व्यक्तिगत डिजिटल केस डायरी है जिसमें सभी केस विवरण उनके हाथ(सेट)में 24 घंटे व सातों दिन मुफ्त में उपलब्ध हैं। न्याय विभाग के सचिव श्री बरुण मित्रा, जिन्होंने भी इस नियमावली को फाॅर-वर्डिड किया हैै, ने अधिवक्ताओं के लिए इस इलेक्ट्रॉनिक केस प्रबंधन उपकरण के महत्व पर प्रकाश डाला। ”इस ईसीएमटी के बारे में बड़े पैमाने पर जागरूकता पैदा करने और वकीलों के समुदाय के दरवाजे तक इसके लाभ पहुंचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की ई-कमेटी द्वारा ई-कोर्ट सर्विसेज मोबाइल ऐप पर इस मैनुअल का प्रकाशन एक और प्रशंसनीय कदम है।

  • ब्लैक और वाइट से भी ज्यादा खतरनाक अब येलो फंगस की दस्तक, गाजियाबाद में मिला पहला मामला…

    ब्लैक और वाइट से भी ज्यादा खतरनाक अब येलो फंगस की दस्तक, गाजियाबाद में मिला पहला मामला…

    कोरोना महामारी से लोग अभी उबर भी नहीं पाए थे कि ब्लैक और व्हाइट फंगस ने भी दस्तक दे दी। इस बीमारी से अब तक यूपी में कई लोगों की मौत हो चुकी है। ब्लैक और व्हाइट फंगस के बाद अब येलो फंगस की इंट्री ने डॉक्टरों की चिंता बढ़ा दी है। गाजियाबाद में येलो फंगस के एक मरीज में पुष्टि की गई है। डॉक्टरों ने बताया कि 45 वर्षीय जिस मरीज में येलो फंगस मिला है वह पहले कोरोना संक्रमित हो चुका है और इस समय डायबिटीज से भी पीड़ित है। डॉक्टरों के मुताबिक ब्लैक फंगस मरीज का इलाज करने के लिए ओटी में सफाई चल रही थी, इसी दौरान जांच में पता चला कि मरीज येलो फंगस से भी संक्रमित हो चुका है। हालांकि मरीज की हालत में पहले से सुधार है। गाजियाबाद के इएनटी स्पेशलिस्ट डॉ.बीपी त्यागी ने बताया कि रविवार को संजय नगर से मेरे पास एक मरीज आया था। एंडोस्कोपी टेस्ट में पता चला कि उसे ब्लैक, व्हाइट और येलो फंगस है। येलो फंगस रेप्टाइल्स में पाया जाता है। उन्होंने बताया कि पहली बार मैंने इसे इंसानों में देखा है।

    कितना खतरनाक है येलो फंगस

    ब्लैक और व्हाइट फंगस के बाद येलो फंगस की पुष्टि ने डॉक्टरों की चिंता बढ़ा दी है। डॉक्टरों के मुताबिक इस बीमारी को म्यूकर स्पेक्टिक्स कहा जाता है। डॉक्टरों ने बताया कि येलो फंगस ब्लैक और व्हाइट फंगस से भी ज्यादा खतरनाक हो सकता है। यह इस हद तक खतरनाक हो सकता है कि मरीज की जान भी जा सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि अभी यह येलो फंगस छिपकली और गिरगिट जैसे जीवों में पाया जाता था। इतना ही नहीं यह जिस रेपटाइल को फंगस होता है वह जिंदा नहीं बचता, इसलिए इसे बेहद खतरनाक और जानलेवा माना जाता है।

    यह हैं येलो फंगस के लक्षण

    • नाक का बंद होना
    • शरीर के अंगों का सुन्न होना
    • शरीर में टूटन होना और दर्द रहना
    • शरीर में अत्यधिक कमजोरी होना
    • हार्ट रेट का बढ़ जाना
    • शरीर में घावों से मवाद बहना
    • शरीर कुपोषित सा दिखने लगना
  • ट्विटर के भारत से लेकर अमेरिका तक कार्यालय में हंगामा,अमेरिकी FBI के पूर्व अधिकारी के हाथ कमान,कांग्रेस ने चुप्पी साधी

    ट्विटर के भारत से लेकर अमेरिका तक कार्यालय में हंगामा,अमेरिकी FBI के पूर्व अधिकारी के हाथ कमान,कांग्रेस ने चुप्पी साधी

    दिल्ली पुलिस की एक टीम सोमवार शाम “टूलकिट मैनिपुलेशन मीडिया” मामले की जाँच के सिलसिले में ट्विटर इंडिया के दफ़्तर पहुँची थी.
    सोमवार दोपहर को ही दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस मामलें में ट्विटर इंडिया को एक नोटिस भेजा था.

    न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के हवाले से कहा गया है कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की एक टीम ट्विटर इंडिया के दिल्ली और गुरुग्राम दफ़्तरों पर पहुँची.

    एजेंसी के मुताबिक़ दिल्ली पुलिस की टीम नियमित प्रक्रिया के तहत ट्विटर इंडिया को नोटिस देने के लिए कार्यालय गई थी.
    टूलकिट मामले में अब कॉन्ग्रेस के 2 नेताओं को नोटिस, ट्विटर HQ में हड़कंप: FBI के पूर्व अधिकारी को काम पर लगाया
    ट्विटर ने VP जिम बेकर को स्थिति संभालने के लिए काम पर लगाया
    दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने ‘टूलकिट’ मामले की जाँच को आगे बढ़ाते हुए कॉन्ग्रेस के दो नेताओं को भी नोटिस भेजा है। मंगलवार (मई 25, 2021) को कॉन्ग्रेस पार्टी की आईटी सेल के मुखिया रोहन गुप्ता और पार्टी के प्रवक्ता MV राजीव गौड़ा को नोटिस भेजी गई। कहा जा रहा है कि इस मामले में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा को भी समन भेजा जा सकता है। भाजपा ने कॉन्ग्रेस पर ‘टूलकिट’ के जरिए देश, हिन्दू धर्म और कुंभ को बदनाम करने के आरोप लगाए थे।

    दिल्ली पुलिस ने दिल्ली और गुरुग्राम स्थित ‘ट्विटर इंडिया’ के दफ्तरों में जाकर नोटिस दिया। ट्विटर ने सोशल मीडिया पर कुछ हैंडल्स द्वारा शेयर किए गए पोस्ट्स को ‘छेड़छाड़ किया हुआ मीडिया’ बता दिया था। दिल्ली पुलिस ने शारीरिक रूप से जाकर ट्विटर के दोनों दफ्तरों को नोटिस दिया। इससे पहले केंद्र सरकार ने ट्विटर द्वारा टूलकिट वाली ट्वीट्स पर भ्रामक का ठप्पा लगाए जाने पर आपत्ति जताई थी।
    इनमें से एक ट्वीट संबित पात्रा का भी है। दिल्ली पुलिस ने अब तक इस मामले की FIR दर्ज नहीं की है लेकिन सभी पक्षों को समन कर के उनका बयान दर्ज किए जाने के बाद FIR दर्ज की जा सकती है। अभी इससे जुड़े संगठनों और व्यक्तियों को समन कर शुरुआती जाँच की जा रही है। दिल्ली पुलिस ने Twitter से पूछा है कि उसने पास इस टूलकिट को लेकर क्या सूचनाएँ हैं और किन तथ्यों के आधार पर उसने इन्हें ‘छेड़छाड़ किया हुआ’ करार दिया।

    दिल्ली पुलिस ने कहा कि’टूलकिट मामले में कॉन्ग्रेस नेताओं को समन कर इस पूरे घटनाक्रम का विवरण माँगा जाएगा। संबित पात्रा से भी पूछताछ हो सकती है। दिल्ली पुलिस के PRO चिन्मय बिस्वाल ने कहा कि ये एक रूटीन प्रक्रिया का ही हिस्सा है। उन्होंने बताया कि ‘ट्विटर इंडिया’ के MD की तरफ से जो नोटिस आया है वो अस्पष्ट है। इस मामले की शिकायतकर्ता कॉन्ग्रेस पार्टी ही है, जिसके नेताओं ने पात्रा व अन्य भाजपा नेताओं के खिलाफ पुलिस व ट्विटर को नोटिस भेजा।

    TOI की खबर के अनुसार, इससे अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को स्थित ट्विटर के मुख्यालय में भी हड़कंप मच गया है और कंपनी के डिप्टी जनरल काउंसल व VP जिम बेकर को पूरे मामले को संभालने के लिए लगाया गया है, जो पूर्व में अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसी FBI के अधिकारी भी रहे हैं। TOI के सूत्रों का कहना है कंपनी बायडेन प्रशासन से भी मदद माँग सकती है। ट्विटर में पैनिक का माहौल है और अब नजरें बेकर के अगले कदमों पर है।
    गौरतलब है कि कॉन्ग्रेस पार्टी ने बुधवार (19 मई, 2021) को ट्विटर को एक ईमेल भेज कर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, प्रवक्ता संबित पात्रा, केंद्रीय कपड़ा और महिला व बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी, राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष समेत कई पार्टी पदाधिकारियों के हैंडल्स को सस्पेंड करने को कहा था। कॉन्ग्रेस ने आरोप लगाया था कि जिस दस्तावेज को उसका टूलकिट बता कर शेयर किया जा रहा है, वो फर्जी है।

  • यास चक्रवाती तूफान को लेकर अलर्ट जारी, 27 मई को जिले में पहुंचने की संभावना.. कलेक्टर सिंह ने राहत एवं बचाव की तैयारियों के दिये निर्देश

    यास चक्रवाती तूफान को लेकर अलर्ट जारी, 27 मई को जिले में पहुंचने की संभावना.. कलेक्टर सिंह ने राहत एवं बचाव की तैयारियों के दिये निर्देश

    यास चक्रवाती तूफान पूर्वाेत्तर राज्यों में 26 मई 2021 को खाड़ी में टकराने की संभावना है जिसके फलस्वरूप 27 मई 2021 को तूफान के जिले में पहुंचने तथा तेज हवायें, वर्षा, बिजली चमकने की संभावना है। ऐसी स्थिति में जनहानि, पशुहानि, फसल क्षति, मकान क्षति आदि क्षति होना संभावित है।

    कलेक्टर श्री भीम सिंह ने तूफान के प्रभाव को देखते हुये विकास खण्ड स्तर पर राहत एवं बचाव टीम का गठन कर आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिये है। जिससे चक्रवाती तूफान से होने वाली क्षति को रोका जा सके।

  • 1 जुलाई से लगेगा कई सर्विसेज पर चार्ज, SBI के करोड़ों ग्राहकों के लिए बुरी खबर…

    1 जुलाई से लगेगा कई सर्विसेज पर चार्ज, SBI के करोड़ों ग्राहकों के लिए बुरी खबर…

    दिल्ली। State Bank of India के करोड़ों ग्राहकों के लिए एक बुरी खबर निकलकर आ रही है. देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI ने बेसिक सेविंग बैंक अकाउंट (BSBD) से जुड़े कई नियमों में अब बदलाव कर दिया है. इन नियमों के तहत अब चेकबुक जारी करने और कैश निकासी को लेकर अब अतिरिक्त शुल्क देना होगा।

    बता दें कि SBI के नए सर्विस चार्ज 1 जुलाई, 2021 से लागू होंगे. आपको बता दें कि जीरो बैलेंस वाले बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) गरीबों के लिए खोला जाता है, अब उन्हें कई सेवाओं के लिए नए चार्ज देने होंगे, तो चलिए एक-एक करके समझते हैं क्या हैं वो चार्जेस।

    4 बार मुफ्त, इसके बाद कैश निकालने पर चार्ज 

    1 जुलाई से बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट खाताधारक ब्रांच या ATM से महीने में चार बार बिना शुल्क के पैसे निकाल सकेंगे, इसके बाद बैंक के सभी कैश निकासियों पर चार्ज देन होगा, चाहे वो कैश SBI के ATM से निकाला गया हो या फिर गैर SBI से. ये चार्ज प्रति निकासी 15 रुपए प्लस GST होगा. याद रहे की ये सीमा ATM और ब्रांच को मिलाकर है।

    बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट खाताधारकों को साल में एक ही चेकबुक फ्री मिलेगी जिसमें 10 चेक होंगे, इसके बाद अगर वो 10 चेक वाली नई चेकबुक चाहते हैं, तो उन्हें 40 रुपए प्लस GST का शुल्क अदा करना होगा. अगर 25 चेक वाली नई चेकबुक चाहते हैं तो उन्हें 75 रुपए प्लस GST का भुगतान करना होगा. अगर कोई इमरजेंसी है और आपको तुरंत ही चेकबुक चाहिए तो 10 चेक वाली चेकबुक के लिए आपको 40 रुपए की बजाय 50 रुपए प्लस GST का पेमेंट करना होगा. लेकिन सीनियर सिटिजंस को चेकबुक पर कोई शुल्क नहीं देना होगा।

    वित्तीय लेन-देन होगा फ्री

    SBI और गैर-SBI बैंक शाखाओं में BSBD खाताधारक अगर गैर-वित्तीय लेनदेन करते हैं तो उनसे किसी तरह का चार्ज नहीं वसूला  जाएगा. अगर खाताधारक NEFT, RTGS जैसे माध्यमों से ट्रांजैक्शन करते हैं तो इस पर भी कोई शुल्क नहीं लगेगा।

    State Bank Of India- SBI बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) जीरो बैलेंस खाता होता है, जो समाज के गरीब वर्ग के लिए खोला जाता है. ताकि उन्हें बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ा जा सके. इस अकाउंट पर ज्यादातर सेवाएं फ्री होती हैं, जैसे खाता निष्क्रिय है और दोबारा चालू कराना है तो इसके लिए कोई चार्ज नहीं देना होता, खाता अगर बंद करना है तो भी चार्ज नहीं लगता है. इन खाताधारकों को एक बेसिक Rupay ATM Debit Card भी मिलता है, जो बिलकुल फ्री होता है, इस पर कोई मेनटेनेंस चार्ज नहीं देना होता. जबकि सामान्य खातों पर मेनटेनेंस चार्ज लगता है।

  • रामदेव को भेजा गया 1000 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस, दिया अल्‍टीमेटम, जाने किसने भेजा….?

    रामदेव को भेजा गया 1000 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस, दिया अल्‍टीमेटम, जाने किसने भेजा….?

    हरिद्वार। योगगुरु स्वामी रामदेव और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के बीच जारी विवाद थमता नहीं दिख रहा है. डॉक्टरों के खिलाफ विवादित बयान देने को लेकर अब IMA की उत्तराखंड शाखा ने पतंजलि योगपीठ के प्रमुख स्वामी रामदेव को मानहानि का नोटिस भेजा है. इस नोटिस में कहा गया है कि बाबा रामदेव अपने बयान के लिए 15 दिनों के भीतर माफी मांगें, नहीं तो IMA उनके खिलाफ 1000 करोड़ रुपए का दावा ठोकेगा. डॉक्टरों के संगठन ने मांग की है कि रामदेव को इस बयान के खिलाफ लिखित में माफी मांगनी होगी, अन्यथा कानूनी रूप से ये दावा ठोका जाएगा।

    आईएमए ने बाबा रामदेव को भेजे नोटिस में कहा है कि उनके बयान से संगठन से जुड़े डॉक्टरों के प्रति आम लोगों के मन में साख को अप्रत्यक्ष रूप से हानि पहुंची है. कानूनी नोटिस में इसे अपराध बताते हुए सजा और जुर्माने का भी जिक्र किया गया है. IMA ने योगगुरु को साफ-साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर इस पत्र मिलने के 15 दिनों के भीतर वे अपने बयान के लिए माफी मांगें. जिस तरह उनका पहले के बयान का वीडियो मीडिया और सोशल मीडिया पर प्रचारित किया गया, उसी तरह बाबा रामदेव माफी मांगने का वीडियो भी प्रचारित करें. साथ ही लिखित में माफी मांगें, अन्यथा उनके खिलाफ 1000 करोड़ रुपए का दावा ठोका जाएगा।

    IMA ने स्वामी रामदेव की पतंजलि कंपनी के उत्पाद श्वासरि कोरोनिल किट को लेकर भी आपत्ति जताई है. संगठन ने रामदेव से कहा है कि इस सूचना मिलने के 76 घंटों के भीतर वे कोरोनिल किट से जुड़े सभी विज्ञापन भी वापस लें, जिसके बारे में दावा किया गया है कि यह कोविड-19 की वैक्सीन लगने के बाद साइड इफेक्ट के दुष्प्रभाव से बचाती है और कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए भी प्रभावी दवा है. IMA ने रामदेव और उनके सहयोगियों पर कोरोनिल किट के बारे में भ्रामक विज्ञापन प्रसारित-प्रचारित करने का आरोप लगाया है।

  • युद्धवीर ने उमेश पटेल से पूछा, कब मिलेगा हमारे क्षेत्र के लाडले को इंसाफ ?

    युद्धवीर ने उमेश पटेल से पूछा, कब मिलेगा हमारे क्षेत्र के लाडले को इंसाफ ?

    भाजपा के पूर्व विधायक युद्धवीर सिंह जूदेव ने आज अपने फेसबुक पोस्ट में आज प्रदेश सरकार के मंत्री से ही पूछ दिया कि झीरम घाटी कांड के शहीदों को कब न्याय मिलेगा ? आगे उन्होंने यह भी लिखा है कि यदि आपकी सरकार इन्हें न्याय नहीं दे सकती तो आप राजनीति छोड़ दें।

    जैसा कि विदित है कि मंगलवार को प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के सबसे बड़े लोमहर्षक कांड झीरम घाटी कांड की बरसी थी। इस जघन्य कांड में कांग्रेस के कई नेता मारे गए थे जिसमें रायगढ़ ही नहीं बल्कि प्रदेश के लोकप्रिय नेता शहीद नंदकुमार पटेल व उनके बेटे दिनेश पटेल भी शामिल थे। इस घटना के भी 8 साल हो गए लेकिन जांच खत्म होने के बाद भी यह पता नहीं चल पाया कि इस घटना में किसका हाथ था।

    कांग्रेस शुरू से ही कहती रही है कि यह घटना राजनीतिक हत्या है और इसके पीछे गहरी साजिश है। कांग्रेस ने यह सवाल उस समय भी उठाया था कि जांच एजेंसीज ने राजनीतिक षड्यंत्र को जांच का बिंदु नहीं बनाया। उनकी मांग थी कि जांच में इसे भी एक बिंदु बनाकर जांच की जाय।

    बहरहाल यह पहली बार है जब भाजपा के किसी नेता ने यह सवाल उठाया हो। हालांकि युद्धवीर ने शुरू से ही शाहिद नंदकुमार पटेल के लिए न्याय की बात की है और भाजपा की ओर से उन्होंने ही इसे षड्यंत्र कहा है।

  • कांग्रेस नेता की पोस्ट पर सोशल मीडिया में बवाल, झीरम घाटी बरसी पर किया पोस्ट…

    कांग्रेस नेता की पोस्ट पर सोशल मीडिया में बवाल, झीरम घाटी बरसी पर किया पोस्ट…

    झीरम घाटी के शहीदों को देश और प्रदेश के लोग श्रद्धांजलि दे रहे थे। कोई समाधि स्थल पहुंचकर तो कहीं कार्यक्रम के द्वारा तो कई लोग सोशल मीडिया पर झीरम के शहीदों को श्रद्धांजलि दे रहे थे। ऐसे में कांग्रेस नेता चौलेश्वर चंद्राकर भी नंदेली पहुंचकर शाहिद स्मारक में श्रद्धांजलि दी और उसका एक पोस्ट भी सोशल मीडिया पर साझा किया। लेकिन उन्होंने झीरम के शहीदों में उमेश पटेल का नाम भी लिख दिया।

    यह पोस्ट सोशल मीडिया में वायरल होने लग गया। लोग कमेंट कर उनसे सवाल पूछने लगे। इसके बाद उन्होंने उस पोस्ट को एडिट कर दिया और उसमें शहीद दिनेश पटेल के नाम का उल्लेख किया। लेकिन तब तक उसका स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया में वायरल होने लग गया और लोग उसपर तरह तरह के कमेंट करने लग गए।

  • जिला एवं तहसील मुख्यालय में बाढ़ आपदा राहत के लिये कंट्रोल रूम स्थापित,संयुक्त कलेक्टर सुमित अग्रवाल प्रभारी अधिकारी नियुक्त….

    जिला एवं तहसील मुख्यालय में बाढ़ आपदा राहत के लिये कंट्रोल रूम स्थापित,संयुक्त कलेक्टर सुमित अग्रवाल प्रभारी अधिकारी नियुक्त….


    रायगढ़। आगामी मानसून को देखते हुए कलेक्टर भीम सिंह ने बाढ़ आपदा राहत से संबंधित कार्य के लिये जिला एवं तहसीलवार कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए थे। जिस पर कंट्रोल रूम स्थापित करते हुए इमरजेंसी नंबर जारी किए गए। इस कंट्रोल रूम पर बाढ़ राहत सहित निगरानी रखी जाएगी। कलेक्टर सिंह के निर्देशन में 01 जून 2021 से जिला कार्यालय के कक्ष क्रमांक 19 में बाढ़ आपदा राहत कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। जिसका दूरभाष नंबर 07762-223750 है। जिसमें संयुक्त कलेक्टर सुमित अग्रवाल मोबा.नं. 99079-86830 को बाढ़ आपदा राहत शाखा के प्रभारी अधिकारी बनाये गये है तथा तहसील स्तर पर बने कंट्रोल रूम में नायब तहसीलदार को नोडल अधिकारी नियुक्त किये गये है। साथ ही जिला कार्यालय के कंट्रोल रूम में तीन पालियों में नगर सैनिकों की ड्यूटी लगाई गई है। जिनका मोबाइल नंबर 9165723499-9340958678-9907731703-78998309287-7974539775-6264202736 है।
    तहसीलवार बने बाढ़ नियंत्रण कंट्रोल रूम
    तहसील रायगढ़ के कंट्रोल रूम 07762-222133 में नायब तहसीलदार विक्रांत सिंह राठौर मोबा.91315-80227 को कंट्रोल रूम प्रभारी बनाया गया है। इसी तरह पुसौर-07762-222862 नायब तहसीलदार आयुष तिवारी मोबा.90986-79370, बरमकेला-07768-265041 नायब तहसीलदार श्रीमती प्रेमा किसपोट्टा मोबा.96170-66079, सारंगढ़-07768-233708 नायब तहसीलदार राकी एक्का मोबा.87703-40536, खरसिया-07762-272757 नायब तहसीलदार अरपन कुर्रे मोबा.97542-13789, घरघोड़ा-07767-284861 प्रभारी तहसीलदार हितेश कुमार साहू मोबा.96699-24292, तमनार-07767-281741 नायब तहसीलदार अनुराधा पटेल मोबा.87708-10450, लैलूंगा-07767-274275 नायब तहसीलदार लीलाधर चन्द्रा मोबा.99077-48330 एवं तहसील धरमजयगढ़ के कंट्रोल रूम 07767-266232 में नायब तहसीलदार उमेश्वर बाज मोबा.83499-87189 को कंट्रोल रूम प्रभारी बनाते हुये ड्यूटी लगाई गई है।

  • WhatsApp ने भारत सरकार पर मुकदमा दायर किया…

    WhatsApp ने भारत सरकार पर मुकदमा दायर किया…

    दिल्ली। WhatsApp ने भारत सरकार के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में एक केस फाइल किया है, जिसमें आज से लागू होने वाले नए आईटी नियमों को रोकने की मांग की गई है।मैंसेंजर ऐप ने कहा कि नए नियमों से यूजर्स का प्राइवेसी टू राइट कमजोर होगा।

    व्हाट्सएप ने भारत सरकार के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में एक केस फाइल किया है,जिसमें आज से लागू होने वाले नए आईटी नियमों को रोकने की मांग की गई है।व्हाट्सएप बनाम भारत सरकार का केस मंगलवार, 25 मई को फाइल किया गया,मैंसेंजर ऐप ने कहा कि नए नियमों से यूजर्स की प्राइवेसी प्रभावित होगी।

    दरअसल, केंद्र सरकार ने 25 फरवरी 2021 को भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय की तरफ से डिजिटल कंटेंट को रेग्यूलेट करने के लिए 3 महीने के भीतर कंप्लायंस अधिकारी, नोडल अधिकारी आदि को नियुक्त करने के निर्देश दिए थे।इन सभी का कार्यक्षेत्र भारत में होना जरूरी है,सरकार द्वारा दिए गए आदेश के तहत कंपनियों को कंप्लायंस अधिकारी को नियुक्त करना होगा और उनका नाम और कॉन्टैक्ट एड्रेस भारत का होना अनिवार्य है।

    चैट को ‘ट्रेस’ करने के लिए कहना फिंगरप्रिंट की जानकारी मांगने जैसा

    व्हाट्सएप की तरफ से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि सरकार के नए दिशा निर्देशों में चैट ट्रेस करने की बात कही गई है और एक तरह से वैसे ही है जैसे हमारे यूजर्स के फिंगरप्रिंट की जानकारी मांगी जा रही हो। ये एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन को तोड़ देगा और लोगों के निजता के अधिकार को मौलिक रूप से कमजोर कर देगा। व्हाट्सएप की तरफ से कहा गया है कि हम इस मामले पर सिविल सोसाइटी के साथ में है,जो दुनिया भर में व्हाट्सएप इस्तेमाल करने वाले लोगों की निजता की बात करता है।

    व्हाट्सएप ने आग कहा, इस बीच, हम लोगों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से व्यावहारिक समाधानों पर भारत सरकार के साथ जुड़ना भी जारी रखेंगे,जिसमें हमारे पास उपलब्ध जानकारी के लिए वैध कानूनी अनुरोधों का जवाब देना भी शामिल है।

    फेसबुक ने कही थी ये बात
    गौरतलब है कि गूगल और फेसबुक ने मंगलवार को कहा था कि वे नए नियमों का पालन करने की कोशिश कर रहे हैं।फेसबुक ने कहा था कि ‘आईटी नियमों के अनुसार,हम परिचालन प्रक्रियाओं को लागू करने और दक्षता में सुधार करने की ओर काम कर रहे हैं।हम हमारे प्लेटफॉर्म पर लोगों को स्वतंत्र रूप से और सुरक्षित रूप से खुद को व्यक्त करने की क्षमता के लिए प्रतिबद्ध हैं।