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  • पत्नी ने कहा स्विटजरलैंड में श्रीदेवी की तरह साड़ी लहराने की फोटो शूट नहीं करा सके तो तुम्हारे संग क्या रहना?

    पत्नी ने कहा स्विटजरलैंड में श्रीदेवी की तरह साड़ी लहराने की फोटो शूट नहीं करा सके तो तुम्हारे संग क्या रहना?

    दिल्ली. गाजियाबाद के एक युवा कारोबारी ने पत्नी की कई अनचाही मांग से परेशान होकर तलाक के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है. तलाक की अर्जी में पति ने कहा कि पत्नी कहती है कि जब ‘चांदनी’ फिल्म की तरह स्विटजरलैंड में स्नो फॉल में साड़ी लहराने की फोटो शूट नहीं करा सके तो तुम्हारे संग क्या रहना?शादी से पहले से ही मेरी यह इच्छा थी. पति ने अपनी पत्नी पर हर छोटी-छोटी बातों पर लड़ने और मतलब निकालने का आरोप लगाया है. नेहरू नगर में रहने वाले एक युवा लोहा कारोबारी की शादी नवंबर 2016 में एटा में हुई थी. युवती शिक्षित और ब्यूटीशियन है. पहले वह हैदराबाद में रहती थी. अदालत में पति द्वारा दिए तलाक की अर्जी में कहा गया कि वह शादी के बाद हनीमून के लिए दार्जिलिंग के पहाड़ी क्षेत्र का पैकेज लिया था. पत्नी के संग टूर करके लौटा।

    आरोप है कि पत्नी इसके बाद से तरह-तरह के ताने देकर क्लेश करने लगी. पत्नी हनीमून के लिए स्विटजरलैंड जाकर स्नो फॉल के बीच श्रीदेवी की तरह साड़ी में फोटो खिंचवाना चाहती थी. उसका कहना है कि पत्नी ने शादी से पहले से इसका सपना संजोया था. पति का आरोप है कि इस सपने के पूरा नहीं होने पर वह घर में क्लेश रखने लगी. जरा सी बातों पर ताना सुनाकर लड़ने-झगड़ने लगी. पति का आरोप है कि साथ रहने पर वह हमेशा छोटी बातों पर क्लेश रखती थी।

    कई बार समझाने के बाद भी नहीं सुनती और न ही पारिवारिक स्थिति समझने की कोशिश करती है. कई बार उसे एटा की जेल में भिजवाने की धमकी तक देती है. इसी बीच पत्नी करीब साल भर से मायके चली गई. कई बार लाने की कोशिश बेकार होने पर उत्पीड़न से परेशान होकर पति ने तलाक दिलाए जाने के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र देकर गुहार लगाई है. अदालत ने अर्जी पर सुनवाई के लिए 18 दिसंबर तारीख लगाई है. उधर, पत्नी की ओर से भी एटा की अदालत में पति के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया गया है।

  • डीजीपी डीएम अवस्थी भी होंगे शामिल,पुणे में तीन दिवसीय डीजीपी कॉंफ्रेंस का आयोजन…

    डीजीपी डीएम अवस्थी भी होंगे शामिल,पुणे में तीन दिवसीय डीजीपी कॉंफ्रेंस का आयोजन…

    रायपुर। पुणे में तीन दिन के लिए डीजीपी कॉफ्रेंस का आयोजन किया गया है. जिसमें छत्तीसगढ़ के डीजीपी डीएम अवस्थी भी शामिल होंगे. इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी शिरकत करेंगे। इस सम्मेलन का आयोजन शहर के पाषण इलाके में भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान में किया जाएगा. 6 से 8 दिसंबर के बीच होने वाले तीन दिवसीय सम्मेलन में देशभर के शीर्ष पुलिस अधिकारी, केन्द्रीय जांच एजेंसियों और खुफिया एजेंसियों के अधिकारी शरीक होंगे. अमित शाह कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को और प्रधानमंत्री मोदी समापन सत्र को संबोधित कर सकते हैं।
  • बस्तर के दो डिप्टी कलेक्टरों को जान से मारने की धमकी देने वाला शख्स मुंबई से गिरफ्तार

    बस्तर के दो डिप्टी कलेक्टरों को जान से मारने की धमकी देने वाला शख्स मुंबई से गिरफ्तार

    जगदलपुर। बस्तर जिले में महिला अफसर समेत दो डिप्टी कलेक्टरों के मोबाइल पर कॉल कर अश्लील गाली-गलौज  और जान से मारने की धमकी देने के मामले में बोधघाट पुलिस ने एक आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है. हालांकि उसने दोनों डिप्टी कलेक्टर को जान से मारने की धमकी किस वजह से दी, इस बारे में आरोपी युवक से पुलिस पूछताछ कर रही है। बोधघाट थाना प्रभारी सुरेंद्र बघेल ने बताया कि आरोपी का नाम मनीष तिवारी है, जो कि उत्तर प्रदेश के अजयपुर भदोही का रहने वाला है. बीते 21 नवंबर को जिला प्रशासन के दो डिप्टी कलेक्टर माधुरी सोम और गोकुलराम रावटे के फोन पर इसने अश्लील गाली गलौज करते जान से मारने की धमकी दी थी और टेक्स्ट मैसेज किया था. दोनों अधिकारियों की शिकायत पर थाना बोधघाट में साइबर एक्ट समेत अन्य धाराओं के तहत अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया था.मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने साइबर सेल की मदद से आरोपी का लोकेशन ट्रेस किया. जिसके बाद बोधघाट पुलिस की एक टीम ने आरोपी मनीष तिवारी को महाराष्ट्र के मुंबई से गिरफ्तार कर लिया. आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में भी मामले दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी सिरफिरा होने की वजह से नंबरों को इंटरनेट के माध्यम से निकाल कर उन्हें फोन करके गाली गलौज और धमकी देता था. फिलहाल बस्तर के इन दो अधिकारियों को इस तरह की गाली गलौज कर धमकी देने की वजह पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है. इधर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ साइबर एक्ट के तहत और जान से मारने की धमकी के मामले में कार्रवाई कर जेल भेजने की तैयारी कर रही है।
  • हर साल 17 करोड़ रुपये की होगी बचत,सांसदों को लजीज खाने पर मिलने वाली सब्सिडी होगी खत्म….

    हर साल 17 करोड़ रुपये की होगी बचत,सांसदों को लजीज खाने पर मिलने वाली सब्सिडी होगी खत्म….

    दिल्ली। संसद में सांसद अब औने-पौने दाम पर लजीज-जायकेदार खाने का लुत्फ नहीं उठा पाएंगे. संसद की कैंटीन में खाने पर मिलने वाली सब्सिडी अब खत्म होने जा रही है. अब सांसदों को खाना का पूरा दाम देना होगा याने कि बगैर सब्सिडी के उन्हें दाम चुकाना होगा. ऐसा करने से हर साल सरकारी खजाने में 17 करोड़ रुपये की बचत होगी। सूत्रों के मुताबिक लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने लोकसभा की कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में सांसदों के सामने यह सुझाव रखा था, जिसे सभी सांसदों ने एकमत में स्वीकार कर लिया. स्पीकर ने बताया कि सांसदों को संसद की कैंटीन से जो खाना दिया जाता है, सरकार की तरफ से हर साल उस पर 17 करोड़ की सब्सिडी दी जाती है.
    आपको बता दे सांसदों को अभी संसद की कैंटीन में 2 रुपये में रोटी, 35 रुपये में वेज थाली, 5 रुपये में कॉफी, 40 रुपये में मछली, 50 रुपये में चिकन डिश, 60 रुपये में चिकन तंदूरी और 65 रुपये में बिरयानी मिलता है।
    गौरतलब है कि हाल ही में जेएनयू समेत देश के कई बड़े शिक्षण संस्थानों में सरकार द्वारा बेतहाशा फीस वृद्धि किये जाने के बाद हर जगह से विरोध के तेज स्वर उभरे थे. शिक्षा के बजट में कटौती और सांसदों के खाने पर सब्सिडी को लेकर छात्रों ने सवाल खड़े किये थे. जिसके बाद एक बार फिर से सांसदों को खाने में मिलने वाली सब्सिडी सुर्खियों में आ गई थी. जिसकी सोशल मीडिया से लेकर आम जनता के बीच जमकर आलोचना की गई थी।
  • उठ रहे दो सवाल- पहला क्या क़ानून से भरोसा हट गया, और दूसरा सवाल -हैदराबाद एनकाउंटर से ठीक दस बरस पहले भी हुआ था कुछ ऐसा.. क्या केवल संयोग है कि तब SP वही थे.. जो आज हैदराबाद कमिश्नर है

    उठ रहे दो सवाल- पहला क्या क़ानून से भरोसा हट गया, और दूसरा सवाल -हैदराबाद एनकाउंटर से ठीक दस बरस पहले भी हुआ था कुछ ऐसा.. क्या केवल संयोग है कि तब SP वही थे.. जो आज हैदराबाद कमिश्नर है

    रायपुर,6। हैदराबाद में एनकाउंटर की खबर के बाद भीड़ तंत्र इस एनकाउंटर का स्वागत कर रहा है,इस भीड़ में हर वर्ग का प्रतिनिधि चेहरा शामिल है। फिर वो साहित्यकार हों या रोज़ ऑफिस में काम करती कोई युवती हो..चौक पर ट्रेफ़िक सम्हालती महिला कर्मी हो या कॉलेज जाता युवा समुह। जैसा ज़बर्दस्त समर्थन और ज़िंदाबाद मिल रहा है वो गजब ही है।भीड़ नारा लगा रही है कि “पुलिस ज़िंदाबाद न्याय हो गया

    ।और यहीं पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यह बिलकुल फ़िल्मी डायलॉग है कि, आप पुलिस को कहें कि इंसाफ हो गया।CRPC और IPC से चलने वाली पुलिस का काम इंसाफ करना नहीं है, विवेचना करते हुए वास्तविक दोषी को अदालत पहुँचाना है। न्याय देने का काम अदालत का है। संविधान से चलने वाले इस देश में संस्थाएँ यदि अतिक्रमण कर जाएँगी तो आख़िरकार होगा कैसे। यह घटनाएं क्या वह ख़तरनाक तस्वीर नही तय कर रही हैं कि आप यह मानने को सार्वजनिक रुप से स्वीकार कर लें कि न्यायिक प्रणाली में न्याय पाना त्रुटियों से भरपुर है।यह बिलाशक ख़तरनाक तस्वीर है। एक बारगी मान लें कि न्यायिक प्रणाली में कुछ ख़ामियाँ हैं तो क्या करें कि, उस बहाने बाक़ी संस्थानों को कुछ भी तय करने की इजाज़त दे दें।या कि ख़ामियाँ दूर करें। न्यायिक प्रणाली पर उंगली उठाने के पहले उन कई हज़ार मामलों को याद रखना होगा जहां नक्सली आतंकवादी बता कर पकड़ा गया और बारहों साल बाद वे निर्दोष रिहा हुए।यदि आप यह व्यवस्था स्वीकारते हैं तो फिर सलवा जूडुम के दौरान हुई हर हत्या हर बलात्कार और बस्तियों की बस्ती राख कर देने को भी क्या सही मान लिया जाना चाहिए।

    फ़िल्में अच्छी लगती हैं, ऐसे सीन बेहतर लगते हैं लेकिन वो फ़िल्में हैं। किसी सूरत महिला हो या पुरुष किसी नागरिक को नागरिक कर्तव्यों की अवहेलना की इजाज़त नहीं है। बलात्कार यौन हमले अस्वीकार हैं, लेकिन यह अंदाज कैसे स्वीकार हो।भावनाओं से चलने वाले इस देश में पाषाण प्रतिमा करोड़ लीटर दूध पी जाती है।कई पीर फ़क़ीर के नाम पर ज़मीनें क़ब्ज़ा ली जाती हैं।और उस पर कहना खुद की “हाराकीरि” कराना है, लेकिन कहना तो पड़ेगा न।क्या पुलिस की बताई एनकाउंटर की स्टोरी सच्ची है ? तो जरा ठहरिए कुछ जान लीजिए और बेहतर शायद समझ बन पाएगी। हैदराबाद के कमिश्नर का नाम है सी वी सज्जनगर। वर्ष 2008 में वारंगल में पुलिस ने इंजीनियरिंग कॉलेज की दो छात्राओं पर तेज़ाब फेंकने के आरोप में तीन लोगों को एनकाउंटर में मारा था,मरने वालो के नाम थे -एस श्रीनिवास राव,पी हरिकृष्ण और डी संजय। उस वक्त इस घटना की मीडिया रिपोर्ट बताती है कि हज़ारों लोगों ने जिनमें ज़्यादातर छात्राएँ थीं वारंगल के तत्कालीन कप्तान के घर के बाहर जाकर उन्हें माला देने मिठाई खिलाने के लिए क़तार पर लगी थी, उस दौरान कई युवाओं ने उस कप्तान को कंधे पर उठा लिया था। इस एसपी को इस एनकाउंटर का प्रणेता माना गया था, और यह एसपी वही सी वी सज्जनगर थे, जो आज हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर हैं।

    वारंगल पुलिस के रिकॉर्ड में ऐसी दो घटनाएं और दर्ज हैं जिनमें चार दिसंबर 2007 को बच्ची के अपहरण और हत्या केआरोपियों का एनकाउंटर हुआ था और उसी बरस ठीक एक महिने पहले एक हिस्ट्रीशीटर और उसका सहयोगी एनकाउंटर में मारा गया।सुबह साढ़े तीन बजे आरोपियों को “सीन ऑफ़ क्राइम” ले ज़ाया गया जहां एक आरोपी ने कथित तौर पर बंदूक़ छिनी और शेष ने हमला कर भागने की क़वायद की, यदि वे भागते तो पुलिस के लिए बेहद अप्रिय स्थिति होती, रोकने के दौरान कथित रुप से हमला हुआ और आत्मरक्षा में गोली चली जिसमें चारों मारे गए।“पोलिस ज़िंदाबाद न्यायम दोरिकिंदी”और तमाम तारीफ़ों के शब्द जिससे सोशल मीडिया लहालोट है क्या इन तारीफ़ों को हम अपने न्यायिक व्यवस्था की समाप्ति या विश्वास का दरकना समझें .. और क्या यह समझना डरावना नहीं है।और आख़िर में जिस नृशंसता से महिला चिकित्सक को मारा गया, वह सहमाता है और शर्मिंदा भी करता है।यह ध्यान भी रखना होगा आरोपियों में कोई रईस नहीं था.. किसी का जबर पॉलिटिकल प्रोफ़ाइल नहीं था.. इनके ख़िलाफ़ साक्ष्य जुटा कर पेश करने और न्यायालय से सजा दिलाने में कोई दिक़्क़त भी नहीं थी। जाने मुझे क्यों गोपाल कांडा और उत्तर प्रदेश के कुलदीप सेंगर समेत कई नाम याद आ रहे हैं। जो नाम मैंने लिखे हैं ऐसी दिलेरी ऐसी बहादुरी जो हैदराबाद में कथित तौर पर दिखाई गई, क्या उन नामों पर अजमाई जा सकती थी ?पूरी दृढ़ता से बलात्कार करने वालों को कठोरतम दंड दिया जाना ही चाहिए.. दंड का काम न्यायालय का है.. पुलिस का काम अभियुक्त को तलाशना और उसके विरुद्ध वास्तविक साक्ष्य प्रस्तुत करना है.. क्योंकि नागरिक और देश की हर संस्था को केवल और केवल संविधान से ही चलना होगा।

  • हैदराबाद गैंगरेप-मर्डर मामला : महिला डॉक्टर के साथ गैंगरेप करने वाले चारों आरोपी पुलिस एनकाउंटर में ढेर

    हैदराबाद गैंगरेप-मर्डर मामला : महिला डॉक्टर के साथ गैंगरेप करने वाले चारों आरोपी पुलिस एनकाउंटर में ढेर

    दिल्ली। हैदराबाद गैंगरेप और मर्डर केस के चारों आरोपियों का एनकाउंटर कर दिया गया है. चारों आरोपियों को गुरुवार देर रात नेशनल हाइवे-44 पर क्राइम सीन पर ले जाया गया था. जहां उन्होंने भागने की कोशिश की तो पुलिस को एनकांउंटर करना पड़ा.हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि इन चारों का एनकाउंटर किन परिस्थितियों में हुआ है।

    हैदराबाद में महिला वेटनरी डॉक्टर के साथ जिस तरह से चार लोगों ने कथित रूप से गैंगरेप किया और उसे जिंदा जला दिया उसके बाद देशभर में लोगों के भीतर इस घटना को लेकर आक्रोश था. लेकिन अब इन चारों ही आरोपियों को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया है।

    बता दें कि गैंगरेप और बर्बरता से हत्या के मामले तेलंगाना सरकार ने बुधवार को आरोपियों के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई के लिए महबूबनगर जिले में स्थित प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत को विशेष अदालत (फास्ट ट्रैक कोर्ट) के रूप में नामित किया था. इस मामले में पुलिस ने सोमवार को अदालत में याचिका दाखिल करके आरोपियों की दस दिनों की हिरासत की मांग की थी। लगातार तीन दिनों तक अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद सात दिनों की पुलिस हिरासत दे दी गई।

  • शादीशुदा व दो बच्चों की माँ महिला टीचर के दो छात्रों के साथ थे शारीरिक संबंध…न्यूड फोटो भी भेजने का आरोप…5 साल तक रहना होगा ऐसे

    शादीशुदा व दो बच्चों की माँ महिला टीचर के दो छात्रों के साथ थे शारीरिक संबंध…न्यूड फोटो भी भेजने का आरोप…5 साल तक रहना होगा ऐसे

    एक 33 साल की महिला टीचर को दो छात्रों से शारीरिक संबंध रखने के लिए दोषी करार दिया गया है. लेकिन उन्हें जेल की सजा नहीं दी गई है. दो बच्चों की मां और शादीशुदा महिला टीचर ने 16 और 18 साल के दो छात्रों के साथ संबंध बनाए थे. ये मामला अमेरिका के टेक्सास का है।प्रॉसेक्यूटर के साथ प्ली डील (गुनाह कबूलने को लेकर किया गया समझौता) के बाद टीचर लिन बुर्ज को जेल की सजा नहीं सुनाई गई। लेकिन उन्हें 5 साल तक निगरानी में रहना होगा। उनपर प्रति अपराध 1.7 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है. हालांकि, तमाम आरोपों के लिए लिन को 50 साल तक की जेल की सजा भी हो सकती थी।

    लिन बुर्ज टेक्सास के कूक काउंटी के मुंस्टर हाई स्कूल में पढ़ाया करती थी. कोर्ट के फैसले के बाद उन्हें टीचिंग लाइसेंस भी जमा करना होगा। हालांकि, उनका नाम सेक्स ऑफेंडर की लिस्ट में नहीं लिखा जाएगा।लिन ने छात्रों के साथ अनैतिक संबंध की 2 घटनाओं में जुर्म कबूल कर लिया। लिन पर एक 16 साल के लडक़े को स्नैपचैट पर न्यूड फोटोज भेजने का आरोप भी लगाया गया था। लिन ने संबंधित लडक़े को अपने घर बुलाया था। पुलिस पूछताछ में लडक़े ने बताया था कि उस दिन लिन के परिवारवाले घर पर नहीं थे।

    लिन के वकील रिक हेगेन ने मीडिया से कहा- शुरुआत से ही लिन ने अपनी गलतियों की जिम्मेदारी ली. उनकी गलतियों से उन्हें परिभाषित नहीं किया जा सकता। बल्कि ये देखना होगा कि उन्होंने गलतियों पर कैसे प्रतिक्रिया दी. उनका रेस्पॉन्स बिल्कुल सही था।

  • डॉ. प्रियंका रेड्डी गैंगरेप-मर्डर केस: आरोपी की मां बोलीं- मेरे बेटे को भी ज़िंदा जला दो…

    डॉ. प्रियंका रेड्डी गैंगरेप-मर्डर केस: आरोपी की मां बोलीं- मेरे बेटे को भी ज़िंदा जला दो…

    हैदराबाद। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में महिला वेटनरी डॉक्टर से गैंगरेप के बाद हत्या और फिर लाश को जला देने की घटना ने देश को हिला कर रख दिया है।हर तरफ लोग आरोपियों को तुरंत सरेआम सज़ा देने की मांग कर रहे हैं। इस बीच चारों आरोपी के परिवारवालों ने कहा है कि अगर उसने ऐसा घिनौना अपराध किया है तो फिर उन्हें तुरंत फांसी की सज़ा दे देनी चाहिए या उसे ज़िंदा जला दिया जाए।

    घटना के एक आरोपी सी चेन्नाकेशावुलु की मां श्यामला ने अंग्रेजी अखबार द टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा, ‘उसे भी फांसी की सजा दे दो या आग लगा दो जैसा कि उसने महिला डॉक्टर के साथ रेप के बाद किया।’आरोपी की मां ने ये भी कहा कि वो उस परिवार के दर्द को समझ सकती है। उन्होंने कहा, ‘मुझे भी एक बेटी है और मैं उस परिवार के दर्द को समझ सकती हूं कि उस परिवार के साथ इस वक्त क्या गुज़र रही होगी। अगर मैं अपने बेटे का बचाव करूंगी तो जीवन भर लोग मुझसे घृणा करेंगे।

    5 महीने पहले हुई थी शादी

    श्यामला ने बताया कि गुरुवार सुबह जब पुलिसवाले उनके बेटे को पूछताछ के लिए ले गए तो उनके पति परेशान होकर घर से बाहर चले गए थे। आरोपी की मां ने ये भी बताया कि चेन्नाकेशावुलु की शादी 5 महीने पहले ही हुई थी।उन्होंने कहा, ‘उसकी पसंद की लड़की से हमने शादी कराई। मेरे बेटे को किडनी की बीमारी है। लिहाजा हमने कभी भी उस पर दबाव नहीं डाला। हर छह महीने के बाद हमलोग उसको हॉस्पिटल ले कर जाते थे।

    14 दिनों की रिमांड

    बीच कोर्ट ने चारों आरोपियों को 14 दिन की न्‍यायिक हिरासत में भेज दिया है। गुस्‍साए लोगों के विरोध प्रदर्शन के कारण पुलिस आरोपियों को कोर्ट नहीं ले जा पा रही थी। इस कारण आरोपियों की पुलिस स्‍टेशन से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मजिस्‍ट्रेट के सामने पेशी कराई गई।

  • वाह…कुत्ते को बनाया बाघ, फिर हुआ यह सब आप जानकर हो जाएंगे हैरान…

    वाह…कुत्ते को बनाया बाघ, फिर हुआ यह सब आप जानकर हो जाएंगे हैरान…

    नालुरू गांव के किसान श्रीकांत गौड़ा की आंखों के सामने ही बंदर उसकी फसलों को नुकसान पहुचाने लगे तो उसने ऐसा खास उपाय किया, कि बंदर भी दुम दबाकर भाग गए। यह वाकया जिसने भी सुना, वह हैरान रह गए। दरअसल बंदरों को अपने खेत से खदेड़ने के लिए किसान श्रीकांत  ने पालतू कुत्ते का सहारा लिया और उसके ऊपर बाघ जैसी धारियां बनाकर उसको कुत्ते से बाघ का रूप दे डाला। बाघ का स्वांग रचाकर इस कुत्ते को खेत पर छोड़ दिया। जैसे ही बंदर खेत में खड़ी फसल खाने के लिए आए, वह बाघ बने कुत्ते को देखकर रफूचक्कर हो गए। अब बंदर खेत के आसपास भी नहीं फटक रहे हैं।देश भर के किसान अपनी फसलों  की सुरक्षा के लिए हर संभव कोशिश करते हैं। खेती को मुनाफे का सौदा बनाने में  दिन-रात जुटे रहते हैं। और जी तोड़ मेहनत करके  धरती से सोना उपजाते हैं। इसके साथ ही फसल को बचाने के लिए भी कई तरह के जतन करते हैं।

    कीट-पतंगों से फसलों की सुरक्षा के लिए कीटनाशक का उपयोग करते हैं और जंगली जानवरों से सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम करते हैं, लेकिन कर्नाटक का एक किसान बंदरों से इस हद तक परेशान हो गया कि उसने इन बंदरों से निजात पाने का यह अनूठा तरीका ढूंढ लिया।

    किसान श्रीकांत गौड़ा ने बताया कि उसने चार साल पहले उत्तर कन्नड़ जिला के भटकल में एक किसान को बाघ के पुतले का खेत में उपयोग करते हुए देखा था। तब  बंदर उस  बाघ के पुतले को देखकर भाग गए थे। इसलिए श्रीकांत गौड़ा ने अपने कुत्ते को ही बाघ बना दिया। उन्होंने बताया कि कुत्ते की त्वचा को नुकसान न हो इसलिए उसको रंगने के लिए पेंट की जगह पर हेयर डाई का इस्तेमाल किया है। किसान श्रीकांत गौड़ा का बंदर भगाने का यह तरीका सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और बाघ बना कुत्ता भी  सुर्खियां बटोर रहा है। यह उपाय छत्तीसगढ़ के वनवासी किसानों और हाथी प्रभावित क्षेत्र में प्रयोग करने पर विचार चल रहा है।

  • रात 12 के बाद घूमने का शौक है तो हो जाइए सावधान.. घूमते पाए गए तो थाने में गुजरेगी पूरी रात..

    रात 12 के बाद घूमने का शौक है तो हो जाइए सावधान.. घूमते पाए गए तो थाने में गुजरेगी पूरी रात..

    दुर्ग। चोरों और लुटेरों ने जनवरी से नवंबर तक 11 महीने में 746 चोरियां, 355 नकाबजनी और लूट की 45 वारदातों के बाद आरोपियों ने पुलिस के नाक में दम कर रखा है। इससे जिले में पुलिसिंग पर लोगों का भरोसा उठने लगा है। 1146 वारदातों के बाद और अपनी किरकिरी होती देख अब जिला पुलिस अपराध पर नियंत्रण करने नई-नई रणनीति बना रही है। इसके तहत रात 12 बजे के बाद शहर में घूमते पाए जाने पर पुलिस सख्ती से पूछताछ करेगी। जरा सी संदिग्ध लगा तो पूरी रात थाने में बैठाकर रखेगी।

    शहर में चोरी लूट जैसी घटनाएं और बढ़ रही है इससे जिला पुलिस की फजीहत हो रही है। जिसको देखते हुए एसपी अजय यादव ने सभी अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने रात में घूमने वालों पर कड़ी निगरानी रखने को कहा गया।एएसपी रोहित कुमार झा ने बताया कि पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है अब रात में पुलिस की मौजूदगी दिखाई देगी। सभी थाना प्रभारियों से कहा गया कि रात 12 बजे पेट्रोलिंग टीम को रवाना करने के बाद ही थाना छोड़ेंगे।

    पेट्रोलिंग पॉइंट पर तैनात रहेंगे हवलदार

    एसएसपी अजय यादव ने पेट्रोलिंग में कई बदलाव किए हैं। अब पेट्रोलिंग पॉइंट पर भी हवलदारओं की ड्यूटी लगेगी। इसके अलावा थानों में एसआई और एएसआई अधिकारियों की संख्या बढ़ाई जा रही है। रात की पेट्रोलिंग में अब एक अधिकारी को ड्यूटी करने के निर्देश दिए हैं।

    मुसाफिर चेकिंग शुरू

    पुलिस ने बढ़ते अपराधों को देखते हुए अब मुसाफिरों और फेरी वालों की भी जांच शुरू कर दी है। रेलवे स्टेशन बस स्टैंड लॉज होटल और भीख मांगने वालों की चेकिंग की जाएगी। स्टेशन के आसपास और मैदानों तंबू तानकर रखने वालों को पुलिस पूछताछ कर रही है। इसकी पूरी जानकारी भी पुलिस इकट्ठा कर रही है।

    परेशानी से बचना है तो रहे सावधान

    यदि किसी कारणवश देर रात कहीं जाना आना जरूरी है।तो आपके पास जरूरी आईडी और गाड़ी के कागजात रखे हो सके। हो सके तो पुलिस को खुद आगे बढ़कर जानकारी दें अन्यथा पकड़े जाने पर आपका समय जाया होगा।

    एसएसपी अजय यादव बोले- अकारणवश घूमने वालों पर रहेगी नजर

    रात के वक्त कारण घूमने वालों पर नजर रखी जा रही है डायल 112 के जवानों के अलावा पेट्रोलिंग को भी कहा गया है कि कोई भी संदिग्ध नजर आता है तो उससे पूछताछ करे। उसे उठाकर थाने ले जाए संदिग्ध नहीं है तो उसे छोड़ दिया जाए। पेट्रोलिंग में बदलाव किया गया है।