Blog

  • वाट्सएप पर मैसेज दे कर भी जमा कर सकेंगे प्रापर्टी टैक्स, निगम आने या लाइन में लगने से बच सकते हैं…

    वाट्सएप पर मैसेज दे कर भी जमा कर सकेंगे प्रापर्टी टैक्स, निगम आने या लाइन में लगने से बच सकते हैं…

    रायगढ़। निगम क्षेत्र में रहने वाले लोग अब प्रापर्टी टैक्स व यूजर्स चार्ज वाट्सएप पर भी मैसेज कर घर पहुंच सुविधा ले सकेंगे महापौर श्रीमती जानकी काट्जू और निगम कमिश्नर अशुतोष पाण्डेय ने सोमवार को शहरवासियों के मोबाइल नंबर जारी किया।
    निगम प्रशासन द्वारा मोबाइल सुविधा के माध्यम से वाटसप नम्बर जारी किया है, जिसमें लोगों को संपत्तिकर, समेकित कर और यूजर्स चार्जेस जमा करने के लिये निगम आने या वार्ड कार्यालय में लम्बी लाइन लगाने की जरूरत नहीं होगी। लोग दिए गए वाट्सअप नंबर पर ही सूचना या मैसेज देकर टैक्स जमा करने घर पहुंच सुविधा ले सकेंगे। कोरोना काल और लोगों के कतार लगाने की समस्या को ध्यान मे रखकर निगम प्रशासन द्वारा मोबाइल नंबर 8553525150 जारी किया गया है। इसमें काल करने या मैसेज करने से संबंधित वार्ड के कर्मचारी लोगों को सीधे संपर्क करेंगे और टैक्स लेने संबंधित लोगों के घर पहुंचेंगे। शहरवासी मोबाइल नंबर 8553525150 पर सुबह 6 से दोपहर 2 बजे तक सम्पर्क कर सकेंगें।

    निगम की राजस्व वसूली को दुरूस्त करने मेयर श्रीमती जानकी काट्जू व कमिश्नर श्री आशुतोष पाण्डेय द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है। निगम प्रशासन द्वारा राजस्व विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों की एक टीम भी बनाई है। इसमें वे पुराने करदाताओं के मकान दुकान प्रतिष्ठान मे जाकर कर वसूली करेंगे। इसी तरह कमिश्नर ने यूजर चार्ज के लिए भी अलग-अलग टीम बनाई है! यूजर चार्ज वसूली के लिए स्वच्छता सुपरवाइजर को भी आदेशित किया गया है कि वे अपने प्रभार वाले वार्ड मे जाकर यूजर चार्ज की वसूली करेंगे। कमिश्नर श्री पाण्डेय ने शहरवासियों से मोाबाइल नंबर 8553525150 पर सुबह 6 से दोपहर 2 बजे तक काॅल कर अधिक से अधिक घर पहुंच सेवा की लाभ लेने की अपील की है।


    अधिभार शुल्क में छूट
    मेयर श्रीमती जानकी काट्जू और निगम कमिश्नर आशुतोष पाण्डेय ने कहा कि वित्त्ीय वर्ष 31 मार्च 2021 के पूर्व सम्पत्तिकर एवं समेकित कर जमा करने वालों को अधिभार शुल्क पर छूट मिलेगी। इसके बाद निगम संबंधित किसी भी तरह के टैक्स जमा करने वालों पर अतिरिक्त अधिभार शुल्क लगाने की कार्रवाई की जाएगी।

  • शराब की अवैध बिक्री, अवैध परिवहन और तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण ना करने पर कार्रवाई करते हुए DGP अवस्थी ने किया थाना प्रभारी को सस्पेंड…

    शराब की अवैध बिक्री, अवैध परिवहन और तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण ना करने पर कार्रवाई करते हुए DGP अवस्थी ने किया थाना प्रभारी को सस्पेंड…

    रायपुर। डीजीपी डीएम अवस्थी ने बिलासपुर के पचपेड़ी थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। डीजीपी ने पचपेड़ी थाना प्रभारी सुनील तिर्की के विरूद्ध शराब की अवैध बिक्री, अवैध परिवहन और तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण ना करने पर निलंबन की कार्रवाई की है। निलम्बन अवधि में निरीक्षक सुनील तिर्की को रक्षित केंद्र जिला मुख्यालय बिलासपुर में सम्बद्ध किया गया है।उल्लेखनीय है कि पूर्व में ही निर्देश जारी किए गए हैं कि शराब के अवैध परिवहन, बिक्री और तस्करी होने पर थाना प्रभारी के विरूद्ध निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।

  • प्राइवेसी और डेटा सेफ्टी का ‘खेल’, जानें किसने मारी बाजी….

    प्राइवेसी और डेटा सेफ्टी का ‘खेल’, जानें किसने मारी बाजी….

    वॉट्सऐप (WhatsApp) के नए नियम-कायदे आ रहे हैं। यूजर्स इन्हें लेकर फिक्र में हैं। इस साल 8 फरवरी से ये वजूद में आ जाएंगे। इससे पहले ही, वॉट्सऐप ने अपने 2 अरब से ज्यादा यूजर्स को ‘अल्टीमेटम’ देना शुरू कर दिया है। कहा जा रहा है कि सोशल नेटवर्क के साथ अपना पर्सनल डेटा साझा करने के लिए हामी भरनी होगी या अपना वॉट्सऐप अकाउंट डिलीट करना होगा। यानी, शर्तें न मानने पर आप वॉट्सऐप का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। हालांकि, अब खबर है कि नए कायदे यूरोप और यूके में यूजर्स पर लागू नहीं होंगे। लेकिन, नोटिफिकेशन हर किसी को भेजा गया है।

    मस्क के ट्वीट के बाद Signal ने पकड़ी रफ्तार
    वॉट्सऐप के पॉलिसी अपडेट ने यूजर्स के बीच हलचल मचाई। डेटा और प्राइवेसी को लेकर फिक्रमंद लोग दूसरे विकल्प तलाशने लगे। तभी, दुनिया के सबसे ज्यादा दौलतमंद बने टेस्ला के सीईओ एलन मस्क के एक ट्वीट में लोगों को ‘सहारा’ नजर आया। 50 साल के मस्क ने ट्वीट करके अपने फॉलोअर्स से Signal यूज करने को कहा। Signal अचानक से सुर्खियों में आ गया। पिछले एक हफ्ते में लाखों नए यूजर्स Signal से जुड़े। साथ ही, बड़ी संख्या में लोगों ने मेसेजिंग ऐप Telegram डाउनलोड किया।         


    स्नोडेन भी कर चुके हैं Signal को एंडोर्स
    व्हिस्लब्लोअर एडवर्ड स्नोडेन भी Signal की तारीफ कर चुके हैं। उन्होंने दावा किया है कि वह इसका हर दिन इस्तेमाल करते हैं। सिग्नल की वेबसाइट में भी कहा गया है कि वह सभी कन्वर्सेशन को सुरक्षित रखने के लिए एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन का इस्तेमाल करता है। कहा गया है, ‘हम न तो आपके मेसेज पढ़ सकते हैं और न ही आपकी कॉल्स सुन सकते हैं। कोई दूसरा भी ऐसा नहीं कर सकता है।’ हालांकि, इजरायल की सिक्योरिटी फर्म Cellebrite ने Signal की हाइली सिक्योर चैट डीक्रिप्ट करने का दावा किया है। अब सवाल उठता है कि इतने दावों के बीच वॉट्सऐप, सिग्नल और टेलिग्राम में कौन ज्यादा सेफ है। हमने ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब तलाशने की कोशिश की है तो आइए जानते हैं कि कौन सा ऐप यूजर्स को ज्यादा प्राइवेसी देता है। साथ ही, उनका डेटा सेफ रखता है।  
     

    किसका एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन ज्यादा सुरक्षित
    वॉट्सऐप (WhatsApp) के हर कम्युनिकेशन मोड पर एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन मिलता है। वॉट्सऐप पर शेयर किए जाने वाले आपके मेसेज, विडियो कॉल्स, वॉइस कॉल्स, फोटो और दूसरी चीजें एंड-टू-एंड एनक्रिप्टेड होती हैं। मतलब यह है कि आप और रिसीपिएंट (मेसेज पाने वाला), इकलौते व्यक्ति होते हैं जो कि भेजे गए मेसेज को पढ़ सकते हैं। WhatsApp आपके मेसेज, कॉल्स, फोटो और दूसरी चीजों के कंटेंट को डीक्रिप्ट नहीं कर सकता है, जिससे आपके कंटेंट की सिक्योरिटी और प्राइवेसी सुनिश्चित होती है।    


    …तो इसलिए होती है वॉट्सऐप के सिक्योरिटी मॉडल की आलोचना
    खास बात यह है कि WhatsApp, ओपन ह्विस्पर सिस्टम्स के डिवेलप किए गए एंड-टू-एंड प्रोटोकॉल का इस्तेमाल करता है। वॉट्सऐप पर आपके हर कम्युनिकेशन में एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन कंपनी बैकअप्स (क्लाउड और लोकल) को एनक्रिप्ट नहीं करती है। इसके अलावा, वॉट्सऐप मेटाडेटा (metadata) को भी एनक्रिप्ट नहीं करता है। यह वॉट्सऐप के सिक्योरिटी मॉडल की आलोचना की मुख्य वजह में से एक है। मेटाडेटा किसी को आपके मेसेज पढ़ने की इजाजत नहीं देता है। लेकिन, इसकी मदद से अथॉरिटीज यह पता कर लेती हैं कि आपने किसको और कब मेसेज किया। 


    वॉट्सऐप में ऐंड्रॉयड और iOS दोनों ही ऐप्स में बिल्ट-इन ऐप लॉक फीचर दिया गया है। ऐसे में आप अपने वॉट्सऐप चैट्स को बायोमीट्रिक से लॉक कर सकते हैं। इसके अलावा, आपको टू-फैक्टर ऑथेन्टिकेशन (2FA) भी मिलता है।
     

    टेलिग्राम में मिलता है सीक्रेट चैट्स फीचर
    Telegram एक क्लाउड चैट सर्विस है। इसका मतलब है कि वॉट्सऐप से अलग इसे आप कई डिवाइसेज में इस्तेमाल कर सकते हैं और आपकी चैट्स हमेशा सिंक्ड होती है। Telegram ऐप क्लाइंट-टू-सर्वर एनक्रिप्शन का इस्तेमाल करता है। आपकी रेगुलर चैट्स एंड-टू-एंड एनक्रिप्टेड नहीं होती हैं। Telegram के सर्वर्स तक पहुंच रखने वाला कोई भी व्यक्ति आपकी चैट्स पढ़ सकता है। हालांकि, कोई आपकी चैट्स न पढ़े, इसे सुनिश्चित करने का इकलौता तरीका है कि आप टेलिग्राम के ‘सीक्रेट चैट फीचर’ का इस्तेमाल करें। इस फीचर में एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन मिलता है। आप सीक्रेट चैट में जो भी भेजते हैं, वह प्रोटेक्टेड होता है। 


    सिक्योरिटी रिसर्चर्स वैरिफाई नहीं कर सकते टेलिग्राम का सिस्टम
    अगर आप सीक्रेट चैट फीचर का इस्तेमाल करते हैं तो Telegram आपके मेसेज एनक्रिप्ट करने के लिए खुद के एनक्रिप्शन प्रोटोकॉल MTProto का इस्तेमाल करता है। हालांकि, यह क्लोज्ड-सोर्स प्रोटोकॉल है। सिक्योरिटी रिसर्चर्स इसे वैरिफाई नहीं कर सकते  हैं। Telegram का कहना है कि वह अपने मेसेज स्टोरेज और डिस्क्रिप्शन कीज (Keys) को इस तरह मैनेज करता है कि किसी भी व्यक्ति को आपके डेटा तक पहुंचने के लिए कई लीगल सिस्टम्स से कोर्ट ऑर्डर्स की जरूरत पड़ेगी। कंपनी का कहना है कि उसने अभी तक थर्ड पार्टीज और गवर्नमेंट्स के साथ जीरो (0) बाइट्स डेटा शेयर किया है। 


    एडमिन बनने पर बॉट पढ़ लेता है आपके मेसेज
    टेलिग्राम (Telegram) का एक बेहद खास फीचर यह है कि इसमें लोगों को ऐड करने के लिए आप अपना फोन नंबर देने से बच सकते हैं, इस काम के लिए केवल अपने यूजरनेम का इस्तेमाल कर सकते हैं। कंपनी अपने प्लैटफॉर्म पर आपसे इंटरैक्ट करने के लिए बॉट्स को इजाजत देती है। इसमें बाय डिफॉल्ट प्राइवेसी मोड को इनेबल कर दिया जाता है, जिससे वो आपकी चैट न पढ़ सकें। लेकिन, अगर किसी बॉट को ग्रुप के एडमिन के तौर पर ऐड किया जाता है तो यह आपके मेसेज पढ़ लेगा। 

    वॉट्सऐप की तरह Telegram भी बिल्ट-इन ऐप लॉक का इस्तेमाल करता है। लेकिन, ऐप का एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन बहुत दमदार नहीं है। टेलिग्राम ग्रुप्स एनक्रिप्टेड नहीं होते हैं, क्योंकि सीक्रेट चैट्स केवल सिंगल-यूजर कम्युनिकेशन को सपोर्ट करते हैं।

    सिक्योरिटी की रेस में कहीं आगे है Signal
    जब सिक्योरिटी की बात आती है तो Signal कहीं आगे है। एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन के लिए Signal ओपन-सोर्स सिग्नल प्रोटोकॉल का इस्तेमाल करता है। जहां वॉट्सऐप यूजर्स के मेसेज और कॉल्स को एनक्रिप्ट करता है। वहीं, Signal एक कदम आगे जाकर metadata को भी एनक्रिप्ट करता है। हर मोर्चे पर यूजर्स की प्राइवेसी को प्रोटेक्ट करने के लिए Signal ने सेंडर और रिसीपिएंट (मेसेज पाने वाले व्यक्ति) के बीच बातचीत के लिए एक नया तरीका निकाला है, इसका नाम Sealed Sender है। सील्ड सेंडर में कोई भी यह नहीं जान पाएगा कि कौन-किसे मेसेज कर रहा है। खुद Signal को भी इसका पता नहीं होगा।   


    केवल रजिस्ट्रेशन के लिए यूज होता है आपका फोन नंबर
    ऐप, सभी फीचर्स के लिए एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन को सपोर्ट करता है। मतलब है कि कोई आपकी चैट्स नहीं पढ़ सकता है और न ही आपकी कॉल्स सुन सकता है। सिग्नल की प्राइवेसी पॉलिसी बताती है यह केवल रजिस्ट्रेशन के लिए आपने फोन नंबर का इस्तेमाल करता है। और इसके बाद इसे आपके अकाउंट के बारे में कुछ पता नहीं होता है। कॉन्टैक्ट डिस्कवरी के लिए ऐप ट्रंगकेटेड क्रिप्टोग्रैफिकली हैश्ड फोन नंबर भेजता है। कॉन्टैक्ट्स के नाम या किसी दूसरी इंफॉर्मेशन को न तो ट्रांसमिट किया जाता है और न ही ऐप के सर्वर पर रखा जाता है। 


    ओपन-सोर्स सिग्नल प्रोटोकॉल का इस्तेमाल 
    Signal एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन के लिए ओपन-सोर्स सिग्नल प्रोटोकॉल का इस्तेमाल करता है। सिग्नल, सभी लोकल फाइल्स को 4 डिजिट पासफ्रेज से एनक्रिप्ट करता है। सिग्नल, ओपन व्हिस्पर सिस्टम (Open Whisper System) का इस्तेमाल करता है। यह आपकी सारे कंवर्सेशन को खुद-ब-खुद एंड-टू-एंड एनक्रिप्ट कर देता है। एनक्रिप्शन की, यूजर के फोन और कंप्यूटर्स पर ही स्टोर होते हैं, जिससे आप निगरानी रखने का रिस्क कम हो जाता है। इसके अलावा, अगर आपके कॉन्टैक्ट्स की एनक्रिप्शन की में बदलाव होता है तो आपको नोटिफाई किया जाएगा। 


    यूजर्स, एक-दूसरे को पासकोड के नंबर्स या QR कोड स्कैन करते हुए वैरिफाई कर सकते हैं। इसका मतलब है कि सिग्नल के पास आपका कोई डेटा नहीं होता है। सिग्नल ऐप मेटाडेटा, लॉग्स या अपने  यूजर्स की इंफॉर्मेशन को स्टोर नहीं करता है। Signal को आप पासकोड या बायोमीट्रिक्स से लॉक कर सकते हैं। इसके अलावा, सिग्नल में टू-फैक्टर अथॉन्टिकेशन, ऐप में स्क्रीनशॉट्स ब्लॉक करने का ऑप्शन दिया गया है। हाल में Signal ने इमेज भेजने से पहले ऑटोमैटिकली फेस ब्लर करने का नया फीचर दिया गया है।


    आपका कौन-कौन सा डेटा करते हैं कलेक्ट
    अगर यूजर डेटा कलेक्शन की बात करें तो WhatsApp आपकी डिवाइस ID, ऐडवर्टाइजिंग डेटा, परचेज हिस्ट्री, लोकेशन, फोन नंबर, ई-मेल, कॉन्टैक्ट्स, पेमेंट इंफो समेत कई डेटा कलेक्ट करता है। वहीं, टेलिग्राम आपका फोन नंबर, कॉन्टैक्ट इंफो और यूजर ID कलेक्ट करता है। जबकि Signal फोन नंबर के अलावा आपका कोई पर्सनल डेटा कलेक्ट नहीं करता है।   


    सिग्नल के डाउनलोड्स में 4200% का उछाल
    वॉट्सऐप (WhatsApp) के पॉलिसी अपडेट से मचे बवाल के बाद सिग्नल (Signal) और टेलिग्राम (Telegram) को बड़ा फायदा हुआ है। ऐप एनालिटिक्स फर्म सेंसर टावर के डेटा के मुताबिक, ‘6 से 10 जनवरी के बीच दुनिया भर में ऐप स्टोर और गूगल प्लेस्टोर में Signal के 75 लाख के करीब डाउनलोड्स रहे हैं। इससे पिछले हफ्ते के मुकाबले सिग्नल ऐप के डाउनलोड्स में 4,200 फीसदी का उछाल आया है।


    500 मिलियन के पार हुए टेलिग्राम के सब्सक्राइबर्स
    वहीं, 6 से 10 जनवरी के बीच टेलिग्राम (Telegram) के साथ 90 लाख नए यूजर्स जुड़े हैं। इससे पिछले हफ्ते के मुकाबले 91 फीसदी की तेजी आई है। यह गूगल और ऐपल के ऐप स्टोर्स में अब दूसरे नंबर पर है। Telegram के सब्सक्राइबर्स की संख्या 500 मिलियन (50 करोड़) को पार कर गई है। पिछले कुछ दिनों में मेसेजिंग ऐप के साथ 25 मिलियन नए ग्राहक जुड़े हैं। सिग्नल और टेलिग्राम दोनों ही ऐप्स के डाउनलोड्स के लिए भारत बड़ा सोर्स रहा है।

  • पुलिस महानिदेशक ने किया इश्कबाज थानेदार को निलंबित, दर्जनों युवतियों को बनाया शिकार…

    पुलिस महानिदेशक ने किया इश्कबाज थानेदार को निलंबित, दर्जनों युवतियों को बनाया शिकार…

    कोरिया। इश्कबाज थानेदार ने दर्जनों युवतियों को बनाया शिकार पीडि़ता पत्नी ने डीजीपी और आईजी के सामने लगाई गुहार। पीडि़ता की शिकायत पर जाँच उपरांत पुलिस महानिदेशक डी.एम.अवस्थी ने आज निरीक्षक विमलेश दुबे को निलंंबित कर दिया।
    2008 बैच के थानेदार विमलेश दुबे की पत्नी ने स्पष्ट आरोप लगाया है कि, उसके पति का लगभग 15 से अधिक युवतियों से अफेयर और शारीरिक संबंध है। शिकायत होने के बाद युवा थानेदार मेडिकल छुट्टी लेकर भाग खड़े हुए हैं। मामला कोरिया जिले के बैकुण्ठपुर थाने के कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक विमलेश दुबे का बताया जाता है। थानेदार की पीडि़ता पत्नी ने आरोप लगाया कि, युवा थानेदार निरीक्षक विमलेश दुबे के साथ 28 जनवरी 2014 में उनका विवाह हुआ था। पत्नी का आरोप है कि, उनके पति विमलेश दुबे की पुलिस विभाग में जहाँ-जहाँ उनकी पदस्थापना रही है वे लड़कियों के साथ इश्क लड़ाते रहे हैं। उनका रायपुर गरियाबंद, मनेन्द्रगढ़, चिरमिरी, बैकुण्ठपुर, रायपुर के आसपास की 15 से अधिक लड़कियों से अवैध संबंध रहा है। अभी हाल ही में विमलेश दुबे ने बिलासपुर में एक प्रतीक्षा दुबे नाम की लड़की के साथ 8 दिसंबर 2020 को शादी किया है। इस लड़की के साथ इनका लम्बे समय से अफेयर चल रहा था। उनकी विवाहिता पत्नी का आरोप है कि, ब्राम्हण समाज की लगभग 7 से 8 लड़कियों के साथ इनके अवैध संबंध है जिनके साथ इन्होंने विवाह कर शारीरिक संबंध रखा है।

    थानेदार की विवाहिता पत्नी ने आरोप लगाया है कि, उनके पति निरीक्षक विमलेश दुबे कपड़ों के समान लड़कियाँ बदलते हैं, वे लड़कियों के जज्बात के साथ खेलते आये हैं। उन्होंने सरगुजा रेंज के आईजी से अपने पति के कृत्यों के खिलाफ शिकायत करते हुए उचित कार्यवाही की माँग की है। निरीक्षक की पत्नी ने बताया कि, सरगुजा रेंज के आईजी के साथ-साथ पुलिस महानिदेशक को भी उन्होंने अपने पति के कृत्यों की शिकायत करते हुए कहा है कि, उनके पति ने उन्हें धोखे में रखकर उनके साथ-साथ दर्जनों महिलाओं की जिन्दगी बर्बाद कर दी है।

     उन्होंने अपने पति पर आरोप लगाया है कि, उनके पति ने उनकी जिन्दगी खराब कर दी है ऐसे कृत्य करने वाले थानेदार के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए। विवादास्पद निरीक्षक विमलेश दुबे अम्बिकापुर के रहने वाले हैं। समाचार लिखे जाने तक निरीक्षक विमलेश दुबे कोरिया से फरार बताये जाते हैं। फिलहाल उनकी कोई जानकारी नहीं है। उनके मोबाईल नंबर पर इस संबंध में संपर्क कर उनका पक्ष लेने का प्रयास किया गया। किन्तु मोबाईल लगातार बंद मिल रहा है।

  • राजधानी में सीसीटीएनएस व्यवस्था को दुरुस्त करने पुलिस कर्मियों का हुआ तबादला…

    राजधानी में सीसीटीएनएस व्यवस्था को दुरुस्त करने पुलिस कर्मियों का हुआ तबादला…

    रायपुर। राजधानी में सीसीटीएनएस कार्य को दुरुस्त करने के लिहाज से उप पुलिस महानिरीक्षक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने तत्काल प्रभाव से आरक्षकों का तबादला किया है. इसमें 7 आरक्षक और 6 महिला आरक्षक शामिल हैं।

  • रहें सतर्क! फर्जी बैंक लोन के लिए उपयोग हो सकता है आपका आधार पैन कार्ड…

    रहें सतर्क! फर्जी बैंक लोन के लिए उपयोग हो सकता है आपका आधार पैन कार्ड…

    रायपुर। राजधानी रायपुर के खमतराई थाना इलाके के एक युवक के साथ दिल्ली में धोखाधड़ी हुई है. अज्ञात आरोपी ने वैभव के नाम से फर्जी पैन कार्ड बनाकर दिल्ली स्थित बैंक से लाखों रुपए का लोन पास लिया. पीड़ित जब बैंक में लोन लेने पहुंचा, तब ठगे जाने का एहसास हुआ. शिकायत के बाद खमतराई पुलिस ने धोखाधड़ी और आईटी एक्ट का मामला दर्ज किया है।

    खमतराई पुलिस के मुताबिक शिवानंद निवासी वैभव श्रीवास्तव ने शिकायत दर्ज कराई गई है कि अज्ञात आरोपी ने उसके नाम से फर्जी पैनकार्ड बनाकर दिल्ली स्थित बैंक से लाखों का लोन पास करा लिया. बैंक लोन लेने जाने पर पहले ही लोन ले लेने की जानकारी मिली. वैभव ने इसकी शिकायत पर थाना खमतराई में अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 420, 511, आईपीसी 66, 66D, और आईटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया है. फिलहाल आरोपी की तलाश की जा रही है।

    तेजी से बढ़ रहे साइबर क्राइम को देखते हुए आपको भी अपना आधार कार्ड और पैन कार्ड का नंबर भी अपने एटीएम पिन की तरह सुरक्षित रखना जरूरी है. रिजर्व बैंक के अधिकारियों की मानें, तो देश में कई मामले सामने आये हैं, जिनमें आधार कार्ड और पैन कार्ड लेकर ऑनलाइन वेबसाइट (Online Website) की मदद से साइबर अपराधियों ने असली कार्डधारक का नाम और मोबाइल नंबर, पता भी बदल दिया और बैंक से लाखों रुपये का लोन ले लिया. इसीलिए आपको भी सतर्कता बरतने की जरूरत है।

    कभी भी अपना आधार कार्ड और पैन कार्ड का नंबर भी अपने एटीएम पिन की तरह किसी भी हाल में साझा नहीं करें. आये दिन हजारों लोगों के पास लोन स्वीकृत होने से संबंधित फोन विभिन्न बैंकों के नाम पर आते रहते है. अधिकारियों की मानें, तो बैंक के नाम पर जालसाज फोन कर लोगाें से लोन स्वीकृत होने की सूचना देते हैं और खाता, आधार व पैन नंबर मांगते हैं।

    फोन पर ऑनलाइन ऑफर देने वाले कॉल पर किसी तरह की सूचना साझा नहीं करें. बैंकों के अलावा जालसाज भी इसी प्रक्रिया का पालन कर सारी जानकारी एकत्र कर लेते हैं और उसका उपयोग कर लेते हैं. मोबाइल पर आये मैसेज को नहीं खोलना चाहिए और न ही जबाव देना चाहिए. अगर बार-बार कॉल आता है, तो इसकी शिकायत स्थानीय थाना और साइबर सेल से करनी चाहिए।

    आपकी जानकारी के बिना किसी के आइडी पर लाखों-लाख रुपये का लोन स्वीकृत करा कर अपने खाते में ट्रांसफर करवा कर रुपये निकाल लिये जाते हैं. जालसाजी करने वाले के कारण सिबिल रिकॉर्ड बिगड़ जाता है और कोई भी बैंक फिर लोन नहीं देता है।

    फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड तैयार करने के लिए मोबाइल एप और फोटोशॉप जैसे सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाता है. इसके लिए फाइनेंशियल कंपनियों और निजी बैंकों में ऋण देने के लिए जो आधार कार्ड व पैन कार्ड बता जमा कराया जाता है. उससे भी क्लोनिंग कर फर्जी आई कार्ड बनाये जा रहे हैं.  इसीलिए बैंकों और अन्य वित्तीय कंपनियों द्वारा किसी भी तरह के लोन की स्वीकृति के पहले आधार कार्ड व पैन कार्ड की वैधता की तकनीकी जांच कर लेनी चाहिए।

  • व्हाट्सएप की नई नीति को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने दायर की है याचिका…

    व्हाट्सएप की नई नीति को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने दायर की है याचिका…

    कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने वाट्सऐप (WhatsApp) और फेसबुक (Facebook) को उसकी नई गोपनीयता नीति (Privacy policy) को ख़ारिज करने के लिए सुप्रीम कोर्ट (Supreme cort)में एक याचिका दायर की है. कैट ने अपनी याचिका में कहा है कि वाट्सऐप की प्रस्तावित निजता नीति भारत के संविधान द्वारा प्रदत्त नागरिकों के विभिन्न मौलिक अधिकारों पर अतिक्रमण कर रहा है।

    कैट ने कहा कि वाट्सऐप जैसी बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों को संचालित करने के लिए केंद्र सरकार को दिशा-निर्देश तैयार करने चाहिए और ऐसी नीतियां बनानी चाहिए जो नागरिकों और व्यवसायों की गोपनीयता की रक्षा करें।

    इस याचिका में विशेष रूप से यूरोपीय संघ के देशों और भारत में WhatsApp की गोपनीयता नीति में पूरी तरह अंतर का हवाला दिया गया है. याचिका में कहा गया, भारतीय उपयोगकर्ताओं के डेटा का इस तरह की बड़ी तकनीकी कंपनियों द्वारा दुरुपयोग कैसे किया जा सकता है. यह याचिका एडवोकेट अबीर रॉय द्वारा तैयार की गई है, जिसे शनिवार को एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड विवेक नारायण शर्मा द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर किया है।

    कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बी सी भरतिया और राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने आरोप लगाया कि WhatsApp ने माई वे या हाई वे ’ के दृष्टिकोण को अपनाया है, जो मनमाना, अनुचित, असंवैधानिक है और इसे भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में स्वीकार नहीं किया जा सकता है. व्हाट्सएप व्यक्तिगत उपयोगकर्ता के डेटा को धोखे से इकट्ठा कर रहा है. भारत में अपने लॉन्च के समय, वाट्सऐप ने उपयोगकर्ताओं को डेटा और मजबूत गोपनीयता सिद्धांतों को साझा न करने के वादे के आधार पर आकर्षित किया।

    2014 में ही फेसबुक द्वारा वाट्सऐप के अधिग्रहण के बाद, जब उपयोगकर्ताओं ने अपने डेटा की गोपनीयता पर संदेह करना शुरू कर दिया था. क्योंकि उन्हें भय था कि उनके व्यक्तिगत डेटा को फेसबुक के साथ साझा किया जाएगा. उस समय वाट्सऐप ने वादा किया कि अधिग्रहण के बाद गोपनीयता नीति में कुछ भी नहीं बदलेगा. हालांकि, अगस्त 2016 में, वाट्सऐप अपने वादे से पीछे हट गया और एक नई गोपनीयता नीति पेश की जिसमें उसने अपने उपयोगकर्ताओं के अधिकारों से गंभीर रूप से समझौता किया और उपयोगकर्ताओं के गोपनीयता अधिकारों को पूरी तरह से कमजोर कर दिया।

  • रोजवैली ग्रुप के प्रमुख गौतम कुंडू की पत्नी को सीबीआई ने किया गिरफ्तार…

    रोजवैली ग्रुप के प्रमुख गौतम कुंडू की पत्नी को सीबीआई ने किया गिरफ्तार…

    दिल्ली। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) चिटफंड घोटाले के संबंध में रोजवैली ग्रुप के प्रमुख गौतम कुंडु की पत्नी शुभ्रा कुंडु को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। जांच एजेंसी के सूत्रों ने यह जानकारी दी।

    सूत्रों ने बताया कि सीबीआई ने करोड़ों रुपये के चिटफंड घोटाले के सिलसिले में रोज वैली समूह के प्रमुख गौतम कुंडु की पत्नी शुभ्रा कुंडु को गिरफ्तार किया। सीबीआई की आर्थिक अपराध शाखा के अधिकारियों ने पोंजी घोटाले में कथित भूमिका को लेकर शुभ्रा को गिरफ्तार किया है।

    वह इस मामले में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय द्वारा वांछित थी। आरोप है कि रोज वैली समूह ने हजारों लोगों को निवेश पर अच्छा लाभ देने का झांसा लेकर उनका धन कथित तौर पर हड़प लिया है।सीबीआई के सूत्रों के अनुसार, रोज वैली समूह ने इन योजनाओं के तहत निवेशकों से 12,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि एकत्र की है।

    गौतम कुंडु मार्च 2015 से ही जेल में बंद हैं। उनकी पत्नी शुभ्रा द्वारा संचालित आभूषण चेन अद्रिजा को जांच शुरू होने के बाद एजेंसियों ने सील कर दिया। उन्होंने बताया कि रोज वैली ने देश भर में होटलों और रिसॉर्ट में निवेश किया हुआ है।

  • कोवेक्सीन से हुआ साइड इफेक्ट तो देगी मुआवजा,भारत बायोटेक का बड़ा ऐलान….

    कोवेक्सीन से हुआ साइड इफेक्ट तो देगी मुआवजा,भारत बायोटेक का बड़ा ऐलान….

    हैदराबाद। देश में कोरोना वैक्सीनेशन का काम आज 16 जनवरी) से शुरू हो गया है। इस बीच भारत बायोटेक Bharat Biotech) कंपनी ने अपनी कोरोना वैक्सीन ‘कोवैक्सीन/Covaxin’ को लेकर साफ कर दिया है कि वैक्सीन के दुष्परिणाम नजर आने पर लाभार्थी को मुआवजा दिया जाएगा। इतना ही नहीं कंपनी ने अपने फॉर्म में इसे खास तौर से लिखा है। कोविड-19 के टीके कोवैक्सीन की 55 लाख खुराकों की आपूर्ति के लिए सरकार से ऑर्डर प्राप्त करने वाली कंपनी भारत बायोटेक ने कहा है कि अगर टीका लगवाने के बाद किसी को गंभीर प्रतिकूल प्रभाव होते हैं तो उसे कंपनी मुआवजा देगी।
    शुक्रवार को जारी कंसेंट फॉर्म में लिखा है कि वैक्सीन की वजह से कोई भी गंभीर साइड इफेक्ट्स होने की स्थिति में लाभार्थी को सरकार के तय किए हुए और अधिकृत अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाएंगी।

    मुआवजा बीबीआईएल द्वारा अदा किया जाएगा
    टीका लगवाने वाले लोगों द्वारा जिस फॉर्म पर हस्ताक्षर किये जाने हैं, उस पर भारत बायोटेक ने कहा है, ”किसी प्रतिकूल या गंभीर प्रतिकूल प्रभाव की स्थिति में आपको सरकारी चिहि्नत और अधिकृत केंद्रों और अस्पतालों में चिकित्सकीय रूप से मान्यताप्राप्त देखभाल प्रदान की जाएगी।” सहमति पत्र के अनुसार, ”अगर टीके से गंभीर प्रतिकूल प्रभाव होने की बात साबित होती है तो मुआवजा बीबीआईएल द्वारा अदा किया जाएगा।”
    कंपनी ने अभी वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल पूरे नहीं किए
    कोवैक्सीन के पहले और दूसरे चरण के क्लिनिकल परीक्षण में कोविड-19 के खिलाफ एंटीडोट विकसित होने की पुष्टि हुई है। गौरतलब है कि, कंपनी ने अभी वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल पूरे नहीं किए हैं। टीका निर्माता के मुताबिक टीके के क्लिनिकल रूप से प्रभावी होने का तथ्य अभी अंतिम रूप से स्थापित नहीं हो पाया है तथा इसके तीसरे चरण के क्लिनिकल ट्रायल में इसका अध्ययन अभी किया जा रहा है। इसमें कहा गया है, ”इसलिए यह जान लेना आवश्यक है कि टीका लगाने का मतलब यह नहीं है कि कोविड-19 संबंधी अन्य सावधानियों को नहीं बरता जाए।”


    फॉर्म में लिखने होंगे लक्षण
    रिपोर्ट्स के अनुसार, वैक्सीन प्राप्त करने वाले को एक फैक्ट शीट और बुरे परिणामों से जुड़ा फॉर्म दिया जाएगा। इस फॉर्म में लाभार्थी को शुरुआती 7 दिनों में नजर आने वाले लक्षणों को लिखना होगा। कंसेंट फॉर्म में लिखा है कि फेज-1 और 2 में कोरोना वायरस के खिलाफ वैक्सीन ने एंटीबॉडी तैयार करने की क्षमता दिखाई है। वहीं, रिपोर्ट ने कहा गया है ‘फेज-3 ट्रायल जारी होने के चलते कोवैक्सीन की एफिकेसी को तय नहीं किया जा सका है।’ सहमति पत्र में कहा गया, टीका लगवाने के बाद जिन सावधानियों का पालन करना है उसे मानना चाहिए। फॉर्म में टीका तलवाने वालों के डेटा की भी प्राइवेसी का पूर्ण पालन करते हुए इस्तेमाल करने की समहमित मांगी गई है।


    मुआवजा देना कंपनी की जिम्मेदारी- विशेषज्ञ
    इस क्षेत्र के एक विशेषज्ञ के मुताबिक चूंकि टीका अभी क्लिनिकल ट्रायल के चरण में ही है इसलिए यदि किसी को गंभीर दुष्प्रभाव होते हैं तो मुआवजा देना कंपनी की जिम्मेदारी बनती है। इस बीच, भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड बीबीआईएल) की संयुक्त प्रबंध निदेशक सुचित्रा एल्ला ने ट्वीट किया, ”कोवैक्सीन और भारत बायोटेक, राष्ट्र और कोरोना योद्धाओं की सेवा करके सम्मानित और कृतज्ञ महसूस कर रहे हैं।” बता दें कि, आज देश में वैक्सीन प्रोग्राम की शुरुआत हो चुकी है। जिसके तहत पहले चरण में स्वास्थ्यकर्मियों को वैक्सीन लगाई जाएगी। सरकार पहले दिन 3 लाख लोगों को टीका लगाएगी।

  • Whatsapp ने रोका प्राइवेसी अपडेट प्लान, सोशल मीडिया पर छाए Funny Memes, लोग बोले- बहुत देर कर दी…

    Whatsapp ने रोका प्राइवेसी अपडेट प्लान, सोशल मीडिया पर छाए Funny Memes, लोग बोले- बहुत देर कर दी…

    हफ्तों की आलोचना के बाद आखिरकार व्हाट्सएप ने कुछ समय पहले घोषित की गई अपनी नई गोपनीयता नीति की शुरुआत पर फिलहाल अभी रोक लगा दी है. वहीं, अब सोशल मीडिया पर लोग व्हाट्सएप के इस फैसले का काफी मज़ाक उड़ा रहे हैं. व्हाट्सएप के इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर फनी मीम्स की बाढ़ आ गई है।

    व्हाट्सएप की प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर काफी विवाद के बाद कंपनी ने यह फैसला लिया है. पहले 8 फरवरी तक व्हाट्सएप यूजर्स को प्राइवेसी पॉलिसी को अनिवार्य रूप से स्वीकार करना था. कंपनी ने कहा, है कि पॉलिसी को लेकर फैली भ्रामक खबरों को स्पष्ट करने के बाद ही आगे फैसला लिया जाएगा।


    व्हाट्सएप के इस फैसले के आते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने फनी मीम्स शेयर करने शुरु कर दिए. कुछ यूजर्य ने कहा- ‘बहुत देर हो चुकी है.’ दरअसल, जब व्हाट्सएप ने जब अपनी नई प्राइवेसी पॉलिसी का ऐलान किया था, तो काफी यूजर्स ने ऐप को अपने फोन से हटाना शुरू कर दिया था. इस विवाद का फायदा सोशल मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम और सिग्नल को मिला।