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  • मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने कलेक्टरों के साथ की कांफ्रेंसिंग,नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश…

    मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने कलेक्टरों के साथ की कांफ्रेंसिंग,नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश…

    रायगढ़। मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने वीडियो कांन्फ्रेन्स के माध्यम से सभी कलेक्टरों को अपने- अपने जिलों में कोरोना संक्रमण रोकने के लिए सघन अभियान चलाने के निर्देश दिए। वीडियो कान्फ्रेन्स में अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य  रेणु जी पिल्ले उपस्थित थी।मुख्य सचिव ने कहा कि वर्तमान में कोरोना संक्रमण में वृद्धि को देखते हुए इसके रोकथाम के प्रयास करना अत्यंत आवश्यक है।सभी को कोरोना अनुकूल व्यवहार जैसे मास्क सही तरीके से लगाना, दो गज की दूरी रखना और समय पर साबुन पानी से 20 सेंकड तक हाथ धोना शामिल है।सार्वजनिक स्थलों पर ऐसा नही करने पर पूर्व निर्धारित दंड देने पर भी अमल किया जाए। उन्होने कोरोना जांच के लिए आर टी पी सी आर और ट्रूनाॅट टेस्ट बढ़ाने पर जोर दिया ।

    उन्होने कहा कि प्रत्येक संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए अधिकतम 30 व्यक्तियों तक की कान्टेक्ट ट्रेसिंग की जाए और लक्षण दिखने पर उनका टेस्ट अवश्य कराया जाए और शेष लोगों की निगरानी की जाए। श्री जैन ने कलेक्टरों से प्रभावी निगरानी का तंत्र विकसित करने और उस पर कड़ाई से अमल करने के निर्देश दिए। उन्होने कोविड अनुकूल व्यवहार संबंधी व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए।

  • नशे में धुत्त एक युवक ने खुद को क्राइम ब्रांच का अफसर बता कर ड्यूटी कर रहे आरक्षक से गाली गलौच करते हुए की हाथापाई, आरक्षक की वर्दी भी फाडी….

    नशे में धुत्त एक युवक ने खुद को क्राइम ब्रांच का अफसर बता कर ड्यूटी कर रहे आरक्षक से गाली गलौच करते हुए की हाथापाई, आरक्षक की वर्दी भी फाडी….

    नशे में आदमी जो कर दे वह कम ही है।आम आदमी थाने जाने के नाम से ही डर जाता है।लेकिन यदि नशा सिर पर चढ़ जाए तो न केवल वह थाने जा सकता बल्कि थाने जाकर वहां डयूटी कर रहे पुलिस वालों के साथ मारपीट भी कर सकता है और उनकी वर्दी भी फाड़ सकता है।ऐसा ही एक मामला तख़तपुर क्षेत्र के जुनापारा चौकी से सामने आया है।जिसमे नशे में धुत्त एक युवक ने खुद को क्राइम ब्रांच का अफसर बता कर ड्यूटी कर रहे आरक्षक से गाली गलौच करते हुए हाथापाई किया और आरक्षक की वर्दी भी फाड़ दी।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार जुनापारा चौकी में नवीन गोस्वामी नामक युवक नशे में धुत्त आया।और ड्यूटी कर रहे आरक्षक मनोज कुमार कुलमित्र को चमकाते हुए प्रभारी के बारे में पूछ ताछ करने लगा।युवक खुद को क्राइम ब्रांच बिलासपुर का अफसर बता रहा था।

    उसकी नशे की हालत देखकर आरक्षक ने उसे बैठने के लिए कहा और बताया कि प्रभारी देहात दौरे पर गए हैं।वह वीडियो बनाते हुए गाली गलौच पर उतर आया और आरक्षक का कॉलर पकड़कर उसके ऊपर हाथ छोड़ दिया।इससे हड़बड़ाए आरक्षक और थाने में उपस्थित अन्य लोगो ने उसे रोकने की कोशिश की। इस दौरान आरक्षक की वर्दी फट गयी।

    युवक द्वारा थाने में जमकर हंगामा किया गया और तोड़ फोड़ भी की गई।इसकी सूचना आरक्षक द्वारा मिलते ही चौकी प्रभारी प्रताप सिंह तुरंत चौकी पहुंचे और युवक के विरुध्द शासकीय कार्य मे बाधा डालने सहित कई धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर मुलाहिजा के लिए भेज दिया ।युवक के बारे में बताया जा रहा है कि वह आदतन नशेड़ी है और नाइट्रा जैसी नशीली दवाओं का सेवन करता है।

  • अश्लील वीडियो बनाने वाले 3 यूट्यूबर गिरफ्तार, 17 यूट्यूब चैनल और कुछ फेसबुक पेज से कमाए दो करोड़ से ज्यादा, Prank Video के नाम पर बनाए सैकड़ों शिकार…

    अश्लील वीडियो बनाने वाले 3 यूट्यूबर गिरफ्तार, 17 यूट्यूब चैनल और कुछ फेसबुक पेज से कमाए दो करोड़ से ज्यादा, Prank Video के नाम पर बनाए सैकड़ों शिकार…

    मुंबई। महाराष्ट्र पुलिस की मुंबई क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने बड़ी करवाई की है। प्रैंक के नाम पर अश्लील वीडियो बनाकर मोटी कमाई करने वालों पर पुलिस ने शिकंजा कसा है। यूट्यूब पर प्रैंक वीडियो अपलोड करके लाखों की रकम बनाने वाले रैकेट का पर्दाफाश किया गया है।
    पुलिस ने इस सिलसिले में तीन पढ़े लिखे आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कोरोना काल के दौरान इन शातिर लोगों ने 17 यूट्यूब चैनल्स पर 300 से ज्यादा वीडियो बनाकर करीब 2 करोड़ की कमाई की थी।

    तीन आरोपियों को मुंबई पुलिस की साइबर सेल ने गिरफ्तार किया है। अब तक की जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने अब तक 300 से ज्यादा ऐसे वीडियो अपलोड किए हैं और कुछ ही महीनों में इससे दो करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई की है।

    लगातार इस तरह के अपलोड हो रहे वीडियो पर राज्य महिला आयोग ने संज्ञान लेते हुए साइबर सेल में शिकायत की थी, जिसके बाद एफआईआर दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ शिकंजा कसा गया।
    मुंबई पुलिस की साइबर क्राइम ने एक केस दर्ज किया है, जिसमें कुछ लड़के फेसबुक पेज और यूट्यूब चैनल चलाते हैं और वे अश्लील वीडियो अपलोड करते हैं। ये कुछ लड़कियों को प्रैंक करने के लिए बुलाते हैं। मुंबई के सार्वजनिक जगहों पर 5-10 मिनट के इस वीडियो की शूटिंग की जाती है। इस बात की जानकारी शनिवार को मुंबई पुलिस ने मीडिया को एक प्रेस कांफ्रेंस के जरिए दी।
    मामले में गिरफ्तार आरोपियों के नाम मुकेश गुप्ता, प्रिंस कुमार साव और जितेंद्र गुप्ता है। छानबीन में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने कुछ लड़कियों को जबरन वीडियों में काम करने और शारीरिक संबंध बनाने पर भी मजबूर किया है। आरोपियों के पास से 4 मोबाइल, 5 लैपटॉप और 1 कैमरा जब्त किया गया है।
    साइबर सेल की डीसीपी रश्मी करंदीकर ने कहा कि कई शिकायतें मिल रहीं हैं, जिनमें नाबालिग लड़के/लड़कियों से दोस्ती कर उनसे अश्लील तस्वीरें हासिल करने के बाद ब्लैकमेल किया जा रहा है। इसलिए सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती और अपनी निजी तस्वीरें या वीडियो साझा करने से बचें। अभिभावको से भी अपील की गई है कि वे बच्चों के सोशल मीडिया एकाउंट पर नजर रखें।
    पुलिस के मुताबिक, इन वीडियो में गलत तरीके से लड़की के प्राइवेट पार्ट को टच किया जाता है। इस मामले में 3 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। इनके 17 यूट्यूब चैनल और कुछ फेसबुक पेज थे जो बंद करने के लिए साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने लिखा है। अनुमान है कि इन चैनल ऑपरेटर्स को इससे कम से कम 2 करोड़ की आमदनी हुई है।
    पुलिस के शिकंजे में आए इन आरोपियों में एक मुकेश गुप्ता ठाणे में कोचिंग क्लासेस चलाता है। जहां तीन सौ से ज्यादा बच्चे पढ़ते हैं। कोचिंग इंस्टीट्यूट के कई नाबालिग बच्चों का वीडियो भी आरोपियों ने अपने चैनल्स में अपोलड किया था।
    वहीं दूसरा आरोपी जीतू गुप्ता बीएचएमएस का छात्र है जो इस साल सेकंड ईयर में है। वहीं तीसरे आरोपी का नाम नटखट प्रिंस है जो बीएमएम के सेकंड ईयर में पढ़ रहा है। मुकेश गुप्ता के 2008 में 10th क्लास में 98% मार्क्स आये थे।

  • निजी विद्यालयों ने फीस विनियमन अधिनियम लागू होने के बाद भी नहीं बनाई फीस समिति, संचालनालय से डीईओ को लिखा पत्र…

    निजी विद्यालयों ने फीस विनियमन अधिनियम लागू होने के बाद भी नहीं बनाई फीस समिति, संचालनालय से डीईओ को लिखा पत्र…

    रायपुर। निजी स्कूलों की फीस को लेकर अशासकीय विद्यालय फीस विनियमन अधिनियम लागू होने के बाद भी निजी स्कूलों की ओर से इस दिशा में कार्रवाई नहीं किए जाने पर लोक शिक्षण संचालनालय ने संज्ञान लिया है. फीस समिति गठन के लिए संचालक की ओर से तमाम जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया है।

    लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक जितेंद्र शुक्ला की ओर से जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी पत्र में कहा गया है कि अशासकीय विद्यालय फीस विनियमन अधिनियम 24 सितम्बर 2020 को लागू किया गया है. अधिनियम के बनने के 1 माह के भीतर निजी विद्यालयों को फीस समिति गठन की कार्रवाई करनी थी, लेकिन आजतक निजी विद्यालयों द्वारा इस दिशा में कार्रवाई पूरी नहीं की गई है।

    जिला शिक्षा अधिकारियों से सभी निजी विद्यालयों को निर्देशित करने कहा गया है कि अधिनियम 2020 के अनुसार 15 मार्च तक तमाम कार्रवाई पूरी करें. इसके बाद अधिनियम की किसी धारा के उल्लंघन के दोषी पाये जाते हैं, उन्हें नोटिस दिया जाएगा. इसके साथ ही डीईओ को अपने जिले के निजी विद्यालयों को अधिनियम की विभिन्न धाराओं से परिचित कराने के लिए कहा गया है।

  • छत्तीसगढ़ में 60 साल से अधिक उम्र वालों के वैक्सीनेशन के लिए गाइडलाइन जारी….

    छत्तीसगढ़ में 60 साल से अधिक उम्र वालों के वैक्सीनेशन के लिए गाइडलाइन जारी….

    रायपुर। राष्ट्रव्यापी कोविड-19 टीकाकरण अभियान अभियान में 1 मार्च, 2021 से अब इसमें 60 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिक तथा विशेष बीमारियों के साथ 45 से 59 वर्ष के आयु वर्ग में आने वाले व्यक्ति शामिल होंगे।

    केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव श्री राजेश भूषण ने वैक्सीन एडमिनिस्ट्रेशन (को-विन) पर अधिकार प्राप्त समूह के अध्यक्ष तथा कोविड-19 वैक्सीन एडमिनिस्ट्रेशन पर राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह (एनईजीवीएसी) के सदस्य डॉ. आर.एस. शर्मा के साथ राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों के स्वास्थ्य सचिवों और एमडी (एनएचएम) के साथ टीकाकरण पर वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।

    कल आयोजित इस कान्फ्रेन्स में राज्य की अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्रीमती रेणु जी पिल्ले,संचालक स्वास्थ्य सेवाएं श्री नीरज बंसोड,राज्य टीकाकरण अधिकारी डाॅ अमर सिंह शामिल हुए।

    बैठक में राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों को डिजीटल प्लेटफॉर्म को-विन के वर्सन 2.0 की मूल विशेषताओं की जानकारी दी गई। यह जनसंख्या आकार का सॉफ्टवेयर है और हजारों प्रोसेसिंग क्षमता रखता है। आयु उचित समूहों के टीकाकरण का नया चरण देश में कोविड टीकाकरण को कई गुणा बढ़ा देगा। इस चरण में चिन्हित आयु समूहों के नागरिकों और टीकाकरण के वर्तमान चरण से वंचित और छूटे हुए स्वास्थ्य सेवाकर्मियों तथा फ्रंटलाइनकर्मी अपनी पसंद के टीकाकरण केंद्र चुन सकते हैं।

    निजी क्षेत्र के अस्पताल कोविड टीकाकरण केंद्र के रूप में शामिल किए जाएंगे ताकि टीकाकरण की गति बढ़ाई जा सके।
    यह बताया गया कि सभी टीकाकरण केंद्र (सीवीसी) के पास निम्नलिखित अलग-अलग स्वास्थ्य सुविधाएं होंगीः- एसएचसी पीएचसी सीएचसी जैसी सरकारी स्वास्थ्य सुविधाएं, आयुष्मान भारत स्वास्थ्य और वेलनेस केंद्र सब-डिविजन अस्पताल, जिला अस्पताल तथा मेडिकल कॉलेज अस्पताल शामिल होंगे। केंद्र सरकार स्वास्थ्य सेवा (सीजीएचएस) आयुष्मान , प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएम जेएवाई) तथा इसी तरह की राज्य स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के अंतर्गत पेनल में शामिल सभी निजी अस्पताल शामिल किए जाएंगे।


    राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि निजी स्वास्थ्य सुविधाओं को कोविड टीकाकरण केंद्र के रूप में काम करने के लिए उनके पास टीकारण प्रक्रिया के लिए पर्याप्त स्थान होना चाहिए। टीके की शीशी के भंडारण के लिए मूल कोल्ड चेन उपकरण होने चाहिए। टीका लगाने वाले लोगों तथा स्टाफ की अपनी टीम होनी चाहिए। किसी एईएफआई मामले के प्रबंधन के लिए पर्याप्त सुविधा होनी चाहिए।


    टीका लगाने के इच्छुक व्यक्तियों को अपने साथ निम्नलिखित फोटो, आईडी दस्तावेज लाने होंगे आधार कार्ड,निर्वाचक फोटो पहचान पत्र (ईपीआईसी), ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के मामले में पंजीकरण के समय निर्दिष्ट फोटो आईडी कार्ड (यदि आधार या ईपीआईसी नहीं है) 45 वर्ष से 59 वर्ष के आयु समूह के नागरिकों के लिए बीमारी का प्रमाण पत्र (पंजीकृत डॉक्टर से हस्ताक्षरित) हेल्थ केयर वर्कर और फं्रटलाइन वर्कर एफएल डब्लयू के लिए रोजगार प्रमाण-पत्र अधिकारिक पहचान पत्र (दोनों में से एक फोटो और जन्म तिथि के साथ)
    राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पंजीकरण की सरल प्रक्रिया बताई गई। पंजीकरण तीन प्रकार से होगा ।

    पहला एडवांस सेल्फ रजिस्ट्रेशन लाभार्थी अग्रिम रूप से को-विन 2.0 पोर्टल डाउनलॉड करके तथा आरोग्य सेतू आदि जैसे आईटी एप्लीकेशनों के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण कराने पर कोविड टीकाकरण के रूप में काम करने वाले सरकारी तथा निजी अस्पतालों की जानकारी और तिथि तथा समय की उपलब्धता की जानकारी मिलेगी।

    लाभार्थी अपनी पसंद का सीवीसी चुन सकेगा और टीकाकरण के लिए अप्वाइंटमेंट बुक कर सकेगा। दूसरा विकल्प ऑनसाइट रजिस्ट्रेशन का होगा जो साइट पर अपने को रजिस्टर कराने की अनुमति देता है जो स्वयं रजिस्टर नहीं कर पाए थे।

    तीसरा विकल्प सुविधाजनक कोहोर्ट पंजीकरण का होगा जिसके तहत राज्य एवं केंद्रशासित सरकार अपनी ओर से हितग्राहियों के समूह का चयन कर उन्हे टीका लगवाएगी। इसके लिए आशा, मितानीन,पंचायत राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों और स्वसहायता समूहों की मदद ली जा सकती है। सभी का कोविन प्लेटफार्म में पंजीयन होगा। सरकारी अस्पतालों में यह निःशुल्क होगा और निजी अस्पतालों में पूर्व निर्धारित शुल्क देना होगा।

  • 1 मार्च से 31 मार्च तक बनेंगे 5 लाख रुपये वाली आयुष्मान कार्ड….

    1 मार्च से 31 मार्च तक बनेंगे 5 लाख रुपये वाली आयुष्मान कार्ड….

    प्रदेश में अब आयुष्मान कार्ड बनने जा रहे हैं। इस कार्ड को दिखाते ही राज्य के अनुबंधित सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में शत-प्रतिशत नि:शुल्क इलाज मिलेगा। 1 मार्च से 31 मार्च तक प्रदेश के चॉइस सेंटर में नि:शुल्क कार्ड बनाएं जाएंगे। 25 फरवरी को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जनआरोग्य डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना की राज्य नोडल एजेंसी ने इससे संबंधित गाइडलाइन सभी सीएमएचओ को जारी कर दी।

    केंद्र सरकार के अभियान ‘आपके द्वार आयुष्मान’ अंतर्गत कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। कांग्रेस सरकार के सत्ता में आते ही सरकार ने राज्य में राशन कार्ड के जरिए नि:शुल्क इलाज की घोषणा कर दी थी। जो अभी भी जारी है। मगर, यह देखा गया कि कार्ड होने से लोग ज्यादा संतुष्ट होते हैं कि उन्हें जरुरत के वक्त सरकारी सहायता मिलेगी। पूर्व में स्मार्ट कार्ड की तर्ज पर ही ये कार्ड बनने जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में 65,49,159 परिवारों को इस अभियान का लाभ मिलेगा। केंद्र सरकार ने निर्देश दिए हैं कि इस अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए मुनादी करवाएं, होर्डिंग्स, बैनर-पोस्टर, वॉल पेंटिंग और शिविरों का आयोजन करें। गाइडलाइन में कोरोना प्रोटोकॉल के पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। 50 हजार और 5 लाख तक की सहायता केंद्र सरकार द्वारा आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत हितग्राही बीपीएल परिवारों के लिए 5 लाख रुपए की सहायता प्रदान की जा रही है, जबकि राज्य सरकार द्वारा एपीएल परिवारों को अपने तहत 50 हजार रुपए की तक स्वास्थ्य सहायता दी जा रही है। इस संबंध अधिक जानकारी के लिए मितानीन, स्वास्थ्य कार्यकर्ता एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से सहायता ली जा सकती है।

    ऐसे बना सकते हैं कार्ड

    1- व्यक्तिगत पहचान पत्र के लिए आधार कार्ड। पारिवारिक सदस्यता सत्यापन के लिए राशनकार्ड ले जाना होगा।
    2- प्रक्रिया पूरी होते ही पहले कागज वाला कार्ड मिलेगा, कुछ दिनों के संबंधित चॉइस सेंटर पर आपके कार्ड बन जाने की जानकारी भेजी जाएगी। वहां से बाद बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद प्लास्टिक कार्ड जारी होंगे।

  • आज से हो रहे हैं ये बड़े बदलाव… LPG, बैंकिंग, के लिए ये हैं नए नियम….

    आज से हो रहे हैं ये बड़े बदलाव… LPG, बैंकिंग, के लिए ये हैं नए नियम….

    दिल्ली। मार्च 2021 से भारत में ये बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। इन बदलावों का आपकी जिंदगी पर सीधा असर पड़ेगा। इन नए नियमों से एक ओर जहां आपको राहत मिलेगी, वहीं अगर आपने कुछ बातों का ध्यान नहीं रखा तो आपको आर्थिक नुकसान भी हो सकता है। इनमें बुजुर्गों को लगने वाला कोरोना का टीका, सरकार की विवाद से विश्वास योजना की आखिरी तारीख, बैंक ग्राहकों के आईएफएससी कोड, आदि शामिल हैं। आइए जानते हैं इन महत्वपूर्ण बदलावों के बारे में।

    1 मार्च को बदलेंगे सिलेंडर के दाम


    तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को सिलेंडर के दाम को तय करती हैं. ऐसे में 1 मार्च से सिलेंडर की कीमतों में बदलाव आएगा. हालांकि, फरवरी महीने में कंपनियां दो बार सिलेंडर के दाम बढ़ाए पहले ही बढ़ा चुकी हैं. 

    बुजुर्गों को लगेगा कोरोना का टीका


    भारत समेट दुनियाभर के देशों में कोरोना के खिलाफ टीकाकरण अभियान काफी तेजी से चल रहा है। वैश्विक महामारी कोरोना के कारण करीब एक साल तक देश ही नहीं विश्व की चिंता बढ़ा दिया था।  लेकिन देश में 60 या उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए खुशखबरी है। बुजुर्गों को सरकार मार्च महीने से कोरोना का टीका लगाना शुरू कराने जा रही है।

    मार्च में भी उठा सकते हैं इस सरकारी योजना का लाभ


    भारत सरकार ने विवाद से विश्वास योजना की आखिरी तारीख बढ़ा दी है। प्रत्यक्ष कर विवाद समाधान योजना के तहत कर संबंधी घोषणा दाखिल करने की समय सीमा 31 मार्च तक के लिए बढ़ा दी है। इसके साथ ही भुगतान के लिए समय 30 अप्रैल तक बढ़ा दिया गया है। पहले इस योजना के तहत घोषणा करने की समयसीमा 28 फरवरी थी। यानी अब करदाता मार्च में भी इस सरकारी योजना का लाभ उठा सकते हैं।

    इन बैंक ग्राहकों का बदलेगा IFSC कोड


    अगर आपका खाता बैंक ऑफ बड़ौदा में है तो ये खबर आपके लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। एक अप्रैल 2019 से विजया बैंक और देना बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा के साथ विलय प्रभावी हो गया था। इसके बाद देना बैंक और विजया बैंक के ग्राहक बैंक ऑफ बड़ौदा के ग्राहक बन गए। अब बैंक ने आगाह किया है कि एक मार्च 2021 से विजया बैंक और देना बैंक के आईएफएससी कोट काम नहीं करेंगे। ग्राहकों को एक मार्च से ग्राहकों को नए आईएफएससी कोड का इस्तेमाल करना होगा। ग्राहक नए कोड से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए बैंक की वेबसाइट पर जा सकते हैं।

    खुलेंगे पांचवीं कक्षा तक के विद्यालय


    एक मार्च से उत्तर प्रदेश और बिहार में पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थी ऑफलाइन पढ़ाई के लिए विद्यालय आ सकेंगे। ऑफलाइन कक्षाएं शुरू कराने की तैयारी शिक्षा विभाग ने पूरी कर ली है। स्कूलों में साफ-सफाई कराने के साथ ही सैनिटाइज कराने का काम किया जा रहा है। सतर्कता और सावधानी के साथ प्राथमिक स्कूलों में ऑफलाइन कक्षाएं लगाई जाएंगी। स्कूलों में आने के लिए अभिभावकों का सहमति पत्र शिक्षा विभाग की ओर से अनिवार्य किया गया है। इसके बिना छात्रों को स्कूल में प्रवेश नहीं मिलेगा।

    ’विवाद से विश्वास’ स्कीम में जानकारी देने की नई समय सीमा

    आयकर विभाग ने प्रत्यक्ष कर विवाद समाधान योजना ‘विवाद से विश्वास’ के अंतर्गत विवरण देने की समयसीमा बढ़ाकर 31 मार्च 2021 कर दी है। इसके साथ ही बिना अतिरिक्त राशि के भुगतान के लिए समय बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दिया है। इस योजना के तहत घोषणा करने की समयसीमा पहले 28 फरवरी थी, जबकि विवादित कर राशि भुगतान की समयसीमा 31 मार्च थी।

  • मालखरौदा के पोता क्षेत्र में जंगली हाथी पहुंचा, आस पास के सभी क्षेत्र में हाई अलर्ट…

    मालखरौदा के पोता क्षेत्र में जंगली हाथी पहुंचा, आस पास के सभी क्षेत्र में हाई अलर्ट…

    कुछ दिनों से जंगली हाथी और उसका बच्चा, जंगल से भटककर जांजगीर जिले में प्रवेश कर गए है, और अभी मालखरौदा क्षेत्र में है।

    आस पास के सभी गांव में चरौदी, चरौदा, पोता, पंडार मुड़ा, मुक्ता, मालखरौदा, अंडी और 10 किलोमीटर के एरिया में मुनादी कर दिया गया है, और सावधान कर दिया गया है, लाइन को इसलिए बंद कर दिया गया है, कही हाथी लाइट की चपेट में न आए या लाइन से गांव के लोगो को बांचाया जा सके।

    आपको बता दे की जो हाथी कई दिनों से जंगल की तलाश कर रहे है, मगर आपको बता दे, जांजगीर जिले में एक भी जंगल नहीं है, मालखरौदा से पहाड़ी जंगल 40 से 50 किलोमीटर के क्षेत्र में है।

    फॉरेस्ट विभाग की टीम कई दिनों से हाथी और उसके बच्चे को जंगल की तरफ ले जाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन सफलता मिलती नहीं दिख रही है।

    अभी क्षेत्र में और कुछ दिन इसी तरह से दहशत का माहौल जारी रह सकता है, आप भी सावधान रहे, खबर से पता चला है, कि हाथी महिला को नुकसान पहुंचाया है।

    और धान के फसलों का नुकसान का भी नुकसान हो रहा है।

  • Hyundai ने पेश की दमदार इलेक्ट्रिक कार IONIQ 5, सिंगल चार्ज में चलेगी 470 Km, मोबाइल की तरह 5 मिनट में होगी चार्ज…

    Hyundai ने पेश की दमदार इलेक्ट्रिक कार IONIQ 5, सिंगल चार्ज में चलेगी 470 Km, मोबाइल की तरह 5 मिनट में होगी चार्ज…

    Hyundai IONIQ 5 Electric Car: दक्षिण कोरिया की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी Hyundai ने अपने नई इलेक्ट्रिक क्रॉसओवर मॉडल IONIQ 5 को पेश किया है। इस कार को लॉन्च करने के साथ ही कंपनी को उम्मीद है कि इलेक्ट्रिक व्हीकल सेग्मेंट में Hyundai की ग्लोबल पोजिशन और भी बेहतर होगी। कंपनी ने इस मॉडल को नए इलेक्ट्रिक वाहन प्लेटफॉर्म पर तैयार किया है। 

    Hyundai का मानना है कि नई Ioniq 5 के बाजार में आने के बाद कंपनी को 2025 तक अपने लक्ष्य को आसानी से पूरा कर लेगी। दरअसल, ये नया मॉडल फ्रैंकफर्ट मोटर शो में पेश किए गए 45 कॉन्सेप्ट का प्रोडक्शन वर्जन है। इस क्रॉसओवर मॉडल में कंपनी ने पॉप अप डोर हैंडल्स, रेक्ड फ्रंट विंडशिल्ड, ब्लैक रूफ, स्लिक LED हेडलैंप के साथ 20 इंच का एलॉय व्हील दिया गया है। एक इलेक्ट्रिक वाहन के तौर पर इसमें सबसे बड़े साइज का व्हील दिया जा रहा है। 

    साइज: जहां तक इस कार की साइज की बात है तो इसकी लंबाई 4,635 mm, चौड़ाई 1,890 mm और उंचाई 1,605 mm है। इसमें 3,000 mm का व्हीलबेस दिया गया है। कार के इंटीरियर को कंपनी ने फ्यूचरिस्टिक डिजाइन दिया है, इसके अलावा कार के केबिन को आरामदायक बनाने के लिए इसमें बेहतर स्पेस भी दिया गया है। इस क्रॉसओवर में 531 लीटर की क्षमता का बूट स्पेस दिया गया है, जिसे बढ़ाकर 1,600 लीटर तक किया जा सकता है। 

    नई Hyundai IONIQ 5 में कंपनी ने 12 इंच का ट्चस्क्रिन सिस्टम दिया है और गियर सेलेक्टर को स्टीयरिंग व्हील के पीछे दिया गया है। इस इलेक्ट्रिक कार के दोनों साइड में चार्जिंग पोर्ट दिया गया है, जिससे इसे आसानी से चार्ज किया जा सकता है। कंपनी इसे अलग अलग ट्रिम में बाजार में उतारेगी। इसकी टॉप स्पीड 185 किलोमीटर प्रतिघंटा है। 

    बैटरी और पावर: इस क्रॉसओवर में कंपनी ने 58 kWh की क्षमता का बैटरी और सिंगल मोटर सेट अप दिया गया है। जो कि 58 168 hp की पावर और 350 Nm का टॉर्क जेनरेट करता है। ये इलेक्ट्रिक कार महज 8.5 सेकेंड में ही 0 से 100 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार पकड़ने में सक्षम है। वहीं इसका ऑल व्हील ड्राइव मॉडल 232 hp की पावर और 605 Nm का टॉर्क जेनरेट करता है, ये मॉडल 6.1 सेकेंड में ही 0 से 100 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार पकड़ती है। 

    इसके एक अन्य वेरिएंट में कंपनी ने बड़े बैटरी पैक का इस्तेमाल किया है जो कि 302 hp की पावर और 605 Nm का टॉर्क जेनरेट करता है। ये मॉडल महज 5.2 सेकेंड में ही 0 से 100 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार पकड़ने में सक्षम है। इसके साथ 350 kW की क्षमता का चार्जर दिया जा रहा है और इसे आसानी से घर पर भी चार्ज किया जा सकता है। 

    ड्राइविंग रेंज: कंपनी का दावा है कि इसमें दिया गया फास्ट चार्जिंग सिस्टम महज 5 मिनट में ही कार की बैटरी को इतना चार्ज कर देगा कि ये 100 किलोमीटर का का ड्राइविंग रेंज देगी। इसके अलावा महज 18 मिनट में ही ये बैटरी 80 प्रतिशत तक चार्ज हो जाएगी। ये कार सिंगल चार्ज में 480 किलोमीटर तक का रेंज देती है। इस इलेक्ट्रिक क्रॉसओवर को साल के अंत तक बाजार में बिक्री के लिए लॉन्च किया जाएगा। 

  • एसीबी को लगी भनक, महिला थानाधिकारी ही घुस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार….

    एसीबी को लगी भनक, महिला थानाधिकारी ही घुस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार….

    देश में बढ़ रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की ओर से लगतार कार्रवाई की जा रही है। झारखंड में एक महिला थाना अधिकारी रिश्वत लेते रंगे हाथों एसीबी के हत्थे चढ़ गई है। भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए गुरुवार को खूंटी की महिला थाना प्रभारी को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने घूस लेते पकड़ा है।

    जानकारी के अनुसार एसीबी के अधिकारियों ने झारखंड के खूंटी जिले में महिला थाना प्रभारी मीरा सिंह को 15 हजार रुपये घूस लेते पकड़ा है। ऐसीबी रांची की टीम ने यह कार्रवाई खूंटी महिला थाने में की है। थानाधिकारी को महिला थाने से गिरफ्तार किया गया है।

    बता दें कि नागी होरो के पुत्र संजीव होरो के खिलाफ एक युवती ने महिला थाने में दुष्कर्म का केस दर्ज करने को लेकर आवेदन दिया था। लेकिन महिला थानाधिकारी ने आरोपी के खिलाफ के केस दर्ज नहीं करने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। जिसकी शिकायत एसीबी में की गई। एसीबी में जांच में मामले को सही पाया। जिसके बाद एसीबी की टीम ने महिला थानाधिकारी को 15 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।