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  • चुनाव आयोग से बोला सुप्रीम कोर्ट, मद्रास HC की ‘हत्या के आरोप’ वाली टिप्पणी को दवा की कड़वी गोली समझें…

    चुनाव आयोग से बोला सुप्रीम कोर्ट, मद्रास HC की ‘हत्या के आरोप’ वाली टिप्पणी को दवा की कड़वी गोली समझें…

    दिल्ली। चुनाव आयोग के खिलाफ मद्रास होईकोर्ट की टिप्पणियों पर आयोग ने जो सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, आज उसपर सुनवाई हुई है. हाईकोर्ट ने कहा था कि ‘कोरोना की दूसरी लहर के मौतों के लिए चुनाव आयोग पर शायद हत्या का मामला चलाना चाहिए.’ सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को सलाह दी कि वो मद्रास हाईकोर्ट की टिप्पणियों को सही भावना में ले. वहीं, मीडिया की रिपोर्टिंग पर कोर्ट ने कहा कि मीडिया वही रिपोर्ट करता है, जो कोर्ट में होता है. सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है।
    शीर्ष अदालत ने कहा कि ‘चुनाव आयोग मद्रास HC की ‘हत्या के आरोप’ की टिप्पणी को सही भावना में ले और उसे कड़वी गोली के रूप में निगल ले, जो एक डॉक्टर मरीज की बीमारी का इलाज करने के लिए देता है.’ सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव निकाय से कहा कि ‘हमें हाईकोर्ट को आजादी देनी होगी. आप भले ही संवैधानिक संस्था हैं लेकिन न्यायिक समीक्षा से बाहर नहीं हैं.’

    मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि ‘अदालत में जो कुछ हुआ उसे मीडिया को पूरी तरह से रिपोर्ट करना चाहिए. हम आयोग की चिंताओं से निपटने के लिए एक छोटा आदेश जारी करेंगे. हमें न्यायिक प्रक्रिया की पवित्रता की रक्षा करनी होगी. HC जजों को लगता है कि वे असुविधाजनक सवाल पूछने के लिए स्वतंत्र हैं.’ जस्टिस ने कहा कि ‘हम इस तथ्य से अवगत हैं कि चुनाव आयोग लोकतंत्र के लिए जिम्मेदार है. हम चाहते हैं कि लोकतंत्र का प्रत्येक अंग स्वतंत्र हो. – हम चुनाव आयोग पर निशाना नहीं लगा रहे हैं. मुद्दा थोड़ा और जटिल है. हम अपने जजों को यह नहीं बता सकते कि मामले में केवल दलीलों पर सुनवाई हो. लोकतंत्र तभी जीवित रहता है जब संस्थाएं मजबूत होती हैं.’

    चुनाव आयोग ने क्या कहा?
    चुनाव आयोग ने कहा कि PM और CM द्वारा रैलियां की जाती हैं जो आपदा प्रबंधन के तहत प्रशासन का काम है. उसमें उल्लंघन हुआ है. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में लगातार हत्यारा वाली बात चल रही है. आयोग के वकील राकेश द्विवेदी ने कहा कि ‘हाईकोर्ट की टिप्पणी से जनमानस में ये छवि बन रही है कि पूरे देश में कोरोना फैलाने का जिम्मेदार और मुलजिम आयोग ही है. हम कैसे इस बात की गारंटी दे सकते हैं कि रैलियों में आने वाले सभी मास्क पहन कर आएं? आलोचना भी कठोर है और इसे कहीं न कहीं रोकना होगा.’ 

    कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट की टिप्पणी पर क्या कहा?
    जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि ऐसा नहीं है कि जज सोच कर आते हैं कि यह बोलना है, किसी बात के क्रम में कई बात कही जाती है. इस पर चुनाव आयोग ने कहा कि जो टिप्पणी हुई उसका केस से संबंध नहीं था, यह टिप्पणी भी नहीं थी, एक तरह से आयोग के खिलाफ फैसला था. जस्टिस शाह ने कहा कि हर जज का अलग स्वभाव होता है. कई बार टिप्पणी भी सार्वजनिक हित में की जाती है।

    फिर चुनाव आयोग ने कहा कि चुनाव आयोग पर लोगों की हत्या का आरोप लगाना सही नहीं है. जज अपने आदेश में यह भी लिखें कि टिप्पणी का अर्थ क्या था. इसपर जस्टिस शाह ने कहा कि ऐसी मांग सही नहीं है, जजों के बातचीत के क्रम में कोई टिप्पणी करना एक मानवीय प्रक्रिया है. जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि कोर्ट आयोग की बात समझता है लेकिन कोर्ट को HC को हतोत्साहित भी नहीं करना चाहिए. वे न्यायिक प्रक्रिया के महत्वपूर्ण आधार हैं. परिप्रेक्ष्य को समझें।

    जस्टिस शाह ने कहा कि ‘कभी-कभी जब कुछ कहा जाता है तो यह बड़े जनहित के लिए होता है. कभी-कभी जज निराश होते हैं, वे नाराज होते हैं. आपको इसे सही भावना में स्वीकार करना चाहिए. वे भी इंसान हैं.’ जस्टिस चंद्रचूड ने कहा कि ‘हम चुनाव आयोग का सम्मान करते हैं, अन्यथा नहीं लें. यह बेलगाम नहीं है क्योंकि अंततः लोकतंत्र संस्थानों में विश्वास पर जीवित रहता है. आप जजों को नियंत्रित नहीं कर सकते. जो मुझे सही लगेगा मैं आदेश में दर्ज करूंगा.’

    जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि ‘हम अपनी न्यायिक प्रक्रिया की पहचान को कम नहीं कर सकते. आपकी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए हम अपने उच्च न्यायालयों की स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए एक संतुलन बनाएंगे.’

  • बिना तामझाम के होगा समारोह, बतौर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस दिन लेंगी शपथ…

    बिना तामझाम के होगा समारोह, बतौर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस दिन लेंगी शपथ…

    कोलकाता। पश्चिम बंगाल चुनाव में ऐतिहासिक जीत हासिल करने के बाद ममता बनर्जी 5 मई को सुबह 10.45 बजे बतौर मुख्यमंत्री तीसरी बार शपथ लेंगी. कोरोना काल में हो रहा शपथ ग्रहण समारोह बिना किसी तामझाम के सामान्य होगा।

    नंदीग्राम में पूर्व टीएमसी के नेता शुवेंदु अधिकारी के साथ कांटे की टक्कर में 956 मतों से हारने के बाद ममता बनर्जी के शपथ को लेकर तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन राज्यपाल जगदीश धनकर से मुलाकात के बाद आ रही जानकारी में उनके 5 मई को सुबह 10.45 बजे शपथ लेने की बात कही जा रही है।

    बंगाल चुनाव में तमाम धारणाओं को धराशाई करते हुए ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने 292 सीटों में से 209 सीटों पर जीत हासिल की है, वहीं चार सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं. वहीं भाजपा की बात कहें तो 76 सीटों पर जीत हासिल की है, वहीं एक सीट पर बढ़त बनाए हुए हैं. सरकार बनाने के लिए विधानसभा में 147 सीटों का सामान्य बहुमत होना जरूरी है।

  • बेड खाली होने पर भी मरीजों को बोला बेड नहीं, CMHO ने थमाया नोटिस…

    बेड खाली होने पर भी मरीजों को बोला बेड नहीं, CMHO ने थमाया नोटिस…

    रायपुर। कोरोना संक्रमण के बीच राजधानी रायपुर के दो बड़े अस्पतालों की गंभीर लापरवाही सामने आई है। बताया जा रहा है कि बेड खाली होने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने बेड खाली नहीं होने की जानकारी दी थी। मामले में संज्ञान लेते हुए रायपुर सीएमएचओ ने दोनों अस्पतालों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

    मिली जानकारी के बालाजी और हेरिटेज हॉस्पिटल ने मरीजों को बेड खाली नहीं होने की जानकारी दी थी, जबकि अस्पताल में बेड खाली थे। गलत जानकारी देने के चलते रायपुर सीएमएचओ ने निजी अस्पतालों को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा है।

  • शादियों पर लगी रोक, जारी अनुमति के आदेश भी हुए निरस्त…

    शादियों पर लगी रोक, जारी अनुमति के आदेश भी हुए निरस्त…

    कोरबा। छत्तीसगढ़ में कोरोना का संक्रमण बेकाबू होता जा रहा है. कोरबा में कोरोना अपना कहर बरपा रहा है. इसलिए जिले में 5 मई तक लॉकडाउन लगाया गया है. कोरोना का असर अब शादियों पर पड़ने लगा है. अब शहनाइयां नहीं बजेंगी. बैंड और बाजा सुने पड़ जाएंगे. तय समय पर होने वाली शादियां टल जाएंगी. सात फेले लेने के लिए दूल्हे-दुल्हन को थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा।

    कोरबा जिले के में कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने शादी के लिए दी गई सभी अनुमति को निरस्त कर दिया है. अनुविभागीय अधिकारी ने आदेश जारी किया है. जिसमें कहा गया है कि पूरे जिले में 17 मई तक शादियों पर रोक लगी रहेगी. शादी के लिए जारी किए आदेश भी निरस्त कर दिए गए हैं।


    तहसीलदार सुरेश साहू ने बताया कि पूरे जिले में आगामी 15 दिनों के लिए शादी-ब्याह में रोक लगा दी गई है. इसके बावजूद भी यदि कोई बिना अनुमति के शादी आयोजित करते पाया गया, तो उस पर 51 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा. जिले में बढ़ रहे कोरोना संक्रमितों की संख्या को देखते यह निर्णय लिया गया है।

    बता दें कि कोरबा जिले में रविवार को कोरोना के 900 संक्रमित मरीज मिले थे. 13 लोगों की कोरोना वायरस के चलते मौत भी हुई थी. इसलिए कोरोना संक्रमण से राहत मिलने के बाद ही अब अगले सीजन में शादी की शहनाइयां बजने के आसार है. कोरोना की चैन तो तोड़ने के लिए लॉकडाउन और पाबंदिया जरूरी है. प्रशासन के नियमों की वजह से वर-वधू को थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा. इसके साथ ही टेंट, डेकोरेशन, मैरेज हॉल, डीजे, कैटरिग, होटल, बैंड बाजे समेत व्यवसाय भी प्रभावित हो रहे हैं।

  • राजधानी अस्पताल के कोविड वार्ड में आग और धुएँ की वजह से 6 मरीज़ों की मौत के मामले में आया ये फैसला…

    राजधानी अस्पताल के कोविड वार्ड में आग और धुएँ की वजह से 6 मरीज़ों की मौत के मामले में आया ये फैसला…

    रायपुर। राजधानी के टिकरापारा इलाक़े में स्थित राजधानी अस्पताल में बीते 16 अप्रैल को आग लगने से कोविड वार्ड में भर्ती छ मरीज़ों की मौत मामले में पुलिस ने विवेचना के दौरान धारा 304(2) की धारा के तहत अपराध दर्ज करते हुए तड़के संचालक मंडल में शामिल दो चिकित्सकों को गिरफ़्तार कर लिया है। अभी प्रंबंधकों में दो की गिरफ़्तारी शेष बताई गई है।
    प्रारंभिक तौर पर इस प्रकरण की क़ायमी में धारा 304 A की धारा का उपयोग किया गया था। इस घटना में पाँच की मौत जलने से जबकि एक अन्य की दम घूंटने से हुई थी।प्रकरण में लापरवाही किस स्तर पर हुई थी इसके लिए पृथक से जाँच दल गठित किया गया था, जिसमें स्वास्थ्य और राजस्व विभाग के अधिकारी शामिल थे।
    विवेचना के दौरान धारा में परिवर्तन तब हुआ जबकि कप्तान अजय यादव ने डायरी तलब कर उसका अवलोकन के लिए एडिशनल एसपी और डीएसपी पुरानी बस्ती को निर्देशित किया। डायरी में आए तथ्य और मामले की प्रशासनिक जाँच के मिले तथ्यों को देखते हुए जिस प्रकरण मेर धारा 304 A के तहत प्रारंभिक तौर पर मामला दर्ज किया गया लेकिन जब बाक़ी तथ्य ने स्पष्ट किया कि अतिरिक्त धारा आकर्षित होती है तो उसे प्रभावी कर दिया गया। डायरी में धारा संशोधित हुई और धारा 304 (2) की धारा प्रभावी की गई।
    आईपीसी के अनुसार धारा 304 (2) का अर्थ है वह कार्य इस ज्ञान के साथ कि इससे मृत्यु कारित होना संभाव्य है लेकिन यह कार्य बिना किसी आशय के किया जाए। यदि आशय होता तो मानव वध माना जाता तब धारा 302 प्रभावी या कि आकर्षित होती लेकिन यदि आशय नहीं है तो 304(2) प्रभावी किया जाता है जो कि हत्या की कोटि में ना आने अपराधिक मानव वध है। इसमें दस वर्ष तक की सजा है।
    कप्तान अजय यादव ने कहा….
    “मैंने डायरी कॉल की थी और उसपर एडिशनल एसपी और डीएसपी पुरानी बस्ती को अवलोकन के लिए सौंपा गया था..उन्होने डायरी में आए तथ्यों को देखा.. प्रशासनिक जाँच रिपोर्ट के इनपुट भी देखे गए .. उसके बाद डायरी में धारा 304(2) प्रभावी की गई है”

  • 15 मई तक लॉक रहेगा प्रदेश लेकिन रायपुर और दुर्ग में आंशिक छूट….

    15 मई तक लॉक रहेगा प्रदेश लेकिन रायपुर और दुर्ग में आंशिक छूट….

    रायपुर।  छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण की रफ्तार को रोकने लॉक डाउन के चौथे चरण की शरुवात होने जा रही है । बता दें रायपुर और दुर्ग में आंशिक छूट के साथ लॉक डाउन की घोषणा 15 मई तक कि गयी है ।

    छत्तीसगढ़ में कोरोना की रफ्तार को कम करने के लिए लॉकडाउन का सहारा लिया गया है। जिसके अच्छे परिणाम देखने को मिले हैं। इसी कड़ी  में लॉकडाउन को आगे बढ़ाया गया है। रायपुर और दुर्ग जिले के लिए नई गाइडलाइन के साथ लॉकडाउन को 15 मई तक बढ़ाया गया है। जिसमे रायपुर और दुर्ग जिलों में कुछ सेवाओं में छूट दी गई है। जिसमे   कृषि सेवाओं से जुड़े दुकानों को खोला जाएगा। जिसमे कृषि उपकरणों को सुधारने वाले दुकान भी खुलेंगे। किराना  दुकान सिर्फ मोहल्ले के अंदर वाले खुलेंगे।बैंक और पोस्टऑफिस पचास फीसदी स्टाफ के साथ खुलेंगे। लेकिन इनमे सिर्फ व्यापारिक ट्रांजेक्शन होंगे।

    ई-कॉमर्स सेवाएं बंद रहेंगी । इलेक्ट्रेशियन अपने घरों से या फिर घरों में जाकर रिपेयरिंग का काम कर सकेंगे। पेट्रोल पंपों को पूरी तरह से नियमों से मुक्त किया गया है। गैस एजेंसी, अंडा और डेयरी प्रोडक्ट्स,आटा चक्की के दुकान खुलेंगे। रजिस्ट्री दफ्तर भी खुलेंगे।सब्जी और फल ठेलों में बिकेंगे। खानों की होम डिलिवरी सीधा घरों में ही रहेंगी। सरकारी कामों में लेबर वर्क को छूट दी गई है।

    लॉकडाउन के विस्तार के मुद्दों के बारे में:

    अधिकांश जिले निरंतर कोरोना दर को कम नहीं कर रहे हैं, लॉकडाउन अवधि का विस्तार करना चाहिए – ताकि वायरस श्रृंखला को तोड़ने का प्रयास किया जा सके।

    बस्तर संभाग के जिलों – आंध्र में एक नए संस्करण / तनाव का पता चला है, जो बहुत खतरनाक होने की सूचना दी गई है, और जो आपके क्षेत्रों में फैल सकता है, इसलिए इन जिलों को सीमा नियंत्रण, सीमा जाँच / परीक्षण में सुधार और सख्ती से लागू करने की आवश्यकता है लॉकडाउन।

    उपरोक्त 2 श्रेणियों के सभी एक्सटेंशन 15 मई तक, यानी, 10 दिनों तक – एक जैसे होने चाहिए, लेकिन कुछ और छूट के साथ (ए में नीचे दिए गए)

    केवल 2 जिले, रायपुर और दुर्ग, जहां दरें कम हो रही हैं, 15 मई तक भी बढ़ सकते हैं, लेकिन अधिक / आगे आराम के साथ (नीचे बी देखें)।

    A. रायपुर और दुर्ग (26 जिले) को छोड़कर सभी जिलों के लिए।

    1. कृषि क्षेत्र – बीज, उर्वरक, कीटनाशक, कृषि यंत्रों की दुकानों और उनकी मरम्मत के लिए दुकानें / गोदाम खोलना। उर्वरक ट्रकों की आवाजाही।
    2. किराना दुकानें खुल सकती हैं (लेकिन मौहल्लों में केवल स्वतंत्र प्रतिष्ठान, और मॉल और सुपरमार्केट में नहीं)
    3. शारीरिक रूप से दुकानें खोलने के बिना, केवल होम डिलीवरी के माध्यम से दैनिक जरूरतों / प्रावधान स्टोर (मौहल्ले और सुपरमार्केट में उन लोगों के लिए स्वतंत्र प्रतिष्ठान जिनके पास नहीं हैं)
    4. बैंकों और डाकघरों को 50% जनशक्ति के साथ खोलने के लिए – केवल व्यापार लेनदेन के लिए, सभी प्रकार के व्यवसायों के लिए।
    5. डाक / डाक सेवाओं के लिए कूरियर सेवाएं (ई-कॉमर्स के लिए नहीं)
    6. इलेक्ट्रीशियन / प्लंबर एसी, कूलर, सैनिटरी फिटिंग की घरेलू सेवाओं / मरम्मत के लिए। इसके अलावा उनकी मरम्मत की दुकानें।
    7. एसी, पंखे, कूलर (बिना दुकानें खोले) की होम डिलीवरी।
    8. पेट्रोल पंप – सभी उद्देश्यों के लिए खोलना, और बिना समय की पाबंदी के।
    9. गैस एजेंसियां ​​- खोलना।
    10. पोल्ट्री, मांस, अंडा, दूध, डेयरी और डेयरी उत्पादों की दुकानें।
    11. आटा मिल्स (अता चाकी)।
    12. रजिस्ट्री कार्यालय खोलने के लिए, न्यूनतम कर्मचारियों और टोकन प्रणाली (50% कर्मचारियों के साथ, पिछले साल की तरह)।
    13. अन्य केवल ऑनलाइन होम डिलीवरी की अनुमति है।
    14. फल और सब्जी के तोले, फेरे करते हुए।
    15. सभी श्रम गहन कार्य और सभी साइट पर काम करता है – पीडब्ल्यूडी, सिंचाई, पीएचई, वन, पी एंड आरडी / आरईएस / मनरेगा, आदि से संबंधित।

    उपरोक्त को शाम 5.00 बजे तक अपने सामान्य शुरुआती घंटों के कारोबार से संचालित करने की अनुमति दी जाएगी। शाम 5.00 बजे के बाद अनुमति देने के लिए नहीं (पेट्रोल पंप और दवा की दुकानों को छोड़कर)

    माल, माल और गोदामों / गोदामों के लिए अनुमत लोडिंग / अनलोडिंग समय रात में, रात 11.00 बजे से सुबह 5.00 बजे के बीच जारी रहेगा।

    रविवार को पूर्ण लॉकडाउन होगा (केवल अस्पताल, नैदानिक ​​प्रतिष्ठान, दवा की दुकानें, पालतू पशुओं की फीडिंग, पेट्रोल पंप, होम डिलीवरी आइटम और सेवाएं, रविवार को अनुमति दी जाएंगी)।

    B. रायपुर और दुर्ग के लिए, केवल 2 जिले
    1. उपरोक्त सभी उल्लिखित A के अनुसार। प्लस निम्नलिखित छूट …
    2. स्टेशनरी की दुकानें।
    3. वाहन, स्कूटर, बाइक मरम्मत और पंचर मरम्मत की दुकानें।
    4. होटल और रेस्तरां – होम डिलीवरी।
    5. निजी साइट पर निर्माण कार्य / गतिविधियाँ।
    6. पैकेजिंग सामग्री और संबंधित इकाइयाँ।
    7. कपड़े धोने की सेवाएं।

    C. सभी 28 जिले – निम्नलिखित नहीं खोले जाएंगे:
    1. बाजार
    2. होटल और रेस्तरां, (केवल होम डिलीवरी की अनुमति दी जाए)
    3. मैरिज हॉल
    4. मॉल, क्लब, स्विमिंग पूल, सुपर मार्केट
    5. सभी धार्मिक स्थल
    6. कोचिंग क्लासेस
    7. स्कूल और कॉलेज (छात्रों के लिए)
    8. पान और सिगरेट की तलब
    9. शराब की दुकानें
    10. टूरिस्ट स्पॉट्स (जैसे तेलीबांधा, बुद्ध तालाब, जंगल सफारी, बारनवापारा, सभी रिसॉर्ट्स आदि बंद रहेंगे)
    11. मोबाइल भोजनालयों, थेल्स और छोटी सड़क की भोजनालयों की दुकानों को अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
    12. नाई की दुकानें
    13. पार्क
    14. मंडी – सभी प्रकार (निर्दिष्ट रात के समय लोडिंग / उतराई के लिए अपवाद)
    15. जिम।
    16. सभी प्रकार के विधानसभा / सामाजिक और सामुदायिक कार्यक्रम

  • टीके पर आरक्षण को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई, कोर्ट ने कहा- टीकाकरण में इस तरह का भेदभाव जायज नहीं…

    टीके पर आरक्षण को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई, कोर्ट ने कहा- टीकाकरण में इस तरह का भेदभाव जायज नहीं…

    बिलासपुर। टीकाकरण में आरक्षण लगाने को लेकर प्रस्तुत हस्तक्षेप याचिकाओं पर मंगलवार को हाई कोर्ट की युगलपीठ में सुनवाई हुई। इस दौरान हाई कोर्ट ने टीकाकरण में आरक्षण लागू करने पर सख्त एतराज जताया है। कोर्ट ने शासन को स्पष्ट किया है कि टीकाकरण में इस तरह का भेदभाव जायज नहीं है। हाई कोर्ट ने टीकाकरण को लेकर शासन को दो दिन में नीति बनाने के निर्देश दिए हैं।

    जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने राज्य शासन द्वारा टीकाकरण में आरक्षण लागू करने के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने हाई कोर्ट में लंबित जनहित याचिका पर इसे हस्तक्षेप याचिका मानकर सुनवाई करने का आग्रह किया है। इसी तरह टीकाकरण में आरक्षण को लेकर अलग-अलग पांच से अधिक हस्तक्षेप याचिकाएं दायर हुई है, जिस पर मंगलवार को हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस पीआर रामचंद्र मेनन व जस्टिस पीपी साहू की बेंच में वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए सुनवाई हुई।

    इस दौरान हस्तक्षेप याचिकाककर्ता किशोर भादुड़ी सहित अन्य अधिवक्ताओं ने टीकाकरण को लेकर शासन द्वारा आरक्षण लागू किए जाने पर आपत्ति जताई और कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी टीकाकरण को लेकर प्राथमिकताएं तय की है। लेकिन, उसमें आरक्षण जैसी स्थिति नहीं है। शासन ने प्रदेश की जनता के संवैधानिक अधिकारों का हनन किया है। सभी ने शासन के इस आदेश को तत्काल निरस्त करने व नई नीति बनाने की मांग की।

    सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता सतीशचंद्र वर्मा ने शासन का पक्ष रखा। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाई कोर्ट ने शासन को दो दिन के भीतर टीकाकरण को लेकर स्पष्ट नीति बनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही टीकाकरण को लेकर लागू किए गए आरक्षक पर एतराज जताया है। करीब दो घंटे तक हाई कोर्ट में इस प्रकरण में आनलाइन बहस चली। इस मामले में हाई कोर्ट का अधिकारिक आदेश शाम तक जारी हो सकता है। याचिका में अमित जोगी सहित अन्य हस्तक्षेप याचिकाकर्ताओं की तरफ से अनुमेश श्रीवास्तव, सुमित सिंह पतलाश तिवारी, हिमांशु चौबे ने पक्ष रखा।

  • पत्रकारों को फ्रंटलाइन वारियर्स का मिला दर्जा, सीएम पटनायक ने पत्रकारों को दिया ‘फ्रंटलाइन वॉरियर’ का दर्जा….

    पत्रकारों को फ्रंटलाइन वारियर्स का मिला दर्जा, सीएम पटनायक ने पत्रकारों को दिया ‘फ्रंटलाइन वॉरियर’ का दर्जा….

    कोरोना की इस लड़ाई में फ्रंटलाइन वर्कर्स ने एक सक्रिय भूमिका निभाई है. फिर चाहे वो दिन रात काम करने वाले डॉक्टर हों या फिर सड़कों पर पहरे देने वाली पुलिसकर्मी. इसके अलावा देश के पत्रकारों ने भी मुश्किल समय में लोगों तक लगातार जरूरी जानकारी पहुंचाई है. उनकी तरफ से भी जान जोखिम में डाल रिपोर्टिंग की गई है. अब पत्रकारों के इस अच्छे काम को समझा है ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने जिन्होंने ऐलन कर दिया है कि उनके राज्य में तमाम पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर्स का दर्जा दिया जाएगा।


    ओडिशा में पत्रकारों को मिला फ्रंटलाइन वर्कर्स का दर्जा
    जारी किए गए बयान में कहा गया है कि ओडिशा के तमाम पत्रकार फ्रंटलाइन वॉरियर हैं. उन्होंने इस कोरोना काल में बेहतरीन काम किया है, लोगों तक जरूरी खबर पहुंचाई है, कोरोना को लेकर जागरूक किया है और इस महायुद्ध में एक सक्रिय भूमिका निभाई है. ये देश का पहला राज्य है जिसने पत्रकारों को फ्रंटलाइन वॉरियर का तमगा दिया है।
    जानकारी के लिए बता दें कि ओडिशा में पत्रकारों को कई तरह की सुविधा दी गई हैं. राज्य के 6,994 पत्रकारों को 2 लाख का स्वास्थ्य बीमा मिल रहा है. वहीं जिन पत्रकारों का काम करते हुए कोरोना काल में निधन हुआ है, सरकार की तरफ से उन्हें भी 15 लाख रुपये की सहायता दी गई है. राज्य में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान 11 पत्रकारों ने अपनी जान गंवाई है.

    केंद्र ने नहीं दिया जवाब, सीएम ने कर दिया ऐलान

    वैसे सीएम की तरफ से ये ऐलान तब किया गया है, जब केंद्र ने उनकी अपील पर कोई जवाब नहीं दिया. इसी साल मार्च में नवीन पटनायक की तरफ से केंद्र को अपील की गई थी कि देश के तमाम पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर्स का दर्जा दिया जाए, लेकिन अभी तक सरकार की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है. ऐसे में सीएम ने अपने राज्य में ही पत्रकारों को ये सम्मान देने का फैसला ले लिया।

    ओडिशा में लॉकडाउन

    बता दें कि ओडिशा में कोरोना की स्थिति विस्फोटक बनी हुई है. राज्य में बढ़ते मामलों के बीच 14 दिन का लॉकडाउन लगा दिया गया है. लोगों पर तमाम तरह की पाबंदियां लग गई हैं और सिर्फ जरूरी सेवाओं को मंजूरी मिली है.     पिछले 24 घंटे में राज्य में 8 हजार से ज्यादा नए मामले दर्ज किए गए हैं, वहीं 14 लोगों ने जान भी गवा दी है।

  • चुनाव आयोग ने राज्य के मुख्य सचिवों को लिखा पत्र, जीत के बाद जश्न मनाने वालों के खिलाफ दर्ज हो एफआईआर…

    चुनाव आयोग ने राज्य के मुख्य सचिवों को लिखा पत्र, जीत के बाद जश्न मनाने वालों के खिलाफ दर्ज हो एफआईआर…

    दिल्ली। चार राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए चुनाव में जीत हासिल करने के बाद उत्साह और उमंग से भरे राजनीतिक दल के कार्यकर्ता कोरोना गाइड लाइन को एक तरह से भूल गए हैं. स्थिति को देखते हुए चुनाव आयोग ने पाचों राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज करते हुए संबंधित पुलिस थाने के एसएचओ को निलंबित कर कार्रवाई की जानकारी तत्काल देने के लिए निर्देशित किया है।

    चुनाव में मिली जीत के बाद सबसे ज्यादा उत्साह में बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता नजर आ रहे हैं, जहां पार्टी कार्यालय के बाहर जहां एक-दूसरे को गुलाल लगाकर खुशी मना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जुलूस की शक्ल में घूम रहे तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यालय में प्रवेश करने की कोशिश की. इलेक्ट्रानिक मीडिया के अलावा अन्य माध्यमों से मिली रही जानकारी को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने पांचों राज्यों के मुख्य सचिव तो पत्र लिखा है. आयोग ने प्रतिबंध लगाए जाने के बाद भी जुलूस निकाले जाने पर  पार्टी कार्यकर्ताओं पर एफआईआर दर्ज करने के साथ संबंधित पुलिस थाने के प्रभारी को निलंबित करने को कहा है।

  • कलेक्टर कार्यालय और एसपी के नंबरों के साथ खबर हुई वायरल कि मिलेगी मदद, पर यह खबर है गलत, जिला प्रशासन ने किया खंडन

    कलेक्टर कार्यालय और एसपी के नंबरों के साथ खबर हुई वायरल कि मिलेगी मदद, पर यह खबर है गलत, जिला प्रशासन ने किया खंडन

    धमतरी। कलेक्टर कार्यालय और एसपी के नम्बर के साथ अन्य शासकीय अधिकारियों के नंबरों के साथ सोशल मीडिया पर एक खबर वायरल हुई है, जिसमें उनके नंबरों पर कॉल करने के बाद मदद की बात कही गई है। मगर यह खबर बिल्कुल भी गलत है। जिला प्रशासन ने जिसका खंडन करते हुये कहा है कि जिला प्रशासन ने इस खबर का खण्डन किया है, जिसमें कहा गया है कि लॉक डाउन के दौरान जिन परिवारों के घर पर राशन, पैसे खत्म हो गए और कहीं काम पर नहीं जा पा रहे, तो जिला कलेक्टर कार्यालय, पुलिस कंट्रोल रूम, एस.डी.एम. इत्यादि के नंबर पर कॉल कर परिवार के सदस्यों की संख्या बताकर राशन प्राप्त कर सकते हैं। वास्तविकता यह है कि खाद्य विभाग ने आगामी मई माह में बी.पी.एल. राशन कार्डधारी परिवारों के लिए व्यवस्था की है कि वे शासकीय उचित मूल्य की दुकान से मई और जून माह का चावल, माह मई में निःशुल्क प्राप्त कर सकते हैं। 

     कलेक्टर जय प्रकाश मौर्य ने कहा है कि महामारी के इस संक्रमण काल में सबको अफवाहों और गलत बातों का प्रचार करने से बचना चाहिए। इस तरह की खबर फैलाने वाले के विरुद्ध एफ.आई.आर. दर्ज की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की है, कि सभी भ्रामक खबरों की पुष्टि कर लें और सकारात्मक रहकर इस कोरोना बीमारी से सुरक्षा और बचाव में जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों में सहयोग करें।