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  • फेसबुक के माध्यम से अश्लील वीडियो काॅल कर रकम उगाही करने वाला राजस्थान का अंतर्राज्यीय आरोपी गिरफ्तार, फेसबुक में महिलाओं के नाम से फर्जी आईडी बनाकर लोगों को लेता था झांसे में…

    फेसबुक के माध्यम से अश्लील वीडियो काॅल कर रकम उगाही करने वाला राजस्थान का अंतर्राज्यीय आरोपी गिरफ्तार, फेसबुक में महिलाओं के नाम से फर्जी आईडी बनाकर लोगों को लेता था झांसे में…

    रायपुर। प्रार्थी निवासी आरंग ने थाना आरंग में रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसके फेसबुक आईडी में दिनांक 24.06.21 को रोहिनी शर्मा नामक युवती का फ्रेंड रिक्वेस्ट आया था जिसे प्रार्थी द्वारा स्वीकार किया गया तत्पश्चात कुछ दिनों तक बात करने के बाद रोहिनी शर्मा ने प्रार्थी का व्हाट्सएप नंबर मांगा जिस पर प्रार्थी ने अपना व्हाट्सएप नंबर दे दिया। 04 दिनों तक बात होने के बाद दिनांक  28.06.21 को उसकी ओर से प्रार्थी के व्हाट्सएप में वीडियो काॅल आया, जिसमें उसकी ओर से अश्लील हरकते होने लगी जिससे प्रार्थी अपना आपा खो बैठा और उसकी बातों में आकर उसके बोलेनुसार अश्लील हरकत किया। दिनांक 29.06.21 को रोहिनी शर्मा द्वारा वीडियो काॅल करके प्रार्थी की अश्लील विडियो को रिकार्ड कर प्रार्थी के फेसबुक के मित्रों का मैसेंजर पर शेयर किया और अलग-अलग मोबाईल नंबरों से काॅल कर प्रार्थी से पैसे की डिमांड कर ब्लैकमेल किया जिस पर प्रार्थी ने उसके बताये खाते में 37,000 रूपए भेज दिया। उसके बाद भी रोहिनी शर्मा द्वारा प्रार्थी से लगातार पैसों की मांग कर धमकी देकर ब्लैकमेल किया जा रहा था। जिस पर प्रार्थी की रिपोर्ट पर आरोपी के विरूद्ध थाना आरंग में अपराध क्रमांक 337/21 धारा 384 भादवि का अपराध पंजीबद्ध किया गया। घटना को पुलिस उपमहानिरीक्षक अजय यादव द्वारा गंभीरता से लेते हुये अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण तारकेश्वर पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध अभिषेक माहेश्वरी, प्रभारी सायबर सेल वीरेन्द्र चन्द्रा एवं थाना प्रभारी आरंग एल.डी. दीवान को आरोपी की पतासाजी कर गिरफ्तार करने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। जिस पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में सायबर सेल एवं थाना आरंग की संयुक्त टीम का गठन कर आरोपी की पतासाजी करना प्रारंभ किया गया। टीम के सदस्यों द्वारा घटना के संबंध में प्रार्थी से विस्तृत पूछताछ किया गया। सायबर सेल की तकनीकी टीम द्वारा आरोपी के फेसबुक आईडी को विश्लेषित करने पर जानकारी प्राप्त हुई कि किसी अज्ञात आरोपी द्वारा रोहिनी शर्मा के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर प्रार्थी को अपने झांसे में लेकर शिकार बनाया गया है। जिस पर अज्ञात आरोपी की गिरफ्तारी में लगी टीम के सदस्यों द्वारा जिन मोबाईल नंबरों से प्रार्थी के मोबाईल फोन पर काॅल आया था, उन मोबाईल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण कर प्रार्थी द्वारा जिस बैंक खाता में रकम स्थानांतरित किया गया था उस बैंक खाता के संबंध में भी संबंधित बैंक से जानकारी प्राप्त करने के साथ ही अज्ञात आरोपी के संबंध में कई अन्य साक्ष्य एकत्र किये गये। अज्ञात आरोपी के संबंध में प्राप्त उक्त सभी तथ्यों, जानकारी एवं साक्ष्यों का लगातार विश्लेषण करते हुये अंततः आरोपी को चिन्हांकित करने में सफलता मिली तथा आरोपी की पहचान लियाकत खान के रूप में करते हुये आरोपी की उपस्थिति राजस्थान के जिला अलवर में होना पाया गया। जिस पर थाना आरंग के उपनिरीक्षक टी.आर. साहू के नेतृत्व में सायबर सेल की 04 सदस्यीय टीम को राजस्थान अलवर रवाना किया गया। टीम द्वारा अलवर में पड़ताल प्रारंभ करने पर यह सुनिश्चित हुआ कि आरोपी द्वारा बहुत ही सर्तकता से अपनी स्वयं की पहचान छिपाते हुये इस तरह की वारदात को अंजाम दिया गया है। आरोपी द्वारा उपयोग किये गये मोबाईल नंबर व बैंक खातों के नाम व पते दूसरों के होने के साथ ही अन्य राज्यों के थे, जो पूर्णतः फर्जी थे। मोबाईल नंबरों एवं बैंक खाता का उपयोग सिर्फ और सिर्फ वारदात को कारित करने के लिए किया गया था। अलवर में कैम्प कर रही टीम को तकनीकी विश्लेषण के आधार पर घटना के आरोपी लियाकत खान के निवास स्थान के संबंध में अहम सुराग प्राप्त हुआ। जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा आरोपी लियाकत खान को गिरफ्तार करने में सफलता मिली। प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर आरोपी लियाकत खान से कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी द्वारा उक्त घटना को कारित करना स्वीकार किया गया। पूछताछ में आरोपी लियाकत खान पिता हनीफ खान उम्र 39 साल निवासी ग्राम कजोता पोस्ट चिमरौली थाना लक्ष्मणगढ़ जिला अलवर राजस्थान हाल नारंगी खान का मकान पुराना अनाज मंडी के पीछे मालाखेड़ा थाना मालाखेड़ा जिला अलवर राजस्थान ने बताया कि वह अलग-अलग महिलाओं के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजता था। फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने वाले लोगों से वह कुछ दिनों तक फेसबुक में चैट करने के बाद पीड़ित से उसका व्हाट्सएप नंबर प्राप्त कर लेता था। आरोपी, पीड़ित को अपने झांसे में लेकर दूसरे मोबाईल फोन से एप्लीकेशनों के माध्यम से अश्लील विडियो चालू कर पीड़ित के व्हाट्सएप नंबर में अश्लील वीडियो काॅल कर पीड़ित को भी अश्लील हरकतें करने कहता था। इसी दौरान आरोपी पीड़ित के अश्लील हरकतों का वीडियो रिकार्ड कर लेता था एवं वह पीड़ितों को फोन कर उनके अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लेकमेल करता था जिससे पीड़ित डर से आरोपी द्वारा बताये खातों में रकम भेज देते थे। आरोपी द्वारा अब तक देश भर के अलग-अलग राज्यों में 50 से अधिक पीड़ितो को अपना शिकार बनाते हुये पीड़ितों से लाखों रूपये की उगाही की गई है। आरोपी के पास उड़ीसा और असम राज्य का मोबाईल नंबर है जिसे वह राजस्थान के भरतपुर से लिया था साथ ही उसके द्वारा यह भी बताया कि भरतपुर में किसी भी राज्य का मोबाईल नंबर आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। आरोपी द्वारा उपयोग किये जाने वाला खाता पूर्णतः फर्जी है। आरोपी द्वारा फर्जी दस्तावेजों के माध्यमों से आॅन लाईन फर्जी खाता खोलकर असम के फर्जी मोबाईल नंबर को रजिस्ट्रर्ड किया गया था। आरोपी की निशानदेही पर उसके कब्जे से घटना से संबंधित नगदी 19,000 रूपये, 02 नग मोबाईल फोन, 03 नग सिम कार्ड एवं ए.टी.एम. कार्ड जप्त किया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर उसके विरूद्ध अग्रिम कार्यवाही किया गया। 

    तरीका वारदात – 

    वर्तमान में इस प्रकार की कई घटनायें लगातार सामने आ रहीं है। इस प्रकार की घटनाओं में अज्ञात आरोपियों द्वारा महिलाओं के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर फ्रेण्ड रिक्वेस्ट भेजकर दोस्त बनाया जाता है तथा धीरे-धीरे पीड़ितों का विश्वास व भरोसा जीतकर व्हाट्सएप नंबर प्राप्त कर लिया जाता है तथा आरोपी द्वारा पीड़ित के व्हाट्सएप नंबर में अश्लील विडियो काॅल कर पीड़ित को भी अश्लील हरकतें कहने कहा जाता है। इस दौरान आरोपी 02 मोबाईल फोन का उपयोग करते है, एक मोबाईल फोन से आरोपी चैट करते है एवं दूसरे मोबाईल फोन से एप्लीकेशनों के माध्यम से अश्लील विडियो चालू कर पीड़ित की अश्लील हरकतों के विडियों को कैप्चर कर रिकार्ड कर लेते है तथा उसी वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर पीड़ित से पैसों की मांग कर उगाही करते है। आरोपी अपनी पहचान गोपनीय रखने के लिए अपराध में उपयोग किये गये सिम व मोबाईल को नष्ट कर देने के साथ ही फर्जी फेसबुक आई डी को भी डि-एक्टिवेट कर देते है तथा इनके द्वारा दिये गये सभी बैंक खाते भी फर्जी होते है। आरोपी को गिरफ्तार करने एवं मशरूका बरामद करने में उपनिरीक्षक टी.आर. साहू थाना आरंग, सायबर सेल से प्र.आर. महेन्द्र राजपूत, राधाकांत पाण्डेय, आर. हिमांशु राठौर एवं विकास क्षत्री की महत्वपूर्ण भूमिंका रहीं

  • CG नायब तहसीलदार समेत 3 की मौत, बोलेरो और ट्रक में भीषण टक्कर, दर्दनाक मौत….

    CG नायब तहसीलदार समेत 3 की मौत, बोलेरो और ट्रक में भीषण टक्कर, दर्दनाक मौत….

    कवर्धा। NH-30 पर सड़क हादसे में नायब तहसीदार सतीश कृषान (35) सहित 3 लोगों की मौत हो गई। जबकि आबकारी विभाग का गार्ड गंभीर रूप से घायल हो गया। तहसीलदार अपने दोस्तों और गार्ड के साथ धवाईपानी में ढाबे पर चाय पीकर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में सामने से आए ट्रक से टक्कर हो गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने घायल को अस्पताल में भर्ती कराया है। 

    बोड़ला तहसील में नायब तहसीलदार सतीश कृषान के दो दोस्त बाहर से मिलने के लिए पहुंचे थे। उनके साथ सरकारी गाड़ी में सतीश शनिवार सुबह 6 बजे चाय पीने के लिए चिल्फी से धवईपानी के लिए निकले थे। इस दौरान रास्ते में रायपुर-जबलपुर नेशनल हाईवे पर आबकारी विभाग में गार्ड सुरेंद्र झारिया उर्फ चंदन मिल गया। पहचान का होने के चलते उसे भी गाड़ी में बिठा लिया। फिर सभी ढाबे पर पहुंचे और वहां से चाय पीने के बाद लौट रहे थे। गाड़ी सतीश ही ड्राइव कर रहे थे।
     

    बगई पहाड़ के पास मोड़ पर पहुंचे ही थे कि अचानक से तेज रफ्तार ट्रक से सामने से आ गया और दोनों गाड़ियों में टक्कर हो गई। हादसा इतना जबरदस्त था कि सरकारी गाड़ी आगे से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। जबकि ट्रक अनियंत्रित होकर पेड़ से जा भिड़ा। हादसे में तहसीलदार सतीश कृषान सहित उनके दो दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई। आसपास के लोगों ने हादसा होते देखा तो डायल-112 पर सूचना दी। पुलिस ने तीनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। वह अपने घर के इकलौते बेटे थे।

  • छत्तीसगढ़ सरकार ने दी अनुमति, आम लोग भी करा सकेंगे अपने नवीन भवनों के गुणवत्ता की जांच…

    छत्तीसगढ़ सरकार ने दी अनुमति, आम लोग भी करा सकेंगे अपने नवीन भवनों के गुणवत्ता की जांच…

    रायपुर। राज्य के आम नागरिक, शासकीय, अर्धशासकीय एवं अशासकीय संस्थाएं राज्य शासन के मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) कार्यालय के माध्यम से अपने नवीन भवनों के कांक्रीट की गुणवत्ता की जांच करा सकेंगे। इसके लिए इच्छुक व्यक्ति एवं संस्था को विधिवत आवेदन एवं निर्धारित शुल्क अदा करना होगा। राज्य शासन द्वारा मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) कार्यालय को इसके लिए अनुमति प्रदान की है। नवीन भवनों के कांक्रीट की गुणवत्ता की जांच नॉन डिस्ट्रेक्टिव टेस्टिंग (एनडीटी) उपकरणों के माध्यम से निर्धारित शुल्क देने पर की जाएगी। इससे आम नागरिकों को लागत के अनुरूप गुणवत्तायुक्त भवन की उपलब्धता सुनिश्चित होने के साथ ही भवन संधारण में आने वाले अनावश्यक अतिरिक्त व्यय से मुक्ति मिलेगी। राज्य शासन द्वारा स्वीकृत निर्माण कार्यों के गुणवत्ता पर नियंत्रण रखा जा सकेगा। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के प्रति आम लोगों में जागरूकता आयेगी एवं राज्य सरकार को राजस्व की प्राप्ति होगी। शासन के द्वारा कार्यालय में उपलब्ध डिजीटल रिबाउंड हैमर हेतु परीक्षण शुल्क 2500 रूपए प्रति रिडिंग एवं अल्ट्रासोनिक पल्स वेलोसिटी उपकरण हेतु शुल्क 3 हजार रूपए प्रति रिडिंग जी.एस.टी. सहित निर्धारित है।

    परीक्षण शुल्क राशि के लिए ऑनलाईन/कार्यालय में सीधे जमा की जा सकती है। शासकीय, अर्द्धशासकीय एवं निजी निर्माण कार्यों के कांकीट की गुणवत्ता परीक्षण हेतु कार्यालय मुख्य तकनीकी परीक्षक (सर्तकता) के वेबसाईट ctev.cg.gov.in में ई-परीक्षक मेनु में जाकर निर्धारित शुल्क ई-चालान के माध्यम से राजस्व मद 0070-60-800 अन्य प्राप्तियां में भुगतान कर सकेगे अथवा कार्यालय में आवेदक नियम एवं शर्ते स्वीकार करने के उपरांत मनी रीसिप्ट के माध्यम से राशि जमा कर गुणवत्ता परीक्षण कराया जा सकता है। ई-परीक्षक मेनू को उपयोग करने की विधि का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है – मेनू में जाकर ई-परीक्षक लिंक को क्लिक करें। वेब पेज में डिजीटल रिबांऊण्ड हैमर एवं अल्ट्रासोनिक पल्स वेलोसिटी उपकरण का परीक्षण मूल्य प्रदर्शित होगा। आवेदक स्वयं की आवश्यकतानुसार विवरण में क्लिक करेंगे। परीक्षणों की संख्या दर्ज कर, कार्ट में डाले, को क्लिक करेंगे। निरीक्षण स्थल का विवरण भर कर, घोषणा के लिए बनाये गये चेक बॉक्स को क्लिक करने के पश्चात् कुल देय राशि की गणना में क्लिक करें। ओ.टी.पी. सत्यापित कर राशि का भुगतान करें, पर क्लिक करें। आवेदक के मोबाईल फोन पर आये ओ.टी.पी. नंबर को सत्यापित करना होगा।

    आवेदक ई-चालान सेवाओं के माध्यम से परीक्षण शुल्क की राशि सीधे शासन के राजस्व मद में जमा करेंगे। परीक्षण शुल्क राशि प्राप्त करने के पश्चात् कार्यालय मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) की टीम कार्य स्थल पर पहुंचकर कांक्रीट की गुणवत्ता का परीक्षण एनडीटी उपकरण के माध्यम से करेगी। आवेदक को निश्चित समय में परीक्षण परिणाम उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गयी है। तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) श्री आर. पुराम ने बताया कि ई-परीक्षक मॉड्यूल में प्रत्येक जिले के आवेदकों के लिए न्यूनतम परीक्षण निर्धारित किया गया है जिसमें बलरामपुर एवं जशपुर में न्यूनतम 4 परीक्षण कराना अनिवार्य है। इसी प्रकार बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कोरिया, सुकमा, सूरजपुर एवं सरगुजा में 3 परीक्षण, जांजगीर-चांपा, कवर्धा, कांकेर, कोण्डागांव, कोरबा, नारायणपुर, रायगढ़ एवं गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 2 परीक्षण एवं बालोद, बलौदाबाजार, बेमेतरा, बिलासपुर, धमतरी, दुर्ग, गरियाबंद, महासमुन्द, मुंगेली, रायपुर एवं राजनांदगांव में 1 परीक्षण किए जाएंगे। न्यूनतम परीक्षण संख्या के अतिरिक्त प्रत्येक परीक्षण में चयनित उपकरण के आधार पर परीक्षण शुल्क में वृद्धि होगी। संगठन के द्वारा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता नियंत्रण हेतु 100 बिन्दु चेक लिस्ट पुस्तिका अंग्रेजी एवं हिन्दी संस्करण में तैयार किया गया है, जो कि ई-परीक्षक पोर्टल में उपलब्ध है। प्रत्येक पुस्तिका की कीमत 80 रूपए है, इसको ऑनलाईन भुगतान करने के पश्चात् प्राप्त किया जा सकता है। ई-परीक्षक पोर्टल के संबंध में तकनीकी सहायता हेतु सहायक कम्प्यूटर प्रोग्रामर के मोबाईल नं. 98932-28899 पर संपर्क किया जा सकता है।

  • एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा पर कसा शिकंजा, अश्लील फिल्में बनाने के है आरोपी…

    एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा पर कसा शिकंजा, अश्लील फिल्में बनाने के है आरोपी…

    मुंबई। बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी कुंद्रा (Shilpa Shetty) के पति और बिजनेसमैन राज कुंद्रा (Raj Kundra) को सोमवार रात क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया. राज कुंद्रा को अश्लील फिल्में बनाने और कुछ ऐप के जरिये इन्हें प्रदर्शित करने के मामले में गिरफ्तार किया (Raj Kundra Arrest) गया है. उनके गिरफ्तार होने की खबर अब चारों तरफ फैल चुकी है. मुंबई क्राइम ब्रांच इस मामले की जांच कर रही है. मुंबई क्राइम ब्रांच का कहना है कि राज कुंद्रा इस मामले में साजिशकर्ता के तौर पर सामने आ रहे हैं और उनके पास राज कुंद्रा के खिलाफ पर्याप्त सबूत भी मौजूद हैं. लेकिन, अगर आप नहीं जानते कि पूरा मामला क्या है, तो चलिए आपको बताते हैं मामले की इनसाइड स्टोरी-

    कब दर्ज हुआ मामला

    राज कुंद्रा के खिलाफ इसी साल 4 फरवरी को मुंबई के मालवानी थाना क्राइम ब्रांच ने केस दर्ज किया था. उनके खिलाफ अपराध संख्या- 103/2021 के तहत मामला दर्ज किया गया था. राज कुंद्रा पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 292, 293, 420, 34 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत धारा 67 और 67A सहित अन्य धाराएं लगाई गई थीं. क्या है मामला दरअसल, मुंबई क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल ने फिल्म इंडस्ट्री में ब्रेक देने के बहाने महिलाओं और युाओं को अश्लील वीडियो और पोर्नोग्राफी में धकेलने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है. इस मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. जिनमें दो पुरुष अभिनेता, एक लाइटमैन के तौर पर काम करने वाला शख्स और दो महिलाएं शामिल हैं. जो वीडियोग्राफर, फोटोग्राफर और ग्राफिक डिजाइनर के रूप में काम करती हैं।

    बताया जा रहा है कि मामले से जुड़े आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बनाए गए अश्लील वीडियोज को जारी करती थे, जिसकी सूचना मिलने पर मुंबई क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल ने जांच शुरू की. मुंबई क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल को सूचना मिली थी कि मलाड पश्चिम के मड गांव में अश्लील वीडियो की शूटिंग चल रही है. मामले की सूचना मिलने पर एपीआई लक्ष्मीकांत सालुंखे ने बंगले पर छापेमारी की. जहां न्यूड वीडियो की शूटिंग जारी थी. शुरुआती जांच में पुलिस को आरोपियों के पास से मिले मोबाइल से ‘होथित मूवीज’ का पता चला, जो कि एक मोबाइल ऐप है, इसमें इन वीडियोज को अपलोड किया जाता है. अश्लील वीडियो देखने के लिए इस ऐप्लिकेशन की सदस्यता लेनी पड़ती है. जिसके लिए रुपयों का भुगतान करना होता है. इस गिरोह के पास कुछ और भी ऐसे ही मोबाइल एप्लिकेशन हैं.

    दो एफआईआर दर्ज
    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस ने दो एफआईआर फाइल की हैं और इस मामले में कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया है, जो एक्टर्स से जबरन अश्लील फिल्मों के लिए न्यूड सीन्स शूट करवाते थे। वहीं रिपोर्ट्स के मुताबिक इन फिल्मों को पेड मोबाइल एप्लीकेशन्स के जरिए रिलीज/ डिस्ट्रीब्यूट किया जाता था।

  • पेगासस जासूसी मामला, जिसपर घिरी हुई है केंद्र सरकार, कौन हुआ हैकिंग का शिकार…

    पेगासस जासूसी मामला, जिसपर घिरी हुई है केंद्र सरकार, कौन हुआ हैकिंग का शिकार…

    इजरायली कंपनी एनएसओ के पेगासस सॉफ्टवेयर से भारत में कथित तौर पर 300 से ज्यादा हस्तियों के फोन हैक किए जाने का मामला अब तूल पकड़ गया है। संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के एक दिन पहले ही इस जासूसी कांड का खुलासा हुआ है। दावा किया जा रहा है कि जिन लोगों के फोन टैप किए गए उनमें कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और प्रह्लाद सिंह पटेल, पूर्व निर्वाचन आयुक्त अशोक लवासा और चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर सहित कई पत्रकार भी शामिल हैं। हालांकि, सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है और रिपोर्ट जारी होने की टाइमिंग को लेकर सवाल खड़े किए हैं। आइए आपको बताते हैं अब तक इस मामले में क्या-क्या हुआ और यह सॉफ्टवेयर दुनिया का सबसे खतरनाक स्पाईवेयर क्यों माना जाता है

    कहां से आई रिपोर्ट?
    लीक हुए आंकड़ों के आधार पर की गई एक वैश्विक मीडिया संघ की जांच के बाद इस बात के और सबूत मिले हैं कि इजराइल स्थित कंपनी ‘एनएसओ ग्रुप के सैन्य दर्जे के मालवेयर का इस्तेमाल पत्रकारों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और राजनीतिक असंतुष्टों की जासूसी करने के लिए किया जा रहा है। पत्रकारिता संबंधी पेरिस स्थित गैर-लाभकारी संस्था ‘फॉरबिडन स्टोरीज एवं मानवाधिकार समूह ‘एमनेस्टी इंटरनेशनल द्वारा हासिल की गई और 16 समाचार संगठनों के साथ साझा की गई 50,000 से अधिक सेलफोन नंबरों की सूची से पत्रकारों ने 50 देशों में 1,000 से अधिक ऐसे व्यक्तियों की पहचान की है, जिन्हें एनएसओ के ग्राहकों ने संभावित निगरानी के लिए कथित तौर पर चुना। वैश्विक मीडिया संघ के सदस्य ‘द वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार, जिन लोगों को संभावित निगरानी के लिए चुना गया, उनमें 189 पत्रकार, 600 से अधिक नेता एवं सरकारी अधिकारी, कम से कम 65 व्यावसायिक अधिकारी, 85 मानवाधिकार कार्यकर्ता और कई राष्ट्राध्यक्ष शामिल हैं। ये पत्रकार ‘द एसोसिएटेड प्रेस (एपी), ‘रॉयटर, ‘सीएनएन, ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल, ‘ले मोंदे और ‘द फाइनेंशियल टाइम्स जैसे संगठनों के लिए काम करते हैं। एनएसओ ग्रुप के स्पाइवेयर को मुख्य रूप से पश्चिम एशिया और मैक्सिको में लक्षित निगरानी के लिए इस्तेमाल किए जाने के आरोप हैं। सऊदी अरब को एनएसओ के ग्राहकों में से एक बताया जाता है। इसके अलावा सूची में फ्रांस, हंगरी, भारत, अजरबैजान, कजाकिस्तान और पाकिस्तान सहित कई देशों के फोन हैं। इस सूची में मैक्सिको के सर्वाधिक फोन नंबर हैं। इसमें मैक्सिको के 15,000 नंबर हैं।

    भारत में किसके फोन हुए हैक?
    कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, भाजपा के मंत्रियों अश्विनी वैष्णव और प्रह्लाद सिंह पटेल, पूर्व निर्वाचन आयुक्त अशोक लवासा और चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर उन लोगों में शामिल हैं, जिनके फोन नंबरों को इजराइली स्पाइवेयर के जरिए हैकिंग के लिए सूचीबद्ध किया गया था। एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया संघ ने सोमवार को यह जानकारी दी।  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे तथा तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद अभिषेक बनर्जी और भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई पर अप्रैल 2019 में यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली उच्चतम न्यायालय की कर्मचारी और उसके रिश्तेदारों से जुड़े 11 फोन नंबर हैकरों के निशाने पर थे। गांधी और केंद्रीय मंत्रियों वैष्णव और प्रहलाद सिंह पटेल के अलावा जिन लोगों के फोन नंबरों को निशाना बनाने के लिये सूचीबद्ध किया गया उनमें चुनाव पर नजर रखने वाली संस्था एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) के संस्थापक जगदीप छोकर और शीर्ष वायरोलॉजिस्ट गगनदीप कांग शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार सूची में राजस्थान की मुख्यमंत्री रहते वसुंधरा राजे सिंधिया के निजी सचिव और संजय काचरू का नाम शामिल था, जो 2014 से 2019 के दौरान केन्द्रीय मंत्री के रूप में स्मृति ईरानी के पहले कार्यकाल के दौरान उनके विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) थे। इस सूची में भारतीय जनता पार्टी से जुड़े अन्य जूनियर नेताओं और विश्व हिंदू परिषद के नेता प्रवीण तोगड़िया का फोन नंबर भी शामिल था।

    द गार्डियन’ की ओर रविवार रात जारी इस बहुस्तरीय जांच की पहली किस्त में दावा किया गया है कि 40 भारतीय पत्रकारों सहित दुनियाभर के 180 संवाददाताओं के फोन हैक किए गए। इनमें ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ और ‘मिंट’ के तीन पत्रकारों के अलावा ‘फाइनैंशियल टाइम्स’ की संपादक रौला खलाफ तथा इंडिया टुडे, नेटवर्क-18, द हिंदू, द इंडियन एक्सप्रेस, द वॉल स्ट्रीट जर्नल, सीएनएन, द न्यूयॉर्क टाइम्स व ले मॉन्टे के वरिष्ठ संवाददाताओं के फोन शामिल हैं। जांच में दिल्ली यूनिवर्सिटी के एक पूर्व प्रोफेसर और जून 2018 से अक्तूबर 2020 के बीच एल्गार परिषद मामले में गिरफ्तार आठ कार्यकर्ताओं के फोन हैक किए जाने का भी दावा किया गया है।

    भारत सरकार का क्या है पक्ष?
    भारत सरकार ने जांच को खारिज करते हुए इसे पूरी तरह से बेबुनियाद करार दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ”इस तथाकथित रिपोर्ट के लीक होने का समय और फिर संसद में ये व्यवधान, इसे जोड़कर देखने की आवश्यक्ता है। यह एक विघटनकारी वैश्विक संगठन हैं जो भारत की प्रगति को पसंद नहीं करता है। ये अवरोधक भारत में राजनीतिक खिलाड़ी हैं जो नहीं चाहते कि भारत प्रगति करे। भारत के लोग इस घटना और संबंध को समझने में बहुत परिपक्व हैं।’ उन्होंने कहा, “कल देर शाम हमने एक रिपोर्ट देखी, जिसे केवल एक ही उद्देश्य के साथ कुछ वर्गों द्वारा शेयर किया गया है।’ सरकार ने कहा है कि भारत में अवैध ढंग से इस प्रकार की जासूसी कराना संभव नहीं है।

    जांच का आधार
    यह जांच एमनेस्टी इंटरनेशनल और फॉरबिडेन स्टोरीज को प्राप्त लगभग 50 हजार नामों और नंबरों पर आधारित है। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इनमें से 67 फोन की फॉरेन्सिक जांच की। इस दौरान 23 फोन हैक मिले, जबकि 14 अन्य में सेंधमारी की कोशिश की पुष्टि हुई। ‘द वायर’ ने खुलासा किया कि भारत में भी दस फोन की फॉरेन्सिक जांच करवाई गई। ये सभी या तो हैक हुए थे, या फिर इनकी हैकिंग का प्रयास किया गया था।

    कंपनी का क्या कहना है?

    इजरायली कंपनी एनएसओ ने जांच रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि एमनेस्टी इंटरनेशनल और फॉरबिडेन स्टोरीज का डाटा गुमराह करता है। यह डाटा उन नंबरों का नहीं हो सकता है, जिनकी सरकारों ने निगरानी की है। इसके अलावा एनएसओ अपने ग्राहकों की खुफिया निगरानी गतिविधियों से वाकिफ नहीं है।

    एक नजर सॉफ्टवेयर पर
    पेगासस संबंधित फोन पर आने-जाने वाले हर कॉल का ब्योरा जुटाने में सक्षम है। यह फोन में मौजूद मीडिया फाइल और दस्तावेजों के अलावा उस पर आने-जाने वाले एसएमएस, ईमेल और सोशल मीडिया मैसेज की भी जानकारी दे सकता है। पेगासस सॉफ्टवेयर को जासूसी के क्षेत्र में अचूक माना जाता है। तकनीक जानकारों का दावा है कि इससे व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे एप भी सुरक्षित नहीं। क्योंकि यह फोन में मौजूद एंड टू एंड एंक्रिप्टेड चैट को भी पढ़ सकता है। पेगासस एक स्पाइवेयर (जासूसी साफ्टवेयर) है, जिसे इसराइली साइबर सुरक्षा कंपनी एनएसओ ग्रुप टेक्नॉलॉजीज़ ने बनाया है। इसका दूसरा नाम क्यू-सुईट भी है।

    क्यों खतरनाक
    किसी फोन में सिर्फ मिस कॉल के जरिए इसे इंस्टॉल किया जा सकता है। इसे यूजर की इजाजत और जानकारी के बिना भी फोन में डाला जा सकता है। एक बार फोन में पहुंच जाने के बाद इसे हटाना आसान नहीं होता।

    कैसे काम करता है
    ये एक ऐसा प्रोग्राम है, जिसे अगर किसी स्मार्टफ़ोन फ़ोन में डाल दिया जाए, तो कोई हैकर उस स्मार्टफोन के माइक्रोफ़ोन, कैमरा, ऑडियो और टेक्सट मैसेज, ईमेल और लोकेशन तक की जानकारी हासिल कर सकता है।

  • क्या शराब पीना है आपका कानूनी अधिकार? बहुत कम लोग जानते होंगे ये खास बात…

    क्या शराब पीना है आपका कानूनी अधिकार? बहुत कम लोग जानते होंगे ये खास बात…

    शराब पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है. ये बात सभी लोग जानते हैं, लेकिन कई लोग इसका सेवन करते हैं. अब हर खुशी के अवसर पर लोग शराब का सेवन कर रहे है, जिन राज्यों में शराब बैन है, वहां अलग-अलग जुगाड़ से लोग शराब खरीद रहे हैं. इतना ही नहीं, कई लोग शराब पर लगाए गए बैन को भी गलत भी बताते हैं और उनका तर्क होता है कि उन्हें अधिकार है कि वो कुछ भी खाएं और कुछ भी पीएं. क्या शराब के लिए भी ऐसा ही है, क्या शराब पीना आपका अधिकार है?
    आज हम जानने की कोशिश करते हैं कि आखिर क्या शराब सही में आपका मौलिक अधिकार है, जिसे पीने से आपको रोका नहीं जा सकता है. जानते हैं कोर्ट के उन फैसलों के बारे में बारे में, जो कोर्ट ने शराब को मौलिक अधिकार बताए जाने को लेकर लिए हैं…

    क्या सही में है मौलिक अधिकार?

    अगर सीधे शब्दों में कहें तो शराब पीना मौलिक अधिकार नहीं है. कोर्ट ने कई बार अपने फैसलों में माना है कि शराब पीना मौलिक अधिकार की श्रेणी में नहीं है और राज्य इसकी बिक्री को अपने हिसाब से नियंत्रित कर सकते हैं. जब साल 1960 में भी गुजरात ने बॉम्बे प्रोहिबिएशन एक्ट 1949 को बरकरार रखा था, जिसके तरह शराब को बैन कर दिया गया था. इसके साथ ही इस एक्ट के सेक्शन 12 और सेक्शन 13 में स्टेट को अधिकार दिया है कि वो अपने हिसाब से शराब की बिक्री को नियंत्रित रख सकते हैं.

    हालांकि, इसके अलावा इंडस्ट्रीयल कार्यों के लिए शराब की बिक्री को अलग रखा गया है, ऐसे में बैन लगे राज्यों में इंडस्ट्रीयल कार्यों के लिए शराब की खरीददारी की जा सकती है. इसमें शराब पीने को लेकर मनाही है. वैसे तो आर्टिकल 19 (1) (G) कहता है कि कोई भी व्यक्ति अपने हिसाब से किसी चीज का व्यापार कर सकता है, लेकिन कई चीजों को इनसे दूर रखा गया है, जो समाज के लिए विरुद्ध हो. वहीं, आर्टिकल 47 के हिसाब से स्टेट शराब पर बैन लगाने का फैसला सकता है और इसमें स्टेट को जिम्मेदारी है कि वो स्टेट में हेल्थ मामलों को लेकर कोई भी फैसला ले सकता है.

    केरल में कुछ अलग है नीति

    जहां तक स्टेट को दिए गए अधिकार की बात है तो हर राज्य अपने हिसाब से नीति बना सकता है. ऐसे ही केरल में 2-3 स्टार के होटल में शराब की बिक्री की मनाही है, लेकिन 4-5 स्टार में शराब की बिक्री की जा सकती है. क्योंकि सरकार का मानना है कि वहां का माहौल, सुरक्षा अलग है. जब इस नीति को चुनौती दी गई तो सुप्रीम कोर्ट ने भी इसे जारी रखा, जिसके आधार पर केरल की अलग नीति है. वैसे ही जब बिहार में भी शराब पर बैन लगा तो इस फैसले को कई चुनौती मिली, लेकिन कोर्ट ने साफ कर दिया है कि यह राज्यों का अधिकार है.

  • मंत्री परिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय, प्रदेश में खुलेंगे स्कूल,मीटिंग में कालेज खोलने को लेकर भी हुआ यह निर्णय….

    मंत्री परिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय, प्रदेश में खुलेंगे स्कूल,मीटिंग में कालेज खोलने को लेकर भी हुआ यह निर्णय….

    रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में उनके निवास कार्यालय में मंत्री परिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक में निम्नानुसार महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।प्रथम अनुपूरक अनुमान वर्ष 2021-2022 का विधान सभा में उपस्थापन बाबत् छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक, 2021 का अनुमोदन किया गया। संविदा नियम, 2012 की कंडिका 7 (2) में शिथिलता प्रदान करते हुए, कर्नल रजनीश शर्मा, तत्कालीन पुलिस उप महानिरीक्षक (एसटीएफ) बघेरा जिला दुर्ग की संविदा सेवा में एक वर्ष की वृद्धि का अनुमोदन किया गया।छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की राज्य के विभिन्न जिलों में स्थित 58 कॉलोनियों को संबंधित क्षेत्रों के नगरीय निकायों को तथा रायपुर विकास प्राधिकरण अंतर्गत कमल विहार योजना के पूर्ण हो चुके सेक्टर, इंद्रप्रस्थ योजना के फेस-1 और फेस-2, डॉ. खूबचंद बघेल ट्रांसपोर्ट नगर तथा श्यामा प्रसाद मुखर्जी आवासीय एवं व्यावसायिक क्षेत्र को रायपुर नगर निगम को हस्तांतरित किए जाने का निर्णय लिया गया।छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल के स्व-वित्तीय आवासीय/व्यावसायिक सम्पत्तियों को विक्रय योजना के तहत लागत मूल्य पर विक्रय करने एवं विशेष भाड़ा क्रय योजना तथा One Time Settelment लागू करने का अनुमोदन किया गया। विशेष भाड़ा क्रय योजना एवं सामान्य भाड़ा क्रय योजना में सभी को अंतिम किश्तों के भुगतान के समय कुल देय ब्याज राशि में 15 प्रतिशत की छूट दिए जाने का निर्णय लिया। हाउसिंग बोर्ड की 14 चिन्हित कॉलोनियों एवं 7 व्यावसायिक परिसर को लागत मूल्य पर विक्रय का निर्णय लिया गया। इससे मकानों की कीमत औसत रूप से 16.5 प्रतिशत कम होगी।



    नवा रायपुर, छत्तीसगढ़ में विश्व स्तरीय शिक्षण संस्थान की स्थापना के लिए नवा रायपुर में 20 एकड़ भूमि स्कूल शिक्षा विभाग को निःशुल्क आबंटित किए जाने का निर्णय लिया गया। इस विश्व स्तरीय शिक्षण संस्थान के निर्माण के लिए माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा 15 करोड़, छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल द्वारा 10 करोड़ और व्यावसायिक परीक्षा मण्डल द्वारा 25 करोड़ रूपए इस प्रकार कुल 50 करोड़ रूपए की राशि दी जाएगी।छत्तीसगढ़, चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय दुर्ग (अधिग्रहण) विधेयक, 2021 अनुमोदन किया गया।छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा स्वयं अथवा पब्लिक प्राईवेट पार्टनशिप के माध्यम से निर्मित आयुर्वेदिक दवाओं, हर्बल उत्पादों एवं लघु वनोपज से प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ के क्रय के संबंध में छत्तीसगढ़ भण्डार क्रय नियम 2002 यथा संशोधित 2020) के नियम 8 में संशोधन का निर्णय लिया गया। जिसके तहत राज्य शासन के समस्त विभाग, उपक्रम एवं शासनाधीन संस्थाओं द्वारा अपने आवश्यकता के अनुसार तथा उपलब्ध बजट के अंतर्गत आयुर्वेदिक दवाओं हर्बल उत्पादों एवं लघु वनोपज से प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थाें का छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज के माध्यम से सीधे क्रय कर सकेंगे। इस सबंध में छत्तीसगढ़ भण्डार क्रय नियम के प्रावधान के अनुसार निविदा आमंत्रित करने की आवश्यकताओं को शिथिल किए जाने का निर्णय लिया गया।
    वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के उपक्रम सीएसआईडीसी के आधिपत्य में सेक्टर-सी, औद्योगिक विकास केन्द्र सिरगिट्टी जिला- बिलासपुर की 38.944 एकड़ भूमि का आवास एवं पर्यावरण विभाग के उपक्रम छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल तथा औद्योगिक विकास केन्द्र सिरगिट्टी में 9 एकड़ भूमि में सीएसआईडीसी द्वारा संचालित किए जा रहे हाईटेक बस स्टैंड परिसर को नगर निगम बिलासपुर को हस्तांतरण किये जाने का निर्णय लिया गया।
    छत्तीसगढ़ राज्य की औद्योगिक नीति 2019-24 के अंतर्गत फार्मास्युटिकल उद्योग में निवेश हेतु विशेष निवेश प्रोत्साहन पैकेज का अनुमोदन किया गया है। जिसके तहत इस पैकेज का लाभ उन्हीे उद्योगों को प्राप्त होगा, जो पैकेज घोषणा की तिथि से पूर्व छत्तीसगढ़ शासन के साथ एमओयू का निष्पादन कर चुके हैं। ऐसी इकाईयां जो अपना व्यावसायिक 15 करोड़ से अधिक का नवीन स्थायी पूंजी निवेश कर उत्पादन 31 अक्टूबर 2024 को अथवा उसके पूर्व करें। इस पैकेज के अंतर्गत आर्थिक निवेश प्रोत्साहन हेतु घोषित अधिकतम मान्य निवेश सीमा 20 करोड़ तक देय होगी। विशेष प्रोत्साहन पैकेज के अंतर्गत फार्मास्युटिकल उद्योगों को विभिन्न सुविधाएं जैसे विद्युत शुल्क में छूट, स्टाम्प शुल्क में छूट, ब्याज अनुदान, परियोजना प्रतिवेदन, गुणवत्ता प्रमाणीकरण और तकनीकी पैटंेंट में अनुदान आदि सुविधाएं दिए जाने का निर्णय लिया गया। यदि ये उद्योग निविदा में भाग लेती है, वांछित गुणवत्ता की दवा एल-1 दर पर प्रदाय करने के लिए तैयार होती है। तब इन उद्योगों से राज्य में क्रय की जाने वाली दवाईयों में से अधिकतम 50 प्रतिशत दवाईयां सीधे क्रय करने का निर्णय भी लिया गया।
    ‘‘मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के संबंध में मंत्रिपरिषद के समक्ष प्रस्तुत एक पूरक प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत कृषकों को निजी भूमि में वाणिज्यिक वृक्षारोपण को प्रोत्साहन तथा अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत अधिनियम 2006 के अंतर्गत जिन नागरिकों को वन अधिकार मान्यता पत्र प्राप्त हुआ है उनके द्वारा अपनी भूमि पर फलदार पौधे, वनोपज वनौषधि का रोपण किए जाने पर उन्हें 10 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इन पौधों के बीच अंतरवर्ती फसल के रूप में अन्य फसलें भी लगाई जा सकती है।
    राजीव गांधी किसान न्याय योजना के क्रियान्वयन हेतु जारी दिशा-निर्देश का अनुमोदन किया तथा योजना में रागी फसल को शामिल करने का निर्णय लिया गया। गोधन न्याय योजनान्तर्गत वैकल्पिक विधि से बायो इनरिच्ड आर्गेनिक मेन्योर तैयार करने एवं दर निर्धारण का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत बायो इनरिच्ड जैविक खाद का निर्माण स्व-सहायता समूह के माध्यम से किया जाएगा। उत्पादित खाद को सुपर कम्पोस्ट प्लस के नाम से विक्रय न्यूनतम दर 6.50 रूपए प्रति किलोग्राम की दर से किया जाएगा।
    प्रदेश के जिला मुख्यालय की मंडियों में भूमि की उपलब्धता के आधार पर छत्तीसगढ़ बाजार (C-MART) की स्थापना राज्य विपणन विकास निधि से किए जाने केे प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। सी-मार्ट में प्रदेश के विभिन्न शासकीय-अर्धशासकीय संस्थाओं, गौठानों, स्व-सहायता समूहों, कृषि उत्पादक संगठनों के माध्यम से राज्य के कृषकों, कामगारों, शिल्पकारों, बुनकर इत्यादि के द्वारा उत्पादित सामाग्री के विपणन तथा उसकी ब्राडिंग के साथ-साथ उपभोक्ताओं को एक ही स्थान पर सामग्री क्रय करने की सुविधा उपलब्ध होगी। एग्री बिजनेस से संबंधित उत्पाद जैसे बीज,खाद, कृषि यंत्र, कृषि उपकरण, पम्प, मल्टीप्लैक्स, मनोरंजन सुविधा के साथ-साथ कृषकों के दैनिक उपयोग की सामग्री के विक्रय की व्यवस्था की जाएगी। इसका उद्देश्य स्थानीय उत्पादकों को विपणन की सुविधा कुटिर उद्योग का बढ़ावा तथा कृषकों की आय में वृद्धि करना है।

    छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद में सदस्यों की संख्या 10 से बढ़ाकर 21 किए जाने का निर्णय लिया गया।छत्तीसगढ़ विधान मंडल सदस्य निरर्हता निवारण अधिनियम, 1967 (क्र. 16 सन् 1967) को और संशोधित करने हेतु विधेयक के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। आदिम जनजातियों का संरक्षण (वृक्षों में हित) अधिनियम, 1999 एवं नियम, 2000 के क्रियान्वयन हेतु उक्त कार्य राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग को आबंटित किये जाने के संबंध में छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन प्रारूप का अनुमोदन किया गया। सेवा क्षेत्र को वाणिज्य एवं उद्योग विभाग का कार्य आबंटित किए जाने का निर्णय लिया गया।
    शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक एवं संग्रहालय के लिए नया रायपुर अटल नगर में 6.42 एकड़ भूमि नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण से आदिम जाति तथा अनुसूचित जनजाति विकास विभाग को निःशुल्क उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया।कोरोना संक्रमण काल के चलते बंद कराये गये आश्रम/छात्रावास एवं पोटा केबिन (कक्षा 8वीं से 12वीं तक के बच्चों) को प्रारंभ करने के आयुक्त बस्तर संभाग के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। बस्तर संभाग के जिला सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर में कुल 320 आश्रम एवं 118 छात्रावास संचालित है। इसके अलावा बस्तर संभाग के शेष चार जिलों में जिला मुख्यालय से भिन्न संचालित छात्रावास एवं आश्रम को भी संचालित करने की अनुमति देने का निर्णय लिया गया।
    भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी स्वर्गीय श्री चंद्रकांत उइके की पत्नि श्रीमती रमा उइके को विशेष प्रकरण के तहत आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के अंतर्गत सहायक अनुसंधान अधिकारी (द्वितीय श्रेणी) के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति देने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।बाजार मूल्य (गाईड लाईन) एवं पंजीयन शुल्क में 31 मई 2022 तक छूट दिए जाने की अधिसूचना का कार्याेत्तर अनुमोदन किया गया। बाजार मूल्य गाईड लाईन दर पर पंजीयन शुल्क में (30 प्रतिशत) जारी छूट तथा 75 लाख से कम अथवा बराबर बाजार मूल्य के आवासीय मकानों एवं फ्लैट्स रजिस्ट्री पर पंजीयन शुल्क में 2 प्रतिशत की छूट 31 मार्च 2022 तक जारी रहेगी।वाणिज्यिक कर पंजीयन विभाग में रिक्त दो वरिष्ठ जिला पंजीयकों के पदों की पूर्ति के लिए वरिष्ठ जिला पंजीयक के पद पर पदोन्नति हेतु अर्हता मंे दो वर्ष की छूट एक बार के लिए दिए जाने का निर्णय लिया गया।
    कैबिनेट बैठक में राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना का क्रियान्वयन वर्ष 2021-22 से किए जाने का सैध्दांतिक निर्णय लिया गया। योजना का अंतिम रूप देने के लिए माननीय मुख्यमंत्री जी को अधिकृत किया गया।नगरीय क्षेत्रों में शासकीय भूमि का आवंटन, अतिक्रमित भूमि का व्यवस्थापन तथा गैर रियायती एवं रियायती स्थायी पट्टों को भूमि स्वामी अधिकार में परिवर्तन विलेखों पर देय स्टाम्प शुल्क/पंजीयन शुल्क में अधिकतम 2 हजार रूपए तक की छूट तथा नगरीय निकाय शुल्क में 31 मार्च 2022 तक छूट देने का निर्णय लिया गया। वर्ष 2016 बैच के नायब तहसीलदार से तहसीलदार के पद पर पदोन्नति हेतु छत्तीसगढ़ जूनियर प्रशासकीय सेवा भर्ती नियम 1980 की अनुसूची-4 में निर्धारित पांच वर्ष के सेवा काल में अधिकतम एक वर्ष की एक बार के लिए छूट प्रदान किए जाने निर्णय लिए गए।
    कोविड-19 के संक्रमण की स्थिति में प्रदेश के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लिए 2 अगस्त 2021 से भौतिक रूप से शिक्षण तथा अध्यापन कालखण्डो में विद्यार्थियों को उपस्थिति का निर्णय लिया गया। जिसके तहत कक्षाओं का संचालन प्रतिदिन 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ किया जाएगा। अर्थात विद्यार्थी अलटरनेट डे कक्षा में उपस्थित होंगे। समस्त संकायों/कक्षाओं के लिए पूर्व से संचालित ऑनलाइन कक्षाएं भी यथावत संचालित रहेंगी। कोविड-19 के सुरक्षा मानकों का ध्यान रखा जाएगा। राज्य के सभी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) प्रारंभ होंगे। मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलीटेक्निक चरणबद्ध रूप से खोले जाएंगे। कॉलेजों में विद्यार्थियों की उपस्थिति की अनिवार्यता नहीं है।कक्षा 10वीं और 12वीं के कक्षाएं 2 अगस्त 2021 से शुरू होंगी। कक्षाओं का संचालन विद्यार्थियों की 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ किया जाएगा। इसके लिए पालकों की सहमति आवश्यक होगी। यदि कोविड के एक भी प्रकरण नहीं है, ऐसी स्थिति में ग्राम पचंायतें पालकों के परामर्श से स्कूलों के संचालन का निर्णय ले सकेंगी। इसी प्रकार शहरी क्षेत्रों में स्कूलों के संचालन के संबंध में स्थानीय पार्षद एवं पालकों की सहमति से निर्णय लिया जाएगा।
    निजी विश्वविद्यालय की स्थापना एवं निगमन विषयक – प्रस्तावित विश्वविद्यालय, दुर्ग, छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक, 2021 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। भारत सरकार कोयला मंत्रालय/नॉमिनेटेड अथॉरिटी द्वारा 12वें ट्रेंच के रूप में सेल आफ कोल के तहत नीलामी हेतु छत्तीसगढ़ राज्य के अंतर्गत चिन्हांकित 18 कोल ब्लॉकों में से 17 कोल ब्लॉकों की नीलामी की सहमति दी गई। मुख्यमंत्री सस्ती दवा दुकान योजना एवं अंतर्विभागीय/अंतर्निकाय समन्वय से संबंधित अन्य लोकहित, लोक स्वास्थ्य, नगरीय नियोजन, शहरी अधोसंरचना विकास की केन्द्र/राज्य प्रवर्तित योजनाओं के क्लस्टर स्तर पर क्रियान्वयन/अनुश्रवण हेतु प्रदेश के 9 अर्बन एग्लोमरेशन को विघटित करते हुए समस्त 28 जिलांे को 28 जिला स्तरीय एग्लोमरेशन एवं जिला स्तरीय समिति के गठन करने तथा मुख्यमंत्री सस्ती दवा योजना के प्रस्तावित प्रारूप का सैध्दांतिक अनुमोदन किया गया। छत्तीसगढ़ खाद्य एवं पोषण सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत जारी राशन कार्डों पर प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के समकक्ष माह जुलाई 2021 से नवम्बर 2021 तक सामान्य श्रेणी के राशन कार्डाें का छोड़कर अन्य सभी राशन कार्डाें पर नियमित एवं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना की अतिरिक्त खाद्यान्न पात्रता में से जो बेहतर हो के अनुसार निःशुल्क राशन वितरण के निर्णय का अनुमोदन किया गया।

    खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित एवं नीलामी हेतु समितियों में भण्डारित अतिशेष धान 1.45 लाख मीट्रिक टन की नीलामी संग्रहण केन्द्रों से करने तथा समितियों से उक्त धान का परिवहन संग्रहण केन्द्रों में कराने के विभागीय निर्णय का अनुमोदन किया गया।मछली पालन को कृषि के समान विद्युत दर, सिंचाई दर एवं संस्थागत ऋण उपलब्ध कराने के विभागीय प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। आंगनबाड़ियों 26 जुलाई से दो पालियों में संचालित किए जाने का निर्णय लिया गया।

    मेसर्स मां कुदरगढ़ी एल्युमिना रिफाईनरी प्राईवेट लिमिटेड ग्राम चिरंगा, जिला सरगुजा में स्थापित की जा रही है। एल्युमिना संयंत्र को छत्तीसगढ़ शासन के सार्वजनिक उपकरण छत्तीसगढ़ डेव्हलपमेंट कॉर्पाेंरेशन के माध्यम से खनिज बॉक्साइड हेतु स्वीकृत खनि पट्टा क्षेत्रों से प्रति वर्ष अधिकतम 2.5 मिलियन टन बॉक्साइड अयस्क प्रदान करने हेतु लॉग टर्म लिंकेज पॉलिसी का अनुमोदन किया गया।

  • IAS जेल में लगा रहा झाड़ू, जज का फर्जी आदेश तैयार करने वाले संतोष वर्मा जेल में बंद…

    IAS जेल में लगा रहा झाड़ू, जज का फर्जी आदेश तैयार करने वाले संतोष वर्मा जेल में बंद…

    जज का फर्जी फैसला बनाकर IAS अवॉर्ड लेने के मामले में जेल में बंद संतोष वर्मा अपनी बैरक में खुद झाड़ू लगा रहा है। संतोष वर्मा के जेल में 2 दिन बड़ी मुश्किल से अपनी रात बिताई है। रात भर वह सो नहीं रहा है। सिर्फ करवटें बदलते नजर आ रहा है। इसी बैरक में उनके साथ निलंबित आबकारी अधिकारी पराक्रम सिंह चंद्रावत भी है। फर्जी आईएएस अफसर को कोर्ट ने शनिवार को 30 जुलाई तक जेल भेज दिया है।
    आरोपी आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा जेल में बंद रहते हुए अपने बैरक की सफाई समेत अन्य काम खुद करता है। जब जेलकर्मियों ने उसे झाड़ू लगाने से रोका, तो उसका कहना था कि वह घर में भी झाड़ू खुद ही लगाता था। इसलिए बैरक में सफाई करने में उसे कोई परेशानी नहीं है। बता दें, जेल में आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा को अन्य कैदियों से दूर रखा गया है। कोरोना वायरस के कारण जेल में नए कैदी को पहले क्वारैंटाइन सेंटर में रखा जाता है। उसमें 18 अन्य कैदी भी शामिल हैं।
    IAS वर्मा के खिलाफ 27 जून को एमजी रोड पुलिस ने जज की शिकायत पर धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने का केस दर्ज किया था। इसके बाद एमजी रोड पुलिस द्वारा दो बार संतोष वर्मा की रिमांड लेकर उन्हें जिला जेल भेज दिया गया है।

    क्यों बनाया फर्जी आदेश

    राज्य प्रशासनिक सेवा से भारतीय प्रशासनिक सेवा में प्रमोट करने के अधिकारी की जांच की जाती है। मामूली अपराध होने पर IAS अवॉर्ड रुक जाती है। ऐसे में वर्मा के खिलाफ दो केस लंबित होने की जानकारी DPC को मिलती तो उन्हें अपने सेवाकाल में कभी IAS अवॉर्ड होता ही नहीं, इसलिए उसने फर्जी आदेश बनाकर DPC के सामने लगा दिया।

  • निलंबित IPS जीपी सिंह और सरकार दोनों पहुंचे हाइकोर्ट, एक ने कहा- मामला द्वेषपूर्ण तो दूसरे ने कोर्ट से कहा- पहले पक्ष सुनो फिर…

    निलंबित IPS जीपी सिंह और सरकार दोनों पहुंचे हाइकोर्ट, एक ने कहा- मामला द्वेषपूर्ण तो दूसरे ने कोर्ट से कहा- पहले पक्ष सुनो फिर…

    छत्तीसगढ़ के निलंबित एडीजी गुरजिंदर पाल सिंह के प्रकरण में प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट में कैविएट दाखिल की है जिसमे राज्य सरकार ने हाईकोर्ट से इस मसले पर दायर याचिका में सीधे कोई फ़ैसला या संरक्षण देने के पूर्व राज्य सरकार का पक्ष सुनने की बात कही है।

    बता दे कि छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा देशद्रोह का मामला दर्ज करने के एक दिन बाद, एडीजी जी.पी. सिंह ने शुक्रवार को उच्च न्यायालय का रुख करते हुए प्रदेश सरकार द्वारा ‘पक्षपातपूर्ण कार्रवाई’ पर अंतरिम राहत और मामले की सीबीआई जांच की भी मांग की है।

    छत्तीसगढ़ पुलिस ने निलंबित एडीजी जीपी सिंह के खिलाफ गुरुवार देर रात राजद्रोह का केस दर्ज किया गया है। एसीबी के छापे के दौरान एडीजी के सरकारी बंगले से कुछ चिट्ठियां और पेन ड्राइव मिली थीं। उनकी जांच के बाद सिटी कोतवाली में राजद्रोह की धारा 124 और धारा 153 में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इस पर पुलिस आज और खुलासा कर सकती है। राज्य में राजद्रोह का यह पहला मामला बताया जा रहा है।

    पुलिस के अनुसार छापेमारी के दौरान जो चिट्ठियां और दस्तावेज मिले हैं, उनमें ऐसी बातें लिखी हैं जो सरकार के खिलाफ साजिश की तरफ सीधा इशारा कर रही हैं। पत्र के अलावा डायरी के कुछ पन्ने ऐसे हैं, जिनमें कुछ लोगों को लेकर गंभीर आपत्तिजनक टिप्पणियां हैं, जिन्हें पुलिस यह मान कर चल रही है कि इनसे समाज में वैमनस्यता फैलाने का प्रयास भी किया गया है।

    उल्लेखनीय है कि एसीबी ने आयकर विभाग के इनपुट पर अनुपातहीन संपत्ति की जांच के लिए 1 जुलाई की सुबह 6 बजे एडीजी जीपी सिंह के पुलिस लाइन स्थित सरकारी बंगले सहित 15 ठिकानों पर छापेमारी की थी। करीब 64 घंटे तक लगातार चली जांच के दौरान एसीबी की टीम को उनकी 10 करोड़ अनुपातहीन संपत्ति का पता चला था। डायरी के पन्नों और पेन ड्राइव से निकाले गए दस्तावेजों से सरकारी विरोधी गतिविधियों के संकेत मिले थे। एसीबी ने डायरी के पन्ने और पेन ड्राइव से निकाले गए दस्तावेजों का ब्योरा तीन दिन पहले ही पुलिस को सौंप दिया था। पुलिस ने इन्हें साक्ष्य मानते हुए जीपी सिंह के खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज कर लिया।

  • GP की डायरी उगल रही दफन राज: बस्तर को किस तरह सुलगाया जाए, हर पन्ने पर षडयंत्र की कहानी, कई बड़े नेताओं की भी मिली जन्मकुंडली !

    GP की डायरी उगल रही दफन राज: बस्तर को किस तरह सुलगाया जाए, हर पन्ने पर षडयंत्र की कहानी, कई बड़े नेताओं की भी मिली जन्मकुंडली !

    रायपुर।छत्तीसगढ़ में इन दिनों निलंबित IPS अफसर जीपी सिंह के करप्शन की कहानी हर किसी के जुबान पर है।GP सिंह के कारनामे हर रोज नए स्टोरी में तब्दील होकर सामने आ रहे हैं. बेनामी संपत्ति मामला और राजद्रोह का प्रकरण दर्ज होने के बाद जी पी सिंह की डायरी कई हैरान करने वाले राज खोल रही है. सरकार के खिलाफ और बस्तर को किस तरह सुलगाया जाए. इन जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया है. सूत्रों का कहना है कि GP सिंह की डायरी के हर पन्ने अलग ही राज उगल रहे हैं।

    GP सिंह की डायरी में षडयंत्र की कहानी

    जीपी सिंह डायरी लिखने के काफी शौकीन रहे हैं. आज उनका शौक, उनके लिए ही गले का फंदा बनता दिख रहा है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक GP की डायरी में राज्य सरकार और खास तौर पर सीएम सचिवालय के कई बड़े अधिकारियों के खिलाफ गंभीर टिप्पणियां दर्ज हैं. सरकार के मंत्रियों, नेताओं और अन्य राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के खिलाफ भी षड्यंत्र किए जाने संबंधी दस्तावेज छापे के दौरान बरामद हुए हैं. जीपी सिंह दूसरे राजनीतिक दलों को सरकार के विरोध में दस्तावेज उपलब्ध कराते थे. साथ ही कई अन्य अहम जानकारियां भी साझा करते थे.

    कामाख्या और दतिया में चढ़ाई गई बलि 

    सूत्र बताते हैं कि कुछ ऐसे दस्तावेज बरामद हुए हैं, जो इस बात की तस्दीक करते हैं कि राज्य में राजनीतिक संकट खड़े करने के लिए भी सुनियोजित योजनाएं जीपी सिंह बनाते थे. छत्तीसगढ़ के कई बड़े नेताओं की जन्मकुंडली भी जीपी सिंह के घर से बरामद हुई है. ACB के सूत्र बताते हैं कि जीपी सिंह तंत्र क्रियाएं करते थे. बताया जा रहा है कि कामाख्या और दतिया में न केवल तंत्र क्रियाएं कराई गई, बल्कि बलि भी चढ़ाई गई. इसके प्रमाण छापे के दौरान मिली डायरी से मिलती है.

    अजीत जोगी को कांग्रेस में लाने की थी तैयारी

    ACB के सूत्र बताते हैं GP सिंह अपनी डायरी में कोडेट वर्ड का इस्तेमाल करते थे. बीजेपी की वरिष्ठ नेत्री को लेकर भी डायरी में आपत्तिजनक टिप्पणी दर्ज पाई गई है. इस टिप्पणी में यह भी लिखा है. आजकल दिल्ली में इनका भाव कम हो गया है. ACB के सूत्र बताते हैं कि दिवंगत नेता अजीत जोगी को कांग्रेस में लाने की भी तैयारी की जा रही थी.

    गवर्नर पर गंभीर टिप्पणियां

    बताया जा रहा है कि डायरी में गवर्नर को लेकर भी कई टिप्पणियां दर्ज है, जिसमें यह लिखा गया है कि आदिवासी महिला को भूपेश सरकार को टाइट करने के लिए भेजा गया था, लेकिन वह कुछ नहीं कर पाए. इसलिए अमित शाह ने खूब डांट फटकार लगाई है. इस तरह के कई राज वो डायरी उगल रही है. अभी दस्तावेजों की छानबीन जारी है.

    निलंबित ADG जीपी सिंह के यहां जब्त डायरी से षडयंत्रकारी गतिविधियों का खुलासा हुआ है. पुलिस ने एसीबी की लिखित शिकायत पर जीपी सिंह के खिलाफ राजद्रोह का प्रकरण दर्ज किया है. जीपी सिंह की कथित हस्तलिखित पन्नों में मौजूदा सरकार के मंत्री से लेकर पूर्व सीएम के खिलाफ भी आपत्तिजनक बातें कही गई है. पन्नों में इस बात का भी जिक्र है कि बस्तर को किस तरह सुलगाया जा सकता है.

    आधी डायरी और पन्नों को किया गया बरामद 

    सूत्र बताते हैं कि एसीबी की टीम के अंदर आने से पहले कई सामान इधर–उधर किए गए. डायरी के पन्नों को फाडक़र फेंक दिया गया. एसीबी ने किसी तरह आधी डायरी और पन्नों को बरामद कर लिया. पन्नों को गोंद से जोडक़र मूल स्वरूप में लाने की कोशिश की गई. इसमें कई गंभीर और षडयंत्रकारी गतिविधियों का जिक्र है.

    बस्तर को किस तरह सुलगाया जा सकता है?

    सूत्रों की मानें तो डायरी के पन्नों में मौजूदा, और पिछली सरकार के प्रभावशाली लोगों के खिलाफ ऐसी–ऐसी बातें लिखी गई हैं, जिसे बेहद संगीन माना जा रहा है. यही नहीं, डायरी में बस्तर और सरगुजा के अलग–अलग हिस्सों का राजनीतिक विश्लेषण भी है. बस्तर को किस तरह सुलगाया जा सकता है? सरगुजा की विधानसभा सीटों का बारीक विश्लेषण भी है. सीबी ने छापेमारी के बाद डायरी को पुलिस को सौंप दिया था. पुलिस ने विवेचना के बाद प्रकरण को राजद्रोह के लायक माना है. सूत्रों के मुताबिक पुलिस की टीम जीपी सिंह की गिरफ्तारी के लिए रवाना हो गई है.