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  • वकील ने जज को दी बददुआ ‘जा तुझे कोरोना हो जाय’ जज ने सुनाया वकील के खिलाफ फैसला

    वकील ने जज को दी बददुआ ‘जा तुझे कोरोना हो जाय’ जज ने सुनाया वकील के खिलाफ फैसला

    दिल्ली। कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में कोहराम मचा रखा है। इसकी चपेट में लाखों लोग आ चुके हैं। इस बीमारी से जहां पूरी दुनिया सकते मेंं है वहीं कुछ लोग अब कोरोना को बददुआ देने में इस्तेमाल करने लगे हैं।
    दरअसल, एक वकील साहब अपने पक्ष में फैसला नहीं आने पर इस कदर गुस्सा हो गए कि कलकत्ता हाई कोर्ट के एक जज को बददुआ देते हुए कहा कि ‘जा तुझे कोरोना वायरस हो जाए’ वकील के इस आचरण से नाराज जज साहब ने उसके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की सिफारिश की है।
    घटना के खफा हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता ने अदालत की गरिमा को बरकरार रखने में असफल रहने व पेशे के खिलाफ आचरण करने पर वकील विजय अधिकारी के कृत्य की निंदा की और उन्हें अवमानना नोटिस जारी कर दी। वैसे ये अपनी तरह का पहला मामला है जब किसी ने कोरोना हो जाने की बददुआ दी हो। लोग इस घटना पर मजे भी ले रहे हैं लेकिन वकील साहब को जज को बददुआ देना लगता है कि भारी पड़ने वाला है।
  • ट्रंप की धमकी पर आया WHO का बयान, कहा- कोरोना पर सियासत न करें, यह आग से खेलने जैसा

    ट्रंप की धमकी पर आया WHO का बयान, कहा- कोरोना पर सियासत न करें, यह आग से खेलने जैसा

    दिल्ली । कोरोनावायरस (Coronavirus) के कहर के चलते दुनियाभर में 83,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. करीब 14 लाख से ज्यादा मामले सामने आए हैं. अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप (Donald Trump) ने मंगलवार को विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (WHO) को उनके देश की ओर से दिए जाने वाली वित्‍तीय फंड (US funding) में कमी करने की धमकी दी थी. जिस पर डब्ल्यूएचओ ने गुरुवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जवाब दिया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के डायरेक्टर जनरल टेडरोस अधानोम गेब्रियेसस ने कहा, ”कोरोना वायरस के राजनीतिकरण से क्वारंटीन रहें. दलगत, विचारधारा और धार्मिक मतांतर से ऊपर उठें. कोरोना पर सियासत मत कीजिए, यह आग से खेलने जैसा है।”

    उन्होंने आगे कहा, ”जहां दरार होता है, वहां वायरस घुस हमें हरा सकता है. किसी देश की व्यवस्था चाहे जितनी भी अच्छी हो लेकिन राष्ट्रीय एकता के बिना वह ख़तरे में होगा. राजनीतिक दलों के पास ख़ुद को सिद्ध करने के दूसरे बहुत से मुद्दे होंगे, कृपया इस वायरस को राजनीति का हथियार न बनाएं।’

    बताते चले कि डोनाल्ड ट्रंप ने कोरोना वायरस की महामारी के दौरान WHO पर चीन को लेकर पूर्वाग्रही होने का आरोप लगाया था. अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा था कि WHO को की जाने वाली फंडिग पर पर वे अब ‘मजबूत पकड़’ रखेंगे. गौरतलब है कि डब्‍ल्‍यूएसओ की फंडिंग का अमेरिका सबसे बड़ा जरिया है।

    ट्रंप के अनुसार, WHO चीन को लेकर पक्षपाती प्रतीत हो रहा है, यह सही नहीं है. उनके इस बयान को ट्विटर पर किए गए कमेंट से जोड़कर देखा जा रहा है जिसमें उन्‍होंने WHO पर चीन को लेकर बहुत अधिक केंद्रित होने का आरोप लगाया था. चीन से फैले कोरोना वायरस को रोकने के लिए इंटरनेशनल ट्रेवल को रोकने संबंधी सलाह का जिक्र करते हुए उन्‍होंने पूछा कि डब्‍ल्‍यूएचओ ने इस तरह की बेहदा सिफारिश क्‍यों की? ट्रंप ने देश से यात्रा पर प्रतिबंध लगाने के अपने फैसले का जिक्र करते हुए लिखा, ‘सौभाग्य से मैंने चीन से अपनी सीमाएं जल्द खोलने की उनकी सलाह को खारिज कर दिया।’

  • एक्टर आमिर खान का तारीफ वाला काम, बिना प्रचार के खामोशी से कोरोना से लड़ाई में प्रधानमंत्री राहत कोष में दान की रकम

    एक्टर आमिर खान का तारीफ वाला काम, बिना प्रचार के खामोशी से कोरोना से लड़ाई में प्रधानमंत्री राहत कोष में दान की रकम

    दिल्ली। कोरोना वायरस से लड़ाई में पूरा देश सरकार के साथ खड़ा है। कुछ लोग सरकार को मदद तो दे रहे हैं लेकिन उसका जमकर प्रचार करने से बाज नहीं आते वहीं एक्टर आमिर खान ने चुपचाप प्रधानमंत्री राहत कोष में सहायता राशि दे दी।

    बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने कोरोना वायरस से लड़ाई मेें अपना योगदान बिना किसी शोर शराबे और प्रचार के किया। इतना ही नहीं उन्होंने कोरोना से लड़ाई में जुटी कई संस्थाओं को भी काफी रकम ट्रांसफर की है। आमिर खान से जुड़े एक बेहद करीबी सूत्र ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गठित पीएम केयर्स फंड, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री राहत कोष के अलावा आमिर खान ने फिल्म वर्कर्स एसोसिएशन और कुछ अन्य संस्थाओं को काफी मात्रा में मदद की है लेकिन उन्होंने ये सब बेहद खामोशी से किया ताकि उनकी मदद के बारे में किसी को पता न चले।

    दरअसल, कोरोना से लड़ाई में पूरा देश एकजुट है। ऐसे में लोग यथासंभव मदद भी कर रहे हैं। कुछ जहां अपनी मदद का भरपूर प्रचार कर रहे हैं वहीं आमिर खान जैसे लोग बेहद खामोशी से इस लड़ाई में अपना योगदान दे रहे हैं। आमिर के इस काम की काफी तारीफ हो रही है। जानकारी के मुताबिक उन्होंने अपनी आगामी फिल्म लाल सिंह चड्ढा के जूनियर आर्टिस्ट और टीम मेंबर को भी आर्थिक सहायता दी है ताकि लॉकडाउन में उनका जीवन सुचारू रूप से चलता रहे।
  • आईजी और विधायक में ठनी, शैलेष पाण्डेय ने दीपांशु काबरा के फरमान को बताया तुगलकी….

    आईजी और विधायक में ठनी, शैलेष पाण्डेय ने दीपांशु काबरा के फरमान को बताया तुगलकी….

     बिलासपुर। यहाँ कोरोना के चलते जारी सख्ती को लेकर विधायक और आईजी के बीच विवाद की स्थिति बन गई है. ऐसा लग जैसे दोनों के बीच ठन सी गई है. दरअसल घर पर राशन बाँटने के बाद से कानून का उल्लंघन करने का आरोप झेल चुके कांग्रेस विधायक शैलेष पाण्डेय और आईजी दीपांशु काबरा के बीच कुछ नहीं चल रहा है. अबकी बार कांग्रेस विधायक ने काबरा के फरमान को तुगलकी बता दिया है।

    दरअसल आईजी दीपांशु काबरा ने मदद करने वालों के नाम पर लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों को लेकर फरमान जारी कर दिया है. इस फरमाम ने आईजी ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि कोई भी एनजीओ या लोग खाना खिलाने के स्वयं नहीं निकलेंगे. बल्कि प्रशासन और पुलिस तक वे जरूरत का समान पहुँचाएंगे. प्रशासन और पुलिस टीम वितरण का काम करेगी. काबरा ने अपने फरमान ने कहा कि खाना बाँटने, राशन बाँटने के नाम पर लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन हो रहा है।

    आईजी के इस फरमाम का कांग्रेस विधायक ने पाण्डेय ने विरोध किया है. उन्होंने इसे आईजी का तुलगकी फरमान बताया है. शैलेष पाण्डेय का कहना है कि इस आदेश से लोगों को मदद समय नहीं मिल पाएगी. उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ेगा. वे अपनी ओर मदद जारी रखेंगे।

  • दुर्ग में छिपा था तब्लीकी जमात का एक सदस्य, छिपाने वाले पर FIR

    दुर्ग। इस्पात नगरी मे पुलिस ने तबलीगी जमात के एक और जमाती को सेक्टर 03 क्वारेटाइन सेन्टर भेजा है जानकारी छुपाने के आरोप मे किराना व्यवसायी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है छावनी CSP विश्वाश चन्द्राकर ने बताया कि फौजी नगर वार्ड 27 हाऊसिंग बोर्ड मे स्थित अन्ना किराना स्टोर के संचालक मोहम्मद हुसैन 36 साल के घर मे छिपे कन्याकुमारी तमिलनाडु निवासी तबलीगी जमाती को बुधवार की रात्रि सेक्टर 03 क्वारेटाइन सेन्टर भेजा गया है CSP के अनुसार तीसरी दबिश मे किराना व्यवसायी के घर पर मिला कन्याकुमारी से आया जमाती किराना दुकान व्यवसायी जमाती का जीजा है । जामुल पुलिस ने किराना व्यवसायी के खिलाफ भादवि की धारा 188, व भारतीय महामारी अधिनियम 1897 की धारा 03 के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया है। दुर्ग जिले मे तबलीगी जमात से संबंध रखने वाले यह 10 वा व्यक्ति है।

  • कोरबा जिले में बड़ा खतरा, कटघोरा से 7 और नए संक्रमित मरीज पाए गए…पूरा शहर हुआ लॉक डाउन

    कोरबा जिले में बड़ा खतरा, कटघोरा से 7 और नए संक्रमित मरीज पाए गए…पूरा शहर हुआ लॉक डाउन

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोेना से जुड़ी एक बड़ी खबर आ रही है। कोरोना के 7 नये केस सामने आये हैं। सभी संक्रमित मरीज कटघोरा के बताये जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में कुछ संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर अब 9 हो गयी है। इससे पहले छत्तीसगढ़ में एक कोरोना का एक और मरीज देर रात कटघोरा से ही मिला था। जिसके बाद बाद उस मरीज के संपर्क में आये अन्य लोगों के सैंपल भी स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए भेजा था। खबर के मुताबिक 7 नये केस आने के बाद कोरबा में हड़कंप मच गया है। जिन लोगों के कोरोना पाजेटिव रिपोर्ट आयी है, उनमें 5 पुरुष और 2 महिला शामिल हैं। छत्तीसगढ़ में अभी जितने भी कोरोना पाजेटिव केस हैं, वो सभी के सभी कोरबा के ही रहने वाले हैं। आज जिनकी रिपोर्ट पाजेटिव आयी है, वो कोरबा को कटघोरा के मस्जिद मोहल्ला के रहने वाले हैं। आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ के कोरोबा का कटघोरा इलाके में जिन-जिन लोगों का पाजेटिव रिपोर्ट आयी है, उन सभी का वास्ता खास समुदाय से हैं।

    जानकारी के मुताबिक जिला कलेक्टर के निर्देश पर शहर अब पूर्ण कर्फ्यू की स्थिति बन गई है। पुलिस गश्त तेज कर दी गई है। मुख्यमार्ग के साथ गली, मोहल्लों और चौक-चौराहों पर खास निगरानी रखी जा रही है।

    शहर के किराना, फल, सब्जी, डेयरी संचालक जिन्हें दुकाने खोलने की अनुमति थी उस निर्णय को भी आगामी आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। इनमे पेट्रोल पंप और मेडिकल संस्थान भी शामिल हैं।

  • चीन ने पाकिस्तान को भेजा कोरोना तोहफा , भेजी अंडरवियर से बने मास्क की खेप , मौलाना और इमाम भड़के लेकिन चड्डी से बने मास्क मुँह में बांधने के अलावा कोई चारा नहीं

    चीन ने पाकिस्तान को भेजा कोरोना तोहफा , भेजी अंडरवियर से बने मास्क की खेप , मौलाना और इमाम भड़के लेकिन चड्डी से बने मास्क मुँह में बांधने के अलावा कोई चारा नहीं

    दिल्ली : पाकिस्तान में इन दिनों चीनी तोहफा चर्चा का विषय बना हुआ है | चीन ने ऐसा तोहफा दिया है कि पाकिस्तान के मुल्ला , मौलवियों और इमामों का हाल बेहाल है | दरअसल चीन ने कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए दवाईयां मास्क और अन्य मेडिकल उपकरण मुहैया कराने का बीड़ा उठाया था | इसकी पहली खेप जब इस्लामाबाद पहुंची तो पाकिस्तानी हुक्मरानों के चेहरे ख़ुशी से खिल उठे | लेकिन जब तोहफा खोला गया तो पाकिस्तानी अफसरों के होश फाख्ता हो गए | दरअसल उनकी निगाहें जब मास्क के डिब्बों पर पड़ी , तो उनका चेहरा देखने लायक था | उन्हें डिब्बों में अंडरवियर दिखाई दिया | खोलने पर उससे बने मास्क हाथों में आ गए |

    दरअसल कोरोना वायरस इन दिनों पूरी दुनिया में महामारी बन चुका है | हजारों लोगों की जान ले चुका है , इस वायरस के संक्रमण से बचने के लिए लोगों को सोशल डिस्टेंस बनाए रखने और मुंह पर मास्क लगाने की सलाह दी गई है | इसी वजह से बाजारों में मास्क की मांग में तेजी से बढ़ोतरी हुई है लेकिन अब चीन इसे भुना रहा है | उसने अपने ही दोस्त पाकिस्तान को मास्क के नाम पर अंडरवियर की खेप भेज दी है |दरअसल, चीन ने पाकिस्तान में मास्क की भारी मांग को देखते हुए अपने दोस्त को धोखा देते हुए अंडरगार्मेंटस से बने मास्क का निर्यात कर दिया | इसे देखकर पाकिस्तान के लोग भड़क गए | चीन से भेजे गए मास्क वहां के न्यूज चैनलों की सुर्खियों बन गए, यहां तक कि अस्पतालों को डॉक्टरों ने इनके इस्तेमाल से भी इनकार कर दिया | चीन में बनाए गए मास्क को जब पाकिस्तान में खोलकर देखा गया तो एन-95 मास्क की जगह अंडरवियर से बने मास्क मिले जो कोरोना के वायरस या किसी अन्य संक्रमण को रोकने में पूरी तरह फेल थे |

    उधर पाकिस्तान के अलावा यूरोप के भी कई देश शिकायत कर चुके हैं कि चीन से भेजे गए मास्क बेहद घटिया स्तर के हैं | इसी वजह से नीदरलैंड और स्पेन ने चीन से मेडिकल सप्लाई को रोकने का फैसला लिया है | लेकिन पाकिस्तान को भेजे गए मास्क एकदम अलग है | देखने पर ही पता चल जाता है कि अंडरवियर है | दिलचस्प है कि इस संकट की घड़ी में चीन ने बीते दिनों पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान से मदद का वादा किया था | लेकिन अब घटिया स्तर के मास्क के बाद इस वादे का पाकिस्तान के लोग ही मजाक उड़ा रहे हैं | सोशल मीडिया पर कई लोग पाकिस्तान के मास्क से जुड़ी ब्रेकिंग न्यूज और वीडियो को शेयर कर रहे हैं | वहीं दूसरी तरह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान चीन की तारीफ करते नहीं थकते | कोरोना वायरस से लड़ने के दौरान अपने हर भाषण में इमरान खान चीन का गुणगान करते नजर आ ही जाते हैं |

  • सर्वोच्च न्यायालय का सरकार को आदेश : फ्रि  में हो कोरोना का टेस्ट , प्राइवेट लैब भी फ्री में करे टेस्ट , कोरोना से लड़ने वालों की सुरक्षा जरूरी ,  अब सरकार को लेना होगा फैसला

    सर्वोच्च न्यायालय का सरकार को आदेश : फ्रि में हो कोरोना का टेस्ट , प्राइवेट लैब भी फ्री में करे टेस्ट , कोरोना से लड़ने वालों की सुरक्षा जरूरी , अब सरकार को लेना होगा फैसला

    दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एक जनहित याचिका की सुनवाई पर कहा है कि कोरोना का का टेस्ट मुफ्त में होना चाहिए | यहां तक कि प्राइवेट लैब भी लोगों से पैसा ना ले | सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा की कोरोना से लड़ने वाले योद्धा है | उनके और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए खासकर मेडिकल स्टाफ की।

    कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच देश में सभी नागरिकों को कोविड-19 की जांच की मुफ्त सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को एक जनहित याचिका दायर की गई थी । अधिवक्ता शशांक देव सुधी ने यह याचिका दायर की थी । इसमें अनुरोध किया गया है कि केन्द्र और संबंधित प्राधिकारियों को कोविड-19 की जांच की मुफ्त सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया जाए। इस पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने दिशा निर्देश दिए है।

    सुप्रीम कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए इस याचिका पर सुनवाई की जा रही थी और सॉलिसिटर जनरल से कोर्ट ने कहा है कि जल्द ही अदालत इस बारे में आदेश पारित करेगी।हालांकि कोर्ट ने संकेत दिए हैं कि निजी लैब कोरोना टेस्ट के पैसे मरीज की बजाय सरकार से ले सकें, ऐसी व्यवस्था बनाई जा सकती है | लिहाजा माना जा रहा है कि शीर्ष अदालत सरकार को ये आदेश दे सकती है कि वो निजी लैब्स में की जा रही कोरोना वायरस की जांच के लिए आने वाले खर्च को वहन करे | इसके लिए लोगों पर बोझ नहीं डाला जाना चाहिए।

    याचिका में भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के 17 मार्च के परामर्श पर सवाल उठाये गये हैं जिसमे निजी अस्पतालों और लैब मे कोविड-19 की जांच के लिए अधिकतम मूल्य 4500 रुपए निर्धारित किया गया है। याचिका में कहा गया है कि आम नागरिक के लिए सरकारी अस्पताल या प्रयोगशाला मे कोविड-19 की जांच कराना बहुत ही मुश्किल काम है और इसका कोई अन्य विकल्प नहीं होने की वजह से लोगों को निजी अस्पतालों या प्रयोगशालाओं को जांच के लिये 4500 रुपए देने पड़ रहे हैं।

    मामले की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना टेस्ट मुफ्त में किये जाने के लिए निर्देशित किया है | इस फैसले के बाद उम्मीद की जा रही है कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस बारे में कोई निर्णायक फैसला ले।

  • अमेरिका समेत कई देशो की निग़ाहें भारत पर, कोरोना संक्रमितों के इलाज में लिए संजीवनी बूटी सिर्फ हमारे देश में, 30 दिन में 20 करोड़ टैबलेट तैयार कर गेम चेंजर, बन सकता है भारत

    अमेरिका समेत कई देशो की निग़ाहें भारत पर, कोरोना संक्रमितों के इलाज में लिए संजीवनी बूटी सिर्फ हमारे देश में, 30 दिन में 20 करोड़ टैबलेट तैयार कर गेम चेंजर, बन सकता है भारत

    दिल्ली| कोरोना संक्रमण को विश्व से ख़त्म करने की शक्ति केंद्र के रूप में भारत का नाम लिया जा रहा है | अमेरिका के सहायता मांगने के बाद कई देश भारत से संजीवनी बूटी की तर्ज पर मलेरियां में उपयोग आने वाली दवाई की मांग कर रहे है | कोरोना वायरस की वजह से पूरी दुनिया में दहशत का माहौल है | इस वायरस की वजह से हजारों मौतें हो चुकी हैं और सैकड़ों लोग प्रभावित हुए हैं | तो वहीं दुनिया के सुपरपावर कहा जाने वाले देश अमेरिका के सामने भी मुश्किल का दौर चल रहा है |

    कोरोना वायरस की महामारी को देखते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मलेरिया के इलाज में उपयोग होने वाली हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवाई के लिए भारत से मदद मांगने के बाद पड़ोसी देशो ने भी गुहार लगाई है | पूरी दुनिया इस दवाई को कोरोना वायरस के इलाज में एक उम्मीद की किरण की तरह देख रही है | दुनिया के कई देश इस दवाई और उसे निर्मित करने वाले भारत को ‘गेमचेंजर’ के रूप में देखने लगे है |

    भारत ने भी ट्रंप की गुहार को देखते हुए हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के निर्यात से बैन हटा दिया है | बताया जा रहा है इस दवाई के लिए पूरी दुनिया को भारत से काफी उम्मीद है क्योंकि इस दवाई की पूरी सप्लाई का 70 फीसदी हिस्सा भारत देश में ही बनता है | दावा किया जा रहा है कि भारत ने अप्रैल-जनवरी 2019-2020 के दौरान 1.22 बिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य की हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन ओपीआई एक्सपोर्ट किया था |

    हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवाई का अमेरिका जैसे विकसित देशों में उत्पादन नहीं होता है क्योंकि वहां मलेरिया का नामोनिशान नहीं है | क्लोरोक्वीन सबसे पुरानी और अच्छी दवाइयों में से एक है और इसके साइड इफेक्टस भी कम होते हैं | ये दवा भारतीय बाजारों में काफी कम दामों में उपलब्ध हो जाती है |

    हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवाई का कम्पोजिशन क्लोरोक्वीन से मिलता जुलता ही होता है | लेकिन कोरोना वायरस के चलते कई देशों ने इस पर रोक लगा दी है | क्योंकि वैज्ञानिकों को अभी इस बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं है कि कोरोना को खत्म करने में कारगर साबित होगी या नहीं | इतना जरूर है कि जहां कोरोना का संक्रमण ज्यादा है वहां इसके उपयोग की इजाजत दी गई है |

    इंडियन फार्मास्‍यूटिकल अलायंस के महासचिव सुदर्शन जैन का कहना है कि पूरी दुनिया को भारत हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवाई का 70 फीसदी सप्लाई करता है | यही नहीं दावा किया जा रहा है कि भारत में इस दवा बनाने की कैपेसिटी काफी प्रभावी है | भारत 30 दिन में 40 टन हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवाई बनाने की क्षमता रखता है | यानी इस तरह से 20 मिली ग्राम की 20 करोड़ टैबलेट्स बनाई जा सकती हैं |

    डॉक्टरों के मुताबिक इस दवाई का उपयोग ह्यूमेटॉयड ऑर्थराइटिस और लूपुस जैसी बीमारियों के लिए भी होता है तो इसका प्रोडक्शन अभी भी बढ़ाया जा सकता है | इस दवाई को बनाने वाली देशी विदेशी कंपनियों के कारखाने भारत में है | भारत के केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय की तरफ से हाल ही में ज़ेडस कैडिला और इप्का लैबोरेट्रीज को हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन की 10 करोड़ टैबलेट्स बनाने का ऑर्डर दिया गया है |

  • चीन के इतिहास में सबसे बड़े लॉकडाउन के बाद आज से खुल गया चीन का वुहान शहर , लेकिन विदेशियों की आवाजाही पर पुरी तरह से रोक , लोगों को नए संक्रमण का भी अंदेशा , सोशल डिस्टेंसिंग के जरिये रोजमर्रा के कार्यों के लिए एक दूसरे के संपर्क में आ रहे है लोग

    चीन के इतिहास में सबसे बड़े लॉकडाउन के बाद आज से खुल गया चीन का वुहान शहर , लेकिन विदेशियों की आवाजाही पर पुरी तरह से रोक , लोगों को नए संक्रमण का भी अंदेशा , सोशल डिस्टेंसिंग के जरिये रोजमर्रा के कार्यों के लिए एक दूसरे के संपर्क में आ रहे है लोग

    दिल्ली| चीन का वुहान शहर बुधवार की सुबह से लॉकडाउन से मुक्त हो गया है | हालांकि यहां पहले जैसी रौनक नहीं है | लोगों ने लॉक डाउन खुलने के पहले दिन कोरोना से जान गवाने वाले अपने साथियों के सम्मान में मौन रखा | उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की | वुहान में उद्योग धंधे शुरू होने में अभी काफी वक्त लगेगा | लेकिन आम बाजार और दुकाने पहले की तरह खुलने लगी है | ये और बात है कि गिने चुने लोग ही सड़कों पर नजर आ रहे है |

    पिछले साल दिसंबर से कोरोना वायरस की महामारी इस शहर से फैलनी शुरू हुई थी | यह शहर पिछले 76 दिनों से बंद था | 23 जनवरी के बाद पहली बार लोगो ने सड़कों पर कदम रखा | सुबह होते ही ये लोग अपने घरों से बाहर निकले | वुहान में कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं | पिछले ढाई महीने से लॉकडाउन में रहा यह शहर फिर से पहले की तरह दौड़ पाएगा | अभी यह कहना मुश्किल है | यहां यातायात की सभी सुविधाएं शुरू हो गई है | रेलवे स्टेशनों से ट्रेनो में बहुत कम लोग सवार हुए | यही हाल एयरपोर्ट पर भी दिखाई दिया | गिने चुने यात्रियों को लेकर विमानो ने उड़ान भरी | कई लोग अपनी गाड़ियों में बैठकर शहर के बाहर जाते हुए भी दिखाई दिए |

    वुहान शहर जरूर खुल गया है लेकिन किसी नए संक्रमण की आहट से स्थानीय लोग डरे हुए है | चीन में इन दिनों कोरोना वायरस के बाद हंता वायरस का भी खतरा मंडरा रहा है | यह भी बताया जा रहा है कि वुहान में विदेशी नागरिकों की आवाजाही पर रोक है |

    चीन सरकार ने यहां लॉक डाउन खोलने का फैसला मंगलवार को एक भी मौत का मामला सामने नहीं आने के बाद लिया था | 1.1 करोड़ आबादी वाला यह वुहान शहर कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित था | चीन के कुल 82 हजार कोरोना संक्रमितों में से 50 हजार इसी शहर में थे, कुल 3331 मृतकों में से 2500 वुहान में ही मरे | चीन के शहर वुहान में दिसंबर में कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आया था | यहां के सीफूड और मीट मार्केट में यह वायरस जानवर से इंसान तक पहुंचा और फिर यह महामारी में बदल गया |

    दुनियाभर में 13 लाख से अधिक लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं और 70 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है | कोरोना संक्रमण मामलों में तेजी के बाद सरकार ने वुहान में लॉकडाउन की घोषणा कर दी थी | वुहान शहर को खोलने के बावजूद यहां नियंत्रणकारी उपायों को जारी रखा जाएगा | इस शहर ने इतिहास का सबसे बड़ा लॉकडाउन देखा है | 23 जनवरी के बाद यह सख्त होता चला गया | वायरस के फैलाव के साथ लॉकडाउन भी पूरे हुबेई प्रांत में लागू कर दिया गया | 6 करोड़ लोग घरों में कैद हो गए थे |