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  • बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण के फेवरेट क्रिकेटर कौन हैं, सचिन, धोनी नहीं बल्कि इस क्रिकेटर को बताया आदर्श  

    बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण के फेवरेट क्रिकेटर कौन हैं, सचिन, धोनी नहीं बल्कि इस क्रिकेटर को बताया आदर्श  

    भारतीय सिनेमा की जानीमानी एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण इन दिनों अपनी एक फिल्म के प्रमोशन में लगी हुई हैं, दीपिका पादुकोण ने अभी हाल ही में एक शो में हिस्सा लिया, जहां उनसे उनके फेवरेट क्रिकेटर के बारे में पूंछा गया तो उन्होंने इस पर भी खुलकर बात की, और अपने फेवरेट क्रिकेटर का नाम भी बताया, साथ ही ये भी बताया कि वो क्रिकेटर उन्हें क्यों खास लगता है।

    दरअसल दीपिका पादुकोण के फेवरेट क्रिकेटर में न तो धोनी हैं और न ही सचिन तेंदुलकर हैं, बल्कि दीपिका पादुकोण ने राहुल द्रविड़  को अपना फेवरेट क्रिकेट बताया, अपना आदर्श क्रिकेटर कहा, साथ ही ये भी कहा कि उनके कई आदर्श रहे हैं लेकिन वो उन्हें इसलिए पसंद नहीं करती कि उन्होंने प्रोफेशन में कितना आसाधारण काम किया बल्कि अपने प्रोफेशन से बाहर कैसे उन्होंने खुद को ढाला और तैयार किया है। इसके चलते वो उनसे प्रभावित रहे हैं। राहुल द्रविड़ को लेकर दीपिका  ने कहा कि वो उन्हें हमेशा से ही पसंद करते आई हैं और वो बैंगलोर से भी हैं।

  • CAB बिल को लेकर मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा- हम अपने राज्य में नहीं होने देंगे लागू

    CAB बिल को लेकर मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा- हम अपने राज्य में नहीं होने देंगे लागू

    रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि नागरिकता संशोधन बिल को हम अपने राज्य में लागू नहीं होने देंगे. उन्होंने कहा कि इसे लेकर मैं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से बात करूंगा कि हम अपने संवैधानिक मूल्यों पर इस हमले की अनुमति न दें. छत्तीसगढ़ राज्य CAB के कार्यान्वयन की अनुमति नहीं देता है।

    दरअसल नागरिकता संशोधन बिल लोकसभा और राज्यसभा में पास होने के बाद से कांग्रेस सदन से लेकर सड़क तक इसका विरोध कर रही है. इसे लेकर कई राज्यों में विरोध हो रहा है. सड़कों पर प्रदर्शन कर आगजनी की जा रही है. इस बिल को लेकर मंत्री टीएस सिंहदेव ने ट्वीट भी किया है.बता दें कि CAB को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर, पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और केरल के सीएम पिनाराई विजयन ने अपने-अपने राज्यों में नागरिकता संशोधन विधेयक को लागू करने से मना कर दिया है.

  • अब बूढ़े मां-बाप की नहीं करोगे सेवा तो जाओगे जेल, सरकार ने बना दिया कानून

    अब बूढ़े मां-बाप की नहीं करोगे सेवा तो जाओगे जेल, सरकार ने बना दिया कानून

    दिल्ली। अक्सर बुजुर्गों के साथ उनके बुढ़ापे में जवान बेटे बहू और उनके परिजन बेहद बुरा सलूक करते हैं. इसे रोकने के लिए सरकार ने बकायदा कानून बना दिया है. अब ऐसा करने वालों को जेल तक जाना पड़ सकता है.अब अगर आपने किसी भी तरीके से अपने बुजुर्गों को प्रताड़ित किया तो इसकी आपको बड़ी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. ऐसा करने वालों को छह महीने की जेल की सजा तक भुगतनी पड़ सकती है. इसके अलावा तगड़ा जुर्माना भी ठोंका जा सकता है।

    अब बुजुर्गों के भरण पोषण की जिम्मेदारी सिर्फ बेटे की नहीं होगी बल्कि इस दायरे में बहू और दामाद भी शामिल होंगे. बुजुर्गों की उपेक्षा पर रोक लगाने के लिए लोकसभा में माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण पोषण और कल्याण संशोधन बिल पेश किया गया. इसमें 6 महीने की सजा के साथ साथ जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है.

  • मतपत्र और मतपेटी से वोट डालने की दी जाएगी जानकारी, राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी कलेक्टरों-जिला निर्वाचन अधिकारियों को दिए निर्देश

    मतपत्र और मतपेटी से वोट डालने की दी जाएगी जानकारी, राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी कलेक्टरों-जिला निर्वाचन अधिकारियों को दिए निर्देश

    रायपुर। राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी कलेक्टरों एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को नगरीय निकाय निर्वाचन के मतदान के पहले लोगों को मतपत्र एवं मतपेटी से वोट डालने की प्रक्रिया की जानकारी देने के निर्देश दिए हैं. आयोग ने सभी कलेक्टरों को पत्र लिखकर मतदाताओं के लिए मतपेटी एवं मतपत्र से मतदान प्रक्रिया का प्रदर्शन करने कहा है.

    प्रदेश में नगरीय निकाय निर्वाचन के लिए आगामी 21 दिसम्बर को मतदान के मद्देनजर कलेक्टरों को 19 दिसम्बर को शाम पांच बजे तक आम लोगों के लिए इसका प्रदर्शन करने कहा गया है. इसके लिए मास्टर ट्रेनर्स, एनसीसी, एनएसएस और स्काउट गाइड की भी मदद लेने के निर्देश दिए गए हैं. मतपेटी के प्रदर्शन की सूचना प्रदर्शन स्थल पर लगाने कहा गया है.

    वर्ष 2014 के नगरीय निकाय, 2018 के विधानसभा और 2019 के लोकसभा निर्वाचन में ईवीएम के माध्यम से वोट डाले गए थे। इसलिए आयोग ने मतपत्र और मतपेटी से मतदान की प्रक्रिया से लोगों को अवगत कराने इसके प्रदर्शन के निर्देश दिए हैं। नगर निगमों में जोनवार तथा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय या तहसील कार्यालय में मतपेटी व डमी मतपत्र के माध्यम से वोट डालने और मतपत्र को मोड़ने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन के लिए स्थल चिन्हांकित कर प्रशिक्षित व्यक्तियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। इसका नियमित पर्यवेक्षण भी किया जाएगा।

    आयोग ने डमी मतपत्र में उम्मीदवारों के नाम की जगह वर्णमाला के अक्षर का प्रयोग करने के निर्देश दिए हैं। आयोग द्वारा उम्मीदवारों के लिए आरक्षित प्रतीक चिन्हों से भिन्न प्रतीक चिन्ह इसमें उपयोग करने कहा गया है। एरोक्रॉस मार्क से मतपत्र पर मत का अंकन और मतांकन के बाद इसे मोड़ने (सिंगल या डबल लाइन होने पर) के तरीके की जानकारी प्रदर्शन के दौरान दी जाएगी। मतदान प्रक्रिया के प्रशिक्षण के लिए आयोग ने अलग मतपेटियों के चिन्हांकन के निर्देश दिए हैं। इन मतपेटियों का उपयोग मूल निर्वाचन के लिए नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन स्थल पर रजिस्टर संधारित कर जिन मतदाताओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, उनकी जानकारी दर्ज की जाएगी। प्रशिक्षण के लिए इस्तेमाल की जाने वाली मतपेटियों को प्रशिक्षण के बाद सुरक्षित अभिरक्षा में तहसील, जोन कार्यालय या थाने में रखा जाएगा।

  • बेहतरीन आवाज से नहीं हॉट फिगर के लिए मशहूर है ये सिंगर, तस्वीरें देख कोई भी हो जाए दीवाना

    बेहतरीन आवाज से नहीं हॉट फिगर के लिए मशहूर है ये सिंगर, तस्वीरें देख कोई भी हो जाए दीवाना

    दोस्तों अगर आप लोग फिल्म जगत और साउथ फिल्मों से जुड़ी खबरों को पढ़ना पसंद करते है तो आप हमारे चैनल को फॉलो करें. दोस्तों जैसा कि आप सभी को पता है कि भारत में ऐसी बहुत सी खूबसूरत सिंगर मौजूद हैं जो हमेशा अपनी गायकी से लोगों को दीवाना बनाती रहती हैं।

    आज के इस बेहद खास आर्टिकल में हम आप लोगों को एक ऐसी सिंगर के बारे में बताने वाले हैं जो अपने गायकी के बजाय अपने हॉट फिगर की वजह से सोशल मीडिया पर तहलका मचाती रहती है। आप लोगों ने ऐसी हॉट फिगर वाली गायिका को नहीं देखा होगा। दोस्तों इस बेहद खास आर्टिकल के माध्यम से हम उस गायिका को आपसे रूबरू कराने वाले हैं।

    हम जिस सिंगर की बात कर रहे हैं उसने साउथ की कई फिल्मों में अच्छे-अच्छे गाने गाए हैं। आप लोगों की जानकारी के लिए बता दें कि हम जिस सिंगर की बात कर रहे हैं उनका नाम प्रियंका रॉय कुंडू है। प्रियंका रॉय कुंडू का जन्म कोलकाता में हुआ था। सिंगर बनने से पहले यह मॉडलिंग के क्षेत्र में जबरदस्त प्रदर्शन कर रही थी।

    मॉडलिंग के क्षेत्र में प्रियंका ने काफी नाम बनाया है।आज भारत की जानी मानी मॉडल में प्रियंका का नाम शामिल है। मॉडलिंग के बाद इन्होंने साउथ की फिल्मों में धीरे-धीरे गाना शुरू किया जिसमें इनको अपार सफलता प्राप्त हुई। प्रियंका अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर बहुत ज्यादा एक्टिव रहती हैं और हमेशा नई नई तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। अगर इनके गानों की बात की जाए तो यह सिर्फ दक्षिण भारतीय फिल्मों के लिए गाती है लेकिन इनकी दीवानगी पूरे भारत में देखी गई है। पूरे भारत के लोग इनको फॉलो करते हैं।

  • तलाक की अर्जी अगर पेंडिंग, तो भी दूसरी शादी मान्य: सुप्रीम कोर्ट

    तलाक की अर्जी अगर पेंडिंग, तो भी दूसरी शादी मान्य: सुप्रीम कोर्ट

    हिंदू मैरिज एक्ट के सेक्शन 15 की व्याख्या करते हुए बेंच ने कहा कि तलाक के खिलाफ अपील की पेंडेंसी के दौरान दूसरी शादी पर रोक का प्रावधान तब लागू नहीं होता, जब पक्षकारों ने समझौते के आधार पर केस आगे न चलाने का फैसला कर लिया हो।

    सुप्रीम कोर्ट ने तलाक को लेकर बड़ा फैसला दिया है. हिंदू मैरिज एक्ट के तहत तलाक के खिलाफ दायर अपील के लंबित होने के दौरान महिला या पुरुष में से किसी के भी दूसरी शादी पर रोक है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अपने नए फैसले में कहा है कि अगर तलाक की अर्जी लंबित है और दोनों पक्षों में केस को लेकर सहमति है, तो दूसरी शादी मान्य होगी।

    अंग्रेजी अखबार ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक, हिंदू मैरिज एक्ट के सेक्शन 15 की व्याख्या करते हुए जस्टिस एसए बोबडे और जस्टिस एल नागेश्वर राव की बेंच ने कहा कि तलाक के खिलाफ अपील की पेंडेंसी के दौरान दूसरी शादी पर रोक का प्रावधान तब लागू नहीं होता, जब पक्षकारों ने समझौते के आधार पर केस आगे न चलाने का फैसला कर लिया हो.सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान यह फैसला दिया. वर्तमान मामले में तलाक की डिक्री के खिलाफ अपील लंबित रहने के दौरान पति ने पहली पत्नी के साथ समझौता करते हुए तलाक वापस लेने की अर्जी वापस दाखिल की थी. इसी दौरान दूसरी शादी कर ली. इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने उसकी दूसरी शादी को अमान्य करार दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने पति की अर्जी को स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट के फैसले को खारिज कर दिया।

    दरअसल, दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने 31 अगस्त 2009 को पत्नी के पक्ष में फैसला देते हुए में तलाक की डिक्री मंजूर की थी. पति ने फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दे दी. लेकिन, मामला आगे बढ़ने से पहले ही पति-पत्नी के बीच समझौता हो गया. 15 अक्टूबर, 2011 को पति अपील वापस लेने की अर्जी दाखिल कर दी. लेकिन, जब ये केस पेंडिंग था, उस समय ही पति ने दिसंबर 2011 में दूसरी शादी कर ली।

    इस शादी के बाद दूसरी महिला ने शादी को कोर्ट में चुनौती दे दी. उसने अपील में कहा, तलाक की अपील पेंडिंग के दौरान शादी हुई है, इसलिए इसे शून्य करार दिया जाए. निचली कोर्ट ने उसकी अर्जी खारिज कर दी. हालांकि, हाईकोर्ट ने इसे मान लिया और शादी को शून्य घोषित कर दिया. इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और वहां पर हाईकोर्ट के फैसले को पलट दिया गया.

  • सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला…पार्किंग से गाड़ी चोरी होने पर होटल जिम्मेदार, देना होगा मुआवजा

    सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला…पार्किंग से गाड़ी चोरी होने पर होटल जिम्मेदार, देना होगा मुआवजा

    अक्सर होटलों के बाहर पार्किंग की सुविधा तो होती है लेकिन वहां पर लिखा रहता है। वाहन अपने रिस्क पर खड़ा करें। इसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गाइडलाइंस जारी की है। कोर्ट का कहना है कि यदि होटल की पार्किंग से गाड़ी चोरी होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी होटल की होगी।

    साथ ही कोर्ट ने कहा कि अगर गाड़ी का मालिक गाड़ी की चाबी पार्किंग के बाद होटल स्टाफ को दे देता है और इस दौरान गाड़ी चोरी हो जाती है या गाड़ी में कोई नुकसान हो जाता है तो होटल को ही मुआवजे की रकम देनी होगी।दरअसल, राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के निर्णय को सही मानते हुए कोर्ट ने ये बात कही। आपको बता दें कि दिल्ली के ताज महल होटल से 1998 में एक व्यक्ति की मारुति जेन कार पार्किंग से चोरी हो गई थी। जिसके बाद उपभोक्ता आयोग ने मैनेजमेंट को जिम्मदार माना। आयोग ने कहा कि होटल पार्किंग में कस्टमर जिस स्थिति में वाहन पार्क करके गया था उसी स्थिति में वाहन उसे वापस मिले। दिल्ली के ताज महल होटल पर उपभोक्ता आयोग ने 2.8 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था।

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि होटल ये बताकर नहीं बच सकते कि पार्किंग सर्विस तो फ्री में है। कोर्ट ने कहा कि कस्टमर से रूम, फूड, एंट्री फीस आदि के नाम पर पहले ही ऐसी सर्विस के पैसे ले लिए जाते हैं। हालांकि कोर्ट ने यह भी साफ किया होटल जब ही मुआवजे की रकम देगा जब उसके खिलाफ कोई ठोस सबूत होगा। गौरतलब है कि कोर्ट के इस फैसले से होटल ग्राहकों को काफी फायदा होगा।

  • अब बिना पहचान पत्र के ‘दूध’ नहीं दे सकेंगे ‘दूधवाले भैय्या’ पहले चरण में एक लाख दूधवालों का होगा रजिस्ट्रेशन

    अब बिना पहचान पत्र के ‘दूध’ नहीं दे सकेंगे ‘दूधवाले भैय्या’ पहले चरण में एक लाख दूधवालों का होगा रजिस्ट्रेशन

    दिल्ली। दूध का मामला सीधा सीधा लोगों की सेहत से जुड़ा है. बच्चों से लेकर बूढ़े तक सभी दूध पर किसी न किसी रुप में निर्भर रहते हैं. इसको देखते हुए सरकार अब दूधवालों की पहचान करके ही उन्हें दूध देने का अधिकार देगी।

    दूध में मिलावट रोकने और मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने के मकसद से सरकार दूध सप्लाई करने वाले दूधियों  को पहले तो ट्रेनिंग देगी फिर उनको पहचान पत्र जारी करेगी ताकि वो लोगों को अच्छी गुणवत्ता का दूध उपलब्ध करा सकें।

    FSSAI ने फैसला लिया है कि हर दूध वाले को एक पहचान पत्र  दिया जाएगा. देश में दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता बनाये रखने के लिए संस्था ने ये फैसला लिया है. इसके लिए चरणबद्ध तरीके से दूधवालों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा. पहले चरण में एक लाख दूध वालों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा. अगर लोगों की तरफ से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलती है तो इसे पूरे देश में लागू कर दिया जाएगा.

  • व्हाट्सएप्प के बाद गूगल से सरकारी जासूसी का खुलासा, भारत के 500 लोगों पर सरकारी जासूसी की आंच, पढिये पूरी खबर

    व्हाट्सएप्प के बाद गूगल से सरकारी जासूसी का खुलासा, भारत के 500 लोगों पर सरकारी जासूसी की आंच, पढिये पूरी खबर

    कुछ दिन पहले व्हाट्सएप्प ने अपने 1400 यूज़र्स को सरकारी जासूसी की बात बताई थी जिसमें 121 भारतीय थे। इस्रायली सॉफ्टवेयर pegasus के जरिये की गई इस जासूसी के बाद भारत सरकार ने व्हाट्सएप्प के एमडी को बुलाकर जानकारी भी ले थी। हालांकि यह कहा जा रहा है कि इस सॉफ्टवेयर का उपयोग सरकार ने ही करवाया था ताकि लोगों की जासूसी की जा सके। इसमें ज्यादातर ऐसे लोग टारगेट किये गए थे जो सामाजिक क्षेत्र में कार्य कर रहे थे। अब गूगल से भी जासूसी की बात सामने आई है वह भी उसी समय कराई गई थी जब व्हाट्सएप्प का मामला चल रहा था। बिज़नेस स्टैंडर्ड ने इस संबंध में विस्तार से रिपोर्टिंग की है।

    गूगल की ओर से अपने यूज़र्स को भेजे मेल में बताया गया था कि सरकार समर्थित हैकर्स द्वारा उनके इनफार्मेशन लीक किया गया है। इस बात की स्वीकारोक्ति लोकसभा में मंत्री संजय धोते द्वारा भी की गई है। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर इमरजेंसी टीम द्वारा 2016-19 तक कई मामले पकड़े गए हैं। गूगल के अनुसार दुनिया भर में 12 हजार लोगों की इस तरह जासूसी की गई जिसमें 500 भारतीय यूज़र्स थे।

    कैसे हुई जासूसी

    इनमें से 90 प्रतिशत यूज़र्स को फिशिंग क्रेडेंशियल ईमेल के जरिये टारगेट किया गया था। टारगेट करने वालों ने गूगल की तरफ से सिक्युरिटी अलर्ट जैसा मेल भेजा गया इसके बाद सिक्योरिटी कोड लेकर उनके मेल से तमाम इनफार्मेशन उड़ा लिए गए।  हालांकि उनके मेल में Google के बजाय goolge लिखा हुआ था जो यूज़र्स के समझ में नहीं आया। इस बार भारत के बड़े ब्रांड को टारगेट किया था जिसमें DHL, Pay Pal जैसे कई बड़े ब्रांड थे।

  • लो कर लो बात…! अब शादी करने के लिए करना होगा ये कोर्स… सरकार मुफ्त में करवाएगी पढ़ाई…

    लो कर लो बात…! अब शादी करने के लिए करना होगा ये कोर्स… सरकार मुफ्त में करवाएगी पढ़ाई…

    शादी का लड्डू जो खाएं वो पछताएं और जो न खाएं वो भी पछताएं कहावत आज भी बेहद पॉपुलर है। लेकिन क्या हो जब इस शादी का कोर्स शुरू हो जाए? इस कोर्स में एक सफल शादी के सीक्रेट्स बताए जाएं?जी हां, एशिया का एक देश प्री-वेडिंग कोर्स शुरू करने के बारे में सोच रहा है, जिसमें कपल्स को शादी के बाद होने वाले बदलावों के बारे में एजुकेट किया जाएगा।

    ये कोर्स साउथ-ईस्ट एशिया के देश इंडोनेशिया में शुरू होने जा रहा है. इस प्री-वेडिंग कोर्स में शादी करने जा रहे कपल्स को सेहत का ध्यान रखने, बीमारियों से बचने और बच्चों की केयर के टिप्स की ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे ये कपल्स एक सफल शादी की शुरुआत कर सके।जकार्ता पोस्ट के मुताबिक, ये कोर्स साल 2020 में शुरू होगा, जो कि बिल्कुल मुफ्त में कराया जाएगा. इस कोर्स को इंडोनेशिया की ह्यूमन डेवलेपमेंट एंड कल्चर अफेयर्स और मिनिस्ट्री ऑफ रिलिजऩ एंड मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ ने मिलकर तैयार किया है।

    रिलिजन अफेयर्स के एक ऑफिसर ने बताया, सभी के दिमाग में यह सवाल आ रहा होगा कि अगर कपल्स इस कोर्स में फेल हुए तो क्या? तो इसका साफ जवाब ये है कि जो कपल्स इस कोर्स में फेल होंगे वो शादी नहीं कर सकते।ये कोर्स तीन महीने का होगा और अगर कोई भी कपल इस कोर्स में फेल हो जाता है तो उन दोनों को इंडोनेशिया की सरकार शादी करने का अधिकार नहीं देगी।