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  • प्रीति चड्ढा सुसाइड मामला: आरोपी पति मुम्बई से गिरफ्तार, दहेज हत्या का आरोप

    प्रीति चड्ढा सुसाइड मामला: आरोपी पति मुम्बई से गिरफ्तार, दहेज हत्या का आरोप

    बिलासपुर। शहर की गोल्ड मेडलिस्ट प्रीति चड्डा की अबूधाबी (यूएई) में हुई संदिग्ध मौत की जांच कर रही बिलासपुर पुलिस ने आरोपी पति सिंधु घोष को गिरफ्तार कर लिया है। यूएई से भारत पहुंचते ही मुंबई एयरपोर्ट अथार्टी ने उसे पकड़ लिया, और एसपी को इसकी सूचना दी।

    बिलासपुर के वरिष्ठ पत्रकार प्राण चड्डा की बेटी प्रीति चड्डा दुबई में मल्टीनेशल कंपनी में एचआर प्रमुख पद पर कार्यरत थीं। कोलकाता के सिंधु घोष भी दुबई में पायलट है। प्रीति ने करीब तीन साल पहले उससे शादी की थी। शादी के महज एक साल बाद सिंधु उसे प्रताड़ित करने लगा था। दरअसल, शादी के बाद उसके मन में लालच आ गया। वह हमेशा प्रीति पर अपने पिता के नाम की जमीन की हिस्सेदारी की मांग करने के लिए दबाव डालता था। लेकिन, प्रीति इसके लिए तैयार नहीं थी। सिंधु बेहिसाब रकम खर्च करता और प्रीति के डेबिट कार्ड वगैरह को जबरिया ले लेता। जब तक प्रीति उसे रकम देती, तब तक रिश्ता ठीक रहता। स्र्पये खत्म होने के बाद वह मारपीट कर परेशान करता। यही नहीं, प्रीति ने अबूधाबी में मकान खरीदा था, जिसे वह अपने नाम पर करने के लिए दबाव डालता। इसके साथ ही प्रीति पर एफडी तोड़ने के लिए दबाव डालता। पति की हरकतों की जानकारी प्रीति ने बिलासपुर में रहने वाली अपनी बहन प्रिया महाणिक चड्डा व पिता प्राण चड्डा को दी थी। इस पर उन्होंने उसे पति से अलग रहने का सुझाव दिया था। घटना के दिन 23जून को प्रीति दुबई से अपने कपड़े लेने गई थी। उसी दौरान सिंधु ने यहां उसकी मौत की खबर दी। इस पर परिजन को भरोसा नहीं हुआ। लिहाजा, उन्होंने दूसरे माध्यम से जानकारी जुटाई। फिर शव को बिलासपुर लाया गया। बेटी की संदिग्ध मौत पर पिता प्राण चड्डा ने बिलासपुर के सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने मर्ग कायम कर प्रीति के शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराया। इस मामले की जांच के बाद पुलिस ने आरोपित सिंधु घोष के खिलाफ धारा 304बी दहेज हत्या का अपराध दर्ज किया था। तब से पुलिस इस मामले की जांच कर आरोपित को दुबई से भारत लाने के लिए प्रयासरत थी। इस बीच एसपी प्रशांत अग्रवाल ने लुक आउट सर्कुलर भी जारी किया था। बीते गुस्र्वार को उसके भारत पहुंचते ही मुंबई एयरपोर्ट अथार्टी ने उसे पकड़ लिया। फिर इसकी सूचना एसपी अग्रवाल को दी। उनके निर्देश पर एएसपी सिटी ओपी शर्मा, टीआइ कलीम खान ने एक टीम भेजकर उसे गिरफ्तार करने के लिए मुंबई रवाना किया। पुलिस की टीम उसे लेकर बिलासपुर पहुंची। फिर उससे पूछताछ करने के बाद उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।

    प्रीति ने लगाई थी फांसी

    पुलिस ने डॉक्टर से पोस्टमार्टम रिपोर्ट लिया, तब पता चला कि प्रीति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पीएम रिपोर्ट मिलने के बाद ही पुलिस ने इस मामले में दहेज हत्या का अपराध दर्ज किया था। इसके साथ ही इस मामले की जांच की जा रही थी।

    आरोपी को लेने फ्लाइट से मुंबई पहुंची पुलिस

    आरोपित सिंधु घोष के मुंबई एयरपोर्ट में पकड़े जाने की खबर मिलते ही एसपी अग्रवाल के निर्देश पर आनन-फानन में टीम गठित की गई। फिर सिविल लाइन टीआइ खान ने टीम के लिए जल्दी मुंबई पहुंचने के लिए फ्लाइट का टिकट बुक कराया। आरोपित के गिरफ्तार होने के बाद पुलिस की टीम उसे लेकर बिलासपुर पहुंची।

  • मंत्री सिंहदेव बदल रहे हैं स्वास्थ्य व्यवस्था की दशकों पुरानी परंपरा…..बदलेगा अस्पताल का वक्त….बदलेगी डाक्टर की ड्यूटी…बदलेगी हेल्थ अफसरों की जिम्मेदारियां….

    मंत्री सिंहदेव बदल रहे हैं स्वास्थ्य व्यवस्था की दशकों पुरानी परंपरा…..बदलेगा अस्पताल का वक्त….बदलेगी डाक्टर की ड्यूटी…बदलेगी हेल्थ अफसरों की जिम्मेदारियां….

    स्वास्थ्य व्यवस्था से बाबा आदम जमाने से चली आ रही परंपरा अब बदलने जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के निर्देश पर सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में नये साल से बड़ा बदलाव होने जा रहा है। आमलोगों के हित में लिये सबसे अहम निर्णय के मुताबिक अब पूरे दिन ओपीडी खुली रहेगी, सालों से व्यवस्था ऐसी रही थी, जिसके बाद सुबह से महज दोपहर 1 या 2 बजे तक ही ओपीडी खुली रहती थी, जिसकी वजह से तय वक्त पर अस्पताल नहीं पहुंच पाने वाले ओपीडी के मरीजों को वापस लौट जाना पड़ता था या फिर मजबूरी में निजी अस्पताल में जाकर इलाज कराना पड़ता था। नयी व्यवस्था के मुताबिक अब दो अलग-अलग पालियों में ओपीडी लगा करेगी। नये निर्देश के मुताबिक जिला अस्पतालों में मार्च से अक्टूबर महीने से सुबह 9 बजे से 1 बजे तक पहली पारी और शाम 5 बजे से 7 बजे तक ओपीडी खुली रहेगी, वहीं नवंबर से फरवरी तक शाम की ओपीडी 4 बजे से छह बजे तक होगी। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व उप स्वास्थ्य केंद्र में ओपीडी का वक्त सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक होगा। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सुबह 10 से 2 बजे तक और शाम में 5 बजे से 8 बजे तक ओपीडी होगी। वहीं रविवार व अन्य छुट्टी के दिनों में जिला अस्पतालों व सिविल अस्पताल में 24 घंटे इमरजेंसी ओपीडी खुली रहेगी। वहीं लगातार दो दिन की छुट्टी के दौरान दूसरे दिन छुट्टी में सुबह 10 से 12 बजे तक ओपीडी खुली रहेगी।
  • सीबीएसई ने शिक्षकों को जारी किया मेमो, एग्जाम में गलत कॉपी जांचने वालों पर होगी कार्रवाई

    सीबीएसई ने शिक्षकों को जारी किया मेमो, एग्जाम में गलत कॉपी जांचने वालों पर होगी कार्रवाई

    सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने 10वीं और 12 परीक्षा के मूल्यांकन को लेकर बड़ा कदम उठाया है. दरअसल सीबीएसई ने ऐसे शिक्षकों के नाम मेमो जारी किया है, जिनकी सीबीएसई बोर्ड परीक्षा परिणाम 2019 की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच एंव गणना में खामियां पाई गईं थीं. मालूम हो कि वर्ष 2019 का परिणाम आने के बाद गलत कॉपी जांचने और अंकों के कुल योग में गड़बड़ियां सामने आई थी. मेमो के साथ ही सीबीएसई द्वारा जारी अन्य पत्र में उन शिक्षकों को सस्पेंड करने का निर्देश दिया गया है जिन पर एंक्वायरी चल रही है. इस संबंध में अधिक जानकारी हासिल करने के लिए उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट cbse.nic.in पर मौजूद मेमो को डाउनलोड कर सकते हैं। सीबीएसई बोर्ड ने इसके साथ ही उन शिक्षकों के खिलाफ कदम उठाने को कहा है जो गलत मार्किंग और गलत कॉपी चेक करने के लिए जिम्मेदार रहे हैं. सीबीएससी से सम्बद्ध स्कूलों को भेजे गए पत्र में बोर्ड ने कहा है कि ऐसे शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है, जिनके कारण छात्र दुखी हुए हैं. बोर्ड ने यह स्पष्ट किया कि ऐसे शिक्षकों को लेकर, स्कूल सख्त रहे और इस मामले को गंभीरता से लें. बीते वर्ष और उससे पहले भी गलत मार्किंग और चेकिंग को लेकर सीबीएसई बोर्ड आलोचनाओं का शिकार रहा है. अब इसी कमी को दूर करने के लिए बोर्ड ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। बता दें कि वर्ष 2019 परीक्षा के बाद सीबीएसई बोर्ड ने विभिन्न वर्कशॉप का आयोजन किया था. जिसमें अधिकारियों ने शिक्षकों को यह चेतावनी दी थी कि अगर कॉपियों में गलतियां पाई गईं थी तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. रिजल्ट में किसी भी प्रकार की गलतियों से बचने के लिए बोर्ड ने तीन स्तरीय जांच प्रक्रिया स्थापित की है. यानी अब छात्रों की कॉपी तीन चरणों में जांची जाएगी. जिससे कॉपी के मूल्यांकन में गलती की कोई गुंजाइंस नहीं रहें। सीबीएसई बोर्ड हर वर्ष ऐसी कोशिश करता है, कि जांची गई कापियों में कोई गलती ना हो. लेकिन कई प्रयासों के बावजूद बोर्ड को पुनर्मुल्यांकन और टोटलिंग के लिए बड़ी संख्या में छात्रों के अनुरोध प्राप्त होते रहे हैं. इसी बात का नोटिस लेते हुए सीबीएसई बोर्ड इस पर कड़ा कदम उठाने का फैसला किया है. बोर्ड ने पिछले हफ्ते कक्षा 10वीं और 12वीं परीक्षा 2020 की डेटशीट जारी कर दी है. परीक्षा 15 फरवीर से शुरू होगी और 31 मार्च तक चलेगी।
  • छत्तीसगढ़ में भी सीएए और एनआरसी लागू नहीं की जाएगी : सिंहदेव

    छत्तीसगढ़ में भी सीएए और एनआरसी लागू नहीं की जाएगी : सिंहदेव

    दिल्ली। राजघाट में आयोजित सत्याग्रह सभा में संविधान की प्रस्तावना का स्मरण कराते हुए छत्तीसगढ़ के पंचायत एवं ग्रामीण ग्रामीण विकास मंत्री टी एस सिंहदेव ने अपने उद्बोधन में कहा कि हम भारत के लोग भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न, समाजवादी, पंथ निरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त करने के लिए तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए प्रेरित संकल्पित हैं. मैं अपने मुख्यमंत्री जी की ओर से, छत्तीसगढ़ शासन की ओर से आप सबके सामने इस बात को रखता हूं कि छत्तीसगढ़ में भी ना सीएए और ना एनआरसी लागू होगी। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष  सोनिया गांधी  ने की, कार्यक्रम में कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ-साथ भारत के वरिष्ठ कांग्रेस के नेता गण एवं कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी सम्मिलित हुए।
  • राम रहीम जेल में हुआ खुश… जब पता चली ये बात

    राम रहीम जेल में हुआ खुश… जब पता चली ये बात

    दिल्ली। जेल में अपने कर्मों की सजा काट रहे बाबा राम रहीम के लिए सोमवार का दिन एक अच्छी खबर  ले कर आया. अच्छी खबर ये कि जब उसे जेल के प्रहरी ने बताया कि उससे मिलने हनीप्रीत जेल आई है।ये खबर सुनकर राम रहीम काफी खुश हो गए. हरियाणा में जेल अधिकारियों ने सोमवार को हनीप्रीत इंसा को जेल में बंद डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह से मुलाकात की इजाजत दी। बता दें कि राम रहीम को अपनी दो शिष्याओं से दुष्कर्म करने को लेकर 2017 में दोषी करार दिया गया था. बता दे कि एक महीने से कम समय में दोनों की यह दूसरी मुलाकात है. पिछली बार हनीप्रीत राम रहीम से 9 दिसंबर को मिली थी।
  • हाईकोर्ट की फटकार के बाद अवैध परिवहन के मामले में वाहन के साथ जब्त 223 कट्टा धान किया वापस…

    हाईकोर्ट की फटकार के बाद अवैध परिवहन के मामले में वाहन के साथ जब्त 223 कट्टा धान किया वापस…

    बिलासपुर। धान खरीदी को लेकर हाईकोर्ट ने अधिकारियों की हठधर्मिता पर फटकार लगाते हुए गलत तरीके से रोकी गई धान की गाड़ी को तत्काल छोड़ने का आदेश दिया है।
    हाईकोर्ट के जस्टिस पी कोशी ने कोंडागांव निवासी मोहम्मद सलीम की याचिका पर सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया है. इसके बाद बालोद कृषि उपज मंडी के सचिव ने गुरूर थाना प्रभारी को अवैध धान परिवहन की बिना पर जब्त किए गए वाहन और वाहन से जब्त  223 कट्टा धान को उसके मालिक को सौंपते हुए इसकी जानकारी देने को कहा है।
  • CAA के समर्थन में सड़क पर उतरे लोग, पाकिस्तान से आए लोगों ने बताया वहां का हाल, कहा- वीजा के सहारे पूरा जीवन भारत में जी लेंगे, लेकिन वापस नहीं जाएंगे…

    CAA के समर्थन में सड़क पर उतरे लोग, पाकिस्तान से आए लोगों ने बताया वहां का हाल, कहा- वीजा के सहारे पूरा जीवन भारत में जी लेंगे, लेकिन वापस नहीं जाएंगे…

    रायपुर। संसद से पास हुए नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के समर्थन में गुरुवार को सैकड़ों लोग सड़क पर उतरे. नागरिकता संशोधन कानून समर्थन समिति की ओर से बूढ़ातालाब धरना स्थल पर समर्थन महासभा का आयोजन किया गया. सभा स्थल पर मौजूद पाकिस्तान से आए लोगों ने वहां के हालात से वाकिफ कराया. उन्होंने कहा कि सालों से भारत में वीजा के सहारे रह रहे हैं, सारी उम्र वीजा के सहारे यहां रह लूंगा, लेकिन पाकिस्तान नहीं जाएंगे. वहां पल-पल स्वाभिमान को कुचला जाता है।
    समर्थन महासभा में पाकिस्तान से आए अवंती बिहार में निवासरत 10 परिवार भी शामिल हुए. पाकिस्तान से आए नरेश ढोढई ने कहा कि मैं छत्तीसगढ़ की राजधानी में वीजा लेकर 2001 से रह रहा हूं. आज मैं CAA का समर्थन करते हैं. अपनी आपबीती बताते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में लोगों का बहुत ही खराब स्थिति है. वहां जीना बहुत मुश्किल है. पल-पल स्वाभिमान इज्जत को कुचला जाता है।
    कार्यक्रम में मौजूद विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि सभी देश के अल्पसंख्यकों की ज़िम्मेदारी सरकार है. पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों की जिम्मेदारी वहां की सरकार पर है, भारत में जो हैं उनकी ज़िम्मेदारी भारत सरकार पर है, लेकिन दूसरे देशों में रहने वाले हिन्दू, जिन्हें वहां सताया जा रहा है, उन्हे भारत की नागरिकता देने के लिए नागरिकता संशोधन कानून लाया गया है।उन्होंने कहा कि आज जरूरत इस बात की है कि इसे एक सहमति से देश में लागू करने की. लेकिन यहां परिस्थिति उल्टी है, लोगों को जानबूझकर भड़काया जा रहा है. भारतीय नागरिकता क़ानून को गलत तरीके से परिभाषित किया जा रहा है. इस कानून के समर्थन में जो हजारों लोग पहुंचे हैं, ये देश विरोधी, समाज विरोधी लोगों को मुंहतोड़ जवाब देने की ताकत रखता है।
    कार्यक्रम में मौजूद बीजेपी सांसद सुनील सोनी ने कहा कि ये नियम से भारत में रह रहे लोगों को तनिक भी प्रभावित नहीं करेगा. ना ही किसी की नागरिकता खत्म की जाएगी, बल्कि ये दूसरे देशों में रह रहे अल्पसंख्यक लोग जो भारत में निवासरत हैं, उनके लिए यह क़ानून है. इसे संप्रदाय विशेष में गलत ढंग से परोसा जा रहा है, जिस वजह से इसका विरोध हो रहा है. हम इस सभा में इसीलिए आए हैं ताकि लोगों को ये बता सके कि नियम क्या है, जिससे सच्चाई से वो अवगत हो सकें और किसी के गुमराह करने में न आएं।
    उन्होंने आगे कहा कि यहां के मुखिया ही इस बिल का विरोध कर रहे हैं. लोगों के बीच में गलत तरीके से परोस रहे हैं. इससे समझा सकता है कि सभा का उद्देश्य क्या है. बिल से छत्तीसगढ़ में निवास हजारों लोगों को फायदा होगा. देश में लाखों लोग यहां के नागरिकों की तरह इस योजना का लाभ ले सकेंगे।
    वहीं ओपी चौधरी ने कहा कि आज इस सभा की जरूरत इसलिए है क्योंकि देश के कई हिस्सों में इस कानून को गलत तरीके से परोसा जा रहा है. इस कानून को जन-जन तक पहुंचाकर इसकी सच्चाई से वाक़िफ़ करना जरूरी है और जो गलत तरीके से लोगों की भावनाओं से खेल रहे हैं, उन पर कार्रवाई की जाए. सरकार कई जगह कार्रवाई कर रही है. और तेज़ी से इस पर कार्रवाई करना चाहिए. मैं छत्तीसगढ़ की जनता से अपील करता हूँ जो यहां भ्रम फैलाया जा रहा है उस पर ध्यान न दें. जो सच्चाई है उसको जान ले पढ़ लें इस क़ानून से उन लोगों को फ़ायदा मिलेगा जो 2014 से भारत में निवासरत हैं।
  • चार्जशीट दायर करने के बाद भी रद्द हो सकती है FIR : सुप्रीम कोर्ट

    चार्जशीट दायर करने के बाद भी रद्द हो सकती है FIR : सुप्रीम कोर्ट

    सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में व्यवस्था दी है कि चार्जशीट दायर होने के बाद भी आरोपी एफआईआर रद्द करवाने के लिए सीआरपीसी की धारा 482 के तहत उच्च अदालत में याचिका दे सकता है। अब तक कानून यही है कि किसी आपराधिक मामले में चार्जशीट दायर हो जाने पर उसमें धारा 482 के तहत एफआईआर रद्द करने की याचिका स्वीकार्य नहीं होती, लेकिन कोर्ट के इस फैसले से आपराधिक न्यायशास्त्र की स्थिति में अभियुक्तों के पक्ष में बड़ा बदलाव आ गया है। जस्टिस एसए बोब्डे और एल नागेश्वर राव की पीठ ने यह फैसला देते हुए कहा कि यह मानना अन्याय होगा कि किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्यवाही में एफआईआर की स्टेज पर ही हस्तक्षेप किया जा सकता है। पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट एफआईआर रद्द करने की याचिका को सुन सकता था। यहां तक कि इस याचिका के लंबित रहते यदि चार्जशीट दायर भी हो गई है तो भी इसे सुना जा सकता है। चार्जशीट के बाद दुरुपयोग और बढ़ जाएगा  कोर्ट ने फैसले में कहा कि धारा 482 में यह कहीं नहीं है, जिसमें कोर्ट को कानून का दुरुपयोग या अन्याय होने से रोकने के लिए सिर्फ एफआईआर की स्टेज पर ही प्रतिबंधित किया हो। यह कानून का स्थापित सिद्धांत है कि हाईकोर्ट धारा 482 के तहत क्षेत्राधिकार का प्रयोग कर सकता है। यहां तक कि हाईकोर्ट इस कार्यवाही को ट्रायल कोर्ट में डिस्चार्ज अर्जी लंबित होने पर भी जारी रख सकता है। कोर्ट ने कहा कि यह मानना अन्याय होगा कि अभियुक्त के खिलाफ चार्जशीट दायर हो चुकी है और अब उसकी रिपोर्ट रद्द करने की याचिका नहीं सुनी जा सकती। इसके उलट एफआईआर के कारण प्रक्रिया का दुरुपयोग उस समय और ज्यादा बढ़ जाएगा, जब यह जांच के बाद चार्जशीट में तब्दील हो जाएगी। इसमें कोई शक नहीं है कि अन्याय तथा प्रक्रिया का दुरुपयोग रोकने की शक्ति हर कोर्ट को दी गई है।  कोई अपराध साबित नहीं होतायह फैसला देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आनंद मोहता के खिलाफ प्रकरण में कहा कि यह मामला दीवानी प्रकृति का है इसमें कहीं कोई अपराध साबित नहीं होता। हम मानते हैं कि एक करोड़ रुपये की सुरक्षा राशि को अभियुक्त द्वारा हड़प लेना विशुद्ध रूप से दीवानी मामला है। हम यह भी देख रहे हैं कि इस मामले में शिकायतकर्ता ने इस राशि को वापस लेने के लिए एफआईआर दर्ज करने के अलावा कोई और प्रयास नहीं किए। इससे साफ है कि यह अभियोजन दुर्भावनापूर्ण, न टिकने योग्य और अभियुक्त को परेशान करने की नीयत से किया गया है।  क्या है मामला  मोहता ने एक संपत्ति विकसित करने के लिए बिल्डर से अनुबंध किया था, लेकिन बाईलाज में पता लगा कि संपत्ति को गगनचुंबी इमारत नहीं बनाया जा सकता, क्योंकि यह लुटियन जोन में है। इसके बाद उसने बिल्डर को लिखा कि वह संपत्ति विकसित नहीं करवाना चाहता, लेकिन उसने बिल्डर से लिए एक करोड़ रुपये की सुरक्षा राशि नहीं लौटाई। बिल्डर ने एफआईआर दर्ज करवा दी। इसे रद्द करवाने के लिए मोहता दिल्ली हाईकोर्ट गए, लेकिन कोर्ट ने कहा कि मामले में प्रारंभिक जांच चल रही है और याचिका रद्द कर दी। इसके बाद वह सुप्रीम कोर्ट आए, लेकिन तब तक पुलिस ने चार्जशीट दायर कर दी। कोर्ट में कहा गया कि चार्जशीट दायर होने के बाद एफआईआर रद्द करने की याचिका नहीं सुनी जा सकती। 
  • रीना बाबासाहेब कंगाले ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का पदभार संभाला

    रीना बाबासाहेब कंगाले ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का पदभार संभाला

    रायपुर। रीना बाबासाहेब कंगाले (आईएएस) ने शनिवार को छत्तीसगढ़ के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का पदभार ग्रहण किया. इस अवसर पर कार्यकारी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी समीर विश्नोई (आईएएस) ने उनका स्वागत किया और कार्यालय का अवलोकन करवाया।
  • निर्भया के दोषियों को डेथ वारंट जारी, 22 जनवरी को सुबह 7 बजे होगी फांसी….!

    निर्भया के दोषियों को डेथ वारंट जारी, 22 जनवरी को सुबह 7 बजे होगी फांसी….!

    केस में दोषियों के खिलाफ डेथ वारंट जारी हो गया है। 22 जनवरी को सुबह 7 बजे दोषियों को फांसी दी जाएगी। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई पूरी हो चुकी है। कोर्ट ने सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद दोपहर 3.30 बजे तक फैसला सुरक्षित रख लिया था। आज की सुनवाई के दौरान भी चारों दोषियों (विनय शर्मा, पवन, मुकेश और अक्षय कुमार सिंह ) के वकील ने 14 दिन का और समय मांगा, जबकि निर्भया की मां आशा देवी ने अपनी याचिका में मांग की कि आज ही डेथ वारंट जारी किया जाना चाहिए। निर्भया की मां की मांग है कि चारों दोषी अपने अधिकारों के नाम पर कोर्ट का समय बर्बाद कर रहे हैं।मंगलवार को सुनवाई पूरी करने के बाद जब कोर्ट लगी तो चारों दोषियों की वीडिया कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी की गई।जज ने सभी से एक-एक कर बात की। यह वीडिया कॉन्फ्रेंसिंग तिहाड़ जेल के रूम नंबर 4 से की गई।इससे पहले 18 दिसंबर को सुनवाई हुई थी। तब पटियाल हाउस कोर्ट ने चारों दोषियों को एक हफ्ते का समय दिया था और कहा था कि इस दौरान वे अपने सभी कानूनी अधिकारों का इस्तेमाल कर लें।तिहाड़ जेल में भी तैयारियां: इस बीच, तिहाड़ जेल में चारों दोषियों को फांसी देने की तैयारी पूरी कर ली है। यहां एक चबूतरा बनाया गया है, जहां चारों को एक साथ फांसी दी जा सकती है। फांसी के फंदे बुलवाए जा चुके हैं और जल्लाद का बंदोबस्त भी कर लिया गया है।क्या होता है डेथ वारंट: डेथ वारंट में कोर्ट की ओर से संबंधित जेल (इस केस में तिहाड़ जेल) को आदेश दिया जाता है और फांसी की तारीख बताई होती है। साथ ही कोर्ट भी समय तय करता है। डेथ वारंट जारी होने के 14 दिन के अंदर फांसी की तैयारी पूरी करना होती है।