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  • कोरोना  : जिंदगी बचाने के लिए ट्रेन के कोचों को आइसोलेशन वार्ड में किया जाएगा तब्दील

    कोरोना : जिंदगी बचाने के लिए ट्रेन के कोचों को आइसोलेशन वार्ड में किया जाएगा तब्दील

    रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर रेल मंडल में करोना वायरस  के संक्रमण से बचने के लिए ट्रेन के 10 कोचों को आइसोलेशन वार्ड में तब्दील किया जाएगा मंडल रेल प्रबंधक श्याम सुंदर गुप्ता ने संबंधित अधिकारियों को इसके लिए निर्देशित किया है।

    ।कोरोनावायरस के संक्रमण से पीड़ित रोगियों की संख्या में वृद्धि होने पर इन कोचों का उपयोग किया जाएगा इसके लिए इन कोचों को पूर्णता सैनिटाइज करके मेडिकल इक्विपमेंट्स लगाकर आइसोलेशन वार्ड मैं परिवर्तित किया जा रहा है ।

    जानकारी के अनुसार इन कोचों में आइसोलेशन बोर्ड के अनुरूप बदलाव किए जाएंगे जिसमे मुख्य रूप से दो शौचालयों को फर्श लगा कर स्नान कक्ष में बदला जाएगा उसमें स्नान कक्ष में हैंड शॉवर, एक बाल्टी और मग रखे जाएंगे। मिडल बर्थ को हटाया जायेगा, अलग-अलग पार्टीशंस बनाए जाएंगे। 04 नग बोटल होल्डर्स लगाए जाएंगे। चिकित्सा उपकरणों के लिए प्रत्येक डिब्बे में 220 वोल्ट विधुत का प्रावधान, बाहर के लिए 415 वोल्ट की विद्युत आपूर्ति का प्रावधान है, प्रत्येक डिब्बे में एयर प्लास्टिक के पर्दे का प्रावधान। प्रत्येक कोच में 10 आइसोलेशन वार्ड रहेंगे।

  • अच्छी खबरःगर्मी बढ़ते ही कम हो सकता है  कोरोना का प्रकोप

    अच्छी खबरःगर्मी बढ़ते ही कम हो सकता है कोरोना का प्रकोप

    दिल्ली। पूरी दुनियाभर में कोरोनावायरस को लेकर खौफ फैला है। देश में भी इस महामारी के चलते अफरातफरी का आलम है। ऐसे में दुनिया की प्रतिष्ठित मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी की रिसर्च राहतभरी खबर लेकर आई है।

    अमेरिका की मशहूर मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी यानि एमआईटी ने अपने एक रिसर्च में उम्मीद जताई है कि जैसे धूप और गर्मी बढ़ेगी। वैसे वैस कोरोना का प्रकोप भी कम होगा। संस्था ने कोरोना वायरस के पनपने की स्थितियों का अध्ययन करने के बाद ये निष्कर्ष निकाला है। संस्था की रिसर्च के मुताबिक तापमान बढ़ने से मौसम अगर गरम और नमी भरा होगा तो वायरस फैलने की संभावनाएं काफी कम हो जाएंंगी। ये कोरोनावायरस से पीड़ित देशों के लिए राहतभरी खबर है।

    एमआईटी ने रिसर्च में बताया कि जिन देशों में पारा 17 डिग्री से ऊपर और नमी 9 ग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से ज्यादा रही है, वहां कोरोना के मामले केवल छह फीसदी ही दर्ज हुए हैं। इस तरह से एमआईटी की ये रिसर्च भारत व गर्म देशों के लिए राहत भरी है। मौसम विभाग ने अगले हफ्ते से लगातार पारा चढ़ने और गर्म मौसम होने की संभावना जताई है। जिसके चलते कोरोनावायरस का प्रकोप कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • कांग्रेस विधायक की बड़ी लापरवाही, घर से बाँटने लगे राशन, उमड़ी भारी भीड़, पाण्डेय पर FIR

    कांग्रेस विधायक की बड़ी लापरवाही, घर से बाँटने लगे राशन, उमड़ी भारी भीड़, पाण्डेय पर FIR

    बिलासपुर। एक तरफ है कि सरकार कड़ाई से लॉक डाउन का पालन करने के लगातार निर्देश जारी कर ही, प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री बार वीडियो संदेश जारी कर घर में रहने की अपील कर रहे हैं. लेकिन कई जनप्रतिनिधि अति उत्साह में बड़ी लापरवाही भी बरत रहे हैं. ऐसी एक लापरवाही बिलासपुर में सामने आई है. यहाँ कांग्रेस विधायक शैलेष पाण्डेय अपने घर लोगों को राशन बाँटने. इधर इस जानकारी लगते ही बड़ी संख्या में महिलाओं की भीड़ विधायक के बंगले में जुट गई.  विधायक की  इस लापरवाही पर पुलिस ने उनके खिलाफ धारा 144 का उल्लंघन और आईपीसी की धारा 188 के तहत अपराध दर्ज किया है.

    दरअसल विधायक राशन के लिए लोगों को अपने सरकारी बंगले बुला लिये. लॉक डाउन की वजह से धारा 144 लागू है, लेकिन विधायक के बुलावे पर राशन लेने लोग पहुंचने लगे. देखते ही देखते उनके बंगले पहुंचने के लिए लोगों का मेला लग गया. राशन लेने उनके बंगले में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ लग गए. जिस पर सिविल लाइन पुलिस ने विधायक शैलेष पाण्डेय के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है. सिविल लाइन थाना प्रभारी ने बताया कि लॉक डाउन और धारा 144 के रहते बंगले में लोगो के पहुंचने के कारण विधायक शैलेष पांडे के खिलाफ दर्ज किया गया है.

    पुलिस भी सवालों के घेरे में

    ऐसा नहीं कि लापरवाही विधायक ने ही बरती है. विधायक के बंगले पर जमा भीड़ को देखकर यह भी समझ में आ रहा है कि पुलिस ने भी लापरवाही बरतने में कोई कोताही नहीं छोड़ी है. क्योंकि जब पूरा शहर बंद है. किसी को भी इस तरह भीड़ में निकलने की इजाजत नहीं है, तो विधायक के बंगले तक लोगों की ये भीड़ जुटी कैसे ? क्या इस भीड़ को आने से नहीं रोका गया ? अगर नहीं रोका गया तो क्यों नहीं रोका गया ? धारा-144 का उल्लंघन लोगों को करने कैसे दिया गया ? क्या पुलिस लोगों की इस भीड़ को विधायक बंगले तक जाते हुए नहीं देख पाई ? ऐसे तमाम सवाल हैं जो पुलिस की कार्यप्रणाली को उजागर कर रही है

    शैलेष पाण्डेय ने FIR दर्ज होने को बताया भाजपा की साजिश

    सरकारी बंगले में लोगों को बुलाकर राशन बांटने के मामले में विधायक शैलेष पाण्डेय ने अपने खिलाफ एफआईआर दर्ज करने पर सफाई दी हैरानी व्यक्ति की है साथ ही उन्होंने इसका ठीकरा भाजपा के सिर पर फोड़ा है

    शैलेष पाण्डेय ने कहा कि अपने सरकारी बंगले में रहना क्या अपराध है और यदि लोग मदद के लिए आएं तो उन्हें मदद करना क्या अपराध है?  उन्होंने कहा की कलेक्टर ने सुबह दोपहर 12:00 बजे तक कर्फ्यू में छूट दी हुई है और उसी दौरान मैं जरूरतमंद लोगों को राशन बांटता हूं.

    आपको बता दें देश में लॉक डाउन चल रहा है और धारा 144 लागू है. ऐसे में भी शैलेश पाण्डेय के घर राशन लेने हजारों की संख्या में लोग पहुंच गए थे. इस मामले में पुलिस ने शैलेश पाण्डेय के खिलाफ अपराध दर्ज किया है.

  • छत्तीसगढ़ में कोरोना पाॅजिटिव तीन केस ऐसे, जो हैं लंदन रिटर्न, बीते एक महीने में यूके से लौटे सभी लोगों की जांच करेगी सरकार

    छत्तीसगढ़ में कोरोना पाॅजिटिव तीन केस ऐसे, जो हैं लंदन रिटर्न, बीते एक महीने में यूके से लौटे सभी लोगों की जांच करेगी सरकार

    रायपुर- कोरोना वायरस की रोकथाम में जुटे स्वास्थ्य विभाग ने अपने बड़े फैसले में कहा है कि बीते एक महीने में यू के से छत्तीसगढ़ लौटने वाले सभी लोगों का कोरोना टेस्ट कराया जाएगा. राज्य में अब कोरोना पाॅजिटिव पाए गए 7 मरीजों में से 3 ऐसे हैं, जो यूके से लौटे थे. कई संदिग्ध केस ऐसे भी हैं, जिनकी रिपोर्ट आनी बाकी है.

    राज्य स्तरीय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारिक सिंह ने राज्य में कोरोना संक्रमण एवं बचाव की स्थिति की गहन समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य में अभी तक कोरोना वायरस से पीड़ित 7 मरीजों में से सर्वाधिक 3 मरीज ऐसे मिले हैं, जो यूके से लौटे हैं. इस स्थिति को देखते हुए यह जरूरी है कि बीते एक माह की अवधि में वहां से छत्तीसगढ़ आए सभी लोगों का कोरोना टेस्ट किया जाए. बैठक में बताया गया कि यू के से छत्तीसगढ़ आने वालों की कुल संख्या 73 है. इनके नाम, पता एवं कांटेक्ट की जानकारी संबंधित जिलों के कलेक्टर, एसपी और सीएमएचओ को दे दी गई है और इन लोगों का तत्परता से सैंपल कलेक्ट कर टेस्ट के लिए उपलब्ध कराने को कहा गया है

    हाल के महीनों में करीब 2500 लोग विदेशों से लौटे

    बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि दुनिया के अलग अलग देशों से छत्तीसगढ़ राज्य में आने वालों की संख्या लगभग 2500 है. इनकी सूची भी विभाग ने तैयार कर संबंधित जिलों को उपलब्ध करा दी है. इन सभी लोगों और इनके परिजनों को क्वॉरेंटाइन में रहने की सलाह दी गई है. एक्टिव सर्विलेंस टीम इन लोगों से सतत संपर्क में है और उनके स्वास्थ्य पर निगरानी बनाए हुए हैं. बैठक में सचिव ने यू के से आए लोगों के आस-पास के इलाकों को भी एक्टिव सर्विलेंस में रखने के निर्देश दिए.

    निहारिका बारिक सिंह ने विभागीय अधिकारियों से जिले के सीएमएचओ से सतत संपर्क बनाए रखने तथा वहां आवश्यकतानुसार मास्क व्यक्तिगत सुरक्षा किट, सैंपल किट (वीटीएम) भिजवाए जाने के भी निर्देश दिए. गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य में अभी तक कोरोनावायरस के संक्रमण की स्थिति काफी हद तक नियंत्रित है. कोरोना के समुदाय संक्रमण का अभी कोई प्रमाण राज्य में नहीं मिला है. राज्य में कोरोना के अभी तक 9921 संदेहास्पद लोगों में से 9788 लोगों को चिन्हित कर लिया गया है. 6241 लोग होम क्वॉरेंटाइन में हैं

  • कोरोना: राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखा खत

    कोरोना: राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखा खत

    नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. पत्र में उन्होंने इस घोर संकट के समय में उनके साथ रहने और कांग्रेस पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं की ओर से आपको पूरा सहयोग प्रदान करने की बात कही है. भारत में कोरोना की महामारी को रोकने के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए हर कदम में हम अपना हर संभव सहयोग दे रहे हैं।

    कोविड-19 वायरस को तेजी से बढ़ने से रोकने के लिए दुनिया तत्काल कठोर उपाय करने को मजबूर हुई है और भारत में भी इस समय तीन हफ्तों का लॉकडाऊन चल रहा है। मुझे आप से आग्रह करना चाहिए कि आप पूरे देश में हुए इस लॉकडाऊन के हमारे नागरिकों, हमारे समाज एवं हमारी अर्थव्यवस्था पर होने वाले विनाशकारी प्रभाव पर गंभीरता से चिंतन करें।

    हमें यह समझना आवश्यक है कि भारत की परिस्थितियां विशिष्ट हैं। हमें पूर्ण लॉकडाऊन की कार्ययोजना पर काम कर रहे अन्य बड़े देशों के मुकाबले कुछ अलग उपाय करने की जरूरत है। भारत में उन गरीबों की संख्या, जिनका जीवन दैनिक मजदूरी पर निर्भर है, इतनी ज्यादा है, कि हम आर्थिक कार्यों पर पूरी तरह से एकतरफा लॉकडाऊन नहीं लगा सकते। पूरी तरह से आर्थिक शटडाऊन कोविड-19 वायरस की वजह से होने वाली मौतों की संख्या को बहुत ज्यादा बढ़ा सकता है।

    यह महत्वपूर्ण है कि केंद्र सरकार द्वारा ज्यादा विस्तृत एवं केंद्रित दृष्टिकोण अपनाया जाए, जिसमें देश के नागरिकों के वास्तविक जीवन की सच्चाईयों पर पूरी तरह से गौर किया गया हो। हमारी प्राथमिकता बुजुर्गों व कमजोरों को अन्य लोगों से पृथक करने एवं उन्हें वायरस से सुरक्षा देने पर होनी चाहिए। इसके साथ ही युवाओं को बुजुर्गों के नज़दीक व संपर्क में जाने से उन्हें होने वाले खतरों के बारे में साफ तौर से एवं पूर्ण रूप से जागरुक करना चाहिए।

    भारत में लाखों बुजुर्ग गांवों में रहते हैं। पूर्ण लॉकडाऊन एवं आर्थिक गतिविधियों पर शटडाऊन के कारण लाखों युवा बेरोजगार होकर अपने-अपने गांव में पलायन करने पर मजबूर हो जाएंगे, जिससे उनके माता-पिता, दादा-दादी एवं बुजुर्गों के संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाएगा। इससे बड़ी संख्या में लोगों के जान गंवाने का खतरा है।

    हमें सामाजिक सुरक्षा के जाल को तत्काल मजबूत करने एवं कामकाजी गरीबों को आश्रय व सहयोग देने के लिए हर उपलब्ध सार्वजनिक संसाधन का प्रभावशाली उपयोग करना पड़ेगा। सरकार द्वारा घोषित किया गया वित्तीय पैकेज पहला अच्छा प्रयास है। लेकिन इस पैकेज में घोषित सहायता को शीघ्रता से दिया जाना बहुत आवश्यक है। कृपया इसके क्रियान्वयन की तिथियों के साथ एक स्पष्ट रोडमैप की घोषणा करके उसे लागू कराएं। बड़ी जनसंख्या वाले स्थानों में उतने ही बड़े और समर्पित अस्पताल होने चाहिए, जिनमें हजारों बेड और वैंटिलेटर उपलब्ध हों। यह जरूरी है कि हम ये सुविधाएं और आवश्यक उपकरण उतना जल्दी स्थापित करें, जितना किसी भी मानवीय साधन द्वारा संभव है। साथ ही यह भी आवश्यक है कि हम टेस्ट्स की संख्या बढ़ाएं, जिससे वायरस के फैलाव की सही व वास्तविक स्थिति का हमें पता चल सके, ताकि उस पर नियंत्रण किया जा सके।

    सरकार द्वारा अचानक लॉकडाऊन घोषित किए जाने से अत्यधिक अफरा तफरी व भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। हजारों प्रवासी मजदूरों को अपना आवास छोड़ना पड़ा क्योंकि वो उसका किराया देने की स्थिति में नहीं थे। यह जरूरी है कि इस समय सरकार हस्तक्षेप करे और उन्हें किराया देने के लिए तत्काल राशि उपलब्ध कराए। फैक्ट्री, छोटे उद्योग एवं निर्माण स्थल बंद हो गए हैं, हजारों प्रवासी मजदूर अपने घर पैदल जाने की कोशिश कर रहे हैं और विभिन्न राज्यों की सीमाओं पर रुके हुए हैं। दैनिक मजदूरी के बिना पोषण एवं मौलिक सुविधाओं के अभाव में, वो नाजुक स्थिति में आ गए हैं। दूर स्थित अपने घरों में जाते हुए वे आश्रयस्थल के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यह आवश्यक है कि हम उन्हें आश्रय प्रदान करने में सहयोग करें और सीधे उनके बैंक खातों में पैसे पहुंचाएं, जिससे वो अगले कुछ महीनों के कठिन समय का सामना कर सकें।

    यह भी आवश्यक है कि इस समय हम अपने मुख्य वित्तीय एवं सामरिक संस्थानों के चारों ओर एक रक्षात्मक कवच स्थापित करें, जिससे वो वायरस और कुछ हफ्तों के आर्थिक शटडाऊन के बाद होने वाले नुकसान का सामना कर सकें। पुर्ननिर्माण में हमारे असंगठित क्षेत्र एवं छोटे व मध्यम व्यवसाय और किसानों के विस्तृत नेटवर्क की महत्वपूर्ण भूमिका होने वाली है। इसलिए यह जरूरी है कि हम समय रहते सही कदम उठाते हुए उनसे बातचीत करें, उनका भरोसा बढ़ाएं और उनके हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। इस मुश्किल चुनौती से लड़ने व जीतने के लिए हम केंद्र सरकार के साथ मिलकर खड़े हैं।

  • 24 घंटों में 33 FIR दर्ज, कोरोना पर सरकार के आदेश का उल्लंघन का मामला …

    24 घंटों में 33 FIR दर्ज, कोरोना पर सरकार के आदेश का उल्लंघन का मामला …

    रायपुर- कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने राज्य शासन की कई दौर की अपील के बाद भी विदेश दौरे की जानकारी छिपाने, क्वारनटाईन का उल्लंघन करने और लॉकडाउन में बेवजह बाहर घूमने जैसे मामलों पर पुलिस सख्त हो गई है. पूरे प्रदेश में ऐसे मामलों से जुड़े 33 प्रकरण पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया है. यह एफआईआर बीते 24 घंटों में दर्ज किए गए हैं.

    राज्य शासन की ओर से जारी किए गए आंकड़े बताते हैं कि रायपुर में एक, गरियाबंद में दो, धमतरी में एक, महासमुंद एक, बलौदाबाजार में तीन, दुर्ग में छह, बेमेतरा में एक, बालोद में एक, बिलासपुर में पांच, मुंगेली में एक, रायगढ़ में एक, जांजगीर-चाम्पा में एक, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में एक, सरगुजा में एक, कोरिया में एक, सूरजपुर में दो, बस्तर में एक, कोंडागांव में दो, बीजापुर में एक अपराध दर्ज किया गया है.

  • कोरोना वायरस से लड़ने अस्थायी डाक्टरों की नियुक्ति करेगी भूपेश सरकार

    रायपुर- कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी की रोकथाम के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर राज्य सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया गया है. कोरोना वायरस के नियंत्रण के लिए अब जरूरत के मुताबिक जिलों में डाक्टरों औऱ विशेषज्ञों की अस्थायी संविदा नियुक्ति की जाएगी. राज्य शासन ने इसका अधिकार जिलों के कलेक्टरों को सौंपा है.

    राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छत्तीसगढ़ द्वारा इस संबंध में जारी आदेश के तहत कोरोना महामारी के नियंत्रण हेतु जिलों में आवश्कतानुसार अधिकतम पांच चिकित्सक एवं तीन विशेषज्ञ चिकित्सकों की अस्थाई संविदा नियुक्ति आगामी तीन माह के लिए करने के अधिकार जिला कलेक्टरों को प्रत्यायोजित किया गया है. जिलों में संविदा नियुक्ति के लिए विशेषज्ञों की अनुपलब्धता की स्थिति में विशेषज्ञों के उपलब्ध तीन पदों के विरूद्ध तीन अतिरिक्त चिकित्सा अधिकारी की नियुक्ति की जा सकेगी. किसी जिले में इसके अतिरिक्त भी चिकित्सों की आवश्यकता हो तो इसके लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन संचालक को सूचित करना होगा

     

    जिला स्तर पर डाक्टरों की कमी दूर करने सरकार का बड़ा फैसला, राज्य में अब तक कोरोना पाॅजिटिव केस 7 हो चुके हैं

     

    आदेश में कहा गया है कि आरओपी वर्ष 2019-20 में स्वीकृति अनुसार नर्सिंग स्टाॅफ और अन्य पैरा मेडिकल की स्टाफ नियुक्ति के लिए निर्देश पूर्व में भेजे जा चुके हैं. कलेक्टरों को जिला स्तर पर संविदा नियुक्ति के संबंध में की गई कार्यवाही की अद्यतन जानकारी मिशन संचालक को तत्काल उपलब्ध कराने को कहा गया है.

  • क्या बढ़ेगा 21 दिनों का लॉकडाउन?  कैबिनेट सचिव बोले- सरकार का ऐसा कोई प्लान नहीं

    क्या बढ़ेगा 21 दिनों का लॉकडाउन? कैबिनेट सचिव बोले- सरकार का ऐसा कोई प्लान नहीं

    देश में लागू 21 दिनों के लॉकडाउन की मियाद बढ़ने को लेकर जारी कई तरह की चर्चाओं के बीच अब सरकार का बयान आया है. केंद्रीय कैबिनेट सचिव ने एक बयान में कहा है कि सरकार का लॉकडाउन बढ़ाने का कोई प्लान नहीं है।

    
    

    लॉकडाउन की मियाद पर सरकार का बयान

    लॉकडाउन बढ़ाने का कोई प्लान नहीं: कैबिनेट सचिव

    पीएम मोदी ने किया है 21 दिनों के लॉकडाउन का ऐलान

    देश में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. इस बीच ये वायरस देश में ना फैले इसलिए 21 दिनों का लॉकडाउन लागू किया गया है. लगातार इस बात की चर्चा चल रही थी कि सरकार लॉकडाउन की अवधि को आगे बढ़ा सकती है. जिसपर अब सफाई सामने आई है. कैबिनेट सेक्रेटरी राजीव गौबा ने बयान दिया है कि सरकार की लॉकडाउन बढ़ाने की कोई मंशा नहीं है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए 24 मार्च से 21 दिनों के लॉकडाउन का ऐलान किया था. ये लॉकडाउन 14 अप्रैल तक जारी रहेगा. इस बीच कोरोना के संकट को देखते हुए लगातार इस तरह की चर्चा हो रही थी कि सरकार 14 अप्रैल के बाद लॉकडाउन की मियाद को बढ़ा सकती है।

    लेकिन अब इन सभी खबरों पर कैबिनेट सेक्रेटरी ने रोक लगा दी और कहा है कि वह इस तरह की रिपोर्ट्स देखकर हैरान हैं और सराकर का अभी ऐसा कोई भी प्लान नहीं है।

    21 दिनों का लॉकडाउन, पूरा देश रुका

    कोरोना वायरस के खतरे के चलते लॉकडाउन का ऐलान किया गया, इस वजह से देश में मेट्रो, ट्रेन, प्लेन समेत सभी सुविधाओं को बंद कर दिया गया है. हर किसी को अपने घरों के अंदर रहने को कहा गया है और जरूरी काम होने पर भी घर से बाहर निकलने को कहा गया. कई राज्य सरकारों ने होम डिलीवरी की सुविधा की व्यवस्था की है, ताकि लोगों को कम से कम घर से बाहर आना पड़े।

    कैसे शुरू हुई थी लॉकडाउन बढ़ने की चर्चा

    21 दिनों के लॉकडाउन की वजह से करोड़ों लोगों पर कामकाज का संकट आ गया, खास तौर पर गरीबों को जरूरत के और खाने-पीने के सामान को लेकर संकट था. इस बीच वित्त मंत्रालय ने राहत पैकेज का ऐलान किया।

    लॉकडाउन के बीच सरकार की ओर से जितने भी पैकेज, राहत का ऐलान किया गया, वो सभी तीन महीने के लिए था. फिर चाहे वो केंद्र सरकार हो या फिर राज्य सरकार, इसी के बाद इस तरह की चर्चाओं ने जोर पकड़ा था कि सरकार लॉकडाउन की मियाद को आगे बढ़ा सकती है।

    गौरतलब है कि सोमवार सुबह तक देश में कोरोना वायरस के केस की संख्या 1139 पहुंच गई है, जबकि इस वायरस की वजह से 30 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. अबतक करीब 98 लोग इस बीमारी से ठीक होकर डिस्चार्ज किए जा चुके हैं।

  • कोरोना से बचाव में हैड्रोक्लोरोक्वीन को मिली मंज़ूरी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने जारी की डॉक्टर की सलाह पर लेने की एडवाइजरी

    कोरोना से बचाव में हैड्रोक्लोरोक्वीन को मिली मंज़ूरी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने जारी की डॉक्टर की सलाह पर लेने की एडवाइजरी

    रायपुर। भारत में कोरोना वायरस से उपचार के लिए हाइड्रोक्लोरोक्वीन का इस्तेमाल करने का आदेश स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने जारी किया है. इस बीच इसके इस्तेमाल से जयपुर में कोरोना प्रभावित मरीज के ठीक होने की ख़बर भी आई है।

    भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के एमडी प्रोफेसर बलराम भार्गव की ओर से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री को भेजे गए पत्र में कोरोना को लेकर गठित राष्ट्रीय टॉस्क फोर्स द्वारा प्रोफेलेक्सिस (prophylaxis) यानि प्रतिरोधक औषधि के तौर पर हाइड्रोक्लोरोक्वीन (hydroxycholoroquine) के इस्तेमाल की अनुशंसा की गई है. हालांकि इसके इस्तेमाल की अनुशंसा योग्य डॉक्टर द्वारा कराने के निर्देश दिए गए हैं. ये दवाई शेड्यूल एच की श्रेणी का है. जिसके काफी साइड इफ़ेक्ट भी हो सकते हैं. बच्चो के लिए इसका इस्तेमाल प्रतिबंधित किया गया है।

    पत्र के साथ संलग्न दस्तावेज में बताया गया कि हाइड्रोक्लोरोक्वीन को कोरोना के खिलाफ लड़ाई में लेबोरेटरी टेस्ट में असरकारक पाया गया है. वहीं प्री-क्लीनिकल डाटा में भी इस बात के सबूत मिले हैं कि ये कोरोना से लड़ने में कारगर है. इस बात को ध्यान में रखते हुए संदिग्ध कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों के इलाज में लगे स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और कोरोना प्रभावित लोगों की वजह से संक्रमित घरेलू सामानों की सफाई के लिए इसके इस्तेमाल को अनुमति दी गई है।  15 साल से कम उम्र के बच्चों और रेटिनोपैथी और हाइड्रोक्लोरोक्वीन के प्रति संवेदनशील लोगों पर इस दवा के इस्तेमाल की मनाही की गई है, साथ ही इसे किसी डॉक्टरी सलाह के बिना लेना भी वर्जित किया गया है।

  • मास्क 15 करोड़ रुपए से अधिक का जप्त, कालाबाजारी करने में के लिए जुटाए थे मास्क

    मास्क 15 करोड़ रुपए से अधिक का जप्त, कालाबाजारी करने में के लिए जुटाए थे मास्क

    मुंबई।  कोरोना के कारण दुनियाभर में संक्रमितों एवं मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कोरोना के मरीजों की संख्या में उछाल के बाद देश में मास्क और हैंड सैनिटाइजर की मांग काफी बढ़ गई है। मांग बढ़ने के कारण इसकी कालाबाजारी शुरू हो गई है और कीमतें कई गुना बढ़ चुकी है। ज्यादा मुनाफा कमाने के लालच में लोग मास्क को गोदामों में जमा कर रहे हैं ताकि बाजार में उसकी उपलबद्धता कम होने पर वे उसे ब्लैक में बेचकर मोटा मुनाफ़ा कमा सकें। मास्क की जमाखोरी करनेवाले ऐसे ही लोगों के खिलाफ पूरे देश मे पुलिस ने जमाखोरों और कालाबाजारी की मुहिम शुरू कर दी हैं जो संकट की इस धड़ी में भी अपने स्वार्थ की पूर्ति और मजबूरी का फायदा उठाने में बाज नहीं आ रहे हैं. देखा जाये तो ये ऐसे लोग हैं जो चंद रुपयों की लालच में देश का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसे जमाखोरों और कालाबाजारी की सजा और भी ज्यादा सख्त बनाई जानी चाहिए . इसके साथ ही समाज के इन दुश्मनो की फोटो गली चौराहे में लगाने का प्रवधान बनाया जाये. मास्क व सेनिटाइजर की कालाबाजारी करने वालो के खिलाफ मुंबई पुलिस को बड़ी सफलता मिली हैं. प्राप्त जानकारी के अनुसार मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच की यूनिट-9 द्वारा की गई कार्रवाई में करीब 15करोड़ रुपए से अधिक कीमत का मास्क जप्त किया गया है।

    कोरोना का खौफ दुनिया भर में

    बता दें कि देश व दुनियाभर में कोरोना को लेकर जबरदस्त खौफ है। दुनियाभर में वैश्विक महामारी कोरोना के कारण 3,79,000,से ज्यादा लोग संक्रमित हुए हैं, जबकि 16,500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इसी तरह भारत में कोरोना वायरस के कुल मामले 500 के करीब पहुंच गए हैं तो देशभर में 10 लोगों की मौत हो चुकी है। महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के अभी तक 101 मामले सामने आ चुके हैं। जिनमें 4 पीड़ितों की मौत हो चुकी है। कोरोना के कहर को रोकने के लिए मुंबई, महाराष्ट्र सहित देश व दुनियाभर में युद्धस्तर पर प्रयास चल रहे हैं। इससे सुरक्षित रहने के लिए लोग सबसे पहले मास्क खरीद रहे हैं। मास्क की मांग बढ़ने के कारण कुछ लोग आपूर्ति रोक कर मास्क की कीमतें बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे ही कुछ लोगों ने अंधेरी-पूर्व के सहार कार्गो स्थित दो गोदामों में करोड़ों रुपए का मास्क छिपा कर रखा था। इसकी सूचना मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को मिली थी। उक्त सूचना के आधार पर डीसीपी अकबर पठान व वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक महेश देसाई के मार्गदर्शन तथा पीआई आशा कोरके के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की यूनिट-9 की टीम ने सहार गांव स्थित कार्गो कॉम्प्लेक्स में छापेमारी की। छापेमारी में दो गोदामों में जमा करके रखे गए विविध किस्म के करीब 10 लाख मास्क जप्त किए गए। वहां से मिली जानकारी के बाद यूनिट-९ की टीम ने भिवंडी के एक गोदाम में छापा मारकर करीब 15 लाख मास्क और जप्त किया। यूनिट 9 द्वारा की गई इस कार्रवाई में लगभग 15 करोड़ रुपये रुपए का कुल 25 लाख मास्क जप्त किया गया है, जबकि मास्क की कालाबाजारी से जुड़े मिहिर दर्शन पटेल, शाहरुख़ अखिल शेख, बालाजी नाडर और गुलाम मुर्तुजा मुनशेरअली नामक 4आरोपियों को यूनिट-9 की टीम ने गिरफ्तार किया है।