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  • इस देश में ठीक हो चुके 91 मरीजों में फिर ‘एक्टिवेट हुए’ वायरस, दोबारा पॉजिटिव

    इस देश में ठीक हो चुके 91 मरीजों में फिर ‘एक्टिवेट हुए’ वायरस, दोबारा पॉजिटिव

    कोरोना वायरस से ठीक हो चुके मरीजों के दोबारा पॉजिटिव आने की घटना फिर सामने आई है. साउथ कोरिया में 40 नए लोग दोबारा पॉजिटिव पाए गए हैं. इससे पहले 51 लोग ठीक होने के बाद यहां पॉजिटिव पाए जा चुके हैं. इस घटना ने हेल्थ एक्सपर्ट की चिंता बढ़ा दी है.अब तक ऐसा समझा जाता है कि एक बार संक्रमित होने के बाद कोरोना मरीज अगर ठीक हो जाए तो वह कोरोना वायरस को लेकर इम्यूनिटी डेवलप कर लेता है. लेकिन नए मामलों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

    कोरिया सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन के डायरेक्टर जिओंग इउन केओंग का कहना है कि ऐसा लगता है कि वायरस दोबारा एक्टिवेट हो गया होगा. हालांकि, स्वास्थ्य अधिकारी अभी इस मामले की जांच कर रहे हैं ताकि ठोस निष्कर्ष पर पहुंचा जा सके कि कैसे ये मरीज दोबारा पॉजिटिव हो गए।

    साउथ कोरिया में अब तक कुल 91 ऐसे मरीज सामने आए हैं, जिन्हें समझा गया था कि वे ठीक हो गए हैं. उन्हें क्वारनटीन से छोड़ दिया गया था. लेकिन बाद में एहतियात के लिए जांच की गई तो फिर पॉजिटिव निकले.साउथ कोरिया के स्वास्थ्य अधिकारियों को इस बात की भी चिंता हो रही है कि कोरोना से दोबारा पॉजिटिव होने की खबर सुनकर आम लोग पैनिक हो सकते हैं।

    डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, कोरिया यूनिवर्सिटी के गुरो हॉस्पिटल में संक्रामक रोगों के प्रोफेसर किम वू जू ने कहा है- ‘ये आंकड़ा आगे बढ़ेगा. 91 तो महज शुरुआत है।

    ‘बता दें कि कोरोना वायरस पर नियंत्रण हासिल करने के लिए साउथ कोरिया की काफी तारीफ हुई है. साउथ कोरिया ने बड़े पैमाने पर टेस्टिंग और अन्य कदम उठाकर कोरोना पर काबू पाया है. इस देश में संक्रमण के 10,450 मामले सामने आए हैं और 208 लोगों की मौत हुई है।

  • रतनपुर के साथ बिलासपुर में भी 1 हजार से अधिक कोरोना संदेही ट्रेस, बजी खतरे की घंटी….

    रतनपुर के साथ बिलासपुर में भी 1 हजार से अधिक कोरोना संदेही ट्रेस, बजी खतरे की घंटी….

    बिलासपुर। कटघोरा में अचानक से सात जमातियों के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद प्रदेश सरकार सकते में आ गई है। इन संक्रमितों से जुड़े हर व्यक्ति की जानकारी जुटाई जा रही है। बिलासपुर के भी कोरोना की चपेट में आने की आशंका से जिला प्रशासन की नींद उड़ गई है। स्वास्थ्य विभाग ने इनकी ट्रेवल हिस्ट्री खंगाली है। अब और गहराई से पड़ताल कर उनसे संपर्क में आए लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों को ट्रेस कर ​उन्हें निगरानी में रखा गया है।

    कटघोरा में कोरोना संक्रमित जमाती की लापरवाही के चलते संक्रमित लोगों की संख्या में जिस तरह इजाफा हुआ है इससे बिलासपुर जिले के अंतर्गत आने वाले बिल्हा व कोटा ब्लॉक आसपास के गांव में संकट के बादल गहराने लगा है। बिल्हा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले विधानसभा मुख्यालय बेलतरा के आसपास के गांव व कोटा ब्लॉक के वनक्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों के लिए कटघोरा बड़ा बाजार है। जरूरी सामग्री का लेनदेन यहां के ग्रामीण कटघोरा बाजार से ही करते हैं। यहां के ग्रामीणों का कटघोरा से सतत संपर्क बना हुआ है। कटघोरा की घटना के बाद धीरे-धीरे बिलासपुर जिला भी खतरे के मुहाने पर आते दिखाई दे रहा है। बेलतरा के ग्रामीणों का संपर्क रतनपुर से लगे आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी बना हुआ है।

    रतनपुर में कटघोरा कनेक्शन-
    रतनपुर में कटघोरा कनेक्शन सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है । यहां का लोकल प्रशासन अब सख्त कदम उठा रहा है । रतनपुर नूतन चौक में रहने वाला व्यक्ति 23 मार्च को कटघोरा के मुड़ी भाठा बारात लेकर गया था । उसके बारात में करीब 30 बाराती रतनपुर के शामिल थे। अंबिकापुर रोड के पास मुड़ीभाठा में निकाह के बाद रतनपुर में वलीमा का भी आयोजन किया गया, जिसमें रतनपुर और आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए।

    पूरी तरह घेराबंदी कर दी गई है-
    रतनपुर के सभी मुस्लिम परिवारों के कटघोरा कनेक्शन सामने आने के बाद अब रतनपुर में नूतन चौक इलाके को हॉटस्पॉट मानकर पूरी तरह घेराबंदी कर दी गई है। वही रतनपुर के एक एक मुस्लिम के कोरोना जांच की बात कही जा रही है । शुक्रवार की सुबह अधिकारीयों ने पहुंचकर हालात का जायजा लिया हैं। वहीं सभी से कहा जा रहा है कि जो भी बारात में गया था या फिर उनके संपर्क में आया है वे सभी सामने आए और अपनी जांच कराएं।

    रतनपुर में बड़ी संख्या मुस्लिम आबादी अन्य लोगों से संपर्क में आए-
    शुरुआती दौर से ही रतनपुर में बसने वाले मुस्लिम परिवार के सदस्यों के विदेश यात्रा के चलते भी उनमें संक्रमण की बात सामने आई थी और अब कटघोरा कनेक्शन सामने आने से आम लोग भी दहशत में हैं क्योंकि रतनपुर में बसने वाली बड़ी संख्या मुस्लिम आबादी की है जो अन्य लोगों से भी इस दौरान संपर्क में आए थे। जिस वक्त पूरे देश में जनता कर्फ्यू का माहौल था उसके एक दिन बाद निकाह करना जाहिर तौर पर नियमो की उल्लघन है। रतनपुर के साथ इसका बिलासपुर कनेक्शन भी सामने आने लगा है जिसके बाद लगातार स्थिति कठिन होती जा रही है।

  • छत्तीसगढ़ नेत्र चिकित्सालय ने ली लॉक डाउन में ड्यूटी करने वाले पुलिस, सफाई और पेट्रोल पंप कर्मियों की सुध, दिया मास्क और सेनिटाइजर….

    छत्तीसगढ़ नेत्र चिकित्सालय ने ली लॉक डाउन में ड्यूटी करने वाले पुलिस, सफाई और पेट्रोल पंप कर्मियों की सुध, दिया मास्क और सेनिटाइजर….

    रायपुर। देश भर में जारी लॉक डाउन के बीच लोग अपने-अपने घरों में हैं लेकिन कोरोना की दहशत के बीज बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हैं जिनकी बदौलत सारी जरुरी सेवाएं जारी है. इन जरुरी सेवाओं में दिन-रात 24 घंटे की ड्यूटी करने वाले पुलिस कर्मी, आपके घर के आस-पास और मोहल्ले को साफ सुथरा करने वाले सफाई कर्मी और पेट्रोल पंप के कर्मी भी शामिल हैं।

    तेलीबांधा स्थित छत्तीसगढ़ नेत्र चिकित्सालय द्वारा ऐसी सेवाएं देने वाले सभी कर्मियों को सैनिटाइजर और थ्री प्लाई मास्क का वितरण किया गया. इस दौरान वरिष्ठ समाज सेविका रंजना मेहरा, चिकित्सालय प्रमुख डाक्टर अभिषेक मेहरा (नेत्र सर्जन), मोहम्मद फिरोज (पैथोलॉजी), विकास मुखर्जी, दुर्गा दास गुप्ता, रमन यादव एवं समस्त स्टाफ मौजूद रहे और इनका योगदान रहा।

  • कोरोना वायरस से बचने सरकार का आदेश, छत्तीसगढ़ में मास्क पहनना हुआ अनिवार्य….

    कोरोना वायरस से बचने सरकार का आदेश, छत्तीसगढ़ में मास्क पहनना हुआ अनिवार्य….

    रायपुर। दूध, सब्जी जैसे जरूरी सामान खरीदने भी यदि आप बाहर जा रहे हैं, तो ध्यान रखिए आपको मास्क लगाना होगा. कोरोना वायरस संक्रमण का फैलाव रोकने राज्य सरकार ने मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया है. स्वास्थ्य विभाग ने आदेश जारी कर कहा है कि सार्वजनिक स्थलों में बगैर मास्क पहने निकलने वाले लोगों के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

    स्वास्थ्य विभाग की सचिव निहारिका बारिक ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि कोविड 19 के रोकथाम व बचाव के लिए डाक्टरों ने मास्क पहनने को आवश्यक बताया है. लिहाजा एपिडेमिक एक्ट 1897 की धारा 71 (1)  में प्रदत्त प्रावधानों के अंतर्गत राज्य में सार्वजनिक स्थलों में निकलने समय मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है. बाजार में मिलने वाले ट्रिपल लेयर मास्क का इस्तेमाल किया जा सकता है. यह उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में घर पर बने तीन परतों वाले मास्क का भी उपयोग किया जा सकता है.  मास्क उपलब्ध नहीं होने के हालात में गमछा, दुपट्टा, रूमाल का इस्तेमाल किए जाने की नसीहत दी गई है।

    सरकार ने अपने आदेश में कहा है कि बिना मास्क घर से बाहर सार्वजनिक स्थलों पर जाना एपिडेमिक एक्ट 1897 एवं छत्तीसगढ़ एपिडेमिक डिसीजेज कोविड 19 विनियम 2020 तथा छत्तीसगढ़ पब्लिक हेल्थ एक्ट 1949 की धारा 71(1) का उल्लंघन मानते हुए कानूनी कार्यवाही की जाएगी. इससे पहले दिल्ली, ओडिशा जैसे कई राज्यों में भी मास्क पहनना अनिवार्य किया गया था. मास्क नहीं पहनने की स्थिति में कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है. ओडिशा में नो मास्क नो फ्यूल मुहिम भी चलाया जा रहा है।

  • बिलासपुर कलेक्टर ने की अपील,ऐसे व्यक्ति जो कटघोरा के संक्रमित व्यक्तियों के सम्पर्क में आये हों, वे अपनी जानकारी दें….

    बिलासपुर कलेक्टर ने की अपील,ऐसे व्यक्ति जो कटघोरा के संक्रमित व्यक्तियों के सम्पर्क में आये हों, वे अपनी जानकारी दें….

    बिलासपुर। कोरबा जिले के कटघोरा से एक साथ 7 व्यक्तियों के कोरोना पॉजीटिव पाए जाने के बाद प्रदेश में हड़कंप मच गया है. अब बिलासपुर कलेक्टर ने भी लोगों से सामने आकर जानकारी देने की अपील की है।
    बिलासपुर जिला प्रशासन ने ऐसे सभी लोगों को स्वयं सामने आकर अपने बारे में जानकारी देने के लिए कहा है जिन्होंने बीते एक माह के भीतर कटघोरा आना-जाना किया हो अथवा वे लोग जो वहां के संक्रमित लोगों के सम्पर्क में आये हों।
    कलेक्टर डॉ. संजय अलंग ने कहा है कि समीपवर्ती कोरबा जिले के कटघोरा में कोरोना वायरस का संक्रमण पाया गया है. अतएव बीते एक माह के भीतर कटघोरा आना जाना करने वाले सभी लोगों की जानकारी प्राप्त करना आवश्यक है. जिले के ऐसे व्यक्ति जो कटघोरा के संक्रमित व्यक्तियों के सम्पर्क में आये हों, वे भी अपनी जानकारी दें. यह उनके स्वयं, परिवार, मोहल्ले तथा जिले की कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक है. जानकारी देने के लिए जिला कलेक्टोरेट में स्थापित कोरोना सहायता एवं नियंत्रण कक्ष के दूरभाष क्रमांक 07752 251000 तथा स्वास्थ्य विभाग के टोल फ्री नंबर 104 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
  • जानिये कुछ आसान टिप्स लॉक डाउन में अपनी आँखों का ख्याल रखने हेतु…..

    जानिये कुछ आसान टिप्स लॉक डाउन में अपनी आँखों का ख्याल रखने हेतु…..

    हाल ही में अमिताभ बच्चन ने अपनी आंखों और विजन प्रॉब्लम को ब्लॉग पर शेयर किया है । उन्होंने अपने ब्लॉग में लिखा ‘ये आंखें धुंधली तस्वारें देख रही है। आंखों से दो चीजें नजर आ रही हैं और कुछ दिनों से मुझे महसूस हो रहा है कि अंधापन आने वाला है। पहले से शरीर में इतनी मेडिकल दिक्कतों के साथ एक समस्या शुरू होने वाली है।’
    बाद में उन्होंने खुलासा किया कि डॉक्टर ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि वो ब्लाइंड नहीं होने वाले। यह स्क्रीन ज्यादा देखने की वजह से हो रहा है, जिसका असर आंखों पर पड़ रहा है।उन्होंने हर घंटे आंखों में डालने के लिए आई ड्रॉप दिया है। कम्प्यूटर पर बहुत समय देने की वजह से ऐसा हुआ। आंखें थक गई और कुछ नहीं।

    अमिताभ की तरह इन दिनों आंखों में बढ़ती परेशानियों को कई लोग झेल रहे हैं। इसका सीधा-सा कारण मोबाइल और लैपटॉप का ज्यादा इस्तेमाल करना है। ऐसे में हमें समय रहते कुछ बातों को अपने रूटीन में शामिल कर लेना चाहिए।

    ऐसे पहचानें आंखों पर बढ़ते तनाव को
    यह जानने के लिए कि आपके स्क्रीन को देखते हुए आंखों में होने वाली सेंसेशन को पहचानना है। जैसे, खुजली, जलन, थकी हुई या सूखी आँखें इसकी शुरुआत हो सकती है। इसके अलावा सिरदर्द, गर्दन और पीठ में दर्द के भी लक्षण हैं। आपको अगर स्क्रीन देते हुए फोकस या लाइट से सेंसेशन होती है, तो आपको समझ जाना चाहिए कि आपकी आँखें बहुत अधिक ‘ब्लू लाइट’ (मोबाइल, लैपटॉप, कम्यूटर, टैब से निकलने वाली लाइट) के संपर्क में हैं।

    ऐसे रखें आंखों का ख्याल
    -लॉकडाउन के समय में ज्यादातर लोग वर्क फ्रॉम होम और समय काटने के लिए मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल कर रहे हैं, ऐसे में खुद को स्क्रीन दूर रख पाना आसान नहीं है लेकिन इस दौरान अपनी आंखों की देखभाल के लिए आप इन टिप्स को फॉलो कर सकते हैं।

    ⭕अध्ययन के अनुसार, हम एक मिनट में 15 बार झपकाते हैं। हालाँकि, हम केवल स्क्रीन को देखते समय 5-7 बार पलक झपकाते हैं। ब्लिंकिंग आंख की नमी को फिर से भरने का एक तरीका है, जो आपकी आंखों के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए, यह महत्वपूर्ण है कि आप स्क्रीन पर देखते समय पलक झपकना याद रखें।

    ⭕आप अपनी आँखों को ताजा करने के लिए कृत्रिम आँसू और आँखों की बूंदों का उपयोग कर सकते हैं यदि आपको लगता है कि वे बहुत बार सूख रहे हैं। अपनी आंखों को हाइड्रेट रखना और सतह को सूखने से बचाना जरूरी है।

    ⭕20-20-20 नियम का प्रयोग करें। नियम प्रत्येक 20 मिनट में दृष्टि को कम से कम 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर किसी वस्तु पर ट्र्रा्ंसफर करें।

    ⭕आप स्क्रीन देखते हुए प्रिस्क्रिप्शन चश्मे का उपयोग करने की कोशिश करें, जो कंप्यूटर स्क्रीन पर ध्यान केंद्रित करने में आपकी मदद करते हैं। इससे आपकी आंखों में खिंचाव कम हो जाएगा।

    ⭕स्क्रीन चमक को कम करने के लिए एक मैट स्क्रीन फिल्टर का उपयोग करने का प्रयास करें ।

    ⭕याद रखें कंप्यूटर स्क्रीन आपकी आँखों से लगभग 25 इंच की दूरी पर है, जो लगभग एक हाथ की लंबाई की दूरी पर है। स्क्रीन को इस तरह से रखा जाना चाहिए कि आपकी आँखें थोड़ा नीचे की ओर टिकी रहें और सीधे आगे न हों।

  • छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक जगहों में अब मास्क पहनना अनिवार्य,राज्य सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने किया आदेश जारी

    छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक जगहों में अब मास्क पहनना अनिवार्य,राज्य सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने किया आदेश जारी

    रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य में प्रत्येक व्यक्ति को अब घर से बाहर सार्वजनिक स्थानों में निकलते समय मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है। राज्य सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग मंत्रालय महानदी भवन से इस आशय का आदेश जारी किया गया है।
    जारी आदेश के तहत चिकित्सकीय विशेषज्ञों द्वारा कोविड-19 के रोकथाम व बचाव के लिए प्रत्येक व्यक्ति को मास्क-फेस कवर पहनना आवश्यक बताया गया है। यह एपिडेमिक एक्ट 1897 एवं छत्तीसगढ़ एपिडेमिक डीसीजेज कोविड-19 विनियम 2020 तथा छत्तीसगढ़ पब्लिक हेल्थ एक्ट 1949 की धारा 71 (1) के तहत अनिवार्य किया गया है। बिना मास्क-फेस कवर के घर से बाहर सार्वजनिक स्थानों पर जाना इसका उल्लंघन माना जाएगा और तदनुसार विधिक कार्यवाही की जाएगी।
    आदेश में कहा गया है कि बाजार में मिलने वाले ट्रिपल लेयर मास्क का प्रयोग किया जा सकता है अथवा होम मेड तीन परतों वाला फेस कवर बनाया जा सकता है। इस होम मेड मास्क-फेस कवर को साबुन से सफाई से धोकर पुनः प्रयोग में लाया जा सकता है। मास्क और फेस कवर उपलब्ध ना होने की स्थिति में गमछा, रूमाल, टुपट्टा आदि का भी उपयोग फेस कवर के रूप में किया जा सकता है। बशर्ते मास्क-फेस कवर पूर्ण रूप से मुंह एवं नाक को ढकने में सक्षम हो। कभी भी उपयोग में लाया हुआ फेस कवर मुंह, नाक ढकने में प्रयुक्त होने वाला गमछा आदि का पुनः प्रयोग बिना साबुन से अच्छी तरह साफ किए नहीं किया जाए।

  • छत्तीसगढ़ में देर रात कोरोना के 7 नये मरीज मिले, प्रदेश कुल मरीजों की संख्या हुई 25, अभी 15 का चल रहा है इलाज….

    छत्तीसगढ़ में देर रात कोरोना के 7 नये मरीज मिले, प्रदेश कुल मरीजों की संख्या हुई 25, अभी 15 का चल रहा है इलाज….

    कोरबा। कोरबा एक और बड़ी खबर आ रही है। कोरबा में 7 और कोरोना के नए मरीज मिले है। ये सभी कटघोरा के उसी इलाके के रहने वाले हैं, जहां से 2 दिन पहले 7 मरीज मिले थे। देर रात आयी कोरोना की सैम्पल रिपोर्ट में 7 नये लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही प्रदेश में मरीजों की संख्या बढ़कर अब 25 हो गयी है, अस्पताल में अभी फिलहाल 15 मरीजों का इलाज चल रहा है।

    आपको बता दें कि कटघोरा के मस्जिद पारा इलाके में पिछले दिनों 7 कोरोना के नए मरीज मिलने के बाद पूरे इलाके में पूरी तरह लॉकडाउन कर दिया गया था। जिला प्रशासन की तरफ से संक्रमित लोगों के परिजनों और उनके संपर्क में आये लोगों का सैम्पल टेस्ट के लिए भेजा गया था, उन्ही में से ये 7 रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है।
    जिन लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है उनमें 2 महिला और 5 पुरुष शामिल हैं।

    टेस्ट के बाद अब संक्रमित लोगों को एम्स लाने के तैयारी चल रही है। सुबह सभी प्रभावित लोगों को रायपुर एम्स लाया जाएगा।


    आपको बता दें कि राज्य सरकार ने कटघोरा में लगातार कोरोना मरीज मिलने के बाद इलाके के सभी लोगों के टेस्ट कराने के निर्देश दिए थे, वहीं इलाके को लॉक डाउन करने के साथ आने जाने वाले लोगों की हिस्ट्री इकट्ठा करने के निर्देश दिए थे।
    जिस तरह से लगातार कटघोरा में मरीज मिल रहे हैं, उसके बाद इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में संक्रमण का डर सताने लगा है।
    सूचना के बाद प्रशासन की टीम मौके की तरफ रवाना हो रही है।

  • छत्तीसगढ़ के लिए एक राहत की खबर, कोरोना टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद डिस्चार्ज हुआ युवक…

    छत्तीसगढ़ के लिए एक राहत की खबर, कोरोना टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद डिस्चार्ज हुआ युवक…

    कोरबा। जिले के कटघोरा में कोरोना पॉजिटिव पाए गए 16 वर्षीय किशोर को कोरोना टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव मिलने के बाद शुक्रवार को देर रात एम्स से डिस्चार्ज कर दिया गया। दूसरी ओर कोरबा शहर के 16 लोगों को क्वॉरेंटाइन सेंटर में शिफ्ट किया गया हैै।
    छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कटघोरा में एक 16 वर्षीय किशोर को कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद 4 अप्रैल को उपचार के लिए एम्स रायपुर में दाखिल कराया गया था। एक सप्ताह बाद यह किशोर स्वस्थ हो गया है और शुक्रवार को देर रात उसे एस्स से डिस्चार्ज कर दिया गया। यह जानकारी छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने देर रात अपने ट्विटर अकाउंट पर साझा की है।

  • कंडोम बनाने वाली कंपनी को मिला टेस्ट किट बनाने का ठेका… हर दिन बनाएगी 20 हजार यूनिट…

    कंडोम बनाने वाली कंपनी को मिला टेस्ट किट बनाने का ठेका… हर दिन बनाएगी 20 हजार यूनिट…

    दिल्ली। कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण को रोकने के लिए सरकार सोशल डिस्टेंसिंग के साथ-साथ ज्यादा से ज्यादा ब्लड टेस्ट कराने पर ज़ोर दे रही है. हर दिन टेस्ट की संख्या को बढ़ाने की कोशिश की जा रही है. देश में फिलहाल पर्याप्त संख्या में टेस्टिंग किट नहीं हैं. ऐसे में कंडोम (Condom) बनाने वाली एक सरकारी कंपनी हिंदुस्तान लैटेक्स लिमिटेड (HLL) को किट बनाने की ज़िम्मेदारी दी गई है. रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार से किट बनाने का काम शुरू हो जाएगा।

    कंडोम से मिली लोकप्रियता

    1970 के दशक में इस कंपनी ने परिवार नियोजन में बेहद अहम भूमिका निभाई थी. उस दौरान ये कंपनी निरोध के नाम से कंडोम बनाती थी. लेकिन वक्त के साथ कंपनी का मार्केट शेयर घटता गया. तीन साल पहले HLL को निजीकरण करने का भी मुद्दा उठा था. इसके अलावा पिछले महीने भी ये कंपनी विवादों में थी. आरोप लगा था कि स्वास्थ्यकर्मियों के प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट बनाने में इसने देरी कर दी।

    15-20 मिनट में आएगा रिजल्ट
    कंपनी के मुताबिक, कोरोना वायरस के मरीजों के लिए वो ऐसा टेस्टटिंग किट बना रही है, जिससे सिर्फ 15-20 मिनट में नतीजे आ जाएंगे. कंपनी के टेकनिकल ऑपरेशन के डायरेक्टर इए सुब्रमनियम के मुताबिक HLL ने ये किट सिर्फ एक महीने में तैयार किया है. इससे पहले कंपनी टीबी, डेंगू और मलेरिया के लिए टेस्टटिंग किट तैयार कर चुकी है।

    क्या है किट की कीमत
    HLL को सरकार की तरफ से फिलहाल 2 लाख किट बनाने का ऑर्डर मिला है. हरियाणा के मानेसर के प्लांट में हर दिन 20 हज़ार किट तैयार करने का लक्ष्य है और अगले 10 दिनों में ये सारे ऑर्डर पूरे कर लिए जाएंगे. आमतौर पर COVID-19 टेस्ट के लिए किट की कीमत बाजार में 700-800 रुपये है, लेकिन HLL इसकी कीमत सिर्फ 350-400 के बीच रखेगी. ऐसे में कई सालों से घाटे में रहने वाली इस सरकारी कंपनी को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में कंपनी के लिए हालात बेहत होंगे।

    चीन को भी दिया ऑर्डर
    बता दें कि टेस्टटिंग किट के लिए भारत पहले ही चीन की कई कंपनियों को ऑर्डर दे चुका है. किट आने भी शुरू हो गए है. सरकार को उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में बड़े पैमाने पर कोरोना के टेस्ट किए जाएंगे।