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  • कोरोना लॉकडाउन 2.0 में मिली और भी छूट, अब से किताब, मोबाइल रिचार्ज और बिजली के पंखे की दुकानें खुलेंगी…

    कोरोना लॉकडाउन 2.0 में मिली और भी छूट, अब से किताब, मोबाइल रिचार्ज और बिजली के पंखे की दुकानें खुलेंगी…

    गृह मंत्रालय की ओर से जारी नई गाइडलाइन में शहरी क्षेत्रों में लॉकडाउन के दौरान ब्रेड फैक्ट्री जैसी फूड प्रोसेसिंग इकाइयों, दुग्ध प्रसंस्करण इकाइयों, आटा व दाल मिल आदि को चलाने की इजाजत होगी. साथ ही कृषि एवं बागवानी से जुड़े शोध केंद्र, बीजों व बागवानी उत्पादों के जांच केंद्र भी काम कर सकते हैं.

    देखें कौन सी दुकानें रहेंगी खुली-

  •  3 मई के बाद ग्रीन जोन के तौर पर चिह्नित इलाकों को कुछ कड़ी शर्तों के साथ छूट देगी सरकार वो भी बेहद कड़ी शर्तों के साथ, रेड जोन में जारी रहेगा लॉकडाउन

     3 मई के बाद ग्रीन जोन के तौर पर चिह्नित इलाकों को कुछ कड़ी शर्तों के साथ छूट देगी सरकार वो भी बेहद कड़ी शर्तों के साथ, रेड जोन में जारी रहेगा लॉकडाउन

    दिल्ली। देश में लॉकडाउन पार्ट टू के समाप्त होने की अवधि भले ही करीब आ रही हो लेकिन सरकार लॉकडाउन को पूरी तरह से बिल्कुल खत्म नहीं करेगी। सरकार की हाईपावर कमेटी ने फिलहाल तो यही सिफारिश की है।
    देश में लॉकडाउन का दूसरा चरण तीन मई को पूरा हो रहा है। ऐसे में लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं कि सरकार शायद इसके बाद लॉकडाउन खत्म कर दे लेकिन ऐसा नहीं होने जा रहा है। तीन मई के बाद सरकार उन इलाकों जहां एक भी कोरोना पेशेंट नहीं पाया गया है। उन ग्रीन जोन के तौर पर चिह्नित इलाकों को कुछ कड़ी शर्तों के साथ छूट देगी। इसके लिए कवायद चालू हो गई है।
    इसके साथ ही कोरोना वायरस संक्रमण से बुरी तरह से प्रभावित रेड जोन इलाकों को फिलहाल किसी तरह की कोई राहत नहीं दी जाएगी। उनमें सख्ती के साथ लॉकडाउन लागू रहेगा। चूंकि राजधानी दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई समेत नोएडा, इंदौर, लखनऊ, पुणे समेत कुछ अन्य ‘हॉटस्पॉट’ शहरों के लिए मंत्रियों का समूह अलग से रोडमैप तैयार कर रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में गठित ये समूह तय करेगा कि किन शहरों में आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए किस तरह की छूट दी जाए, इस पर मंथन जारी है। ये तय है कि हॉटस्पॉट वाले इलाके पहले की तरह ही सील रखा जाएगा। इसकी सहमति कमेटी में बन गई है लेकिन इस बारे में अंतिम फैसला प्रधानमंत्री को लेना है।
  • छत्तीसगढ़ की फ्लैगशिप योजनाओं की अब होगी ऑनलाइन माॅनिटरिंग, सीएम ने पोर्टल बनाने के दिए निर्देश

    छत्तीसगढ़ की फ्लैगशिप योजनाओं की अब होगी ऑनलाइन माॅनिटरिंग, सीएम ने पोर्टल बनाने के दिए निर्देश

    मुख्यमंत्री बघेल ने प्रारंभिक तौर पर मुख्यमंत्री कार्यालय के पोर्टल पर नरवा-गरवा-घुरूवा-बाड़ी, मुख्यमंत्री सुपोषण योजना, मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना, मुख्यमंत्री शहरी स्लम अस्पताल योजना, मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय योजनाओं को शामिल करने के निर्देश दिए हैं. आवश्यक होने पर इनमें अन्य योजनाएं भी जोड़ी जा सकेंगी.

    इन सभी योजनाओं की माॅनीटरिंग के लिए वेबसाईट बनाने की जिम्मेदारी चिप्स को दी है. सभी विभागीय सचिवों को निर्देश दिए गए है कि वे अपने विभागों और संबंधित संचालनालयों से इसके लिए एक नोडल अधिकारी नामांकित करके तत्काल चिप्स को सूचित करें. नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए जाएं कि वे चिप्स को पूरी जानकारी उपलब्ध कराएं और चिप्स के साथ सहयोग करके 10 दिन के भीतर वेबसाईट तैयार करने में सहायता करें.

    प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा विभाग डाॅ. आलोक शुक्ला को वर्तमान कर्तव्यों के साथ इस कार्य में चिप्स की सहायता करने का कार्य भी सौंपा गया है. सभी विभागों एवं चिप्स को इस संबंध में 3 दिन में एक कार्य योजना बनाकर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं. मुख्यमंत्री ने 10 दिनों में पोर्टल बनाने का कार्य पूर्ण करने के निर्देश देते हुए मुख्य सचिव को इस संबंध में तत्काल आदेश जारी करने को कहा है.

  • कोरोना से लड़ाई में योद्धा की मौत पर ओडिशा सरकार देगी ‘शहीद’ का दर्जा….

    कोरोना से लड़ाई में योद्धा की मौत पर ओडिशा सरकार देगी ‘शहीद’ का दर्जा….

    ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कोरोना योद्धाओं के लिए बड़ा एलान करते हुए कहाकि अगर कोरोना वायरस महामारी से जंग लड़ रहे किसी भी कोरोना योद्धा की ड्यूटी के दौरान मौत हो जाती है तो राज्य सरकार उसे शहीद का दर्जा देगी। इतना ही नहीं पूरे राजकीय सम्मान के साथ उस योद्धा का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
    मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कोरोना योद्धाओं के लिए 50 लाख रुपये के बीमा की भी घोषणा की है। सीएम ने कहाकि पटनायक ने कहा कि राज्य सरकार कोरोना के लड़ाई में अपनी जान गंवाने वाले सभी स्वास्थ्यकर्मियोंं और सरकारी कर्मचारियों के परिजनों को 50 लाख रुपये देगी। इतना ही नहीं अपनी जान गंवाने वाले कोरोना योद्धाओं को राज्य सरकार शहीद का दर्जा देगी और राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके बलिदानों के लिए एक अवार्ड भी सरकार देगी।
  • शिवराज ने किया विभागों का बंटवारा, नरोत्तम मिश्रा को स्वास्थ्य-गृह मंत्रालय का जिम्मा…

    शिवराज ने किया विभागों का बंटवारा, नरोत्तम मिश्रा को स्वास्थ्य-गृह मंत्रालय का जिम्मा…

    भोपाल। शिवराज सिंह मंत्रिमंडल में शामिल हुए पांच मंत्रियों को पद का बंटवारा कर दिया गया है. पांच नए मंत्रियों में सबसे महत्वपूर्ण गृह और स्वास्थ्य विभाग भाजपा के कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा को दिया गया है.

    वहीं अन्य मंत्रियों में कमल पटेल को कृषि विभाग, तुलसी सिलावट को जल संसाधन विभाग , गोविंद सिंह राजपूत को खाद्य प्रसंस्करण और मीना सिंह को आदिम जाति कल्याण विभाग का मंत्री नियुक्त किया गया है.

    बता दें कि शिवराज सिंह के 23 मार्च को शपथ ग्रहण के 29 दिन बाद मंगलवार को जाकर मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए पांच नए मंत्रियों को शपथ दिलाई गई थी. इसमें नरोत्तम मिश्रा, कमल पटेल और मीना सिंह के अलावा ज्योतिरादित्य सिंधिंया समर्थक तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत को स्थान दिया गया है.

  • केंद्र सरकार ने किया साफ, कोरोना पर लगाम के बाद ही हटेगी विमान सेवा से रोक…

    केंद्र सरकार ने किया साफ, कोरोना पर लगाम के बाद ही हटेगी विमान सेवा से रोक…

    केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि कोरोना पर लगाम लगने से पहले विमान सेवा को दोबारा शुरू करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। नागरिक उड्यन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोमवार को कहा कि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय विमान सेवा से प्रतिबंध तभी हटाया जाएगा जब सरकार विश्वास में आ जाएगी कि कोरोना को नियंत्रित कर लिया गया है और भारतीय के लिए कोई खतरा नहीं है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब कई कंपनियों ने 4 मई से घरेलू विमानों के लिए टिकट बुकिंग शुरू कर दी है।

    ‘तभी रोक हटेगी जब नहीं होगा खतरा’
    एक के बाद एक कई ट्वीट में मंत्री ने कहा कि एयरलाइंस कंपनियों के लिए रविवार को आदेश जारी किया गया है और उन्हें बुकिंग शुरू करने से रोका गया है। उन्होंने कहा, ‘मैं एक बार फिर करना चाहता हूं कि कोरोना वायरस से लड़ने के लिए देश में विमान सेवा पर प्रतिबंध लगाया गया है और इसे तभी हटाया जाएगा जब हम विश्वास में होंगे कि कोरोना वायरस के प्रसार को नियंत्रित कर लिया गया है और इससे हमारे देश और लोगों को कोई खतरा नहीं है।’

    ‘बुकिंग शुरू करने का दिया जाएगा समय’
    मंत्री ने कहा, ‘क्योंकि कुछ एयरलाइंस कंपनियों ने हमारी सलाह को नहीं माना और बुकिंग शुरू कर दी और यात्रियों से पैसे एकत्रित करने लगे, उन्हें ऐसा करने से रोकने के लिए 19 अप्रैल को आदेश जारी किया गया है। उन्हें यह भी बताया गया है कि बुकिंग शुरू करने के लिए उन्हें पर्याप्त समय और नोटिस दिया जाएगा।’

    डीजीसीए ने जारी किया आदेश
    गौरतलब है कि सरकार की अडवाइजरी के बाद सरकारी विमान कंपनी एयर इंडिया ने टिकटों की बुकिंग रोक दी थी, लेकिन कई प्राइवेट कंपनियों ने इसे नजरअंदाज करते हुए बुकिंग चालू रखी। इसके बाद डीजीसीए ने रविवार को एक सर्कुलर जारी किया। इसमें कहा गया, ‘सभी एयरलाइंस को निर्देशित किया जा रहा है कि अभी टिकट बुकिंग ना करें।’

    कोरोना लॉकडाउन की वजह से है रोक
    लॉकडाउन लागू किए जाने की वजह से देशभर में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाओं पर रोक है। इस दौरान केवल मालवाहक विमानों को उड़ान की छूट है। इस बीच कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर यह भी शिकायत की है कि एयरलाइन कंपनियां विमान रद्द होने के बावजूद किराया नहीं लौटा रही हैं और उन्हें इस पैसे से भविष्य में यात्रा करने को कह रही हैं।

  • आईपीएस पत्नी का साथ निभाने पति ने पेश की ये अनूठी मिसाल, कोरोना योद्धा बन मैदान में जंग लड़ रही पत्नी…

    आईपीएस पत्नी का साथ निभाने पति ने पेश की ये अनूठी मिसाल, कोरोना योद्धा बन मैदान में जंग लड़ रही पत्नी…

    मुंबई। दुनिया की तरह भारत भी कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहा है। कोरोना के कारण हर तरफ सन्‍नाटा हैं, हमें अपने घर से बाहर निकलने में भी डर लग रहा है वहीं देश में ऐसे भी लाखों की संख्‍या में कोरोना वॉरियर्स जान जोखिम में डाल कर दिन-रात एक कर देश के नागरिकों की सेवा में लगे हुए हैं। अपनी सारी इच्‍छाओं को त्यागकर और परिवार से दूर रहते हुए दिल में सारा दर्द भुला कर कोरोना वायरस को हराने के लिए योद्धा की तरह लगातार लड़ रहे हैं। पुलिस, हेल्थ वर्कर्स और अन्य विभाग कंधे से कंधा मिलाकर देश को महामारी से बचाने में दिन-रात जुटे हैं। इन कोरोना वॅरियर्स के साथ जो उनका परिवार तकलीफें सह कर उनका साथ दे रहा हैं वो भी एक अनूठी मिसाल ही हैं।

    छोटी सी बच्‍ची के साथ संभल रहे सारी जिम्मेदारी

    छोटी सी बच्‍ची के साथ संभाल रहे सारी जिम्मेदारी

    ऐसी ही एक मिसाल महाराष्ट्र के सातारा की एसपी तेजस्विनी सातपुते और उनकी पति की है। मुश्किल घड़ी में परिवार कैसे कंधे से कंधा मिलाकर साथ देता हैं ये देखना हैं तो इस परिवार को देखिए। तेजस्विनी कोरोना के खिलाफ मोर्चा संभाल रही हैं वहीं उनके पति अपने काम को बेहतर तरीके से अंजाम दे सकें, घर की चिंताओं से मुक्त रहें। इसलिए उनके पति किशोर ने छोटी सी बच्‍ची के साथ पूरे घर की जिम्मेदारी खुद संभाल रहे हैं। लॉकडाउन के चलते उनके घर में एक भी मेड सर्वेन्‍ट नहीं आ रही ऐसे में पति किशोर पांच साल की बेटी को संभालने के साथ घर की साफ-सफाई, बरतन माजना, कुकिंग भी कर रहे हैं।

    पत्नी की वर्दी तक कर रहे प्रेस

    किशोर पुणे में रहते हैं और सोशल मीडिया कंसल्टेंट, लेखक, फ्रीलांस जर्नलिस्ट हैं। उनकी पत्‍नी अपनी जिम्मेदारी निभा सके इसलिए वो हर कदम पर उनका साथ दे रहे हैं। यहां तक ड्यूटी पर जाने वाली अपनी आईपीएस पत्नी की ड्रेस तक प्रेस कर तैयार रखते हैं। खुद तेजस्विनी ने फेसबुक पर वीडियो पोस्ट कर यह अनूठी मिसाल दुनिया के सामने पेश की।

    तेजस्विनी के आईपीएस बनने से पहले ही किशोर ने किया था प्रपोज

    तेजस्विनी के आईपीएस बनने से पहले ही किशोर ने किया था प्रपोज

    बता दें किशोर अहमदनगर के शेवगांव के रहने वाले हैं और उनकी आईपीएस पत्नी तेजस्विनी नेवासा से हैं। तेजस्विनी के आईपीएस बनने से पहले ही दोनों की मुलाकात हुई थी। किशोर सोशल मीडिया कंसल्टेंट, लेखक, फ्रीलांस जर्नलिस्ट हैं और वो पुणे में रहते हैं। एक ही शहर में रहने के कारण दोनों की पहले फोन और ई-मेल पर बातें हुईं फिर दोस्‍ती हो गई फिर किशोर ने तेजस्विनी को प्रपोज कर दिया। कुछ वक्त के बाद परिवार वालों की मदद से 2012 में दोनों की शादी के बंधन में बंध गए शादी के दो महीने बाद तेजस्वनी को आईपीएस की ट्रेनिंग में जाना पड़ा। पोस्टिंग कई जगह होती रही, इसी बीच दोनों की एक प्‍यारी सी बिटिया हुई जो अब पांच साल की है।

    लॉकडाउन में अपना काम छोड़ खुद सभी जिम्मेदारियां

    लॉकडाउन में अपना काम छोड़ खुद सभी जिम्मेदारियां

    तेजस्विनी घर पर ज्यादा वक्त नहीं दे पाती थीं। इसलिए किशोर ने नौकरी छोड़कर कारोबार शुरू किया। इस समय बेटी ईरा के साथ तेजस्विनी सातारा में रहती है और किशोर पुणे में। वीकेंड्स पर परिवार ही उनका परिवार साथ होता हैं। जनता कर्फ्यू के समय किशोर सातारा चले गए थे और लॉकडाउन लगने पर वहीं रुक गए और कोरोना का डर से सभी हेल्‍पर को छुट्टी दे दी। घर की सभी जिम्मेदारियां खुद संभाल लीं।

    दिल छू लेना वाला जवाब तेजस्विनी ने वीडियो के जरिए दिया

    दिल छू लेना वाला जवाब तेजस्विनी ने वीडियो के जरिए दिया

    पिछले दिनों सोशल मीडिया पर दोस्तों ने किशोर से पूछा कि क्या चल रहा है। इसका दिल छू लेना वाला जवाब तेजस्विनी ने वीडियो के जरिए दिया । मराठी भाषा में जारी वीडियो को जारी करते हुए उन्‍होंने लिखा कि मुझे अपने पति पर गर्व है। तेजस्‍विनी ने कहा जिस समय घर पर रहती हूं, तब उनकी मदद करती हूं। उन्होंने कभी मुझसे कोई काम करने को नहीं कहा। कहते भी नहीं हैं। वो मन में भी कुछ नहीं रखते। जिस आनंद से मुझे खाना खिला रहे हैं, उससे उनके प्रति मेरा आदर कई गुना बढ़ गया है। तेजस्विनी ने कहा कि मेरी गैरमौजूदगी में पति सभी कामों के साथ बेटी का भी ध्यान रखते हैं। किशोर के कई दोस्त उन्हें चिढ़ाते भी हैं। लेकिन, वो इसका भी बुरा नहीं मानते। कई लोग कहते हैं कि महिलाओं को सम्मान मिलना चाहिए। लेकिन, हकीकत में वो खुद ऐसा नहीं करते। उन्हें मेरे पति से सीखना चाहिए। गृहस्थी में सब सामंजस्य पर निर्भर होता है।

    बेटी रोती है, अब वो कहती है- मम्मी अपना ध्यान रखिए

    बेटी रोती है, अब वो कहती है- मम्मी अपना ध्यान रखिए

    तेजस्विनी बताती हैं कि आम दिनों में बेटी का ख्‍याल उसकी केयरटेकर रखती हैं। मेरे लौटते ही वह दौड़कर गले लग जाती है। लेकिन, पिछले एक महीने से मैंने बेटी को करीब नहीं आने दिया। शुरू से ही मैंने उसे बताया कि कोरोना बहुत भयानक बीमारी है। अब वो कहती है- मम्मी अपना ध्यान रखिएगा। तेजस्विनी कहती हैं- दूर करने पर रोती भी है। भावुक हो कर तेजस्विनी कहती हैं कि अभी पांच साल की ही तो है। कभी-कभी मेरी आंखें भी भर आती हैं। लेकिन, यह दूरी बेहद जरूरी है।

  • मजदूर लेकर गए एक 1 किलो आटे के पैकेट हर पैकेट में निकले 15 हजार….

    मजदूर लेकर गए एक 1 किलो आटे के पैकेट हर पैकेट में निकले 15 हजार….

     गुजरात। गुजरात के सूरत में दान का अनूठा मामला सामने आया है, जहां एक शक्श ट्रक लेकर पहुंचा और गरीबों को 1 किलो आटा देने का ऐलान किया।

    कई गरीब वहां जुटे और आटा ले कर चल दिए घर पहुंच कर उन्होंने आटे का पैकेट खोला तो ₹15000 मिले जिसके बाद दानदाता की तारीफ हो रही है।

    दरअसल कई लालची जरूरत नहीं होने पर भी दान ले लेते हैं लिहाजा उसने 1 किलो आटा देने की बात थी जिसके बाद वहां सिर्फ जरूरतमंद लोग जुटे।

  • सीएम भूपेश बघेल ने ट्वीट कर कहा…पिछले 72 घंटों में छत्तीसगढ़ में नहीं मिला एक भी कोरोना पॉजिटिव…पूरा प्रदेश जल्द ही ग्रीन जोन घोषित किया जाएगा…

    सीएम भूपेश बघेल ने ट्वीट कर कहा…पिछले 72 घंटों में छत्तीसगढ़ में नहीं मिला एक भी कोरोना पॉजिटिव…पूरा प्रदेश जल्द ही ग्रीन जोन घोषित किया जाएगा…

    रायपुर। पिछले 72 घंटों में छत्तीसगढ़ में एक भी कोरोना पॉजिटिव मरीज नहीं मिला है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खुशी जताते हुए एक ट्वीट किया है।

    टवीट में श्री बघेल ने लिखा कि ये बताते हुए बहुत खुशी हो रही है की प्रदेश में सिर्फ एक जिला ही है जो रेड जोन है। इसके बावजूद पिछले 72 घंटों में एक भी कोरोना पॉजिटिव मरीज नहीं मिला है। मैं अपेक्षा करता हूं की पूरा प्रदेश जल्द ही ग्रीन जोन घोषित किया जाएगा।

     

    ज्ञात हो कि कोरोना को लेकर प्रदेश में लगातार राहत भरी खबर मिल रही है। पिछले 24 घंटों में हुई जांच में कोरबा जिले के 429 सेम्पलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव मिली है। इसे मिलाकर जिले में अब तक एक हजार 867 लोगों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। वहीं पिछले 72 घंंटों में प्रदेश में कोई भी कोरोना पॉजिटिव मरीज नहीं मिले हैं।

    ज्ञात हो कि कोरोना संक्रमण की जांच के लिए जिले से भेजे गए एक हजार 953 सेम्पलों में से अब तक एक हजार 895 सेम्पलों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हो गई है। केवल 28 लोग ही अब तक इस जांच में संक्रमित पाये गये हैं। अभी भी जिले से भेजे गये 58 नमूनों की कोरोना जांच रिपोर्ट आना बाकी है। अब तक कोरबा जिले के 17 मरीज कोरोना मुक्त होकर वापस लौट आए हैं। जिनमें से एक कोरबा शहर और बाकी 16 कटघोरा के हैं। रायपुर एम्स में वर्तमान में कटघोरा के 11 कोरोना संक्रमितों का ईलाज चल रहा है।

  • रायपुर नगर निगम के कर्मचारी चौक-चौराहों पर तैनात… मास्क नहीं पहनने वालों का काटा गया चालान…

    रायपुर नगर निगम के कर्मचारी चौक-चौराहों पर तैनात… मास्क नहीं पहनने वालों का काटा गया चालान…

    रायपुर। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए पुलिस के साथ प्रशासन मस्तैदी से जुटा हुआ है। प्रदेश में लॉकडाउन के बीच तीन दिनों के लिए लॉकडाउन को और सख्त किया गया था।

    तीन दिनों की इस अवधि के समाप्त होने के बाद भी राजधानी में लोगों की कार्रवाई पर कड़ी नजर रखी जा रही है। सोमवार को राजधानी में मास्क नहीं पहनने वालों का चालान काटा गया।

    नगर निगम द्वारा चौक-चौराहों पर पाइंट बनाकर जांच की जा रही है। इस बीच घर से बगैर मास्त के निकलने वाले लोगों का चालान काटा गया।

    बगैर मास्क पहने या मुंह ढके निकलने वालों से 100 रुपये जुर्माना के रूप में वसूला जा रहा है। साथ ही मौके पर नया मास्क भी दिया जा रहा है।