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  • अधिकारी ने कहा पत्रकार लोग गुमराह करने वाला काम करते हैं….

    अधिकारी ने कहा पत्रकार लोग गुमराह करने वाला काम करते हैं….

    रायगढ़। इस लॉक डाउन ने कईओं के चेहरों से नकाब हटा दिया है। संकट के समय में जब लोगों को पुकारा जाता है तो कई लोग सहर्ष अपनी सुख-सुविधाओं को भूल कर खुद को तपाते हुए भी दूसरों का ख्याल रखते हैं लेकिन, कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हें अपनी सुख-सुविधाओं के अलावा दूसरों की कोई नहीं दिखाई देती है। जिम्मेदार प्रशासनिक अफसर भी यदि सहायता पहुंचाने में दिन और रात का भेद करने लग जाए तो इस संकट के समय में आप का सहारा कौन बनेगा आप किस से उम्मीद करेंगे।

    सारंगढ़ में एक प्रशासनिक अधिकारी हैं जिन्होंने बताया कि एक जवान इंसान के दो हाथ पैर होते हैं …। वह इतनी जल्दी नहीं तड़प सकता । लगभग 100 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करते हुए वह इतना असहाय नहीं हो सकता…आखिर वह जवान है…।   ऐसे व्यक्ति के लिए जिसके दो हाथ पैर हैं रात 10 बजे सहायता मांगने का क्या औचित्य है…।
    इस प्रशासनिक अधिकारी ने यह भी ज्ञान दिया कि पत्रकार लोग केवल गुमराह करने का काम करते हैं उनके कहने पर हम गुमराह होते रहें और पत्रकार मजा लेते रहें।

    इस अधिकारी की ओर से एक ज्ञान और दे दिया गया कि वह 17 साल केंद्र सरकार के अधीन काम किए उन्हें पता है कि रायगढ़ जिले में लोगों की क्या मानसिकता है…। इतना ही नहीं बल्कि पत्रकारों को इस अधिकारी की ओर से एक ज्ञान की बात और बताइ गई।  यह कहा गया कि यदि इतना ही सौख है तो खुद मदद करना चाहिए जाइए चाय पानी पिलाइये…। इतनी सब ज्ञान की बातें एक प्रशासनिक अधिकारी की ओर से पत्रकार को महज इसलिए दी गई क्योंकि उसने रात 10:00 बजे 100 किलोमीटर की पदयात्रा कर आए एक युवक के लिए गलती से मदद पहुंचाने की बात उस प्रशासनिक अधिकारी  सिर्फ फोन पर कह दी। यह बात इस प्रशासनिक अधिकारी को इतनी नागवार गुजरी कि उसने अपने केंद्र सरकार के अधीन काम करने का पिछले 17 साल के अनुभव का ज्ञान फोन पर पत्रकार को दे डाला।

    क्या है पूरा मामला

    यह पूरा मामला सारंगढ़ क्षेत्र का है जहां 2 दिन पूर्व एक युवक सरायपाली से शक्ति याने जांजगीर चांपा जाने के लिए पैदल ही निकल पड़ा लेकिन,  सारंगढ़ आकर उसकी हिम्मत ने जवाब दे दिया… शाम को 5:00 बजे से वह युवक 10:00 बजे तक मदद की आस में ग्राम हरदी के समीप भेड़वन मोड़ पर बैठा था। लेकिन शायद उसकी व्यथा किसी ने नहीं सुनी… रात लगभग 10:00 बजे जब इस बात की जानकारी डमरूआ डॉट कॉम के सारंगढ़ प्रतिनिधि संजय चौहान को हुई तो उन्होंने न केवल पत्रकारिता बल्कि मानवता के नाते सारंगढ़ के एक प्रशासनिक अधिकारी को फोन पर इस बात की सूचना देते हुए पस्त हो चुके उस युवक के लिए मदद मांगी। लेकिन यह जनाब न केवल उस दिन आपे से बाहर हुए बल्कि दूसरे दिन भी पत्रकार को फोन कर अपनी विद्वता और प्रशासनिक अधिकारी के रुतबे के साथ रात और दिन का फर्क बताने लगे। रात में उस प्रशासनिक अधिकारी ने कहा कि अभी आप मदद कीजिए हम सुबह मदद करेंगे। और दिन में फोन करके यह कहा कि पत्रकार गुमराह करते हैं। हम गुमराह होते रहे और पत्रकार मजा लेते रहे। वह युवक जवान था और उसके दो हाथ पैर थे वह जब 5:00 बजे से 10:00 बजे तक बैठा हुआ था तो उसके लिए क्या इमरजेंसी हो सकती है।

    प्रशासनिक अधिकारी शायद भूल गए अपनी ड्यूटी और संक्रमण के दौरान कर्तव्य

    देश का बच्चा-बच्चा यह समझ चुका है कि यदि कोई व्यक्ति कहीं बाहर से आता है तो बेहद एहतियात बरतने की जरूरत है। एक तो वह ना आने पाए इसके लिए उपाय करना है और यदि किसी प्रकार से आ जाए तो उसके लिए सबसे पहले मेडिकल टीम की ओर से उसका परीक्षण भी किया जाना है आप किसी को सीधे मदद कैसे पहुंचा सकते हैं। यह काम कौन करेगा पुलिस अथवा प्रशासन। क्योंकि समाजसेवियों के सीधे सहायता करने पर भी पाबंदी लगी हुई है। यदि किसी व्यक्ति को सहायता पहुंचाना है तो आपके पास क्या विकल्प बचता है… पुलिस अथवा प्रशासन…। लेकिन जब जिम्मेदार अधिकारी ही इस प्रकार का गैर जिम्मेदाराना बात करने लगे तो फिर इस सिस्टम का क्या होगा इसे बेहतर समझा जा सकता है।

    जब डायल 112 ने भी दिखाया अपना ऐसा रूप

    यदि आप किसी के लिए सहायता करना चाहते हैं तो यह आपके लिए खतरे की घंटी भी साबित हो सकती है …यह बात हम नहीं कह रहे हैं बल्कि सारंगढ़ में मौजूद डायल 112 की टीम कह रही है। इस मसले पर जब रात में डायल 112 को कांटेक्ट किया गया तो उनका पहला वाक्य ही था कि आप जिस लड़के की बात कर रहे हैं यदि वह हमारे जाते तक वहां से चला गया या नहीं मिल पाया तो आप पर कार्रवाई हो जाएगी। आप किसी व्यक्ति या संस्था को देवदूत समझकर उससे मदद मांगते हैं और उसकी ओर से यदि इस प्रकार का जवाब मिलता है तो आप अपना संयम किस हद तक कायम रख सकते हैं। यद्यपि डायल 112 की टीम पत्रकार की ओर से गारंटी लेते हुए यह कहने पर कि वह मुझ पर कार्रवाई कर दें लेकिन उस युवक की सहायता करें तब 112 की टीम ने पहले पत्रकार को उठा कर अपनी गाड़ी में बैठाया फिर उसके साथ मौके पर गए। यह तो गनीमत थी कि मदद के लिए गुहार लगा रहा युवक अपना सब्र ना खोते हुए उसी स्थल पर बैठा रहा । यदि वह वहां से जरा सा भी इधर-उधर होता और वहां दिखाई नहीं देता तो डायल 112 की टीम पत्रकार पर मामला दर्ज कराने और उसके साथ कुछ भी कर सकने में शायद कोई कोर कसर नहीं छोड़ती। कुछ ऐसे ही कारण है कि कुछ लोगों की वजह से और उल्टी सीधी कार्रवाई होने और कार्रवाई की धमकी देने जैसी बातों से लोग मदद के लिए आगे नहीं आ पाते हैं या यूं कहें कि मदद करने पर भी डरते हैं। जिन लोगों का ऐसा एटीट्यूड रहता है वही लोग जब भाषण के लिए मंच पर रहते हैं तो उनकी बोली से फूल झड़ते हैं लेकिन जब वास्तविकता सामने आती है तो चेहरे से नकाब हट जाते है।

    देवदूत जब पत्रकारों से ऐसा व्यवहार करते हैं तो एक आम इंसान इनसे कैसे मदद ले सकता होगा

    इस संकट की घड़ी में हम आप जिन्हें देवदूत समझते हैं यदि उनका व्यवहार इस प्रकार का एक पत्रकार के साथ हो सकता है तो आम इंसान के लिए क्या हो सकता होगा इस बात की परिकल्पना शायद आप ने कर ली होगी। ऐसे देव दूतों की ओर से वास्तविक देवदूतों की छवि भी धूमिल हो जाती है । बहरहाल पुलिस और प्रशासन के जो लोग वास्तविक तौर पर देवदूत बनकर काम करने हैं उन्हें हमारा सलाम है।

    एसडीएम ने दिखाई संवेदनशीलता, तहसीलदार शतरंज ने दिलाई राहत

    उक्त प्रशासनिक अधिकारी की ओर से निराश होकर जब एसडीएम चंद्रकांत वर्मा को उसी दौरान कॉल किया गया तो उन्होंने अपनी नींद और अपने आराम की प्रवाह  न करते हुए काफी संजीदगी से इस मसले को समझा और तहसीलदार शतरंज को निर्देशित किया। तहसीलदार शतरंज ने उस युवक की मदद कराते हुए उसे जांजगीर चांपा भेजने की व्यवस्था कराई।

  • विवाह आयोजन के लिए लेनी होगी अनुमति, 20 सदस्य ही सम्मिलित हो सकेंगे, ध्वनि विस्तारक यंत्र की अनुमति नहीं होगी….

    विवाह आयोजन के लिए लेनी होगी अनुमति, 20 सदस्य ही सम्मिलित हो सकेंगे, ध्वनि विस्तारक यंत्र की अनुमति नहीं होगी….

    कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट जनक प्रसाद पाठक ने दंड प्रक्रिया संहिता 1973 के अंतर्गत धारा 144 के तहत जिले में प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किया गया है। आदेश के तहत सार्वजनिक स्थानों में वैवाहिक तथा अन्य सामूहिक आयोजन को प्रतिबंधित किया गया है। वर्तमान में वैवाहिक मुहूर्त को दृष्टिगत रखते हुए विवाह आयोजन की अनुमति देने के लिए कलेक्टर ने संबंधित क्षेत्र के तहसीलदारों को अधिकृत किया है। जिला मजिस्ट्रेट के जारी आदेश के अनुसार तहसीलदार अपने क्षेत्र में विवाह आयोजन की अनुमति सशर्त दे सकेंगे।
    कलेक्टर एवं जिला मजिस्टेट के जारी आदेश के अनुसार वर-वधु एवं पंडित को मिलाकर कुल 20 सदस्य ही सम्मिलित होने की अनुमति होगी। फिजिकल डिस्टेंसिंग एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य होगा। सार्वजनिक आयोजन, बारात निकालने एवं सार्वजनिक भवनों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। विवाह अपने निवास के प्रांगण में ही करना होगा। एक चार पहिया वाहन में ड्राइवर सहित कुल चार लोगों को आवागमन की अनुमति होगी। ध्वनि विस्तारक यंत्र के उपयोग की अनुमति नहीं होगी। यह अनुमति जिले के भीतर के लिए ही प्रवृत्त होगी। जिले से बाहर जाने की अनुमति का अधिकार जिला स्तर पर सुरक्षित रखा गया है। सामूहिक भोज पर प्रतिबंध रहेगा। कार्यक्रम स्थल पर मास्क एवं हाथ धोने की व्यवस्था करना अनिवार्य होगा। समय-समय पर केंद्र राज्य एवं जिला प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन करना होगा।

  • कोरोना संक्रमण को रोकने जारी नियमों का पालन नहीं करने पर होगा जुर्माना…रायगढ़ कलेक्टर ने जारी किया आदेश

    कोरोना संक्रमण को रोकने जारी नियमों का पालन नहीं करने पर होगा जुर्माना…रायगढ़ कलेक्टर ने जारी किया आदेश

    रायगढ़। कोरोना वायरस संक्रमण रोकने लॉक डाउन जारी है।लेकिन जरूरी सामानों के संस्थानों को एवँ आमजनता को सशर्त अनुमति दी गई है।वहीं आज रायगढ़ कलेक्टर यशवंत कुमार ने कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम हेतु सोशल व फिजिकल डिस्टेंसिंग के नियमों तथा अन्य निर्देशों के पालन नही करने वालों पर अर्थदण्ड अधिरोपित किये जाने के संबंध में आदेश जारी किया है।जारी आदेश अनुसार सार्वजनिक स्थानों पर मास्क या अन्य तरीकों से चेहरा नहीं ढंका पाए जाने पर 100 रुपये, सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर 100 रुपये, सार्वजनिक स्थानों पर अनावश्यक घूमने अथवा सोशल व फिजिकल डिस्टेंसिंग के सिद्धांत का उल्लंघन करते पाए जाने पर प्रति व्यक्ति 200 रुपये अर्थदण्ड एवँ दुपहिया वाहनों पर एक से ज्यादा सवारी पाए जाने पर 200 रुपये, चार पहिया वाहन में ड्राइवर की पिछली सीट पर एक सवारी हो सकती है, इसके अतिरिक्त पिछली सीट पर अथवा सामने की सीट पर अतिरिक्त सवारी होने पर 200 रुपये का जुर्माना लगाया जायेगा…शासन द्वारा छूट प्राप्त दुकानों और संस्थानों के द्वारा मास्क का उपयोग नहीं करने पर या शर्तों का उल्लंघन करने पर प्रथम बार अर्थदण्ड 500 रुपये, द्वितीय बार 1000 रुपये व इसके बाद भी पुनरावृत्ति होने पर दुकान संचालन की छूट समाप्त कर दी जाएगी।उपरोक्त अर्थदण्ड के अतिरिक्त विभिन्न प्रभावी अधिनियम एवं नियमों के अंतर्गत अन्य वैधानिक कार्यवाही भी की जा सकेगी।
  • राज्य सरकार जल्द लेगी निर्णय, कलेक्टर ने कहा- अभी जारी रहेगा प्रतिबंध

    राज्य सरकार जल्द लेगी निर्णय, कलेक्टर ने कहा- अभी जारी रहेगा प्रतिबंध

    रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी नई गाइडलाइन के बाद राज्यों में सभी दुकानों के खुलने पर अभी सस्पेंस बरकरार है. केंद्रीय कैबिनेट सचिव की राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ बैठक हुई. जिसके बाद कलेक्टर ने कहा कि राज्य सरकार जल्द निर्णय लेगी, लेकिन अभी पहले की तरह प्रतिबंध जारी रहेगा।

    • रायपुर कलेक्टर एस भारती दासन ने कहा कि राज्य शासन के अधिकारियों से चर्चा के बाद गाइड लाइन जारी की जाएगी. अभी पूर्व के प्रतिबंध लागू रहेंगे. जरूरत की चीजें जैसे दूध, किराना और अन्य सामान की दुकानों को निर्धारित समय तक ही संचालन की अनुमति है. इसके अलावा दवा की दुकानों पर छूट बरकरार है।

    कलेक्टर ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नया आदेश जारी किया है. राज्य सरकार इसे एडाप्ट करने के बाद ही स्टेट में लागू करेगी. इसके संबंध में एक बैठक होगी, बैठक के बाद क्लियर हो जाएगा. पेट्रोल पंप, मेडिकल शॉप, मिल्क पार्लर और गैस एजेंसी समेत जिन दुकानों को पहले खोलने की अनुमति दी गई है वह पूर्व निर्धारित समय के अनुसार ही खुलेंगे।

    उन्होंने कहा कि नगर निगम और पुलिस प्रशासन फील्ड में तैनात है उन्हें सख्त हिदायत दी है कि गैर जरूरी सामानों की दुकान अगर खुले मिले, तो सख्त कार्रवाई करें. अभी नया आदेश राज्य सरकार ने लागू नहीं किया है, बैठक के बाद इस पर फैसला किया जाएगा. उन्होंने कहा कि कोई कन्फ्यूजन नहीं है, जो लिस्ट पूर्व में निकाला गया है वही फाइनल है. इसके अलावा यदि कोई भी दुकानें खोलने की अनुमति नहीं दी गई है।

    एसएसपी आरिफ शेख ने कहा कि आम जनता शासन के निर्देशों का पालन करें. अब तक जनता ने व्यवस्था बनाने में सहयोग किया है, आगे भी यही अपेक्षा है. इसके अलावा दो पहिया में 2 सवारी और कार में 3 सवारी घूमते पाए जाएंगे, उन गाड़ियों को जब्त किया जाएगा।

  • क्या  आपको  एक्सेप्टेड है, #quarantinepillowchallenge…

    क्या आपको एक्सेप्टेड है, #quarantinepillowchallenge…

    रायपुर। लॉकडाउन के बोरियत से लोगों को दूर करने रोजाना नए-नए चैलेंज ट्रेंड हो रहे है. इसी बीच सोशल मीडिया पर अब #quarantinepillowchallenge छाया हुआ है।

     

     

    इस चैलेंज में लड़कियां कपड़ों की जगह सिर्फ तकिये को शरीर पर बेल्ट के जरिए बांधती और फिर अपनी तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर कर रही हैं. इस चैलेंज को एक्सैप्ट करने में पुरूष भी पीछे नहीं हट रहे है।

    इस चैलेंज के खातिर लड़कियों ने शरीर से तकिए तो बांधे लेकिन उन्होंने इसे भी स्टाइलिश लुक भी दें रहे है. इस चैलेंज को एक्सैप्ट करने के बाद लड़कियां तो बिल्कुल ऐसे तैयार हुईं जैसे वे किसी पार्टी में जा रही हैं, उन्होंने तो पिलो के साथ हाई हील्स भी पहनीं हुई है।

    इस चैलेंज के तहत सितारों के साथ ही साथ आम सोशल मीडिया यूजर्स पिलो (तकिया) को पहनकर इसके साथ अलग अलग पोज दे रहे हैं. इस चैलेंज की लिस्ट में अब हॉलीवुड एक्ट्रेस ऐनी हैथवे का भी नाम शामिल हो गया है. इसके अलावा नेहा कक्कड़ ने भी इस चैलेंज को एक्सैप्ट किया है।

  • अब म्यूचुअल फंड में भी पैसा खतरे मेंः इंवेस्टमेंट कंपनी फ्रैंकलिन टेम्पलटन म्यूचुअल फंड कंपनी ने अचानक एकसाथ 6 स्कीमें बंद की, निवेशकों के करोड़ों रुपये फंसे

    अब म्यूचुअल फंड में भी पैसा खतरे मेंः इंवेस्टमेंट कंपनी फ्रैंकलिन टेम्पलटन म्यूचुअल फंड कंपनी ने अचानक एकसाथ 6 स्कीमें बंद की, निवेशकों के करोड़ों रुपये फंसे

    कंपनी ने अचानक से अपनी छह डेब्ट म्यूचुअल फंड स्कीम बंद करने का फैसला किया। कंपनी ने कहाकि उसने ऐसा कोरोना वायरस महामारी के चलते यूनिट वापस लेने के दबाव और बांड बाजार में लिक्विडिटी की कमी के चलते ऐसा किया है। इसका सीधा सा मतलब है कि कोरोना वायरस की मार से म्यूचुअल फंड मार्केट भी अछूता नहीं रहा। कंपनी के इस ऐलान से निवेशकों में अफरातफरी मच गई।
    कंपनी के फैसले का सीधा मतलब है कि अब ग्राहक इन फंडों में कोई लेन-देन नहीं कर सकेंगे। फ्रैंकलिन टेम्पलटन इंडिया द्वारा छह डेब्ट फंडों को बंद करने से निवेशकों के लगभग 30,800 करोड़ रुपये कंपनी के पास अटक गए हैं। कारोबार जगत में ये पहला मौका है जब कोई निवेश संस्था कोरोना वायरस से संबंधित हालात के कारण अपनी योजनाओं को बंद कर रही है। कंपनी के बंद होने वाले फंड के नाम हैं।  फ्रैंकलिन इंडिया लो ड्यूरेशन फंड, फ्रैंकलिन इंडिया डायनेमिक एक्यूरल फंड, फ्रैंकलिन इंडिया क्रेडिट रिस्क फंड, फ्रैंकलिन इंडिया शॉर्ट टर्म इनकम प्लान, फ्रैंकलिन इंडिया अल्ट्रा शॉर्ट बॉन्ड फंड, फ्रैंकलिन इंडिया इनकम अपॉर्चुनिटीज फंड।
  • छत्तीसगढ़ में सीमेंट के दाम पर लूट,थोड़ी सी छूट का नतीजा….

    छत्तीसगढ़ में सीमेंट के दाम पर लूट,थोड़ी सी छूट का नतीजा….

    इस छूट में सिविल वर्क भी शामिल है. यही कारण है कि अब छत्तीसगढ़ में सीमेंट के दाम पर लूट शुरू हो गई है. सीमेंट अब करीब 30 रुपए बढ़कर 280 रुपए तक पहुंच गया है।

    वहीं अगले एक हफ्ते में यदि दाम पर नियंत्रण नहीं रहा तो सीमेंट करीब 300 रुपए तक पहुंचने की संभावतना जताई जा रही है. वहीं सीमेंट के व्यापारियों के मुताबिक लॉक डाउन के 34 दिन पहले सीमेंट 250 रुपए प्रति बोरी के हिसाब से बिक रहा था, लेकिन तब कुछ खास डिमांड सीमेंट की नहीं थी।

    लेकिन अब जब कुछ क्षेत्रों में लॉक डाउन खुला है तो सीमेंट की डिमांडा काफी बढ़ गई है, यही कारण है कि सीमेंट एक साथ 30 रुपए प्रति बोरी के हिसाब से महंगा हो गया।

    सीमेंट की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को लेकर राज्य की सियासत भी गरमा सकती है. रियल इस्टेट कारोबारी भी जब यह मान रहें कि लॉक डाउन के पहले तक सीमेंट उद्योग कतई घाटे में नहीं थे. हालांकि सीमेंट के दाम बढ़ने के बाद अब तक किसी भी राजनीतिक पार्टी की ओर से इसकी प्रतिक्रिया नहीं आई है।v

    लेकिन उम्मीद है कि सीमेंट के दाम बढ़ने का पूरा मामला जल्द गरमा सकता है और इस मामले में सिसायत भी तेज हो सकती है।

  • एम्स में मिला कोरोना पॉजिटिव, छत्तीसगढ़ में अब सात एक्टिव केस..

    एम्स में मिला कोरोना पॉजिटिव, छत्तीसगढ़ में अब सात एक्टिव केस..

    रायपुर। अखिल भारतीय आयुविर्ज्ञान संस्थान रायपुर (एम्स) जहाँ कई कोरोना पॉजिटिव रिकवर हुए है वहीँ का एक नर्सिंग ऑफिसर कोरोना पॉजिटिव पाया गया । नर्सिंग ऑफिसर पॉजिटिव मरीजों की देखभाल करता था, अब छत्तीसगढ़ में एक्टिव पॉजिटिव मरीजों की संख्या 6 से बढ़कर 7 हो गयी है। इसी के साथ छत्तीसगढ़ में कोरोना पॉजिटिव की संख्या 37 हो गयी है जिसमे से 30 ठीक होकर घर जा चुके हैं, छत्तीसगढ़ में अब 7 कोरोना पॉजिटिव है वहीं राहत की बात यह है कि अभी तक छत्तीसगढ़ में कोरोना से एक भी मृत्यु नही हुई है।

  • पुलिस विभाग में 57 ASI प्रमोट होकर बने SI

    पुलिस विभाग में 57 ASI प्रमोट होकर बने SI

    रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में 57 ASI के प्रमोशन जानकारी सामने आ रही है,छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में आज 57 ASI का प्रमोशन कर उन्हें SI बनाया गया हैं, राज्य के डीजीपी डीएम अवस्थी ने ये आदेश जारी किया हैं।

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  • एम्स में भर्ती दो और मरीज हुए स्वस्थ,प्रदेश के लिए राहत की खबर…

    एम्स में भर्ती दो और मरीज हुए स्वस्थ,प्रदेश के लिए राहत की खबर…

    रायपुर। देश में जहां कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है वहीं प्रदेश में उसी तेजी से मरीजों की संख्या लगातार कम हो रही है. प्रदेश से एक बार फिर राहत की खबर आ रही है. एम्स में भर्ती दो और कोरोना पॉजीटिव मरीज की रिपोर्ट निगेटिव आई है. दोनों मरीजों की लगातार दो बार रिपोर्ट निगेटिव आई है.दोनों मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद एम्स प्रबंधन दोनों मरीजों को डिस्चार्ज करने जा रहा है. दोनों मरीजों को शुक्रवार सुबह अस्पताल से डिस्चार्ज किया जाएगा. इस तरह अब प्रदेश में मात्र 6 कोरोना पॉजीटिव मरीज ही बचे हैं जिनका एम्स में इलाज जारी है।


    आपको बता दें प्रदेश में कुल 36 कोरोना पॉजीटिव पाए गए थे. जिसमें 28 मरीज ठीक होकर अपने घर वापस लौट गए हैं. प्रदेश में सर्वाधिक 28 मरीज कोरबा जिले से हैं, जिसमें कि 27 मरीज कटघोरा इलाके के हैं. ये सभी मरकज से लौटे एक तबलीगी युवक के संपर्क में आने से संक्रमित हुए हैं. सरकार ने कटघोरा को हॉट स्पॉट एरिया घोषित कर पूरे इलाके को सील कर दिया है।