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  • स्वास्थ्य विभाग के कार्य में बाधा डालने वालों पर होगी कानूनी कार्यवाही-कलेक्टर भीम सिंह

    स्वास्थ्य विभाग के कार्य में बाधा डालने वालों पर होगी कानूनी कार्यवाही-कलेक्टर भीम सिंह

    रायगढ़। कलेक्टर भीम सिंह ने कहा है कि कोरोना संक्रमण के रोकथाम के लिये किये जा रहे तमाम उपायों जैसे सर्वे, जांच, टे्रसिंग इत्यादि के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम के कार्य में बाधा पहुंचाने तथा उन्हें डराने-धमकाने वालों के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने हाल ही में कोरोना सघन सर्वे अभियान के दौरान जिले के कुछ जगहों पर घटित ऐसी घटनाओं का संदर्भ लेते हुये कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी लगातार अपनी सेहत की परवाह किये बिना लोगों के स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में कार्यरत है। कोरोना संक्रमण का आंकड़ा भी बढ़ रहा है और पिछले कुछ दिनों में लोगों के निधन भी हुये है। इन सबको रोकने के उद्देश्य से ही सर्वे तथा जांच अभियान चलाया जा रहा है जिसमें जिलेवासियों का सहयोग अपेक्षित है। उन्होंने लोगों से आग्रह करते हुये कहा किसी भी तरह की अफवाह या फेक न्यूज पर भरोसा ना करें। स्वास्थ्य अमले को आपके तथा आपके अपनों के स्वास्थ्य सुरक्षा के कार्य में पूरा सहयोग दें।

  • आखिर किसके लिए कहा देश के मशहूर उद्योगपति ने…आगे कभी शिकायत करने से पहले मैं ऊंचे तारों पर जोखिम से जूझने वाले ऐसे बहादुरों के बारे में सोचूंगा और उनकी सुरक्षा के लिए प्रार्थना करूंगा…

    आखिर किसके लिए कहा देश के मशहूर उद्योगपति ने…आगे कभी शिकायत करने से पहले मैं ऊंचे तारों पर जोखिम से जूझने वाले ऐसे बहादुरों के बारे में सोचूंगा और उनकी सुरक्षा के लिए प्रार्थना करूंगा…

    17 अक्टूबर महाराष्ट्र राज्य विद्युत पारेष कंपनी लि (एमएसईटीसीएल) के एक कर्मचारी का वीडियो को देख कर मुंबई में रहने वाले देश के प्रमुख उद्यमी आनंद महिंद्रा ने कहा कि अब वह विद्युत सेवाओं को लेकर शिकायत करने से पहले कई बार सोचेंगे।
    इस वीडियो में खंडाला इलाके में एक ऊंची पारेषण लइन ठीक करने में लगे एक कर्मचारी के साहसिक काम को दिखाया गया है। महाराष्ट्र सूचना केंद्र-नयी दिल्ली के उप निदेशक दयानंद कांबले द्वारा साझा किए गए इस वीडियो पर महिंद्रा एंड महिंद्रा उद्योग समूह के प्रमुख ने ट्वीट किया,

    ‘‘आगे कभी शिकायत करने से पहले मैं ऊंचे तारों पर जोखिम से जूझने वाले ऐसे बहादुरों के बारे में सोचूंगा और उनकी सुरक्षा के लिए प्रार्थना करूंगा।’’

    गौरतलब है कि मुंबई और आस पास के इलाकों में ग्रिड में खराबी से बिजली का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया था। इससे लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी थी। बताया गया है कि यह 55 सेकेंड का वीडियो तटीय कांकड़ और पश्चिमी घाट के बीच में पड़ने वाले खंडाला इलाके का है। इसे खींचते समय दिन का मौसम साफ था।
    वह कर्मचारी जिस ट्रांसमिशन लाइन पर काम करते हुए दिख रहा है, वह जमीन से काफी ऊंचाई पर है। वह वहां अकेले यह जोखिम भरे काम को पूरा करने में लगा है।
    काम्बले ने कहा कि एमएसईटीसीएल के कर्मचारी ग्रिड की समस्या दूर करने में चार दिन से लगे हुए थे। मुख्यत: उसी लाइन में खराबी के कारण गत सोमवार को देश की वित्तीय राजधानी में बिजली गुल हुई थी।

  • अब अमित जोगी की आगे की रणनीति पर टिकी निगाहें

    अब अमित जोगी की आगे की रणनीति पर टिकी निगाहें

    बिलासपुर।उच्च स्तरीय छानबीन समिति में जनता कांग्रेस पार्टी जे के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी के जाति प्रमाण पत्र निरस्त किए जाने के बाद वह मरवाही उपचुनाव के मैदान से बाहर हो गए हैं। अब बीजेपी और कांग्रेस के बीच यहां मुकाबला होगा। राज्य निर्माण के बाद से ही मरवाही विधानसभा को कांग्रेस का गढ़ माना जाता रहा है।यहां भाजपा में दूसरे नंबर की पार्टी रही है।पिछले चुनाव के आंकड़ों पर नजर डालें तो कांग्रेस में भाजपा के बीच हार और जीत का अंतर हमेशा दुगुना रहा है। यहां से स्वर्गीय अजीत प्रमोद कुमार जोगी और उनके पुत्र अमित जोगी चुनाव जीत कर आए थे।सर्वाधिक 46 हजार 650 वोटों से अमित जोगी ने साल 2013 के चुनाव में जीत हासिल की थी।

    चुनाव से बाहर होने के बाद अमित जोगी की आगे की रणनीति पर सबकी निगाहें टिकी हैं। लेकिन अमित जोगी को केवल हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आर्डर का इंतजार है। नामांकन कैंसिल होने के बाद बताया जा रहा है कि वह सोमवार को हाई कोर्ट बिलासपुर में पूरे चुनाव प्रक्रिया निरस्त करने की मांग को लेकर पुनः याचिका दायर करेंगे।एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में भी पहले से चल रही है।कास्ट सर्टिफिकेट को लेकर हाई पावर कमेटी ने जिस तरह एक रात में पूरा फैसला सुनाया है, वह सभी के लिए चौंकाने वाला है। इस स्थिति में जिला निर्वाचन अधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

  • बंद होगी चीन की फेक न्यूज फैक्ट्री, भारत की एक और ‘डिजिटल’ स्ट्राइक….

    बंद होगी चीन की फेक न्यूज फैक्ट्री, भारत की एक और ‘डिजिटल’ स्ट्राइक….

    दिल्ली। सरकार ने न्यूज एग्रीगेटर्स (news aggregators) और न्यूज एजेंसीज (news agencies) को डिजिटल मीडिया में 26 परसेंट विदेशी निवेश (FDI) के नियमों का पालन करने का आदेश दिया है. जारी किए गए नियमों के मुताबिक कंपनी का CEO एक भारतीय होना चाहिए, और सभी विदेशी कर्मचारी जो 60 दिन से ज्यादा से काम कर रहे हैं, उन्हें सिक्योरिटी क्लीयरेंस लेना होगा।
    26 परसेंट FDI के नियम से चीन और दूसरी विदेशी कंपनियों पर नकेल कसी जाएगी जो भारत के डिजिटल मीडिया में निवेश कर रहे हैं. Daily Hunt, Hello, US News, Opera News, Newsdog जैसी कई चीनी और विदेशी कंपनियां इस वक्त देश में काम कर रही हैं. वो भारत के हितों को चोट पहुंचा सकते हैं और 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों की तरह भारत में भी असर डाल सकते हैं।
    अगस्त 2019 में कैबिनेट ने डिजिटल मीडिया में 26 परसेंट FDI को मंजूरी दी थी.  Department for Promotion of Industry and Internal Trade (DPIIT) के नए आदेश के मुताबिक अब इन सभी कंपनियों को एक साल के भीतर केंद्र सरकार की मंजूरी लेकर 26 परसेंट विदेशी निवेश के कैप का पालन करना होगा।


    सभी डिजिटल मीडिया न्यूज संस्थानों को शेयरहोल्डिंग जरूरतों को पूरा करने के लिए एक साल का वक्त दिया गया है।

  • कोरोना संक्रमण के लक्षण की पहचान करने घर – घर सर्वे कर रही मितानिन MTBC SPS

    कोरोना संक्रमण के लक्षण की पहचान करने घर – घर सर्वे कर रही मितानिन MTBC SPS

    खरसिया। ब्लॉक खरसिया में 5 अक्टूबर से विकासखंड खरसिया की सभी ग्रामों में सघन सामुदायिक सर्वे अभियान चलाया जा रहा है। जिसमे प्रत्येक घरों में जाकर मितानिनों द्वारा घर के सभी सदस्यों का कोरोना के लक्षणों का पता लगाया जा रहा है। लक्षणों के आधार पर मरीजों को चिन्हांकित कर अपने क्षेत्र के मितानिन प्रशिक्षक एवं ब्लॉक समन्वयक के संपर्क एवं सहयोग से खरसिया ब्लॉक के 408 मितानिन अपने पारा मोहल्ले में सर्वे कर, सर्दी, खांसी, बुखार, गले मे खरास, मुंह मे खाने का स्वाद न आना व गंध का न आना ऐसे अनेक लक्षणों की जानकारी भी ले रहे हैं। उच्च जोखिम वाले मरीजों जैसे शुगर, बी पी, सिकलीन, लकवा, टी बी, एचआईवी मरीजों को चिन्हांकित कर जांच के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में उनका कोरोना जांच कराया जा रहा है।

  • डीजीपी ने सभी पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षकों को जारी किये निर्देश…

    डीजीपी ने सभी पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षकों को जारी किये निर्देश…

    रायपुर। पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी ने ऐसे निरीक्षक/उप निरीक्षक जिन पर विभागीय जांच अथवा अपराधिक प्रकरण लंबित हों उन्हें थानों से तत्काल हटाने के निर्देश जारी किये हैं।
    सभी रेंज पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया है कि यदि रेंज/जिले के थाने में पदस्थ किसी निरीक्षक/उप निरीक्षक के विरूद्ध विभागीय जांच अथवा अपराधिक प्रकरण लंबित हों तो उन्हें थाना में पदस्थापना नहीं दी जाये।

    जारी निर्देश में कहा गया है कि पुलिस मुख्यालय छत्तीसगढ़ द्वारा एसओपी क्रमांक – 30/18 दिनांक 28-05-2018 की कंडिका (05) (6) एवं कंडिका (05) (5)में प्रावधानित किया गया है कि जिन उप निरीक्षकों/निरीक्षकों के विरूद्ध विभागीय जांच, अपराधिक प्रकरण लंबित होंगे उन्हें थाने में पदस्थ नहीं किया जायेगा।

  • टिक टॉक के शौकीनों के लिए अच्छी खबर,आ गया प्ले स्टोर पर ये एप्प…

    टिक टॉक के शौकीनों के लिए अच्छी खबर,आ गया प्ले स्टोर पर ये एप्प…

    भारत सरकार की तरफ से चीनी ऐप Tiktok को बैन कर दिया गया है। हालांकि अब Tiktok जैसा एक अन्य शार्ट वीडियो मेकिंग ऐप Changa आ गया है, जिसका इंटरफेस Tiktok की तरह है। Changa ऐप बिल्कुल Tiktok की तरह है। इसका लुक, और फील बिल्कुल Tiktok की याद दिलाता है। Changa ऐप पर वीडियो को अपलोड कर सकते हैं। साथ ही वीडियो को एडिट और शेयर करने का भी ऑप्शन दिया गया है।  
    कैसे कर पाएंगे इस्तेमाल 

    Changa ऐप के इस्तेमाल के लिए सबसे पहले यूजर्स को Google Play Store से Changa ऐप को डाउनलोड करना होगा.

    इसके बाद आपको language चुनने का आप्शन मिलेगा, जहां से हिंदी और अंग्रेजी में चुनाव किया जा सकता है। 

    इसके बाद ऐप आपसे फोटो और वीडियो रिकार्ड करने की परमिशन मांगेगा। 

    Changa ऐप को इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स को अकाउंट वेरिफाई करना होगा। मतलब आपको Changa ऐप को साइन-इन करना होगा। इसके लिए तीन ऑप्शन Sign in with Google, Sign in with Facebook, Sign In with Phone दिए जाएंगे। 

    यूजर्स अपनी सुविधा के मुताबिक तीनों में से किसी मोड से ऐप को Singh In कर सकता है। 

    इसके बाद Changa ऐप पर वीडियो को रिकॉर्ड किया जा सकेगा। 

    क्या है Changa ऐप 

    Changa ऐप बिल्कुल Tiktok की तरह है। इसका लेआउट, इंटरफेस देखकर आपको Tiktok की तरह ही मिलेगा। इस ऐप को 10 लाख से ज्यादा बाद डाउनलोड किया गया है। ऐप में आपको पहले की तरह वीडियो लाइक करने, कमेंट करने और व्हाट्सऐप से वीडियो शेयर करने और वीडियो डाउनलोड करने का ऑप्शन मिलेगा। इसके अलावा वीडियो को एडिट और शूट करने का ऑप्शन मिलेगा। साथ ही दूसरे यूजर्स को फॉलो भी कर पाएंगे। 

  • सात दशक में पहली बार किसी महिला को सजा-ए-मौत, लगाया जाएगा जानलेवा इंजेक्शन….

    सात दशक में पहली बार किसी महिला को सजा-ए-मौत, लगाया जाएगा जानलेवा इंजेक्शन….

    अमेरिका में करीब सात दशक बाद पहली दफा किसी महिला को मौत की सजा दी जा रही है। इस महिला को एक गर्भवती की हत्या करने और उसका पेट काटकर बच्चे के अपहरण का दोषी पाया गया था। कोर्ट के आदेश पर अब उसे आगामी 8 दिसंबर को जानलेवा इंजेक्शन लगाकर मृत्युदंड दिया जाएगा।

    गर्भवती की हत्या करने और उसका पेट काटकर बच्चे के अपहरण का दोषी पाया गया
    अधिकारियों के मुताबिक वर्ष 2004 में पालतू कुत्ता खरीदने के बहाने 23 वर्षीय बॉबी स्टीनेट के मिसौरी स्थित घर पहुंची दोषी लिसा मांटगोमेरी ने इस दर्दनाक हत्याकांड को अंजाम दिया था। तब 36 साल की मांटोगोमैरी ने सबसे पहले 8 महीने की गर्भवती स्टीनेट का रस्सी से गला घोंटकर दम निकाला। फिर उसका पेट फाड़कर बच्चे को लेकर फरार हो गई।पकड़े जाने पर मोंटगोमरी ने मिसौरी की अदालत में अपराध स्वीकार कर लिया था और फिर 2008 में जज ने उसे अपहरण व हत्या का दोषी ठहराया। हालांकि मामले की सुनवाई के दौरान दोषी के वकीलों ने कोर्ट में उसके बीमार होने का तर्क दिया और लेकिन जज ने इसे खारिज कर दिया।
    20 वर्ष की रोक के बाद 3 माह पहले ही अमेरिका में मृत्युदंड की सजा हुई है बहाल
    अमेरिका में करीब 20 साल की रोक के बाद 3 माह पहले ही मृत्युदंड की सजा फिर से बहाल हुई है। इसके बाद भी लिसा मांटगामेरी 9वीं संघीय कैदी है जिसे यह सजा मिलेगी। अमेरिका में 1953 में आखिरी बार किसी महिला को मौत की सजा दी गई थी। डेथ पेनल्टी इनफार्मेशन सेंटर के अनुसार अमेरिका में फांसी का इंतजार कर रहे दोषियों में 2 फ़ीसदी महिलाएं हैं। पुरुषों की तुलना में महिलाओं द्वारा किए जाने वाले हिंसक अपराधों में फांसी की सजा काफी कम होती है।

  • इस जिले में अब बैंड बाजा बारात के साथ निकल सकती है बारात….

    इस जिले में अब बैंड बाजा बारात के साथ निकल सकती है बारात….

    बेमेतरा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी शिव अनंत तायल ने मंगलवार को एक आदेश जारी कर कहा है कि बेमेतरा जिला अंतर्गत सामाजिक कार्यक्रमों के दौरान धुमाल/बैण्ड पार्टी बजाने की अनुमति निम्नलिखित शर्तो के अधीन दी जाती है – धुमाल/बैण्ड पार्टी बजाने वालों की कुल संख्या 10 लोगों से ज्यादा नहीं होगी। धुमाल/बैण्ड पार्टी में केवल बैण्ड के बजाने की अनुमति होगी। साउण्ड बॉक्स बजाने की अनुमति नहीं होगी। धुमाल/बैण्ड किसी भी सार्वजनिक रोड पर नहीं बजाया जावेगा।

    केवल कार्यक्रम के नियत स्थान पर बजाने की अनुमति अधिकतम समय रात्रि 10 : 00 बजे तक के लिए मान्य होगी। जिस क्षेत्र में धुमाल/बैण्ड बजाया जाना है, उसके पूर्व उस क्षेत्र के थाना प्रभारी को पूर्व सूचना देना होगा। धुमाल/बैण्ड बजाते समय उसमे सम्मिलित होने वाले समस्त व्यक्तियों को भारत सरकार/राज्य शासन द्वारा कोरोना वायरस के नियंत्रण एवं रोकथाम हेतु जारी समस्त निर्देशों का पालन किया जाना होगा। धुमाल/बैण्ड के बजाने वालों में सम्मिलित होने वाले समस्त व्यक्तियों को थर्मल स्क्रीनिंग कराया जाना, मास्क पहनना, समय-समय पर हैण्ड सेनेटाईजर का उपयोग करना, फिजिकल डिस्टेंसिंग तथा सोशल डिस्टेंसिंग अर्थात व्यक्तियों के मध्य कम से कम दो मीटर/06 फीट दूरी रखना अनिवार्य होगा। धुमाल/बैण्ड बजाते समय एन.जी.टी. एवं शासन के द्वारा ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के लिए निर्धारित मानको कोलाहाल अधिनियम, भारत सरकार एवं माननीय सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाना होगा।

    यदि उपरोक्त शर्तो का उल्लंघन करना पाया जाता है तो सम्पूर्ण जिम्मेदारी धुमाल/बैण्ड पार्टी के प्रबंधक की होगी तथा भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 188 तथा अन्य सुसंगत विधि अनुसार कड़ी कार्यवाही की जावेगी। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।

  • कलेक्टरों को निर्देश जारी….वन अधिकार पट्टाधारी किसानों से भी होगी समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी…

    कलेक्टरों को निर्देश जारी….वन अधिकार पट्टाधारी किसानों से भी होगी समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी…

    रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के वनाधिकार पट्टाधारी किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में वन अधिकार पट्टाधारी किसानों से भी समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी का निर्णय लिया है।

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर खाद्य विभाग द्वारा वन अधिकार पट्टा वाले किसानों के पंजीयन हेतु साफ्टवेयर में आवश्यक प्रावधान किया जा रहा हैं। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव द्वारा ऐसे वन अधिकार पट्टाधारी किसानों का पंजीयन करने के निर्देश सभी जिला कलेक्टरों को जारी किया गया है जिन्होंने अपने पट्टे की भूमि पर धान की फसल बोई है।https://googleads.g.doubleclick.net/pagead/ads?client=ca-pub-2599739909253663&output=html&h=343&adk=1941931504&adf=3349391759&pi=t.aa~a.2269643242~i.5~rp.4&w=412&lmt=1603253909&num_ads=1&rafmt=1&armr=3&sem=mc&pwprc=5138987475&tp=site_kit&psa=1&guci=2.2.0.0.2.2.0.0&ad_type=text_image&format=412×343&url=https%3A%2F%2Fnayabharat.live%2F%3Fp%3D96465&flash=0&fwr=1&pra=3&rh=306&rw=367&rpe=1&resp_fmts=3&sfro=1&wgl=1&fa=27&adsid=ChEI8JW6_AUQgZGtgbe1mqCNARI5AE7Y-wlDVJ1qLr5-_pVKq-AtMMpIbO2FUOXTnCsJXOdbC3-LgmI_r-OddaOQafrsIffDDh6e6Y3q&tt_state=W3siaXNzdWVyT3JpZ2luIjoiaHR0cHM6Ly9hZHNlcnZpY2UuZ29vZ2xlLmNvbSIsInN0YXRlIjowfV0.&dt=1603253909748&bpp=28&bdt=4797&idt=28&shv=r20201019&cbv=r20190131&ptt=9&saldr=aa&abxe=1&cookie=ID%3Df056b25bb8a26d8c-229a87151bc4002d%3AT%3D1602824991%3ART%3D1602824991%3AS%3DALNI_MaIREIt-zrhEkEa5CZ4CI_govZtdA&prev_fmts=0x0&nras=2&correlator=7390086643609&frm=20&pv=1&ga_vid=1449218088.1591264382&ga_sid=1603253909&ga_hid=1028236174&ga_fc=0&iag=0&icsg=571917845135360&dssz=39&mdo=0&mso=0&u_tz=330&u_his=1&u_java=0&u_h=846&u_w=412&u_ah=846&u_aw=412&u_cd=24&u_nplug=0&u_nmime=0&adx=0&ady=1261&biw=412&bih=718&scr_x=0&scr_y=210&eid=42530671%2C21067466%2C21066819%2C21066973&oid=3&pvsid=2891022501600267&pem=511&rx=0&eae=0&fc=1408&brdim=0%2C0%2C0%2C0%2C412%2C0%2C412%2C718%2C412%2C718&vis=1&rsz=%7C%7Cs%7C&abl=NS&fu=9344&bc=31&ifi=1&uci=a!1&btvi=1&fsb=1&xpc=KrQQYv9Qrz&p=https%3A//nayabharat.live&dtd=86

    जिला कलेक्टरों को जारी निर्देश में कहा गया है कि खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदने के लिए किसान पंजीयन का कार्य प्रचलित है। किसान पंजीयन के संबंध में अब ऐसे किसान जिनके पास वन अधिकार पट्टा है और उन्होंने इस भूमि पर धान की फसल बोई है उनका भी धान खरीदी के लिए किसान पंजीयन किया जाए। जिले में ऐसे कुल किसानों की संख्या और धान का कुल रकबा की जानकारी से एनआईसी और विभाग को ई-मेल और पत्र के माध्यम से अवगत कराया जाए।

    निर्देश में बताया गया है कि साफ्टवेयर में वन अधिकार पट्टा वाले किसानों के पंजीयन के लिए आवश्यक प्रावधान किया जा रहा है। विभागीय साफ्टवेयर के अनुसार 1288 समितियों में से अभी भी 20 समितियों में किसान पंजीयन का कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है।

    इनमें बलरामपुर में 10, सरगुजा और सूरजपुर में 3-3, कवर्धा में 2, रायगढ़ और नारायणपुर में एक-एक समितियां है। इन समितियों में भी किसान पंजीयन का कार्य शीघ्र प्रारंभ किए जाने और पिछले साल के कैरी फारवर्ड किसानों के खसरा प्रविष्टी के कार्य में तेजी लाने के निर्देश कलेक्टरों को दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि किसान पंजीयन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर तक निर्धारित है।