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  • सरकार ने की दहशरा में 4 दिन, दीपावली में 5 दिन और शीतकालीन में 5 दिनों की अवकाश की घोषणा

    सरकार ने की दहशरा में 4 दिन, दीपावली में 5 दिन और शीतकालीन में 5 दिनों की अवकाश की घोषणा

    रायपुर। राज्य सरकार ने स्कूलों में छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। जारी आदेश में दशहरा , दीपावली, शीतकालीन और ग्रीष्म कालीन अवकाश प्रकाशित किये गए है।

    जिसमे दहशरा 4 दिन, दीपावली 5 दिन , शीतकालीन 5 दिन और ग्रीष्म कालीन अवकाश 46 दिनों तक रहेगी।

    दहशरा – दिनांक : 13 से 16 अक्टूबर तक 2021 तक दीपावली – दिनांक : 2 नवंबर से 6 नवंबर 2021 तक शीतकालीन – दिनांक : 24 दिसंबर से 28 दिसंबर 2021 तक ग्रीष्म कालीन – दिनांक : 1 मई 2022 से 15 जून 2022

  • डीजीपी ने SIT का किया गठन, नाबालिग आरोपियों का DNA टेस्ट कराएगी पुलिस, कांग्रेस नेता और उसकी पत्नी की हत्या का मामला…

    डीजीपी ने SIT का किया गठन, नाबालिग आरोपियों का DNA टेस्ट कराएगी पुलिस, कांग्रेस नेता और उसकी पत्नी की हत्या का मामला…

    रायगढ़। जिले के लैलूंगा में कुछ दिन पहले हुए कांग्रेस नेता और उसकी पत्नी की हत्या के मामले में पुलिस अब नाबालिग आरोपियों का DNA टेस्ट कराएगी मामले में परिजनों ने घटना की फिर से जांच की मांग की गई थी जिसके बाद जांच के लिए डीजीपी ने SIT का गठन किया था एसआईटी की टीम ने अब आरोपियों के डीएनए टेस्ट का फैसला लिया है. दरअसल कुछ दिन पहले कारोबारी और कांग्रेस नेता मदन मित्तल और उनकी पत्नी की घर में घुसकर हत्या कर दी गई थी मामले में पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया था जिसमें चार नाबालिग थे आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद से ही मृतक के परिजन जांच से संतुष्ट नहीं थे और उन्होंने सीएम से मिलकर मामले की दोबारा जांच कराने की मांग की थी जिसके बाद SIT का गठन किया था जिसमें कोरबा और रायगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई थी जांच के दौरान घटनास्थल पर मृतकों के शरीर से बाल मिले हैं. पुलिस ये मान रही है कि ये आरोपियों के हो सकते हैं लिहाजा पुलिस अब आरोपियों का डीएनए टेस्ट कराएगी।

  • फिर लगने जा रहा है लॉकडाउन, थमेंगे रेल के पहिये, जानें वायरल मैसेज की पूरी सच्चाई….

    फिर लगने जा रहा है लॉकडाउन, थमेंगे रेल के पहिये, जानें वायरल मैसेज की पूरी सच्चाई….

    हाल ही सोशल मीडिया पर एक मैसेज काफी वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के कारण 12 अक्टूबर से एक बार फिर लॉकडाउन लगाने का फैसला किया है। यह मैसेज एक समाचार चैनल के लोगो के साथ सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, हालांकि यह नकली स्क्रीनशॉट है। इस झूठे मैसेज में यह संदेश वायरल किया जा रहा है कि देश में कोरोना संक्रमण के 7 लाख से ज्यादा मामले दर्ज हो चुके हैं और ऐसे में सरकार ने एहतियात के तौर पर एक बार फिर से पूर्ण लॉकडाउन लगाने का फैसला किया है।

    ट्रेन बंद होने का मैसेज भी गलत

    इस वायरल मैसेज में यह भी दावा किया जा रहा है कि देश में एहतियात के तौर पर दीपावली तक सभी ट्रेनें भी निलंबित रहेगी। जब इस वायरल पोस्ट के बारे में जानकारी हासिल की गई तो पता चला कि ये पूरी तरह से फेक है और सरकार ने इस संबंध में कोई भी आदेश जारी नहीं किया है।

    प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने बताई सच्चाई

    वहीं केंद्र सरकार की नीतियों और आदेश के बारे में आधिकारिक जानकारी देने वाले एजेंसी प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो ने भी इस वायरल मैसेज की सच्चाई के बारे में बताया है। PIB ने ट्वीट करके बताया है कि केंद्र सरकार की ओर से ऐसी कोई भी घोषणा नहीं की गई है और ये सभी दावे फर्जी है।

  • लक्ष्मण रेखा और रावण का जिक्र कर दी चेतावनी, सिंहदेव ने इशारों में अपनी सरकार के लिए कह दी बहुत बड़ी बात….

    लक्ष्मण रेखा और रावण का जिक्र कर दी चेतावनी, सिंहदेव ने इशारों में अपनी सरकार के लिए कह दी बहुत बड़ी बात….

    हसदेव अरण्य को बचाने के लिए 300 किलोमीटर पैदल चलकर रायपुर पहुंचे ग्रामीणों को पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव का भी समर्थन मिल गया है। बुधवार देर रात टिकरापारा के साहू भवन में सिंहदेव ने सरकार को नो गो एरिया की लक्ष्मण रेखा याद दिलाई। कहा कि, जो इस लाइन को पार करेगा वह 10 सिर वाला (ग्रामीणों ने कहा रावण) कहलाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से कहा, आपकी मांगे जिन कानों तक पहुंचेगी, वे सोच-समझकर कदम उठाएंगे, ताकि आपके प्राकृतिक और जायज हित सुरक्षित हों।


    सिंहदेव ने कहा, मैं भी अपनी तरफ से आपकी मांगों के साथ मुख्यमंत्री जी को पत्र लिखूंगा। उस समय जो नो गो एरिया घोषित हो गया उससे आगे जाते हैं तो मुझे कहने में कोई गुरेज नहीं कि मेरा भी विरोध है। जो लकीर खिंच गई, वह लक्ष्मण रेखा होनी चाहिए। लक्ष्मण रेखा पार करने पर क्या होता है वह रामायण की कथा में हम सब ने देखा- पढ़ा है। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वह नो गो एरिया की लक्ष्मण रेखा पार न हो और सीता हरण जैसी स्थिति न बने।

    उन्होंने कहा कि अभी सरकार के पास पूरा अवसर है। उसकी मानसिकता भी यही होगी कि वह राम रूपी कार्य करे। आपके हितों की रक्षा करे, आपके साथ रहे। जो जायज बात है, उसके तहत आपकी मांगों को सुने और पूरा करे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव के साथ बिलासपुर विधायक शैलेश पाण्डेय भी ग्रामीणों के बीच पहुंचे थे।

    ग्राम सभा जो तय करे वही होना चाहिए
    बाद में प्रेस से चर्चा में टीएस सिंहदेव ने कहा, ग्रामीण उस क्षेत्र में खनन का विरोध कर रहे हैं। हम लोगों का शुरू से मानना रहा है कि ग्राम सभा जो तय करे उसी के हिसाब से काम होना चाहिए। उन पर दबाव डालकर अथवा दूसरे तरीकों से खदान की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए।

    क्या है यह नो गो एरिया का मामला
    सरगुजा और कोरबा जिलों में स्थित हसदेव अरण्य वन क्षेत्र मध्य भारत के सबसे समृद्ध और पुराने जंगलों में गिना जाता है। पर्यावरण के जानकार इसे “छत्तीसगढ़ का फेफड़ा” कहते हैं। 2010 में इस क्षेत्र को नो गो एरिया घोषित कर दिया गया था। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव ने बताया, जब जयराम रमेश केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री थे तो वे नो गो एरिया का कॉन्सेप्ट लाए थे। यानी इस सीमा के आगे खदानों को अनुमति नहीं दी जाएगी। उस लक्ष्मण रेखा का पालन करना जरूरी है।

    यह मांगे लेकर राजधानी पहुंचे हैं आदिवासी ग्रामीण

    • हसदेव अरण्य क्षेत्र की समस्त कोयला खनन परियोजना निरस्त किया जाए।
    • बिना ग्रामसभा की सहमति के हसदेव अरण्य क्षेत्र में कोल बेयरिंग एक्ट के तहत किए गए भूमि अधिग्रहण को तत्काल निरस्त किया जाए।
    • पांचवी अनुसूची क्षेत्र में किसी भी कानून से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के पूर्व ग्रामसभा से अनिवार्य सहमति के प्रावधान लागू किए जाएं।
    • परसा कोल ब्लाक के लिए ग्राम सभा फर्जी प्रस्ताव बनाकर हासिल की गई वन स्वीकृति को तत्काल निरस्त किया जाए और ऐसा करने वाले अधिकारी और कम्पनी पर FIR दर्ज हो।
    • घाटबर्रा गांव के निरस्त सामुदायिक वन अधिकार को बहाल करते हुए सभी गांवों में सामुदायिक वन अधिकार और व्यक्तिगत वन अधिकारों को मान्यता दी जाए।
    • अनुसूचित क्षेत्रों में पेसा कानून का पालन कराया जाए।

    ऐसा है हसदेव अरण्य का संकट
    2010 में नो-गो क्षेत्र घोषित होने के बाद कुछ समय के लिए यहां हालात सामान्य रहे। केंद्र में सरकार बदली तो इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर कोयला खदानों का आवंटन शुरू हुआ। ग्रामीण इसके विरोध में आंदोलन करने लगे। 2015 में राहुल गांधी इस क्षेत्र में पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों का समर्थन किया। कहा – इस क्षेत्र में खनन नहीं होने देंगे। छत्तीसगढ़ में सरकार बदली लेकिन इस क्षेत्र में खनन गतिविधियों पर रोक नहीं लग पाई। हाल ही में भारतीय वानिकी अनुसंधान परिषद (ICFRE) ने एक अध्ययन रिपोर्ट जारी की है। इसके मुताबिक हसदेव अरण्य क्षेत्र को कोयला खनन से अपरिवर्तनीय क्षति होगी जिसकी भरपाई कर पाना कठिन है। इस अध्ययन में हसदेव के पारिस्थितिक महत्व और खनन से हाथी मानव द्वंद के बढ़ने का भी उल्लेख है।

  • विजयादशमी पर थाना में शस्त्र पूजा संपन्न….

    विजयादशमी पर थाना में शस्त्र पूजा संपन्न….


    खरसिया। विजयादशमी के पर्व के अवसर पर शुक्रवार कोे रियासत कालीन परम्परा का निर्वहन करते हुए खरसिया पुलिस थाना मे शस्त्र पूजा का आयोजन किया गया, जिसमें थाना तथा पुलिस चौंकी खरसिया के पुलिसकर्मीयों ने शस्त्र पूजा की।
    विदित हो कि दशहरा के दिन शस्त्र पूजा करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है, रियासतकालीन परम्परा के अनुसार दशहरा के दिन शस्त्रों की पूजा की जाती है। शहर सहित ग्रामीण क्षेेत्रों मे भी लोग परंपरा के अनुसार घर मे रखे शस्त्रों की विधि – विधान के साथ पूजा करते है। उसी परंपरा का निर्वहन करते हुये खरसिया पुलिस थाना मे खरसिया थाना प्रभारी सुम्मत राम साहू ने शस्त्रों का पूजन किया वहीं पुलिस चौकी में चौंकी प्रभारी गंगा प्रसाद बंजारे के द्वारा विधिवत शस्त्र पूजा किया गया। अस्त्र शस्त्रों के विधिवत पूजन के बाद प्रसाद का वितरण किया गया। इस दौरान थाना तथा चौंकी के सभी पुलिसकर्मी शस्त्र पूजा में सम्मिलित रहे।

  • दीपावली तक रविवार को भी खुली रहेंगी दुकानें….

    दीपावली तक रविवार को भी खुली रहेंगी दुकानें….



    खरसिया। चेम्बर ऑफ कामर्स खरसिया इकाई की मांग पर नगर पालिका खरसिया के सीएमओ ने नगर की दुकानों को दीपावली तक रविवार को भी खोलने की अनुमति दी है, तथा इस संबंध में गुरुवार देर शाम आदेश भी जारी कर दिया गया है।
    गौरतलब है कि त्यौहारी सीजन को देखते हुये नगरवासियों के द्वारा दीपावली तक रविवार को भी नगर की दुकानों को खुली रखने की मांग लगातार की जा रही थी, इस संबंध में खरसिया चेंबर के अध्यक्ष रामनारायण सोनी के द्वारा एसड़ीएम खरसिया को ज्ञापन देकर रविवार को बाजार खोले जाने की मांग की गयी थी तथा भाजपा नगर अध्यक्ष सतीश अग्रवाल ने भी इस संबंध में अधिकारियों से चर्चा की थी, जिसके बाद नगर पालिका परिषद खरसिया के मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने नवीन आदेश जारी कर दीपावली तक रविवार बंद के पूर्व आदेश को स्थगित कर दिया है। नगर पालिका के आदेश से नगर के दुकानदारों में प्रसन्नता का माहौल है तथा सभी ने इस पहल के लिए खरसिया चेंबर अध्यक्ष तथा भाजपा नगर अध्यक्ष का आभार प्रकट किया है।

  • दुर्गानवमी को किया गया नवकन्या भोज,पण्ड़ालों की सजावट कर रही श्रद्वालुओं को आकर्षित…

    दुर्गानवमी को किया गया नवकन्या भोज,पण्ड़ालों की सजावट कर रही श्रद्वालुओं को आकर्षित…


    खरसिया। अंचल का प्रसिद्व नवरात्रि त्यौहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। नगर में अनेक स्थानों पर माता की प्रतिमाओं की स्थापना कर विधिवत पूजा अर्चना की जा रही है। इसी तारतम्य में दुर्गानवमी को माता रूपी नव कन्याओं का पूजन कर उन्हे भोजन कराया गया, तथा कन्याओं को उपहार दिये गये।


    नगर के छ़परीगंज स्थित रानी सती दुर्गोत्सव समिति में दुर्गाष्टमी की रात्रि को हवन कर नवमी को नवकन्या भोज कराकर भण्ड़ारा किया गया, पण्ड़ाल में मंगल पाठ तथा नन्हे मुन्ने बच्चो के द्वारा डांड़िया का आयोजन भी किया गया था।

    हमालपारा पण्ड़ाल में बनाया गया सेल्फी कार्नर श्रद्वालुओं के आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है, तो पोस्ट आफिस रोड़ के पण्ड़ाल को प्रकृति से संबंधित थीम से सजाया गया था, वहीं गुरूद्वारा के पास विराजी माता के पण्ड़ाल मे मोनू (एए) विकास अग्रवाल ज्योति, दिलीप शर्मा, अनिल शर्मा के सहयोग से प्रतिदिन दोपहर को चावल सब्जी का भण्ड़ारा लगाया जा रहा है। विदित हो कि नगर की नवरात्रि तथा दशहरा समस्त अंचल में प्रसिद्व है, तथा आसपास के क्षेत्र से हजारों श्रद्वालु प्रतिदिन माता के दर्शन करने नगर आते है।

    गौरतलब है कि नगर में नवरात्र मेला के दौरान जगत जननी मां जगदंबे के दरबार में समितियों द्वारा आए हुए श्रद्धालुओं के लिए सवामणि प्रसाद के अलावा पूरी सब्जी का भी भंडारा विशाल रूप से लगाया जाता है भक्तों द्वारा सब्जी पूड़ी का भंडारा को विशेष रूप से ग्रहण कर माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं नगर का प्रमुख नवरात्र मेला खरसिया नगर में दुर्गा उत्सव का मेला देशभर में खास पहचान बना चुका है यहां का दुर्गा उत्सव का मेला छत्तीसगढ़ गण की शान है यही वजह है कि यहां स्थापित माताओं की प्रतिमा का दर्शन करने के लिए अनेक स्थानों से दूर-दूर से श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।

  • वाची की पोयम वार्षिक पुस्तिका रैंबो में हुई प्रकाशित…

    वाची की पोयम वार्षिक पुस्तिका रैंबो में हुई प्रकाशित…

    खरसिया। स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम में अध्ययनरत कक्षा तीसरी की छात्रा वाची राठौर द्वारा चांद पर लिखित कविता स्कूल की वार्षिक पुस्तक रैंबो में प्रकाशित हुई है।

    नन्हीं वाची पढ़ाई में तो अव्वल रहती ही है, वहीं खेल तथा अन्य गतिविधियों में भी पूरी रुचि और उत्साह से पार्टिसिपेट करती है। नन्हीं सी बिटिया द्वारा लिखित पोयम राज्य स्तरीय वार्षिक पुस्तक में सम्मिलित होना निश्चित ही गर्व का विषय है। ऐसे में स्कूल के प्रिंसिपल रामनिवास नागवंशी एवं ललिता चंद्रा, पूनम दुबे, मिस कल्याणी, मिस एलन, मिस उषा, श्रीमती लुभना आदि शिक्षिकाओं सहित शिक्षक भुवन तथा दीपक ने बधाई प्रेषित की है।

  • पार्टी के 4 जिला महामंत्री, दो ब्लॉक महामंत्री समेत 200 कार्यकर्ताओं ने पार्टी से दे दिया इस्तीफा, विधायक पर लगा गंभीर आरोप….

    पार्टी के 4 जिला महामंत्री, दो ब्लॉक महामंत्री समेत 200 कार्यकर्ताओं ने पार्टी से दे दिया इस्तीफा, विधायक पर लगा गंभीर आरोप….

    छत्तीसगढ़ कांग्रेस में अभी ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री का मामला पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि अब एक नया संकट पैदा हो गया है। गरियाबंद जिले में पार्टी के 4 जिला महामंत्री, दो ब्लॉक महामंत्री समेत 200 कार्यकर्ताओं ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इन कार्यकर्ताओं ने राजिम से कांग्रेस विधायक अमितेश शुक्ल के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि वे जिस सरपंच के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। विधायक उसी सरपंच का साथ दे रहे हैं। जबकि विधायक पर पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं।
    कोपरा पंचायत के कार्यकर्ताओं ने इस्तीफे का पत्र मोहन मरकाम, प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, जिले के प्रभारी मंत्री अमरजीत भगत, विधायक अमितेश शुक्ल, जिला अध्यक्ष भावसिंह साहू और ब्लॉक अध्यक्ष रूपेश साहू को भेजा है। जिसमें जिला महामंत्री राजेश यादव, ओंकार सिंह ठाकुर, ठाकुर राम साहू और मोतीलाल साहू के नाम शामिल हैं। इसके अलावा दो ब्लॉक महामंत्री रिकेश साहू ओर नंदकुमार साहू सहित 200 से अधिक गांव के कार्यकर्ता ने भी इस्तीफा दिया है।

    दरअसल, ये पूरा विवाद शुरू हुआ है, कोपरा पंचायत की महिला सरपंच डॉली साहू को लेकर। ग्रामीणों को आरोप है कि सरपंच ने बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया है। इसलिए वे लोग सरपंच के खिलाफ कार्रवाई चाहते हैं। इनमें कांग्रेस के कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी शामिल हैं। लेकिन कार्यकर्ताओं का आरोप है कि विधायक अमितेश शुक्ल इस मामले में उनका साथ ही नहीं दे रह हैं। बल्कि सरपंच का साथ दे रहे हैं। इसी वजह से कांग्रेस कार्यकर्ता समेत गांव के लोग काफी नाराज हैं।

    कोपरा जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत है। खासकर ये कांग्रेस का गढ़ भी माना जाता है। ऐसे में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को इस तरह से इस्तीफा देना, कांग्रेस को मुश्किल में डाल सकता है। वहीं इस मामले को लेकर कांग्रेस जिला अध्यक्ष भावसिंह का कहना है कि उन्हें अभी इस मामले की जानकारी मिली है। किसी भी पदाधिकारी या कार्यकर्ता का इस्तीफा मंजूर नहीं किया जाएगा। मामले को बैठकर सुलझाने का प्रयास करेंगे।

    अमितेश शुक्ल तीसरी बार विधायक बनकर विधानसभा पहुंचे हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने बीजेपी के संतोष उप्धयाय को करीब 58 हजार वोटों से हराया था। अमितेश मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री पंडित रविशंकर शुक्ल के पोते और श्यामाचरण शुक्ल के बेटे हैं। श्यामाचरण शुक्ल भी मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। यही वजह है कि अमितेश की न सिर्फ अपने विधानसभा में बल्कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भी पकड़ है।

  • कोयला संकट से निजात दिलाने के लिए रेलवे ने कसी कमर…

    कोयला संकट से निजात दिलाने के लिए रेलवे ने कसी कमर…

    दिल्ली। कोयला संकट का सामना कर रहे थर्मल पावर प्रोजेक्ट्स (Thermal Power Projects) चलते रहें, यह जिम्मा भारतीय रेलवे (Indian Railway) ने उठाया है. रेलगाड़ियां लोडिन की क्षमता बढ़ाकर रात-दिन पावर प्लांट्स तक कोयला पहुंचा रही हैं. खबरें आ रही थी कि देश के कई पावर प्लांट्स में कोयला का स्टॉक बहुत कम बचा है. ऐसे में सरकार और संबंधित विभाग अलर्ट मोड पर हैं. रेलवे में भी अधिकारियों को सक्रिय रहने और हर घंटे की जानकारी तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही हर दिन लोड होने वाले कोयला की संख्या भी बढ़ा दी गई है.कोयला की कमी को रेलवे आंतरिक रूप से ‘आपातकाल’ मान रहा है. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, सभी जोनल रेलवे के मुख्य संचालक प्रबंधकों को कंट्रोल रूम तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही मंत्रालय और जनरल मैनेजर्स के लिए हर घंटे के बुलेटिन बनाने के लिए भी कहा गया है।

    इससे पहले ऊर्जा मंत्री आरके सिंह भी प्लांट्स में कोयला की कमी को लेकर चिंता जाहिर कर चुके हैं.इधर, हर रोज होने लोड होने वाले कोयला के रैक की संख्या सोमवार को 430 से बढ़कर 440-450 हो गई है. सोमवार को 17.7 लाख टन कोयला का परिवहन किया गया. जबकि, बीते साल इसी दिन यह आंकड़ा 14.8 लाख था. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि अगर मांग प्रतिदिन 500 रैक तक बढ़ती है, तो भी रेलवे इसे आराम से संभालने के लिए तैयार है।