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  • नारायणपुर: एक करोड़ के बीमा दावे में हेराफेरी और धमकी का मामला; तत्कालीन थाना प्रभारी सुरेश चंद्र यादव गिरफ्तार….

    नारायणपुर: एक करोड़ के बीमा दावे में हेराफेरी और धमकी का मामला; तत्कालीन थाना प्रभारी सुरेश चंद्र यादव गिरफ्तार….

    नारायणपुर: छत्तीसगढ़ सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत नारायणपुर जिले में एक गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई की गई है। सड़क दुर्घटना में दिवंगत डीएसएफ (DSF) आरक्षक की पत्नी को मिले 1 करोड़ रुपये के बीमा दावे में कथित अवैध वसूली और धमकी देने के आरोप में पुलिस ने तत्कालीन थाना प्रभारी सुरेश चंद्र यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। इस मामले में एक अधिवक्ता की संलिप्तता भी सामने आई है, जिसकी तलाश जारी है।

    क्या है पूरा मामला?

    दिवंगत डीएसएफ आरक्षक स्व. धनेश्वर नुरेटी की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद उनकी पत्नी के बैंक खाते में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के सैलरी पैकेज के तहत 1 करोड़ रुपये की दुर्घटना बीमा राशि प्राप्त हुई थी।
    शिकायत के अनुसार:

    • तत्कालीन थाना प्रभारी सुरेश चंद्र यादव और अधिवक्ता कृष्ण कुमार वर्मा ने बीमा क्लेम दिलाने के नाम पर परिजनों से 19 लाख रुपये ले लिए।
    • आरोपी इतने पर ही नहीं रुके, बल्कि उन्होंने शेष बीमा राशि में से 50 प्रतिशत हिस्सेदारी (अवैध वसूली) की मांग शुरू कर दी।
      • जब परिजनों ने इसका विरोध किया, तो उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने और कानूनी कार्रवाई की धमकी देकर लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा।

      पुलिस की त्वरित कार्रवाई

      परिजनों द्वारा लगातार दी जा रही प्रताड़ना से तंग आकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय, नारायणपुर में इसकी शिकायत दर्ज कराई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल एक्शन लिया और थाना कोतवाली नारायणपुर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318, 308 एवं अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया।
      मुख्य आरोपी और तत्कालीन थाना प्रभारी सुरेश चंद्र यादव को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। वहीं, सह-आरोपी अधिवक्ता कृष्ण कुमार वर्मा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

      प्रशासन का सख्त संदेश

      प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून का पालन कराने वाले तंत्र में यदि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी अपने पद का दुरुपयोग करते हुए भ्रष्टाचार या अवैध वसूली में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • “CG पुलिस में बड़ा ट्रांसफर” 92″ASP-DSP के तबादले,,, सारंगढ़ बिलाईगढ़ के 3 अधिकारी भी शामिल,,,,देखे सूची…

    “CG पुलिस में बड़ा ट्रांसफर” 92″ASP-DSP के तबादले,,, सारंगढ़ बिलाईगढ़ के 3 अधिकारी भी शामिल,,,,देखे सूची…

    छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ सरकार के पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। गृह (पुलिस) विभाग ने आदेश जारी कर राज्यभर के कई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों (ASP) और पुलिस उपाधीक्षकों (DSP) के तबादले किए हैं। आदेश के अनुसार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

    20 जुलाई 2026 को जारी गृह विभाग के आदेश में विभिन्न जिलों और पुलिस इकाइयों में पदस्थ अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। जिसमे लगभग 92 अधिकारीयों का तबादला हुआ है तबादला सूची में पुलिस मुख्यालय, बटालियन, जिला पुलिस और विशेष इकाइयों में पदस्थ ASP एवं DSP स्तर के अधिकारी शामिल हैं। शासन का कहना है कि यह प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया गया है। सभी संबंधित अधिकारियों को आगामी आदेश तक नई पदस्थापना पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

    वही सारंगढ़ के 3 पुलिस अधिकारी का भी तबदला हुआ है जिसमे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निमिषा पांडे का तबादला हुआ है और उन्हें स्थान पर धीरेन्द्र पटेल को मिली जिम्मेदारी और sdop बिलाईगढ़ विजय ठाकुर शामिल है और उनके स्थान पर दीपिका मिंज को जिम्मेदारी मिली है और वही sdop सारंगढ़ स्नेहिल साहू को बदला गया उनके स्थान पर गोविन्द सिँह दीवान को जिम्मेदारी मिली है

  • फर्जी ED अफसर के खिलाफ बिलासपुर में FIR दर्ज, 7 लाख की ठगी का आरोप …

    फर्जी ED अफसर के खिलाफ बिलासपुर में FIR दर्ज, 7 लाख की ठगी का आरोप …

    बिलासपुर। खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का अधिकारी बताकर कैंटीन का ठेका और सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर एक परिवार से सिम्स अस्पताल में कैंटीन का ठेका दिलाने और उसके बेटे सहित एक अन्य युवक को ईडी में नौकरी लगवाने का झांसा देकर 6.82 लाख रुपए ऐंठ लिए। कानून प्रवर्तन शिकायत के बाद कोतवाली पुलिस ने पति-पत्नी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक रेलवे महाराष्ट्र मंडल, टिकरापारा निवासी देवेन्द्र ठक्कर की मुलाकात सिम्स अस्पताल में राहुल मिश्रा और उसकी पत्नी पदमा जनार्दन, निवासी ठठारी (जिला जांजगीर-चांपा) से हुई थी। बातचीत के दौरान राहुल ने खुद को ईडी का प्रभावशाली अधिकारी बताते हुए भरोसा दिलाया कि वह सिम्स अस्पताल, कोनी में कैंटीन का ठेका दिला सकता है। साथ ही उसने पीड़ित के बेटे और उसके दोस्त को ईडी में नौकरी लगवाने का भी आश्वासन दिया।

    आरोप है कि राहुल और उसकी पत्नी ने इस काम के एवज में अलग-अलग किस्तों में बैंक खातों और कैश के माध्यम से कुल 6.82 लाख रुपए ले लिए। काफी समय बीतने के बाद भी न तो कैंटीन का ठेका मिला और न ही नौकरी लग सकी। संदेह होने पर देवेन्द्र ठक्कर ने आरोपियों से अपने पैसे वापस मांगे। पीड़ित का कहना है कि, दबाव बनाने पर आरोपियों ने कुछ राशि लौटा दी, लेकिन 1.62 लाख रुपए अब तक वापस नहीं किए। खुद के साथ धोखाधड़ी होने का अहसास होने पर उन्होंने शनिवार को कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी राहुल मिश्रा और उसकी पत्नी पदमा जनार्दन के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस बैंक लेनदेन और अन्य दस्तावेजों की जांच कर आरोपियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।

  • फर्जी स्नेक बाइट मुआवजा घोटाले में बड़ा खुलासा: बिलासपुर की जलसाज महिला डॉक्टर प्रियंका सोनी गिरफ्तार….

    फर्जी स्नेक बाइट मुआवजा घोटाले में बड़ा खुलासा: बिलासपुर की जलसाज महिला डॉक्टर प्रियंका सोनी गिरफ्तार….

    बिलासपुर। स्नेक बाइट (सर्पदंश) से मौत दिखाकर सरकारी मुआवजा दिलाने के बहुचर्चित फर्जीवाड़े में बिलासपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सिम्स की पूर्व पदस्थ महिला चिकित्सक डॉ. प्रियंका सोनी को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर दो मामलों में फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार कर मौत का कारण सर्पदंश दर्शाने का आरोप है। पुलिस ने उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

    यह कार्रवाई तोरवा थाना क्षेत्र में दर्ज मामले की जांच के दौरान हुई। पुलिस के अनुसार तहसील कार्यालय के नायब नाजीर की शिकायत पर महमंद निवासी निसार खान और लता सूर्यवंशी की संदिग्ध मौत की जांच शुरू की गई थी। जांच में सामने आया कि दोनों शवों का पोस्टमार्टम तत्कालीन सिम्स चिकित्सक डॉ. प्रियंका सोनी ने किया था और कथित तौर पर सर्पदंश से मौत की फर्जी रिपोर्ट तैयार की गई थी, जिसके आधार पर मुआवजा लेने की प्रक्रिया अपनाई गई।

    पहले ही जेल जा चुके हैं रिश्तेदार और वकील

    इस मामले में मृतक निसार खान की पत्नी सफीना बानो, लता सूर्यवंशी के पति संतोष सूर्यवंशी तथा अधिवक्ता रंजीत कुमार चतुर्वेदी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं, पूरे नेटवर्क का मुख्य आरोपी बताए जा रहे अधिवक्ता श्रवण वस्त्रकार अब भी फरार हैं। पुलिस के अनुसार वह लंबे समय से गंभीर बीमारी का इलाज करा रहा है।

    सिविल लाइन थाने में भी दर्ज है एक और मामला

    डॉ. प्रियंका सोनी के खिलाफ सिविल लाइन थाने में भी एक अलग मामला दर्ज है। आरोप है कि तालापारा निवासी पवन यादव की मौत को भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सर्पदंश बताया गया था, जबकि जांच में वास्तविक कारण हार्ट अटैक सामने आया। इस मामले में मृतक की पत्नी सहित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है। अब सिविल लाइन पुलिस डॉक्टर को प्रोडक्शन वारंट पर हिरासत में लेकर पूछताछ करेगी।

    दो दिन पहले चार और आरोपी गिरफ्तार

    इससे पहले 16 जुलाई को सरकंडा थाना पुलिस ने फर्जी स्नेक बाइट के पांच मामलों में कार्रवाई करते हुए अधिवक्ता हीराप्रसाद खाण्डेकर, बैंककर्मी कुशकुमार गुप्ता, कथित वकील महेन्द्र कुमार तथा तहसीलदार कार्यालय के दैनिक वेतनभोगी चालक गोविंद विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

    2025 में भी सामने आया था ऐसा मामला

    यह पहली बार नहीं है जब डॉ. प्रियंका सोनी का नाम ऐसे मामले में सामने आया हो। वर्ष 2025 में बिल्हा थाना क्षेत्र में जहर खाने से हुई मौत को सर्पदंश बताकर फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करने के मामले में भी उन्हें, मृतक के परिजनों और एक वकील के साथ गिरफ्तार किया गया था।

    15 मामलों की जांच, कई डॉक्टरों पर संदेह

    पुलिस के अनुसार जिले में सर्पदंश से फर्जी मौत दिखाकर सरकारी मुआवजा लेने के 15 मामलों की जांच जारी है। सभी मामलों की समीक्षा कर दस्तावेज और सबूत जुटाए जा रहे हैं। जांच के दायरे में सिम्स के 4 से 5 डॉक्टर भी हैं, जिन पर फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करने का संदेह है। कुछ चिकित्सकों से पूछताछ हो चुकी है और पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस बहुचर्चित घोटाले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

    इस पूरे मामले ने सरकारी मुआवजा व्यवस्था, पोस्टमार्टम प्रक्रिया और स्वास्थ्य तंत्र की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का दावा है कि पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़कर इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • शासन का बड़ा फेरबदल: धरमजयगढ़ के SDOP सिद्धांत तिवारी सहित 10 DSP पुलिस कर्मियों की ACB में पोस्टिंग, देखें लिस्ट…

    शासन का बड़ा फेरबदल: धरमजयगढ़ के SDOP सिद्धांत तिवारी सहित 10 DSP पुलिस कर्मियों की ACB में पोस्टिंग, देखें लिस्ट…

    छत्तीसगढ़ शासन ने भ्रष्टाचार और आर्थिक अपराधों के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज करते हुए एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। गृह (पुलिस) विभाग के 10 DSP स्तर के पुलिस अधिकारियों को राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) में प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है। इस महत्वपूर्ण सूची में सबसे चर्चित नाम धरमजयगढ़ के अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) श्री सिद्धांत तिवारी का है। अपने कार्यकाल में 100 से अधिक हत्या के मामलों की गुत्थी सुलझाने वाले इस तेजतर्रार अधिकारी को अब राज्य में भ्रष्टाचारियों पर नकेल कसने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    शासन ने जारी किया आधिकारिक आदेश

    सामान्य प्रशासन विभाग, महानदी भवन (नवा रायपुर) द्वारा जारी आदेश (क्र. GENCOR/1224/2025-GAD-7) के अनुसार, माननीय मुख्यमंत्री के अनुमोदन के पश्चात इन 10 पुलिस कर्मियों की सेवाएं EOW/ACB रायपुर को सौंपी गई हैं। इस सूची में श्री सिद्धांत तिवारी (डीडी-2019) का नाम प्रमुखता से शामिल है।

    धरमजयगढ़ में रहा बेमिसाल कार्यकाल

    धरमजयगढ़ में एसडीओपी के पद पर रहते हुए सिद्धांत तिवारी ने अपनी कार्यशैली से एक अलग छाप छोड़ी। उन्होंने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के साथ-साथ अपराध नियंत्रण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस विभाग के आंकड़ों के अनुसार, उनके नेतृत्व में 100 से अधिक जटिल और संवेदनशील हत्या के मामलों का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया गया। इसे राज्य पुलिसिंग में एक बड़ी और असाधारण उपलब्धि माना जा रहा है।

    जनता में बढ़ा विश्वास, अपराधियों में रहा खौफ

    श्री तिवारी की पहचान सिर्फ गंभीर अपराधों को सुलझाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने आम जनता और पुलिस के बीच एक मजबूत सेतु का निर्माण भी किया। उनके दिशा-निर्देशन में हुई लगातार और बड़ी पुलिस कार्रवाइयों के कारण क्षेत्र के अपराधियों में कानून का भारी खौफ पैदा हुआ, जिससे इलाके में शांति और सुरक्षा का माहौल बना।

    अब भ्रष्टाचारियों पर होगा कड़ा प्रहार

    अपराधियों के हौसले पस्त करने वाले सिद्धांत तिवारी को अब एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) में नई तैनाती मिली है। उनके शानदार और बेदाग ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए यह उम्मीद जताई जा रही है कि वे भ्रष्टाचार और आर्थिक अपराधों के खिलाफ भी उसी सख्ती, सूझबूझ और प्रभाव के साथ कार्रवाई करेंगे।

  • IPS की बेटी और क्लासमेट की तारीफ में सुंदर लिखना अपराध नहीं, छात्र के खिलाफ दर्ज FIR रद्द : हाईकोर्ट

    IPS की बेटी और क्लासमेट की तारीफ में सुंदर लिखना अपराध नहीं, छात्र के खिलाफ दर्ज FIR रद्द : हाईकोर्ट

    कर्नाटक। हाईकोर्ट ने कॉलेज के एक 20 साल के छात्र के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया। छात्र ने अपनी महिला क्लासमेट की तारीफ करते हुए उसे एक प्राइवेट इंस्टाग्राम मैसेज भेजा था। कोर्ट ने कहा कि निजी बातचीत में ‘जेन जेड की भाषा’ का इस्तेमाल करने को स्टॉकिंग, वॉयरिज्म या किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने जैसा अपराध नहीं माना जा सकता। जस्टिस एम. नागप्रसन्ना की सिंगल-जज बेंच ने कहा कि सिर्फ़ इसलिए आपराधिक कानून लागू नहीं किया जा सकता कि किसी छात्र ने निजी बातचीत में अपनी क्लासमेट की तारीफ की हो।

    उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे मुकदमों का युवा लोगों के भविष्य पर बुरा असर पड़ सकता है। यह मामला याचिकाकर्ता और उसकी 21 साल की क्लासमेट के बीच इंस्टाग्राम पर हुई बातचीत से जुड़ा था; दोनों दोस्त थे और एक ही कॉलेज में पढ़ते थे। याचिकाकर्ता ने उसे डायरेक्ट मैसेज भेजकर ‘प्रिटी’ (प्यारी) और ‘ब्यूटीफुल’ (सुंदर) कहा था, जिसे कोर्ट ने “जेन-जी लिंगो” (आजकल की पीढ़ी की भाषा) बताया।

    कोर्ट के रिकॉर्ड के मुताबिक, यह निजी मैसेज बाद में शिकायतकर्ता के पिता को दिखाया गया, जो एक सीनियर आईपीएस अधिकारी हैं। इसके बाद छात्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने उस पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट की धारा 66ए के तहत मामला दर्ज किया। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस नागप्रसन्ना ने कहा कि बातचीत सार्वजनिक नहीं थी और इस्तेमाल की गई भाषा आज के छात्रों के बातचीत के तरीके को दिखाती है।भौगोलिक संदर्भ

    कोर्ट ने कहा, “यह चैट सार्वजनिक नहीं है। यह दो लोगों के बीच की बातचीत है। इसमें इस्तेमाल की गई भाषा वैसी ही है जैसी आजकल के छात्र इस्तेमाल करते हैं। इसे अपराध नहीं माना जा सकता।” हाई कोर्ट ने कहा कि निजी बातचीत में की गई तारीफ अपने आप में स्टॉकिंग (पीछा करना), वॉयरिज्म (किसी को छिपकर देखना) या किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने जैसा अपराध नहीं बनती।कोर्ट ने यह भी कहा कि आपराधिक कार्यवाही जारी रखने की इजाजत देना कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा और इससे याचिकाकर्ता का भविष्य बेवजह खतरे में पड़ सकता है। इसके बाद, कोर्ट ने एफआईआर रद्द कर दी और जांच अधिकारी को निर्देश दिया कि वे जब्त की गई सभी चीजें, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी शामिल हैं, तुरंत याचिकाकर्ता को लौटा दें।

  • टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोग अब ‘राजमार्गयात्रा’ मोबाइल ऐप के माध्यम से डिजिटल रूप से ‘लोकल पास’ खरीद सकेंगे…

    टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोग अब ‘राजमार्गयात्रा’ मोबाइल ऐप के माध्यम से डिजिटल रूप से ‘लोकल पास’ खरीद सकेंगे…

    भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने बताया है कि, टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोग अब ‘राजमार्गयात्रा’ मोबाइल ऐप के माध्यम से डिजिटल रूप से ‘लोकल पास’ खरीद सकेंगे।

    रायपुर। देशभर में टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले स्थानीय निवासी अब ‘राजमार्गयात्रा’ मोबाइल ऐप के माध्यम से डिजिटल रूप से ‘लोकल पास’ खरीद सकेंगे। इस पास की मदद से वे संबंधित टोल प्लाजा से महीनेभर असीमित यात्रा कर सकेंगे। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने यह जानकारी दी।

    22 भारतीय भाषाओं में शिकायत
    बयान में कहा गया कि उपयोगकर्ता 22 भारतीय भाषाओं में अपनी शिकायत, सुझाव या सवाल लिख या बोलकर दर्ज करा सकते हैं। मंच उन्हें संबंधित जानकारी उपलब्ध कराएगा या उपयुक्त सेवा तक पहुंचने में सहायता करेगा।

    हाईवे सफर होगा और आसान
    ‘राजमार्गयात्रा’ एप के जरिए यात्री फास्टटैग ब्लैकलिस्ट स्टेटस भी देख सकेंगे, लंबित ई-नोटिस की जानकारी ले सकेंगे। एनएचएआई का मानना है कि इन नई डिजिटल सुविधाओं से राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर पहले से अधिक आसान, सुरक्षित और सुविधाजनक होगा।

    ‘मार्ग मित्र’ सहायता केंद्र
    राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं के लिए सेवाओं को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से एनएचएआई ने ‘मार्ग मित्र’ सहायता केंद्र भी शुरू किया है। इस मंच को ‘राजमार्गयात्रा’ मोबाइल एप में ही एकीकृत किया गया है। एनएचएआई के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं के लिए एकल खिडकी मंच के रूप में विकसित ‘मार्ग मित्र’ यात्रियों को जानकारी प्राप्त करने, सहायता मांगने और शिकायत दर्ज कराने की कराने की सुविधा देगा।

  • कॉकरोच जनता पार्टी के आगे मोदी सरकार झुकी! CJP के अल्टीमेटम पर कहा- जब चाहेंगे, तब बातचीत के लिए तैयार….

    कॉकरोच जनता पार्टी के आगे मोदी सरकार झुकी! CJP के अल्टीमेटम पर कहा- जब चाहेंगे, तब बातचीत के लिए तैयार….

    Cockroach Janata Party Protest: कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के प्रदर्शन के आगे मोदी सरकार (Modi government) झुक गई है। सरकार कॉकरोच जनता पार्टी से बातचीत के लिए तैयार हो गई है। यहां तक कि सरकार सीजेपी के मुताबिक बातचीत के लिए तैयार हो गई है। दिल्ली में CJP के विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा (JP Nadda) ने सोनम वांगचुक से करीब 45 मिनट तक मुलाकात की। इसके बाद नड्डा ने कहा कि CJP के लोग जब भी चाहेंगे, सरकार बातचीत के लिए तैयार है।

    CJP ने भी सरकार के बातचीत के प्रस्ताव पर सहमति जताई है। CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि संगठन सरकार से बातचीत करने के लिए तैयार है। हालांकि, उन्होंने इसके लिए कुछ शर्तें भी रखी हैं।

    CJP प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सरकार ने पहले यह दावा किया था कि CJP बातचीत नहीं करना चाहती, लेकिन अब सरकार ने खुद साफ कर दिया है कि वह बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि जब सरकार बातचीत के लिए तैयार है तो अब इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकता है। CJP प्रवक्ता ने कहा कि संगठन किसी भी नेता के घर या दफ्तर में जाकर बैठक नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि अगर बातचीत करनी है तो या तो सरकार के प्रतिनिधि जंतर-मंतर आएं या फिर किसी सामान्य जगह पर बैठक हो सकती है। उन्होंने इसके लिए कांस्टीट्यूशन क्लब जैसी जगह का भी सुझाव दिया।

    अपनी शर्त पर करेंगे बातः CJP प्रवक्ता

    सौरव दास ने बताया कि दिल्ली पुलिस के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने CJP से संपर्क किया था। पुलिस अधिकारियों ने कहा था कि सरकार बातचीत करना चाहती है, लेकिन उन्होंने कहा कि CJP नेता बातचीत के लिए किसी नेता के घर नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को प्रदर्शन शुरू होने के पहले ही दिन बातचीत करनी चाहिए थी। सौरव दास ने कहा कि कल भी सरकार की ओर से बातचीत का प्रस्ताव आया था। उन्होंने कहा कि सभी लोग पढ़े-लिखे हैं और उन्हें पता है कि किसी भी समस्या का समाधान बातचीत के जरिए ही निकाला जा सकता है।

  • बुजुर्ग महिला को अकेला पाकर घर में घुसा अज्ञात चोर, गला दबाकर सोने का लॉकेट लूटा; हालत गंभीर…

    बुजुर्ग महिला को अकेला पाकर घर में घुसा अज्ञात चोर, गला दबाकर सोने का लॉकेट लूटा; हालत गंभीर…

    पुसौर। जिले के पुसौर थाना क्षेत्र के ग्राम कंवरिहा से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। घर में अकेली रहने वाली लगभग 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला हंस कुमारी पटेल को निशाना बनाते हुए एक अज्ञात चोर ने बाड़ी के रास्ते घर में घुसकर हमला कर दिया और लगभग 50,000 रुपये कीमत का सोने का लॉकेट (पदक) लूटकर फरार हो गया। पुलिस ने मामले में अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संगीन धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    बाड़ी में छिपा था बदमाश, खांसने की आवाज सुन जैसे ही देखा…
    मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता हंस कुमारी पटेल (पति स्व. दानीराम पटेल) गांव में अकेली रहती हैं। उनकी इकलौती बेटी कृष्णा पटेल की शादी डभरा तहसील में वकालत करने वाले घासीलाल पटेल से हुई है। घटना 20 जुलाई 2026 की शाम लगभग 7:30 बजे की है। बुजुर्ग महिला जब बाथरूम से निकलकर अपने कमरे की ओर लौट रही थीं, तभी उन्हें घर के पीछे (जहां लकड़ी व खाद रखा रहता है) किसी के खांसने की आवाज सुनाई दी। जब महिला ने टॉर्च की रोशनी से देखना चाहा, तो पहले से छिपा बैठा एक काले हुलिए का अज्ञात बदमाश पीछे से आया और उनका गला दबाकर खींच दिया।

    हमले से बेहोश हुई महिला, लॉकेट छीन भागा चोर
    अचानक हुए हमले से वृद्धा जमीन पर गिर गईं। इस धक्का-मुक्की में उनके गले की सोने की माला टूटकर गिर गई। महिला के चिल्लाने पर आरोपी ने जमीन पर गिरा लगभग 14 माशा वजनी सोने का लॉकेट (कीमत करीब ₹50,000) उठाया और मौके से रफूचक्कर हो गया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग और पीड़िता का भतीजा विजय पटेल का परिवार मौके पर पहुंचा। वृद्धा सदमे और चोट के कारण अचेत अवस्था में पड़ी हुई थीं।

    अपेक्स अस्पताल में इलाज जारी, पुलिस ने दर्ज किया मामला
    परिजनों और ग्रामीणों ने आनन-फानन में अचेत महिला को रायगढ़ के अपेक्स अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पीड़िता के दामाद घासीलाल पटेल और बेटी कृष्णा पटेल अस्पताल पहुंचे और पुलिस को मामले की जानकारी दी।

    पुसौर थाना पुलिस ने दामाद घासीलाल पटेल की शिकायत पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305 और 331(4) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में आरोपी की पतासाजी में जुट गई है।

  • रायगढ़ पुलिस की ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ में बड़ी सफलता : सहारा इंडिया फ्रॉड का 3 साल से फरार ब्रांच मैनेजर गिरफ्तार, ₹40.78 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला…

    रायगढ़ पुलिस की ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ में बड़ी सफलता : सहारा इंडिया फ्रॉड का 3 साल से फरार ब्रांच मैनेजर गिरफ्तार, ₹40.78 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला…

    रायगढ़। एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत थाना कोतवाली पुलिस ने बहुचर्चित सहारा इंडिया निवेश घोटाले में लगभग तीन वर्षों से फरार चल रहे सहारा इंडिया कबीर चौंक रायगढ़ के ब्रांच मैनेजर विजय कुमार शराफ को कोतरारोड़ क्षेत्र से गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी को 20 जुलाई 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

    मामले में वर्ष 2022 में शिकायतकर्ता विकास निगानिया पिता दिनेश निगानिया उम्र 35 वर्ष निवासी कृष्णा विहार कालोनी रायगढ द्वारा थाना कोतवाली में 29 सिंतबर 2022 को रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि सहारा इंडिया के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कंपनी की विश्वसनीयता और आरबीआई से अधिकृत होने का झूठा विश्वास दिलाकर उनसे, उनकी माता तथा पत्नी से वर्ष 2017 के दौरान लगभग ₹40 लाख विभिन्न योजनाओं में निवेश कराया। बाद में परिपक्वता अवधि पूरी होने के बावजूद राशि वापस नहीं की गई। जांच में यह भी सामने आया कि निवेशकों से रकम सहारा इंडिया के नाम पर लेकर विभिन्न सहकारी समितियों के नाम से बॉण्ड जारी किए गए और निवेशकों के साथ सुनियोजित धोखाधड़ी की गई।

    विवेचना के दौरान जिला प्रशासन, विभिन्न बैंकों, मंत्रालयों तथा निवेशकों से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर सहारा इंडिया समूह के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों, शाखा प्रबंधकों, सेक्टर मैनेजरों एवं रीजनल अधिकारियों की संलिप्तता पाई गई। मामले में कोतवाली पुलिस द्वारा धोखाधड़ी में संलिप्त आरोपी- सहारा इंडिया कंपनी रायगढ़ के पूर्व शाखा प्रबंधक ओम प्रकाश शर्मा, पूर्व शाखा प्रबंधक खरसिया पुष्पेन्द्र कुमार साहू, कंपनी डायरेक्टर करूणेश अवस्थी, सेक्टर मैनेजर अमृत लाल श्रीवास और दिनांक 06.072024 को सहारा इंडिया कंपनी बिलासपुर के रीजनल मैनेजर रजनीष तिवारी  को गिरफ्तार कर विशेष न्यायाधीश रायगढ़ के न्यायालय में चालान पेश किया गया है।

    आरोपी से पुलिस ने उसके आई कार्ड, नियुक्ति एवं कार्य आदेश संबंधी दस्तावेज, बैंक खाते, जमीन संबंधी दस्तावेज, धोखाधड़ी रकम से क्रय की हुई कार एवं मोटर सायकल को जप्त किया गया है। जांच में रायगढ़ जिले सहित अन्य जिलों से प्राप्त शिकायतों के आधार पर अब तक 3,848 निवेशकों के लगभग ₹40,78,16,739 की धोखाधड़ी का खुलासा हो चुका है। मामले में फरार आरोपियों की लगातार तलाश जारी है। प्रकरण में सहारा इंडिया कंपनी रायगढ़ कबीर चौंक रायगढ़ के ब्रांच मैनेजर विजय कुमार शराफ (54 वर्ष), निवासी विकास नगर, कोतरारोड़, रायगढ़ फरार होकर लुक छिप रहा था। ऑपरेशन क्लीन हंट में फरार आरोपी के ससुराल कोतरारोड़ आने की मुखबीर सूचना पर तत्काल कोतवाली पुलिस द्वारा आरोपी को हिरासत में लिया गया।

    पूछताछ में उसने अपराध से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्यों को स्वीकार किया। उसके कब्जे से सहारा इंडिया कंपनी के फ्रेंचाइजी कार्यालय कबीर चौक के विकास एवं प्रशासन संबंधी आदेश पत्र तथा कंपनी से संबंधित एमओयू की प्रतियां जब्त की गईं। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर कल न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। रायगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सहारा इंडिया निवेश घोटाले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश लगातार जारी है तथा प्रकरण में उपलब्ध होने वाले नए साक्ष्यों के आधार पर आगे भी प्रभावी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फरार आरोपी की पतासाजी गिरफ्तारी में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक सुखनंदन पटेल, एएसआई विल्फ्रेड मसीह और हमराह स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

    एसएसपी शशि मोहन सिंह का संदेश
    “निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करने वाले किसी भी आरोपी को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा। रायगढ़ पुलिस आर्थिक अपराधों में फरार आरोपियों की लगातार तलाश कर रही है। आम जनता के विश्वास के साथ खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।”