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  • मालवाहक रेल कॉरिडोर के लिए छत्तीसगढ़ के इन 25 गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित, खरीदी-बिक्री पर लगी रोक…

    मालवाहक रेल कॉरिडोर के लिए छत्तीसगढ़ के इन 25 गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित, खरीदी-बिक्री पर लगी रोक…

    छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के 25 गांवों की जमीन अब प्रस्तावित मालवाहक रेल कॉरिडोर परियोजना के लिए अधिग्रहित की जाएगी। केंद्र सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को हरी झंडी दिए जाने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में जमीन की खरीदी-बिक्री, खाता विभाजन और अंतरण पर रोक लगा दी गई है।

     पश्चिम बंगाल के दानकुनी से गुजरात के सूरत तक प्रस्तावित समर्पित मालवाहक रेल कॉरिडोर (डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर) के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। केंद्र सरकार ने राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित कर संबंधित एसडीएम को सक्षम प्राधिकारी नियुक्त कर दिया है। इसके साथ ही परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण की औपचारिक प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है।

    करीब 2100 से 2200 किलोमीटर लंबे इस रेल कॉरिडोर का उद्देश्य देश के प्रमुख औद्योगिक, खनिज और बंदरगाह क्षेत्रों को जोड़ना है। यह रेलमार्ग पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और गुजरात से होकर गुजरेगा। इस लाइन पर केवल मालगाड़ियां संचालित होंगी।

    Durg 25 Villages Land Acquisition: 25 गांवों पर पड़ेगा सीधा प्रभाव

    दुर्ग जिले में यह कॉरिडोर दुर्ग, पाटन और भिलाई-3 तहसील के 25 गांवों से होकर गुजरेगा। भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले लेन-देन रोकने के लिए जिला प्रशासन पहले ही संबंधित गांवों में जमीन की खरीदी-बिक्री, खाता विभाजन, अंतरण और व्यपवर्तन पर रोक लगा चुका है।

    दावा-आपत्ति के बाद तय होगा मुआवजा

    अधिग्रहण के अगले चरण में प्रभावित भूमि का विवरण प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद भू-स्वामियों को दावा-आपत्ति प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। जनसुनवाई के बाद राजस्व विभाग और रेलवे की संयुक्त टीम जमीन, मकान, कुएं, पेड़-पौधों तथा अन्य परिसंपत्तियों का मूल्यांकन करेगी। निर्धारित नियमों के अनुसार मुआवजा राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में जमा की जाएगी। भुगतान के बाद ही जमीन रेलवे को हस्तांतरित होगी।

    जिले को मिलेगा औद्योगिक लाभ

    कॉरिडोर बनने से दुर्ग जिला देश के दो बड़े व्यापारिक केंद्रों सूरत और दानकुनी से सीधे जुड़ जाएगा। इससे इस्पात, सीमेंट और अन्य उद्योगों को माल परिवहन में सुविधा मिलेगी। साथ ही मुख्य रेलवे लाइन पर मालगाडिय़ों का दबाव कम होने से यात्री ट्रेनों के संचालन में भी सुधार आएगा। निर्माण चरण में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। वहीं किसानों को अपनी उपज देश के बड़े बाजारों तक कम लागत और कम समय में पहुंचाने का विकल्प मिलेगा, जिससे कृषि और व्यापार दोनों क्षेत्रों को लाभ होने की उम्मीद है।

    कुल मिलाकर, दानकुनी-सूरत मालवाहक रेल कॉरिडोर परियोजना से दुर्ग जिले के औद्योगिक और आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। हालांकि भूमि अधिग्रहण (Durg Land Acquisition) के कारण प्रभावित ग्रामीणों और किसानों की चिंताएं भी महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में पारदर्शी प्रक्रिया, उचित मुआवजा और समयबद्ध पुनर्वास सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी।

  • विधायक ट्रोलिंग मामला: बीजेपी MLA अनुज शर्मा के पक्ष में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, आपत्तिजनक कंटेंट हटाने के निर्देश…

    विधायक ट्रोलिंग मामला: बीजेपी MLA अनुज शर्मा के पक्ष में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, आपत्तिजनक कंटेंट हटाने के निर्देश…

    बिलासपुर। हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया पर बढ़ती ऑनलाइन ट्रोलिंग और मानहानि के मामलों के बीच एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। पद्मश्री एवं विधायक अनुज शर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए  कोर्ट ने उनके खिलाफ प्रसारित की जा रही मानहानिकारक, आपत्तिजनक और मॉर्फ्ड सामग्री पर कड़ा ऐतराज जताया है। हाईकोर्ट ने संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और पोस्ट करने वालों को नोटिस जारी कर विवादित कंटेंट को तत्काल हटाने का सख्त निर्देश दिया है। याचिका की सुनवाई जस्टिस ए.के. प्रसाद के सिंगल बेंच में हुई।

    कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए अनुज शर्मा और उनके  परिवार को निशाना बनाकर किए गए अश्लील पोस्ट, गाली-गलौज, मॉर्फ्ड वीडियो और तस्वीरों को तत्काल हटाने का निर्देश दिया है। याचिकाकर्ता अनुज शर्मा ने अपनी याचिका में कहा है कि फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स और यूट्यूब पर कई फर्जी अकाउंट्स के जरिए उनकी पुरानी फिल्मों और गानों को एडिट कर उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।

    याचिका की सुनवाई के दौरान अनुज शर्मा की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ताओं ने कहा कि बिना अनुमति किसी की पहचान, छवि या आवाज का इस्तेमाल करना ‘व्यक्तित्व अधिकार’ (Personality Rights) और संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत प्रदत्त निजता के अधिकार का सीधा उल्लंघन है।

    मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ता अनुज शर्मा और उनके परिवार से जुड़े सभी मानहानिकारक, मॉर्फ्ड और आपत्तिजनक पोस्ट, वीडियो व कैरिकेचर को तुरंत हटाने, प्रतिबंधित करने के निर्देश। संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट्स के संचालकों, चैनल एडमिन्स और कंटेंट क्रिएटर्स को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया। बिना अनुमति पहचान व छवि का व्यावसायिक या दुष्प्रचार के लिए इस्तेमाल करने पर जवाब मांगा है।

  • डिजिटल पेमेंट के बढ़ते चलन के साथ साइबर ठगों ने भी लोगों को अपनी चालाकी का शिकार बनाने के नए तरीके खोजे…क्या है एनएफसी स्कैम??

    डिजिटल पेमेंट के बढ़ते चलन के साथ साइबर ठगों ने भी लोगों को अपनी चालाकी का शिकार बनाने के नए तरीके खोजे…क्या है एनएफसी स्कैम??

    डिजिटल पेमेंट के बढ़ते चलन के साथ साइबर ठगों ने भी लोगों को अपनी चालाकी का शिकार बनाने के नए तरीके खोज लिए हैं।

    इन्हीं में से एक है एनएफसी (NFC) स्कैम, जिसमें साइबर अपराधी बिना आपका कार्ड छीने, बिना पिन पूछे और बिना किसी ओटीपी (OTP) के ही बैंक खाते से पैसे उड़ा लेते हैं।

    इस नए और खतरनाक स्कैम में ठग कार्ड की ‘टैप एंड पे’ (कांटैक्टलेस पेमेंट) सुविधा का गलत फायदा उठाते हैं। अगर आपके डेबिट या क्रेडिट कार्ड में टैप टू पे सर्विस चालू है, तो अनजाने में आप भी साइबर अपराधियों के निशाने पर आ सकते हैं। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि तकनीक के जरिए होने वाली यह ठगी कैसे काम करती है और इससे बचाव के क्या उपाय हैं।

    क्या है एनएफसी स्कैम और भीड़ में कैसे होती है ठगी ?

    एनएफसी यानी ‘नियर फील्ड कम्युनिकेशन’ एक ऐसी आधुनिक तकनीक है, जिसकी मदद से फोन या बैंक कार्ड को पॉस (POS) मशीन के करीब लाकर बिना पिन डाले कांटैक्टलेस पेमेंट किया जाता है। साइबर ठग इसी सुविधा का फायदा उठाने के लिए भीड़भाड़ वाली जगहों पर अपने साथ वायरलेस कार्ड रीडर या स्वैप मशीन छिपाकर चलते हैं। जब कोई व्यक्ति किसी भीड़ में होता है और उसका एक्टिवेटेड कार्ड किसी अनजान डिवाइस के संपर्क में आ जाता है, तो ठग पल भर में बिना पिन या पासवर्ड के छोटी रकम का लेनदेन कर लेते हैं। यही कारण है कि बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को अपने कार्ड को लेकर अतिरिक्त सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।

    किन लोगों को है ज्यादा खतरा और कहां बरतें सावधानी ?

    जिन बैंक ग्राहकों के डेबिट या क्रेडिट कार्ड में कॉन्टैक्टलेस पेमेंट सर्विस पहले से एक्टिव है, उन्हें अपनी जेब, बैग और फोन की सुरक्षा पर सबसे ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। मेट्रो, भीड़ से भरी बसें, रेलवे स्टेशन और भीड़भाड़ वाले बाजार ऐसी जगहें हैं, जहां ठग किसी के भी बेहद करीब आकर इस वारदात को अंजाम दे सकते हैं। अगर आपको अपने रोजमर्रा के लेनदेन में टैप टू पे सुविधा की आवश्यकता नहीं है, तो बेहतर होगा कि आप अपने मोबाइल बैंकिंग ऐप की मदद से या सीधे बैंक से संपर्क करके इस सर्विस को तुरंत बंद (डिसेबल) करा दें।

    सतर्कता ही है बचाव: इन आसान तरीकों से सुरक्षित रखें बैंक खाता

    एनएफसी स्कैम से बचने का सबसे आसान तरीका यही है कि आप अपने कार्ड और फोन को हमेशा सुरक्षित स्थान पर रखें और किसी भी अनजान व्यक्ति को इनके करीब आने का मौका न दें। अपने बैंक खाते से जुड़े एसएमएस (SMS) और ऐप नोटिफिकेशन पर नियमित रूप से नजर रखें, ताकि किसी भी संदिग्ध या अनजान ट्रांजैक्शन की जानकारी तुरंत मिल सके। जरूरत न होने पर कांटैक्टलेस लिमिट को शून्य कर देना एक समझदारी भरा कदम है। यदि आपको खाते से कोई भी अनजान लेनदेन दिखे या कार्ड खो जाए, तो बिना एक पल की देरी किए कार्ड को ब्लॉक कराएं और बैंक के साथ-साथ साइबर सेल को इसकी सूचना दें। थोड़ी सी सतर्कता और समझदारी आपको डिजिटल ठगी से सुरक्षित रख सकती है।

  • थाना परिसर में आरक्षक ने की आत्महत्या, बैरक में फंदे पर लटका मिला शव, जांच में जुटी पुलिस…

    थाना परिसर में आरक्षक ने की आत्महत्या, बैरक में फंदे पर लटका मिला शव, जांच में जुटी पुलिस…

    सक्ती जिले के हसौद थाना परिसर से एक दुखद घटना सामने आई है। थाना परिसर स्थित बैरक में पदस्थ एक आरक्षक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है।

    जानकारी के अनुसार, मृतक आरक्षक की पहचान जय लहरे (41 वर्ष) के रूप में हुई है। वे मूल रूप से भलवाही, लगरा, थाना पामगढ़ के निवासी बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आरक्षक का शव थाना परिसर स्थित बैरक में खिड़की से बोरा सिलने में उपयोग होने वाली प्लास्टिक की रस्सी के सहारे फंदे पर लटका मिला।
    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस के साथ वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आरक्षक ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और अन्य तथ्यों के आधार पर मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाएगा।
  • शराब के नशे में स्कूल पहुंचे शिक्षक का वीडियो वायरल, ग्रामीणों ने BEO से की शिकायत…

    शराब के नशे में स्कूल पहुंचे शिक्षक का वीडियो वायरल, ग्रामीणों ने BEO से की शिकायत…

    सूरजपुर। जिले के प्रतापपुर विकासखंड अंतर्गत पहाड़करवां स्थित प्राथमिक शाला से एक शिक्षक का शराब के नशे में स्कूल पहुंचने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में शिक्षक लड़खड़ाते हुए नजर आ रहे हैं। मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है और उन्होंने शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

    बताया जा रहा है कि स्कूल में शिक्षक के शराब के नशे में होने की सूचना मिलने पर सरपंच और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। इस दौरान शिक्षक नशे की हालत में स्कूल में अपनी हाजिरी लगाने के लिए मोबाइल लोकेशन तलाशते नजर आए। ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षक की इस स्थिति के कारण स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है और बच्चों की पढ़ाई पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

    मामले को लेकर ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर घटनाक्रम का पंचनामा तैयार किया और इसकी शिकायत विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) से की है। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से मामले की जांच कर संबंधित शिक्षक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल वायरल वीडियो और ग्रामीणों की शिकायत के बाद शिक्षा विभाग ने मामले की जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

  • CJP का गठन, प्रदर्शन और अंततः जीत… सोशल मीडिया बैन से लेकर जंतर-मंतर के आंदोलन की पूरी कहानी….

    CJP का गठन, प्रदर्शन और अंततः जीत… सोशल मीडिया बैन से लेकर जंतर-मंतर के आंदोलन की पूरी कहानी….

    नई दिल्ली। 16 मई 2026 को अभिजीत दीपके द्वारा बेरोजगार युवाओं पर की गई टिप्पणी के बाद घोषित की गई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मात्र कुछ दिनों में लाखों फॉलोअर्स जुटा लिए। सोशल मीडिया पर अकाउंट सस्पेंड होने के बावजूद पार्टी ने जमीनी आंदोलन तेज किया।

    सोनम वांगचुक के साथ NEET पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल चला। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हिंसा हुई।

    अंततः 25 जुलाई को मंत्री के इस्तीफे के बाद सरकार से दो मांगों पर आश्वासन मिलने के बाद CJP ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी। तो आईए जानते हैं सीजेपी के गठन से लेकर अब तक तारीख अनुसार टाइमलाइन

    • 21 मई के बीच सीजेपी के इंटरनेट मीडिया पर फालोवर की संख्या लाखों में पहुंच गई।
    • 21 मई को राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर सीजेपी का एक्स अकाउंट सस्पेंड किया गया है लेकिन बाद में हाईकोर्ट के निर्देश के बाद इस अकाउंट को बहाल कर दिया गया
    • 1 जून को अभिजीत दीपके ने अमेरिका से भारत लौटकर दिल्ली में जमीनी स्तर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया
    • 2 जून को सीजेपी ने घोषणा की सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी आंदोलन से जुड़ेंगे
    • 6 जून को सीजेपी ने पुलिस की इजाजत से एक दिवसीय धरना दिया। जहां पर नीट पेपर लीक को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा गया
    • 20 जून को जंतर-मंतर पर छात्र और सीजेपी समर्थक धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए
    • 28 जून को सीजेपी की मांगों के समर्थन में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की घोषणा कर दी
    • 9 जुलाई को सीजेपी ने मानसून सत्र के पहले दिन संसद मार्च का ऐलान कर दिया
    • 18 जुलाई की सुबह पुलिस ने सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से उठाकर सफदजंग अस्पताल में दाखिल कराया
    • 20 जुलाई को सीजेपी ने संसद मार्च किया जहां पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई और लाठीचार्ज व आंसूगैस के गोलों की कार्रवाई में पुलिस कर्मी और कई प्रदर्शनकारी घायल हुए
    • 20 जुलाई को ही जेपी नड्डा ने सीजेपी के प्रतिनिधियों के बीच पहली औपचारिक वार्ता हुई, लेकिन उन्होंने आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया
    • 21 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट की अनुमति के बाद सोनम वांगचुक को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में दाखिल किया गया
    • 23 जुलाई को ही देर रात उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा व जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में अपना 26 दिवसीय अनशन समाप्त किया
    • 24 जुलाई को सीजेपी और केंद्रीय स्वास्थ्य़ मंत्री जेपी नड्डा के साथ वीपी हाउस कांस्टीट्यूशन क्लब में बातचीत हुई इसमें सरकार ने सीजेपी की तीन मांगों में से दो को मानने का आश्वासन दिया जबकि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर चर्चा के लिए शनिवार तक का समय मांगा
    • 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में सीजेपी के पदाधिकारियों के साथ चर्चा हुई इसके बाद सीजेपी ने आंदोलन खत्म करने की घोषणा की
  • धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बोले अन्ना हजारे, कहा- ‘मैंने 22 भूख हड़ताल की, 10 कानून बनवाए लेकिन कभी हिंसा का सहारा नहीं लिया…

    धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बोले अन्ना हजारे, कहा- ‘मैंने 22 भूख हड़ताल की, 10 कानून बनवाए लेकिन कभी हिंसा का सहारा नहीं लिया…

    केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सोशल एक्टिविस्ट अन्ना हजारे हिंसा न करने की सलाह दी है। महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में उन्होंने कहा कि अपने जीवन में उन्होंने 22 भूख हड़ताल की हैं लेकिन कभी हिंसा का सहारा नहीं लिया। अन्ना हजारे ने कहा कि उनके आंदोलनों के बाद 10 कानून बने और यही साबित करता है कि बदलाव के लिए हिंसा नहीं बल्कि शांतिपूर्ण संघर्ष सबसे प्रभावी रास्ता है। उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि वे किसी भी परिस्थिति में हिंसा का रास्ता न अपनाएं और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखें।

    इसके बाद अन्ना हजारे ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा यह लोकतंत्र है, तानाशाही नहीं। जो भी होना चाहिए वह लोकतांत्रिक तरीके से होना चाहिए और हमें हमेशा लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन करना चाहिए। अन्ना हजारे ने कहा कि किसी भी आंदोलन या विरोध में लोकतांत्रिक मूल्यों और अहिंसा का पालन सबसे महत्वपूर्ण है।

    धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अन्य नेताओं की भी आई प्रतिक्रिया

    धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। स्वराज पार्टी के नेता और सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने इसे लोकतंत्र और जनता की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत देश के युवा रहे जिन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी और बदलाव का रास्ता दिखाया।

    योगेंद्र यादव ने यह भी कहा कि आंदोलन ने अपना एक अहम लक्ष्य हासिल कर लिया है, लेकिन अभी कुछ मुद्दों पर कार्रवाई बाकी है। उनके मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई की जवाबदेही तय होनी चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि आंदोलन में शामिल किसी भी छात्र के खिलाफ आगे कोई मामला दर्ज न हो।

    ओवैसी बोले- यह न्याय और देश के युवाओं की जीत है

    असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उन सभी छात्रों और युवाओं की जीत है जिन्होंने पिछले कई दिनों से इस मुद्दे को लेकर लगातार आवाज उठाई। मैं उन्हें बधाई देता हूं। इसके साथ ही उन्होंने मोदी सरकार पर भी जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा इस आंदोलन ने सरकार को खुला पैगाम दे दिया है कि अब तानाशाही नहीं चलेगी।

    अलका लांबा ने छात्रों को दी श्रद्धांजलि, सरकार पर साधा निशाना

    अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ उन छात्रों को भी याद किया जाना चाहिए जिन्होंने नीट यूजी 2026 पेपर लीक विवाद के बाद अपनी जान गंवाई। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने शुरुआत में ही प्रभावी कदम उठाए होते तो कई परिवारों को यह दुख नहीं झेलना पड़ता।

    अलका लांबा ने कहा कि यह घटनाक्रम सिर्फ एक मंत्री के इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन छात्रों के संघर्ष और उनके परिवारों की पीड़ा की भी याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियां दोबारा पैदा न हों और कोई भी छात्र निराश होकर अपनी जान गंवाने को मजबूर न हो इसके लिए परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की जरूरत है।

  • छत्तीसगढ़ में 1 करोड़ की उठाईगिरी, गहने भरी बैग पार….

    छत्तीसगढ़ में 1 करोड़ की उठाईगिरी, गहने भरी बैग पार….

    सीतापुर। सीतापुर नगर में दिनदहाड़े एक बड़ी उठाईगिरी की वारदात सामने आई है। नेशनल हाईवे-43 से लगे व्यस्त बाजार क्षेत्र में काशी विश्वनाथ ज्वेलर्स के संचालक एवं सर्राफा व्यवसायी अरुण सोनी की स्कूटी से करीब 1 करोड़ रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषणों से भरा बैग अज्ञात बदमाश लेकर फरार हो गए। घटना के बाद पूरे नगर में हड़कंप मच गया है। मिली जानकारी के अनुसार, अरुण सोनी प्रतिदिन की तरह सुबह करीब साढ़े 11 बजे हाईस्कूल के पास स्थित अपनी दुकान खोलने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने स्कूटी में आभूषणों से भरा बैग टांग रखा था।

     

    जैसे ही वह दुकान का शटर खोलने में व्यस्त हुए, पहले से घात लगाए बाइक सवार दो बदमाश पलक झपकते ही बैग लेकर मौके से फरार हो गए। वारदात इतनी तेजी से हुई कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले आरोपी आंखों से ओझल हो चुके थे। पूरी घटना पास में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। वहीं, जांच के दौरान एक नकाबपोश युवती भी कैमरे में दिखाई दी है, जिसकी गतिविधियां संदिग्ध बताई जा रही हैं। पुलिस उसकी भूमिका की भी जांच कर रही है।

  • देवकीनंदन महाराज की कथा में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की बेइज्जती? मंच से 4 बार गलत लिया नाम…

    देवकीनंदन महाराज की कथा में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की बेइज्जती? मंच से 4 बार गलत लिया नाम…

    राजधानी रायपुर के बुढ़ापारा स्थित इंडोर स्टेडियम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहेब से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    वीडियो में मंच संचालन के दौरान मंत्री का नाम एक बार नहीं, बल्कि कई बार गलत उच्चारित किए जाने का दावा किया जा रहा है। इस घटना के बाद मंत्री के समर्थकों में नाराजगी देखने को मिल रही है और वे इसे मंत्री के साथ-साथ सतनामी समाज के सम्मान से भी जोड़कर देख रहे हैं।

    जानें पूरा मामला

    जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होने के लिए कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब (Guru Khushwant Saheb) इंडोर स्टेडियम पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान जब मंच से उनका स्वागत और आमंत्रण किया गया, तब मंच संचालक ने कथित तौर पर उनका नाम लगातार चार बार गलत पुकारा। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के अनुसार, बार-बार नाम गलत लिए जाने से वहां मौजूद समर्थकों ने नाराजगी जताई। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया।

    समर्थकों में भारी नाराजगी

    मंत्री समर्थकों का आरोप है कि कार्यक्रम में आमंत्रित विशिष्ट अतिथियों की सही जानकारी रखना आयोजकों और मंच संचालन करने वाले की जिम्मेदारी होती है। उनका कहना है कि गुरु खुशवंत साहेब प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री होने के साथ-साथ रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री भी हैं और लंबे समय से सामाजिक एवं राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय हैं। ऐसे में सार्वजनिक मंच से उनका नाम बार-बार गलत लिया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

    समर्थकों का कहना है कि गुरु खुशवंत साहेब सतनामी समाज का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख नेताओं में से एक हैं। उनका आरोप है कि इस घटना से केवल मंत्री ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने आयोजकों से भविष्य में इस तरह की लापरवाही से बचने और आमंत्रित अतिथियों की गरिमा का ध्यान रखने की मांग की है।

    घटना के बाद आयोजन समिति को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। समर्थकों का आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान हुई इस चूक को गंभीरता से नहीं लिया गया। उनका कहना है कि अब तक न तो इस मामले में कोई सार्वजनिक स्पष्टीकरण सामने आया है और न ही किसी प्रकार की प्रतिक्रिया दी गई है।

    वायरल वीडियो पर अब तक आयोजकों की नहीं आई प्रतिक्रिया

    सूत्रों के अनुसार, कार्यक्रम का संचालन विजय शर्मा कर रहे थे, जिन्हें पूज्य देवकीनंदन महाराज (Devkinandan Maharaj Katha) का भाई बताया जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में आयोजन समिति या मंच संचालक की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसे लेकर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। आयोजन समिति की ओर से आधिकारिक पक्ष आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति और अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

  • किरायेदार सत्यापन अब अनिवार्य, बिना पुलिस सूचना किराये पर मकान देना पड़ेगा भारी…

    किरायेदार सत्यापन अब अनिवार्य, बिना पुलिस सूचना किराये पर मकान देना पड़ेगा भारी…

    कलेक्टर रायगढ़ ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163(2) के तहत जारी किया आदेश
    आदेश उल्लंघन पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत होगी दंडात्मक कार्रवाई

    रायगढ़ । रायगढ़ जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा असामाजिक एवं आपराधिक तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी रायगढ़ श्री मयंक चतुर्वेदी द्वारा 25 जुलाई 2026 को महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163(2) के अंतर्गत जारी इस आदेश के अनुसार जिले में कोई भी भवन स्वामी, प्रतिष्ठान अथवा संस्थान बिना पुलिस को पूर्व सूचना दिए अपना भवन, मकान, कमरा अथवा परिसर किराये पर नहीं देगा। साथ ही वर्तमान में निवासरत सभी किरायेदारों का संपूर्ण विवरण भी संबंधित थाना में जमा करना अनिवार्य होगा।

    जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि प्रायः देखा गया है कि कुछ असामाजिक एवं आपराधिक प्रवृत्ति के लोग अपनी पहचान छिपाकर शहरी एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में किराये के मकानों में निवास करते हैं, जिससे कानून-व्यवस्था एवं जन सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है। ऐसी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए किरायेदारों एवं घरेलू सहायकों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य किया गया है।

    आदेश के अनुसार प्रत्येक भवन स्वामी अपने किरायेदार का नाम, मूल पता, मोबाइल नंबर, पहचान पत्र का विवरण एवं अन्य आवश्यक जानकारी संबंधित थाना प्रभारी को उपलब्ध कराएगा। किसी भी व्यक्ति को वैध एवं प्रामाणिक पहचान पत्र के बिना किराये पर आवास नहीं दिया जाएगा। जो किरायेदार पहले से रह रहे हैं, उनके संबंध में भी मकान मालिकों को तत्काल संबंधित थाना प्रभारी को जानकारी देना अनिवार्य होगा। यह व्यवस्था केवल आवासीय भवनों तक सीमित नहीं है, बल्कि सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, उद्योगों एवं संस्थानों पर भी समान रूप से लागू होगी।

    इसके अतिरिक्त यदि किसी किरायेदार अथवा उसके यहां आने वाले आगंतुक की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत होती हैं, तो उसकी सूचना तत्काल निकटतम पुलिस थाना या चौकी को देना आवश्यक होगा। नागरिकों के जीवन एवं संपत्ति की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है तथा व्यापक जनहित में इसे एकपक्षीय आदेश के रूप में पारित किया गया है।

    कलेक्टर रायगढ़ द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 223 के अंतर्गत दंडनीय अपराध होगा, जिसके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आदेश के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लाउडस्पीकर, समाचार पत्र, सूचना पटल, पुलिस थानों तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों पर इसकी जानकारी प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

    रायगढ़ पुलिस जिले के सभी भवन स्वामियों, उद्योग संचालकों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों एवं आम नागरिकों से अपील करती है कि वे किरायेदार सत्यापन संबंधी इस आदेश का पूर्ण पालन करें और सुरक्षित, अपराधमुक्त एवं शांतिपूर्ण रायगढ़ के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।