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  • मानव अंग प्रतिरोपण के लिए राज्य सलाहकार समिति का हुआ गठन, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव सहित इन्हें किया शामिल, देखें अधिसूचना….

    मानव अंग प्रतिरोपण के लिए राज्य सलाहकार समिति का हुआ गठन, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव सहित इन्हें किया शामिल, देखें अधिसूचना….

    रायपुर। मानव अंग प्रतिरोपण के लिए राज्य सलाहकार समिति के गठन की अधिसूचना जारी की गई है। दो साल के लिए गठित समिति में अध्यक्ष सहित 9 सदस्यों को शामिल किया गया है।

    लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना में समिति के अध्यक्ष के तौर पर अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा स्थान दिया गया है। इसके अलावा दाऊ कल्याण सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल रायपुर में प्रोफ़ेसर सर्जरी एवं अधीक्षक डॉ शिप्रा शर्मा को सदस्य बनाया गया है। अपर संचालक संयुक्त संचालक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सदस्य सचिव रहेंगे।

  • एसआईटी ने किये बड़े खुलासे, पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड के आरोपियों के अपराध को प्रमाणित करने साक्ष्य संकलन में पुलिस ने झोंकी ताकत.. पढिये एसआईटी के प्रारंभिक जांच की पूरी रिपोर्ट..

    एसआईटी ने किये बड़े खुलासे, पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड के आरोपियों के अपराध को प्रमाणित करने साक्ष्य संकलन में पुलिस ने झोंकी ताकत..
    पढिये एसआईटी के प्रारंभिक जांच की पूरी रिपोर्ट..

    नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के स्वतंत्र पत्रकार मुकेश चंद्राकार हत्याकांड मामले में पुलिस ने मुख्य षड्यंत्रकारी बताए जा रहे ठेकेदार सुरेश चंद्राकार सहित चार आरोपियों को जेल दाखिल कर दिया है। पुलिस का दावा है कि, सीमित समय में चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी। आरोपियों को जेल भेजे जाने के पहले मुकेश हत्याकांड की जांच कर रही एसआईटी घटनास्थल पर लेकर गई और सीन ऑफ क्राइम रिक्रिएट किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार संभावनाएं हैं कि, इस प्रकरण में अन्य आरोपितों की भी गिरफ़्तारी हो सकती है।

    डिजिटल फुटप्रिंट को और बेहतर करने की कवायद

    पुलिस इस मामले में डिजिटल फुटप्रिंट को और बेहतर करने की क़वायद में जुटी है। इस मामले में चल रहे पुलिस अनुसंधान की पूर्णता के लिए तकनीकी साक्ष्य का बेहद महत्वपूर्ण स्थान है। पुलिस ने आरोपियों के मोबाईल के विस्तृत विवरण हासिल करने के लिए उन्हे एफएसएल को भेजने वाली है। इस मामले में सीडीआर (कॉल डिटेल) के साथ साथ आईपीडीआर (नेट बेस्ड डिटेल) पुलिस हासिल कर चुकी है। एफएसएल की लैब से पुलिस आरोपितों के फ़ोन में दर्ज वो डाटा भी रिकवर कर पाएगी जो कि डिलीट हो चुका है।

    तीस से अधिक अधिकारी कर्मचारियों ने ताक़त झोंकी

    स्वतंत्र पत्रकार मुकेश की हत्या की विवेचना के लिए एसआईटी गठित की गई है। इस एसआईटी में 11 सदस्य हैं। लेकिन इन 11 सदस्यों के साथ साथ पुलिस महकमे के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों का भी इस प्रकरण की विवेचना में सहयोग लिया जा रहा है। इनमें ना केवल बीजापुर बल्कि रेंज मुख्यालय के लोग भी शामिल हैं। मुकेश की हत्या बेहद सुनियोजित थी, और इसलिए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हर संभव साक्ष्य तलाशने में विशेषकर तकनीकी साक्ष्य संकलन में ताक़त झोंक चुकी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार मुकेश की हत्या रात दस बजे के आसपास कर दी गई थी।



    मुकेश के मोबाइल की तलाश जारी

    पुलिस को मृतक मुकेश के मोबाइल की तलाश है। पुलिस को आरोपियों ने जिस जगह मुकेश का मोबाइल फेंकना बताया है, वहां वह मोबाइल नहीं मिला है। मोबाइल की तलाश के लिए SIT जब घटनास्थल पर क्राईम सीन पर रिक्रिएशन के लिए पहुँची थी तो वहां पर भी मोबाइल तलाशा गया। खबरें हैं कि, पुलिस ने सैप्टिक टैंक खाली करा कर वहां भी तलाशी ली लेकिन मुकेश का मोबाईल नहीं मिला है।

    एसआईटी चीफ मयंक बोले

    इस पूरे मामले की जांच के लिए गठित विशेष अनुसंधान दल याने एसआईटी के चीफ आईपीएस मयंक गुर्जर ने द हिट डॉट इन से कहा-“प्रकरण की विवेचना में हर बिंदु शामिल है। तकनीकी साक्ष्यों को बेहतर तरीके से संकलित करा जा रहा है ताकि अनुसंधान पूरा हो सके। अनुसंधान सीमित समय में पूरा हो जाएगा। हमें विश्वास है कि दोषियों को सजा मिलेगी।”

  • एजाज ढेबर मर्द हैं तो मेडिकल जांच कराएं’ भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने मर्दानगी पर उठाए सवाल, जानिए क्या है पूरा मामला

    एजाज ढेबर मर्द हैं तो मेडिकल जांच कराएं’ भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने मर्दानगी पर उठाए सवाल, जानिए क्या है पूरा मामला

    छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुस सहित कई नगरीय निकायों में चुने हुए प्रतिनिधियों का कार्यकाल खत्म हो गया है और इसके बाद कुर्सी प्रशासकों के हवाले कर दिया गया है। अपना कार्यकाल खत्म होने से पहले रायपुर के मेयर एजाज ढेबर ने अपनी उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि छाती ठोककर मैंने मर्दों वाला काम किया हूं, मैं यह बात डंके की चोट पर कह सकता हू। वहीं, अब एजाज ढेबर के इस बयान पर भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा की प्रतिकिया सामने आई है।

    विधायक पुरंदर मिश्रा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि एजाज ढेबर मर्द है तो मेडिकल जांच कराएं। बता दें कि आज से रायपुर नगर निगम के महापौर का कार्यकाल समाप्त हो रहा है और कल से प्रशासक नगर सरकार की तरह काम करेंगे। नगर निगम में 29 साल बाद प्रशासक बैठने वाला है।

    बताया गया कि जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के प्रशासक वाली नाम पट्टिका शनिवार दोपहर गांधी सदन स्थित मेयर कक्ष में पहुंचा दी गई। वहीं कक्ष से लगे हैंगिंग गार्डन वाले एरिया की एक अरसे बाद धुलाई करने मुख्यालय के सफाई कर्मचारी जुटे रहे।

  • कोरबा: सर्राफा व्यवसायी की हत्या, लूट और चोरी से शहर में सनसनी

    कोरबा: सर्राफा व्यवसायी की हत्या, लूट और चोरी से शहर में सनसनी

    कोरबा जिले के नया ट्रांसपोर्ट नगर से लगे लालू राम कॉलोनी में बीती रात एक हृदयविदारक घटना घटी, जिसमें सर्राफा व्यवसायी गोपाल राय सोनी की हत्या कर दी गई। मृतक को गंभीर रूप से घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।



    मिली जानकारी के अनुसार, अमृता ज्वेलर्स के संचालक गोपाल राय सोनी का निवास होटल ब्लू डायमंड के सामने स्थित है। रात करीब 9 बजे वे अपने घर पर थे, जब घर के बाहर खड़ी उनकी क्रेटा कार (क्रमांक JH01CC4455, सफेद रंग) को चोरी करने का प्रयास किया गया। चोरी की कोशिश को रोकने के लिए जब उन्होंने बाहर आकर चोरों का सामना किया, तो उन पर हमला कर दिया गया। इसके बाद हमलावर उनकी कार लूटकर फरार हो गए।सनसनी फैल गई है, और पुलिस ने चोरों की तलाश के लिए अलर्ट जारी कर दिया है।



    सर्राफा व्यवसायी और स्थानीय निवासियों ने इस घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। व्यवसायी वर्ग ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं और दोषियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।



    कोरबा में इस प्रकार की घटना ने न केवल एक प्रतिष्ठित व्यवसायी को खो दिया है, बल्कि शहर के कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और दोषियों की गिरफ्तारी से ही लोगों का विश्वास बहाल हो सकता है।

  • रायगढ़ जिला भाजपा में अरुणोदय : भाजपा संगठन में निष्ठा परिश्रम ने नए युग की शुरुआत…

    रायगढ़ जिला भाजपा में अरुणोदय : भाजपा संगठन में निष्ठा परिश्रम ने नए युग की शुरुआत…

    भाजपा शतरंजी बिशात में मेहनत के बलबूते एक प्यादा जो निष्ठा लगन के जरिए वजीर बना…
    रायगढ़। जिला भाजपा अध्यक्ष पद पर अरुण धर दीवान की ताजपोशी भाजपा संगठन में निष्ठा परिश्रम ने नए युग की शुरुआत मानी जा रही है। भाजपा की राजनैतिक सियासत की बिशात में मेहनत के बलबूते अरूण धर दीवान ने यह साबित किया यदि लगातार एक प्यादा भी अपनी भूमिका का निर्वहन करता रहे तो वह सियासत में ऐसा ताकतवर वजीर बन सकता है जो हारी हुई बाजी को जीत में बदल सकता है। छात्र राजनीति से अपने जीवन की शुरुआत करने वाले घरघोड़ा निवासी अरुण धर दीवान का जन्म पैतृक ग्राम रायगढ़ के बैकुंठपुर मोहल्ला  में हुआ। स्वर्गीय पिता स्व. देवेन्द्र कुमार दुबे नौकरी के लिए रायगढ़ से घरघोड़ा आ गए थे इसलिए अरुण धर दीवान की बाल्यकाल की प्रारंभिक शिक्षा घरघोड़ा में हुई। रायगढ़ में कॉलेज की शिक्षा के दिनों में वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की सम्पर्क में आए और यही से उनके राजनीतिक जीवन के सफर की शुरुआत हुई। उनके राजनैतिक जीवन के सफर की चर्चा करे तो वर्ष 1993-1995 के दौरान अरूण धर दीवान को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को घरघोड़ा ईकाई का अध्यक्ष बनाया गया। इस दौरान छात्रों की मांगों के लिए धरने आंदोलन की लंबी फेहरिस्त है।

    वर्ष 1995 से 1997 तक अरुण धर दीवान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य बनाए गए। वर्ष 1997 से 1999 तक वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक पद के दायित्व पर रहे। जिला संयोजक के पद कर कार्य करते हुए अरुण धर दीवान ने रायगढ़ खरसिया,धर्मजयगढ़,लैलूंगा सारंगढ़ में छात्र राजनीति की शुरूआत की और कांग्रेस सरकार के सशक्त विरोध से इन सभी विधान सभा में युवाओ को अपनी और जोड़ना शुरू किया। और कठोर परिश्रम से 86 स्थानों में विद्यार्थी परिषद का काम पहुंचा। इस दौरान अरुण धर दीवान ने विवेकानंद जयंती पर “युवा महोत्सव” की शुरुआत की थी जो ढाई दशक बाद यह महोत्सव आज भी जारी है । वर्ष 2000 में उनको रायगढ़ जशपुर जिले का विभाग प्रमुख बनाया गया। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद के उनके कार्यों को देखते हुए उनको अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश महामंत्री बनाया गया । अरुण धर दीवान रायगढ़ जिले से इकलौते ऐसे छात्र नेता रहे जिनके बेहतर कार्यों की वजह से एबीवीपी ने प्रदेश महामंत्री का दायित्व सौंपा। यह बहुत बड़ी उपलब्धि रही।

    इनके प्रदेश महामंत्री कार्यकाल में हुए छात्र संघ चुनाव में विद्यार्थी परिषद ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी इस बीच छग का गठन के बाद पहले विधान सभा चुनाव 2003 के पूर्व इन्होंने भाजपा की विधिवत सदस्यता ग्रहण की और भाजपा में डॉ रमन सिंह की सरकार बनी तो पहली बार रायगढ़,धर्मजयगढ़,लैलूंगा में भाजपा के विधायक चुने गए। एक दशक तक अरुण धर दीवान के कांग्रेस के सशक्त विरोध और युवाओं की फौज खड़ा करने के कारण का जिला भाजपा संगठन रायगढ़ में हावी गुटीय राजनीति के दौरान भी अरुण धर दीवान जैसे कर्मठ योग कार्यकर्ता की अनदेखी नहीं कर पाया। अरुण धर दीवान की मेहनत योग्यता के कारण 2004 में सीधे भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी फिर वर्ष 2008 में भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश कार्य समिति सदस्य ,जशपुर जिला प्रभारी ,सरगुजा जिला प्रभारी एवं भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश प्रशिक्षण प्रमुख जिम्मेदारी ,वर्ष 2016 में जिला भाजपा के उपाध्यक्ष उसके बाद 2019 से जिला महामंत्री पर अरुण की ताजपोशी रही । जिस दौरान अपने विशिष्ट कार्यशैली से उन्होंने अपना अलग पहचान बनाया । डॉ जवाहर नायक और उमेश अग्रवाल जी कार्यकाल में वह मुख्य सेनापति की भूमिका में नजर आए । विपक्ष के दौरान श्री ओ पी चौधरी जी के नेतृत्व में सड़क समस्या को लेकर निकले “परिवर्तन शंखनाद पदयात्रा” इन्ही के संयोजन में हुआ था।

    वहीं धर्मजयगढ़ विधानसभा में पूर्व विधायक ओम प्रकाश राठिया एवं पूर्व जिला भाजपा अध्यक्ष  राजेश शर्मा के निधन के बाद भाजपा नेतृत्व विहीन हो गई। और गुटीय राजनीति की वजह से धर्मजयगढ़ विधान सभा कांग्रेस का अभेदगढ़ बनती गई। अरुण धर दीवान ने इस विधान सभा के संयोजक बनाए गए उनके करिश्माई नेतृत्व का नतीजा रहा कि भाजपा की गुटबाजी को खत्म किया और कांग्रेस को अपने ही किले में जीत के लिए एडी चोटी का जोर लगाना पड़ा। चालीस हजार वोटो से जितने वाली कांग्रेस बड़ी मुश्किल साढ़े नौ हजार से कम मतों से जीत पाई। अरुण धर दीवान की ठोस रणनीति की वजह से 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी भाजपा को इस विधान सभा से 22 हजार की अच्छी खासी बढ़त मिल पाई। इनकी संगठन क्षमता और कुशल प्रबंधन शैली के कारण ही पार्टी ने विगत झारखंड चुनाव में इनको बरही विधानसभा की जिम्मेदारी दी जिसे दीवान ने 2009 के बाद 50000 मतों जीता कर अपना लोहा प्रदेश नेतृत्व को मनाया इन्हीं सब कारणों से प्रदेश भाजपा ने इनको जिला भाजपा की नेतृत्व प्रदान किया है।

    सफल रहा उमेश अग्रवाल का अध्यक्षीय कार्यकाल
    बतौर जिला भाजपा अध्यक्ष उमेश अग्रवाल का कार्यकाल सफल रहा वे पहले ऐसे अध्यक्ष रहे जिन्होंने जिला भाजपा को गुटबाजी की प्रेत बाधा से मुक्त किया। रायगढ़ विधान सभा के सशक्त दावेदार होने के बावजूद उमेश अग्रवाल ने अपनी दावेदारी को दरकिनार कर ओपी चौधरी के लिए पूरी ताकत झोंक दी यही वजह है कि रायगढ़ विधान सभा में भाजपा को आजादी के बाद पहली बार इतनी बड़ी जीत मिल पाई। बतौर महामंत्री अरुण धर दीवान भी उमेश अग्रवाल के कंधे से कंधा मिलाकर चलते नजर आए। उमेश अग्रवाल ने जिला भाजपा में सदैव सकारात्मक राजनीति के पक्षधर रहे यही वजह है कि मौजूदा राजनीति में जनता उन्हें नैतिक रूप से सशक्त नेता मानती है।

  • छत्तीसगढ़ में महापौर का हुआ आरक्षण, 5 सीटें महिलाओं, 4 ओबीसी…

    छत्तीसगढ़ में महापौर का हुआ आरक्षण, 5 सीटें महिलाओं, 4 ओबीसी…

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में होने जा रहे नगरीय निकाय चुनाव के लिए नगर निगमों में महापौर के लिए आरक्षण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इस बार 5 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं, जिनमें 3 सीटें सामान्य वर्ग, एक ओबीसी वर्ग और एक अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित की गई हैं।

    इन चार निगमों में ओबीसी सीटें आरक्षित, एक महिला सीट

    प्रदेश के नगर निगमों बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई, भिलाई चरौदा के लिए लॉटरी निकाली गई। जिनमें दुर्ग ओबीसी महिला और बिलासपुर, भिलाई, भिलाई चरौदा ओबीसी आरक्षित किया गया है

    ये नगर निगम हुए सामान्य के लिए आरक्षित

    5 नगर निगम सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं, जिनमें 3 सीटें सामान्य महिला के लिए (रायपुर, कोरबा बीरगांव) आरक्षित किया गया है। जगदलपुर, चिरमिरी , राजनादगांव सामान्य वर्ग (मुक्त) के लिए आरक्षित किया गया हैं।

    छत्तीसगढ़ के इन 10 निगमों में होगा चुनाव

    छत्तीसगढ़ में कुल 14 नगर निगम है, जिनमें से चार को छोड़कर बाकी 10 निगमों में चुनाव होंगे। जिन निगमों में चुनाव होने हैं वे रायपुर, बिलासपुर, राजनांदगांव, दुर्ग, कोरबा चिरमिरी, धमतरी, जगदलपुर, रायगढ़ और रिसाली हैं।

    बाकी चार निगमों में 2021 में चुनाव हुए थे ऐसे में इन चार निगमों में अभी चुनाव नहीं होंगे जिन निगमों में चुनाव नहीं होने हैं वे भिलाई, भिलाई चिरौदा, रिसाली और बीरगांव हैं।

    रायगढ़ और रिसाली अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित

    रायगढ़ SC अनुसूचित जाति और रिसाली अनुसूचित जाति महिला (SC) के लिए आरक्षित हैं वहीं अंबिकापुर सीट अनुसूचित जनजाति (OBC) वर्ग के लिए आरक्षित हैं। रिसाली पिछले चुनाव में ओबीसी महिला सीट थी, लेकिन अब यह जनसंख्या के आधार पर अनुसूचित जाति में शामिल हो गई है।

    रायपुर- सामान्य महिला

    2. बीरगांव-सामान्य महिला

    3. दुर्ग- OBC महिला

    4. भिलाई-OBC

    5. भिलाई चरौदा-OBC

    6. बिलासपुर-OBC

    7. कोरबा-सामान्य महिला

    8. धमतरी-समान्य

    9. रायगढ़ – SC

    10. अम्बिकापुर ST

    11. रिसाली-SC महिला

    12. चिरमिरी- सामान्य

    13. जगदलपुर-सामान्य

    14. राजनांदगांव-सामान्य

  • नगरपालिकाओं में अध्यक्षों का हुआ आरक्षण, 9 सीटें महिला के लिए आरक्षित

    नगरपालिकाओं में अध्यक्षों का हुआ आरक्षण, 9 सीटें महिला के लिए आरक्षित

    छत्तीसगढ़ में नगरीय निकायों में आम निर्वाचन के लिए नगर निगमों, नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों में अध्यक्ष के पदों के लिए आरक्षण प्रक्रिया पूरी की गई।

    अनारक्षित (सामान्य) 27 सीटों में से 9 महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है।

    नगर पालिका अध्यक्ष पद आरक्षण की जानकारी

    अनुसूचित जाति (SC): 8 सीटें आरक्षित, जिनमें 3 महिलाओं के लिए।

    अनुसूचित जनजाति (ST): 6 सीटें आरक्षित, जिनमें 2 महिलाओं के लिए।

    अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC): 13 सीटें आरक्षित, जिनमें 4 महिलाओं के लिए।

    आरक्षण के अनुसार नगर पालिकाओं की सूची

    1. अनुसूचित जाति (SC):

    अभनपुर, बागबहरा, सारंगढ़, डोंगरगढ़, जांजगीर, नैला, अकलतरा, पंडरिया।

    2. अनुसूचित जनजाति (ST):

    नारायणपुर, जशपुर नगर, बलरामपुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर।

    3. ओबीसीः

    दल्लीराजहरा, बड़े बचेली, लोरमी, कटघोरा, बेमेतरा,

    कोंडागांव, कवर्धा, अहिवारा, मनेंद्रगढ़, सूरजपुर, कुम्हारी।

    4. महिला अनारक्षितः

    शिवपुरचर्चा, तखतपुर, किरंदुल, जामुल, खैरागढ़, बोदरी, बालोद, सरायपाली, बांकीमोंगरा।

    5. अनारक्षित (सामान्य):

    सक्ती, खरसिया, कांकेर, चांपा, रतनपुर, भाटापारा, बलोदा बाजार, मुंगेली, गरियाबंद, आरंग, महासमुंद, गौरेला, अमलेश्वर, बैकुंठपुर, रामानुजगंज

  • सौम्या चौरसिया को ज़मानत मिली,आय से अधिक संपत्ति मामले में ACB साठ दिन की समयावधि में पेश नहीं कर पाई चालान, रायपुर कोर्ट ने दी जमानत….

    सौम्या चौरसिया को ज़मानत मिली,आय से अधिक संपत्ति मामले में ACB साठ दिन की समयावधि में पेश नहीं कर पाई चालान, रायपुर कोर्ट ने दी जमानत….

    आय से अधिक संपत्ति मामले में नियत समयावधि में चार्जशीट दाखिल न होने पर एसीबी/ईओडब्लू स्पेशल कोर्ट ने सौम्या चौरसिया को जमानत दे दी है। विशेष अदालत ने पचास-पचास हज़ार के दो सक्षम जमानतदार की शर्त पर ज़मानत दी है।

    60 दिन और 90 दिन की गफ़लत !

    एसीबी/ईओडब्लू कोर्ट में न्यायाधीश निधि शर्मा तिवारी के समक्ष सौम्या चौरसिया के अधिवक्ता फैजल रिज़वी ने मंगलवार 7 जनवरी को ज़मानत आवेदन पेश किया था। सात जनवरी, इस मामले में 61वां दिन था। अधिवक्ता फैजल रिज़वी के आवेदन में यह उल्लेख था कि, नियत समयावधि साठ दिन हो चुके हैं, और चालान पेश नहीं हुआ है इसलिए ज़मानत दी जाए। इस आवेदन के बाद एसीबी/ईओडब्लू की ओर से आवेदन देकर बहस के लिए आज का समय मांगा गया। एसीबी की ओर से श्लोक श्रीवास्तव और मिथिलेश वर्मा ने यह तर्क दिया कि, एसीबी के प्रकरण में चार्जशीट दाखिल करने की मियाद 60 दिन बल्कि 90 दिन है। इस पर बचाव पक्ष के अधिवक्ता फैजल रिज़वी ने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के न्याय दृष्टांत के साथ यह तर्क किया कि, चार्जशीट दाखिल करने की अवधि 60 दिन है। बचाव पक्ष की ओर से बीएनएसएस 187 (3) का उल्लेख करते हुए न्यायालय से अनुरोध किया कि, इसमें भी साठ दिवस की अवधि निर्धारित है।

    अदालत ने दी ज़मानत लेकिन जेल में रहेंगी सौम्या

    रायपुर की विशेष अदालत (एसीबी/ईओडब्लू) ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता फैजल रिज़वी के तर्कों से सहमत होते हुए सौम्या चौरसिया को ज़मानत दे दी। ईडी के कोल लेव्ही स्कैम में सौम्या चौरसिया को सुप्रीम कोर्ट से पूर्व में ज़मानत मिल चुकी है, आय से अधिक संपत्ति मामले में भी उन्हें रायपुर अदालत से ही ज़मानत मिल गई है। लेकिन सौम्या चौरसिया अभी जेल से बाहर नहीं आ पाएंगी क्योंकि उनके विरुद्ध एसीबी/इओडब्लू ने कोल लेव्ही केस में केस दर्ज कर रखा है, और इस प्रकरण में उन्हें ज़मानत नहीं मिल सकी है।

  • आसाराम बापू को सुप्रीम कोर्ट से राहत, 12 साल बाद इस शर्त पर मिली जमानत…

    आसाराम बापू को सुप्रीम कोर्ट से राहत, 12 साल बाद इस शर्त पर मिली जमानत…

    बलात्कार मामले में दोषी करार संत आसाराम बापू को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने आसाराम को इलाज के लिए 15 मार्च तक अंतरिम जमानत दी है। 12 साल से जेल में बंद आसाराम को मेडिकल आधार पर यह जमानत दी गई है।

    कड़ी शर्तों के साथ जमानत
    सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम को जमानत के दौरान सबूतों से छेड़छाड़ न करने और अनुयायियों से न मिलने के सख्त निर्देश दिए हैं। यह अंतरिम जमानत केवल इलाज के उद्देश्य से दी गई है।

    रेप केस में आजीवन कारावास की सजा
    साल 2013 के नाबालिग से बलात्कार मामले में आसाराम को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद आसाराम अपने गुरुकुल की छात्रा से यौन शोषण के दोषी पाए गए थे।

    मेडिकल आधार पर राहत
    आसाराम को दिल की बीमारी है और उसे पहले हार्ट अटैक भी आ चुका है। वह त्रिनाड़ी शूल नामक गंभीर बीमारी से भी ग्रसित हैं। इस वजह से जोधपुर सेंट्रल जेल में बने आरोग्य चिकित्सा केंद्र में उनका इलाज चल रहा है। लंबे समय से इलाज के लिए जमानत की मांग की जा रही थी, जिसे अब सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी दी।

    सुप्रीम कोर्ट ने जमानत के दौरान आसाराम की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस तैनाती के आदेश दिए हैं।आसाराम 15 मार्च तक जमानत पर रहेंगे। इस दौरान उनका इलाज महिला वैद्य नीता के देखरेख में होगा, जो पिछले 2-3 साल से उनका इलाज कर रही हैं।

  • ऑनलाइन महादेव सट्टा ऐप के आरोपी अमित अग्रवाल की जमानत आवेदन खारिज….

    ऑनलाइन महादेव सट्टा ऐप के आरोपी अमित अग्रवाल की जमानत आवेदन खारिज….

    ऑनलाइन महादेव सट्टा ऐप के आरोपी अमित अग्रवाल की जमानत आवेदन खारिज
    बिलासपुर। जस्टिस रविन्द्र कुमार अग्रवाल ने महादेव सट्टा ऐप के प्रमोटर अनिल अग्रवाल की जमानत आवेदन को खारिज किया है। आरोपी के खिलाफ मोहन नगर थाना सहित देश के विभिन्न थानों में उसके खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध है। कोर्ट ने उसके विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य होने के कारण जमानत पर छोड़ने से इन्कार किया है।
          महादेव सट्टा ऐप के प्रमोटर अनिल अग्रवाल के भाई अमित कुमार अग्रवाल को हवाला मामले में एसीबी  ने 12 जनवरी 2024 को गिरफ्तार किया है। इस मामले में मई 2024 को ईडी ने अलग से प्रकरण दर्ज किया है। जेल में बंद आरोपी अमित अग्रवाल ने हाई कोर्ट में जमानत आवेदन पेश किया था। आवेदन में कहा गया कि दर्ज एफआईआर में आवेदक का नाम नहीं है। उसे झूठे मामले में फसाया गया है। मामले में 145 गवाहों का प्रतिपरीक्षण किया जाना है। इसमें सुप्रीम कोर्ट के न्यायदृष्टांत अरविंद केजरीवाल व मनीष सिसौदिया का उदाहर पेश कर जमानत दिए जाने की मांग की। ईडी के अधिवक्ता सौरभ पांडेय ने जमानत का विरोध करते हुए कोर्ट को बताया
    ईडी ने ईसीआईआर दर्ज किया क्रमांक आरपीजेडओ/ 09/2022 जिसे ईसीआईआर क्रमांक के रूप में पुनः क्रमांकित किया गया। ईडी द्वारा जारी शुद्धिपत्र दिनांक 07.11.2022 के तहत आरपीजेड0/10/2022 उक्त ईसीआईआर में, एफआईआर संख्या 206/2023 दिनांक 02.06.2023 पी.एस. में पंजीकृत  साइबर अपराध विशाखापत्तनम आयुक्तालय, आंध्र प्रदेश, एफआईआर संख्या 37/2023 पी.एस. में दर्ज।  भिलाई भट्टी, जिला दुर्ग (छ.ग.), एफआईआर क्रमांक 86/2023 दिनांक 27.02.2023 दर्जपी.एस.  छावनी, जिला दुर्ग (छ.ग.), एफआईआर क्रमांक 336/2023 दिनांक
    10.08.2023 को पी.एस. पर पंजीकृत किया गया।  गुढ़ियारी, जिला रायपुर (छ.ग.), एफ.आई.आर क्रमांक 685/2023 दिनांक 11.08.2023 पी.एस. पर दर्ज किया गया।  खमतराई, जिला रायपुर (छ.ग.), ईओडब्ल्यू में दर्ज एफआईआर क्रमांक 6/2024 दिनांक 04.03 .2024, रायपुर (छ.ग.) एवं एफआईआर क्रमांक 206/2020 दिनांक 24.09.2020 दर्ज पी.एस.  उक्त में बरटोला, कोलकाता, पश्चिम बंगाल को शामिल किया गया है।
    सट्टेबाजी ऐप का उपयोग किया गया है वर्तमान आवेदक अपनी पत्नी के नाम पर सम्पत्ति खरीदा गया। आवेदक
      लगभग  चतुर्भुज शर्मा को अलग-अलग तारीखों में 1.20 करोड़ रु. का लेनदेन किया जो उनके और उनकी पत्नी के खाते में ट्रांसफर कर दिए गए । अपने परिवार के सदस्यों के खातों में नकद जमा करना और प्राप्त करना बैंक प्रविष्टियाँ की गईं।  शेष राशि रु.  70 लाख था इसकी व्यवस्था दुबई में रहने वाले उनके भाई अनिल अग्रवाल ने की थी। जस्टिस रविन्द्र कुमार अग्रवाल ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपने आदेश में कहा
    जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों के आधार पर और गवाहों के बयान आवेदक केविरुद्ध आता है ।
    आवेदक का कहना है कि वह सह-अभियुक्त अनिल उर्फ अतुल का छोटा भाई है, जो महादेव बुक के संचालकों में से एक हैं और संबंधित हैं ऑनलाइन जुआ.  वह वर्तमान में दुबई में रहकर काम कर रहे हैं ऑनलाइन जुआ ऐप.  वर्तमान आवेदक को अवैध धन प्राप्त हुआ उनके भाई द्वारा भेजा गया, जो महादेव बुक ऐप से तैयार किया गया था उनके और उनके परिवार के बैंक में विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से खाता।  इससे यह भी पता चलता है कि वर्तमान आवेदक ने खरीदारी की थी उनकी पत्नी प्रीति अग्रवालके नाम पर गांव सेरी खेड़ी में 3,006 हेक्टेयर जमीन , अनिल दम्मानी और हरप्रीत सिंह रेखी 2022. 3,006 हेक्टेयर (7,427 एकड़) में से 2,475 एकड़ भूमि है प्रीति अग्रवाल का जो शेयर खरीदा गया था लगभग रु. का विचार.  1.90 करोड़.  उक्त प्रतिफल राशि उनके भाई अनिल उर्फ अतुल अग्रवाल के माध्यम से आया था। रवि उप्पल के निर्देश, जो महादेव के प्रवर्तक थे उसके  बयान में आवेदक का नाम आया है अरविन्द भंगाला, चतुर्भुज शर्मा, यूसुफ अहमद की रिकार्डिंग सीआरपीसी की धारा 164 के तहत और मधु शर्मा का बयान, जीतेन्द्र शर्मा, लक्की शर्मा, नरेश नवलानी, शेख अरशद, रामचन्द्र शर्मा, प्रांजल जैन, अशोक कुमार जैन एवं प्रीति अग्रवाल पर सीआरपीसी की धारा 161 के तहत मामला दर्ज किया गया।  ईओडब्ल्यू/एसीबी को एक प्राप्त हुआ संज्ञेय अपराध की जानकारी के अनुसार उसे एफआईआर दर्ज करनी होगी  उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी निर्देश ललिता कुमारी वि.  उत्तर प्रदेश सरकार एवं अन्य।  (2008) 7 एससीसी 164. ईसीआईआर एक एफआईआर नहीं है, बल्कि एक शिकायत है।  वह
    पीएमएलए की धारा 3 के तहत अपराध करने के लिए है यह आवश्यक नहीं है कि कोई व्यक्ति विधेयात्मक अपराध भी करे। इसके साथ हाई कोर्ट ने आरोपी की जमानत आवेदन को खारिज किया है।