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  • रायपुर में 28–30 नवंबर को होने वाली 60वीं अखिल भारतीय DGP-IGP कॉन्फ्रेंस की तैयारियां तेज, SPG ने संभाला मोर्चा…पीएम मोदी, अमित शाह सहित कई वीवीआईपी होंगे शामिल…

    रायपुर में 28–30 नवंबर को होने वाली 60वीं अखिल भारतीय DGP-IGP कॉन्फ्रेंस की तैयारियां तेज, SPG ने संभाला मोर्चा…पीएम मोदी, अमित शाह सहित कई वीवीआईपी होंगे शामिल…

    छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 28 से 30 नवंबर तक होने वाली 60वीं अखिल भारतीय डीजीपी-आईजीपी कॉन्फ्रेंस की तैयारियां तेज़ी से जारी हैं। नवा रायपुर स्थित IIM परिसर में आयोजित होने वाले इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल सहित कई वीवीआईपी शामिल होंगे। कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने के लिए मंगलवार को स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) की टीम रायपुर पहुंच गई है।

    एसपीजी अधिकारी सम्मेलन स्थल और आस-पास के क्षेत्रों का विस्तृत निरीक्षण कर सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा करेंगे। वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए नया रायपुर क्षेत्र को कार्यक्रम के दौरान सील रखा जाएगा। शहर में कारकेड मार्ग तैयार कर लिए गए हैं और सुरक्षा बलों को अलग-अलग बिंदुओं पर तैनात किया जा रहा है।

    सम्मेलन में देशभर से लगभग साढ़े पांच सौ वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। आगमन पर उन्हें एसपी और एएसपी स्तर के अधिकारियों द्वारा रिसीव किया जाएगा और निर्धारित रेस्ट हाउस व अन्य ठहराव स्थलों तक ले जाया जाएगा। 27 नवंबर से एयरपोर्ट पर वरिष्ठ अधिकारियों और अतिथियों के स्वागत के लिए विशेष प्रबंधन भी शुरू हो जाएगा।

    सभी संबंधित विभागों को उच्च स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के लिए अलर्ट पर रखा गया है। राजधानी में ट्रैफिक और सुरक्षा से जुड़े आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं, ताकि सम्मेलन के दौरान किसी प्रकार की बाधा न आए।

  • फ्रॉड कॉल्स पर लगेगी लगाम: अब फोन उठाते ही दिखेगा कॉलर का असली नाम, जानिए क्या है CNAP

    फ्रॉड कॉल्स पर लगेगी लगाम: अब फोन उठाते ही दिखेगा कॉलर का असली नाम, जानिए क्या है CNAP

    बढ़ते फ्रॉड को लेकर भारत सरकार मोबाइल कालिंग सिस्टम में बड़ा बदलाव करने जा रही है. इससे आने वाले दिनों में कॉल रिसीव करने का तरीका बदल सकता है, क्योंकि CNAP यानि Calling Name Presentation का नया आएगा. इसकी टेस्टिंग भी शुरू हो चुकी है और इसे टेलिकॉम कंपनियों के साथ मिलकर डेवलप किया जा रहा है.

    अब तक हम जब भी किसी अनजान (Unknow) नंबर से कॉल उठाते थे, तोह स्क्रीन पर श्रीफ कॉल करने वाले का नंबर दिखाई देता था. ऐसे में लोग दुसरे Thrid-Party Apps जजेसे TrueCaller का इस्तेमाल करना पड़ता था. लेकर CNAP के आने के बाद ऐसे थर्ड-पार्टी अप्प्स की जरुरत खत्म हो जाएगी

    CNAP क्या करेगा?
    सरकार के इस नए सिस्टम के लागू होने के बाद जब भी किसी नंबर से कॉल आएगी, तो उस कॉलर का वास्तविक नाम आपकी स्क्रीन पर दिखाई देगा. यह वही नाम होगा जो व्यक्ति ने सिम लेते समय अपने दस्तावेजों में दर्ज करवाया था.

    यानि-

    फोन स्क्रीन पर दिखने वाला नाम पूरी तरह टेलीकॉम कंपनी के ऑफिशियल रिकॉर्ड पर आधारित होगा.
    फर्जी नाम या गलत जानकारी देकर कॉल करने की संभावना बेहद कम हो जाएगी.
    ठगी, स्पैम और अनजान कॉल्स से होने वाली धोखाधड़ी पर भी रोक लगेगी, क्योंकि कॉलर की पहचान पहले ही साफ हो जाएगी.
    सरकार का उद्देश्य है कि हर यूजर को कॉल आते ही पता चल जाए कि कॉल करने वाला वास्तव में कौन है. इससे फ्रॉड कॉल्स में काफी कमी आ सकती है.

    कुछ लोगों को दो नाम क्यों दिख रहे हैं?

    टेस्टिंग के दौरान कई यूजर्स ने बताया कि उनकी स्क्रीन पर एक कॉलर के दो नाम दिखाई दे रहे हैं.

    ऐसा इसलिए हो रहा है:

    • सबसे पहले नेटवर्क CNAP के ज़रिए सरकारी रिकॉर्ड वाला नाम भेजता है
    • उसके कुछ सेकंड बाद फोन आपकी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव किया हुआ नाम दिखा देता है

    यह सिर्फ टेस्टिंग फेज के दौरान की समस्या है. CNAP के पूरी तरह लागू होने के बाद ऐसा कन्फ्यूजन शायद खत्म हो जाएगा.

    CNAP आने के बाद क्या बदलेगा?

    • अनजान कॉल्स की पहचान पहले से आसान होगी
    • स्पैम और फ्रॉड कॉल्स में कमी आएगी
    • किसी थर्ड-पार्टी ऐप की जरूरत नहीं पड़ेगी
    • यूज़र सीधे सरकारी प्रमाणित नाम देख सकेंगे
    • कॉलिंग सिस्टम और मोबाइल सुरक्षा दोनों मजबूत होंगे
  • अमित बघेल की सुप्रीम कोर्ट ने करी याचिका खारिज, सर्वोच्च न्यायालय ने कहा- प्रत्येक राज्यों में दर्ज मामलों की कानूनी प्रक्रिया का करना पड़ेगा सामना…

    अमित बघेल की सुप्रीम कोर्ट ने करी याचिका खारिज, सर्वोच्च न्यायालय ने कहा- प्रत्येक राज्यों में दर्ज मामलों की कानूनी प्रक्रिया का करना पड़ेगा सामना…

    छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अध्यक्ष और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल की मुश्किलें अब और बढ़ने वाली है। अपने बयानों को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे अमित बघेल को सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई है। अग्रिम जमानत के लिए याचिका लगाने पर अमित बघेल को राहत नहीं मिली है। 24 नवंबर को कोर्ट ने साफ कर दिया कि जहां-जहां FIR दर्ज हुई है, आरोपी को वहां की कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा। अमित बघेल की ओर से दर्ज सभी एफआईआर को क्लब करने की मांग पर कोर्ट ने कहा, आप अपनी जुबान संभालकर रखें। राज्य पुलिस आएगी, आपको अपने-अपने राज्यों में ले जाएगी। पूरे देश की सैर का आनंद लीजिए। बता दें कि अमित बघेल पिछले 26 दिनों से फरार है, उन पर 12 राज्यों में FIR दर्ज है। बघेल की ओर से पैरवी कर रहे एडवोकेट ने न्यायालय में सुनवाई के दौरान कहा था कि बयान स्वीकार्य नहीं थे, लेकिन गुस्से में दिए गए थे और किसी की भावनाएं आहत करने का इरादा नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में पांच FIR दर्ज हैं, इसलिए अन्य राज्यों के मामले वहीं ट्रांसफर कर दिए जाएं। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने दलील मानने से इनकार कर दिया। पीठ ने कहा कि वे इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगी और आरोपी को हर राज्य में दर्ज FIR के तहत प्रक्रिया का सामना करना होगा।

  • छत्तीसगढ़ में नकली नोट चलाने की कोशिश कर रहे आरोपी गिरफ्तार..छत्तीसगढ़ और तेलंगाना पुलिस की संयुक्त कार्यवाही….

    छत्तीसगढ़ में नकली नोट चलाने की कोशिश कर रहे आरोपी गिरफ्तार..
    छत्तीसगढ़ और तेलंगाना पुलिस की संयुक्त कार्यवाही….

    जांजगीर चांपा। नकली नोट खपाने वाले अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया है। तेलंगाना पुलिस से मिली सूचना के आधार पर सक्ती पुलिस एवं तेलंगाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ में नकली नोट चलाने की कोशिश कर रहे तीन आरोपियो को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपितों के पास से एक लाख 70 हजार रुपये का नकली नोट भी मिला है।

    एएसपी हरीश यादव ने बताया कि तेलंगाना राज्य के जिला कामारेड्डी में नकली नोट खपाते हुए आरोपित सिद्धा गौड़ पकड़ा गया था, जिसके विरुद्ध थाना कामारेड्डी में अपराध धारा 179, 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान पता चला कि कोलकाता के सौरव डे, नारायण भगत और बिहार निवासी रसीद अहमद कम्प्यूटर, कलर प्रिंटर व जेके एक्सल बांड पेपर के माध्यम से नकली नोट तैयार करते थे।

    फेसबुक के जरिए तलाशते थे सहयोगी

    आरोपी फेसबुक के जरिए मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में ऐसे लोगों की तलाश करते थे, जो नकली नोट खपाने में उनकी मदद कर सकें। तेलंगाना पुलिस ने इन तीनों मुख्य आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

    पूछताछ में खुलासा हुआ कि छत्तीसगढ़ के जिला सक्ती के डभरा थाना क्षेत्र में नकली नोट नंदलाल जांगड़े निवासी जवाली, छतराम आदित्य निवासी देवगांव को भेजे गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सक्ती ने थाना डभरा व चौकी छपोरा को तेलंगाना पुलिस के साथ संयुक्त टीम बनाकर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। टीम ने दोनों आरोपितों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने बिहार के रसीद अहमद से 40 हजार रुपये में दो लाख मूल्य के नकली नोट खरीदे थे और इन्हें खपाने के लिए मनहरण उर्फ सोहन लहरे निवासी भडोरा (चौकी छपोरा) को दे दिया था।

    पुलिस ने मनहरण की तलाश की तो वह रायगढ़ क्षेत्र में मिला, जिसे रात में ही हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने बताया कि वह दो लाख नकली नोट लेकर उनमें से 30 हजार रुपये अलग-अलग जगहों पर खपा चुका है, जबकि 1 लाख 70 हजार रुपये नकली नोट उसने घर में छिपाकर रखे थे। संयुक्त टीम ने उसके घर से नकली नोट बरामद कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूरे प्रकरण को तेलंगाना पुलिस को अग्रिम कार्रवाई हेतु औपचारिक रूप से सौंप दिया गया है।

  • रायगढ़ पुलिस ने अंतरराज्यीय ट्रेडिंग फ्रॉड गैंग का किया पर्दाफाश, यूट्यूब विज्ञापन से शुरू हुआ था शेयर ट्रेडिंग का खेल….

    रायगढ़ पुलिस ने अंतरराज्यीय ट्रेडिंग फ्रॉड गैंग का किया पर्दाफाश, यूट्यूब विज्ञापन से शुरू हुआ था शेयर ट्रेडिंग का खेल….

    रायगढ़। पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल के कुशल नेतृत्व में रायगढ़ पुलिस ने एक और बड़े साइबर फ्रॉड का खुलासा करते हुए अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन ट्रेडिंग ठगी गैंग के चार सदस्यों को श्रीनगर के विभिन्न स्थानों से गिरफ्तार किया है। यह गिरोह शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफा दिखाकर देशभर में करोड़ों की धोखाधड़ी कर रहा था।

    रायगढ़ के उद्योगकर्मी से की गई थी 1.08 करोड़ की ठगी

    जानकारी के अनुसार ढिमरापुर निवासी उद्योगकर्मी दंपत्ति ने यूट्यूब पर शेयर ट्रेडिंग का विज्ञापन देखकर एक लिंक पर संपर्क किया। खुद को *”यूके इंडिया चैनल”* से जुड़ा बताने वाले कॉलर ने उन्हें एक ऐप डाउनलोड कराकर निवेश शुरू कराया। 20 मई 2025 से 30 अगस्त 2025 के बीच दंपत्ति से 1,08,44,025 रुपये विभिन्न खातों में जमा करवाए गए। जुलाई में जब उन्होंने एकमुश्त 32 लाख जमा किए, तो ऐप में उनकी राशि को 42 करोड़ रुपये दिखाया गया। रकम निकालने कहा गया, तो 5 लाख रुपये ब्रोकरेज शुल्क मांगा गया, जिसे उन्होंने जमा भी कर दिया। इसके बाद कॉलर का संपर्क बंद हो गया। 7 सितंबर को पीड़ित की शिकायत पर *थाना कोतवाली रायगढ़ में अपराध क्रमांक 460/2025 धारा 318 (4) बीएनएस* दर्ज किया गया।

    देशभर से 200 से अधिक शिकायतें

    पुलिस जांच में गिरोह द्वारा उपयोग किए गए बैंक खातों की जांच में सामने आया कि इनके खिलाफ देश के कई राज्यों में लगभग 200 शिकायतें दर्ज हैं तथा 10 करोड़ से अधिक का अवैध लेनदेन पाया गया है।

    श्रीनगर में दबिश, मुख्य आरोपी पकड़ाए


    एसपी  दिव्यांग पटेल ने साइबर फ्रॉड के इस गंभीर मामले की केस की स्वयं मॉनिटिरिंग करते हुए सीएसपी श्री मयंक मिश्रा एवं साइबर सेल डीएसपी अनिल विश्वकर्मा के नेतृत्व में जांच आगे बढ़ाया गया । साइबर सेल और कोतवाली पुलिस द्वारा ठगी में प्रयुक्त बैंक खातों से लिंक मोबाइल नंबरों का सूक्ष्मता से विश्लेषण किया गया । इसमें पता चला कि पीड़ित के 32.50 लाख रुपये श्रीनगर निवासी यासीर शॉफी चारलू के खाते में गए थे। रायगढ़ पुलिस की विशेष टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से छापेमारी कर यासीर को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने बताया कि उसने रकम मेहराज असाई को ट्रांसफर की और कैश भी दिया। इसके बाद पुलिस ने मेहराज असाई को भी गिरफ्तार किया।
    मेहराज से पूछताछ में उसके बेटे अर्शलान और आरोपी साकीब फारूखदार की अपराध में संलिप्तता की पुष्टि हुई जिन्हें भी पुलिस टीम ने गिरफ्तार कर लिया।

    कई धाराओं में मामला दर्ज
    गिरोह के अंतरराज्यीय संगठित साइबर फ्रॉड की पुष्टि होने पर प्रकरण में धारा 111, 3(5) बीएनएस एवं 66(D) आईटी एक्ट जोड़ा गया है। पुलिस ने आरोपियों से चार मोबाइल फोन जप्त किए हैं।
    राशि वापस दिलाने की प्रक्रिया जारी
    जांच में यह प्रमाणित हुआ कि पीड़ित के पूरे 1.08 करोड़ रुपये इन्हीं गिरोह के खातों में जमा किए गए थे। पुलिस द्वारा राशि रिकवरी की प्रक्रिया जारी है।

    गिरफ्तार आरोपी :-
    01. यासीर शॉफी चारलू पिता मोहम्मद शॉफी चारलू उम्र 23 साल निवासी नाईच कदल रंजर मस्जिद श्रीनगर थाना जनाकदम जिला श्रीनगर (जम्मू कश्मीर)
    02. साकीब फारूखदार पिता फारूख अहमददार उम्र 24 साल साकिन बटमालू फिरोदासबाद थाना बटमालू जिला श्रीनगर (जम्मू कश्मीर)
    03. मेहराजउद्दीन असाई पिता गुलामरसुल उम्र 57 साल साकिन सुतरासाई करमनगर श्रीनगर थाना शहीदगंज जिला श्रीनगर (जम्मू कश्मीर)
    04. अर्शलन अफॉक पिता मेहराजउद्दीन असाई उम्र 21 साल साकिन सुतरासाई करमनगर श्रीनगर थाना शहीदगंज जिला श्रीनगर (जम्मू कश्मीर)

    विशेष टीम को सफलता
    पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल के दिशा निर्देशन एवं एडिशनल एसपी श्री आकाश मरकाम के मार्गदर्शन पर इस जटिल साइबर फ्रॉड को सुलझाने में सीएसपी मयंक मिश्रा एवं साइबर सेल डीएसपी श्री अनिल विश्वकर्मा का पर्यवेक्षण और टीम को मार्गदर्शन करना था । इस पूरी कार्यवाही में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक सुखनंदन पटेल, उप निरीक्षक ऐनु देवांगन तथा गठित विशेष टीम में शामिल निरीक्षक नासिर खान, सहायक उप निरीक्षक कोसो सिंह, प्रधान आरक्षक हेमंत चन्द्रा और साइबर सेल के आरक्षक प्रशांत पंडा, महेश पंडा, रविन्द्र गुप्ता, विकास प्रधान, प्रताप बेहरा, विरेन्द्र कंवर, डोमन सिदार के साथ साइबर सेल प्रधान आरक्षक राजेश पटेल, दुर्गेश सिंह, बृजलाल गुर्जर, रेणु मंडावी, आरक्षक धनंजय कश्यप, पुष्पेन्द्र जाटवर, नवीन शुक्ला, सुरेश सिदार, विक्रम सिंह और मेनका चौहान शामिल थी एवं श्रीनगर साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रियाज़ अहमद, एएसआई रियाज़ अहमद,एस.जी. सीटी रविन्द्र सिंह का विशेष योगदान रहा।

  • एसपी-टीआई को धमकी देने वाले करणी सेना के अध्यक्ष ने दी गिरफ्तारी, थाने के बाहर समर्थकों की पुलिस के खिलाफ नारेबाजी…

    एसपी-टीआई को धमकी देने वाले करणी सेना के अध्यक्ष ने दी गिरफ्तारी, थाने के बाहर समर्थकों की पुलिस के खिलाफ नारेबाजी…

    रायपुर। रायपुर में क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. राज शेखावत ने बुधवार को मौदहापारा थाने पहुंचकर गिरफ्तारी दे दी। सूदखोर वीरेंद्र तोमर की गिरफ्तारी के बाद एसपी और टीआई के घर में घुसने की धमकी दी गई थी। शेखावत के पहुंचते ही थाने के बाहर समर्थक मौजूद थे, जिन्होंने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। स्थिति को देखते हुए एक एएसपी, दो सीएसपी, शहर के पांच थाना प्रभारियों सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।

    शेखावत ने एक दिन पहले इंटरनेट मीडिया पर ‘आमंत्रण यात्रा’ निकालने और शाम चार बजे थाने में गिरफ्तारी देने की घोषणा की थी। मामला तब तूल पकड़ गया जब सूदखोरी के आरोपित वीरेंद्र तोमर के जुलूस को लेकर पुलिस पर सवाल उठाते हुए पुलिसकर्मियों के घरों में घुसकर कार्रवाई करने की धमकी दी थी। इसके बाद पुरानी बस्ती थाना प्रभारी रहे टीआई योगेश कश्यप की शिकायत पर मौदहापारा थाने में राज शेखावत पर अपराध दर्ज किया गया।

    जेल में बंद है वीरेंद्र तोमर….

    वीरेंद्र तोमर वर्तमान में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में है। इसी प्रकरण पर शेखावत ने फेसबुक लाइव में कहा था कि तोमर कोई आतंकवादी था क्या, जिसका जुलूस निकाला गया?। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने ऐसा कर समाज का अपमान किया है। वहीं गृहमंत्री विजय शर्मा ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा था कि अपराधी कोई भी हो, छोड़ा नहीं जाएगा।

  • खरसिया पुलिस ने खैरपाली मर्डर मिस्ट्री चंद घंटों में सुलझाई..आरोपी युवक जेल दाखिल..

    खरसिया पुलिस ने खैरपाली मर्डर मिस्ट्री चंद घंटों में सुलझाई..
    आरोपी युवक जेल दाखिल..

      खरसिया। खरसिया पुलिस को मंगलवार 18 नवंबर 2025 को ग्राम खैरपाली से एक गंभीर घटना की सूचना मिली, जिसमें एक युवक द्वारा पड़ोसी के घर घुसकर बुजुर्ग व्यक्ति, उसकी पत्नी और बेटी पर जानलेवा हमला करने की बात सामने आई। सूचना मिलते ही एसडीओपी खरसिया प्रभात कुमार पटेल, थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश जांगड़े और एफएसएल टीम, थाना स्टाफ मौके पर पहुंची और घटनास्थल का विस्तृत निरीक्षण किया। जांच में पता चला कि खैरपाली निवासी रत्थूराम पटैल (70) के घर उसके पड़ोसी भीखम पटैल (25) ने घुसकर हमला किया, जिसमें रत्थूराम और उनकी बेटी खीरबाई (45) की पत्थर से कुचलकर हत्या कर दी गई, जबकि उनकी पत्नी फोटो बाई (80) गंभीर रूप से घायल हो गईं। मृतक के पुत्र रमेश पटैल (40) ने बताया कि आरोपी रायपुर में काम करता था और कुछ दिनों से गांव में अपने नाना के यहां रह रहा था। उसने कई बार गुस्से में पड़ोसियों से झगड़ा करने की प्रवृत्ति दिखाई थी और मंगलवार शाम करीब 4.30 बजे उसने अचानक हमला कर यह वारदात कर दी। शिकायत के आधार पर खरसिया थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 585/25 धारा 103(1), 117(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर तत्काल हिरासत में लिया। मर्ग पंचनामा और पोस्टमार्टम के बाद आरोपी के मेमोरेंडम पर घटना में प्रयुक्त सीमेंट का पत्थर तथा आरोपी के पहने हुए कपड़े—शर्ट और जींस—जप्त किए गए। मामला दर्ज करने और आवश्यक औपचारिकताओं के बाद आरोपी भीखम पटैल पिता गेंदराम पटैल निवासी खैरपाली को आज न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
              पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल के दिशा निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आकाश मरकाम, एसडीओपी खरसिया श्री प्रभात पटेल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी खरसिया निरीक्षक राजेश जांगड़े एवं उनकी टीम के एसआई अमरनाथ शुक्ला, प्रधान आरक्षक अशोक देवांगन, जागेश्वर दिग्रस्कर, आरक्षक विशोप सिंह, अनूप मिंज, योगेश साहू ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना का शीघ्र पटाक्षेप किया गया।

  • पुरातत्व  संग्रहालय में आदिवासी महाकवि कालीदास की 1675 वीं जयंती आयोजित हुई…

    पुरातत्व  संग्रहालय में आदिवासी महाकवि कालीदास की 1675 वीं जयंती आयोजित हुई…

    बालाघाट। इतिहास एवं पुरातत्व शोध संस्थान संग्रहालय में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी आदिवासी महाकवि कालीदास पण्डों की 1675 वीं जयंती दिनांक 15 नवम्बर 2025 को अपरांह 3-30 बजे से संध्याकाल 5-30 बजे तक संगोष्ठी-काव्य चलती रही। जहाँ डॉ.वीरेन्द्र सिंह गहरवार संग्रहाध्यक्ष इतिहास एवं पुरातत्व शोध संस्थान संग्रहालय बालाघाट की अध्यक्षता में आयोजित की गई। महाकवि  कालीदास के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम प्रारंभ किया गया। उक्त अवसर पर डाॅ.वीरेन्द्र सिंह गहरवार संग्रहाध्यक्ष ने महाकवि कालीदास के जीवन प्रसंग पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महाकवि कालीदास का जन्म रामायण कालीन आदिवासी
    एक छोटे से गांव मृगाडांड में 15 नवम्बर 350 ई. को हुआ था। मृगाडांड गांव रामगिरी पर्वत (रामगढ़ पर्वत) की तलहटी में बसा रामायण कालीन गांव है। जहाँ भगवान राम ने मारीच को दण्ड (डांड) दिया था। इसलिए इस गांव का नाम मृगाडांड पड़ा। (वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य) कालीदास का जन्म मृगाडांड के पण्डो आदिवासी परिवार में हुआ था। उनके पिता का  नाम शिवदास पण्डो तथा माता का नाम तारादेवी था। वे गाय- बैल चराते और हल जोतते थे।  उनका विवाह उज्जैन के एक राजकुमारी विधोतमा (विधामती) से 16 नवम्बर 368 ई.को हुआ था, लेकिन उन्हें मालूम कालीदास अनपढ़ है, तो उन्हें छत से धकेल दिया, वे सीधे शिव लिंग पर गिरे। वे बहुत दुखी हुए। विधामती द्वारा घर से निकाले जाने पर, वे मृगाडांड में रहने लगे। करीब एक माह बाद उन्हें पता चला कि वाराणसी संस्कृत में शिक्षा का प्रमुख केंद्र है। वे वाराणसी चले गये और 6 वर्षों तक संस्कृत में अध्ययन कर वे 375 ई. में संस्कृत में पारंगत होकर मृगाडांड लौट आये। मृगाडांड के सरहद में स्थित रामगिरी पर्वत (रामगढ़ पर्वत) के एक गुफा में बैठकर ऋतुसंहार,मेघदूत और अभिज्ञान शाकुंतलम कुल तीन ग्रंथों की रचना की। इन तीनों ग्रंथों के लेखन के पश्चात उनकी ख्याति देश-विदेश में दूर-दूर तक फैल गई।  इन तीनों ग्रंथों में पर्वत, नदी, ऐतिहासिक शहर आदिवासी संस्कृति, विभिन्न ऋतुओं आदिवासी स्त्रियों ज्यादातर अंकित किया है। आदिवासी महाकवि कालीदास के ऊपर वास्तविक खोज डाॅ.रामविजय शर्मा इतिहासकार और पुरातत्व विद् , सेवानिवृत्त तहसीलदार रायपुर (छत्तीसगढ़) ने की है। यह स्थल वर्तमान छत्तीसगढ़ राज्य के सरगुजा जिला, उदयपुर तहसील में स्थित है। इस स्थल पर डाॅ.वीरेन्द्र सिंह गहरवार संग्रहाध्यक्ष ने अवलोकन किया है।
         उक्त अवसर पर राजेन्द्र कुमार शिवहरे, डाॅ.कुलदीप बिल्थरे, दिनेश कुमार नेमा, कुंजकिशोर विरुरकर, कविता गहरवार, कृष्णा कंसरे,  ममता भलावी, रजत मरठे आदि उपस्थित होकर अपने-अपने विचारों से अवगत कराया।

  • बाल दिवस पर बंसल पब्लिक स्कूल, खरसिया में विविध शैक्षिक एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन…

    बाल दिवस पर बंसल पब्लिक स्कूल, खरसिया में विविध शैक्षिक एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन…



    खरसिया। 14 नवम्बर 2025, बाल दिवस के शुभ अवसर पर बांसल पब्लिक स्कूल, खरसिया में अनेक रोचक, शिक्षाप्रद एवं रचनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए विद्यालय परिसर में उत्साहपूर्ण वातावरण बना रहा।

    कक्षा 3 से 7 के बच्चों ने साइंस एक्ज़िबिशन के माध्यम से अपने ज्ञान, नवाचार और प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। छात्रों ने विभिन्न वैज्ञानिक मॉडल, प्रयोग एवं प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए, जिनमें पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा स्रोत, जल संरक्षण एवं दैनिक जीवन से जुड़े वैज्ञानिक सिद्धांत प्रमुख आकर्षण रहे। माता–पिता एवं आगंतुकों ने बच्चों के प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

    कक्षा 1 एवं 2 के विद्यार्थियों के लिए मार्केट एक्टिविटी का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने छोटे-छोटे स्टॉल लगाकर खरीद–फरोख्त की गतिविधियों के माध्यम से व्यावहारिक ज्ञान, संवाद कौशल और गणितीय अवधारणाओं का अनुभव किया। यह गतिविधि बच्चों के आत्मविश्वास और सामाजिक व्यवहार को बढ़ाने में अत्यंत उपयोगी रही।

    प्री-प्राइमरी वर्ग के नन्हे-मुन्ने बच्चों के लिए “Find Your Child” एक्टिविटी रखी गई, जिसमें अभिभावकों ने विभिन्न मजेदार तरीकों से अपने बच्चों को पहचानकर गतिविधि का आनंद लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों और अभिभावकों के बीच भावनात्मक जुड़ाव को मजबूत बनाना था।

    इसके साथ ही विद्यालय में आर्ट गैलरी का भी मनमोहक प्रदर्शन सजाया गया, जिसमें विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए चित्र, क्राफ्ट व रचनात्मक कलाकृतियों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। रंगों और कल्पनाओं की इस दुनिया ने सभी आगंतुकों का मन मोह लिया।

    विद्यालय प्रबंधन ने कार्यक्रम की सफलता पर सभी शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों की रचनात्मक सोच, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।

  • निगम कर रहा सीसीटीवी से निगरानी, सड़क पर कचरा फेंकने पर आलोक ड्रेसेस के संचालक पर 5000 रुपए जुर्माना…

    निगम कर रहा सीसीटीवी से निगरानी, सड़क पर कचरा फेंकने पर आलोक ड्रेसेस के संचालक पर 5000 रुपए जुर्माना…

    रायगढ़। शहर में स्वच्छता व्यवस्था को बनाए रखने और सड़क पर गंदगी फैलाने वालों पर रोक लगाने निगम ने सख्त रुख अपनाया है। स्वच्छता अभियान के तहत बुधवार को निगम की टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण कर सड़क पर कचरा व गंदा पानी फेंकने एवं सड़क निर्माण सामग्री रख सड़क बाधा के तीन मामले के विरुद्ध 15 हजार रुपए पेनाल्टी कार्रवाई की गई।

    बुधवार की सुबह निगम कमिश्नर श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय सहित निगम की टीम द्वारा शहर के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान सुभाष चौक मुख्य सड़क के किनारे कचरा पड़ा मिला। इस दौरान कमिश्नर श्री क्षत्रिय ने चौक पर लगे सीसीटीवी को देखकर कचरा फेंकने वाले पर जुर्माना कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद सीसीटीवी खंगाला गया। सीसीटीवी में सुभाष चौक स्थित आलोक ड्रेस से बॉक्स में भरकर कचरा सड़क किनारे स्टाफ द्वारा फेंकने की बात सामने आई। इसपर आलोक ड्रेसेस के संचालक पर ₹5000 रुपए का जुर्माना लगाया गया। इसी तरह एकार्ट होटल प्रबंधन द्वारा सड़क पर पानी बहाने और सफाई का अपशिष्ट सीधे सड़क पर छोड़ने पर ₹5000 रुपए एवं कोतरा रोड स्थित राधा कृष्ण मंदिर के बगल में बन रहे बिल्डिंग के निर्माण सामग्री सड़क पर रखने पर मकान मालिक लखन ठाकुर पर भी 5000 रुपए का जुर्माना लगाया गया।

    निगम आयुक्त श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय ने बताया कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है। जहां भी सड़क या सार्वजनिक स्थान पर गंदगी फैलाने, कचरा फेंकने या पानी बहाने की शिकायत मिलेगी, वहां तुरंत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शहर को कचरा मुक्त रखना और स्वच्छ रखना एवं सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है।उन्होंने शहर के सभी व्यवसायियों एवं नागरिकों से अपने संस्थान और घरों के समान ही आस-पास सफाई बनाए रखने और कचरा सड़क पर या इधर उधर नहीं फेंकने की बजाय घर-घर पहुंचने वाले निगम की स्वच्छता दीदियों के रिक्शा और वाहनों को ही सूखा और गीला कचरा अलग अलग देने की अपील की है।

    निगम प्रशासन ने दी चेतावनी

    निगम प्रशासन द्वारा शहर के मुख्य चौक चौराहा, मुख्य सड़कों पर अब सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जा रही है। ऐसे में सड़क किनारे कहीं पर भी कचरा दिखे तो आसपास के सीसीटीवी के एक्सेस को भी खंगाला जाएगा। इस आधार पर जिसके द्वारा भी सड़कों पर या अन्य सार्वजनिक स्थान, गली मोहल्ले में कचरा फेका जाएगा। उसपर सीधे तौर पर जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। भविष्य में ऐसे मामलों में जुर्माने की राशि बढ़ाई जा सकती है और बार-बार उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध एफआईआर व अन्य वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।