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  • सारकेगुड़ा मामला : 2012 में ही जिस शख्स ने बता दिया था मुठभेड़ फर्जी है, उस शख्स से खास-बातचीत, FIR को लेकर अनशन पर बैठे

    सारकेगुड़ा मामला : 2012 में ही जिस शख्स ने बता दिया था मुठभेड़ फर्जी है, उस शख्स से खास-बातचीत, FIR को लेकर अनशन पर बैठे

    बीजापुर। धुर नक्सल क्षेत्र और जिला मुख्यालय से 55 किमी दूर 28 जून 2012 को सारकेगुड़ा में सुरक्षाबल के जवानों द्वारा बीज पांडुम मनाने जुटे तीन गांव राजपेटा, सारकेगुड़ा और कोत्तगुड़ा के ग्रामीणों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई थी. इस घटना में 7 नाबालिग सहित 17 लोग सामूहिक नरसंहार में मारे गए थे। इस घटना के तत्काल बाद सामाजिक कार्यकर्ता हिमांशु कुमार मौके पर पहुँचे थे, गाँव वालों से मिले थे, पीड़ित परिवार वालो से मिले थे और उन्होंने कहा था कि मुठभेड़ फर्जी है. निर्दोष आदिवासियों को नक्सली बताकर मारा गया. उन्होंने इस मामले में पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने संघर्ष किया. अब जब 7 साल बाद फैसला आया न्यायिक जाँच आयोग ने माना कि मुठभेड़ में मारे गए आदिवासी नक्सली नहीं थे. मारे गए लोग निर्दोष थे। अब इसी मामले को 2012 में ही मुठभेड़ को फर्जी बताने वाले हिमांशु कुमार घटना के लिए पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह, पूर्व डीजीपी विश्वरंजन, तत्कालीन बस्तर आईजी टीजे लांगकुमेर, तत्कालीन आईबी चीफ मुकेश गुप्ता, तत्कालीन एसपी प्रशांत अग्रवाल, सीआरपीएफ डीआईजी एलांगो, तत्कालीन थाना प्रभारी इकबाल पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है. इस मांग को लेकर हिमांशु कुमार बासागुड़ा थाना में ग्रामीणों के साथ अनशन पर बैठ गए है।
  • ‘दिशा’ गैंगरेप के चारों हैवानों का शव लेने से परिजनों ने किया इनकार,  पुलिस एनकाउंटर में हुए थे ढेर….

    ‘दिशा’ गैंगरेप के चारों हैवानों का शव लेने से परिजनों ने किया इनकार, पुलिस एनकाउंटर में हुए थे ढेर….

    दिल्ली। हैदराबाद गैंगरेप के चारों आरोपियों के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद उनके परिजनों ने शव लेने से इंकार कर दिया है.  पुलिस उनके शव को परिजनों को देने की तैयारी में थी, लेकिन उनके परिजनों ने शवों को लेने से मना कर दिया. लिहाजा अब तेलंगाना पुलिस सभी आरोपियों अंतिम संस्कार कर सकती है।
    दरअसल शुक्रवार सुबह महिला डॉक्टर से गैंगरेप और हत्या मामले में गिरफ्तार चारों आरोपियों को लेकर पुलिस घटना स्थल पर जांच करने पहुंची थी. इसी दौरान दो आरोपी पुलिस की गन लेकर भागने की कोशिश करने लगे. मना करने पुलिस के ऊपर फायरिंग करनी शुरु कर दी. जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें चारों रेपिस्ट मारे गए. यह एनकाउंटर नेशनल हाइवे-44 के पास हुआ। बता दें कि 27 नवंबर की रात को हैदराबाद में महिला डॉक्टर के साथ हैवानियत की हदें पार करते हुए चार आरोपी मोहम्मद आरिफ, नवीन, चिंताकुंता केशावुलु और शिवा ने गैंगरेप के बाद जिंदा जला दिया था।
  • आखिरकार जिंदगी की जंग हार गई उन्नाव गैंगरेप पीड़िता, मौत से पहले बोली थी, ‘मेरी ये हालत करने वाला कोई जिंदा न बचे’

    आखिरकार जिंदगी की जंग हार गई उन्नाव गैंगरेप पीड़िता, मौत से पहले बोली थी, ‘मेरी ये हालत करने वाला कोई जिंदा न बचे’

    दिल्ली। गैंगरेप का शिकार हुई उन्नाव की पीड़िता ने दम तोड़ दिया है. शुक्रवार देर रात दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान रात 11 बजकर 40 मिनट पर मौत हो गई. पीड़िता को जेल से बेल पर रिहा हुए आरोपियों ने जलाकर मारने की कोशिश की थी. जिससे वो 90 प्रतिशत जल चुकी थी. जिसके बाद लखनऊ से एयर लिफ्ट कर उसे सफदरजंग अस्पताल में दाखिल कराया गया था. डॉक्टरों के मुताबिक उसकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है।

    उन्नाव पीड़िता 5 दिसंबर को इसी केस के सिलसिले में रायबरेली कोर्ट जाने के लिए निकली थी. उसी दौरान जेल से छूटे आरोपियों ने उसे जिंदा आग के हवाले कर दिया. जिससे वो 90 फीसदी जल गई थी.दरअसल उन्नाव की बेटी के साथ दिसंबर साल 2018 में रेप हुआ था. पुलिस के पास दर्ज पीड़िता के बयान के मुताबिक गांव के ही शिवम त्रिवेदी नाम के शख्स ने शादी का झांसा देकर उसके साथ रेप किया।

    रेप के दौरान उसका वीडियो बनाया और वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर उसके साथ बार-बार रेप किया. इस दौरान शिवम के साथ उसके दोस्त शुभम समेत पांच लोगों ने इस घिनौनी हरकत में उसका साथ दिया.पीड़िता की मौत के बाद अब परिवार आरोपियों को फांसी देने की मांग कर रहा है. सभी पांच आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके हैं. एसआईटी जांच भी हो रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जल्द से जल्द इंसाफ दिलाने का भरोसा भी दिलाया है.वहीं अब पीड़िता के परिजनों व रिश्तेदारों का कहना है कि उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं. ऐसे देखना यह होगा कि अब पीड़िता को सरकार किस तरह से न्याय दिलाती है।

    पीड़िता के पास में खड़े अस्पताल के बर्न यूनिट के हेड डॉ. शलभ और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुनील गुप्ता ने बताया कि उसके मुंह से निकली हुई बातें इतनी ही समझ में आ रहीं थी कि वह जानना चाह रही थी कि वह बच जाएगी न. डॉक्टरों ने बताया कि उसने इशारों में और हल्की आवाज में कहा कि वह मरना नहीं चाहती है. उसने यह भी कहा कि उसके साथ ऐसा करने वाला कोई बचे न।

    गैंगरेप पीड़िता जिंदगी की जंग हार गई, लेकिन मरने से पहले उसने भावुक होकर कहा था कि वह मरना नहीं चाहती है और उसके साथ ऐसा करने वाला कोई जिंदा नहीं बचना चाहिए. अब क्या सरकार उसके गुनाहगारों को फांसी की सजा देगी ? क्योंकि उसके परिजन भी यही मांग कर रहे हैं कि आरोपियों को फांसी हो या फिर हैदराबाद की तरह एनकाउंटर कर दिया जाए.

  • चर्चा : गैंगरेप आरोपियो के एनकाउंटर पर IPS रतनलाल डांगी का फेसबुक पोस्ट,पुलिस की किसी भी प्रकार की गलत कार्रवाई पर विवेक से काम लेना जरूरी

    चर्चा : गैंगरेप आरोपियो के एनकाउंटर पर IPS रतनलाल डांगी का फेसबुक पोस्ट,पुलिस की किसी भी प्रकार की गलत कार्रवाई पर विवेक से काम लेना जरूरी

    रायपुर। हैदराबाद गैंगरेप के आरोपियों के एनकाउंटर के बाद पुलिस का जहाँ सम्मान हो रहा है, तो वहीं उनकी ओर से की गई कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं. देश भर में इस लेकर तरह-तरह की चर्चा है. इन चर्चाओं के बीच छत्तीसगढ़ के आईपीएस अफसर रतनलाल डांगी का फेसबुक पोस्ट भी चर्चा में आ गया है.दुर्ग जिले में डीआईजी के रूप पदस्थ रतनलाल डांगी हैदराबाद पुलिस की कार्रवाई से सहमत नहीं है. उनका कहना है कि भावनाओ में बहकर किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए. समाज में इसका क्या असर पड़ सकता है इसे देखना जरूरी है. उन्होंने अपने फेसबुक पर पोस्ट किया है. जिसमें उन्होंने लिखा है- भावनाओ में बहकर पुलिस की किसी भी प्रकार की गलत कार्रवाई की वाह-वाही में विवेक से काम लेना बहुत जरूरी है।
    रतनलाल डांगी ने कहा कि जब हालात नाजुक हो तो संयम से काम लेना चाहिए. वक्त देना चाहिए. इस तरह से कानून को भावनाओं में आकर काम नहीं करना चाहिए. कल इस तरह की कार्रवाई का दुरुपयोग भी हो सकता है. वैसे पुलिस पर सवाल उठते रहते हैं. कानून के मुताबिक संयम से कार्रवाई होनी चाहिए. हमारे सामने कई घटनाएँ समाज में जब पुलिस कई मर्तबा गलतियाँ हो जाती है. समाज पुलिस पर ही सवाल उठाती रही है. ऐसे में कल को कुछ और भी हो सकता है. मुझे लगता ऐसे नाजुक मौके पर संयम, विवेक की जरूरत है. विशेषकर तब और जब हम पर जनभावनाएँ हावी हो।
  • अब अधिकारी करेंगे गोदामों की जांच,मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्याज के स्टॉक सीमा को किया गया कम…बड़े व्यापारी 25 टन और खुदरा विक्रेता 5 टन रख सकेंगे स्टॉक…

    अब अधिकारी करेंगे गोदामों की जांच,मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्याज के स्टॉक सीमा को किया गया कम…बड़े व्यापारी 25 टन और खुदरा विक्रेता 5 टन रख सकेंगे स्टॉक…

    रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर बाजारों में प्याज की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ में व्यापारियों को गोदाम में प्याज का स्टॉक रखने की सीमा कम करके आधा कर दिया गया है। नए आदेश के अनुसार बड़े व्यापारी अब 25 टन और कमीशन अभिकर्ता 5 टन तक प्याज का स्टॉक रख सकते हैं।खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा मंत्रालय महानदी भवन से प्याज के स्टॉक सीमा में संशोधन करने की अधिसूचना जारी कर दी गई है। प्रदेश के सभी कलेक्टरों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

    खाद्य विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने प्रदेश के खाद्य अधिकारियों को नए खाद्य लिमिट के अनुसार गोदामों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।राज्य शासन द्वारा प्याज की संग्रहण क्षमता में संशोधन का निर्णय प्रदेश में बढ़ते प्याज के कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए लिया गया है। राज्य शासन द्वारा पूर्व में बड़े व्यापारियों को 50 टन और कमीशन अभिकर्ताओं को 10 टन प्याज का स्टॉक सीमा निर्धारित था।राज्य शासन द्वारा प्याज की कीमत में नियंत्रण रखने के लिए राज्य की उचित मूल्य के दुकानों से प्रतिदिन 10-15 क्विंटल प्याज उचित दर पर विक्रय किया जा रहा है। इन दुकानों से प्रत्येक हितग्राही को 5 किलोग्राम प्याज का विक्रय किया जा रहा है।

    इसके अलावा रायपुर शहर में थोक प्याज व्यापारियों से समन्वय कर गत 4 नवम्बर से शहर के सात स्थानों में प्याज का विक्रय किया जा रहा है। राज्य के अन्य जिलों में प्याज के खुदरा बाजार मूल्य में अप्रत्याशित वृद्धि के संदर्भ में सभी जिलों के थोक प्याज व्यापारियों से समन्वय कर उचित दर की दुकान शुरू कर प्याज उपलब्ध कराने के निर्देश भी राज्य शासन द्वारा दिए गए हैं।

  • शादीशुदा महिला टीचर ने 15 साल के छात्र को लिया गोद…वजह थी बना सके शारीरिक संबंध…कई महीने तक होता रहा शोषण…जब मना किया तो…

    शादीशुदा महिला टीचर ने 15 साल के छात्र को लिया गोद…वजह थी बना सके शारीरिक संबंध…कई महीने तक होता रहा शोषण…जब मना किया तो…

    एक शादीशुदा महिला टीचर पर आरोप लगा है कि उन्होंने 15 साल के छात्र को इसलिए गोद लिया ताकि वह उसके साथ शारीरिक संबंध बना सके। ये मामला अमेरिका के न्यू जर्सी के ट्रेन्टन का है. टीचर के क्लास लेने पर बैन लगा दिया गया है।15 साल के लडक़े को जब अपने घर से निकाल दिया गया तब 45 साल की टीचर रायना कल्वर उसकी लीगल गार्जियन बन गई। लडक़े का दावा है कि कई महीनों तक टीचर ने रोज उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।

    इस मामले में अभी ट्रायल चल रहा है. गिरफ्तारी के बाद से ही टीचर छुट्टी पर थीं, लेकिन अब उनके स्कूल जाने पर तब तक बैन लगा दिया गया है जब तक कोर्ट का फैसला नहीं आ जाता।बच्चे का भविष्य खराब करने और यौन शोषण के मामले में टीचर पर मुकदमा चलाया जा रहा है। कोर्ट के दस्तावेजों के मुताबिक, बच्चे की कस्टडी लेने से पहले से ही टीचर उसके काफी करीब हो गई थी।

    शुरुआत में टीचर गलत तरीके से उसे छूती थी, लेकिन लडक़ा इसके बारे में अधिक सोच नहीं पा रहा था. बाद में लडक़े ने जब टीचर को संबंध बनाने से मना किया तो उन्होंने दबाव बनाया। प्रॉसेक्यूटर के मुताबिक, पीडि़त लडक़े को यह लगने लगा था कि उसे घर में जगह देने के पीछे टीचर का मकसद उसके साथ संबंध बनाना ही था।

  • आपके चेक की भी हो सकती है क्लोनिंग, मिनटों में खाते से गायब जाएगी रकम

    आपके चेक की भी हो सकती है क्लोनिंग, मिनटों में खाते से गायब जाएगी रकम

    जब भी कोई व्यक्ति बैंक में खाता खोलता है, तो उसे खाता खोलने के बाद मिलने वाली किट में चेक बुक मिलती है। कई लोग आज भी ऑनलाइन बैंकिंग के बजाए चेक से भुगतान करना सुरक्षित मानते हैं। हालांकि अब चेक से किसी तरह का भुगतान करना या फिर लेना भी सुरक्षित नहीं रहा है। हैकर्स अब इसकी भी क्लोनिंग करने लगे हैं। इसका पता बैंक को भी नहीं चलता है कि भुगतान के लिए जो चेक दिया गया है, वो सही है या नहीं। चेक की क्लोनिंग न हो इसके लिए कई तरह की सावधानियां बरतनी चाहिए। एम्स के निदेशक और डीन के खाते से 12 करोड़ रुपये निकलने के बाद यह जानना आपके लिए जरूरी हो गया है कि कैसे इससे बचा जाए।

    क्या है चेक क्लोनिंग

    चेक की क्लोनिंग बिना बैंक कर्मचारियों की मदद से नहीं हो सकती है। बैंक के कर्मचारी ही ऐसा फ्रॉड करने वाले लोगों को खाताधारकों का सिग्नेचर और ब्लैंक चेक देते हैं। इस जानकारी के मिलने के बाद फ्रॉड करने के बाद बैंक में खाताधारक का फोन नंबर बदलने के लिए आवेदन करते हैं। इससे खाताधारकों को किसी भी तरह का ट्रांजेक्शन करने पर मैसेज नहीं मिलता है।

    इन खातों की हो सकती है चेक क्लोनिंग

    अगर आपके खाते में लाखों-करोड़ों रुपये पड़े हुए हैं, तो फिर चेक की क्लोनिंग होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। चेक पर बैंक खाता संख्या, शाखा और व्यक्ति का नाम होता है। फ्रॉड करने वाला व्यक्ति चेक को स्कैन करके उसका क्लोन बना देता है और खाते से पैसा निकाल देता है।

    चेक क्लोनिंग से कैसे बचें

    इन तरीकों का इस्तेमाल करते हुए आप आसानी से चेक क्लोनिंग का शिकार होने से बच सकते हैं।

    सोशल मीडिया, व्हाट्सएप और ईमेल पर चेक की फोटो को पोस्ट न करें।

    किसी भी व्यक्ति को फोन पर अपने निजी बैंक खाते की जानकारी न दें।

    इस जानकारी में चेक नंबर, कार्ड डिटेल्स, ओटीपी और पासवर्ड तक शामिल हैं।

    अपने फोन नंबर, ई-मेल आईडी को चेक करते रहें, जिससे ट्रांजेक्शन होने पर आपको जानकारी मिलती रहे।

    एम्स के निदेशक, डीन को ऐसे हुआ नुकसान

    अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के दो बैंक खातों से क्लोन चेक के जरिए 12 करोड़ रुपये पार करने का मामला सामने आया है। जालसाजों ने करीब एक माह पहले दूसरे शहरों में स्थित एसबीआई की शाखाओं से इस घटना को अंजाम दिया। इसके बाद पिछले सप्ताह मुंबई और देहरादून की दो शाखाओं से करीब 29 करोड़ रुपये निकालने का प्रयास भी किया, हालांकि वे इसमें कामयाब नहीं हो सके। जिन दो खातों से एम्स को 12 करोड़ रुपये की चपत लगाई गई है, उनमें से एक खाता निदेशक और दूसरा डीन के नाम पर है। निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया के नाम वाले मुख्य खाते से सात और डीन के खाते से पांच करोड़ रुपये निकाल लिए गए।

    इस जांच को पार गए थे चेक

    हालांकि गंभीर बात है कि जाली चेक अल्ट्रा वॉयलेट रे (पराबैंगनी किरणों) जांच को पार कर गए और उसी चेक संख्या के मूल चेक अब भी एम्स के पास हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के मुताबिक तीन करोड़ रुपये से अधिक की बैंक धोखाधड़ी होती है तो बैंक सीबीआई के पास शिकायत दर्ज कराते हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि एसबीआई ने मौजूदा मामले में सीबीआई से संपर्क किया है नहीं।

  • आंखों पर पड़ी झुर्रियां हटाने के आसान टिप्स….

    आंखों पर पड़ी झुर्रियां हटाने के आसान टिप्स….

    झुर्रियां सिर्फ चेहरे पर ही नहीं बल्कि आंखों के आस-पास भी पड़ती है, जिसे क्रोज फीट कहा जाता है। जब आंखों की स्किन पर लकीरे सी नजर आने लगती है तो चेहरा भी भद्दा लगने लगता है पर इन घरेलू टिप्स से बिना किसी साइड इफैक्ट के इनसे छुटकारा पा सकते है।क्यों बनते हैं क्रोज फीट?बढ़ती उम्र के साथ-साथ आंखों के कुछ हिस्सों पर झुर्रियां पड़ने लगती है, जिसमें से आंखे भी एक है। दरसअल, आंख के पास की मांसपेशियां नाजुक होती हैं इसलिए ज्यादा सिकुड़ने व फैलने से वो टूट जाती हैं। इसके कारण त्वचा के फैलने व सिकुड़ने की क्षमता कम हो जाती है और झुर्रियां पड़ने लगती है।इन लोगों को अधिक होती है समस्या35 वर्ष की उम्र के बाद इनके होने की संभावना बढ़ जाती है। जो लोग हंसते समय आंख सिकोड़ लेते है उन्हें दूसरों के मुकाबले झुर्रियां जल्दी पड़ती है। चेहरे पर आने वाले इस भाव के कारण मांसपेशियां जल्दी सिकुड़ जाती हैं। ये झुर्रियां दो तरह की होती हैं एक जो हमेशा नजर आती है और दूसरी जो हंसने या अन्य गतिविधि के कारण नजर आती हैं।क्रोज फीट Crows feet का कारणआंखों के नीचे की त्वचा बेहद पतली और संवेदनशील होती है इसलिए यह बहुत जल्दी प्रभावित होती है।बढ़ती उम्र बढ़ती उम्र के कारण एंटी-एजिंग की समस्याएं आम देखने को मिलती है क्योंकि इस दौरान शरीर में बहुत से पोषक तत्वों की कमी हो जाती है।धूप में अधिक समय बितानाधूप की यूवी किरणें भी त्वचा को नुकसान पहुंचती है। दरअसल, आंखे तेज धूप बर्दाश नहीं कर पाती। ऐसे में उनका बंद होना तो स्वाभाविक ही है। मगर ऐसा अधिक होने पर झुर्रियां पड़ जाती हैं।आंख मींचकर देखने या हंसने की आदतऐसा बार-बार करने से आंखों की मांसपेशियों पर जोर पड़ता है और वो कमजोर हो जाती है। यह क्रोज फीट बनने का सबसे बड़ा कारण है।क्रोज फीट के घरेलू इलाजएलोवेरा1 चम्मच एलोवेरा जूस को आंखों के आसपास लगाएं और 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद पानी से मुंह धो लें। दिन में कम से कम 2 बार इसका इस्तेमाल करें। इससे क्रोज फीट वाली लाइन्स कम हो जाएगी।नारियल का तेलरोजाना नारियल के तेल से हल्के हाथ से मालिश करें। इससे त्वचा में कोलेजन का उत्पादन बढ़ेगा और झुर्रियां धीरे-धीरे कम होने लगेंगी।नीबू का रस1 गिलास पानी में 1/2 नीबू का रस और 1/2 चम्मच शहद मिलाकर रोज पिने से त्वचा में कोलेजन का स्तर बढ़ेगा और झुर्रियां गायब हो जाएंगी।
  • इस रेस्टोरेंट ने नाबालिग लड़की को खाने में परोसा मूंगफली…बिगड़ी तबियत…लगा लाखों का जुर्माना…

    इस रेस्टोरेंट ने नाबालिग लड़की को खाने में परोसा मूंगफली…बिगड़ी तबियत…लगा लाखों का जुर्माना…

    ब्रिटेन की राजधानी लंदन में एक भारतीय रेस्टोरेंट को नाबालिग लड़की को खाने में मूंगफली परोसना भारी पड़ गया. ड्राईफ्रूट्स से होने वाली एलर्जी की वजह से लड़की की तबीयत बिगड़ने पर स्थानीय प्राधिकरण ने रेस्टोरेंट पर 3 हजार 767 पाउंड यानी की लगभग साढ़े तीन लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया. अंग्रेजी अखबार डेली मेल के मुताबिक न्यूकैसल के पास टाइनमाउथ के एक भारतीय रेस्टोरेंट गुलशन में एक 16 साल की लड़की परिवार के साथ खाना खाने पहुंची. वहां कर्मचारियों ने उसे भरोसा दिलाया कि उनका खाना ताजा और सुरक्षित है।

    ड्राईफ्रूट्स से एलर्जी होने की वजह से लड़की को खाने के तुरंत बाद ही जीभ में झनझनाहट और सूजन होने लगी. इसके बाद लड़की को नॉर्थ टाइनसाइड जनरल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया जहां उसका इलाज हुआ. मामले की जांच के लिए जब स्थानीय प्राधिकरण के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने खाने में परोसे गए चिकन करी के अवशेषों का परीक्षण किया तो इसमें मूंगफली प्रोटीन पाया जिस वजह से उस नाबालिग लड़की की तबीयत बिगड़ी थी. रेस्टरेंट में बच्ची को भ्रामक जानकारी देकर खाना परोसने और भी कई लापरवाही बरतने के आरोप में प्राधिकरण ने गुलशन रेस्टोरेंट पर करीब साढ़े तीन लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया।

  • जनवरी से 6000 रुपये महंगे हो जाएंगे ‘एसी’ और ‘फ्रिज’ अगर खरीदने का प्लान है तो कीजिये ‘जल्दी’

    जनवरी से 6000 रुपये महंगे हो जाएंगे ‘एसी’ और ‘फ्रिज’ अगर खरीदने का प्लान है तो कीजिये ‘जल्दी’

    दिल्ली। अगर आप भी एयर कंडीशनर या रेफ्रिजरेटर खरीदने की सोच रहे हैं तो आपके पास सिर्फ दिसंबर तक का वक्त है क्योंकि जनवरी 2020 से एसी और रेफ्रिजरेटर 6,000 रुपये तक महंगे हो जाएंगे।

    सरकार ने फैसला लिया है कि वह जनवरी 2020 से नये एनर्जी लेवलिंग नॉर्म लागू कर देगी. जिसके चलते 5 स्टार रेटिंग वाले रेफ्रिजरेटर 6,000 रुपये तक महंगे हो जाएंगे।

    इसके साथ ही एसी में भी यही सिस्टम लागू होगा. जिसके चलते एसी की कीमतों में भी लगभग इतना ही इजाफा होने की उम्मीद है. इसलिए अगर आप एसी या फ्रिज लेने की सोच रहे हैं तो जल्दी कीजिए वर्ना जनवरी से आपकी जेब पर 6 हजार रुपये का खर्चा बढ़ जाएगा।