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  • सुप्रीम कोर्ट को मिला नया ध्वज और प्रतीक चिह्न….

    सुप्रीम कोर्ट को मिला नया ध्वज और प्रतीक चिह्न….


    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को भारत मंडपम में आयोजित जिला न्यायपालिका राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन समारोह में सुप्रीम कोर्ट का नया ध्वज और प्रतीक चिन्ह जारी किया।

    इस ध्वज में संस्कृत श्लोक ‘यतो धर्मस्ततो जयः’ लिखा गया है, जिसका अर्थ है जहां धर्म है, वहां विजय होगी। ध्वज के सबसे ऊपर अशोक चक्र, बीच में सुप्रीम कोर्ट की बिल्डिंग और सबसे नीचे संविधान की किताब है।

  • विशाल निःशुल्क खंडस्तरीय आयुष मेला सम्पन्न…

    विशाल निःशुल्क खंडस्तरीय आयुष मेला सम्पन्न…

          
    खरसिया।  छत्तीसगढ़ शासन संचालनालय आयुष रायपुर एवं एवं कलेक्टर रायगढ़ के निर्देशानुशार जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉक्टर मीरा भगत एवं खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अभिषेक पटेल के मार्गदर्शन में निःशुल्क आयुष स्वास्थ्य मेला का आयोजन मदनपुर खरसिया में संपन्न हुआ।
           मेला में उपस्थित श्री मोहन गवेल मुख्य अतिथि , श्री लक्ष्मी प्रसाद अध्यक्ष, डॉ. अभिषेक पटेल विशिष्ट अतिथि,श्री एन . एल पटेल  विशिष्ट अतिथि श्री देवीप्रसाद राठौर विशिष्ट अतिथि, श्री सेतराम धर्मा  विशिष्ट अतिथि, श्री प्रशांत यादव विशिष्ट अतिथि की गरिमामय उपस्थति में भगवान धन्वंतरि के शैल चित्र पर पुष्प अर्पित व  दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया।
          मेला में डॉ.एम. महापात्र द्वारा विभिन्न मौसमी बिमारीयो ,संचारी और गैर संचारी रोग के विषय में विस्तृत जानकारी दी गई, व विभिन्न प्रकार के औषधिय पौधौ  ,योग आसन प्राणायाम के बारे में बताया गया। मेला प्रभारी डॉक्टर मंजरी पटेल ने होम्योपैथी औषधि के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
         इस मेला  में डॉ. नवीन(आयु.चि.अधि.), डॉ. बी.एन. मेहर(आयु.चि.अधि.), डॉ. एम. पटेल(आयु.चि.अधि.), डॉ. वाई. भोई(आयु.चि.अधि.), डॉ.शशिकला पटेल(बी.डी.एस.), श्री देवनारायण बघेल (नेत्र सहा. अधि.),श्री आर.के. राठौर (नेत्र सहा.अधि.), श्री अरविंद गबेल (एन.एम.ए.), कुमारी शोभा खटेल (सी.एच.ओ.), श्रीमती इग्नेशिया मिंज  (आर.एच.ओ.),  कुमारी राधारानी विश्वास लैब टेक. श्री राकेश तिवारी (फार्मा.),श्री फूलदास महंत (फार्मा.), श्री नरोत्तम मरावी (फार्मा.), श्री सुरेश राठौर (पी.टी.एस.),श्री गोरेलाल कंवर(पी.टी.एस.),भानु सिदार(पी.टी.एस.),फणीश्वर सिदार(पी.टी.एस.) का विशेष  सहयोग रहा जिसमें कुल 473 रोगियो का रोग निदान कर निःशुल्क औषधि वितरण किया गया।

  • खराब खाद्य पदार्थों की शिकायत हेतु छत्तीसगढ़ सरकार की हेल्पलाइन 9340597097

    खराब खाद्य पदार्थों की शिकायत हेतु छत्तीसगढ़ सरकार की हेल्पलाइन 9340597097


    सारंगढ़। सभी प्रकार के खाद्य व्यवसाय से जुड़े व्यापारी वर्ग यदि नागरिकों की सेहत के विरुद्ध खराब अमानक खाद्य पदार्थ  बेचते हैं तो उसकी शिकायत की जा सकती है। राज्य भर के लिए छत्तीसगढ़ के खाद्य और औषधि प्रशासन द्वारा हेल्पलाइन 9340597097 संचालित किया जा रहा है। बर्फ फैक्ट्री में रासायनिक पदार्थ सैकरीन का उपयोग हो या अन्य रासायनिक पदार्थ की मिलावट से दूध या मिठाई निर्माण, खाद्य पदार्थ के डिब्बे या पैकेट में लेबलिंग नहीं पाने, किसी भी प्रोडक्ट में एक्सपायरी डेट नहीं लिखने, होटल, ढाबा, ठेला द्वारा खाद्य लाइसेंस, पंजीयन नहीं और साफ सफाई की कमी होने पर, इसके साथ साथ दवाई दुकान के एक्सपायरी दवा, खराब मांस मछली, सड़े गले फल, खाद्य एवं पेय पदार्थ से सम्बंधित कोई भी शिकायत के लिए आम नागरिक हेल्पलाइन नम्बर 9340597097 पर संपर्क कर सकते हैं।

  • यात्री समस्याओं को लेकर मोनू केसरी ने रेल प्रबंधक को सोपा ज्ञापन

    यात्री समस्याओं को लेकर मोनू केसरी ने रेल प्रबंधक को सोपा ज्ञापन



    खरसिया। रेलवे स्टेशन में यात्रियों को बार बार हो रही परेशानियों को देखते हुए खरसिया भाजपा के दिग्गज नेता मोनू केसरी ने आज बिलासपुर पहुंचकर रेल प्रबंधक प्रवीण कुमार पांडे से मुलाकात करते हुए उनको एक ज्ञापन सौंपा है जिसमें प्रमुख रूप से खरसिया रेलवे स्टेशन के बाहर में सीढ़ी के बीचो-बीच मे एक नया प्लेटफार्म निर्माण,  खरसिया में रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण होने में काफी समय लगेगा इसलिए रेलवे स्टेशन की दोनों और आम नागरिकों एवं आसपास के ग्रामीणों के परेशानियों को देखते हुए जल्द अंडर ब्रिज का निर्माण किया जाए, खरसिया रेलवे स्टेशन के एक नंबर दो नंबर तीन नंबर प्लेटफार्म मेंसेट शेड निर्माण हमालपारा की और बने रेलवे द्वारा टिकट काउंटर को खोलने की मांग, खरसिया रेलवे स्टेशन के बाहर रोशनी की कमी को देखते हुए हाइलाइटर लाइट को चालू करने की मांग, नया टिकट काउंटर के सामने बने शौचालय को तत्काल चालू किया जाए, खरसिया रेलवे स्टेशन के में बने पहाड़ नुमा सीढ़ी को तोड़कर एक नया सीढ़ी का निर्माण करते हुए लिफ्ट लगाने की मांग, खरसिया रेलवे स्टेशन में बंद पड़े पार्सल बुकिंग को चालू करने की मांग, खरसिया रेलवे स्टेशन में जीआरपी थाना संचालित करने की मांग, रेलवे स्टेशन में खरसिया मे सभी एक्सप्रेस एवं सुपरफास्ट ट्रेनों के स्टॉपेज की मांग, खरसिया रेलवे स्टेशन में रिजर्वेशन काउंटर को रात्रि 11:00 बजे तक खोलने की मांग, खरसिया रेलवे प्लेटफार्म बुजुर्ग विकलांग बच्चों को हो रही दिक्कत को देखते हुए एक नंबर से दो-तीन नंबर तक आने जाने के लिए इंटरलॉकिंग रैम बनाने की मांग करते हुए रेलवे के प्रबंधक प्रवीण कुमार पांडे से मुलाकात कर जनहित में एक ज्ञापन सौंपा है, मोनू केसरी ने बताया कि मांग पूरी नहीं होने पर रेलवे के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

  • धूमधाम से मनाया जाएगा राणी सती दादी का भादवा अमावस्या उत्सव…

    धूमधाम से मनाया जाएगा राणी सती दादी का भादवा अमावस्या उत्सव…


    खरसिया । धर्म नगरी खरसिया के छपरी गंज स्थित झुंझनु वाली दादी राणी सती मंदिर में दादी जी का भादवा अमावस्या बड़ी धुम धाम से राणी सती सेवा समिति द्वारा 2 एवं 3 सितंबर दो दिन मनाया जावेगा। राणी सती सेवा समिति के अमोल अग्रवाल (भुरू) ने बताया कि दादी भक्तों के लिए भादव अमावस्या के अवसर पर दो दिवसीय उत्सव दादी सती मंदिर में मनाने की तैयारी जोरो से चल रही है। 2  सितंबर सोमवार को रतजगा रात्रि 8 बजे एवमं 3 सितंबर को चुंदड़ी चूड़ा सिंगार सुबह 10 बजे, आरती पूजन सुबह 11 बजे इसके पश्चात भंडारे का प्रसाद दोपहर 12-30 बजे से प्रारम्भ होगा उसके बाद कोलकाता की प्रसिद्ध मंगल पाठ गायिका लता जलान आएगी। दादी जी के मंगल पाठ में भक्तों के लिए बैठने की विशेष व्यवस्था समिति द्वारा की गई है। दादी राणी सती जी के मंदिर को रंग बिरंगी विद्युत झालरो से सजाया गया है। श्री झुंझनु वाली राणी सती धर्मादा ट्रस्ट व राणी सती सेवा समिति के सभी लोग कार्यक्रम को भव्यता देने में दिन रात लगे हुए है।

  • कोलकाता अस्पताल का डार्क स्पॉट सील होता तो डॉक्टर से नहीं हो पाती दरिंदगी, देश में 1000 लोगों पर 11 CCTV कैमरे…सुरक्षा कैसे?

    कोलकाता अस्पताल का डार्क स्पॉट सील होता तो डॉक्टर से नहीं हो पाती दरिंदगी, देश में 1000 लोगों पर 11 CCTV कैमरे…सुरक्षा कैसे?


    कोलकाता डॉक्टर केस में आरोपी की जांच की जा रही है। पीड़िता को इंसाफ दिलाने के लिए कैंडल मार्च निकाले जा रहे हैं और धरना-प्रदर्शन किए जा रहे हैं। मगर, बड़ा सवाल यह है कि क्या निर्भया केस के 12 साल बाद भी महिलाओं समेत आम लोगों की सुरक्षा के लिए क्या उपाय किए गए? क्या स्कूल, अस्पताल या दफ्तरों या गली-मोहल्लों के मोड़ पर बियाबान हो चुके ऐसे डार्क स्पॉट की पहचान की गई, जहां अपराध होने की गुंजाइश सबसे ज्यादा होती है। आइए-एक्सपर्ट से जानते हैं कि ये क्या बला है और इसे लेकर क्या थ्योरी दी जाती है।

    नई दिल्ली: कोलकाता डॉक्टर केस में सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी की सरकार ने तीन पुलिस अफसरों को सस्पेंड कर दिया। कहा जा रहा है कि डॉक्टर ने दिनभर काम करने के बाद रात को बेकार पड़े अस्पताल के सेमिनार हॉल में अपने सहकर्मियों के साथ खाना खाया था और सबके जाने के बाद थकने की वजह से वहां आराम करने लग गई थी। उसी वक्त शराब पीकर अस्पताल के पिछले दरवाजे से आरोपी घुसा और उसने मौका पाकर डॉक्टर पर हमला कर दिया। उसने दरिंदगी की हद पार करते हुए डॉक्टर का रेप करने के बाद उसे मार डाला। डॉक्टर का बेजान शरीर रात भर वहीं पड़ा रहा। अगले दिन जब सुबह सफाई करने वाला वहां गया तो उसने डॉक्टर के शव को देखा। इस केस में बड़ा सवाल ये उठ रहा है कि आरजी कर मेडिकल अस्पताल के डार्क स्पॉट को यों ही क्यों छोड़ दिया गया। क्या यही हालत पूरे देश की है। यह भी कहा जा रहा है कि दिसंबर, 2012 में निर्भया गैंगरेप के बाद भी हम क्यों नहीं चेत पाए हैं? क्यों नहीं अस्पताल, स्कूल जैसी जगहों पर और गली-मोहल्लों के सुनसान इलाकों या मोड़ पर सुरक्षा के उपाय क्यों नहीं किए गए? क्यों नहीं सीसीटीवी या लाइटें लगाई गईं। जानते हैं सारे सवालों के जवाब।



    अस्पताल का सेमिनार हॉल बन गया था डार्क स्पॉट, अस्पताल की लापरवाही
    डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल के जिस सेमिनार हॉल में इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया गया, उसे सील किया जाना चाहिए था। डॉक्टरों का कहना था कि अस्पताल के सेमिनार हॉल को सील क्यों नहीं किया गया? डॉक्टरों का कहना है कि सेमिनार हॉल खुला रखने के पीछे तर्क दिया जा रहा है कि वहां रिपेयरिंग का काम होना था। मगर, रिपेयरिंग का काम सेमिनार हॉल के बगल वाले कमरे में होना था। सेमिनार हॉल के भीतर सीसीटीवी कैमरा भी नहीं था। ये एक तरह की लापरवाही है। दरअसल, 9 अगस्त को आरजी कर अस्पताल के सेमिनार हॉल में ही महिला रेजिडेंट डॉक्टर का शव मिला था।

    क्राइम हॉटस्पॉट या डार्क स्पॉट क्या होते हैं, यह जानना जरूरी
    दिल्ली में एडवोकेट शिवाजी शुक्ला कहते हैं कि क्राइम हॉटस्पॉट या डार्क स्पॉट वो इलाके होते हैं, जहां सबसे ज्यादा अपराध होने की आशंका रहती है। तकरीबन हर थाना क्षेत्र में पुलिस ऐसे इलाकों की पहचान करती है। रिसर्चरों और एनालिस्ट की मदद से इसका मैप बनाया जाता है और ऐसे इलाकों की पहचान की जाती है जहां अपराध होने की गुंजाइश सबसे ज्यादा होती है। ऐसी जगहों पर जाना खतरे को दावत देना होता है। ऐसे सुनसान इलाकों या मोड़ या पुलिया से होकर गुजरना खतरे से खाली नहीं रहता है।

    क्राइम पैटर्न थ्योरी से समझिए, क्यों खास क्षेत्र में ही करते हैं अपराध
    क्राइम पैटर्न थ्योरी के अनुसार, कोई अपराध आकस्मिक नहीं होता है। यह या तो प्लांड होता है या परिस्थितिजन्य होता है। इस थ्योरी के अनुसार, कोई अपराध तब घटित होता है, जब पीड़ित की गतिविधियां और अपराधी एक खास जगह पर अचानक मिल जाते हैं। किसी व्यक्ति की गतिविधि स्थान में रोजमर्रा की जिंदगी के स्थान शामिल होते हैं। जैसे कि घर, कार्यस्थल, स्कूल, बाजार, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स वगैरह। इन जगहों पर जाने के लिए जब कोई व्यक्ति किसी सुनसान रास्ते से गुजरता है, उसे नोड्स कहा जाता है।

    अपराध के अवसर से भी अपराधियों के हौसले होते बुलंद
    क्राइम पैटर्न थ्योरी के अनुसार, कोई अपराध तभी घटित होगा, जब कोई क्षेत्र अपराध के लिए अवसर प्रदान करता है और यह अपराधी के अपराध करने वाले इलाके में होना चाहिए। जैसे शॉपिंग मॉल या किसी मार्केट के आसपास में कार चोरी और पर्स छीनने, जेब काटने और चेन स्नेचिंग की घटनाएं होने की आशंका सबसे ज्यदा रहती हें, क्योंकि उस इलाके में इस तरह के अपराध के लिए काफी अवसर मिलते हैं।

    अपराधी कैसे किसी को बनाते हैं शिकार, इनका पैटर्न क्या है
    साइकोलॉजी के प्रोफेसर अखिलेंद्र कहते हैं कि आमतौर पर अपराधी अकेले में काम नहीं करते हैं। वो इस काम में अपने परिवार या दोस्तों को भी शामिल करते हैं। अपराध के लिए एक नेटवर्क बनाते हैं। कोई भी अपराधी अगर अकेले ही अपराध तब करता है, जब उसे कोई ट्रिगरिंग इवेंट मिलता है। यानी उसे ऐसा अवसर मिलता है। क्योंकि ऐसे लोगों की मानसिकता अपराधी प्रकृति की रहती है। उनके लिए जब ऐसे अवसर पैदा हो जाते हैं तो वह अपराध कर बैठते हैं। कोलकाता केस में भी यही हुआ होगा। सेमिनार हॉल में अपराधी जब आया तो वह शराब पिए हुए था और सुनसान में डॉक्टर को अकेला पाकर उसकी पाशविकता जाग उठी। उसने अपराध को अंजाम दिया।

    किसने दिया था क्राइम पैटर्न थ्योरी, क्या है इसका मतलब
    कनाडाई पर्यावरण अपराधविज्ञानी पैट और पॉल ब्रेंटिंघम ने 1981 और 1993 के बीच क्राइम पैटर्न थ्योरी विकसित की। इसके अनुसार, कोई भी जो अपराधी होता है, वो अपनी रोजाना की लाइफ में पहले मकसद तलाशते हैं। वो घर से करीब 1 या 2 मील के भीतर अपराध को अंजाम देते हैं। इसके लिए वह कई बार अपराध के समय और जगह को भी चुनते हैं।

    ब्रिटेन की पुलिस ने किया है सफल इस्तेमाल
    ब्रिटेन की वेस्ट मिडलैंड्स पुलिस ने क्राइम पैटर्न थ्योरी का सफल इस्तेमाल किया है। 2 साल की 2,58,074 आपराधिक घटनाओं के आकलन के बाद पुलिस ने ये पाया कि किन जगहों पर सबसे ज्यादा अपराध होते हैं और कितनी दूरी पर किए जाते हैं। इसमें सबसे दिलचस्प बात ये पता चली कि ज्यादातर अपराधी कोई अपराध अपने घर से करीब 1 किलोमीटर के दायरे में ही करते हैं। इससे पुलिस को क्राइम कंट्रोल करने में कामयाबी मिली।

    देश में अभी 1000 लोगों पर 11 सीसीटीवी कैमरे
    दिल्ली में एडवोकेट शिवाजी शुक्ला कहते हैं कि मार्च 2023 तक 15 भारतीय शहरों में 15 लाख से अधिक सुरक्षा कैमरे थे। यानी हर 1,000 लोगों पर औसतन 11 कैमरे हैं। वहीं, देश के अलग-अलग शहरों के बीच कैमरों की संख्या अलग-अलग है। देश के 91% सीसीटीवी कैमरे हैदराबाद, दिल्ली, चेन्नई और इंदौर में हैं। जून 2023 तक, ये शहर दुनिया के सबसे अधिक निगरानी वाले शहरों में से थे। हैदराबाद में प्रति 1,000 लोगों पर कैमरों की संख्या सबसे अधिक 83.32 थी। इसके बाद इंदौर में 60 और दिल्ली में 19.96 थी।

    कोलकाता में 3 हजार कैमरे, अस्पतालों में क्यों नहीं
    21 सितंबर, 2023 तक कोलकाता पुलिस क्षेत्राधिकार में शहर के कई स्थानों पर लगभग 3,000 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। कोलकाता पुलिस शहर भर में 3,500 और कैमरे लगाने की योजना बना रही है, जिसका मकसद हर 1 किलोमीटर के दायरे में 1 कैमरा लगाया जाए। महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भीड़-भाड़ वाले इलाकों में कैमरे लगाए जाएंगे। कैमरों में सामान्य सीसीटीवी कैमरे और आईपी-आधारित विशेष इन्फ्रारेड बुलेट कैमरे शामिल होंगे जो कम रोशनी की स्थिति में स्पष्ट तस्वीरें ले सकते हैं और वीडियो रिकॉर्ड कर सकते हैं। हालांकि, अस्पतालों और स्कूलों में ऐसे कैमरे मामूली तौर पर ही लगाए गए हैं।

    दिल्ली में 12 हजार डार्क स्पॉट, 4,15,000 सीसीटीवी कैमरे हो जाएंगे
    दिल्ली में 2016 तक करीब 12 हजार ऐसे डार्क स्पॉट्स की पहचान की गई थी, जो महिला सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माने गए। दिसंबर, 2012 में निर्भया गैंगरेप केस के बाद ऐसे डार्क स्पॉट पर बिजली खंभे और LED लाइट्स लगाए गए थे। इसी तरह भोपाल में 125 से ज्यादा डार्क स्पॉट पहचाने गए, जहां क्राइम होने की आशंका सबसे ज्यादा रहती है। दिल्ली में दिसंबर, 2023 तक करीब 2.5 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके थे। एक बार यह अभियान पूरा हो गया तो दिल्ली में करीब 4.15 लाख सीसीटीवी कैमरे लगे होंगे। यह दुनिया के किसी शहर के मुकाबले सबसे ज्यादा होगा।

    डॉक्टर के हत्यारे की कहीं प्रीडेटर पर्सनालिटी तो नहीं
    दिल्ली में एडवोकेट शिवाजी शुक्ला कहते हैं कि मेरे पास भी रेप और मर्डर के ऐसे कई केस आए हें, जिनमें कोलकाता जैसा ही केस था। जो लोग ऐसे अपराध करते हें, उनकी प्रीडेटर पर्सनालिटी होती है। ये दिखने में अच्छे होते हैं और आम लोगों के बीच इतना घुल-मिलकर रहते हैं कि आसानी से पहचाने नहीं जाते। हालांकि, इनकी पर्सनालिटी बायपोलर होती है। ये घात लगाकर अंधेरे में अपने शिकार को ताड़ते हैं और उनकी रेकी करते हैं। मौका पाकर अपनी हवस पूरी करने के बाद उसे मार डालते हैं।

    क्यों जरूरी है डार्क स्पॉट्स की पहचान, हर घंटे 51 महिलाओं से अपराध
    राष्‍ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध दिनोंदिन बढ़ रहे हैं। 2022 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के कुल 4,45, 256 मामले दर्ज किए गए, जो 2021 की तुलना में 4 प्रतिशत अधिक हैं। यानी हर एक घंटे में 51 महिलाओं के साथ अपराध हुआ।
    एनसीआरबी की रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 में देश में कुल 58,24,946 आपराधिक मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 4,45, 256 मामले महिलाओं के खिलाफ हुए अपराध के हैं, जबकि साल 2021 में 4, 28,278 केस दर्ज किए गए थे।

    रेप के मामले में राजस्‍थान तो हत्‍या में यूपी आगे
    रिपोर्ट के मुताबिक, देश में रेप के कुल 31,516 मामले दर्ज किए गए, जिनमें सबसे अधिक मामले 5399 राजस्थान के हैं। इसके बाद उत्तर प्रदेश में 3690 केस, मध्‍यप्रदेश में 3029 , महाराष्ट्र में 2904 और हरियाणा में 1787 दुष्‍कर्म के मामले दर्ज किए गए। वहीं, महिलाओं के लिए दिल्ली और राजस्थान सबसे असुरक्षित राज्य हैं। हालांकि, दहेज के लिए जान लेने वालों में पहले नंबर पर उत्तर प्रदेश और दूसरे नंबर पर बिहार है। दहेज के लिए उत्तर प्रदेश में 2138 और बिहार में 1057 महिलाओं की हत्‍या कर दी गई। वहीं मध्‍यप्रदेश में 518, राजस्थान में 451 और दिल्‍ली में 131 महिलाओं की दहेज के लिए हत्‍या कर दी गई।


    वर्कप्लेस पर भी महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे अपराध
    भारत में वर्कप्लेस पर महिलाओं के खिलाफ यौन अपराधों में बढ़ोतरी हुई है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार, 2018 से 2022 के बीच ऐसे अपराध 402 से बढ़कर 422 हो गए। ये हालात तब हैं, तब वर्कप्लेस पर महिलाओं से यौन अपराध अधिनियम, 2013 कब का पारित हो चुका है। कोलकाता केस भी वर्कप्लेस पर बढ़ते अपराध का उदाहरण है।

  • डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए छत्तीसगढ़ में बड़ी पहल : कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ हुए जघन्य अपराध से अलर्ट हुआ छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग, डॉक्टर्स और नर्स के लिए जारी करेगा टोल फ्री नंबर…

    डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए छत्तीसगढ़ में बड़ी पहल : कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ हुए जघन्य अपराध से अलर्ट हुआ छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग, डॉक्टर्स और नर्स के लिए जारी करेगा टोल फ्री नंबर…

    रायपुर। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुए जघन्य अपराध के बाद छत्तीसगढ़ में भी स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। रात में काम करने वाले डॉक्टर और नर्स के लिए टोल फ्री नंबर जारी किया जाएगा।

    स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि बंगाल में दिवंगत डॉक्टर को हम श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं। इस घटना की मैं कड़ी निंदा करता हूं। इस घटना में दोषियों को फांसी की सजा होनी चाहिए। हम लोग जल्द ही नजदीकी पुलिस स्टेशन से कनेक्ट करके टोल फ्री नंबर जारी करेंगे, जिससे रात को काम करने वाले डॉक्टर और नर्स नजदीक पुलिस स्टेशन को तत्काल खबर कर सकेंगे।

    स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि डॉक्टर धरती के भगवान होते हैं। डॉक्टर की सुरक्षा और सम्मान सबकी प्राथमिकता होनी चहिए। छत्तीसगढ़ में डॉक्टर और नर्सों से अभद्रता करने का कोई सोचेगा भी तो उसे कठोर दंड देंगे।

  • भिलाई में भारी हंगामे शोरगुल के बाद MLA देवेंद्र यादव को बलौदाबाजार पुलिस ने गिरफ़्तार किया….

    भिलाई में भारी हंगामे शोरगुल के बाद MLA देवेंद्र यादव को बलौदाबाजार पुलिस ने गिरफ़्तार किया….

    बलौदा बाजार में 10 जून को सतनामी समाज के आंदोलन में बलवाइयों के हिंसक उत्पात मामले में पुलिस पूछताछ का सामना कर चुके MLA देवेंद्र यादव को बलौदा बाजार पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है। पीसीसी चीफ़ दीपक बैज और कई समर्थकों से पुलिस की तीखी बहस हुई। बलौदा पुलिस ने MLA देवेन्द्र यादव को बलौदा बाज़ार कोतवाली में दर्ज अपराध क्रमांक 386/2024 में गिरफ्तार किया है।

    रायपुर। बलौदा बाजार उपद्रव मामले में बलौदाबाजार पुलिस ने भिलाई विधायक देवेंद्र यादव को गिरफ़्तार कर लिया है। देवेंद्र यादव के घर बलौदा बाजार पुलिस सुबह ही पहुँच गई थी लेकिन गिरफ़्तारी की कार्यवाही होते होते शाम हो गई। समर्थकों के उग्र प्रदर्शन और हंगामे के बीच पीसीसी चीफ दीपक बैज भी विधायक देवेंद्र यादव के घर पहुँचे थे। समर्थकों से घिरे विधायक देवेंद्र यादव ने कहा है उन्हें राजनीतिक कारणों से फंसाया जा रहा है।

    क्या है मसला

    बीते 10 जून को बलौदा बाजार में सतनाम पंथ का विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम था। प्रदर्शन हिंसक उपद्रव में तब्दील हो गया। भीड़ ने कलेक्ट्रेट और एसपी कार्यालय को जला दिया। पुलिसकर्मियों पर प्राणघातक हमला किया। पुलिस का दावा है कि, भीड़ को सभा स्थल पर उत्तेजक भाषणों के द्वारा हिंसा के लिए भड़काया गया। जिस सभा स्थल पर उत्तेजक और विषैले भाषण हुए, वहाँ भिलाई विधायक देवेंद्र यादव अपने समर्थकों के साथ मौजूद थे। विधायक देवेंद्र यादव को बलौदा बाजार पुलिस ने इस मामले में नोटिस देकर बुलाया था। विधानसभा सत्र के दौरान विधायक देवेंद्र यादव ने 22 जुलाई को बलौदा बाजार पुलिस थाने जाकर बयान दर्ज कराया था।

    बलौदा बाजार पुलिस ने फिर भेजा नोटिस

    विधायक देवेंद्र यादव को पुलिस ने बीते 11 अगस्त को धारा 160 के तहत फिर नोटिस दिया और 16 अगस्त को तलब किया। नोटिस में पुलिस ने लिखा-“22 जुलाई को आपका कथन दर्ज किए जाने के पश्चात साक्ष्य संकलन में प्राप्त तथ्यात्मक बिंदुओं पर आपसे अग्रिम पूछताछ की स्थिति उत्पन्न हुई है। इन तथ्यात्मक बिंदुओं पर आपसे सूक्ष्म एवं प्रभावी पूछताछ कर जानकारी प्राप्त किये जाने के संबंध में आपकी उपस्थिति आवश्यक है।”

    MLA देवेंद्र यादव ने नोटिस का जवाब भेजा

    विधायक देवेंद्र यादव ने इस नोटिस का जवाब बलौदा बाजार पुलिस को भेजा। विधायक यादव ने पत्र में लिखा- “मैंने पूर्व में उपस्थित होकर कथन दर्ज कराया था तथा भविष्य में भी आपके अनुसंधान में हर संभव सहयोग करना चाहता हूँ। किंतु आज दिनांक 16 अगस्त से एक सप्ताह तक मैं पार्टी के एवं पूर्व निर्धारित अतिआवश्यक कार्यक्रमों में अत्यंत व्यस्त रहूँगा तथा कार्यक्रम भिन्न भिन्न स्थानों पर होने के कारण आपके समक्ष उपस्थित होने हो पाने में असमर्थ हूँ। अंतः आगामी सूचना पश्चात अनिवार्य हो तो आप मेरा कथन वीडियो कॉफ्रेंस के माध्यम से या मेरे कार्यालय में उपस्थित होकर के प्राप्त कर सकते हैं।”

    लेकिन पुलिस ने विधायक निवास घेरा

    बलौदा बाजार पुलिस तड़के विधायक देवेंद्र यादव के घर पहुँच गई। बलौदा पुलिस के आने की खबर मिलते ही विधायक देवेंद्र यादव के समर्थक भी बड़ी संख्या में पहुँच गए। पुलिस और समर्थकों के बीच बहस इसलिए हुई क्योंकि समर्थकों का आरोप है कि, पुलिस बगैर सूचना के आई और सीधे अंदर घुसने की कोशिश कर रही थी।

    पीसीसी चीफ़ बैज भी पहुँचे

    विधायक देवेंद्र यादव के घर पुलिस के आने की सूचना पर पीसीसी चीफ दीपक बैज भी पहुँचे। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने पुलिस कार्यवाही को तानाशाही कार्यवाही निरुपित किया है।

    घंटों मशक़्क़त के बाद MLA देवेंद्र गिरफ़्तार

    विधायक देवेंद्र यादव अपने निवास पर ही लगातार मौजूद रहे। घंटों मशक़्क़त के बाद पुलिस देर शाम देवेंद्र यादव को गिरफ़्तार कर बलौदा बाजार के लिए रवाना हो गई है।

  • बलौदाबाजार आगजनी मामले में गिरफ्तार विधायक देवेंद्र यादव को लेकर मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने दिया बड़ा बयान…

    बलौदाबाजार आगजनी मामले में गिरफ्तार विधायक देवेंद्र यादव को लेकर मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने दिया बड़ा बयान…

    मनेन्द्रगढ़। बलौदा बाजार मामले में विधायक देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी को लेकर मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल का बड़ा बयान, भारत के संविधान व कानून में सब बराबर है । कोई भी व्यक्ति कितना भी शक्तिशाली क्यो न हो जो गलत करेगा कानून उसे सजा देगा । बलौदा बाजार में कांग्रेस के नेताओ का भड़काऊ भाषण हुआ है जिसकी वीडियो फ़ोटो सारे सीसीटीवी फुटेज ये बता रहे थे उनके सारे नेता वहां मौजूद थे । देखिये चाहे जितनी भी गाड़िया जाये कानून अपने हिसाब से कार्यवाही करेगा । छत्तीसगढ़ में बहु बल से किसी प्रकार की घटना नही हो सकती किसी को दबाया नही जा सकता है । विष्णु देव साय की ये सुशासन कि सरकार है सब के साथ एक बराबर है ।

  • जीएसटी डिपाटमेंट ने आईआईटी दिल्ली को भेजा डिमांड नोटिस तो मोहनदास पई को फिर आई ‘टैक्स टेररिज्म’ की याद….

    जीएसटी डिपाटमेंट ने आईआईटी दिल्ली को भेजा डिमांड नोटिस तो मोहनदास पई को फिर आई ‘टैक्स टेररिज्म’ की याद….

    देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस के पूर्व सीएफओ एवं बोर्ड मेंबर मोहनदास पई ने एक बार फिर से देश में टैक्स टेररिज्म का मुद्दा उठाया है. इस बार उन्होंने आईआईटी दिल्ली को जीएसटी डिपार्टमेंट की ओर से भेजे गए डिमांड नोटिस को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है.सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट एवं उद्यमी मोहनदास पई ने जीएसटी नोटिस के इस मुद्दे पर अपडेट शेयर किया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक खबर शेयर करते हुए टैक्स टेररिज्म की बात दोहराई है. इससे पहले जब इंफोसिस को जीएसटी डिपार्टमेंट की ओर से टैक्स डिमांड नोटिस भेजा गया था, तब भी उन्होंने सरकार की आलोचना की थी.

    रिसर्च ग्रांट पर 120 करोड़ की डिमांड
    ताजा मामला आईआईटी दिल्ली से जुड़ा हुआ है, जिसमें देश के शीर्ष शैक्षणिक संस्थानों में से एक को जीएसटी नोटिस भेजा गया है. खबरों के अनुसार, आईआईटी दिल्ली से जीएसटी डिपार्टमेंट ने 120 करोड़ रुपये के बकाए जीएसटी की डिमांड की है. यह मामला विवादों में घिर चुका है, क्योंकि बकाए का नोटिस आईआईटी दिल्ली को मिले रिसर्च ग्रांट के लिए भेजा गया है.

    आईआईटी दिल्ली से पूछा गया कारण
    आईआईटी दिल्ली को साल 2017 से 2022 के बीच मिले रिसर्च ग्रांट को लेकर जीएसटी डिपार्टमेंट ने 120 करोड़ रुपये की डिमांड की है, जिसमें बकाया टैक्स के अलावा ब्याज व पेनल्टी भी शामिल है. नोटिस में आईआईटी दिल्ली को कारण बताने के लिए 30 दिनों का समय दिया गया है और उससे पूछा गया है कि संबंधित ग्रांट पर पेनल्टी समेत टैक्स क्यों नहीं वसूल किया जाना चाहिए.

    शिक्षा मंत्रालय करेगा नोटिस का विरोध
    यह मुद्दा पहले ही विवादित हो चुका है. आईआईटी दिल्ली ने इस मामले पर आधिकारिक रूप से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन शिक्षा मंत्रालय ने नोटिस को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट में शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि सरकार से फंड पाने वाले रिसर्च पर जीएसटी नहीं लग सकता है. अधिकारी के अनुसार, मंत्रालय आईआईटी दिल्ली को मिले नोटिस का विरोध करने वाला है.

    क्या टैक्स टेररिज्म की नहीं है कोई हद?’
    मोहनदास पई ने खबर शेयर करते हुए लिखा है- आईआईटी दिल्ली को मिले रिसर्च ग्रांट पर जीएसटी की डिमांड से शिक्षा पर टैक्स लगाने का विवाद शुरू हो गया है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए कहा कि टैक्स टेररिज्म फिर से सबसे खराब स्तर पर है. उन्होंने साथ ही सवाल उठाया कि आखिर जीएसटी डिपार्टमेंट और सीबीआईसी के साथ दिक्कत क्या है? क्या टैक्स टेररिज्म की कोई लिमिट नहीं है? यह दुखद है.इससे पहले इंफोसिस को जीएसटी डिपार्टमेंट की ओर से नोटिस मिलने पर भी मोहनदास पई ने उसे टैक्स टेररिज्म करार दिया था. मोहनदास पई को मोदी सरकार के समर्थक उद्यमियों में गिना जाता रहा है, लेकिन इधर वह लगातार सरकार की नीतियों खासकर टैक्स पॉलिसी की कड़ी आलोचना कर चुके हैं.