Category: राष्ट्रीय

  • चीन ने भेजी घटिया कोरोना टेस्टिंग किट, सरकार ने सिखाया सबक, नहीं दिया चवन्नी पैसा, वापस कर दी सारी किट…

    चीन ने भेजी घटिया कोरोना टेस्टिंग किट, सरकार ने सिखाया सबक, नहीं दिया चवन्नी पैसा, वापस कर दी सारी किट…

    कोरोना वायरस के टेस्ट में इस्तेमाल होने वाली पिड टेस्ट किट के खराब होने की सूचना देश के कई राज्यों से आ रही है। देशभर के डॉक्टरोंं ने बताया कि इस टेस्ट किट से गलत रिपोर्ट आ रही जिसकी वजह से डॉक्टरों को और भी ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अब इस मामले पर केंद्र सरकार ने कड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने कहा कि चीन समेत जिन भी देशों से ये किट आई हैं। उन देशों को ये लौटा दी जाएंंगी।

    दरअसल, सबसे ज्यादा शिकायतें चीन की टेस्टिंग किट को लेकर थी। चीन ने भारत ही नहीं दुनिया के कई देशों को खराब टेस्ट किट भेजे हैं। दुनिया के कई देशों ने चीन के सामानों के खराब गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए हैं। चीन तो अपने दोस्त पाकिस्तान को भी चूना लगाने से बाज नहीं आया है। उसने पाकिस्तान को अंडरवियर से बने मास्क भेज दिये थे। अब भारत सरकार ने चीन को उसके ही अंदाज में कड़ा सबक सिखाया है। सरकार ने चीन को एक भी पैसे का पेमेंट नहीं किया है और सभी खराब किट समेत पूरी किटें वापस कर दी।

  • किसी भी प्रकार से भ्रम में न रहे जो जिला कलेक्टर की गाइड लाइन है उसका पालन करे,छत्तीसगढ़ चैम्बर ने की प्रदेश के व्यापारियों से की अपील..

    किसी भी प्रकार से भ्रम में न रहे जो जिला कलेक्टर की गाइड लाइन है उसका पालन करे,छत्तीसगढ़ चैम्बर ने की प्रदेश के व्यापारियों से की अपील..

  • छत्तीसगढ़ में सीमेंट के दाम पर लूट,थोड़ी सी छूट का नतीजा….

    छत्तीसगढ़ में सीमेंट के दाम पर लूट,थोड़ी सी छूट का नतीजा….

    इस छूट में सिविल वर्क भी शामिल है. यही कारण है कि अब छत्तीसगढ़ में सीमेंट के दाम पर लूट शुरू हो गई है. सीमेंट अब करीब 30 रुपए बढ़कर 280 रुपए तक पहुंच गया है।

    वहीं अगले एक हफ्ते में यदि दाम पर नियंत्रण नहीं रहा तो सीमेंट करीब 300 रुपए तक पहुंचने की संभावतना जताई जा रही है. वहीं सीमेंट के व्यापारियों के मुताबिक लॉक डाउन के 34 दिन पहले सीमेंट 250 रुपए प्रति बोरी के हिसाब से बिक रहा था, लेकिन तब कुछ खास डिमांड सीमेंट की नहीं थी।

    लेकिन अब जब कुछ क्षेत्रों में लॉक डाउन खुला है तो सीमेंट की डिमांडा काफी बढ़ गई है, यही कारण है कि सीमेंट एक साथ 30 रुपए प्रति बोरी के हिसाब से महंगा हो गया।

    सीमेंट की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को लेकर राज्य की सियासत भी गरमा सकती है. रियल इस्टेट कारोबारी भी जब यह मान रहें कि लॉक डाउन के पहले तक सीमेंट उद्योग कतई घाटे में नहीं थे. हालांकि सीमेंट के दाम बढ़ने के बाद अब तक किसी भी राजनीतिक पार्टी की ओर से इसकी प्रतिक्रिया नहीं आई है।v

    लेकिन उम्मीद है कि सीमेंट के दाम बढ़ने का पूरा मामला जल्द गरमा सकता है और इस मामले में सिसायत भी तेज हो सकती है।

  • एम्स में मिला कोरोना पॉजिटिव, छत्तीसगढ़ में अब सात एक्टिव केस..

    एम्स में मिला कोरोना पॉजिटिव, छत्तीसगढ़ में अब सात एक्टिव केस..

    रायपुर। अखिल भारतीय आयुविर्ज्ञान संस्थान रायपुर (एम्स) जहाँ कई कोरोना पॉजिटिव रिकवर हुए है वहीँ का एक नर्सिंग ऑफिसर कोरोना पॉजिटिव पाया गया । नर्सिंग ऑफिसर पॉजिटिव मरीजों की देखभाल करता था, अब छत्तीसगढ़ में एक्टिव पॉजिटिव मरीजों की संख्या 6 से बढ़कर 7 हो गयी है। इसी के साथ छत्तीसगढ़ में कोरोना पॉजिटिव की संख्या 37 हो गयी है जिसमे से 30 ठीक होकर घर जा चुके हैं, छत्तीसगढ़ में अब 7 कोरोना पॉजिटिव है वहीं राहत की बात यह है कि अभी तक छत्तीसगढ़ में कोरोना से एक भी मृत्यु नही हुई है।

  • एम्स में भर्ती दो और मरीज हुए स्वस्थ,प्रदेश के लिए राहत की खबर…

    एम्स में भर्ती दो और मरीज हुए स्वस्थ,प्रदेश के लिए राहत की खबर…

    रायपुर। देश में जहां कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है वहीं प्रदेश में उसी तेजी से मरीजों की संख्या लगातार कम हो रही है. प्रदेश से एक बार फिर राहत की खबर आ रही है. एम्स में भर्ती दो और कोरोना पॉजीटिव मरीज की रिपोर्ट निगेटिव आई है. दोनों मरीजों की लगातार दो बार रिपोर्ट निगेटिव आई है.दोनों मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद एम्स प्रबंधन दोनों मरीजों को डिस्चार्ज करने जा रहा है. दोनों मरीजों को शुक्रवार सुबह अस्पताल से डिस्चार्ज किया जाएगा. इस तरह अब प्रदेश में मात्र 6 कोरोना पॉजीटिव मरीज ही बचे हैं जिनका एम्स में इलाज जारी है।


    आपको बता दें प्रदेश में कुल 36 कोरोना पॉजीटिव पाए गए थे. जिसमें 28 मरीज ठीक होकर अपने घर वापस लौट गए हैं. प्रदेश में सर्वाधिक 28 मरीज कोरबा जिले से हैं, जिसमें कि 27 मरीज कटघोरा इलाके के हैं. ये सभी मरकज से लौटे एक तबलीगी युवक के संपर्क में आने से संक्रमित हुए हैं. सरकार ने कटघोरा को हॉट स्पॉट एरिया घोषित कर पूरे इलाके को सील कर दिया है।

  • कोरोना का कहरः भारत में कब और कैसे खत्म होगा लॉकडाउन, एक्सपर्ट की राय!

    कोरोना का कहरः भारत में कब और कैसे खत्म होगा लॉकडाउन, एक्सपर्ट की राय!

    जब कोरोना अपने पीक पर होगा तो लॉकडाउन का क्या होगा? ये वो सवाल हैं, जिनका जवाब हर देशवासी जानना चाहता है. मगर ये सवाल जितने आसान हैं, जवाब उतने ही पेचीदा. देश और दुनिया के तमाम एक्सपर्ट और वैज्ञानिकों की नज़र भी इसी सवाल पर है, पर जवाब अलग-अलग तरीक़े से सामने आ रहे हैं.

    तीन मई के बाद भारत में क्या होगा?

    क्या 3 मई के बाद लॉकडाउन ख़त्म हो जाएगा?

    दो चरणों में 40 दिनों के लिए भारत बंद है. भारत बंद की फिलहाल आखिरी तारीख 3 मई है. पर तीन मई के बाद क्या होगा? क्या 3 मई के बाद लॉकडाउन खत्म हो जाएगा और भारत खुल जाएगा? तो इस सवाल का जवाब आप जानें उससे पहले एक अहम जानकारी. देश और दुनिया के तमाम एक्सपर्टस ये कह रहे हैं कि भारत में कोरोना की असली तस्वीर अप्रैल के आखिर और मई के पहले दो-तीन हफ्ते में सामने आएगी. शायद इस दौरान कोरोना अपने पीक पर होगा. तो जब कोरोना अपने पीक पर होगा तो लॉकडाउन का क्या होगा? ये वो सवाल हैं, जिनका जवाब हर देशवासी जानना चाहता है. मगर ये सवाल जितने आसान हैं, जवाब उतने ही पेचीदा. देश और दुनिया के तमाम एक्सपर्ट और वैज्ञानिकों की नज़र भी इसी सवाल पर है. पर जवाब अलग-अलग तरीक़े से सामने आ रहे हैं।

    भारत में जुलाई के बाद हटेगा लॉकडाउन?
    अमेरिका की बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप यानी बीसीजी ने जॉन हॉप्किंस यूनिवर्सिटी से मिले डेटा के आधार पर दुनिया के 20 देशों का ये कोराना चार्ट तैयार किया है. इसके मुताबिक चीन को छोड़कर किसी भी देश में जुलाई से पहले लॉकडाउन हटने वाला नहीं है. और अगर हटता है तो हालात बिगड़ सकते हैं. रही बात चीन की तो जिस हुबेई प्रांत में कोरोना का सबसे ज़्यादा असर हुआ. और जिस प्रांत में कोरोना का एपिसेंटर वुहान है. वो इसी सूबे में पड़ता है. यहां 8 अप्रैल को लॉकडाउन खुलने का अनुमान लगाया गया था. और हुआ भी यही. चीन ने हुबेई में वुहान को छोड़कर 8 अप्रैल को लॉकडाउन हटा दिया. क्योंकि यहां उसके बाद कोरोना के मामले ही आने बंद हो गए थे. मगर दुनिया के प्रेशर और चीन में मौत के आंकड़ों पर उठ रहे सवाल के बाद यहां अचानक करीब 1300 मौत के आंकड़े दर्ज किए गए।


    बीसीजी ऐसा अनुमान लगा रही है कि भारत में ये लॉकडाउन जून के आखिरी हफ्ते से लेकर सितंबर के दूसरे हफ्ते तक चल सकता है. इसके बाद भी हालात की संवेदनशीलता को ही देखकर भारत सरकार को ये लॉकडाउन हटाना या उसमें रियायत देने का फैसला लेना होगा. मगर इससे पहले लॉकडाउन हटाना भारत के लिए मुश्किल भरा फैसला हो सकता है. क्योंकि अगर ऐसा हुआ तो भारत में कोरोना पॉज़िटिव केसेज़ की बाढ़ सी आ जाएगी और देश के मौजूदा मेडिकल सिस्टम के हिसाब से इसे संभाल पाना मुश्किल होगा


    बीसीजी ने ये अनुमान भारत में कोरोना के संक्रमण के फैलने के अब तक के डेटा के आधार पर लगाया है. इन्हीं आंकड़ों के आधार पर ये रिपोर्ट बता रही है कि देश में कोरोना की पीक पर कब पहुंचेगा. कब यहां आंशिक तौर पर लॉकडाउन हटाया जा सकता है और कब भारत पूरी तरह से लॉकडाउन हटाने की स्थिति में होगा।
    बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप यानी बीसीजी के चार्ट की मानें तो किस देश में कब लॉक डाउन किया गया. कब वहां कोरोना के मामले पीक पर पहुंचे. कब वहां आंशिक तौर पर लॉकडाउन को हटाना शुरु किया गया और कब कहां लॉकडाउन को पूरी तरह से हटाना सुरक्षित माना गया. इसमें इन सब का अनुमान लगाया गया है. इस चार्ट के मुताबिक जिस देश में मौजूदा वक्त में कोरोना के मामले पीक पर हैं उनमें अभी सिर्फ इटली है. जहां ये मामले 2 लाख के आंकड़े को छूने वाले हैं।
    हालांकि उसकी आबादी के लिहाज़ से काफी मामले हैं. वहीं यूएस, स्पेन, फ्रांस, जर्मनी और यूके जहां कोरोना सबसे ज़्यादा तबाही मचा रहा है. वहां भी अभी कोरोना अपनी पीक पर नहीं पहुंचा है. यहां अप्रैल के आखिरी हफ्ते और मई के तीसरे हफ्ते तक ये मामले अपनी पीक पर पहुंच सकते हैं।
    बीसीजी के मुताबिक भारत ने कोरोना से निपटने के लिए जिस तरह वक्त रहते लॉकडाउन की घोषणा की उससे उसने इस बीमारी से निपटने के लिए कुछ वक्त ज़रूर खरीद लिया है. मगर बावजूद इसके भारत में कोरोना के मामले पीक पर ज़रूर पहुंचेंगे. और इस रिपोर्ट के मुताबिक जून के तीसरे हफ्ते तक भारत में कोरोना के मामले अपनी पीक पर होंगे. और जून के आखिरी हफ्ते तक ही भारत लॉकडाउन हटाने की स्थिति में होगा।
    मगर वो भी सिर्फ आंशिक तौर पर. जबकि हिंदुस्तान में पूरी तरह से लॉकडाउन हटाना सितंबर के दूसरे हफ्ते के बाद ही मुमकिन हो पाएगा. हालांकि भारत को कोरोना से पूरी तरह से आज़ादी पाने में ये पूरा साल भी गुज़र सकता है. हां मगर उससे पहले वैक्सीन आ गई तो ये बहुत बड़ी कामयाबी होगी।

  • छत्तीसगढ़ में अब एक्टिव केस 10,प्रदेश में 888 टेस्ट की रिपोर्ट का इंतजार,जिनमें सर्वाधिक 173 कोरबा जिले से, रायपुर में भर्ती 2 कोरोना पॉज़िटिव मरीज डिस्चार्ज….

    छत्तीसगढ़ में अब एक्टिव केस 10,प्रदेश में 888 टेस्ट की रिपोर्ट का इंतजार,जिनमें सर्वाधिक 173 कोरबा जिले से, रायपुर में भर्ती 2 कोरोना पॉज़िटिव मरीज डिस्चार्ज….



    रायपुर। रायपुर एम्स मे भर्ती 2 कोरोना पॉज़िटिव मरीजो को डिस्चार्ज कर दिया गया है।

    अब पॉजिटिव एक्टिव मरीजों की संख्या 8 हो गई है।बताते चले कि कोरोना के पॉजिटिव मामलों की संख्या 36 है। वही 28 मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ शासन राज्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा मिली जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ में अब तक कोरोनावायरस के कुल 9220 संभावित व्यक्तियों की पहचान कर सैंपल जांच किया गया है।अभी तक के 8296 परिणाम नेगेटिव मिले हैं और 888 की जांच जारी है। आज दिनांक तक टोटल एक्टिव केस की संख्या 10 है।

    छत्तीसगढ़ शासन राज्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा मिली जानकारी के अनुसार एम्स रायपुर में मंगलवार को एक मरीज स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज हुआ है।35666 व्यक्ति होम क्वारेंटीन में है। राज्य में कुल 127 क्वारेंटीन सेंटर हैं।जिनकी क्षमता 2532 है और वर्तमान में 330 लोग क्वारेन्टीन में रखे गए हैं।

  • सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने मीडियाकर्मियों के लिए जारी किया परामर्श….

    सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने मीडियाकर्मियों के लिए जारी किया परामर्श….

    मंत्रालय ने कोविज-19 की कवरेज़ के दौरान कंटेनमेंट ज़ोन, हॉट स्पॉट और प्रभावित इलाकों की कवरेज़ करने वाले पत्रकारों को स्वास्थ्य का ध्यान रखने और सावधानी बरतने की हिदायत दी है. मीडिया हाउसों को लिए जारी परामर्श में फील्ड स्टाफ के साथ-साथ ऑफिस स्टाफ का भी विशेष ध्यान रखने की बात कही गई है.

    दरअसल, मुंबई में कार्यरत 53 पत्रकार कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. इस ख़बर के बाद से मीडिया जगत में हड़कंप मच गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुंबई शहर स्थित पत्रकार संस्था की ओर से स्वास्थ परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया था. इस शिविर में 167 पत्रकारों की जाँच की गई थी. जाँच के बाद सोमवार को जो रिपोर्ट सामने आई है उसमें 53 पत्रकार पॉजिटिव पाए गए हैं. जबकि 114 की रिपोर्ट निगेटिव आई है. फिलहाल सभी पत्रकारों को अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है. वहीं पत्रकारों के संपर्क में आने वाले लोगों की पहचान की जा रही है.

    चेन्नई में मंगलवार को एक तमिल समाचार टेलीविजन चैनल के लिए काम करने वाले पत्रकारों सहित कम से कम 25 व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए. स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने पीटीआई से कहा, ’90 से अधिक नमूने जांच के लिए गए थे, जिसमें से कम से कम 25 व्यक्ति संक्रमित पाए गए हैं’

    यह घटनाक्रम शहर में एक टेलीविजन चैनल के लिए काम करने वाले तीन पत्रकारों के संक्रमित पाए जाने के बाद हुआ है. अधिकारी ने कहा कि टेलीविजन चैनल से जुड़े लोगों की जांच रिपोर्ट एकत्रित की जा रही है और आशंका जताई जा रही है कि संक्रमितों की संख्या 27 हो सकती है.

    सूचना और प्रसारण मंत्रालय की एडवाइजरी-

  • कोरोना लॉकडाउन 2.0 में मिली और भी छूट, अब से किताब, मोबाइल रिचार्ज और बिजली के पंखे की दुकानें खुलेंगी…

    कोरोना लॉकडाउन 2.0 में मिली और भी छूट, अब से किताब, मोबाइल रिचार्ज और बिजली के पंखे की दुकानें खुलेंगी…

    गृह मंत्रालय की ओर से जारी नई गाइडलाइन में शहरी क्षेत्रों में लॉकडाउन के दौरान ब्रेड फैक्ट्री जैसी फूड प्रोसेसिंग इकाइयों, दुग्ध प्रसंस्करण इकाइयों, आटा व दाल मिल आदि को चलाने की इजाजत होगी. साथ ही कृषि एवं बागवानी से जुड़े शोध केंद्र, बीजों व बागवानी उत्पादों के जांच केंद्र भी काम कर सकते हैं.

    देखें कौन सी दुकानें रहेंगी खुली-

  •  3 मई के बाद ग्रीन जोन के तौर पर चिह्नित इलाकों को कुछ कड़ी शर्तों के साथ छूट देगी सरकार वो भी बेहद कड़ी शर्तों के साथ, रेड जोन में जारी रहेगा लॉकडाउन

     3 मई के बाद ग्रीन जोन के तौर पर चिह्नित इलाकों को कुछ कड़ी शर्तों के साथ छूट देगी सरकार वो भी बेहद कड़ी शर्तों के साथ, रेड जोन में जारी रहेगा लॉकडाउन

    दिल्ली। देश में लॉकडाउन पार्ट टू के समाप्त होने की अवधि भले ही करीब आ रही हो लेकिन सरकार लॉकडाउन को पूरी तरह से बिल्कुल खत्म नहीं करेगी। सरकार की हाईपावर कमेटी ने फिलहाल तो यही सिफारिश की है।
    देश में लॉकडाउन का दूसरा चरण तीन मई को पूरा हो रहा है। ऐसे में लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं कि सरकार शायद इसके बाद लॉकडाउन खत्म कर दे लेकिन ऐसा नहीं होने जा रहा है। तीन मई के बाद सरकार उन इलाकों जहां एक भी कोरोना पेशेंट नहीं पाया गया है। उन ग्रीन जोन के तौर पर चिह्नित इलाकों को कुछ कड़ी शर्तों के साथ छूट देगी। इसके लिए कवायद चालू हो गई है।
    इसके साथ ही कोरोना वायरस संक्रमण से बुरी तरह से प्रभावित रेड जोन इलाकों को फिलहाल किसी तरह की कोई राहत नहीं दी जाएगी। उनमें सख्ती के साथ लॉकडाउन लागू रहेगा। चूंकि राजधानी दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई समेत नोएडा, इंदौर, लखनऊ, पुणे समेत कुछ अन्य ‘हॉटस्पॉट’ शहरों के लिए मंत्रियों का समूह अलग से रोडमैप तैयार कर रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में गठित ये समूह तय करेगा कि किन शहरों में आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए किस तरह की छूट दी जाए, इस पर मंथन जारी है। ये तय है कि हॉटस्पॉट वाले इलाके पहले की तरह ही सील रखा जाएगा। इसकी सहमति कमेटी में बन गई है लेकिन इस बारे में अंतिम फैसला प्रधानमंत्री को लेना है।