Category: राष्ट्रीय

  • छत्तीसगढ़ में अब समर्थन मूल्य पर 25 लघु वनोपजों की खरीदी, राज्य शासन ने लिया महत्वपूर्ण फैसला….

    छत्तीसगढ़ में अब समर्थन मूल्य पर 25 लघु वनोपजों की खरीदी, राज्य शासन ने लिया महत्वपूर्ण फैसला….

    कुसुमी लाख, रंगीनी लाख और कुल्लू गोंद की खरीदी में समर्थन मूल्य के अलावा दी जाएगी अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि

    गिलोय और भेलवा की भी होगी समर्थन मूल्य पर खरीदी

    रायपुर। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप वनवासियों के हित को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ में पहली बार 25 लघु वनोपजों की खरीदी करने के संबंध में अहम निर्णय लिया गया है। वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने बताया कि राज्य में पहले वर्ष 2018 तक मात्र 7 लघु वनोपजों की समर्थन पर खरीदी की व्यवस्था होती थी। नई सरकार द्वारा वनवासियों को बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध करानेे के लिए समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने वाले लघु वनोपजों की संख्या को बढ़ाकर 23 की गई, जिसे अब बढ़ाकर 25 तक कर दी गई है। इससे वनांचल में रहने वाले लोगों को बड़ी संख्या में रोजगार मिलेगा। वहीं उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।

    वन मंत्री श्री अकबर ने बताया कि इन लघु वनोपजों की खरीदी में अब गिलोय तथा भेलवा को भी शामिल किया गया है। इसके पहले खरीदी की जाने वाली 23 लघु वनोपजों में साल बीज, हर्रा, ईमली बीज सहित, चिरौंजी गुठली, महुआ बीज, कुसुमी लाख, रंगीनी लाख, काल मेघ, बहेड़ा, नागरमोथा, कुल्लू गोंद, पुवाड़, बेल गुदा, शहद तथा फूल झाडू, महुआ फूल (सूखा), जामुन बीज (सूखा), कौंच बीज, धवई फूल (सूखा), करंज बीज, बायबडिंग और आंवला (बीज सहित) तथा फूल ईमली (बीज रहित) की खरीदी की जा रही थी। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार द्वारा कुसुमी लाख, रंगीनी लाख और कुल्लू गोंद की खरीदी में समर्थन मूल्य के अलावा अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है।

    उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा इन लघु वनोपजों के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए पुनरीक्षित क्रय दर भी घोषित कर दिए गए हैं। लघु वनोपजों की पुनरीक्षित दरें एक मई 2020 से प्रभावशील हो गई है। इसके तहत पुनरीक्षित दरें ईमली बीज सहित 31 रूपए से बढ़ाकर 36 रूपए, महुआ बीज 25 रूपए से बढ़ाकर 29 रूपए, काल मेघ 33 रूपए से बढ़ाकर 35 रूपए, नागरमोथा 27 रूपए से बढ़ाकर 30 रूपए तथा बेल गुदा 27 रूपए से बढ़ाकर 30 रूपए प्रति किलोग्राम निर्धारित की गई है। इसी तरह शहद 195 रूपए से बढ़ाकर 225 रूपए, फूल झाडू 30 रूपए से बढ़ाकर 50 रूपए, महुआ फूल (सूखा) 17 रूपए से बढ़ाकर 30 रूपए, जामुन बीज (सूखा) 36 रूपए से बढ़ाकर 42 रूपए, कौंच बीज 18 रूपए से 21 रूपए, धवई फूल (सूखा) 32 रूपए से बढ़ाकर 37 रूपए तथा करंज बीज 19 रूपए से बढ़ाकर 22 रूपए प्रति किलोग्राम निर्धारित की गई है।

    इसके अलावा बायबड़िग 81 रूपए से बढ़ाकर 94 रूपए, आंवला (बीज रहित) 45 रूपए से बढ़ाकर 52 रूपए, फूल ईमली (बीज रहित) 54 रूपए से बढ़ाकर 63 रूपए, साल बीज 20 रूपए से 20 रूपए, चिरौंजी गुठली 109 रूपए से बढ़ाकर 126 रूपए, हर्रा 15 रूपए से 15 रूपए, बहेड़ा 17 रूपए से 17 रूपए और पुवाड़ (चरौटा बीज) 14 रूपए से बढ़ाकर 16 रूपए प्रति किलोग्राम निर्धारित की गई है। इनमें गिलोय 21 रूपए से बढ़ाकर 40 रूपए, भेलवा 8 रूपए से बढ़ाकर 9 रूपए प्रति किलोग्राम निर्धारित की गई है। इसके अलावा कुसुमी लाख 203 रूपए से बढ़ाकर 275 रूपए प्रति किलोग्राम भारत सरकार द्वारा निर्धारित की गई है। जिसमें छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 25 रूपए प्रति किलोग्राम की वृद्धि करते हुए 300 रूपए प्रति किलोग्राम की दर निर्धारित है। इसी तरह रंगीनी लाख 130 रूपए से बढ़ाकर 200 रूपए प्रति किलोग्राम भारत सरकार द्वारा निर्धारित की गई है, जिसमें छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 20 रूपए प्रति किलोग्राम की वृद्धि करते हुए 220 रूपए निर्धारित की गई है। इसके अलावा कुल्लू गोंद 98 रूपए से बढ़ाकर 114 रूपए प्रति किलोग्राम भारत सरकार द्वारा निर्धारित है, जिसे छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 11 रूपए प्रति किलोग्राम की वृद्धि करते हुए 125 रूपए निर्धारित की गई है।

  • देश के अन्य हॉटस्पाट जिलों से छत्तीसगढ़ आने के लिए कोई भी पास नहीं होगा जारी…कलेक्टरों को जारी किया गया ये निर्देश…

    देश के अन्य हॉटस्पाट जिलों से छत्तीसगढ़ आने के लिए कोई भी पास नहीं होगा जारी…कलेक्टरों को जारी किया गया ये निर्देश…

    रायपुर। देश के अन्य हॉट-स्पाट जिलों से छत्तीसगढ़ राज्य के अंदर आने के लिए कोई भी पास आगामी आदेश तक जारी नहीं किए जाएंगे।

    छत्तीसगढ़ में अन्य राज्य से आने की अनुमति के संबंध में अपर मुख्य सचिव गृह सुब्रत साहू द्वारा सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी किए गए हैं।

    कलेक्टरों को निर्देशित किया गया है कि हॉट-स्पाट की जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार की वेबसाईट पर प्रतिदिन अद्यतन की जाती है, इसका उपयोग किया जाए। राज्य के स्वास्थ्य विभाग से भी हॉट-स्पाट जिलों की अद्यतन स्थिति प्राप्त की जाए।

    परिवार के नजदीकी सदस्य (माता-पिता, पिता-पुत्र) की मृत्यु अथवा मेडिकल इमरजेंसी के कारण जो व्यक्ति अन्य राज्य से विधिवत अनुमति, पास प्राप्त कर छत्तीसगढ़ के किसी जिले में आना चाहते है, उन्हें संबंधित सीमावर्ती जिले के जिला दण्डाधिकारी या संबंधित जिला दण्डाधिकारी अनुमति जारी कर सकेंगे।

    ईसके साथ ही अतिरिक्त अन्य आपातिक कारणों, उद्देश्य के संबंध में प्राप्त आवेदन का जिला दण्डाधिकारी परीक्षण और सुसंगत दस्तावेज सहित प्रकरण गृह विभाग को भेजने पर गृह विभाग की अनुमति के बाद ही पास जारी कर सकेंगे।

    अपर मुख्य सचिव ने कहा है कि अनुमति आवेदन संबंधित जिला दण्डाधिकारी कार्यालय में प्राप्त किए जाए और अनुमति के लिए अनुशंसा सहित प्रेषित किए जाए। छत्तीसगढ़ शासन गृह विभाग में सीधे प्राप्त आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।

    यदि कोई व्यक्ति अन्य राज्य से वैद्य अनुमति प्राप्त कर, स्वयं के साधन से, छत्तीसगढ़ होकर, दूसरे राज्य जा रहा है तो संबंधित सीमावर्ती जिले के जिला दण्डाधिकारी की वैद्य अनुमति और दस्तावेज के परीक्षण के बाद उन्हें छत्तीसगढ़ होकर अन्य राज्य के लिए अनुमति दे सकते हैं।

    छत्तीसगढ़ राज्य में आने वाले व्यक्तियों को प्रवेश देते समय, समय-समय पर गृह मंत्रालय भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार, छत्तीसगढ़ राज्य और राज्य शासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाए।

  • रघुराम राजन ने राहुल गाँधी से कहा, गरीबों की मदद के लिए 65 हजार करोड़ की जरुरत….

    रघुराम राजन ने राहुल गाँधी से कहा, गरीबों की मदद के लिए 65 हजार करोड़ की जरुरत….

    नई दिल्ली। कोरोना संकट की वजह से 3 मई तक पूरा देश लॉकडाउन है. देश भर में काम बंद होने से अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है और जीडीपी की गति पूरी तरह से थम गई है. इसी बीच आज कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा की. राहुल ने कोरोना के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर से लेकर सत्ता के केंद्रीयकरण को लेकर राजन से सवाल पूछा. गरीबों की मदद में सरकार के कितने करोड़ खर्च होंगे इस पर सवाल किया. तो रघुराम राजन ने कहा कि इस वक्त गरीबों की मदद करना जरूरी है, जिसके लिए सरकार के करीब 65 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे।

    रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि वैश्विक मंच पर भारत एक बड़ी भूमिका निभा सकता है, नए वर्ल्ड ऑर्डर में भारत अपना स्थान बना सकता है. शक्तिहीन लोगों को शक्तिशाली नेता अच्छा लगता है, हम एक विभाजित समाज के साथ कहीं नहीं पहुंच सकते हैं. रघुराम राजन बोले कि आज स्वास्थ्य, नौकरी के लिए अच्छी व्यवस्था करने की जरूरत है।

    वैश्विक स्तर पर अर्थव्यवस्था को लेकर रघुराम राजन ने कहा कि मुझे लगता है कि ग्लोबल आर्थिक सिस्टम में कुछ गलत तो है, लोगों के पास नौकरी नहीं है, जिनके पास नौकरी है उनको आगे की चिंता है, आय का असमान वितरण हो रहा है अवसरों का सही वितरण करना होगा।

  •  छत्तीसगढ़ में आज गर्भवती महिला भी जीती कोरोना से जंग, दो मरीज हुए एम्स से डिस्चार्ज….

     छत्तीसगढ़ में आज गर्भवती महिला भी जीती कोरोना से जंग, दो मरीज हुए एम्स से डिस्चार्ज….

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसकी पुष्टि करते हुए ट्वीट कर कहा कि कटघोरा निवासी 2 कोविड-19 मरीज अब पूर्णतः ठीक हो चुके हैं, उन्हें आज AIIMS द्वारा डिस्चार्ज किया जाएगा. वर्तमान में अन्य 2 मरीजों का इलाज चल रहा है. सूरजपुर के संदिग्ध मरीजों की रिपोर्ट आज दोपहर तक आने के बाद उनकी पुष्टि होगी. आशा है सभी जल्द स्वस्थ होंगे।

    वहीं स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने भी ट्वीट कर कहा कि कटघोरा के दो और मरीज, एक 35 वर्षीय पुरुष और एक गर्भवती महिला को आज छुट्टी दी जा रही है, क्योंकि वे ठीक हो चुके हैं और लगातार रिपोर्ट नकारात्मक हैं. शेष रोगियों के शीघ्र स्वस्थ होने की आशा करना।

    बता दें कि छत्तीसगढ़ में अब तक 38 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले है. जिनमें से 36 मरीज ठीक होकर घर लौट गए हैं. जबकि 2 अभी भी अस्पताल में भर्ती है. जिनका इलाज जारी है. सूरजपुर और जशपुर जिले में मिले 10 सस्पेक्टेड मरीजों का रिपोर्ट एम्स से आने का इंतजार है. उसके बाद ही उनकी पुष्टि होगी।

    बुधवार को जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार प्रदेश में 16 हजार 546 लोगों का सैंपल लिया गया है. 15 हजार 658 लोगों का रिपोर्ट निगेटिव आया है. जबकि 850 सैंपलों की जाँच अभी जारी है।

  • 68,607 करोड़ रुपए का कर्ज कर चुके हैं बैंक माफ़,आरटीआई ने खोली पोल…

    68,607 करोड़ रुपए का कर्ज कर चुके हैं बैंक माफ़,आरटीआई ने खोली पोल…

    मुंबई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन भले ही संसद में जवाब नहीं दे पाए, लेकिन रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने देश के 50 बड़े विलफुल डिफाल्टर्स का नाम सार्वजनिक कर दिया है, जिनके 68,607 करोड़ रुपए के कर्ज को बैंकों ने तकनीकी तौर पर माफ भी कर दिया है.

    देश के 50 शीर्ष विलफुल डिफाल्टर्स (जानबूझ कर कर्ज न चुकाने वाला) की जानकारी हासिल करने का काम आरटीआई एक्टिविस्ट साकेत गोखले ने किया है, जिन्होंने आरबीआई से सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी.

     

     

    आरबीआई ने जानकारी तो दे दी है, लेकिन अपना पल्ला यह कह कर झाड़ लिया है कि यह बैंकों से 30 सितंबर 2019 को CRILC को मिली जानकारी के आधार पर है. वहीं आरबीआई ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए विदेशी कर्जदारों की जानकारी देने से मना कर दिया है.

    गोखले ने आरटीआई के तहत यह जानकारी पिछले बजट सत्र में कांग्रेस सांसद राहुल गाँधी द्वारा संसद में 16 फरवरी, 2020 को पूछे गए इस तारांकित प्रश्न का वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन द्वारा जवाब देने से इंकार कर करने के बाद मांगी थी.
    अब बात 50 शीर्ष विलफुल डिफाल्टर्स की, इसमें मेहुल चौकसे की कंपनी गीतांजलि जेम्स लिमिटेड 5,492 करोड़ रुपये की देनदारी के साथ पहले स्थान पर है, दूसरे स्थान पर 4,314 करोड़ रुपए की देनदारी के साथ आरईआई एग्रो लिमिटेड है, जिसके निदेशक संदीप झुनझुनवाला और संजय झुनझुनवाला हैं.

    इसके बाद भगोड़े हीरा कारोबारी जतिन मेहता की विनसम डायमंड्स एंड ज्वेलरी का नाम है, जिसने 4076 करोड़ रुपये कर्ज ले रखा है, वहीं कानपुर स्थित रोटमैक ग्लोबल 2,850 करोड़ रुपये कर्ज ले रखा है. इसके अलावा सूची कुदोस केमी 2,326 करोड़ रुपए, रुचि सोया इंडस्ट्रीज लिमिटेड 2,212 करोड़ रुपए शामिल हैं.

  • कंपनी को 2.5 लाख रूपए प्रति घंटे की दर से भुगतान कर, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस चार्टर्ड फ्लाइट से लौटे बिलासपुर…

    कंपनी को 2.5 लाख रूपए प्रति घंटे की दर से भुगतान कर, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस चार्टर्ड फ्लाइट से लौटे बिलासपुर…

    दिल्ली की एविएशन कंपनी को 2.5 लाख रूपए प्रति घंटे की दर से किया गया भुगतान, 8 सीटर फ्लाइट में एकमात्र पैसेंजर थे चीफ जस्टिस

    टाइम्स आफ इंडिया की रिपोर्ट में यह कहा गया है कि दिल्ली की एविएशन कंपनी वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के 8 सीटर लियरजेट 35 एयरक्राफ्ट के जरिए चीफ जस्टिस कोच्चि से बिलासपुर पहुंचे. एयरक्राफ्ट शनिवार की सुबह दिल्ली से कोच्चि पहुंचा और करीब 11 बजे बिलासपुर के लिए उड़ान भरा. इस दौरान एय़रक्राफ्ट में सिर्फ जस्टिस मेनन ही एकमात्र पैसेंजर थे. इस पूरी यात्रा के दौरान एयरक्राफ्ट ने करीब 6.5 से 7 घंटे की उड़ान भरी.

     

     

    अखबार ने अनुमान लगाते हुए कहा है कि करीब 13 से 15 लाख रूपए का भुगतान किया गया है. टाइम्स आफ इंडिया ने यह भी तथ्य अपनी खबर में प्रकाशित किया है कि बाम्बे हाईकोर्ट में हाल ही में नियुक्त हुए जस्टिस दीपांकर दत्ता ने बीते शुक्रवार को ही कोलकाता से मुंबई तक सड़क मार्ग से सफर किया. ठीक इस दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस बिश्वनाथ समद्दर ने मेघालय हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस का पदभार ग्रहण करने के लिए कोलकाता होते हुए शिलांग तक सड़क मार्ग से सफर किया.

    कोरोना वायरस संक्रमण के चलते डीजीसीए ने देशभर में विमानों के परिचालन पर रोक लगाई हुई है. केवल राहत कार्यों, मेडिकल उपकरणों की सप्लाई से जुड़े कार्गो विमानों के परिचालन को ही अनुमति दी गई है. ऐसे में चार्टर्ड फ्लाइट को उड़ान की अनुमति देने पर सवाल भी उठ रहे हैं?

  • फिर से फैल सकता है छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में कोरोना का संक्रमण,माल ढोने वाली गाड़ियां करा रही हैं लोगों को बॉर्डर पार…

    फिर से फैल सकता है छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में कोरोना का संक्रमण,माल ढोने वाली गाड़ियां करा रही हैं लोगों को बॉर्डर पार…

    अंबिकापुर। माल ढोने वाली गाड़ियों को आवाजाही के लिए जांच से छूट देना भारी पड़ सकता है. इन गाड़ियों में लोग क्लीनर बनकर एक राज्य से दूसरे राज्य में जा रहे है. कोरोना की वजह से आवाजाही एक राज्य से दूसरे राज्य में बंद है. जिससे कोरोना को आइसोलेट किया जा सके. लेकिन अब लोगों ने मालवाहक गाड़ियों के माध्यम से एक राज्य से अपने राज्य पहुंच रहे हैं, जिससे उन राज्यों में खतरा बढ़ गया है जो कोरोना से ज़्यादा प्रभावित नहीं है

    चूंकि माल ढोने वाली गाड़ियों को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने चेकिंग से फ्री कर दिया है. इसलिए इन गाड़ियों में लोग बैठकर जा रहे हैं उसकी कोई जांच नहीं हो रही है. ये अपने आप मे बड़ा सवाल है कि लोग अपने घर लौट प्रशासन को जानकारी दे रहे हैं या नहीं

    कुछ ऐसे ही लोग सरगुजा के अलग-अलग हिस्सों में है. जो बिहार की ओर जा रहे हैं. देर शाम अम्बिकापुर के बंगाली चौक से बड़ी संख्या में लोग राजपुर के लिए एक हाइवा में रवाना हुए. इनमे से कुछ बिहार भी जाएंगे. बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में लोग झारखंड बॉर्डर की ओर जा रहे हैं

    हमने एक पटना जाने वाले व्यक्ति से बात की. वो कुछ पैदल और एक ट्रक में लिफ्ट लेकर रायपुर से अम्बिकापुर आया है और बिहार में छपरा जाने के लिए मालवाहक गाड़ी खोज रहा है. उसका कहना है कि मालिक ने कहा कि घर वाले चिन्ता कर रहे हैं. इसलिए जाना पड़ रहा है. हालांकि बाद में वो ठेकेदार पर भी इसका ठीकरा फोड़ता नज़र आया. उसने बताया कि उसके बाकी साथी भी इसी तरह अपने-अपने घर जा रहे हैं

    राज्य ने कोरोना को रोकने के लिए अपनी सीमाओं पर रोक लगा दी थी, लेकिन अब उसमें सेंधमारी हो रही है. कहीं ऐसा न हो कि कोरोना इसी तरह बॉर्डर के इस पार आ जाये और जो बीमारी यहां नियंत्रित है, उसे अनियंत्रित कर दे

  • RBI ने म्यूच्यूअल फण्ड उद्योग को दी राहत, 50000 करोड़ रुपये की स्पेशल लिक्विडिटी सुविधा की घोषणा की….

    RBI ने म्यूच्यूअल फण्ड उद्योग को दी राहत, 50000 करोड़ रुपये की स्पेशल लिक्विडिटी सुविधा की घोषणा की….

    कोरोना वायरस प्रकोप और लॉकडाउन के कारण पैदा हुई अभूतपूर्व चुनौतियों से जूझ रहे म्युचुअल फंड उद्योग को सरकार ने बड़ी राहत प्रदान की है। भारतीय रिज़र्व बैंक ने म्युचुअल फंड्स के लिए 50,000 करोड़ के स्पेशल लिक्विडिटी सुविधा की घोषणा की है। आरबीआई ने म्युचुअल फंड्स में लिक्विडिटी के दबाव को कम करने के लिए सोमवार को इस सुविधा की घोषणा की है। इस घोषणा के साथ ही आरबीआई ने दोहराया कि वह वित्तीय स्थिरता को संरक्षित करने और अर्थव्यवस्था पर कोरोना वायरस के प्रभाव को कम करने के लिए हरसंभव आवश्यक कदम उठाएगा।

    भारतीय रिज़र्व बैंक ने कहा,’कोविड-19 के प्रकोप के कारण पूंजी बाजारों में भारी अस्थिरता आई है, जिससे म्युचुअल फंड्स (MFs) में लिक्विडिटी का संकट पैदा हो गया है। भारी संख्या में रिडंप्शन होने से म्युचुअल फंड्स में लिक्विडिटी को लेकर दबाव और बढ़ गया है। हालांकि, लिक्विडिटी को लेकर दबाव उच्च जोखिम वाले डेट म्युचुअल फंड सेगमेंट में ही है, इंडस्ट्री के बड़े हिस्से में लिक्विडिटी को लेकर समस्या नहीं है।’
    गौरतलब है कि पिछले सप्ताह यूएस बेस्ड म्युचुअल फंड हाउस फ्रैंकलिन टेम्पलटन इंडिया ने अपने छह डेट फंड्स को बंद कर दिया था। जिससे इन फंड्स में से निवेशक पैसे नहीं निकाल पाएंगे। इस तरह निवेशकों के करीब 30 हजार करोड़ रुपये इन छह डेट फंड्स में फंस गए हैं। फ्रैंकलिन टेम्पलटन इंडिया ने फंड्स को बंद करने के पीछे कोरोना वायरस संकट और लॉकडाउन के चलते नकदी की कमी का हवाला दिया था।

    यहां बता दें कि कंपनी ने फ्रैंकलिन इंडिया टेम्पलटन लो ड्यूरेशन फंड, फ्रैंकलिन इंडिया टेम्पलटन इनकम ऑपरच्यूनिटी फंड, फ्रैंकलिन इंडिया टेम्पलटन क्रेटिड रिस्क फंड, फ्रैंकलिन इंडिया टेम्पलटन शॉर्ट टर्म इनकम प्लान, फ्रैंकलिन इंडिया टेम्पलटन शॉर्ट बॉन्ड फंड और फ्रैंकलिन इंडिया टेम्पलटन डायनामिक एक्यूरियल फंड को बंद किया है। इस फैसले के बाद अब इन छह डेट फंड्स में कोई ताजा खरीद नहीं कर पाएगा। वहीं, मौजूदा निवेशकों का पैसा इन फंड्स में लॉक रहेगा।

  • राज्य कर, माल एवं सेवा कर विभाग की बड़ी कार्रवाई, राज्य जीएसटी ने पकड़ी 118 करोड़ रुपए की कर चोरी….

    राज्य कर, माल एवं सेवा कर विभाग की बड़ी कार्रवाई, राज्य जीएसटी ने पकड़ी 118 करोड़ रुपए की कर चोरी….

    रायपुर। लॉकडाउन के दौरान वर्क फ्राम होम से 745.58 करोड़ रुपए का सर्कुलर ट्रेडिंग और बोगस विक्रय दर्शाकर 118.47 करोड़ रुपए की कर चोरी पकड़ी गई है. राज्य कर, माल एवं सेवा कर विभाग की इस बड़ी कार्रवाई पर विभागीय मंत्री टीएस सिंहदेव ने अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी है

     

    जानकारी के अनुसार, आयुक्त, राज्य कर, माल एवं सेवा कर विभाग के निर्देश पर संयुक्त आयुक्त गोपाल वर्मा के नेतृत्व में प्रवर्तन शाखा की ओर से यह कार्रवाई की गई. विभागीय टीम ने जांच में पाया गया कि राज्य के कुल जो आयरन एण्ड स्टील एवं प्लाईवुड के व्यवसाय से जुड़े 14 अस्तित्वहीन एवं अकार्यशील व्यवसायी संलिप्त हैं. इन व्यवसायियों ने बोगस बिल जारी कर राज्य और दिल्ली, केरल, उड़ीसा सहित 13 अन्य राज्यों के अन्य व्यवसायियों को 118.47 करोड़ रुपए का गलत आगत कर पासऑन किया जा रहा था

    प्रवर्तन शाखा द्वारा व्यवसायियों द्वारा पंजीयन के दौरान प्रस्तुत दस्तावेजों से मोबाइल नम्बर, पैन नम्बर और ई-मेल आईडी के आधार पर जीएसटी एवं ई-वे बिल माड्यूल्स में उपलब्ध टूल्स द्वारा ट्रैकिंग की गई, जिसमें पता चला कि 14 राज्यों में 19 पैन नम्बर का उपयोग करके अलग-अलग राज्यों में 58 पंजीयन प्राप्त किए गए, जिनमें 21 मोबाइल नम्बरों का उपयोग किया गया है

    जांच से स्पष्ट हुआ कि कुछ ही व्यक्तियों के द्वारा समस्त बोगस फर्म संचालित किए जा रहे हैं. व्यवसायियों द्वारा प्रस्तुत विवरणियों में क्रय-विक्रय संव्यवहारों का अवलोकन करने पर पाया गया कि इन व्यवसायियों द्वारा आपस में एक-दूसरे को क्रय-विक्रय दर्शाकर सर्कुलर ट्रेडिंग की जा रही है. बोगस आगत कर लेने वाले व्यवसायियों के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है

    विभाग की इस बड़ी कार्रवाई पर मंत्री टीएस सिंहदेव ने खुशी जताते हुए कहा कि 118 करोड़ रुपए के कर चोरी की सूचना मिली है. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्ण डिटेल उनके पास नहीं आया है. पूरा डिटेल आने के बाद ही मैं कुछ बोल पाऊंगा. साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि इसमें जो भी शामिल है, उन सभी संस्थाओं के लाइसेंस रद्द कर ब्लैक लिस्ट किया जाएगा. इसके अलावा अन्य जरूरी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. सबके लिए क़ानून बनाया और क़ानून के अंतर्गत ही कार्रवाई की जाएगी

    ट्रांजेक्शन ऑनलाइन ट्रेस किया, कार्रवाई जारी

    स्टेट जीएसटी विभाग के संयुक्त आयुक्त गोपाल वर्मा ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से सभी कर्मचारी वर्क फ्रोम होम पर हैं. हमने इनका ट्रांजेक्शन ऑनलाइन ट्रेस किया है. स्पॉट वेरिफिकेशन करके इन पर कार्रवाई के लिए सभी राज्यों को पत्र लिख दिया गया है. करीब 118 करोड़ रुपये के टैक्स चोरी का मामला है. कार्रवाई की जा रही है

  • कोटा से लौटते समय बस ट्रेलर से टकराई, एक छात्रा को आईं मामूली चोट, दूसरे बस में किया गया शिफ्ट…

    कोटा से लौटते समय बस ट्रेलर से टकराई, एक छात्रा को आईं मामूली चोट, दूसरे बस में किया गया शिफ्ट…

    रायपुर  लॉकडाउन में राजस्थान के कोटा में फंसे छत्तीसगढ़ के 2 हजार 247 छात्रों को वापस लाया जा रहा है. लेकिन लौटते समय एक बस ट्रेलर से टकरा गई. राहत की बात है कि दुर्घटना मामूली थी. इसमें एक बच्ची को मामूली चोट आई है. बस में सवार सभी बच्चे सुरक्षित है.     

    जानकारी के मुताबिक, शिवपुरी और सागर के बीच ट्रेलर को साइड देते समय अचानक एक बस का गेट खुल गया. इससे बस ट्रेलर से टकरा गई. घटना में सिर्फ गेट बैंड हुआ है.

    बस में स्टॉफ मिलाकर कुल 28 छात्र सवार थे. इसमें एक बच्ची के हाथ में हल्की चोट आई है. मेडिकल टीम ने बच्ची को प्राथमिक उपचार दिया है. दुर्घटना ग्रस्त बस दुर्ग जोन की थी. इसमें सवार 28 लोगों को 66 नंबर के बस में शिफ्ट किया गया है. घायल बच्ची राजनांदगांव की बताई जा रही हैं.