Category: राष्ट्रीय

  • UPSC में लहराया छत्तीसगढ़ का परचम, 5 छात्र छात्राओं ने बनाई अपनी जगह, सीएम भूपेश ने दी बधाई…

    UPSC में लहराया छत्तीसगढ़ का परचम, 5 छात्र छात्राओं ने बनाई अपनी जगह, सीएम भूपेश ने दी बधाई…

    रायपुर। आज संघ लोक सेवा आयोग ने (UPSC) सिविल सर्विस परीक्षा-2019 का रिजल्ट जारी किया है. छत्तीसगढ़ से भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के लिए 5 छात्र-छात्राओं का चयन हुआ है. जिसमें सिमी करण ने 31वां रैंक, उमेश प्रसाद गुप्ता ने 162वां रैंक, सूथान ने 209वां रैंक, आयुष खरे ने 267वां रैंक और योगेश कुमार पटेल ने 434वां रैंक हासिल किया है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभी को और उनके परिजनों को बधाई दी है।

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि आप सभी ने अपने परिवार के साथ-साथ देश भर में प्रदेश का नाम रौशन किया है. यह सब आपकी मेहनत, लगन और आपके गुरुजनों के मार्गदर्शन का परिणाम है. देश सेवा के लिए अपनी नवीन जिम्मेदारी को आप सब कुशलता से निभाएँगे. इस विश्वास के साथ सीएम ने सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

  • टिकटॉक समेत 59 चाइनीज ऐप बैन, चीन पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला…. सैन्य हिंसा के बाद सरकार ने दिखाई सख्ती

    टिकटॉक समेत 59 चाइनीज ऐप बैन, चीन पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला…. सैन्य हिंसा के बाद सरकार ने दिखाई सख्ती

    नईदिल्ली।  सरकार ने लोकप्रिय चीनी ऐप टिकटॉक, यूसी ब्राउसर समेत 59 चीनी ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया है। इन चीनी ऐप से निजता की सुरक्षा का मामला माना जा रहा है। गलवान हुई सैन्य हिंसा के बाद एक तरफ जहां सैन्य मोर्चे पर उसे करारा जवाब दिया गया तो वहीं आर्थिक मोर्चे पर भी सरकार ने सख्ती दिखाई है। भारत सरकार ने टिकटॉक, यूसी ब्राउसर और अन्य चाइनीज एप शामिल हैं।

    बता दें भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने सरकार से कहा था कि या तो चीन से जुड़े 52 मोबाइल एप्लिकेशन को ब्लॉक कर दिया जाए या लोगों को इनका इस्तेमाल ना करने की सलाह दी जाए, क्योंकि इनका इस्तेमाल करना सुरक्षित नहीं है। ये ऐप बड़े पैमाने पर डेटा को भारत से बाहर भेज रहे हैं। इस मामले से जुड़े लोगों ने हिंदुस्तान टाइम्स को यह जानकारी दी थी। सुरक्षा एजेंसियों ने सरकार को जो लिस्ट भेजी थी उसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एप जूम, टिकटॉक, यूसी ब्राउजर, एक्सएंडर, शेयर इट और क्लीन मास्टर जैसे एप शामिल थीं।

  • छत्तीसगढ़ की दो पावर कंपनियों को बंद करने की चर्चा….

    छत्तीसगढ़ की दो पावर कंपनियों को बंद करने की चर्चा….


     
     
     
    रायपुर। सीएम भूपेश बघेल ने बिजली कंपनी के अधिकारियों की बैठक ली इस बैठक में छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल के विखंडन के बाद बांटे गये पांच कंपनियों में से 2 कंपनियों को भंग करने का फैसला लिया गया है बता दें छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल के विखंडन के बाद में बांटा गया था, उनमें से अब जनरेशन, ट्रांसमिशन, ट्रेडिंग, होल्डिंग और डिस्ट्रीब्यूशन पांच कंपनियों में बांटा गया था अब इनमें से ट्रेडिंग और होल्डिंग कंपनियों को भंग करने का फैसला लिया गया है कैबिनेट की अगली बैठक में तीन कंपनियां बनाने का फैसला प्रदेश सरकार कोरोना काल में खर्चों में कटौती को लेकर हरसंभव उपाय करने में लगी है इसी सिलसिले में सीएम बघेल सरकारी उपक्रमों के पुनर्गठन पर भी जोर दे रहे हैं शनिवार को सीएम और ऊर्जा मंत्री बघेल ने बिजली कंपनियों के कामकाज का बारीकी से रिव्यू किया सीएम ने 10 दिनों के भीतर दूसरी बार बिजली अफसरों की बैठक की है उन्होंने बिजली कंपनियों के चेयरमैन सुब्रत साहू समेत सभी एमडी के साथ बैठक कर 5 कंपनियों के पुनर्गठन को लेकर अब तक हुई कार्यवाही की जानकारी ली।


     
    बिजली कंपनियों का पुनर्गठन कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र का भी हिस्सा रहा है इसे देखते हुए सीएम बघेल ने इसमें हो रही देरी पर नाराजगी भी जताई अफसरों ने बताया कि कंपनी एक्ट के तहत पुनर्गठन के लिए राज्य सरकार से अनुमति जरूरी है इस पर सीएम ने कैबिनेट की अगली बैठक में प्रस्ताव लाने कहा है उसके बाद नई कंपनियों के री-स्ट्रक्चर पर कंपनी मामलों के केंद्रीय विभाग से मंजूरी लेनी होगी कैबिनेट की अगली बैठक में तीन कंपनियां बनाने का फैसला लिया जाएगा लगभग तीन सौ स्टाफ को तीनों कंपनियों में किया जा सकता है नियुक्त गौरतलब है कि तत्कालीन बीजेपी सरकार ने विद्युत अधिनियम 3 के तहत बिजली बोर्ड को भंग करते हुए 5 कंपनियों का गठन किया था इनमें जनरेशन, ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन, होल्डिंग और ट्रेडिंग कंपनी शामिल है इनमें से बिजली का पूरा कारोबार पहले तीन कंपनियों द्वारा ही किया जाता है शेष दो कंपनियां केवल स्थापना व्यय को एडजस्टमेंट के लिए बनाई गईं थीं 11 साल में बिजली बोर्ड ने तीनों कंपनियों के स्थापना संबंधी अधोसंरचना स्थापित कर ली है इस कारण होल्डिंग कंपनी की जरूरत नहीं रह गई है इसी तरह ट्रेडिंग का सारा काम डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी कर रही है ऐसे में ट्रेडिंग कंपनी भी बेमानी हो गई है इन दोनों कंपनियों में भी स्टाफ भी तीन सौ के आसपास ही हैं, जिन्हें तीनों कंपनियों में नियुक्त किया जा सकता है।

  • नगरीय क्षेत्रों में आवास और व्यवसाय के लिए अब सहजता से मिल सकेगी शासकीय जमीन,सीएम भूपेश बघेल ने लोगों को दी बड़ी राहत….

    नगरीय क्षेत्रों में आवास और व्यवसाय के लिए अब सहजता से मिल सकेगी शासकीय जमीन,सीएम भूपेश बघेल ने लोगों को दी बड़ी राहत….

    रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नगरीय क्षेत्रों में शासकीय भूमि पर काबिज लोगों के साथ ही अन्य लोगों को आवासीय अथवा व्यावसायिक या अन्य प्रयोजन के लिए शासकीय भूमि सहजता से आवंटित हो सके इसके लिए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए है. जिसके तहत शासकीय भूमि के आवंटन एवं व्यवस्थापन के संबंध में राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ राजस्व पुस्तक परिपत्र के खण्ड चार-एक एवं खण्ड चार-2 के प्रावधानों में आंशिक संशोधन करते हुए इसे अब और सरल करते हुए कलेक्टर को अधिकार प्रत्यायोजित किए गये है. इससे जिला स्तर पर भूमि आवंटन एवं व्यवस्थापन के मामलों को पूरी पारदर्शिता के साथ सहजता एवं शीघ्रता से निराकृत किया जा सकेगा. भूमि आवंटन की सरलीकृत प्रक्रिया का लाभ कब्जाधारियों सहित अन्य इच्छुक लोगों को मिल सकेगा

    राज्य शासन द्वारा केन्द्र तथा राज्य के विभागों और निगमों, मंडलों एवं आयोगों को शासकीय भूमि के आवंटन का अधिकार कलेक्टरों को दिया गया है. नगरीय क्षेत्रों में 7500 वर्गफीट तक शासकीय भूमि का 30 वर्षीय पट्टे पर आवंटन तथा अतिक्रमित शासकीय भूमि के व्यवस्थापन का अधिकार भी कलेक्टरों को दिया गया है. 7500 वर्गफीट से अधिक शासकीय भूमि के आवंटन तथा अतिक्रमित शासकीय भूमि के व्यवस्थापन का अधिकार राज्य सरकार को होगा.
    नगर तथा ग्राम निवेश द्वारा अधिसूचित विकास योजना के अनुरूप ही नगरीय क्षेत्रों में शासकीय भूमि का आवंटन तथा अतिक्रमित शासकीय भूमि का व्यवस्थापन हो सकेगा. नगरीय निकायों को व्यावसायिक प्रयोजन के लिए भू-खण्ड का आवंटन के लिए प्रब्याजि का निर्धारण प्रचलित गाईड लाइन के 25 प्रतिशत के बराबर मूल्य पर किया जाएगा. शासकीय भूमि का आबंटन किसी व्यक्ति या संस्था को करते समय देय प्रब्याजि का निर्धारण प्रचलित गाईडलाईन के आधार पर किया जाएगा.

    इसी तरह किसी शासकीय भू-खण्ड के आवंटन के लिए दो या दो से अधिक व्यक्ति अथवा संस्था का आवेदन प्राप्त होने पर प्रचलित गाईडलाईन के दर पर निर्धारित की गई प्रीमियम दर को आफसेट मानते हुए नीलामी के माध्यम से सर्वाधिक बोली लगाने वाले को किया जाएगा. राज्य शासन ने भूमि स्वामी या पट्टेदार को भू-भाटक की अदायगी के मामले में भी विशेष रियायती दी है. भू-भाटक की राशि का 15 वर्ष का एकमुश्त भुगतान करने पर भूमि स्वामी या पट्टेदार को आगामी 15 वर्ष (16वें वर्ष से 30वें वर्ष तक) के भू-भाटक से छूट रहेगी. शासन की इस रियायत से प्रति वर्ष भू-भाटक के भुगतान की कठिनाईयों से भी लोगों को राहत मिलेगी.

    सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि जिला स्तर पर शासकीय भूमि के आवंटन एवं अतिक्रमित भूमि के व्यवस्थापन के संबंध में सभी कलेक्टरों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं. भूमि आवंटन के संबंध में प्राप्त होने आवेदनों का परीक्षण जिला स्तरीय समिति द्वारा किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि रियायती एवं गैर रियायती दर पर प्राप्त पट्टों की भूमि को भूमि स्वामी हक में परिवर्तन के लिए निर्धारित मूल्य से 2 प्रतिशत अतिरिक्त राशि देनी होगी. भूमि आवंटन अथवा व्यवस्थापन तथा भूमि स्वामी हक में परिवर्तन से संबंधित सभी प्रकरणों में ईश्तहार प्रकाशन, दावा-आपत्ति की प्रक्रिया तथा विधिवत सुनवाई किया जाना है.

    कलेक्टर भूमि आवंटन एवं व्यवस्थापन के मामले में केवल ऐसी भूमि का ही आवंटन कर सकेंगे, जिसे लोक बाधा, स्वास्थ्य सुरक्षा, जन सुविधा, लोक प्रयोजन तथा पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से सुरक्षित रखने की आवश्यकता न हो. आवंटन योग्य भूमि का चिन्हांकन कर भुईंया सॉफ्टवेयर में अपलोड कराकर शासकीय विभागों को उक्त भूमि की आवश्यकता के संबंध में प्रस्ताव प्राप्त कर आवंटित किया जाएगा.

  • थाना प्रभारी को महंगी पड़ी जनता पर दादागिरी, CM ने एक्शन लेते हुए छुट्टी पर भेजा

    थाना प्रभारी को महंगी पड़ी जनता पर दादागिरी, CM ने एक्शन लेते हुए छुट्टी पर भेजा

    रायपुर। रायपुर में एक पुलिस अधिकारी को जनता के साथ दुर्व्यवहार करना महंगा पड़ा। उरला थाना प्रभारी के दुर्व्यवहार का यह वीडियो सोशल मीडिया वायरल हो गया था। दुर्व्यवहार का वीडियो वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री ने तुरंत जांच के आदेश दिए।

    दरअसल, बीरगांव में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जिसे कोरोना संदिग्ध माना जा रहा है. उसके अंतिम संस्कार के लिए प्रशासन की ओर से तैयारी की जा रही थी, इस बीच लोग जमा होने लगे थे, जिसे हटाने के लिए पुलिस कर्मी को लाठी भांजनी पड़ी थी. लेकिन लाठी भांजने के चक्कर में मर्यादा भूल गए और इस पर बना थाना प्रभारी का जनता के साथ दुर्व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस पर लोगों ने गुस्सा जताया।

    जब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तक यह मामला पहुंचा तो उन्होंने थाना प्रभारी के इस कृत्य को अमानवीय कहा। मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर लिखा कि इस मामले पर विभागीय जांच का आदेश दिया गया है, साथ ही थाना प्रभारी को छुट्टी पर भेज दिया गया है।

  • राज्य सरकार ने जारी किया आदेश, ज्यादा देर बिजली कटी तो मिलेगा हर्जाना…. प्रति घंटे 5 रुपये से लेकर 50 रुपये मासिक तक मिलेगी क्षतिपूर्ति…आदेश लागू करने वाला देश का इकलौता राज्य

    राज्य सरकार ने जारी किया आदेश, ज्यादा देर बिजली कटी तो मिलेगा हर्जाना…. प्रति घंटे 5 रुपये से लेकर 50 रुपये मासिक तक मिलेगी क्षतिपूर्ति…आदेश लागू करने वाला देश का इकलौता राज्य

    विद्युत अधिनियम, 2003 में उपभोक्ताओं को गुणवत्तायुक्त तथा बिना कटौती के विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसकी पूर्ति हेतु राज्य विद्युत नियामक आयोग को गुणवत्ता का मापदण्ड निर्धारित करने का दायित्व सौंपा गया है।इसी अनुक्रम में छत्तीसगढ़ विद्युत नियामक आयोग द्वारा वर्ष 2006 में नियम लागू किया गया था लेकिन उसमें कटौती रहित विद्युत प्रदाय के लिए मापदण्ड तथा उसका पालन नहीं होने की स्थिति में उपभोक्ताओं को दी जाने वाली क्षतिपूर्ति का प्रावधान शामिल नहीं था। इसे ध्यान में रखते हुए पुराने नियम के स्थान पर आयोग द्वारा मई 2020 में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (विद्युत वितरण निष्पादन हेतु मानक) विनियम, 2020 अधिसूचित किया गया है। नये नियमों के अधीन विद्युत प्रदाय कम्पनियों द्वारा विद्युत आपूर्ति बंद होने की मासिक अधिकतम समयावधि तथा प्रत्येक बार विद्युत प्रदाय बंद होने की अधिकतम समय-सीमा निर्धारित किय गया है। इसके साथ-साथ इन मापदण्डों के उल्लंघन की स्थिति में उपभोक्ताओं को दी जाने वाली आर्थिक क्षतिपूर्ति का भी प्रावधान रखा गया है। आयोग द्वारा पहली बार उपरोक्त नियम के अनुसार प्रत्येक विद्युत वितरण लाइसेंसी को गुणवत्तायुक्त विद्युत प्रदाय हेतु निर्धारित सूचकांक का पालन सुनिश्चित करना होगा।
    इन मापदण्डों के अनुसार 10 लाख तथा उससे अधिक जनसंख्या वाले शहरों के लिए अप्रैल से जून की अवधि में किसी भी माह में 10 घंटे से अधिक विद्युत प्रदाय बंद होने की स्थिति में वितरण कम्पनी द्वारा उपभोक्ताओं को आर्थिक क्षतिपूर्ति देना होगा। इन्हीं माहों में अन्य नगरीय तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह सीमा 20 घंटे रखा गया है।


    जुलाई से मार्च की अवधि में 10 लाख तथा उससे अधिक जनसंख्या वाले शहरों के लिए किसी भी माह में 6 घंटे, अन्य नगरीय क्षेत्रों में 15 घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 20 घंटे से अधिक विद्युत प्रदाय बंद होने की स्थिति में उपभोक्ताओं को क्षतिपूर्ति देना होगा।
    इसी प्रकार विभिन्न प्रकार के विद्युत सेवाओं के लिए भी गुणवत्ता के मापदण्डों तथा इन मापदण्डों के पालन न होने की स्थिति में उपभोक्ताओं को दी जाने वाली आर्थिक क्षतिपूर्ति का प्रावधान किया गया है। विद्युत प्रदाय बंद होने पर उसे चालू करने के लिए षहरी क्षेत्रों में अधिकतम 4 घंटे एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे की समय-सीमा निर्धारित किया गया है। इसके पालन न होने की स्थिति में वितरण कम्पनी को प्रति घंटा रू.5/- की दर से क्षतिपूर्ति देना होगा। इसी प्रकार लाइन में सामान्य खराबी के लिए क्रमश: 6 घंटे तथा 12 घंटे, ट्रांसफार्मर में खराबी के लिए 24 घंटे तथा 5 दिन, मीटर जलने की स्थिति में नये मीटर लगाने के लिए क्रमश: 8 घंटा एवं 2 दिन एवं इसका पालन न होने पर वितरण कम्पनी को उपभोक्ताओं को रू.50/- प्रति दिन के हिसाब से भुगतान करना होगा। नये घरेलू कनेक्शन के लिए समय-सीमा का पालन न करने की स्थिति में वितरण कम्पनी को उपभोक्ताओं को रू.50/- प्रतिदिन के हिसाब से क्षतिपूर्ति राशि देना होगा।


    उपरोक्त व्यवस्था से विद्युत वितरण कम्पनी के कार्यप्रणाली में सुधार होगा तथा उपभोक्ता के प्रति जबावदेही बढ़ेगी। विद्युत प्रदाय की गुणवत्ता तथा उपभोक्ताओं को गुणवत्तायुक्त तथा निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार के नियम लागू करने वाला छत्तीसगढ़ भारतवर्ष का एकमात्र राज्य है।

  • छत्तीसगढ़ में फेक वीडियो और खबरों से सावधान रहने की अपील, कोविड-19 पीड़ित हर व्यक्ति का निःशुल्क इलाज….. 

    छत्तीसगढ़ में फेक वीडियो और खबरों से सावधान रहने की अपील, कोविड-19 पीड़ित हर व्यक्ति का निःशुल्क इलाज….. 

    रायपुर। सोशल मीडिया में इन दिनों रायपुर के देवेन्द्र नगर का बताकर वायरल किया जा रहा स्वास्थ्य कर्मी युवती का वीडियो फेक है। यह वीडियो छत्तीसगढ़ का नहीं है। विभिन्न सोशल मीडिया में वायरल इस फेक वीडियो में एक युवती स्वयं को कोविड-19 पीड़ित बताती हुई मुख्यमंत्री से मदद की गुहार लगा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से इस तरह के फेक वीडियो और समाचारों से सावधान रहने की अपील की है। इस तरह के वीडियो और खबरों से भ्रम, डर और आपाधापी की स्थिति निर्मित होती है।

    प्रदेश में कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जा रहे हर व्यक्ति का निःशुल्क इलाज किया जा रहा है। इसके संभावित मरीजों के सैंपल संकलित कर तत्काल जांच के लिए भेजा जा रहा है। शासन-प्रशासन द्वारा प्रदेश में कोविड-19 पीड़ितों और उनके परिवार को प्राथमिकता से चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के साथ ही उन्हें हर तरह का सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

  • बालोद, बिलासपुर और कोरबा बने रेड जोन, आरेंज जोन में आया सीएम का विधानसभा क्षेत्र

    बालोद, बिलासपुर और कोरबा बने रेड जोन, आरेंज जोन में आया सीएम का विधानसभा क्षेत्र

    रायपुर। लॉकडाउन 4 में केंद्र सरकार से अनुमति मिलने के बाद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए शुक्रवार को रेड और आरेंज जोन की सूची जारी की है।

    रेड जोन में बालोद, बिलासपुर और कोरबा के क्षेत्रों को शामिल किया गया है, तो वहीं आरेंज जोन में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के विधानसभा क्षेत्र पाटन सहित अन्य जिलों के क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है।

    स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की सचिव निहारिका बारिक सिंह ने स्पष्ट किया है कि सूची 22 मई की स्थिति को देखते हुए जारी किया गया है. यह स्थिति गतिमान है, जिसे प्रत्येक सोमवार को अपडेट किया जाएगा, विभागीय सूची के अनुसार, रेड जोन में बालौद का डौंडीलोहारा, बिलासपुर का तखतपुर व मस्तूरी और कोरबा का कोरबा शहर शामिल है. इसके अलावा दुर्ग जिले में पाटन और निकुम, राजनांदगांव में मोहला, घुमका, छुरिया, डोंगरगांव, डोंगरगढ़, सरगुजा में मैनपाट, अंबिकापुर, बलौती, लखनपुर, लुन्ड्रा, उदयपुर, सीतापुर को शामिल किया गया है. इसके अलावा प्रदेश के अन्य जिलों के भी कोरोना संक्रमण के हिसाब से आरेंज जोन में रखा गया है. सूची में ग्रीन जोन को स्थान नहीं दिया गया है.

  • भूपेश बघेल सरकार का एक और सराहनीय कदम, मजदूरों को लाने वाली ट्रेनों का खर्च वहन करने की जिम्मेदारी ली….

    भूपेश बघेल सरकार का एक और सराहनीय कदम, मजदूरों को लाने वाली ट्रेनों का खर्च वहन करने की जिम्मेदारी ली….

    रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने रेलवे मंत्रालय को पत्र लिखकर मजदूरों को लाने वाली ट्रेनों का खर्च वहन करने की जिम्मेदारी ली। कांग्रेस प्रवक्ता आर पी सिंह ने ट्वीट कर दी जानकारी….

  • छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सोमवार से कपड़ा बाजार खोलने की मिली अनुमति….

    छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सोमवार से कपड़ा बाजार खोलने की मिली अनुमति….

    रायपुर। राजधानी रायपुर को रेड जोन घोषित किए जाने के बाद पहली बड़ी राहत मिलेगी, सोमवार से पंडरी कपड़ा मार्केट समेत आसपास के पांच बड़े कपड़ा बाजारों को खोलने की अनुमति दे दी गई है, पंडरी कपड़ा दुकानदारों ने शुक्रवार को दुकानें खोल ली थी, इसके बाद उनका पुलिस, निगम और प्रशासन के अफसरों से विवाद भी हुआ, आठ दुकानदारों से 16 हजार रुपए का जुर्माना भी वसूला गया, पंडरी के रसूखदार कारोबारियों ने इसकी शिकायत सीएम तक पहुंचा दी, शनिवार को रायपुर उत्तर विधानसभा के विधायक कुलदीप जुनेजा सुबह से ही पंडरी कपड़ा बाजार खुलवाने के लिए सक्रिय हो गए, एक घंटे से ज्यादा समय तक चली बैठक के बाद तय हो गया कि सोमवार से पंडरी बाजार खुल जाएगा।