दिल्ली. अब आप इस गलतफहमी में मत रहिये कि डॉक्टर भगवान का रुप होते हैं. इनकी हरकतें देख और सुनकर कम से कम आप अपनी राय जरूर बदल लेंगे। झारखंड में एक डॉक्टर साहब ने ऐसा कारनामा कर दिखाया कि लोग हैरत में पड़ गए. दरअसल राज्य के चतरा जिले के दो युवकों को पेट दर्द की शिकायत थी. जब वे इसके लिए डॉक्टर के पास गए तो उन्होंने दोनों को प्रेग्नेंसी टेस्ट कराने के लिए कहा।
सरकारी अस्पताल के डॉक्टर मुकेश कुमार ने दोनों युवकों गोपाल गंझू और कामेश्वर जानू को प्रेग्नेंसी टेस्ट के अलावा एचआईवी और हीमोग्लोबिन टेस्ट कराने को भी कहा. इसके बाद दोनों युवकों ने डॉक्टर के खिलाफ चतरा जिले के सिविल सर्जन से शिकायत की है. जो भी डॉक्टर साहब की हरकत के बारे में सुन रहा है वो हैरान हो जा रहा है।
रायपुर. भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने निकाय चुनाव में अप्रत्यक्ष प्रणाली से महापौर-अध्यक्ष चुनाव पर मंत्रिमंडलीय उपसमिति की सिफारिश को लोकतांत्रिक मूल्यों से खिलवाड़ बताया है। कौशिक ने कहा कि ईवीएम के बजाय मतपत्र और महापौर-अध्यक्ष चुनाव पार्षदों से कराकर प्रदेश सरकार और कांग्रेस लोकतंत्र पर कब्जा करने का षड्यंत्र रच रही हैं। नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि अपनी विफलताओं से घबराए और गत लोकसभा चुनाव के नतीजों में अपना सूपड़ा साफ होने से भयभीत कांग्रेस नेता और प्रदेश सरकार ने अपने कर्मों पर पर्दा डालने के लिए यह निर्णय लिया है। ऐसा करके कांग्रेस ने प्रदेश के लोकतांत्रिक वातावरण को प्रदूषित करने और चुनाव बाद पवित्र जनादेश के साथ मनमाना खिलवाड़ करने का अपना मंसूबा जाहिर किया है।
प्रदेश सरकार की यह कवायद साफ करती है कि वह जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों कुचलकर अपनी राजनीतिक मनमानी करने पर आमादा है और लोकतंत्र कांग्रेस के लिए कोई मायने नहीं रखता। कौशिक ने कहा कि अपने कर्मों और विफलताओं के बोझ से छटपटाती कांग्रेस और उसकी प्रदेश सरकार को नगरीय निकाय चुनाव में अपनी हार का साफ संकेत मिल चुका है और इसीलिए उसने इस तरह का अलोकतांत्रिक कदम उठाया है।
रायपुर। महापौर और अध्यक्ष का अप्रत्यक्ष तरीके से चुनाव कराने के सरकार के फैसला का विरोध शुरु हो गया है। फैसले के विरोध में भाजपा 16 अक्टूबर को एक दिवसीय धरना प्रदर्शन करेगी। मोतीबाग के पास आयोजित धरना-प्रदर्शन के पश्चात पार्टी नेता राज्यपाल अनुसूईया उइके को सरकार के इस फैसले के विरोध में ज्ञापन सौंपेंगे और उनसे अध्यादेश पर अपनी सहमती न प्रदान करने का आग्रह भी करेंगे।
इस संबंध में भाजपा नेताओं ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि कांग्रेस सरकार अपनी विफलता से डरी हुई है, इस कारण जनता से सीधे अध्यक्ष व महापौर चुनने का अधिकार मतदाताओ से छीनना चाहती है. जिसका हर स्तर पर विरोध करने का निर्णय भाजपा ने किया है। धरना प्रदर्शन के बाद भारतीय जनता पार्टी का प्रतिनिधि मंडल राज्यपाल महोदया को ज्ञापन सौंपेगा।
रायपुर। शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम के ओएसडी हटाए जाने के बाद अब राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के ओएसडी को भी हटा दिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किया है।
आदेश में डिप्टी कलेक्टर रैंक के अधिकारी प्रकाश चंद्र कोरी का अटैचमेंट समाप्त कर दिया गया है। कोरी मार्कफेड में प्रबंधक के पद पर थे. उन्हें इस साल 6 मार्च को राजस्व आपदा प्रबंधन और वाणिज्यकर मंत्री जय सिंह अग्रवाल का ओएसडी नियुक्त किया गया था।
रायपुर। ‘युवा महोत्सव-2019-20’ के आयोजन को लेकर मुख्य सचिव सुनील कुमार कुजुर ने सभी जिलों के कलेक्टरों को पत्र लिखकर कार्यक्रम को सफल बनाने के निर्देश दिए है। पत्र में कहा गया है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा छत्तीसगढ के युवाओं को विशेष अवसर एवं मंच प्रदान करने, सांस्कृतिक गतिविधियों से युवाओं को जोड़ने एवं उनकी प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से स्वामी विवेकानंद जयंती के उपलक्ष्य में “युवा महोत्सव” का राज्य स्तरीय आयोजन किये जाने का निर्णय लिया गया है। “युवा महोत्सव” के विकासखण्ड स्तरीय आयोजन 15 अक्टूबर से 15 नवंबर के मध्य विकासखण्ड मुख्यालय में आयोजित किया जाएगा। जिला स्तरीय आयोजन 15 नवंबर से 15 दिसंबर के मध्य जिला मुख्यालयों में एवं राज्य स्तरीय आयोजन 12 से 14 जनवरी 2020 के मध्य रायपुर में आयोजित किया जाना है।
प्रतिनिधि प्रतिभावान कलाकारों को तराशने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार पहली बार युवा महोत्सव का आयोजन करने जा रही है। जिला स्तर पर होने वाले इस आयोजन में गायन-वादन और नृत्य से लेकर 25 विधाओं को शामिल किया गया है। इस आयोजन में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी। विकासखंड और जिला स्तर पर युवा उत्सव आयोजित करने की तैयारियां शुरू करने के निर्देश कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन ने सबंधित अधिकारियों को दिए है। विकासखंड स्तर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में प्रथम आने वाले युवाओं को जिला स्तर पर प्रतिभा प्रदर्शन का अवसर मिलेगा। राज्य युवा महोत्सव में प्रति वर्ष की भांति शामिल अन्य 18 सांस्कृतिक गतिविधियों में लोकनृत्य, लोकगीत, एकांकी नाटक हिन्दी, अंग्रेजी, छत्तीसगढ़ी, शास्त्रीय गायन, हिन्दुस्तानी शैली तथा शास्त्रीय गायन कर्नाटक शैली है। इसी तरह सितार वादन, बांसुरी वादन, तबला वादन, वीणा वादन, मृंदगम वादन, हारमोनियम वादन और गिटार वादन को शामिल किया गया है। गिटार वादन भारतीय अथवा पाश्चात्य संगीत पर आधारित होगा। इनमें मणिपुरी नृत्य, ओडिशी नृत्य, भरतनाट्यम कत्थक, कुचीपुड़ी नृत्य और तात्कालीन भाषण शामिल है। प्रत्येक विधा के लिए दो आयु वर्ग 15 से 40 वर्ष और 40 वर्ष से ऊपर रखा गया है।
छत्तीसगढ़ी गेड़ी और राउत नाचा का होगा विहंगम नजारा
पहली बार होगा कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति में से एक गेड़ी और राउत नाचा का नजारा बड़े स्टेज पर देखने को मिलेगा। विभिन्न 25 विधाओं के साथ ही गेड़ी नृत्य, राउत नाचा, डंडा नाचा, रॉक बैंड, पारंपरिक वेशभूषा प्रतियोगिता, फूड फेस्टिवल प्रतियोगिता और चित्रकला प्रतियोगिता को शामिल किया गया है। इनमें फूड फेस्टिवल छत्तीसगढ़ के व्यंजनों पर तथा चित्रकला प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति पर आधारित होगी।
दिल्ली। सरकार के हिस्सेदारी वाली एयरलाइंस एयर इंडिया एक के बाद एक नये संकटों में घिरती जा रही है। कंपनी के बुरे दिन खत्म होने का नाम नहीं ले रहे हैं। अब कंपनी के करीब 120 पायलटों ने इस्तीफा दे दिया है। ये सभी अपना वेतन नहीं बढने से नाराज थे।
पायलटों ने इस्तीफा देते हुए कहा है कि कंपनी उनकी सैलरी नहीं बढ़ा रही थी और ना ही उनका प्रमोशन किया जा रहा था। कई बार इसकी मांग करने के बाद भी जब प्रशासन ने उनकी मांगों को नजरअंदाज किया तो उन्होंने इस्तीफा दे दिया। दरअसल एयर इंडिया पर तीन तेल कंपनियों का 4500 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है, जिसे कंपनी ने पिछले कईं महीनों से नहीं चुकाया है। कंपनी के पास कर्मचारियों की सेलरी देने तक के पैसे नहीं हैं।
प्रदेश का राजनीतिक तापमान आने वाले दिनों में अपने चरम पर पहुंच सकता है. भूपेश सरकार सूबे के दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने जा रही है. यह हम नहीं बल्कि सरकार के इस बड़े कदम का खुलासा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष मोहन मरकाम ने किया है. चित्रकोट विधानसभा उपचुनाव को लेकर पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम जगदलपुर में एक प्रेसवार्ता ले रहे थे. जहां उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह बड़ा बयान दिया है.मोहन मरकाम ने कहा, “दोनों पूर्व मुख्यमंत्री जेल जाने की तैयारी में चल रहे हैं, उनके ऊपर चाहे नान घोटाला हो या टेंडर घाटाला से लेकर जितने भी घोटाले हुए हैं उनकी जांच चल रही है. उसी की बौखलाहट है कि आज भाजपा नेता काँग्रेस के ऊपर अनर्गल आरोप लगा रहे हैं. दंतेवाड़ा उपचुनाव से ही भाजपा लगातार काँग्रेस पर प्रशासनिक अमले का दुरुपयोग करने व बूथ कैप्चरिंग करने का आरोप लगा रही है।
आपको बता दें पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के खिलाफ अंतागढ़ उपचुनाव में खरीद-फरोख्त को लेकर राजधानी के पंडरी थाना में अपराध दर्ज है. वहीं फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में भी जोगी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. इसके अलावा नान घोटाला मामले में शिवशंकर भट्ट ने रमन सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए कोर्ट में शपथ पत्र दिया है ऐसा ही कुछ अंतागढ़ मामले में मंतुराम पवार ने कोर्ट में शपथ पत्र पेश किया है जिसमें उन्होंने डॉ रमन सिंह पर कई आरोप लगाए हैं. पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकार के बयान के बाद यह साफ हो गया है कि इन मामलों में सरकार जल्द ही दोनों मुख्यमंत्रियों के खिलाफ शिकंजा कसते हुए उन्हें गिरफ्तार कर सकती है. हालांकि उनका यह बयान चुनावी बयान भी हो सकता है।
कोरबा। झीरम घाटी नरसंहार का जिन्न एक बार फिर बाहर निकलकर सामने आ गया है. पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर ने नार्को टेस्ट कराए जाने की चुनौती स्वीकार करते हुए कांग्रेस और आबकारी मंत्री कवासी लखमा पर बड़ा हमला किया है. ननकी ने कांग्रेस नेताओं पर और खास तौर पर कवासी लखमा पर नक्सलियों से कनेक्शन होने का बड़ा आरोप लगाया है. पूर्व गृहमंत्री ने न सिर्फ यह आरोप ही लगाया बल्कि उन्होंने नक्सलियों से लखमा के कनेक्शन होने की जांच किये जाने की भी मांग की है. इसके साथी ही उन्होंने झीरमघाटी में कांग्रेस नेताओं के नरसंहार के दौरान कवासी लखमा को नक्सलियों द्वारा छोड़े जाने पर भी सवाल उठाया है.झीरमघाटी कांड मामले में ननकी राम कंवर आबकारी मंत्री कवासी लखमा के उस बयान पर जवाब दे रहे थे, जिसमें लखमा ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह और तत्कालीन गृहमंत्री ननकी राम कंवर का नार्को टेस्ट कराने के लिए कहा था. आबकारी मंत्री के इसी बयान पर पूर्व गृहमंत्री ने पलटवार किया है और उनकी चुनौती को स्वीकार भी कर लिया है।
ननकी ने कहा, “मैं नार्को टेस्ट के लिए तैयार हूं पर लखमा जवाब दें कि झीरमघाटी में नक्सली नरसंहार के दौरान ‘मैं कवासी लखमा हूं’ कहने पर नक्सली फायरिंग बंद कर उन्हें क्यों छोड़ दिये. कांग्रेस के नेताओं का नक्सलियों से कनेक्शन रहा है. इनमे सबसे पहला नाम लखमा का है इसकी पहले जांच की जाए.”पूर्व गृहमंत्री के इस बयान के बाद राज्य का सियासी तापमान एक बार फिर गरमा सकता है.
सड़क पर फर्राटे से दौड़ रही कार में शारीरिक संबंध बनाता एक कपल CCTV कैमरे कैद हो गया, सरेआम सड़क पर इस गंदी हरकत को देख गाड़ी चला रहे दूसरे लोग दंग रह गए. इस कपल की गंदी हरकत का जो वीडियो सामने आया है उससे यह पता चल रहा है कि संबंध बनाते वक्त गाड़ी की रफ्तार भी काफी तेज थी और यह कपल ही गाड़ी भी चला रहा था. इस फुटेज के सामने आने के बाद पुलिस ने लोगों से अपील की थी कि वो कार सवार इस कपल को पहचानने में उनकी मदद करें.विलकास्टिन .सड़क पर गाड़ी चलाने के दौरान एक गलती हुई कि नहीं आपके साथ ही दूसरे की जान पर भी आफत बन आती है. ऐसे में सड़क पर गाड़ी चलाने को लेकर कई सख्त नियम भी बनाए गए हैं. लेकिन कुछ लोग इस नियम को ताक पर रखकर कुछ भी करते हैं.
ऐसा ही एक मामला स्पेन (Spain) के विलकास्टिन में देखने को मिला था, जब एक कपल हाईवे पर चलती कार में संबंध बनाता दिखाई दिया था. मामला कार्ट में जाने के बाद कपल को रैश ड्राइविंग का दोषी करार दिया गया है. कोर्ट ने कपल को 6 महीने की स्थगित सजा सुनाई है साथ ही दो साल तक कार चलाने पर रोक लगा दी है।स्पेन के मैड्रिड के कपल का ये वीडियो पिछले साल सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. इस क्लिप को जब पुलिस ने देखा तो कार की तलाश शुरू की. काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने कपल की कार का नंबर ट्रेस कर लिया और आरोपियों के घर तक पहुंच गई.
डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए लोगो से भी मदद मांगी थी. पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में रैश ड्राइविंग का अपराध स्वीकार कर लिया था।बाद में ये मामला कोर्ट पहुंच गया और वहां भी आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. कोर्ट ने हाईवे पर रैश ड्राइविंग के आरोप में कपल को छह महीने की सजा सुनाई है. हालांकि कोर्ट ने कपल को बाद में जमानत भी दे दी. कोर्ट ने कपल के दो साल तक कार चलाने पर बैन लगाया है. कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि कपल ने कार चलाते समय जिग-जैग तरीके से ड्राइविंग की, जिससे वहां से गुजर रहे वाहनों के लिए खतरा बढ़ गया था।
बिलासपुर। पूर्व आईएएस और मौजुदा समय में भाजपा नेता ओ पी चौधरी को हाईकोर्ट से राहत मिली है। ओपी चौधरी के ख़िलाफ़ राज्य सरकार ने कमिश्नर ऑफ़ इंक्वारी एक्ट के तहत सी के खेतान को जाँच सौंपी थी, हाईकोर्ट ने उस जाँच पर रोक लगा दी है। दंतेवाड़ा कलेक्टर रहे ओपी चौधरी पर आरोप लगाया गया था कि, ज़मीन के अदला बदली में नियमों की अवहेलना की गई है। हाईकोर्ट ने इस मामले में पूर्व दायर रिट 53/2014 की सुनवाई करते हुए 15 सितंबर 2016 को आदेशित किया था कि, राज्य सरकार जाँच करे। इस आदेश के परिपालन में राज्य सरकार ने आदेश जारी किया और जस्टिस टी पी शर्मा को जाँच की जवाबदेही सौंप दी गई।
राज्य में जबकि कांग्रेस सरकार अस्तित्व में आई तो सरकार ने 29 मई को कमिश्नर ऑफ़ इन्क्वायरी एक्ट के तहत पुरानी जाँच के चलते हुए नई जाँच समिति सी के खेतान की अध्यक्षता में बनी दी। ओपी चौधरी ने हाईकोर्ट में इस नई जाँच कमेटी को चुनौती दी थी। जस्टिस पी सैमकोशी ने इसकी सुनवाई की और राज्य सरकार की उस समिति जिसमें सी के खेतान अध्यक्षता कर रहे हैं उसे जाँच करने से रोक दिया है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब के लिए नोटिस भी जारी किया है। याचिकाकर्ता की ओर से गैरी मुखोपाध्याय और विवेक शर्मा ने पैरवी की है। प्रकरण की अगली तारीख 6 नवंबर घोषित की गई है।