Author: Sunil Agrawal

  • इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बैटरी पर कब्जे की लड़ाई, इस कारण नए दौर का गोल्ड है इसका कचरा….

    इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बैटरी पर कब्जे की लड़ाई, इस कारण नए दौर का गोल्ड है इसका कचरा….

    china ने इलेक्ट्रिक कारों (Electric Vehicle) की तकनीक पर ना सिर्फ महारत हासिल कर ली है, बल्कि बैटरी के बाज़ार पर भी एकछत्र राज्य है उसका। इसको ऐसे समझिए कि जिस तरह से पेट्रोल और डीजल कारें बनाने में यूरोप, जापान और यूएस का दबदबा था और तेल के लिए दुनिया निर्भर थी खाड़ी देशों पर, कुछ वैसा ही इलेक्ट्रिक कारों के मामले में है चीन के साथ।

    लेकिन, यहां तकनीक के साथ-साथ बैटरी बनाने में इस्तेमाल होने वाली धातु लिथियम (Lithium) पर भी उसका ही क़ब्ज़ा है। कोई भी देश सभी गाड़ियों को इलेक्ट्रिक बनाता है, तो कहीं ना कहीं चीन पर निर्भरता बढ़ेगी। बीजिंग के साथ जियो पॉलिटिकल मसलों को देखते हुए भारत ऐसा कभी नहीं चाहेगा।
    हिंदुस्तान यहां एक अलग रास्ता अपनाकर बढ़त ले सकता है। US vs China एक बहुत बड़ा बाज़ार है भारत के पास, इसलिए वह इसमें लीड कर सकता है। चीन के इलेक्ट्रिक कार मार्केट (China’s electronic car market) के जवाब के तौर पर भारत हाइब्रिड कारों का मार्केट तैयार कर सकता है। अगर वह सस्ती हाइब्रिड तकनीक डिवेलप करे, तो ना सिर्फ उसके लिए ख़ुद अपने यहां बड़ा लोकल बाज़ार रहेगा बल्कि एक्सपोर्ट भी कर सकता है। हाल ही में आई कई रिपोर्ट्स की मानें तो अभी क्रूड आयल ख़त्म होने वाला नहीं। भारत में लिथियम के भंडार भी मिल रहे हैं। ऐसे में दोनों का एक बेहतरीन कॉम्बिनेशन अपनाकर इस फील्ड में भारत तेज़ी से आगे बढ़ सकता है।

    हाइब्रिड तकनीक कोई नई नहीं है। भारत में इलेक्ट्रिक कारों के आने से पहले ही टोयोटा कैमरी के रूप में एक हाइब्रिड कार ला चुकी थी। हाइब्रिड मतलब ऐसी कार, जिसमें पेट्रोल इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर, दोनों लगी हैं। इंजन को पावर देने के लिए पेट्रोल और मोटर को चलाने के लिए बैटरी रहती है। हाइब्रिड तकनीक में भी दो तरह की तकनीकों का ही ज़्यादा इस्तेमाल किया जाता है।

    पहली तकनीक है प्लग इन हाइब्रिड,

    इसमें एक बड़ा बैटरी पैक लगा होता है, जो गाड़ी को 50 से 100 किमी तक सिर्फ इलेक्ट्रिक मोड पर ही चला सकता है। इसके बाद इसे पेट्रोल मोड पर शिफ्ट किया जा सकता है यानी जिन्हें रोज सौ किलोमीटर तक चलना होता है, वे पूरी तरह इलेक्ट्रिक मोड पर चल सकते हैं। शहर में आपकी गाड़ी कोई पलूशन नहीं करेगी। लॉन्ग ड्राइव पर निकलने में भी दिक्कत नहीं, क्योंकि पेट्रोल मोड होगा।

    लेकिन, इसकी बैटरी को हर बार किसी चार्जिंग पॉइंट पर लगाकर ही चार्ज करना होता है। इसके अलावा इस तकनीक वाली कारें काफी महंगी होती हैं। कुछ वक़्त पहले तक वॉल्वो इस तकनीक की एसयूवी को करीब 90 लाख रुपये की क़ीमत में बेचती थी। ऐसे में इसे आम लोगों की पहुंच में लाने के लिए बहुत काम करना होगा। अगर इस तरह की कारें 15 से 25 लाख रुपये में मिलने लगें, तो गेम चेंजर साबित हो सकती हैं क्योंकि इस सेगमेंट की गाड़ियों की इस समय सबसे ज़्यादा मांग है। इसका अंदाज़ा आप इस बात से लगा सकते हैं कि इनके लिए 6 महीने से लेकर डेढ़ साल तक की वेटिंग चल रही है।

    दूसरी तकनीक है सेल्फ चार्जिंग हाइब्रिड,

    US VS CHINA: ईवी रिसाइकलिंग को लेकर अमेरिका में कंपनियों को सपोर्ट मिल सकता है लेकिन सबसे बड़ी चुनौती यील्ड को लेकर है। अभी इस मामले में चीन किंग है।

    होंडा ने सबसे पहले इस तकनीक से लैस अपनी सिडैन कार सिटी को मार्केट में उतारा था। टोयोटा की हाईराइडर और मारुति सुजुकी की ग्रैंड विटारा भी इस तकनीक के साथ मार्केट में मौजूद हैं। हर महीने 10-12 हज़ार गाड़ियां सेल्फ चार्जिंग हाइब्रिड वाली बिक रही हैं। इसमें एक काफी छोटा बैटरी पैक लगा होता है, जो मोटर को पावर देता है। इसमें बैटरी को अलग से चार्ज नहीं करना होता। इंजन जेनरेटर की तरह काम करता है और लगातार बैटरी को चार्ज करता रहता है। इसका सिस्टम ख़ुद ही कार को कभी इलेक्ट्रिक तो कभी पेट्रोल मोड पर शिफ्ट करता रहता है। आम कारों के मुक़ाबले ये करीब 40 पर्सेंट तक ज़्यादा माइलेज देती हैं। कंपनियों का दावा है कि सिटी ट्रैफिक में करीब 60 फ़ीसदी वक़्त ये इलेक्ट्रिक मोड पर ही चलती हैं। इस तकनीक वाली कारों की क़ीमत 16-17 लाख रुपये से शुरू होती है। इस तकनीक वाली कारों को भी 8 से 10 लाख रुपये की रेंज में लाना होगा।

    US vs China Electric Cars: इंजन को कार की आत्मा कहा जाता है. यह इसलिए क्योंकि बिना इंजन के कार चल ही नहीं सकती. इसी तरह इलेक्ट्रिक कारों की बैटरी कार का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होती है. बैटरी के बिना इलेक्ट्रिक कार को चलाने के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता. लेकिन क्या आपने सोचा है कि क्या हो अगर एक चलती हुई इलेक्ट्रिक कार से उसकी बैटरी ही बाहर निकल जाए?

    जी हां, कुछ ऐसा ही हुआ चीन के सिचुआन प्रांत के एक मुख्य सड़क पर, जहां एक चलती इलेक्ट्रिक कार से बैटरी बाहर निकल गई. कार न्यूज चाइना के अनुसार, यह कार काओ काओ 60 (Cao Cao 60) है जिसे इसी साल मार्च में चीन में 119,800 युआन (17,500 डॉलर) में लॉन्च किया गया था. कंपनी इस कार में स्वैप होने वाली बैटरी देती है और इसे केवल एक मिनट के भीतर बदलने का दावा भी करती है. इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिसे शेयर करके लोग कार की क्वालिटी पर सवाल उठा रहे हैं.

  • छत्तीसगढ़ में फिर बड़े पैमाने पर राज्य प्रशासनिक अधिकारियों का ट्रांसफर

    छत्तीसगढ़ में फिर बड़े पैमाने पर राज्य प्रशासनिक अधिकारियों का ट्रांसफर

    छत्तीसगढ़ विधानसभा से पूर्व लगातार अधिकारियों के तबादले किए जा रहे हैं। इसी क्रम में शासन ने फिर बड़े पैमाने पर राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का ट्रांसफर किया है। इसमें कुल 27 डिप्टी कलेक्टरों का को नई जिम्मेदारी दी गई है।

  • DGP जुनेजा ने ली IG, SP की बैठक, कहा – ऑनलाइन जुआ, सट्टा और शराब के अवैध कारोबार पर लगाएं लगाम, चिटफंड मामले में दिए निर्देश…

    DGP जुनेजा ने ली IG, SP की बैठक, कहा – ऑनलाइन जुआ, सट्टा और शराब के अवैध कारोबार पर लगाएं लगाम, चिटफंड मामले में दिए निर्देश…

    रायपुर. पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों एवं रेंज पुलिस महानिरीक्षकों की बैठक ली. बैठक में विगत माह में जिलों द्वारा उपरोक्त अपराधों के विरूद्ध की गई कार्यवाही की समीक्षा की गई एवं पुलिस अधीक्षकों को ऑनलाइन गैम्बलिंग, जुआ, सट्टा, अवैध शराब एवं नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के विरूद्ध और अधिक प्रभावी कार्यवाही करने एवं इन गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ कठोर एवं प्रभावी वैधानिक तथा प्रतिबंधक कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए.

    बैठक में चिटफंड कम्पनियों के खिलाफ की जा रही कार्यवाही की भी समीक्षा की गई. पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया गया कि जिन प्रकरणों में विशेष न्यायालय द्वारा कुर्की, नीलामी का आदेश किया जा चुका है, उन प्रकरणों की सम्पत्तियों की शीघ्र नीलामी कर प्राप्त राशि निवेशकों को वापस की जाए. इस दिशा में त्वरित कार्यवाही करें.

    हर हफ्ते अपराधों की समीक्षा करेंगे एसपी

    आगामी प्रस्तावित विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सक्रिय अपराधियों एवं असामाजिक तत्वों को सूचीबद्ध कर कुख्यात अपराधियों के खिलाफ एनएसए एवं जिला बदर के तहत प्रभावी वैधानिक कार्यवाही करने एवं फरार अपराधियों एवं वारंटियों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए. पुलिस महानिदेशक ने सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया कि आगामी दिनों में पुलिस मुख्यालय द्वारा जिलों में की जा रही कार्यवाही की साप्ताहिक समीक्षा की जाए. पुलिस अधीक्षक विशेष रूचि लेकर इस दिशा में प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें.

  • छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव की तैयारी : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने ली बैठक, कहा – चुनाव में केंद्रीय एजेंसियों और राज्य के बेहतर समन्वय से लागू होगी कारगर सतर्कता प्रणाली….

    छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव की तैयारी : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने ली बैठक, कहा – चुनाव में केंद्रीय एजेंसियों और राज्य के बेहतर समन्वय से लागू होगी कारगर सतर्कता प्रणाली….

    रायपुर. आगामी विधानसभा निर्वाचन 2023 में व्यय अनुवीक्षण की तैयारियों के संबंध में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबासाहेब कंगाले की अध्यक्षता में इन्फोर्समेंट एजेंसियों की समीक्षा बैठक आज मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय छत्तीसगढ़ के सभाकक्ष में ली गई. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कंगाले ने बैठक में कहा कि आगामी विधानसभा निर्वाचन में केन्द्रीय एजेंसियों एवं राज्य के बेहतर समन्वय से कारगर सतर्कता प्रणाली लागू होगी.

    समीक्षा बैठक में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों, जैसे- पुलिस विभाग, आयकर विभाग आबकारी विभाग, वन विभाग, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल, केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, राजस्व आसूचना निदेशालय, परिवहन विभाग, नारकोटिक्स कन्ट्रोल ब्यूरो, केन्द्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क भारतीय रिज़र्व बैंक, भारतीय विमानपत्तन, स्टेट लेवल बैंकर्स कमिटी, डाक विभाग, विमानन विभाग एवं भारतीय रेल की स्थापित सतर्कता प्राधिकरण प्रणाली की विस्तृत समीक्षा की गई.

    भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार उपरोक्त एजेंसियों के नोडल अधिकारियों के साथ आगामी विधानसभा निर्वाचन 2023 के लिए निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण की तैयारियों की समीक्षा की गई एवं कार्य योजना बनाने के लिए चर्चा की गई. बैठक में सभी इन्फोर्समेंट एजेंसियों को सामान्य बिन्दुओं पर तैयारियों के लिए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया सभी इन्फोर्समेंट एजेंसियों को राज्य में संवेदनशीलता का आकलन कर वल्नरेबिलिटी मैप तैयार करने, निर्वाचन के लिए विभाग की तैयारी एवं विगत 6 महीनों में किए गए जब्ती की जानकारी तैयार किये जाने एवं निर्वाचन व्यय संवेदनशीलता की मैपिंग कर मॉनिटरिंग किए जाने के लिए निर्देशित किया गया.

    इन्फोर्समेंट एजेंसियों को रेल्वे स्टेशनों, ट्रकों, बसों, व्यावसायिक वाहनों के साथ ही हवाई अड्डों पर विशेष निगरानी रखने के लिए कहा गया. बैठक में बताया गया कि पिछले निर्वाचनों में किये गए जब्तियों के आधार पर जिलों में निगरानी रखी जाएगी. राज्य में प्रलोभन की दृष्टि से संवेदनशील ऐसे समस्त सीमावर्ती राज्यों के प्रवर्तन एजेंसियों से समन्वय स्थापित कर अंतर्राष्ट्रीय सीमा चेक पोस्ट नाकों पर सतत निगरानी आगामी समय में रखने के कड़ाई से निर्देश दिए गए. ऐसे सभी विधानसभा क्षेत्र जो सीमावर्ती राज्यों से सटे हों, उन पर विशेष निगरानी रखी जाएगी.

    बैठक में उड़नदस्ता एवं स्थैतिक निगरानी दल हेतु आवश्यक पुलिस बल तैनात किये जाने एवं आवश्यक जगहों पर चेक पोस्ट स्थापित किए जाने निर्देशित किया गया. 10 लाख से अधिक कैश की जब्ती के बारे में स्थापित प्रोटोकॉल से अवगत करवाया गया. आबकारी विभाग एवं अन्य विभागों को बॉर्डर चेक पोस्ट पर सीसीटीवी कैमरा स्थापित करने के निर्देश दिए गए. अवैध शराब वितरण एवं भण्डारण पर सतत नियंत्रण किये जाने के लिए योजना बनाने के लिए निर्देश दिए गए. आयकर विभाग को कैश मॉनिटरिंग करते हुए इन्टेलिजेंस यूनिट सक्रिय करने के लिए निर्देशित किया गया. संवेदनशील क्षेत्र, सेक्टर एवं रूट चिन्हित कर सभी इन्फोर्समेंट ऐजेंसियों को तैयारी करने एवं नकद संचलन की निगरानी पर विशेष ध्यान देने के लिए निर्देशित किया गया.

    राज्य एवं केन्द्रीय जीएसटी एजेंसी को वेयर हाऊस एवं गोडाउन पर विशेष निगरानी रखते हुए कपड़ा, साड़ी एवं अन्य प्रलोभन की वस्तुओं के अवैध वितरण पर रोक लगाने के लिए निर्देश दिये गए. नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो राज्य पुलिस बल एवं अन्य सुसंगत अथॉरिटी को आपसी समन्वय से कार्य संपादन करने, निजी एवं व्यावसायिक वाहनों पर भी विशेष निगरानी रखने के लिए निर्देशित किया गया. राज्य एवं केन्द्रीय जीएसटी एजेंसी को वेयर हाऊस एवं गोडाउन पर विशेष निगरानी रखते हुए कपड़ा, साड़ी एवं अन्य प्रलोभन की वस्तुओं के अवैध वितरण पर रोक लगाने के लिए निर्देश दिये गए. एनसीबी राज्य पुलिस बल एवं अन्य सुसंगत अथॉरिटी को आपसी समन्वय से कार्य संपादन करने, निजी एवं व्यावसायिक वाहनों पर भी विशेष निगरानी रखने के लिए निर्देशित किया गया.

    बैठक में बताया गया कि सभी इन्फोर्समेंट एजेंसियों को अंतर विभागीय प्रशिक्षण कराया जाएगा. सभी विभाग जिनके टोल फ्री नम्बर जो प्रचलित हैं, उन्हें सक्रिय करने के लिए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया. सभी इन्फोर्समेंट एजेंसियों को आपसी समन्वय स्थापित कर आगामी विधानसभा निर्वाचन 2023 में निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण कार्य संपादन करने के लिए निर्देशित किया गया.

  • बघेल कैबिनेट में बड़ा फेरबदल !, TS सिंहदेव, रविन्द्र चौबे, मोहन मरकाम और ताम्रध्वज साहू को नई जिम्मेदारी, जानिए किसे क्या मिला ?

    बघेल कैबिनेट में बड़ा फेरबदल !, TS सिंहदेव, रविन्द्र चौबे, मोहन मरकाम और ताम्रध्वज साहू को नई जिम्मेदारी, जानिए किसे क्या मिला ?

    रायपुर। छत्तीसगढ़ के भूपेश कैबिनेट के मंत्रियों के विभागों में बड़ा फेरबदल हुआ है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पास जो विभाग था, उसे मंत्री टीएस सिंहदेव को ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसके अलावा रविन्द्र चौबे से कृषि, पशु पालन, मछली पालन लेकर ताम्रध्वज साहू को सौंपा गया है.

    वहीं रविन्द्र चौबे को स्कूल शिक्षा और सहकारिता मंत्री बनाया गया है. इसके पहले ये विभाग प्रेमसाय सिंह साय टेकाम के पास था. वहीं मोहन मरकाम के पास अनुसूचित जाति, अनुसूची जनजाति अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक आयोग की कमान सौंपी गई है.

  • ऑनलाइन मिलने वाले आसान कर्ज का जाल खुशहाल परिवार ने की सामूहिक आत्महत्या….

    ऑनलाइन मिलने वाले आसान कर्ज का जाल खुशहाल परिवार ने की सामूहिक आत्महत्या….

    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सामूहिक खुदकुशी का केस सामने आया है. यहां एक ही परिवार के 4 लोगों ने सुसाइड कर लिया, रातीबड़ की शिव विहार कॉलोनी में रहने वाले भूपेंद्र विश्वकर्मा (38), उनकी पत्नी रितु (35), बेटे ऋतुराज (3) और ऋषिराज (9) ने सुसाइड किया है।

    पुलिस की तहरीर बताती है कि पति-पत्नी ने पहले अपने बच्चों को जहर दिया और इसके बाद खुद फांसी लगा ली. परिवार के इतना बड़ा कदम उठाने के पीछे की वजह कर्ज बताया जा रहा है.

    लेकिन ये कर्ज केसे हुआ ये कहानी बहुत ही दिलचस्प है

    पुलिस को मौके से जो सुसाइड नोट मिला है। इसमें इस कर्ज की पूरी कहानी कही गई है

    आगे आप जो पढ़ने जा रहे हैं वो भूपेन्द्र सिंह का लिखा सुसाइड नोट है भूपेंद्र लिखते हैं

    “समझ में नहीं आ रहा क्या करें और क्या न करें, नहीं पता हमारे इतनी सी छोटी सी प्यारी सी फेमिली को किसकी नजर लग गई।

    हमारे परिवार के लोगों से हम सबसे हाथ जोड़कर माफी मांगना चाहते हैं। हमसे जुड़े सभी लोग मेरे कारण काफी ज्यादा परेशान हो गए। मेरी एक गलती की वजह से।

    हम अपने परिवार के साथ खुशी-खुशी जी रहे थे, लेकिन अप्रैल के माह में मुझे मेरे फोन पर एक ऑनलाइन काम से वॉट्सऐप पर मैसेज आया। फिर टेलीग्राम पर पुन: ऑफर आया। थोड़े से पैसे एक्स्ट्रा के चलते में और जरूरत के लिए एक्स्ट्रा वर्क करने के लिए एग्री हो गया। जिसके लिए ज्यादा समय भी नहीं देना था, तो मैंने शुरू कर दिया। जिसमें मुझे शुरू में थोड़ा फायदा तो हुआ पर धीरे-धीरे एक दलदल में धंसने लगा और थोड़ा सा भी समय मिलता तो मैं उस काम को करने लगता था,

    लेकिन काम का लोड इतना ज्यादा हुआ कि मैं अपने काम के साथ इस काम में लगे पैसों का हिसाब नहीं बना पाया। इन पैसों का उपयोग भी घर पर नहीं कर पाया था। उसके पहले ही मुझ पर काम का दबाव ज्यादा आने लगा। जब मेरे पास पूरे पैसे खत्म हो गए तो कंपनी वाले लोन और एग्रीमेंट का कहने लगे। मैंने मना किया, क्योंकि मेरा सिविल खराब था।

    कंपनी वालों के कहने पर ट्राय किया तो तुरंत लोन मिलता चला गया जो कि कंपनी में पानी की तरह लगाता रहा। इस काम को शुरू करने के पहले मैंने वेबसाइट चेक की थी जो कि ई-कॉमर्स बेस्ड कंपनी है। ऐप पर TRP के लिए काम करवाती है। www.csyonllem.com जो कि 2022 आफ्टर कोविड स्टार्ट कर दिया था, जो कि कोलंबिया की थी,

    इसके चलते मैंने शुरू कर परंतु पता नहीं था कि इस मोड़ पर आकर खड़े हो जाएंगे कि हमारे पास कोई रास्ता नजर नहीं आएगा। ऑनलाइन जॉब का शिकार होने के बाद मुझे लगा अब थोड़ा सा और, इसके बाद पैसे मिलते ही मैं सब का लोन क्लियर कर ये सब छोड़ दूंगा। लेकिन, मैं समझ नहीं पाया कि इतना सब कुछ हो जाएगा।

    मुझ पर ऑनलाइन जॉब वालों ने लोन का कर्ज इतना कर दिया कि मैं खुद भी हैरान होता चला गया। मैं समझ गया कि मेरे साथ फ्रॉड हुआ है। इसकी जानकारी देने साइबर क्राइम ऑफिस गया, पर वहां पर अधिकारी न होने के कारण और अवकाश के चलते टल गया।

    आज नौकरी भी जाने की नौबत आ गई है। मुझे अपना और मेरे परिवार का भविष्य नहीं दिखाई दे रहा। मैं अब किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं हूं। मैं अपने परिवार से कैसे नजर मिला पाऊंगा।

    मैं बस यही कहता हूं कि अपनी अम्मा जी, बाबूजी, पापा जी, मम्मी जी, भईया-भाभी, मेरी प्यारी बहनों, मेरी प्यारी सी बेटी, मैं तुम सबके सामने कैसे आऊं, नजर कैसे मिलाऊं,

    सबसे ज्यादा अब इस बात का डर है। कहीं भविष्य में मेरी बेटी की शादी में कोई परेशानी न आए,

    इसलिए मैं और वाइफ विद स्मॉल फैमिली, रिशु, किशु किसी को तकलीफ में नहीं छोड़ सकता। इसीलिए उन्हें भी मैं अपने साथ ले जा रहा हूं। सबसे पुन: माफी मांगता हूं।

    भूपेंद्र ने सुबह 4 बजे अपनी भतीजी रिंकी को व्हाट्सऐप पर सुसाइड नोट सेंड किया था. और इस आखिरी सेल्फी को सेंड किया था. उन्होंने फोटो के नीचे कैप्शन भी दिया जिसमे लिखा था ‘यह मेरे परिवार की आखिरी सेल्फी है, आज के बाद हम कभी नहीं दिखेंगे’

    भतीजी रिंकी ने सुबह 6 बजे अपने चाचा भूपेंद्र का मैसेज देखा और घर वालों को जानकारी दी. रिंकी भी भोपाल के मंडीदीप में एक धागा फैक्ट्री में काम करती है.

    भूपेंद्र के चचेरे भाई पंकज कह रहे हैं कि उनके साथ साइबर क्राइम हुआ, उनका मोबाइल और लैपटॉप कंपनी ने हैक कर लिया था और उसमे जितने भी प्राइवेट वीडियो थे उन्हें मोबाइल में सेव्ड कॉन्टेक्ट्स में भेज दिया था. कंपनी भूपेंद्र विश्वकर्मा को उनकी निजी तस्वीरें और वीडियो परिचितों को भेजने की धमकी दे रही थी और पैसों की डिमांड कर रही थी. हमारे परिवार के लोगों के पास उनके वीडियो पहुंच रहे थे. भइया ने अपने रिश्तेदारों को मैसेज कर बताया भी था कि इन अश्लील वीडियो और फोटोज को वो नहीं भेज रहे हैं. पंकज ने बताया कि दो दिन पहले ही हमारी बात हुई थी. भइया परेशान हो चुके थे. उनसे 17 लाख रुपए की डिमांड की जा रही थी. भइया ने अपने तीनों बैंक खातों को खाली कर दिया था, वो कर्ज में डूब गए थे.

    भोपाल DCP साईं कृष्णा थोटा ने इस घटना के बारे मे कहा कि “प्रारंभिक जांच में पता चला है कि परिवार कर्ज में था. इन्होने ऑनलाइन वर्क के लिए ऑनलाइन ऐप डाउनलोड किए थे. ये ऐप्स मोबाइल में इंसटाल होते ही फोन में सेव कॉन्टेक्ट्स, फोटोज और लोकेशन जैसी चीज़ों पर अपना कंट्रोल पा लेते हैं. ऑनलाइन लोन देने वाली कंपनियां इन्ही फोटोज और कॉन्टेक्ट्स लिस्ट का गलत इस्तेमाल कर यूजर को ब्लैकमेल करती हैं. हमने परिवार के बैंक अकाउंट्स, फोन, लैपटॉप को जाँच के लिए भेज दिया है. परिवार के जिन लोगों के पास एक्सटॉर्शन के कॉल गए थे, उनसे बात कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • शिव मंदिर भगत तालाब में भव्यता से मनाई गई शिवरात्रि…

    शिव मंदिर भगत तालाब में भव्यता से मनाई गई शिवरात्रि…

    खरसिया। सावन महिने के पावन अवसर पर खरसिया में स्थित नगर के प्रसिद्ध शिव मंदिर भगत तालाब में शिवरात्रि का पर्व शिव परिवार द्वारा बडे ही धूमधाम एवं भव्यवतापूर्वक मनाया गया। इस दौरान शिव परिवार द्वारा शिवरात्रि के पावन पर्व पर देवो के देव भगवान महादेव का विशेष रूप से श्रृंगार किया गया। शाम को भजन संध्या के पश्चात् भगवान भोलेनाथ की महाआरती की गयी तथा भक्तों का प्रसाद का वितरण किया गया।
    विदित हो कि श्रावण मास भगवान शिव को अत्यधिक प्रिय है, प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी खरसिया के विभिन्न शिव मंदिरों में सावन शिवरात्रि के अवसर पर बडी संख्या में भगवान भोले शंकर के भक्तों द्वारा  पूजा अर्चना की गई। इसी कडी में खरसिया के प्रसिद्ध भगत तालाब जो कि अपनी रंगीन मछ़लियों की वजह से पूरे छत्तीसगढ में मछली तालाब के नाम से प्रसिद्ध है वहां स्थित शिव मंदिर में शिव परिवार द्वारा सावन मास के शिवरात्रि के अवसर पर पूरे मंदिर को फूलों एवं रंगीन झालरों से सजाया गया था। शिवरात्रि के पावन आवसर पर शिव मंदिर भगत तालाब में भगवान शिव के भक्तों का दिन भर तांता लगा रहा। वहीं शिव परिवार द्वारा शिव मंदिर में शिवरात्री का पर्व बडे ही धूमधाम से मनाते हुए भोले भंडारी का विशेष रूप से श्रृगांर किया गया तथा उन्हें बाबा बर्फानी के रूप में  सजाया गया था शिव मंदिर भगत तालाब में रात्रि 7 बजे से बाबा के भक्तों द्वारा भोले शंकर एवं माता पार्वती के भजनों से बाबा को भाव विभोर किया गया। इस दौरान बाबा भोलेनाथ के भक्त बाबा के भजनों पर मस्ती के साथ थिरकते दिखे वहीं रात्रि में शिव परिवार द्वारा भगवान भोलेनाथ की आरती पश्चात प्रसाद का वितरण किया गया। इस दौरान शिवमण्ड़ल के संतोष अग्रवाल, विजय अग्रवाल, श्याम सुन्दर अग्रवाल, सुनील अग्रवाल, दिनदयाल अग्रवाल, मुन्ना अग्रवाल, नारायण चक्रधारी, मनीष अग्रवाल, सतीश अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल, कन्हैया राठौर, राधे अग्रवाल, महिला मण्ड़ल की शकुन्तला देवी अग्रवाल, शिल्पा अग्रवाल, रेखा अग्रवाल, नंदिनी गोयल सहित नगर के अन्य शिवभक्त उपस्थित थे।

  • मोहन मरकाम ने ली मंत्री पद की शपथ:राजभवन में राज्यपाल ने दिलाई शपथ, समारोह में सीएम भूपेश बघेल भी रहे मौजूद…

    मोहन मरकाम ने ली मंत्री पद की शपथ:राजभवन में राज्यपाल ने दिलाई शपथ, समारोह में सीएम भूपेश बघेल भी रहे मौजूद…

    राजभवन में मोहन मरकाम ने मंत्री पद की शपथ ले ली है। राज्यपाल बिस्वा भूषण हरिचंदन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह में सीएम भूपेश बघेल के साथ मुख्य सचिव अमिताभ जैन भी मौजूद रहे। राष्ट्रगान के बाद समारोह का समापन हुआ।

    कांग्रेस में हुए बदलाव पर मरकाम ने क्या कुछ कहा था, सिलसिलेवार पढ़िए..

    ये किस तरह का फेरबदल है, चुनाव को 4 महीने पहले ऐसा फैसला क्यों ? ..

    • हाईकमान समय-समय पर किस नेता की कहां उपयोगिता है इसे देखता है और वहां ड्यूटी देती है। मेरा कार्यकाल पूरा हो गया था, तीन साल का कार्यकाल था और मैंने एक साल अतिरिक्त काम किया और इस बीच संगठन को मजबूती देने का काम किया।
    • राष्ट्रीय अधिवेशन हम पहली बार छत्तीसगढ़ में आयोजित करने में सफल रहे। साढ़े 19 लाख मैंबरशिप किए, पांचों उपचुनाव जीते, 14 नगर निगम जीते और हर चुनाव में जीत हासिल की। अब बस्तर के ऊर्जावान सांसद दीपक बैज को प्रदेश कांग्रेस कमेटी की बागडोर सौंपी है। हम सब मिलकर सारे कार्यकर्ता एकजुटता के साथ काम करेंगे। और 2023 में सरकार बनाने में सफल होंगे।

    क्या इस फैसले के बारे में आपको पहले पता चला था ? ..

    • कल हाईकमान ने बता दिया था कि आपको प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटाकर दूसरी जिम्मेदारी दे रहे हैं। हांलाकि दूसरी जिम्मेदारी क्या है ये नहीं बताया गया था। लेकिन आज पता चला कि मंत्रिमंडल, सरकार में काम करने का मुझे मौका मिलेगा।
    • संगठन में मैंने 4 साल काम किया, अब सरकार में भी जनता की सेवा करने का मौका मिला है। मैं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश प्रभारी कुमारी सेलजा, राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी समेत सभी वरिष्ठ नेताओं को धन्यवाद देता हूं।

    चुनाव में चार महीने का वक्त है, और अब आप कैसे काम करेंगे ? ..

    हमारे लिए 1 या 2 दिन भी पर्याप्त है, काम को काम की तरह करें तो बहुत सी संभावनाएं रहती है। हम कोशिश करेंगे की 4 महीने के कार्यकाल में भी अपनी पहचान बनाएं।

    सत्ता और संगठन में बैलेंस करने के लिए आपको मंत्री बनाया गया ? ..

    कोई खींचतान नहीं है। अगर खींचतान रहती तो हम कोई भी चुनाव नहीं जीतते। सत्ता और संगठन में तालमेल के साथ लगातार हमने काम किया है। इसलिए हम सभी चुनाव जीतने में सफल हुए। सीएम भूपेश बघेल की सरकार की उपलब्धियों, नीतियों और योजनाओं को भी कार्यकर्ताओं के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया। यही हमारे लिए बड़ी उपलब्धि है।

    शिक्षाकर्मी से लेकर अब तक के अपने सफर पर क्या कहेंगे ? ..

    कांग्रेस में प्रवेश तो मैंने 1990 में ही कर लिया था। जब मैं कक्षा 12 में था, तब शहीद महेन्द्र कर्मा के सानिध्य में मैंने कांग्रेस पार्टी जॉइन की, और तब से हम लगातार काम करते रहे। हम चुनौतियों को भी चुनौती की तरह लेंगे और हर काम में सफल होंगे।

    धनेन्द्र साहू को मंत्री पद की जिम्मेदारी दी जा सकती है ? ..

    इसकी कोई जानकारी मुझे नहीं है।

    अब जानिए कौन हैं मरकाम

    मोहन मरकाम का जन्म एक किसान परिवार में कोंडागांव जिले के टेंडमुण्डा गांव में 15 सितंबर 1967 हुआ था। उनके पिता भीखराय मरकाम एक किसान थे। मरकाम ने शासकीय सेवा के रूप में शिक्षाकर्मी वर्ग 1 व शिक्षाकर्मी वर्ग 2 के रूप में भी काम किया। इसके अलावा उन्होंने कुछ दिनों तक भारतीय जीवन बीमा निगम में विकास अधिकारी और भारतीय स्टेट बैंक लाइफ में सीनियर एजेंन्सी मैनेजर के रूप में भी काम किया। लेकिन राजनीति में आने के लिए उन्होंने नौकरी छोड़ दी।

    अब तक का सियासी सफर..

    • 1990 में महेंद्र कर्मा की मौजूदगी में कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता ली थी।
    • 1993, 1998, 2003 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी से टिकट की दावेदारी भी की। लेकिन टिकट नहीं मिली।
    • 2008 में मरकाम को पहली बार कोंडागांव सीट से चुनावी मैदान में लता उसेंडी के सामने उतारा था। जिसमें उन्हें 2771 मतों से हार का सामना करना पड़ा था।
    • 2013 के चुनाव में पार्टी ने उन्हें फिर चुनावी मैदान में उतारा। इस चुनाव में भी मरकाम को हार का सामना करना पड़ा था।
    • 2018 विधानसभा चुनाव में पार्टी ने एक बार फिर मोहन मरकाम पर भरोसा दिखाया और इस बार उन्होंने भाजपा की लता उसेंडी को भारी मतों से हराया था।
    • 2018 में बंपर जीत के बाद कांग्रेस ने PCC के तत्कालीन अध्यक्ष भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री बनाया, और फिर मोहन मरकाम को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली।
  • दुष्कर्मी के बच्चे को जन्म देने के लिए पीड़िता को मजबूर नहीं किया जा सकता’, हाईकोर्ट की बड़ी टिप्पणी…

    दुष्कर्मी के बच्चे को जन्म देने के लिए पीड़िता को मजबूर नहीं किया जा सकता’, हाईकोर्ट की बड़ी टिप्पणी…

    उत्तर प्रदेश। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बारह साल की उम्र में दुष्कर्म का शिकार हुई पीड़िता के 25 सप्ताह के गर्भ से जुड़े मामले में अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी भी महिला को दुष्कर्मी के बच्चे को जन्म देने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।

    न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी तथा न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार की खंडपीठ ने बलात्कार पीड़िता की मां की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि एक महिला को गर्भावस्था के समापन से मना करने और उसे मातृत्व की जिम्मेदारी से बांधने से उसके सम्मान के साथ जीने के मानव अधिकार से इनकार करना होगा। दुष्कर्म पीड़िता को अपने शरीर की स्थिति का निर्णय लेने का पूरा अधिकार है।

    कोर्ट ने प्रकरण की संवदेनशीलता को देखते हुए मानवीय आधार पर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति को जवाहर लाल मेडिकल कॉलेज अलीगढ़ के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के पांच चिकित्सकों की टीम गठित कर पीड़िता की मेडिकल जांच कराने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि टीम में एनेस्थेटिस्ट, रेडियो डॉयग्नोसिस विभाग के एक-एक सदस्यों को भी शामिल किया जाया।

    बता दें कि दुष्कर्म पीड़िता गूंगी बहरी है। उसके पड़ोसी ने कई बार उसका यौन शोषण किया। जिसकी जानकारी उसने अपनी मां को सांकेतिक रूप से दी थी। इसके बाद मां की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी। 16 जून 2023 को पीड़िता की मेडिकल जांच कराई गई तो 23 सप्ताह के गर्भ का पता चला था। 27 जून को मामले को मेडिकल बोर्ड के समक्ष रखा गया तो यह राय दी गई कि गर्भावस्था 24 सप्ताह से अधिक है। इसलिए गर्भपात कराने से पहले अदालत की अनुमति की आवश्यकता है। मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी अधिनियम की धारा तीन के अनुसार किसी महिला की गर्भावस्था को समाप्त करने का समय 20 सप्ताह से अधिक नहीं है। केवल विशेष परिस्थितियों में गर्भपात की अनुमति दी जा सकती है। यह देखा जाएगा कि महिला के जीवन या शारीरिक स्वास्थ्य को कोई गंभीर नुकसान तो नहीं होगा।

  • चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा फैसला, दीपक बैज को बनाया छत्तीसगढ़ का प्रदेश अध्यक्ष, बैज के सामने यह होगी चुनौतियां…

    चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा फैसला, दीपक बैज को बनाया छत्तीसगढ़ का प्रदेश अध्यक्ष, बैज के सामने यह होगी चुनौतियां…

    चुनाव से पहले कांग्रेस के संगठन में बड़ा बदलाव किया है. लोकसभा सांसद दीपक बैज को प्रदेश अध्यक्ष की कमान दी गई है. अब तक इस पद पर कांग्रेस विधायक मोहन मरकाम जिम्मेदारी संभाल रहे थे. लंबे समय से मोहन मारकम को हटाए जाने की चर्चा हो रही थी. अब कांग्रेस राष्ट्रीय नेतृत्व ने बस्तर के आदिवासी नेता दीपक बैज को प्रदेश की कमान सौप दी है. दीपक बस्तर सीट से लोकसभा के सांसद हैं.
    पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बैज को छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है. छत्तीसगढ़ में इस साल नवंबर-दिसंबर में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित है. इस समय राज्य में कांग्रेस की सरकार है.

    विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस की ये दूसरी बड़ी नियुक्ति है. इससे पहले कांग्रेस ने पार्टी के सीनियर नेता और छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री टीएस सिंह देव को राज्य का डिप्टी सीएम बनाया था.

    सीएम बघेल ने दी बधाई

    दीपक बैज को राज्य के सीएम भूपेश बघेल ने नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई दी है. उन्होंने ट्वीट किया, “छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री दीपक बैज जी को नए दायित्व के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं. हमारे निवर्तमान अध्यक्ष श्री मोहन मरकाम जी का संगठन का सफल नेतृत्व करने के लिए आभार.”

    कौन हैं दीपक बैज?

    दीपक बैज बस्तर के आदिवासी नेता हैं. वे ऑल इंडिया आदिवासी कांग्रेस के उपाध्यक्ष हैं. चित्रकूट विधानसभा सीट से विधायक (2013 से 2018) रहे हैं. फिलहाल वो बस्तर लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं.

    दीपक बैज के सामने होंगी चुनौतियां

    छत्तीसगढ़ में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं. कुछ दिनों पहले दिल्ली में छत्तीसगढ़ को लेकर कांग्रेस हाई कमान की बैठक हुई थी. इस बैठक में इस बात पर जोड़ दिया गया कि पार्टी के नेता एकजुट होकर विधानसभा चुनाव के मैदान में उतरे. कांग्रेस के सामने सरकार को दोहराने की चुनौती है. विपक्षी दल बीजेपी लगातार कांग्रेस सरकार को घेर रही है. ऐसे में आने वाले समय में दीपक बैज के सामने चुनौतियां कम नहीं होंगी. संगठन के नेताओं को साथ लेकर सामंजस्य बैठाने का काम भी प्रदेश अध्यक्ष के कंधे पर होता है.