Author: Sunil Agrawal

  • “पत्र वाहक को पाँच पेटी गोवा देने का कष्ट करें”, अजय चंद्राकार का आरोप- निष्पक्ष चुनाव असंभव है, शराब के जरिए कांग्रेस जीतना चाहती है

    “पत्र वाहक को पाँच पेटी गोवा देने का कष्ट करें”, अजय चंद्राकार का आरोप- निष्पक्ष चुनाव असंभव है, शराब के जरिए कांग्रेस जीतना चाहती है

    धमतरी। नगरीय निकाय चुनाव के लिए मतदान को कुछ दिन ही बचे हैं. लेकिन इस बीच सोशल मीडिया पर एक पत्र जमकर वायरल हो रहा है. जिसमें लिखा है- “पत्र वाहक को पाँच पेटी गोवा देने का कष्ट करें”. इस पत्र में सुमित नाम के प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का सील लगा हुआ है. साथ ही इसमें एक मोबाइल नंबर 9424213858 दर्ज है. इस वायरल पत्र ने सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है. सभी जानने चाहते हैं कि यह पत्र वायलर कहाँ से हुआ है ? हालांकि यह पत्र धमतरी और उसमें कुरुद में खूब वायलर हो रहा है. इस पत्र को लेकर अब विपक्ष की ओर कुरूद विधायक अजय चंद्राकर ने सरकार पर कई आरोप लगा दिए हैं।

    अजय चंद्राकर ने कहा कि कुरुद के शराब दुकानों में यह पर्ची चल रही है. चंद्राकर ने इसे ट्वीट करते हुए लिखा है कि –

    “पूरे प्रदेश में यही आलम चल रहा है.. यह पर्ची धमतरी क्षेत्र में चल रही है। मैं जानना चाहता हूँ कि शराब बंदी वाली सरकार क्या शराब पर्ची पर चुनाव जीतने की कोशिश कर रही है”

    वहीं उन्होंने बातचीत में कहा कि पूरे प्रदेश में कांग्रेस ने जो व्यवस्था लागू की. निष्पक्ष चुनाव असंभव है. सरकार असहाय है. शराब के आधार पर चुनाव जीतने का सपना देख रही. निर्वाचन आयोग को उच्च स्तरीय जाँच करनी चाहिए. पार्टी की ओर से शिकायत की जाएगी।

  • निर्भया कांड में इंसाफ के लिए 7 साल लंबा इंतजार क्यों?…

    निर्भया कांड में इंसाफ के लिए 7 साल लंबा इंतजार क्यों?…

    पूरे सात साल हो गए निर्भया केस को। वो 16 दिसंबर 2012 था। आज 17 दिसंबर 2019 है। इन सात लंबे सालों में निर्भया के गुनहगार तो अपने अंजाम तक नहीं पहुंच पाए। अलबत्ता सोमवार को उन्नाव रेप मामले में विधायक कुलदीप सेंगर को दिल्ली की एक अदालत ने रेप और अपहरण का दोषी जरूर करार दे दिया।

    अब सजा का एलान मंगलवार को होगा। पर निर्भया केस का क्या होगा? आखिर निर्भया के गुनहगारों की फांसी कहां लटकी है। तो आइए निर्भया केस के सात साल पूरे होने के मौके पर इन सात सालों का हिसाब-किताब देखते हैं।

    16 दिसंबर 2012 से 17 दिसंबर 2019कहां तो तब ऐसा लग रहा था कि बस अब इंसाफ हुआ कि तब इंसाफ हुआ। बातें हो रही थीं कि देख लेना साल भर के अंदर लटका दिए जाएंगे सारे। मगर साल दर साल बीतता गया। सातवां साल आ गया। शायद ये साल भी बीत जाता। क्या पता बीत भी जाए।

    वो तो हैदराबाद की डाक्टर और उन्नाव की उस लड़की ने एक बार फिर देश को गुस्सा दिलाया तब जाकर हमें याद आया कि अरे निर्भया के गुनहगारों की तो अब तक फांसी नहीं हुई है। बस फिर क्या था याद आते ही अब फांसी, फांसी के तरीके, पांसी के कानून, फांसी की तारीख फांसी की रस्सी, पांसी का फंदा सब पर बातें होने लगीं।

    क्यों लगा इतना वक्तनिर्भया केस किस रफ्तार से आगे बढ़ा, पिछले सात सालों में कब क्या हुआ। साल-दर साल इसकी पड़ताल करें उससे पहले जरूरी है। जरूरी है कि इस वक्त केस किस मोड़ पर खड़ा है। आगे क्या होगा। कब तक फांसी होगी।

    किस तारीख तक फांसी हो सकती है। किस दिन ब्लैक वॉरंट जारी होगा। इन कानूनी पहलुओं को जान और समझ लें। फिलहाल निर्भया के चारों गुनहगार यानी मुकेश, पवन, अक्षय और विनय की फांसी के बीच पांच कानूनी अड़चनें हैं।

    पहली क़ानूनी अड़चन

    निर्भया की मां ने फांसी में हो रही देरी को लेकर इसी साल अक्तूबर में पटियाला हाउस कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। उस याचिका पर सुनवाई करते हुए पटियाला हाउस अदालत ने तिहाड़ जेल के डीजी को नोटिस जारी कर चारों कैदियों के केस की ताजा रिपोर्ट मांगी। 13 दिसंबर को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए चारों दोषियों से बातचीत करने के बाद अदालत ने 18 दिसंबर को सुनवाई की अगली तारीख रखी है।

    दूसरी क़ानूनी अड़चन

    दूसरी अड़चन ये है कि 10 दिसंबर को एक और गुनहगार अक्षय ने सुप्रीम कोर्ट में फांसी की सजा को लेकर रिव्यू पिटिशन दाखिल कर दिया था। उस याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 17 दिसंबर दोपहर दो बजे का वक्त दिया है।

    तीसरी क़ानूनी अड़चन

    तीसरी अड़चन ये है कि 17 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद भी 18 दिसंबर को पटियाला कोर्ट में सुनवाई होगी। फिर पटियाला हाउस कोर्ट कैदियों के आगे की हक के बारे में कोई फैसला दे सकता है।

    चौथी क़ानूनी अड़चन

    चौथी अड़चन ये है कि मुकेश और पवन कहीं अदालत के सामने कह दें कि वो भी राष्ट्रपति से रहम की अपील करेंगे तो बहुत मुमकिन है कि उन्हें भी ये मौका मिल जाए। इससे फांसी कुछ और दिन टल सकती है। हालांकि ये भी हो सकता है कि 18 दिसंबर को अदालत ये साफ कर दे कि इतने वक्त तक आप लोगों ने राष्ट्रपति से रहम की अपील क्यों नहीं की?और इस बिनाह पर उसकी अर्जी नामंजूर कर दे। या ये भी हो सकता है कि बाकी दोनों दया के लिए राष्ट्रपति के पास जाएं ही नहीं। ऐसी सूरत में बहुत मुमकिन है कि चारों को जल्दी फांसी दे दी जाए। पर ये जल्दी भी एक-दो हफ्ते का वक्त तो ले ही लेगी।

    पांचवीं क़ानूनी अड़चन

    2014 के सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के तहत दया याचिका खारिज होने और ब्लैक वारंट जारी होने पर भी फौरन फांसी नहीं दी जा सकती। सुप्रीम कोर्ट कहता है कि ब्लैक वारंट जारी होने के बाद फांसी पर चढ़ाए जाने वाले शख्स को कम से कम 14 दिन का वक्त दिया जाना चाहिए।

    ताकि इस दौरान वो अपने सारे अधूरे काम जिनमें वसीयत करने से लेकर रिश्तेदारों से मिलना शामिल है, वो सब पूरी कर सके। इस हिसाब से भी फांसी में कम से एक-दो हफ्ते का वक्त लग जाएगा।वैसे ये सारी कानूनी अड़चनें तो अभी के लिए और अभी की हैं। अब सवाल उठता है कि निर्भया जैसे केस में जिसमें फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सिर्फ नौ महीने के अंदर अपना फैसला सुना दिया था। उसके बाद भी फांसी देने में सात साल क्यों लग गए?

    इस केस का एक और अजीब पहलू है। अब ये इत्तेफाकन है या इसके पीछे फांसी की तारीख टालने की साजिश तो नहीं। निर्भया के चारों गुनहगरों ने अभी तक अपने आखिरी कानूनी अधिकार या रहम की अपील के मानवीय अधिकार का इस्तेमाल ही नहीं किया है।

    अगर एक ने पुनर्विचार याचिका दायर नहीं की तो दूसरे ने रहम की अपील ही नहीं की। एक ने तो दोनों में से अब तक कुछ भी नहीं किया। निर्भया केस का पहला फैसला फास्ट्र ट्रैक कोर्ट ने सिर्फ 9 महीने में यानी 2013 में ही सुना दिया था।

    इसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने भी बहुत ज्यादा वक्त नहीं लिया। साल भर में हाई कोर्ट से भी फैसला आ गया। अलबत्ता सुप्रीम कोर्ट ने जरूर करीब सवा तीन साल लिए फैसला सुनाने में। मगर उसके बाद आखिरी के दो साल में इस केस में कुछ हुआ नहीं था।

  • अमित शाह की दो-टूक- जितना भी विरोध कर लें…नागरिकता कानून पर नहीं झुकेगी सरकार…

    अमित शाह की दो-टूक- जितना भी विरोध कर लें…नागरिकता कानून पर नहीं झुकेगी सरकार…

    नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ जारी प्रदर्शन के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने बयान दिया है। दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि बाहर से आए अल्पसंख्यक शरणार्थियों को हमारी सरकार नागरिता जरूर देगी।विपक्ष को जो राजनीतिक विरोध करना है वो करें। बीजेपी और मोदी सरकार अडिग है। उन्होंने कहा कि शरणार्थियों को नागरिकता मिलेगी। वे भारत के नागरिक बनेंगे और सम्मान के साथ दुनिया में रहेंगे।

    गृह मंत्री ने कहा कि विपक्ष देश के लोगों को गुमराह कर रहा है। मैं दोहराता हूं कि किसी भी अल्पसंख्यक समुदाय के किसी भी व्यक्ति की नागरिकता छीनने का कोई सवाल ही नहीं है। विधेयक में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।कांग्रेस पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा कि मैं कांग्रेस पार्टी से कहना चाहता हूं कि यह नेहरू-लियाकत समझौते का हिस्सा था, लेकिन 70 साल से लागू नहीं हुआ, क्योंकि आप वोट बैंक बनाना चाहते थे। हमारी सरकार ने संधि को लागू किया है और लाखों-करोड़ों लोगों को नागरिकता दी है।

    राष्ट्रपति से मिले विपक्षी दल के नेताएक ओर जहां अमित शाह नागरिकता कानून पर अडिग रहने की बात कर रहे हैं तो वहीं विपक्षी दल के नेता इसे वापस लेने के लिए मंगलवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिले। राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद सोनिया गांधी ने कहा कि नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों और दिल्ली में हालात तनावपूर्ण हैं। हमने राष्ट्रपति से मामले में दखल देने को कहा है।कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष ने कहा कि पुलिस जामिया यूनिवर्सिटी में छात्राओं के हॉस्टल में घुसी। प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक हक है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार जनता की आवाज दबा रही है। वहीं टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि हमने राष्ट्रपति से अनुरोध किया है कि वह सरकार को तुरंत नागरिकता संशोधित कानून को वापस लेने की सलाह दें।

    कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यह कानून बांटने वाला है। सरकार को देश और नागरिकों की चिंता नहीं है। विपक्ष को पता था कि देश इस कानून को खारिज कर देगा। यही हो रहा है।

    आईआईटी और आईआईएम जैसे संस्थानों में प्रदर्शन हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि असम में 5 लोगों की मौत हो गई। 21 लोग घायल हो गए। पहले कश्मीर, फिर नॉर्थ ईस्ट और अब पूरा देश।

  • आइये जानते हैं, क्या है नागरिकता कानून, क्यों है विवाद, किसे मिलेगा लाभ

    आइये जानते हैं, क्या है नागरिकता कानून, क्यों है विवाद, किसे मिलेगा लाभ

    नागरिकता संशोधन कानून पर देश भर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि केंद्र सरकार इस पर कदम पीछे हटने को तैयार नहीं है। लोकसभा और राज्यसभा में बिल पास होने के बार राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के साथ ही नागरिकता संशोधन विधेयक ने कानून की शक्ल ले ली। इस कानून ने बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के धार्मिक अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता मिलने का रास्ता खुल गया है। मगर देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी है। इसके बावजूद देशवासियों के मन में इस कानून को लेकर कई सारे सवाल हैं। यहां हम आपको इससे जुड़े हर सवाल का जवाब दे रहे हैं…


    क्या कहता है कानून


    31 दिसंबर, 2014 या उससे पहले भारत आने वाले पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के छह धर्मों के अल्पसंख्यकों को घुसपैठिया नहीं माना जाएगा
    नागरिकता अधिनियम, 1955 अवैध प्रवासियों को भारतीय नागरिकता प्राप्त करने से प्रतिबंधित करता है


    इसके तहत अवैध प्रवासी वह है:


    जिसने वैध पासपोर्ट या यात्रा दस्तावेज़ों के बिना भारत में प्रवेश किया हो
    जो अपने निर्धारित समय-सीमा से अधिक समय तक भारत में रहता है।
    इस लाभ को देने के लिए विदेशी अधिनियम, 1946 और पासपोर्ट अधिनियम, 1920 के तहत भी छूट देनी होगी
    वर्ष 1920 का अधिनियम विदेशियों को अपने साथ पासपोर्ट रखने के लिये बाध्य करता है
    1946 का अधिनियम भारत में विदेशियों के आने-जाने को नियंत्रित करता है
    कानून में इन देशों और धर्मों का जिक्र
    अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश के धार्मिक अल्पसंख्यकों को मिलेगा लाभ
    इन देशों के छह धर्म के अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता मिलने का रास्ता खुला
    ये छह धर्म हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, ईसाई, पारसी और ईसाई शामिल हैं


    इन शर्तों को पूरा करना होगा


    जिस तारीख से आवेदन करना है, उससे पहले 12 महीनों से भारत में रहना होगा
    कम से कम पांच साल भारत में बिताना जरूरी
    इन राज्यों में कानून लागू नहीं
    संविधान की छठी अनुसूची में शामिल राज्य व आदिवासी क्षेत्रों में संविधान संशोधन कानून लागू नहीं होगा। ये प्रावधान बंगाल ईस्टर्न फ्रंटियर रेगुलेशन, 1873 के तहत अधिसूचित ‘इनर लाइन’ क्षेत्रों पर भी लागू नहीं होंगे।
    असम : कारबी आंगलोंग जिला, बोडोलैंड, नार्थ चाछर हिल्स जिला
    मेघालय : खासी हिल्स, जयंतिया हिल्स और गारो हिल्स जिले
    मेघालय में सिर्फ शिलॉन्ग को छोड़कर बाकी क्षेत्रों में कानून लागू नहीं होगा
    त्रिपुरा के आदिवासी जिले
    मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड


    पिछले विधेयक से कैसे अलग नया कानून


    2016 के विधेयक में 11 वर्ष की शर्त को घटाकर 6 वर्ष किया गया था
    नए कानून में इसे घटाकर पांच वर्ष कर दिया गया है
    छठी अनुसूची में शामिल क्षेत्रों को छूट देने का बिंदु भी पिछले विधेयक में नहीं था
    अवैध प्रवास के संबंध में सभी कानूनी कार्यवाही बंद करने का प्रावधान भी नया है


    कानून को लेकर दो तरह के विवाद


    1. जामिया-एएमयू और विपक्ष में इसलिए विरोध
    विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि यह एक धर्म विशेष के खिलाफ है
    यह कानून भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन करता है
    अनुच्छेद 14 सभी को समानता की गारंटी देता है
    आलोचकों का कहना है कि धर्मनिरपेक्ष देश में धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया जा सकता
    यह कानून अवैध प्रवासियों को मुस्लिम और गैर-मुस्लिम में विभाजित करता है
    अफगानिस्तान, बांग्लादेश व पाकिस्तान के अलावा अन्य पड़ोसी देशों का जिक्र क्यों नहीं
    31 दिसंबर, 2014 की तारीख का चुनाव करने के पीछे का उद्देश्य भी स्पष्ट नहीं
    2. असम समेत पूर्वोत्तर राज्यों में विरोध का कारण
    बिना किसी धार्मिक भेदभाव के सभी अवैध प्रवासियों को बाहर किया जाए
    राज्य में इस कानून को 1985 के असम समझौते से पीछे हटने के रूप में देखा जा रहा है
    समझौते के तहत सभी बांग्लादेशियों को यहां से जाना होगा, चाहे वह हिंदू हो या मुस्लिम
    असम समेत पूर्वोत्तर के कई राज्यों को डर है कि इससे जनांकिकीय परिवर्तन होगा


    सरकार का पक्ष


    इन विदेशियों ने अपने-अपने देशों में भेदभाव व धार्मिक उत्पीड़न झेला
    कानून से गुजरात, राजस्थान, दिल्ली, मध्य प्रदेश व अन्य राज्यों में आए लोगों को राहत मिलेगी
    भारतीय मूल के कई लोग नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत नागरिकता पाने में असफल रहे
    वे अपने समर्थन में साक्ष्य देने में भी विफल रहे
    एनआरसी और नागरिकता कानून का संबंध
    राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर यानि NRC में सभी भारतीयों का विवरण शामिल है।
    1951 के बाद सिर्फ असम में ही इसे अपडेट किया गया है
    असम में एनआरसी की अंतिम सूची में 19,06,657 लोगों का नाम शामिल नहीं था
    इनमें सिर्फ सात लाख मुस्लिम बांग्लादेशी थे, अन्य 12 लाख हिंदू-सिख समेत दूसरे धर्मों के
    एक विवाद यह भी है कि नागरिकता संशोधन विधेयक से गैर मुस्लिमों के पास नागरिकता का अवसर होगा, लेकिन मुस्लिमों के लिए नहीं


    रद्द भी हो सकती है आपकी नागरिकता


    नागरिकता अधिनियम, 1955 के अनुसार किसी भी OCI कार्डधारक की नागरिकता इन वजहों से रद्द हो सकती है
    अगर OCI पंजीकरण में कोई धोखाधड़ी सामने आती है
    यदि ऐसा करना भारत की संप्रभुता और सुरक्षा के लिये आवश्यक हो
    केंद्र द्वारा अधिसूचित कोई अन्य कानून का उल्लंघन होता है
    उल्लंघन में हत्या जैसे गंभीर अपराध के साथ यातायात नियमों का मामूली उल्लंघन भी शामिल है

  • 1976 में एक साथ ली थी डिफेंस अकैडमी में एंट्री, 44 साल बाद 3 बैचमेट तीनों सेनाओं के चीफ

    1976 में एक साथ ली थी डिफेंस अकैडमी में एंट्री, 44 साल बाद 3 बैचमेट तीनों सेनाओं के चीफ

    दिल्ली। जब केबी, छोटू और मनोज ने 17-17 साल की उम्र में 1976 में नैशनल डिफेंस अकैडमी को जॉइन किया था तो शायद ही उन्हें अंदाजा रहा होगा कि एक दिन ये बैचमेट एक साथ तीनों सेनाओं के चीफ रहेंगे। तब उनमें यही समानता थी कि तीनों के ही पिता इंडियन एयर फोर्स में सेवा दे चुके थे। आज 44 साल बाद तीनों अपनी-अपनी सर्विस में शीर्ष पर हैं।31 दिसंबर को आर्मी चीफ बनेंगे लेफ्टिनेंट जनरल नरवणेजब लेफ्टिनेंट जनरल मनोज मुकुंद नरवणे 31 दिसंबर को अगले आर्मी चीफ के तौर पर जनरल बिपिन रावत की जगह लेंगे तो वह एनडीए के अपने कोर्समेट- ऐडमिरल करमबीर सिंह और एयर चीफ मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया के साथ मिलकर देश की सेनाओं के शीर्ष पर होंगे।ऐडमिरल, एयर चीफ मार्शल और नेक्स्ट जनरल तीनों ही बैचमेटऐडमिरल सिंह 31 मई को देश के 24वें नेवी चीफ बने थे और उनके वाइट यूनिफॉर्म पर हेलिकॉप्टर पायलट का विंग शोभा बढ़ाता है। एयर चीफ मार्शल भदौरिया 30 सितंबर को एयर फोर्स के चीफ बने थे और उनके भी ब्लू यूनिफॉर्म पर फाइटर पायलट का विंग शान से दिखता है।

    NDA के 56वें कोर्स का हिस्सा थे तीनों लेफ्टिनेंट

    जनरल नरवणे इस महीने के आखिर में 28वें आर्मी चीफ की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनके ओलाइव-ग्रीन यूनिफॉर्म पर पैराट्रूपर विंग है। तीनों एनडीए के 56वें कोर्स का हिस्सा थे। एनडीए कैडेट के तौर पर 3 साल का कोर्स पूरा करने के बाद तीनों अपने-अपने सर्विस अकैडमी में पहुंचे जहां जून-जुलाई 1980 में ऑफिसर्स के तौर पर कमिशंड हुए।जन्मतिथि, करियर रेकॉर्ड, मेरिट, वरिष्ठता….सबका रखा जाता है ध्यानएक सीनियर ऑफिसर ने बताया, ‘यह बहुत ही दुर्लभ है कि एनडीए के 3 कोर्समेट अपनी-अपनी सेनाओं के प्रमुख हैं क्योंकि इसके लिए जन्मतिथि, करियर का रेकॉर्ड, मेरिट, वरिष्ठता जैसी तमाम बातें देखी जाती हैं और इन सबके साथ लक भी।’इसलिए भी दुर्लभ होता है बैचमेट्स का तीनों सेनाओं का प्रमुख बननासर्विस चीफ 62 साल की उम्र तक या 3 सालों तक (जो भी पहले हो) सेवा दे सकता है और दूसरी तरफ थ्री-स्टार जनरल (लेफ्टिनेंट जनरल, एयर मार्शल और वाइस ऐडमिरल) 60 साल की उम्र में रिटायर हो जाते हैं। इसी से जाहिर है कि तीनों बैचमेट का अपनी-अपनी सर्विस में चीफ बनना कितना दुर्लभ है।

    3 दशक पहले भी बना था ऐसा ही संयोग


    हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया ने अफसरों और कई वेटरंस से बात की लेकिन उन्हें इस तरह का सिर्फ एक ही उदाहरण याद आ रहा है। दिसंबर 1991 में एनडीए के 81वें कोर्स के पासिंग आउट परेड में तीनों सेनाओं के तत्कालीन प्रमुख- जनरल एस. एफ. रो़ड्रिक्स, ऐडमिरल एल. रामदास और एयर चीफ मार्शल एन. सी. सूरी मौजूद थे। यह भी दुर्लभ दृश्य था क्योंकि तीनों ही एनडीए के बैचमेट थे।

    नरवणे और सिंह तो स्कूली दिनों के भी दोस्त


    लेफ्टिनेंट जनरल नरवणे और एयर चीफ मार्शल भदौरिया जहां एनडीए में ‘लीमा’ स्क्वॉड्रन का हिस्सा थे, ऐडमिरल सिंह ‘हंटर’ स्क्वॉड्रन में थे। एक ऑफिसर ने बताया, ‘पहले दोनों तो स्क्वॉड्रन मेट भी थे। इसके अलावा, ऐडमिरल सिंह और लेफ्टिनेंट जनरल नरवणे तो एनडीए जॉइन करने से पहले के दोस्त थे क्योंकि दोनों ने कुछ साल एक ही स्कूल में पढ़ाई की थी।’

  • अनाचार का फरार आरोपी फरीदाबाद में पकड़ाया

    अनाचार का फरार आरोपी फरीदाबाद में पकड़ाया

    खरसिया। नाबालिग से बलात्कार के मामले में 9 माह से फरार आरोपी को पुलिस ने हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार युवक को पुलिस ने न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे जेल दाखिल कर दिया गया है।

    पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार संजय राठौर पिता राम राज राठौर उम्र 38 वर्ष निवासी घाघरा थाना खरसिया जो कि धारा 376 454 506 बी 34 ता.हि. एवं 4-6 पास्को एक्ट का आरोपी है, विगत 9 माह से फरार चल रहा था। पुलिस को मुखबीर के माध्यम से सूचना मिली कि वह हरियाणा के फरीदाबाद में है तो खरसिया से पुलिस टीम हरियाणा रवाना हुई। पुलिस टीम ने संजय राठौर को हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

    रायगढ़ के पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह के मार्गदर्शन में खरसिया पुलिस नगर निरीक्षक सुमत राम साहू के दिशा-निर्देश पर प्रधान आरक्षक शंकर सिंह क्षत्री एवं आरक्षक किशोर राठौर की टीम उसे फरीदाबाद से गिरफ्तार कर खरसिया लेकर आई और बाद में न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे जेल दाखिल कर दिया गया है।

  • यूनियन बैंक में सिक्कों की चोरी

    यूनियन बैंक में सिक्कों की चोरी

    बैंक के रोशनदान की जाली उखाड़ कर घटना को दिया अंजाम

    बैंक के भीतर लगे सीसीटीवी में पूरी वारदात कैद

    खरसिया। पोस्ट आफिस के पीछ़े स्थित यूनियन बैंक से चोरों ने एक बोरी सिक्के उड़ा लिए हैं। घटना रविवार की रात की है। चोर बैंक के रोशनदान की जाली उखाड़कर और फाल सीलिंग तोड़कर बैंक में घुसे थे और पेटी से सिक्के निकालकर बोरी में ले उड़े, पूरी घटना बैंक लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। बैंक अधिकारियों के अनुसार रकम लगभग पच्चीस हजार की बतायी जा रही है, मैनेजर की सूचना पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर लिया है, लेकिन आचार संहिता के दौरान बैंक में चोरी की इस घटना ने पुलिस प्रशासन के होश उड़ा दिये है और खरसिया पुलिस चोरों की पतासाजी में जुट गयी है। इससे पूर्व भी रायगढ़ चौंक स्थित एक बैंक में चोरी का प्रयास किया गया था, वहीं रायगढ़ रोड़ स्थित अनिल गोयल के गोदाम में भी चोरी की वारदात को अंजाम दिया जा चुका है।

    मिली जानकारी के अनुसार खरसिया चौकी थाना क्षेत्र अंतर्गत पोस्ट आफिस के पीछ़े यूनियन बैंक की शाखा है, बताया जा रहा है कि रविवार की रात 11ः30 से 1ः00 के बीच अज्ञात चोर ने बैंक के रोशनदान की जाली तोड़ी उसके बाद ब्रांच मैनेजर के कक्ष की फॉल सीलिंग तोड़ी और बैंक में घुसकर वहां रखें सिक्कों की पेटी में से एक बोरी में सिक्के लेकर उसी रोशनदान के रास्ते से भाग निकला। सोमवार की सुबह 10ः00 बजे जब बैंक के कर्मचारी रोजाना की तरह पहुंचे तो बैंक में प्रवेश करते ही उन्हें चोरों के अंदर आने का अंदेशा हुआ, बैंक के अधिकारियों को जब सिक्कों से भरी पेटी खुली मिली तब बैंक के डिप्टी मैनेजर ने पुलिस चौकी प्रभारी को इसकी सूचना दी। सूचना पाते ही चौकी प्रभारी नंद किशोर गौतम ने स्टाफ के साथ बैंक पहुंचकर जांच की। बताया जा रहा है कि पुलिस ने जब बैंक का सी सी टीव्ही फुटेज चेक किया तो एक चोर अपने चेहरे में नकाब पहनकर बैंक में घुसना पाया गया।

    इधर पुलिस ने बैंक अधिकारियों से चोरी के सिक्के की राशि की जानकारी मांगी तो बैंक अधिकारी ने मिलान करके कल शाम को पुलिस को सूचना दी कि 10, 5, 1 के सिक्कों को चुराया गया है जिनकी कुल रकम लगभग पच्चीस हजार की है। बैक के मैनेजर रवि शंकर यादव की सूचना पर खरसिया पुलिस ने अज्ञात चोर के विरूद्व भादवि की धारा 457, 280 के तहत अपराध पुजीबद्व कर मामले की विवेचना प्रारंभ कर दी है।

    डीजीपी ने बढ़ते अपराध पर जताई थी नाराजगी

    प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अवस्थी ने कुछ दिन पहले ही राज्य में बढ़ते क्राइम पर नाराजगी व्यक्त करते हुए इस पर लगाम लगाने का निर्देश दिया था। जिसमें उन्होंने मर्डर चोरी और मारपीट की घटना पर लगाम लगाने सभी पुलिस के आला अधिकारियों की बैठक ली थी। डीजीपी ने निकाय चुनाव के मद्देनजर आचार संहिता के दौरान अपराध में बढ़ोतरी को लेकर अधिकारियों की खिंचाई भी की थी, लेकिन इसके बाद भी जिले में अपराध का ग्राफ कम होने का नाम नहीं ले रहा है। जहां पुलिस एक तरफ शान्ति व्यवस्था के लिए फ्लैग मार्च कर रही है तो वहीं दूसरी तरफ खरसिया की यूनियन बैंक में चोरी की घटना घट गई।

    वहीं इस मामले में खरसिया पुलिस चौंकी प्रभारी नंद किशोर गौतम का कहना है कि वारदात के बाद पुलिस ने चोरों को पकड़ने के लिये मुखबिरों का जाल बिछा दिया है। कुछ दिनों पूर्व ही बैंक अधिकारियों की बैठक लेकर उन्हे सुरक्षा के संबंध में समझाईश दी गयी थी, जिस पर बैक के द्वारा कोई ध्यान नही दिया गया, यहां तक की बैंक में कोई गार्ड तक नहीं था, जिसके कारण चोर ने चोरी की घटना को बेखौफ़ अंजाम दिया है।

  • इतनी हॉट अभिनेत्री… फिर भी बॉलीवुड में फ्लॉप

    इतनी हॉट अभिनेत्री… फिर भी बॉलीवुड में फ्लॉप

    मुंबई। बॉलीवुड जगत में अनेक ऐसे एक्टर और एक्ट्रेस है जो शुरुआत में तो सफल हो जाते हैं परंतु बाद में उनका करियर फ्लॉप हो जाता है आज आपको ऐसी ही एक एक्ट्रेस के बारे में बताने जा रहे हैं जिनका करियर अभी फ्लॉप चल रहा है।
    जब भी हालिया दौर के बॉलीवुड की सबसे सेक्सी एक्ट्रेस का नाम लिया जाएगा तो उसमें ग्रांड मस्ती फेम कायनात अरोड़ा का नाम टॉप 10 में आएगा.
    कायनात अरोड़ा के हुस्न के दिवानों की फेहरिस्त इतनी लंबी है कि कभी-कभी सनी लियोनी, पूनम पांडे और शर्लिन चोपड़ा जैसी सेक्सी और हॉट एक्ट्रेस भी सोच में पड़ा जाती हैं कि आखिरकार अब करें क्या, क्योंकि सोशल मीडिया साइट्स इंस्टाग्राम पर तो उन्होंने इतना कुछ कर दिया है कि अब कुछ बचा ही नहीं. तो आइए, आज हम कायनात अरोड़ा की फिल्मों के साथ ही उनके सेक्सी फोटो और वीडियो की मनभावन सैर कराते हैं और आपको मिलाते हैं हुस्न की मल्लिका कायनात अरोड़ा की कयामत बरपाती अदाओं और लटकों-झटकों से, जिसे देख आप खुद पर काबू नहीं रख पाएंगे.

    कायनात अरोड़ा अपने खूबसूरत फिगर के लिए जानी जाती है इनकी खूबसूरती का जलवा आपने ग्रैंड मस्ती फिल्म में देखा होगा ग्रैंड मस्ती जैसी सफल फिल्म करने के बाद भी इनका बॉलीवुड मैं करियर उतना सफल नहीं रही है.

    कायनात अरोड़ा उत्तर प्रदेश की रहने वाली है वर्तमान में कायनात अरोड़ा फिल्मों में कम ही नजर आती है कायनात अरोड़ा सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहती है और अपनी खूबसूरत फोटोस शेयर करती रहती है.
  • छोटे-छोटे कपड़ों में ऐसे कहर ढा रही Nushrat Bharucha

    छोटे-छोटे कपड़ों में ऐसे कहर ढा रही Nushrat Bharucha

    कुछ दिनों पहले ही रिलीज हुई बॉलीवुड एक्‍टर आयुष्‍मान खुराना की फिल्‍म ‘ड्रीम गर्ल’ में नजर आईं एक्ट्रेस नुसरत भरूचा इन दिनों मालदीव में छुट्टियां मना रही हैं. इस दौरान वह खूब मस्‍ती कर रही हैं और खुद को तरोताजा कर रही हैं. फैंस के लिए वह इंस्‍टाग्राम अकाउंट पर वैकेशन के फोटोज शेयर कर रही हैं जिसमें उनका बिकिनी अवतार नजर आ रहा है. नुसरत ने अब तक मालदीव के जितने फोटो डाले हैं, उनमें वह बिकिनी में ही दिख रही हैं।

    नुसरत के करियर की बात करें तो नुसरत ने अपने करियर की शुरुआत बतौर मॉडल से की थी. उसके बाद नुसरत कल किसने देखा, लव सेक्स और धोखा, प्यार का पंचनामा, प्यार का पंचनामा 2, सोनू की टीटू की स्वीटी ड्रीम गर्ल जैसी कम बजट वाली सुपरहिट फिल्म में नजर आ चुकी हैं. बॉलीवुड के अलावा नुसरत तमिल और तेलुगु फिल्म में भी नजर आ चुकी है।

    नुसरत भरूचा को फिल्म प्यार का पंचनामा 2 के लिए बिग बेस्ट फीमेल स्टार मोस्ट एंटरटेनिंग कॉमेडी रोल के अवार्ड मिला है. साल 2016 में नुसरत को प्यार का पंचनामा 2 के लिए बेस्ट कॉमिक रोल का अवार्ड मिल चुका है. नुसरत को फिल्म सोनू के टीटू की स्वीटी के लिए बेस्ट एक्ट्रेस इन नेगेटिव रोल का अवार्ड्स मिला है. उनके निजी लाइफ की बात करें तो कहा जाता है कि नुसरत भरूचा एक्टर कार्तिक आर्यन को डेट कर चुकी है. लेकिन दोनों ने इस बात से साफ साफ इंकार किया है.

    नुसरत ने जो फोटो शेयर की है इसमें वे बिकिनी पहन पूल में नजर आ रही हैं. वहीं उनके सामने दिल के आकार की बड़ी सी प्‍लेट है जिसमें नाश्‍ता लगा हुआ है. साफ देखा जा सकता है कि नुसरत पूल में लेटे हुए नाश्‍ता भी एन्‍जॉय कर रही हैं. वहीं एक दूसरी पोस्‍ट में उन्‍होंने तीन फोटो शेयर किए हैं. जिसमें वह बोट पर और अपने होटल से  समंदर को निहार रही हैं. इन तस्‍वीरों पर वह ऑरेंज कलर की बिकिनी में अदाओं का जादू चला रही हैं.

  • ब्रेकअप के बाद ये एक्ट्रेस ने शुरू कर दी बोल्ड तस्वीरें पोस्ट करना

    ब्रेकअप के बाद ये एक्ट्रेस ने शुरू कर दी बोल्ड तस्वीरें पोस्ट करना

    मुंब। अमेरिका के लास वेगास में रहने वाली मॉडल डेमी रोज अपनी हॉटनेस और बोल्डनेस के चलते काफी फेमस है. वह सोशल मीडिया पर अपनी हॉट और बोल्ड तस्वीरें शेयर कर काफी सुर्खियों में रहती हैं. डेमी इन दिनों थाईलैंड में हॉलीडे एंजॅाय कर रही हैं.

    सामने आईं इन तस्वीरों में डेमी बिकिनी में नजर आ रही हैं. इन तस्वीरों में डेमी अपनी किलर बॉडी फ्लॉन्ट कर रही हैं. डेमी सोशल मीडिया पर खूब एक्टिव रहती हैं, सोशल मीडिया अपनी दिलकश तस्वीरें शेयर करने का कोई भी मौका डेमी हाथ से जाने नहीं देती हैं.

    बता दें कि बॉयफ्रेंड से ब्रेकअप के बाद डेमी का यह फोटोशूट काफी चर्चा में है और इसने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है. डेमी का बॉयफ्रेंड डीजे क्रिस मार्टिनेज़ से रिश्ता खत्म हो गया है.

    24 साल की मॉडल की ये तस्वीरें सोशल साइट पर काफी वायरल हो रही हैं. डेमी कातिलाना अंदाज में कैमरे के सामने पोज  दे रही हैं. फैंस डेमी की इन तस्वीरों को काफी पसंद कर रहे हैं. बता दें कि बॉयफ्रेंड से ब्रेकअप के बाद डेमी का यह फोटोशूट काफी चर्चा में हैं. डेमी का बॉयफ्रेंड डीजे क्रिस मार्टिनेज से रिश्ता खत्म हो गया है.