कोरबा। अक्सर देखा जाता है कि ट्रेनों में किन्नर यात्रियों से जबरन वसूली करते हैं, नहीं देने पर बदसलूकी भी करते है. ऐसे में यात्रियों को सबके सामने जलील और दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ता है. लेकिन अब ऐसा करने वाले किन्नरों की खैर नहीं, टोल फ्री नंबर 184 में शिकायत करने पर रेलवे पुलिस तत्काल कार्रवाई करेगी।
दरअसल ट्रेन में किन्नरों द्वारा यात्रियों को परेशान करने की शिकायत पर रेलवे पुलिस ने तीन किन्नर के साथ एक वेंडर को गिरफ्तार किया है. अब यह मामला बिलासपुर के रेलवे कोर्ट में चलेगा।
यात्रियों से ट्रेनों में किन्नरों द्वारा डरा धमकाकर वसूली करना कोई नई बात नहीं है. ज्यादातर यात्री किन्नरों से बचने का प्रयास करते हैं और उन्हें मुंह मांगी रकम दे देते हैं. छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे एक यात्री ने जब टोल फ्री नंबर 184 डायल किया, तो रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची और तीन किन्नर सहित एक वेंडर को हिरासत में ले लिया।
हालांकि रेलवे पुलिस के जवान समय-समय पर यात्री ट्रेन में जांच करते हैं, लेकिन पुलिस को देखकर किन्नर भी सतर्क हो जाते हैं. अब इस कार्रवाई के बाद ऐसे किन्नरों के हौसले पस्त होंगे, जो धमकी देकर यात्रियों से वसूली करते हैं।
रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के एनआरसी फॉर्म नहीं भरने के बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ नागरिकता नहीं दे सकता. यह केंद्र का मसला है. इसमें वो काहे कूद रहे हैं भाई. सीएए और एनआरसी को लेकर जो विरोध है, वह ममता बनर्जी और बाकी लोगों का प्रायोजित आयोजन है. वहीं केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि देश के फेडरल स्ट्रक्चर को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को अपनी बात रखनी चाहिए।
भाजपा द्वारा देश के सभी जिलों में CAA को लेकर आयोजित की जा रही प्रेस वार्ता के तहत रायपुर में केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के साथ मीडिया को संबोधित किया. गंगवार ने कहा कि आजादी के तत्काल बाद जो काम हो जाना था, उसे तत्कालीन सरकार नहीं कर पाई. यह कानून (CAA) नागरिकता देने का है, लेने का नही. कुछ लोग महज स्वार्थ के लिए इसे राजनैतिक मुद्दा बना रहे हैं.उन्होंने कहा कि दुनिया के जिस किसी भी हिस्से में हिन्दू समाज प्रताड़ित हुआ है तो उसे संरक्षण हिंदुस्तान ही देता आया है. अगर गैर मुस्लिम आबादी पाकिस्तान में घट रही है, को उन्हें यदि यहां संरक्षण नहीं दिया जाएगा तो कहाँ मिलेगा?
उन्होंने कहा कि हम महसूस करते हैं कि बहुत ज्यादा बोलने की जरूरत नहीं है. इत्तेफाक से मैं यूपी के बरेली से हूँ, जिसे इस्लामिक आइडियोलॉजी का गढ़ माना जाता है. बरेली से सीएए को लेकर किसी तरह का विरोध सामने नहीं आया. मुस्लिम समाज ने एक ज्ञापन जरूर सौंपा था. हमने उन्हें समझाया. इसके बाद उन्होंने इस एक्ट को एप्रीसिएशट किया. कुछ विश्वविद्यालय से संशोधित कानून को लेकर विरोध शुरू किया गया, इसमें से भी 4 विश्वविद्यालय से विरोध की आवाज उठाई गई।
डॉक्टर रमन सिंह ने कहा कि CAA को लेकर लोगों के बीच जाकर गलतफहमी दूर किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि 1950 में हुए नेहरू-लियाकत अली समझौते में यह स्पष्ट था कि दोनों देशों के अल्पसंख्यकों का सरकार ध्यान रखेगी. इस समझौते के बाद ही पाकिस्तान में हिन्दू अल्पसंख्यक रुक गए. उसके बाद ही प्रताड़ना का दौर शुरू हुआ।
डॉ. सिंह ने कहा कि 1947 में भारत में अंबेडकर कानून मंत्री थे. ठीक उस वक़्त पाकिस्तान में योगेंद्र मंडल कानून मंत्री बने थे. पाकिस्तान में जिन्ना के बाद दूसरे नम्बर का पद दिया गया. लेकिन 1950 में लियाकत अली- नेहरू समझौते के बाद मंडल ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर होने वाले प्रताड़ना को लेकर आवाज उठाया. उन्हें पद छोड़ना पड़ा और बंगाल के एक शरणार्थी शिविर में उनकी मौत हो गई. 30 नवम्बर 1947 में हुई कांग्रेस समिति की बैठक में यह प्रस्ताव पारित किया गया था कि गैर मुस्लिम के लिए देश के दरवाजे खुले रहेंगे. उस बैठक में महात्मा गांधी थे, नेहरू थे. सरदार पटेल थे. क्या अब कांग्रेस अपने ही नेताओं की बात खारिज कर रही है।
उन्होंने CAA का जिक्र करते हुए कहा कि यह नागरिकता देने का अधिकार है. किसी की छिनने का नहीं. नये कानून में पहले 11 साल की अवधि तय थी, इसे घटाकर 6 साल कर दिया गया है. देश में अब तक बने कानून में यह ऐसा कानून है, जो सम्मान देता है. छत्तीसगढ़ में भी हजारों लोग हैं, जो पाकिस्तान और बांग्लादेश से आये हैं. ये उच्च वर्ग के लोग नहीं है. लाखों की संख्या में ये है. बीजेपी अलग-अलग समाज के साथ भी बैठक कर सिटिजनशिप एमेंडमेंट एक्ट को लेकर चर्चा कर रही है।
रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आईपीएस कॉन्क्लेव में पुलिस अधिकारियों से विजन 2020 शेयर किया. उन्होंने प्रदेश की मौजूदा चुनौतियों की बात करते हुए कहा कि अपराध में और कमी आने की बात कही, जिससे आम जनता अपने आप को सुरक्षित महसूस करें. अपराधी के मन मे भय हो. इसके अलावा हमारी एक और सबसे बड़ी चुनौती चिटफंड कंपनी का पैसा निवेशकों को वापस करने का है।
पुलिस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के अलावा गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, मुख्य सचिव आरपी मंडल, डीजीपी डीएम अवस्थी के अलावा सभी रेंज के आईजी, जिलों के एसपी और सभी पुलिस इकाई प्रमुख मौजूद थे. कॉन्क्लेव में शाम 6 बजे आईपीएस एसोसिएशन का चुनाव होगा।
सीएम भूपेश बघेल ने आईपीएस कॉन्क्लेव को लेकर कहा कि इसमें पूरे प्रदेश के आईपीएस अधिकारी उपस्थित हुए. पहली बार इस तरह का आयोजन हुआ है. किस प्रकार से पुलिसिंग होनी चाहिए उसके बारे में भी चर्चा हुई और हमारे सामने जो चुनौतियां हैं वह सब जानते हैं. अभी जिस प्रकार से छत्तीसगढ़ पुलिस ने काम किया है वह किसी उपलब्धि से कम नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 40 प्रतिशत नक्सली घटना में कमी आई है. 48% आम नागरिक की मौत होती है उसमें कमी आई है. हमारे जो जवान शहीद होते थे, उसमें 60% की कमी आई है. हमने सूत्र दिया है विश्वास, विकास और सुरक्षा का. इसके तहत काम हो रहा है. नक्सली क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम देखने को मिला है. राज्योत्सव हो या आदिवासी नृत्य महोत्सव उसमें पुलिस अधिकारी और कर्मचारी की अहम भूमिका रही है.
रायपुर। एडीजी अशोक जुनेजा आईपीएस एसोसिएशन के नए अध्यक्ष चुने गए हैं. पुलिस मुख्यालय में हुए आईपीएस कान्क्लेव में एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी का चुनाव किया गया, जिसमें जुनेजा को सर्वसम्मति से चुन लिया गया।
कार्यकारिणी में आईजी प्रदीप गुप्ता उपाध्यक्ष बनाए गए हैं. वहीं डीआईजी रतनलाल डांगी सचिव चुने गए. आईपीएस एसोसिएशन में तीन संयुक्त सचिव बनाए गए हैं, जिनमें क्रमशः संजीव शुक्ला, आरिफ शेख और नीथूकमल हैं. वहीं श्रवण दावुलुरी कोषाध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं.बता दें कि नए साल की शुरूआत में ही पुलिस मुख्यालय में आज आईपीएस कान्क्लेव का आयोजन किया गया था, जिसमें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ-साथ गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू शामिल हुए थे. कान्क्लेव के ठीक बाद आईपीएस एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी के लिए चुनाव संपन्न कराया गया।
रायपुर। पाकिस्तान के ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर हुए हमले का सिख समाज ने कड़ा विरोध किया है. रविवार को सिख समाज के हजारों लोगों ने रायपुर में रैली निकालकर विरोध जताया है. इसमें मुस्लिम समाज के लोग भी शामिल हुए.रैली में लोगों ने पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. इस प्रदर्शन में बच्चे, बुजुर्ग के साथ बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी हिस्सा लिया।
हमले को लेकर समाज के लोगों ने कहा कि सिख समाज देश हित के हर कार्य में आगे रहता है तो फिर क्यों बार बार गुरुद्वारे में ही हमला किया जाता है. क्या हम इस देश के नागरिक नहीं है. हम प्रधानमंत्री से लेकर हर किसी से मांग करते हैं कि गुरुद्वारे पर हमला करने वाले लोगों को कड़ी सजा दी जाए।
आपको बता दें कि शुक्रवार को ननकाना साहब में पाकिस्तान के सैकड़ों कट्टरपंथियों ने हमला कर दिया था. उपद्रवियों की भीड़ ने गरुद्वारा को घेर कर पत्थरबाजी की थी और सिख विरोधी नारे लगाए थे।
पाकिस्तान में स्थित ननकाना साहेब में हुए आतंकी हमले के खिलाफ जहां पूरे विश्व मे पाकिस्तान की करतूत की निंदा हो रही है। इसी क्रम में रायगढ़ के चांदनी चौक में मुस्लिम समाज के लोगो द्वारा ननकाना साहेब में हुए आतंकी हमले के खिलाफ प्रदर्शन किया। और पाकिस्तान होश में आओ के नारे लगाते हुए हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई हैं आपस मे भाई भाई के नारे बुलंद लिए और गंगा जमुना की तहजीब को तरजीह दिया। पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन कर आतंकवाद का पुतला दहन कर ननकाना साहेब में हुए आतंकी हमले का पुरजोर तरीके से विरोध किया।
दरअसल ननकाना साहेब में हुए आतंकी हमले में बेकसूरों पर जुल्म को लेकर शहर के मुस्लिम समाज भी उद्वेलित है। पवित्र स्थल में इस तरह अतंकियों के हमले को मुस्लिम समाज के लोगो द्वारा एक कायराना हमला बताया और पाकिस्तान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी किया।ननकाना साहेब में हुए आतंकी हमले के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और पाकिस्तान सरकार को होश में आने की नसीहत दी गई।
शाम करीब 5 बजे शहर के चंदनी चौक में मुस्लिम समाज के युवक और बुजुर्ग मौजूद रहे । पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन में स्थानीय चांदनी के लोगो ने भी शिरकत किया। पाकिस्तान के खिलाफ यहां हुए पुतला दहन में मुस्लिम समाज के साथ हिन्दू भाई भी मौजूद रहे। आपको बता दें चांदनी चौक आपसी भाइचारे को लेकर कई मिसाल पेश कर चुका है।
दुनियाभर में युवाओं के दिलों की धडक़न जस्टिन बीबर के गानों की दुनिया दीवानी है. रिलीज होते ही उनके गाने चार्ट में टॉप पर होते हैं. बीबर के गाए ‘बेबे… बेबे…’ गाने ने तो दुनिया को उनका फैन बना. लेकिन गायक जस्टिन बीबर ने अपने प्रशंसकों से 2019 मार्च में कहा था कि वह म्यूजिक से ब्रेक लेना चाहते हैं, ताकि वह ‘कुछ गहरी समस्याओं के समाधान’ पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
हालांकि अब उन्होंने नई घोषणा कि है कि वह अपने नए म्यूजिक, टूर और डॉक्यूसीरीज के साथ वापसी करने वाले हैं. डेलीमेल डॉट को डॉट यूके की रिपोर्ट के अनुसार, 25 वर्षीय इस गायक ने मंगलवार को यूट्यूब वीडियो के माध्यम से घोषणा की थी कि वह अपना पहला सिंगल ‘यमी’ को तीन जनवरी को रिलीज करने जा रहे हैं.
मुंबई। बोल्ड और हॉट फोटो शूट करना 2020 के इस दौर में कोई नई बात नहीं है. लेकिन इन सबके बीच रागिनी एमएमएस रिटर्न्स से हिट हुई करिश्मा शर्मा (karishma sharma) की बात ही कुछ और है.
कुछ दिनों पहले ही करिश्मा (karishma sharma) ने अपने हुस्न का जलवा दिखाते हुए कई बोल्ड तस्वीरों से अपने फैंस को घायल कर दिया है. इस बार वह बहुत बोल्ड अंदाज में नजर आईं हैं. इस समय वह अपने इस सेक्सी अवतार को दिखाने में कामयाब हो गई है, जैसा फैंस अक्सर देखना चाहते है.
इस समय सोशल मीडिया (Social Media) पर हर तरफ उनकी हॉट तस्वीरें छाई हुई हैं और ऐसा पहली बार नहीं है जब सोशल मीडिया पर करिश्मा का हॉट अवतार देखने को मिला हो वह इसके पहले कई बार अपना बोल्ड अवतार दिखाकर सभी को घायल कर चुकीं हैं. करिश्मा को आप सभी ने शो ‘ये है मोहब्बतें’ में देखा होगा. इतना ही नहीं कुछ दिन पहले करिश्मा शर्मा (karishma sharma) ने बाथरूम में फोटो शूट करवाया था. तब भी उनकी फोटोशूट की तस्वीरें सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थी और फैंस ने भी उसे बेहद पसंद किया था.
टीवी शो की जानी मानी एक्ट्रेस वाहबिज दोराबजी के तलाक की खबरे सामने आ रही है. इस तलाक के पीछे की वजह भी बेहद अलग है, यही कारण है कि ये खबर बॉलीवुड समेत उनके फैंस के बीच तेजी से फैल रही है और लोग उनके इस तकाल के पीछे की असल वजह के बारे में जानना चाहते है।
खबर है कि हम जिस अभिनेत्री की बात कर रहे है उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्यार की एक कहानी सीरियल से की थीय इस सीरियल के अलावा अन्य कई सो में भी वाहबिज दोराबजी नजर आ चुकी है।
टीवी शो करते हुए ही उन्हें अभिनेता विवियन डिसेना से प्यार हुआ और दोनों ने 2013 में शादी कर ली. लेकिन शादी के तीन साल बाद ही कोर्ट में पति ने तलाक का आवेदन दिया, खबरों के मुताबिक उक्त एक्ट्रेस के पति ने अपनी पत्नी का अफेयर एक टीवी शो के अभिनेता विपुल राय के साथ होना बताया और दावा किया कि उन्होंने दोनो को एक साथ कई बार पकड़ा भी. हालांकि कोर्ट में चले केस के बाद अब दोनों के तलाक होने की खबर है।
दिल्ली। कई सालों से लोगों के घरों में जॉनसन एंड जॉनसन जाना माना नाम रहा है। कंपनी का बेेबी पाउडर तो सभी बच्चोंं के लिए जरुरी चीज रहा है। अब कंपनी बुरे झमेले में फंस गई है।
काफी पुराने और मशहूर ब्रांड जॉनसन एंड जॉनसन बेबी प्रोडक्ट को लेकर भले ही मशहूर रहा हो लेकिन कंपनी अब नए झमेले मेंं फंंसती नजर आ रही है। सरकार ने कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन पर 230 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। कंपनी ने GST कटौती का फायदा कस्टमर्स को नहीं दिया था। जिसके चलते नेशनल एंटी प्रोफिटियरिंग अथॉरिटी ने कंपनी पर जुर्माना लगाया है।
अथारिटी ने अपने फैसले में कहा है कि जिस हिसाब से कंपनी ने टैक्स कटौती की गणना की थी, वो काफी गलत आकलन था। जांच में पाया गया कि 15 नवंबर 2017 को कुछ वस्तुओं पर GST की दर 28 से घटाकर 18 फीसदी की गई तो जॉनसन एंड जॉनसन ने कस्टमर्स को फायदा नहीं दिया।जिसके चलते कंपनी पर ये कठोर कार्रवाई की है।